(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
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(सं0 पटना 901) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 12 िसत(cid:224)बर 2024
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चतुर्थ कृषि रोड मैप (2023-28) के अन्तर्गत कृषि विपणन निदेशालय के गठन की सैद्धांतिक सहमति कृषि विभाग के संकल्प संख्या- पी॰पी॰एम॰-36/2023-12, दिनांक-13.05.2023 द्वारा सहमति प्राप्त है। 2. कृषि रोड मैप (2023-28) के कंडिका-1.6 में कृषि बाजार व्यवस्था सुधार अंतर्गत राज्य में कृषि उत्पादों के विपणन से संबंधित गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य मिल सके, विभाग के भीतर एक कृषि विपणन निदेशालय के गठन किये जाने का प्रावधान है। उक्त निदेशालय कृषि रोड मैप के तहत् परिकल्पित विभिन्न प्रस्तावों और अन्य विपणन संबंधी योजनाओं और नीतियों को लागू करेगा और किसानों, व्यापारियों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा। सरकारी कृषि बाजार प्रांगण के समग्र विकास से संबंधित गतिविधियों किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त करने में सहायता प्रदान करेगी। साथ ही राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास को गतिशीलता प्रदान करते हुए राज्य में रोजगार सृजन के अवसर पैदा करेगी। कृषि विपणन निदेशालय का विस्तार क्षेत्र संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। 3. कृषि विपणन निदेशालय का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध करवाना, किसानों को बाजार की व्यवस्था उपलब्ध करवाना, किसानों के उत्पाद में वैल्यू एडिशन/मूल्य संवर्द्धन करवाना, किसानों के उत्पादों के भंडारण की सुविधा में सहयोग करना, किसानों के लिए प्रसंस्करण में मदद करना, कृषि उत्पादों के बेहतर पैकेजिंग की व्यवस्था किया जाना है। साथ ही इस कृषि विपणन निदेशालय के गठन का मुख्य उद्देश्य निम्न प्रकार होंगेः-
(i) कृषि उत्पाद का बाजार मूल्य प्राप्त करना तथा इसे व्यापक रूप से प्रसारित एवं प्रचारित करना। (ii) पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित कार्य करना।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 12 िसत(cid:224)बर 2024 (iii) बाजार प्रांगणों का उपयोग कृषि तथा केवल किसानों से संबंधित कार्यों में उपयोग में लाई जायेगी, जिसमें कृषि आधारित उद्योग की स्थापना, बागवानी, कृषि सेवा, कृषि विपणन, कृषि उत्पाद भंडारण, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज की सुविधा शामिल होंगे।
(iv) आम, लीची, केला एवं अन्य उद्यानिक फलों, आलू, प्याज, मटर एवं अन्य उद्यानिक सब्जियों, मक्का, मखाना, मशरूम एवं मिलेट्स आदि के भंडारण एवं विपणन की व्यवस्था करना। (v) राज्य में विपणन संबंधी वित्तीय कार्यों का संचालन करना। (vi) विभाग अंतर्गत निर्यात/आयात/अंतर्राज्यीय (Intra state)/अंतर्राजकीय (Inter state)/ अपीडा संबंधी उद्देश्यों के लिए कार्य कर सकेगा।
(vii) विभाग अंतर्गत विशिष्ट उत्पादों यथा-जी॰आई॰ प्रदत्त कृषि/उद्यान उत्पाद, जैविक उत्पाद, मिलेट आदि के विपणन हेतु आवश्यक व्यवस्था कर सकेगा।
(viii) मार्केट इंटेलिजेन्स, मार्केट इनोवेशन, ई-नाम, एगमार्कनेट, ई-राकम, रेम्स/एफ॰पी॰ओ॰ आदि केन्द्रीय तथा राज्य योजनाओं से संबंधित कार्य को कर सकेगा।
(ix) बाजार प्रांगण की दुकानों का आवंटन/प्रबंधन एवं रख-रखाव/जीर्णोद्धार/नव निर्माण तथा उक्त आवंटन से प्राप्त आय का संधारण करवाना, ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो।
(x) राज्य में कृषि उत्पादों के विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कृषि विपणन से संबंधित सभी अध्यादेशों, नियमों, विनियमों तथा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों को बिहार राज्य में लागू करना।
(xi) विपणन से संबंधित प्रस्तावों एवं विपणन संबंधित नीतियों तथा योजनाओं को कृषि रोड मैप के अंतर्गत तैयार करना तथा सभी स्टेकहोल्डर्स/पर्णधारी के साथ समन्वय स्थापित कर योजना क्रियान्वित करना।
