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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 19 September 2024

Published 19 September 2024

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-09-19.936
Languages
English, Hindi

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(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत

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सं॰ यो0स्था07/1-12/2024-5258 योजना एवं विकास विभाग ——— संकल्प 18 सितम्बर 2024

योजना एवं विकास विभाग के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन गठित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन द्वारा मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत माननीय सदस्य, विधान मंडल की अनुशंसा पर प्रति सदस्य प्रति वर्ष 4.00 करोड़ रूपये अर्थात कुल 1272 करोड़ रूपये की योजनाओं का कार्य कराया जाता है। (2) केन्द्र प्रायोजित योजना यथा सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम एवं एल0डब्लू0 ई0 जिलों के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता योजना अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यो का क्रियान्वयन होता है।

(3) गृह विभाग की योजनाओं यथा बिहार मंदिर चहारदीवारी निर्माण योजना एवं कब्रिस्तानों की पक्की घेराबंदी योजना के कार्यों का क्रियान्वयन होता है।

(4) पंचायती राज विभाग के पंचायत सरकार भवन एवं कृषि विभाग के ई-किसान भवन का निर्माण कराया जाता है।

इस प्रकार योजना एवं विकास विभाग अंतर्गत गठित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्यप्रमंडलों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 3000 करोड़ से अधिक राशि की योजनाओं का कार्यान्वयन कराया जा रहा है।

(5) विभागान्तर्गत विभिन्न योजनाओं के प्रशाखा (असैनिक) स्तर पर क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण हेतु बिहार स्थानीय क्षेत्र अवर अभियंत्रण (असैनिक) संवर्ग के असैनिक अभियंत्रण में डिप्लोमा/समकक्ष योग्यता प्राप्त कनीय अभियंता (असैनिक) के कुल-1298 स्थायी पद स्वीकृत है। अद्यतन विभाग स्तर पर भर्ती किये गये नियमित कनीय अभियंताओं की संख्या शून्य है। कार्यहित में जल संसाधन विभाग एवं2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 19 िसत(cid:224)बर 2024 ग्रामीण कार्य विभाग से सेवा प्राप्त मात्र 18 नियमित कनीय अभियंता तथा 274 कनीय अभियंता संविदा के आधार पर अर्थात अन्य विभागों से सेवा प्राप्त कुल-292 कनीय अभियंता कार्यरत है, शेष 1006 पद रिक्त है। इस प्रकार असैनिक अभियंत्रण में डिप्लोमा/समकक्ष योग्यता प्राप्त तकनीकी मानव बल की अत्यधिक कमी होने के कारण उपरोक्त कंडिका 1 से 4 तक की योजनाओं के तकनीकी पर्यवेक्षण, अनुश्रवण इत्यादि कार्यों में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।

(6) यद्यपि कनीय अभियंताओं के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के माध्यम से बिहार तकनीकी सेवा आयोग, पटना को प्रेषित की गयी है, परन्तु, उक्त रिक्ति के विरूद्ध नियमित नियुक्ति में विलम्ब की संभावना है।

(7) योजना एवं विकास विभाग, बिहार, द्वारा कार्यहित में वर्तमान में कुल-350 तकनीकी पर्यवेक्षकों की सेवा आउटसोर्सिंग के माध्यम से प्राप्त करने का राज्य मंत्रिपरिषद का निर्णय संसूचित है।

(8) राज्य मंत्रिपरिषद के निर्णय के आलोक में निविदा प्रक्रिया का निष्पादन, एजेंसी का चयन एवं एकरारनामा आदि के माध्यम से तकनीकी पर्यवेक्षकों की सेवा (अस्थायी सेवा के रूप में) निम्नलिखित शर्त्तों/बंधेजों के आधार पर लिया जा सकता है :-

(i) पूर्णतः आउटसोर्सिंग के आधार पर मानव बल के रूप में सेवा प्राप्त तकनीकी पर्यवेक्षकों द्वारा औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 एवं अनुबंध श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन अधिनियम-1970 के प्रावधानों के तहत सेवाओं के लिए किसी भी सरकारी लाभ/मुआवजा/नियमितिकरण/ नियमित नियुक्ति में अधिभार आदि का दावा नहीं किया जायेगा। तकनीकी पर्यवेक्षकों द्वारा उपर्युक्त आशय का शपथ पत्र विभाग/कार्यालय में सेवा देने के पूर्व जमा कराना अनिवार्य होगा। साथ ही सर्विस प्रोवाइडर द्वारा इस आशय का शपथ पत्र भी एकरारनामा के समय संबंधित कार्यालय में समर्पित करना होगा)

(ii) पूर्णतः आउटसोर्सिंग के आधार पर सेवा प्राप्त तकनीकी पर्यवेक्षकों के मानव बल के रूप में सेवा लेने की शर्तें एवं अवधि सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के बीच होने वाली एकरारनामा के अधीन होगी।

