(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 22 भा(cid:289) 1946 (श0)
(सं0 पटना 918) पटना, शु(cid:272)वार, 13 िसत(cid:224)बर 2024 fcgkj fo/kku lHkk lfpoky; ——— vf/klwpuk 9 vxLr 2024 सं॰ वि0 स0 पुस्त0-05/2018- /वि0स0—बिहार विधान मंडल पुस्तकालय की संशोधित नियमावली निम्न रूप में अधिसूचित की जाती है- 1. (क) यह बिहार विधान मंडल पुस्तकालय बिहार विधान सभा तथा बिहार विधान परिषद् के सदस्यों और दोनों सचिवालय के पदाधिकारियों एवं स्थायी कर्मचारियों के लिये है। परंतु दोनों सदनों के सदस्यों एवं दोनों सचिवालय के सभी पदाधिकारियों को अधिकतम 2 पुस्तकें तथा स्थायी कर्मचारियोेंं को अधिकतम 1 पुस्तक निर्गत की जायेगी। बिहार विधान मंडल सचिवालय के पदाधिकारी एवं कर्मचारी भोजनावकाश की अवधि में पुस्तकालय की पुस्तकें पढ़ सकेंगे।
सचिव की अनुमति से बिहार विधान मंडल के प्रेस दीर्घा में प्रवेश की अनुमति पाये हुए मान्यता प्राप्त प्रेस संवाददाताओं के लिए (सत्रावधि छोड़कर) पुस्तकालय में अध्ययन की सुविधा दी जा सकेगी, किंतु पुस्तक निर्गत नहीं की जा सकेगी। यदि छायाप्रति की आवश्यकता हो तो वे अपने कैमरा या मोबाइल से फोटो ले सकेंगे।
(ख) बिहार के वÙार्मान एवं पूर्व सांसद, बिहार विधान मंडल के पूर्व सदस्य तथा बिहार विधान मंडल के सेवानिवृा पदाधिकारी/कर्मचारी पुस्तकालय में बैठकर अध्ययन कर सकेंगे। उन्हें कोई भी पुस्तक निर्गत नहीं की जायेगी। जब तक प्रसंग से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस नियमावली में- (क) 'अध्यक्ष' का तात्पर्य बिहार विधान सभा के अध्यक्ष से है। (ख) 'सभापति' का तात्पर्य बिहार विधान परिषद्् के सभापति से है। (ग) 'सभापति, पुस्तकालय समिति' का तात्पर्य बिहार विधान सभा के पुस्तकालय समिति के सभापति से है। (घ) 'मंत्री' का तात्पर्य बिहार सरकार के मंत्रिपरिषद्् के सदस्यगण से है। (ड.) 'सदस्य' का तात्पर्य बिहार विधान सभा या बिहार विधान परिषद् के सदस्य से है।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 13 िसत(cid:224)बर 2024 (च) 'सचिव' का तात्पर्य बिहार विधान सभा के सचिव अथवा इनके स्थान पर काम करने वाले व्यक्ति से है।
(छ) 'पदाधिकारी एवं कर्मचारी' से तात्पर्य बिहार विधान मंडल सचिवालय के पदाधिकारी एवं कर्मचारी से है। (ज) 'पुस्तक' का तात्पर्य पुस्तक, प्रतिवेदन, गजट, बजट, राज्यपाल का अभिभाषण, पत्रिका या अन्य सूचनाओं एवं सांख्यिकीय आंकड़ों से संबंधित प्रकाशित सामग्री से है।
(झ) ''संदर्भ ग्रंथ (रेफरेन्स बुक) का तात्पर्य किसी ऐसी पुस्तक या पुस्तक संग्रह से है जो अपने विषयों के महत्व की दृष्टि से सचिव की सम्मति में पुस्तकालय के बाहर जाने योग्य न हो। र्ष श् ष विश्वकेाष, शब्दकोष, इयर बुक, मानचित्र (एटलस), पत्र-पत्रिकाएॅ, कला और चित्रकला संबंधी पुस्तकें एवं अन्य सचित्र पुस्तकें, जो ग्रंथ कई भागों या खण्डों में प्रकाशित हों तथा सामान्य संदर्भ (रेफरेन्स बुक) और दुर्लभ ग्रन्थ पुस्तकालय तथा सदन में उपयोग किये जायेंगे, किंतु किसी भी शर्त पर वैसी पुस्तकें आवास के लिये निर्गत नहीं की जायेंगी। परंतु आवश्यकता पड़ने पर स्कैन कर सॉफ्ट कॉपी में सामग्री दी जा सकती है अथवा उपयोगकÙाार् द्वारा अपने कैमरा या मोबाइल से फोटो लिया जा सकता है।
