िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 29 भा(cid:289) 1946 (श0)
(सं0 पटना 939) पटना, शु(cid:272)वार, 20 िसत(cid:224)बर 2024 सं॰ TDRT/50010/02-2024-4095 पर्यटन निदेषालय ——— संकल्प 13 सितम्बर 2024
विषयः-बिहार पर्यटन ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग नीति 2024 1.0.प्रस्तावना -पर्यटन उद्योग हाल के वर्षों में एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित हो रहा है। इसका व्यापार, निवेष एंव संरचनात्मक उन्नयन में काफी गहरा प्रभाव देखा जा रहा है। इस प्रक्षेत्र में विषेषज्ञ से लेकर अल्प षिक्षित तक के लिये रोजगार की अपार संभवनाएँ विद्यमान है।
1.1. विष्व के मानचित्र में बिहार को एक गौरवषाली स्थान प्राप्त है। यहाँ की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृृतिक विरासत पर्यटकों के बीच आकर्षण एवं शैक्षणिक विमर्ष का विषय रहा है। विष्व के पर्यटकीय आंकड़ो के विष्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि अभी तक हमारा पर्यटकीय खजाना काफी हद तक Unexplored (अज्ञात) है। पर्यटकों के रूचि एवं उनके भ्रमण पर किये गये कई शोधों में यह बात उजागर हुई है कि पर्यटकों की रूचि नये एवं Unexplored Destinationकी तरफ ज्यादा है। यह प्रवृृति अंंतरगामी पर्यटन के संदर्भ मेंं बिहार के लिये अच्छी संभावनायें प्रस्तुत करती है।
1.2. बिहार सरकार के द्वारा वर्ष 2023 में बिहार पर्यटन नीति-2023 को अंगीकार किया गया है। इस नीति का दृृष्टिपथ बिहार को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृृतिक पर्यटन के केन्द्र के रूप में स्थापित करना है। विष्व स्तरीय संरचनाओं का विकास, उच्चकोटि पर्यटकीय सामग्री का निर्माण, प्रतिभावान कार्यबल की तैयारी, पर्यटकों के लिये उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रबंधन एवं नवीन तकनीकी का उपयोग आगामी वर्षों के लिये विभाग का मिषन है।
1.3. पर्यटन एक विष्वस्तरीय परिघटना है। इसमें विष्व पटल पर दिखना एवं प्रासंगिक रहना दोनो महत्वपूर्ण है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले टूर एवं ट्रैवल मार्ट, डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोड शो का आयोजन आदि ऐसे साधन हैं जो पर्यटकीय क्षेत्र में प्रासंगिकता को जीवंत रखता है। बिहार के पर्यटन में अभी तक दक्षिण-पूर्व एषिया के देष एवं गिरमिटिया देषों के पर्यटक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। बिहार का अगला लक्ष्य यूरोपीयन देष तथा अरबियन देष है जहाँ तक के उच्च व्यय क्षमता2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 20 िसतम् बर, 2024 वाले पर्यटकों को आकर्षित करना है। इसी क्रम में बिहार को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिये विभिन्न प्रयासों के समन्वीकरण हेतु प्रस्तुत नीति का प्रतिपादन किया जा रहा है।
2. नीति का नामकरण-इस नीति का नाम पर्यटन ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग नीति 2024 होगा। यह निर्गत संकल्प की तिथि से प्रभावी होगा।