(xii) राज्य के अंदर तथा राज्यों के बीच विपणन से संबंधित उत्पन्न किसी भी गतिरोध को दूर करना तथा व्यवसाय में सुगमता लाना।
(xiii) कृषि विपणन निदेशालय के सफल संचालन हेतु पदों का सृजन, मानव बल की व्यवस्था, नियमावली एवं कार्य प्रणाली विकसित करना।
(xiv) बाजार प्रांगण की सुरक्षा, सफाई आदि की समुचित व्यवस्था करना। (xv) वर्तमान बावास संभाग/सेल इस निदेशालय के अधीन कार्यरत हो सकेगा। (xvi) राज्य सरकार द्वारा आवंटित अन्य कोई कार्य।
4. कृषि विभाग कृषि विपणन निदेशालय का प्रशासी विभाग होगा। कृषि विभाग के कृषि उत्पादन आयुक्त/ प्रधान सचिव/सचिव इस निदेशालय के सर्वोच्च नियंत्री पदाधिकारी होंगे।
(क) राज्य स्तर से क्षेत्र स्तर तक की विपणन संगठन को स्वतंत्र रूप से कृषि विभाग के अधीन कृषि विपणन निदेशालय का सृजन किया जाता है। कृषि विपणन निदेशालय का संगठनात्मक संरचना निम्न रूपेण होंगे-
(i) निदेशक, कृषि विपणन, कृषि विपणन निदेशालय का सर्वोच्च पद होगा। (ii) कृषि विपणन निदेशालय हेतु आवश्यक पदों के लिए कृषि विभाग में पदस्थापित/ उपलब्ध बिहार सचिवालय सेवा से सहायक प्रशाखा पदाधिकारी/प्रशाखा पदाधिकारी/ अवर सचिव तथा बिहार प्रशासनिक सेवा के उप सचिव/संयुक्त सचिव स्तर के पदाधिकारी, को कृषि विपणन निदेशालय अंतर्गत निदेशालय में प्रशाखा के प्रभारी के तौर पर कार्य करने हेतु विभाग द्वारा पदस्थापित/ प्रतिनियुक्त/कार्यभारित किये जा सकेंगे।
(iii) साथ ही, आवश्यक पद कृषि विभाग में उपलब्ध पदों को सम्परिवर्तन कर सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति से सृजित किये जायेंगे।
(ख) वर्तमान में कृषि विभाग अंतर्गत उपलब्ध मानव बल से कार्य करने का प्रस्ताव है। वर्तमान प्रस्ताव अंतर्गत अतिरिक्त व्यय सन्निहित नहीं है। उनकी सेवाशर्त्तें वही होंगे जो उनके संवर्ग के लिए पूर्व निर्धारित है तथा सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा निर्धारित नियम लागू रहेंगे। 5. कृषि विपणन निदेशालय के संबंध में कार्य एवं दायित्व का निर्धारण समय-समय पर कृषि विभाग द्वारा किया जायेगा।
6. निदेशक, कृषि विपणन उक्त निदेशालय के विभागध्यक्ष होंगे तथा इस निहित शक्तियों का प्रयोग उसी प्रकार से कर सकेंगे जैसे कि वर्तमान में कृषि निदेशक को प्रदत्त है।
7. निदेशक, कृषि विपणन सभी विपणन योजनाओं के नियंत्री पदाधिकारी होंगे।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 12 िसत(cid:224)बर 2024 8. कृषि विपणन निदेशालय का व्यय भार हेतु नया बजट शीर्ष सृजित किया जायेगा जिसके तहत वर्ष 2024-25 के वित्तीय वर्ष में पूर्व से राज्य बजट में उपलब्ध विपणन विकास की योजनाओं एवं गैर-योजनाओं (जनजातीय क्षेत्रीय उपयोजना सहित) अंतर्गत राशि से विकलनीय होगा।
9. सभी बाजार प्रांगणों में उपलब्ध दुकान, गोदाम तथा दुकान- सह-गोदाम एवं अन्य के आवंटन की नीति एवं प्रक्रिया के संबंध में कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर निदेश दिया जा सकेगा।
10. निदेशक, कृषि विपणन बजट शीर्ष अंतर्गत निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी तथा अधीनस्थ पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के यात्रा भत्ता एवं अन्य व्यय यथा-वाहन/कार्यालय के लिए नियंत्री पदाधिकारी घोषित किये जाते हैं। 11. कृषि विपणन निदेशालय आय/व्यय के संधारण हेतु बैंक खाता रख सकेगी तथा उसका संचालन नियमानुसार कर सकेगी।
12. बिहार वित्तीय नियमावली के अनुरूप कृषि विपणन निदेशालय को अंकेक्षित लेखा विवरणी उपलब्ध कराने की अनिवार्यता होगी। कृषि विपणन निदेशालय द्वारा इस योजना का लेखा संधारण अलग से सुनिश्चित किया जायेगा। महालेखाकार, बिहार, पटना को अंकेक्षण का अधिकार होगा।
13. चतुर्थ कृषि रोड मैप 2023-28 (DPR) के अंतर्गत राज्य के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त प्रदान करने, किसानों को कृषि उत्पाद के भंडारण, विपणन, मूल्य संवर्द्धन, निर्यात संवर्द्धन, ग्रामीण हाटों का विकास आदि के लिए कृषि विभाग के अधीन कृषि विपणन निदेशालय के गठन की स्वीकृति दी गई है।
आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,