(¥) 'शोध-संदर्भ सहायक/पुस्तकालय सहायक' से तात्पर्य बिहार विधान मंडल पुस्तकालय के लिये नियुक्त शोध-संदर्भ सहायक/पुस्तकालय सहायक से है तथा 'पुस्तकालय परिचारी' से तात्पर्य बिहार विधान मंडल पुस्तकालय के लिये नियुक्त पुस्तकालय परिचारी से है।
(ट) 'पुस्तकालय' से तात्पर्य बिहार विधान मंडल पुस्तकालय से है जो संसदीय कार्यों को सुचारू रूप से चलाने हेतु माननीय सदस्यों तथा बिहार विधान मंडल के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के उपयोगार्थ है। वÙार्मान में यह पुस्तकालय विस्तारित भवन के मध्य में स्थित है जहॉ माननीय सदस्यों को बैठ कर अध्ययन करने की सुविधा है। इसका विस्तार मुख्य भवन एवं उपभवन में भी है।
(ठ) 'शोधार्थी' से तात्पर्य जो किसी संस्थान से जुड़कर शोध का कार्य कर रहे हों अथवा कोई वरिष्ठ लेखक, पत्रकार या बुद्धिजीवी, जो अपने शोध हेतु बिहार विधान मंडल पुस्तकालय में अध्ययन करने एवं पुस्तकालय की सामग्रियों का उपयोग करने हेतु इच्छुक हाें।
3. पुस्तकालय के पदाधिकारी तथा कर्मचारीगण कोई अपेक्षित सूचना प्राप्त करने में सदस्यों की सहायता करेंगे। 4. (क) बिहार विधान मंडल के सदस्य एवं सभी पदाधिकारी दो पुस्तकें अधिकतम एक महीने तथा दोनों सचिवालय के सभी स्थायी कर्मचारी 1 पुस्तक (रेफरेंस लॉ कोड एवं 2(छ) में उल्लिखित सभी पुस्तकों को छोड़कर) अधिकतम 15 दिनों के लिए निर्गत करा सकेंगे, परंतु सचिव या पुस्तकालय के पदाधिकारी किसी पुस्तक को, जिसकी विशेष मांग हो, अवधि से पहले लौटाने की अपेक्षा कर सकते हैं।
(ख) पुस्तकों को दोबारा लिया जा सकता है, यदि पुस्तकालय का उपयोग करने वाले अन्य व्यक्तियों ने उन पुस्तकों की मांग न की हो। इस प्रयोजन के लिए पुस्तकों को भौतिक रूप से काउन्टर पर उपस्थापित करना अपेक्षित होगा और पुनर्निगम मात्र एक सप्ताह के लिए किया जा सकेगा। (ग) जिन सदस्य (मंत्री सहित) के पास 30 दिनों से अधिक अवधि तक विधान मंडल पुस्तकालय की कोई पुस्तक लंबित हो, उन्हें कोई अन्य पुस्तक पुस्तकालय से निर्गत (ईशू) नहीं की जायेगी। पुस्तक लौटाने के लिये 15 दिनों के अन्तराल पर तीन स्मार-पत्र पुस्तकालय द्वारा दिये जायेंगे। फिर भी अगर पुस्तक नहीं लौटाई जाय, तब नियमानुसार संबंधित सदस्य के वेतन/पेंशन से पुस्तकों के मूल्य की कटौती सभा सचिवालय तथा परिषद् सचिवालय द्वारा कर ली जायेगी। दोनों सचिवालय के जिन पदाधिकारी एवं स्थायी कर्मचारी के पास क्रमशः 30 दिनों एवं 15 दिनों से अधिक अवधि तक विधान मंडल पुस्तकालय की कोई पुस्तक लंबित हो, उन्हें कोई अन्य पुस्तक पुस्तकालय से निर्गत (ईशू) नहीं की जायेगी। पुस्तक लौटाने के लिये 7 दिनों के अन्तराल पर दो बार दूरभाष/पुस्तकालय परिचारी द्वारा सूचित किया जायेगा। इस पर भी पुस्तक नहीं लौटाने पर नियमानुसार संबंधित पदाधिकारी/स्थायी कर्मचारी के वेतन से उन पुस्तक/पुस्तकों के मूल्य की कटौती सभा सचिवालय तथा परिषद् सचिवालय द्वारा कर ली जायेगी।