3. उद्देष्य - 'बिहार पर्यटन ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग नीति, 2024' का उद्देष्य प्रदेष अंतर्गत पर्यटकीय धरोहरों से संबंधित उत्कृृष्ट प्रचार साहित्य एवं ऑडियो-विजुअल सामग्री का निर्माण करना तथा घरेलू एवं विष्व पटल पर आधुनिक विपणन तकनीकी का उपयोग कर इनका प्रदर्षन एवं प्रचार-प्रसार विभिन्न माध्यमों के द्वारा करना है। उत्कृृष्ट पर्यटन सामग्री विष्व के पर्यटकीय समुह को प्रदेष के तरफ उन्मुख एवं आकर्षित करेंगी जो अंततः प्रदेष में रोजगार सृृजन तथा आर्थिक विकास का कारक बनेगी।
4. पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग :- पर्यटन स्थलों के विकास के लिये उच्च कोटि के ब्रांडिंग की आवष्यकता होगी जिसके लिये निम्नलिखित कार्रवाई की जायेगी।
4.1. बिहार के पर्यटकीय धरोहर सुदुर प्रखंडो एवं कस्बों तक बिखरे पड़े हैं, जिनको अभी तक पूर्णतः प्रकाष में नहीं लाया जा सका है। ऐसे स्थलों के बारे में शोधपरक सामग्री के निर्माण हेतु विषेषज्ञ व्यक्ति/संस्था का सहयोग प्राप्त किया जायेगा। इनका चयन नामांकन/निविदा के माध्यम से किया जायेगा।
4.2. दृृष्य एवं श्रव्य सामग्री के निर्माण हेतु विषेषज्ञ एजेंसियों के साथ संबद्धता की जायेगी। इनके चयन की प्रक्रिया कंडिका 7 की शर्तों के अनुरूप अपनाई जायेगी। 4.3. बिहार पर्यटन के लिये लोगो (LOGO) का निर्माण किया जायेगा। 4.4. बिहार पर्यटन के ब्रांडिंग हेतु सरकार की स्वीकृृति से ब्रांड एम्बेसडर का चयन किया जायेगा। 4.5. सोषल मीडिया इन्फ्लूऐंसर/सेलिब्रिटी/यूटूबर आदि का फैम टूर के माध्यम से सेवायें प्राप्त की जायेंगी।
4.6. पर्यटन की ब्रांडिंग के क्रम में 'बिहार पर्यटन गीत' की रचना की जायेगी और इसका गायन एवं अभिनय हेतु बिहार से सम्बद्ध विभूतियों की सेवायें प्राप्त की जायेगी।
4.7. पर्यटन की ब्रांडिंग, प्रचार-प्रसार तथा पर्यटकों की सुविधा हेतु ई-सर्विसेज यथा वेबसाईट, वेबपोर्टल तथा अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जायेगा।
4.8. विविध प्रकार की प्रतियोगितायें यथा, स्क्रीप्ट राईटिंग, रील मेकिंग, फोटोग्राफी, क्विज प्रतियोगिता, कार-बाईक रैली आदि का आयोजन किया जायेगा।
5. पर्यटन स्थलों की मार्केटिंग :-
पर्यटन के प्रचार-प्रसार एवं इसकी मार्केटिंग के लिये कई तरह के साधनों का प्रयोग किया जाता है और इसमें नित्य नयी तकनीक का समावेष हो रहा है यथा -
i) विडियो/ऑडियो का निर्माण एवं सोषल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार। ii) सार्वजनिक स्थलों यथा हवाई अड्डा, इन फ्लाईट, रेलवे स्टेषन, ट्रेन के अंदर एवं अन्य सदृृष्य स्थलों (High footfall areas) पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रयोग कर प्रचार प्रसार।
iii) ट्रेन रैप, बस रैप, बस क्यू सेल्टर, यूनीपोल, होर्डिंग, सार्वजनिक भवनों पर फ्लैक्स, बैकलिट आदि के द्वारा प्रचार-प्रसार।
iv) कॉफी टेबल बुक, ब्रोषर, फ्लायर, रेडी रेकनर, सर्किट मैप या अन्य प्रकार के पिं्रट सामग्री का निर्माण।
v) समाचार पत्रों एवं अन्य पत्रिकाओं में सम्पादकीय/एडभरटोरियल/विज्ञापन के माध्यम से प्रचार। vi) राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोड शो का आयोजन। vii) राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर आयोजित टूर एवं ट्रैवल मार्ट में भागीदारी। viii) विभिन्न कार्यक्रमों में प्रायोजक के रूप में सहभागिता। ix) मेला महोत्सवों का आयोजन तथा इनका प्रचार-प्रसार। x) डिजीटल मार्केटिंग के तहत उपयोग होने वाले साधन यथा-Bulk Messaging, Mass Mailing, Pop-Up & Banner on Website, SEO, Social Media Platform आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार।