(iii) तकनीकी पर्यवेक्षकों द्वारा सेवा के दौरान कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं समूह बनाकर धरणा प्रदर्शन/हड़ताल नहीं करना होगा एवं ऐसा करने के लिए किसी को प्रभावित/प्रोत्साहित नहीं करना होगा। ऐसी शिकायत प्राप्त होने एवं उसकी पुष्टि होने पर वैसे तकनीकी पर्यवेक्षक की सेवा तत्काल प्रभाव से बिना कारण पृच्छा किये समाप्त कर दी जायेगी।

(iv) तकनीकी पर्यवेक्षकों द्वारा नियोजन हेतु समर्पित कागजातों में यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की भिन्नता/अनियमितता आदि पाई जाती है, तो वैसे तकनीकी पर्यवेक्षकों की सेवा संबंधी सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी को वापस करते हुये, उनके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी। (v) किसी तकनीकी पर्यवेक्षक की सेवा संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण नहीं रहने की स्थिति में उनकी सेवा संबंधित सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी को वापस कर दी जाएगी।

(vi) यदि किसी तकनीकी पर्यवेक्षक के विरूद्ध भ्रष्टाचार/अनियमितता आदि की शिकायत प्रमाणित पाया जाता है, तो उसकी सेवा समाप्त करते हुये उनके विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 एवं इस संबंध में सरकार द्वारा समय-समय पर यथा निर्गत/परिपत्रों आदि के आलोक में समुचित कार्रवाई की जायेगी।

(vii) तकनीकी पर्यवेक्षकों का मानव बल के रूप में सेवा लेने की यह व्यवस्था पूर्णतः अस्थायी है। आयोग द्वारा नियमित रूप से कनीय अभियंता (असैनिक) की नियुक्ति संबंधित अनुशंसा विभाग में प्राप्त होने पर अथवा किसी अन्य स्रोत से विभागीय आवश्यकता पूर्ण होने की स्थिति में तकनीकी पर्यवेक्षक की सेवा संबंधित एजेंसी को वापस कर दी जायेगी अथवा उनकी सेवा को रद्द/समाप्त किये जाने के बिन्दु पर विभाग एकपक्षीय निर्णय लेने हेतु स्वतंत्र होगा। (viii) सभी तकनीकी पर्यवेक्षकों को पुलिस अधीक्षक/वरीय पुलिस अधीक्षक के माध्यम से निर्गत आचरण प्रमाण-पत्र एवं अन्य वांछित अभिलेख आवंटित स्थान/कार्यालय के नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही में इस आशय का शपथ पत्र समर्पित करना अनिवार्य होगा कि उनके द्वारा शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जो प्रमाण पत्र समर्पित किया गया है, वो प्रमाणित एवं विधिमान्य है।

(ix) आउटसोर्सिंग के तहत सेवा प्राप्त करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग का पत्रांक-14556 दिनांक-17.11.2017 एवं वित्त विभाग का संकल्प ज्ञापांक-2988 दिनांक-23.03. 2023 का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

(x) तकनीकी पर्यवेक्षक पद के लिए न्युनतम अर्हता AICTE द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से असैनिक अभियंत्रण (Civil Engineering) में डिप्लोमा होना अनिवार्य होगा। आउटसोर्सिंग3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 19 िसत(cid:224)बर 2024 एजेन्सी द्वारा उपलब्ध कराये गये तकनीकी पर्यवेक्षकों का स्क्रीनिंग (साक्षात्कार-सह-अभिलेख सत्यापन) विभाग द्वारा गठित समिति द्वारा की जाएगी। तकनीकी पर्यवेक्षकों के चयन के संबंध में उक्त समिति का निर्णय अंतिम रूप से मान्य होगा।

(xi) तकनीकी पर्यवेक्षकों का दायित्व एवं कार्य निर्धारण के संबंध में विभाग द्वारा गठित समिति से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्णयोपरान्त की जाएगी।

(9) आउटसोसिंग के तहत प्रदान/प्राप्त की जाने वाली सेवाओें में आरक्षण लागू करने से संबंधित सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के संकल्प-सं0 11/आ0नी0-I -05/2017-13876/सा0प्र0 दिनांक 03.11.2017 का अनुपालन किया जायेगा। (10) उक्त मद में होने वाला अनुमानित वार्षिक आवर्ती व्यय (मानदेय/पारिश्रमिक, सेवा शुल्क एवं जी0एस0टी0 सहित) कुल रू0-13,25,73,000/- (तेरह करोड़ पच्चीस लाख तिहत्तर हजार रूपये) मात्र आकलित है। यह राशि विभिन्न कार्यालयों की स्थापना अन्तर्गत माँग सं0-35, योजना एवं विकास विभाग, मुख्य शीर्ष-2053-जिला प्रशासन, उपमुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-094-अन्य स्थापनाएँ, उपशीर्ष-0007-योजना तंत्र का सुदृढीकरण, विषय शीर्ष -28-02 संविदा सेवाएँ, विपत्र कोड-35-2053000940007 से भारित होगा।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 936+571+50-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 19 September 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-09-19.936/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-09-19.936.