परन्तु पुस्तकालय से निर्गमित पुस्तक खो जाने पर यदि वह पुस्तक बाजार में उपलब्ध हो तो उस पुस्तक अथवा उसके नवीनतम संस्करण को क्रय कर उसके स्थान पर जमा करना होगा। बाजार में पुस्तक उपलब्ध न होने पर 4(ग) में दिये गये अन्य नियम के तहत मूल्य लिया जाएगा। जिस पुस्तक पर मूल्य अंकित न हो अथवा जिसका मूल्य पता न हो, उसके खो जाने पर3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 13 िसत(cid:224)बर 2024 प्रति पृष्ठ 2.00 रुपये की दर से मूल्य वसूली की जायेगी। यदि खोई हुई पुस्तक के साथ सी0डी0 भी हो तो उसका अतिरिक्त 100/-रु0 मूल्य क्षतिपूर्ति के रूप में जमा करना होगा। दुर्लभ पुस्तक खो जाने पर 5000/-रु0 जमा करने होंगे। 1970 तथा इससे पूर्व की प्रकाशित पुस्तकें दुर्लभ पुस्तकें मानी जायेंगी।
| श् | श् | |
| 1. | भारतीय पुस्तक प्रकाशन गत पॉच वर्ष में मुद्रित। | मूल्य का डेढ़ गुना। |
| 2. | भारतीय पुस्तक प्रकाशन पॉच वर्ष से अधिक अवधि में। | मुद्रित मूल्य का दोगुना। |
| 3. | । ं भारतीय पुस्तक प्रकाशन जो मुद्रणबाहम (Out of Print) हो | मूल्य का पॉच गुना। |
| 4. | विदेशी प्रकाशन गत पॉच वर्ष में मुद्रित। | मूल्य का दोगुना। |
| 5. | विदेशी प्रकाशन पॉच वर्ष से अधिक अवधि में मुद्रित। मूल्य का तिगुना। | |
| 6. | विदेशी प्रकाशन, जो मुद्रणबाहम (Out of Print) हों। | मूल्य का पॉच गुना। |
| 7. | भारतीय अथवा विदेशी प्रकाशन जिनका मूल्य मालूम न हो। | 2.00 रुपये प्रति पृष्ठ। |
परन्तु यदि उपर्युक्त प्रावधान के अनुसार पुस्तक प्रकाशन का वास्तविक मूल्य लागत से अधिक हो तो सदस्य से उतना मूल्य लिया जाएगा जितने में दूसरी पुस्तक खरीदी जाय। (घ) बिहार विधान मंडल के कोई सदस्य सत्र/समिति की बैठक में संचालित कार्य के संबंध में अपेक्षित संदर्भ-ग्रंथ (रेफरेन्स बुक) अपनी याचना पत्र पर निर्गत करा सकते हैं, परन्तु बैठक समाप्त होने के बाद अनिवार्य रूप से वह संदर्भ-ग्रंथ पुस्तकालय को लौटा दिये जायेंगे।
(ड.) पुस्तक निर्गत कराने के लिये एक मांग पुस्तिका (परिशिष्ट-1 व 2) पुस्तकालय में रहेगी तथा पुस्तक प्राप्त करने के लिये सदस्यों/पदाधिकारियों तथा स्थायी कर्मचारियों को मांग पुस्तिका में हस्ताक्षर करना आवश्यक होगा। मांग पुस्तिका के परिशिष्ट-1 और परिशिष्ट-2 का प्रारूप इसमें सन्निहित है।
5. (क) पुस्तकालय में एक सुझाव पंजी रहेगी जिसमें सदस्यों द्वारा दिए गये सुझावों की ओर पुस्तकालय के पदाधिकारी समय-समय पर सचिव का ध्यान आकर्षित करेंगे।
(ख) पुस्तक/पुस्तकें लेने वालों के अधिकार में रहने पर यदि पुस्तकें विकृत हो गई हों या पाश्र्व में लिखकर या रेखांकित कर विरुपित की गई हों या किसी प्रकार से उन्हें नुकसान पहुंचाया गया हो तो इन सब अवस्थाओं की जानकारी संबंधित व्यक्ति को आदान-प्रदान टेबुल से संबंध कर्मचारी करा देंगे तथा इसकी सूचना पुस्तकालय के पदाधिकारी उसी दिन सचिव को दे देंगे।