xi) समय-समय पर उपलब्ध होने वाले अन्य/नये प्रचार के माध्यमों का भी उपयोग किया जायेगा। इन टूल्स के लिये उच्च स्तरीय सामग्रियों का निर्माण कर तथा इनका समुचित उपयोग कर बिहार के पर्यटन जानकारी को सुलभ कराया जायेगा।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 20 िसत(cid:224)बर, 2024 6. मीडिया चयन की पात्रता :- मीडिया चयन के क्रम में निम्न अर्हताओं वाली एजेंसियों को पात्रता के श्रेणी में रखा जायेगा :-
6.1. एजेंसी को भारत में एक निबंधित वैधानिक उपक्रम होना चाहिए। 6.2. एजेंसी को विषय के अनुरूप सरकारी या किसी प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य का अनुभव होना चाहिए।
6.3. एजेंसी ब्लैक लिस्टेड, डिबार, निलंबित या बैन नहीं होना चाहिए। 6.4. एजेंसी को विभागीय परियोजना के अनुरूप आर्थिक क्षमता के आकलन का भी मानदण्ड निधारित किया जायेगा जिससे परियोजना के पूर्ण होने में कोई वित्तीय अवरोध उत्पन्न न हो।
6.5. पंजीकरण या कार्य आवंटन में डीएवीपी दर प्राप्त एवं एकल अधिकार वाली एजेंसियाें को प्राथमिकता दी जायेगी।
6.6. मनोनयन के संदर्भ में वित्तीय प्राविधानों के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी। 6.7. यदि किसी विषेष स्थल पर प्रचार-प्रसार के लिये डीएवीपी दर एवं सोल प्रोपर्टी वाली कोई एजेंसी नहीं मिलती है तो वित्तीय प्राविधानों के तहत एजेंसी का चयन किया जायेगा।
6.8. पत्रिकाओं में सम्पादकीय प्रकाषन के लिये उनके प्रसार के आकलन के आधार पर किया जायेगा। 7.चयन की प्रक्रिया :-
7.1. मीडिया का चयन RFP के माध्यम से किया जायेगा। 7.2. पंजीकृृत (Empanelled) मीडिया के बीच किसी खास कार्य हेतु TOR का आमंत्रण किया जायेगा।
7.3. एकल अधिकार से अच्छादित मीडिया प्रोपर्टी, जिसका दर DAVP (BOC) के द्वारा निर्धारित हो, का चयन मीडिया एवं एजेंसी चयन समिति के द्वारा किया जायेगा।
7.4. स्वतंत्र रूप से कार्यरत डिजिटल कन्टेन्ट क्रियेटर के द्वारा निर्गत पर्यटकीय सामग्री को विभागीय चयन समिति की अनुषंसा पर DAVP की दर पर, या आपसी सहमति के आधार पर तय से जो कम हो, प्रचार-प्रसार हेतु क्रय किया जायेगा।
8. विभिन्न समितियों का गठन :- प्रचार सामग्री के निर्माण के लिये विभिन्न विषेषज्ञ एजेंसियों का चयन भी एक महत्वपूर्ण कार्य है। इस कार्य हेतु आयोजनवार निविदा की जायेगी या कतिपय अवधि के लिये विषेषज्ञ एजेंसियों का Empanelment किया जायेगा। Empanelment की व्यवस्था को अपनाना श्रेयस्कर होगा क्योंकि TOR के माध्यम से कार्य आवंटन शीघ्रता से किया जा सकेगा। विभिन्न अवसरों पर मीडिया एवं एजेंसियों के चयन एवं निविदा सम्पादन हेतु निदेषालय में निम्न समितियों का गठन किया जायेगा -
8.1. मीडिया एवं एजेंसी चयन समिति :- प्रचार मीडिया एवं एजेंसी चयन हेतु निदेषालय में एक समिति का गठन किया गया है। जिसे 'मीडिया एवं एजेंसी चयन समिति' कहा जायेगा। इसका स्वरूप निम्नवत होगा -
1. अध्यक्ष - निदेषक, पर्यटन। 2. सदस्य - वरिष्ठ उप निदेषक। 3. सदस्य सचिव - सहायक निदेषक, प्रचार-प्रसार।