(ग) जो पुस्तक/पुस्तकें लौटाई न गई हों या विकृत की गई हों या खो गई हों, ऐसी अवस्था में, जो इसके लिये उारदायी हों उसके संबंध में उचित सूचना देने के बाद सचिव के आदेश से उन पुस्तक/पुस्तकों का मूल्य (नियम 4(ग) के अनुसार निर्धारित कर) वसूला जायेगा।
6. किसी भी बाह्य व्यक्ति को पुस्तकालय में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। 7. बिहार विधान सभा की पुस्तकालय समिति या इसकी उप-समितियां पुस्तक चयन तथा पुस्तकालय के सामान्य प्रबंध के संबंध में एक परामर्शदातृ समिति के रूप में कार्य करेंगी। बिहार विधान मंडल पुस्तकालय में माननीय अध्यक्ष, बिहार विधान सभा, माननीय सभापति, पुस्तकालय समिति एवं सचिव, बिहार विधान सभा में से किन्हीं की अनुशंसा पर पुस्तक क्रय किया जा सकेगा।
8. किसी विाीय वर्ष के अंत में पुस्तक क्रय की शीघ्रता से बचने के लिये पुस्तकों का चयन तथा क्रय सालों भर किया जायेगा।
9. पुस्तकालय में पढ़ने के उद्देश्य से दी गई पुस्तकें पुस्तकालय से बाहर नहीं जानी चाहिये। यदि कोई सदस्य/पदाधिकारी एवं स्थायी कर्मचारी पुस्तकालय से बाहर अपने उपयोग के लिये किसी पुस्तक को निर्गत कराना आवश्यक समझें तो नियम 4(क) के अनुसार ही निर्गत करा सकेंगे। पुस्तक लौटाने तक वे स्वयं उन पुस्तकों के लिये उÙारदायी होंगे।
10. मंत्रियों/सदस्यों/राजपत्रित पदाधिकारियों तथा स्थायी कर्मचारियों के अन्तिम वेतन का भुगतान बिहार-विधान मंडल पुस्तकालय से मांग रहित/मांग सहित प्रमाण-पत्र की प्राप्ति के पश्चात् ही किया जायेगा। 11. यदि कोई सदस्य पुस्तकालय में स्वयं आने में असमर्थ हों, तो वे पुस्तकें, अपने द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति से मंगवा सकेंगे परंतु इसके लिये उन्हें एक प्राधिकार पत्र देना होगा। सदस्य पुस्तकों की सुरक्षा तथा उसकी वापसी के लिये स्वयं जिम्मेवार होंगे।4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 13 िसत(cid:224)बर 2024 12. जिस किसी सदस्य को किसी ऐसी पुस्तक या अन्य प्रकाशन की आवश्यकता हो जो किसी अन्य व्यक्ति को दी जा चुकी है तो वे निर्गत टेबुल (ईशू काउंटर) पर अपने लिये उसे आरक्षित करा सकेंगे, और ऐसी पुस्तक सदस्यों को मांग की वरीयता-क्रम के अनुसार दिया जायेगा।
13. प्रत्येक तीन वर्ष पर बजट सत्र के बाद पुस्तकों का स्टॉक वेरिफिकेशन किया जायेगा तथा उस अवधि में पुस्तकें निर्गत नहीं की जायेंगी।
14. पुस्तकालय के मुख्य प्रभाग की चाभी अवधायक शाखा के पास रहेगी। पुस्तकालय कर्मियों की उपस्थिति में ससमय पुस्तकालय खोला एवं बंद किया जायेगा। पुस्तकालय के पुस्तकों की सुरक्षा की जिम्मेवारी पुस्तकालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की होगी। 15. माननीय सदस्यों को जब भी छायाप्रति की आवश्यकता होगी, उन्हें अधिकतम 100 पृष्ठ तक छायाप्रति निःशुल्क उपलब्ध करायी जा सकती है। इससे अधिक पृष्ठ की आवश्यकता होने पर उनके पेन ड्राइव अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में सॉफ्ट कॉपी में सामग्री दी जा सकती है।