4. सदस्य - उप निदेषक, लेखा/निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी।
5. सदस्य - आंतरिक वित्तीय सलाहकार। 6. सदस्य - मार्केटिंग एण्ड ब्रांडिंग एक्सपर्ट (उपलब्धता के अनुसार)। यह समिति विषिष्ट अवसरों पर प्रचार सामग्री के प्रकार एवं आवष्यता का आकलन करेगी एवं तद््नुसार प्रस्ताव तैयार करेगी। समिति प्रचार-प्रसार के संदर्भ में स्व प्रेरणा से या सचिव/प्रधान सचिव, पर्यटन के मार्गनिर्देष के अनुसार कार्य करेगी। यह समिति विषेषज्ञ एजेंसियों, इवेंट मैनेजर एजेंसी वगैरह के Empanelment हेतु विज्ञापित निविदा का निष्पादन करेगी। Empanelment प्रस्ताव पर सचिव/प्रधान सचिव, पर्यटन का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा।
8.2. निविदा समिति - वित्तीय नियमों के अधीन एजेंसियों के चयन हेतु निविदा एवं अन्य प्रक्रियाऐं अपनाई जायेगी। इस कार्य हेतु निम्नवत समिति गठित की गयी है, जिसे निविदा समिति कहा जायेगा।
1. अध्यक्ष - निदेषक, पर्यटन। 2. सदस्य - वरिष्ठ उप निदेषक। 3. सदस्य सचिव - सहायक निदेषक (संबंधित)। 4. सदस्य - आंतरिक वित्तीय सलाहकार। 5. सदस्य - उद्योग विभाग के पदाधिकारी/सहायक अभियंता
के अन्युन पदा॰ (BSTDC)4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 20 िसतम् बर, 2024 यह समिति वित्तीय नियमों के अधीन निविदा निष्पादन का कार्य करेगी।
9. व्यय की सक्षमता - प्रचार सामग्री की आवष्यकता का निर्धारण तथा एजेंसी चयन के उपरांत निविदा समिति वित्तीय प्राविधानों के तहत व्यय का आकलन करेगी। व्यय की सक्षमता निम्नवत होगी -
1. मो॰ 10.00 लाख रूपये के अधीन व्यय की स्वीकृृति निदेषक, पर्यटन के स्तर से दी जायेगी। 2. मो॰ 10.00 लाख से अधिक एवं 5.00 करोड़ के अधीन होने वाले व्यय पर सचिव/प्रधान सचिव की स्वीकृृति प्राप्त की जायेगी तत्पष्चात्् निदेषालय के द्वारा व्यय किया जायेगा। वित्त विभाग के संकल्प संख्या 3758, दिनांक 31.05.2017 (समय-समय पर यथासंषोधित) में निहित वित्तीय शक्तियों के अनुरूप कार्य की स्वीकृृृति एवं व्यय का अनुमोदन किया जायेगा।
3. मो॰ 5.00 करोड़ से उपर के व्यय हेतु वित्त विभाग के संकल्प संख्या 3758, दिनांक 31.05.2017 (समय-समय पर यथासंषोधित) में निहित वित्तीय शक्तियों के अनुरूप अनुमति प्राप्त किया जायेगा। 10. मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग में किये जाने वाले खर्च का वहन विज्ञापन और प्रकाषन मद 46-3452-80-104-0103-2601 से किया जायेगा।
11. विज्ञापन एवं प्रकाषन मद में Theme, Budgeting के सिद्धांत के अनुसार पर्यटन विभाग को प्राप्त कुल बजट का अधिकतम 33% राषि खर्च करने का प्रावधान किया जायेगा।
12. किसी विवाद का निपटारा निदेषक पर्यटन के द्वारा किया जायेगा। निदेषक पर्यटन के निर्णय का अपील सचिव, पर्यटन के पास किया जायेगा। सचिव, पर्यटन का निर्णय अंतिम होगा।
13. उक्त प्रस्ताव पर दिनांक 10.09.2024 को मद संख्या 41 के रूप में मंत्रिपरिषद् का अनुमोदन प्राप्त है। आदेशः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित कर इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, सरकार के सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,