16. पिछले पॉच वर्ष से पूर्व की पुस्तकालय की अनुपयोगी सामग्रियॉ जैसे- पुरानी पत्र-पत्रिकाएॅ, रद्दी पेपर्स (कटिंग किये हुए पेपर्स, समय-समय पर प्राप्त कैटलॉग एवं अन्य अनुपयोगी/अतिरेक सामग्रियॉ) तथा अखबार की नीलामी प्रत्येक वर्ष अवधायक शाखा के माध्यम से की जायेगी।
17. सत्रावधि के दौरान पुस्तकालय दोनों सदन (विधान सभा एवं विधान परिषद्) के दैनिक कार्यावधि तक खुला रहेगा। इस दौरान पुस्तकालय का उपयोग केवल मा0 सदस्यों द्वारा किया जाएगा।
18. पुस्तकालय का उपयोग निम्नलिखित प्रतिबंधों के अधीन होगा।
(क) पुस्तकालय में शांति का सख्ती से पालन किया जायेगा। (ख) पुस्तकालय कर्मियों के अतिरिक्त पुस्तकालय में आने वाले अन्य व्यक्ति अपना बैग, दस्तावेज इत्यादि सामान निर्गत टेबुल (ईशू काउंटर) के पास रखेंगे और वहॉ रखे रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कर पुस्तकालय में प्रवेश करेंगे।
(ग) पुस्तकालय में थूकना, गुटखा चबाना और धूम्रपान करना सख्त वर्जित होगा। (घ) पुस्तकालय में सोना सख्त वर्जित होगा। (ड.) किसी भी व्यक्ति द्वारा पुस्तकालय की सामग्री को विरूपित या क्षतिग्रस्त नहीं किया जायेगा। 19. शोधकÙाार्ओं हेतु नियम-
I. जो शोधार्थी शैक्षणिक संस्था से जुड़े हैं, उनके आवेदन के साथ गाइड का अनुशंसा पत्र आवश्यक होगा।
II. सत्र के दौरान किसी भी शोधार्थी को पुस्तकालय में शोध की अनुमति नहीं दी जायेगी। III. पुस्तकालय उपयोग के लिए यदि किसी आवेदन पर माननीय सदस्य की अनुशंसा है तो ऐसी स्थिति में आदेशोपरांत शोध की सुविधा दी जा सकेगी।
IV. शोध के लिए प्राप्त एक आवेदन पर शोध की अवधि अधिकतम तीन महीने (सत्रावधि छोड़कर) तक होगी।
V. उक्त अवधि में शोधार्थी पुस्तकालय की किसी भी सामग्री को बाहर नहीं ले जा सकेंगे। VI. यदि छायाप्रति की आवश्यकता हो तो शोधार्थी अपने कैमरा या मोबाइल से फोटो ले सकेंगे।
VII. प्रत्येक शोधार्थी अपना सारा सामान निर्गत टेबुल (ईशू काउंटर) के पास रखेंगे। VIII. आवेदन के आलोक में आदेश प्राप्त होने के पश्चात ही शोधकÙाार्ओं को बिहार विधान मंडल पुस्तकालय में प्रवेश की अनुमति होगी।
IX. यदि कोई वरिष्ठ लेखक, पत्रकार अथवा बुद्धिजीवी, जो स्वतः सुखाय (पुस्तक या अन्य रिसर्च पेपर) हेतु अध्ययन करना चाहते हैं, उनके लिए आवेदन के साथ उनका पहचान पत्र (आधार कार्ड/वोटर आई. डी. कार्ड) आवश्यक होगा।
X. यदि किसी शोधार्थी द्वारा पुस्तकालय के किसी भी सामग्री को क्षति पहुॅचायी जाती है तो उससे क्षतिग्रस्त सामग्री का पूरा मूल्य वसूल किया जायेगा, साथ ही उसे शोध करने की अनुमति भी नहीं दी जायेगी। उसे पुस्तकालय से निष्कासित कर दिया जायेगा। XI. पुस्तकालय छोड़ने से पहले शोधार्थी को किसी भी पुस्तकालय कर्मी को सूचित करना होगा एवं अपने सामान की जॉच करानी होगी।
XII. शोधार्थियों को पुस्तकालय में शोध करने के उपरांत सभा सचिवालय के द्वारा कोई प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जायेगा।5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 13 िसत(cid:224)बर 2024 .
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 918+571+20-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in