असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
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(सं0 पटना 942) पटना, शु(cid:272)वार, 20 िसत(cid:224)बर 2024
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श्रीमती अफशॉ अजीम, तत्कालीन वाणिज्य-कर पदाधिकारी, हाजीपुर अंचल, हाजीपुर को सिटी चौक थाना काण्ड संख्या-69/02 दिनांंक 17.04.2002 धारा 302/34/120 (बी0)/भा.द.वि. एवं 27 आ.ए. में पटना सिटी के व्यवसायी मनोज कमलिया की हत्या में संलिप्तता पायी गई। तत्पश्चात् उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दिनांक-29.07. 2002 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। इसके लिए सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त करते हुए असैनिक सेवाएँ (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 1930 के नियम 49 ए (2)(ए) के अंतर्गत दिनांक 29.07.2002 के भूतलक्षी प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए अधिसूचना संख्या-कौन/भी-116/2002-586, दिनांक 17.08.2002 द्वारा श्रीमती अजीम को निलंबित किया गया। 2. माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14.01.2003 को पारित आदेश के आलोक में न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी पटना सिटी द्वारा श्रीमती अजीम को दिनांक 16.01.2003 को जमानत पर रिहा किया गया। जमानत पर रिहा होने के उपरांत श्रीमती अजीम द्वारा योगदान संबंधी दिये गये अभ्यावेदन के सम्यक विचारोपरान्त अधिसूचना संख्या-206 दिनांक 19.04.2004 द्वारा निलंबन से मुक्त करते हुए इन्हें वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय पटना में पदस्थापित किया गया।
3. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-III, पटना द्वारा चौक थाना काण्ड संख्या-69/02, दिनांक 17.04.2002 में दिनांक 14.09.2015 को दोषसिद्ध प्रमाणित पाये जाने के उपरान्त तत्काल प्रभाव से न्यायिक हिरासत में लिया गया एवं माननीय न्यायाधीश द्वारा दिनांक 21.09.2015 को उम्रकैद की सजा के साथ-साथ दस हजार रूपये जुर्माना की सजा अधिरोपित की गई। इसके फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(2)(ख) के तहत् अधिसूचना संख्या 192/सी दिनांक 23.09.2015 द्वारा हिरासत में लिए जाने की तिथि 14.09.2015 के भूतलक्षी प्रभाव से निलंबित किया गया। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 20 िसत(cid:224)बर 2024 ''द्वितीय कारण पृच्छा'' शब्द का कोई औचित्य नहीं है। इस प्रकार इनके द्वारा कारण पृच्छा का कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। फलस्वरूप अधिसूचना संख्या-52/सी, दिनांक 24.02.2016 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9(3)(i) के तहत् दिनांक 12.11.2015 के पूर्वाह्न से निलंबन मुक्त करते हुए अधिरोपित सजा (उम्रकैद एवं दस हजार रूपया जुर्माने की सजा) के आलोक में अधिसूचना संख्या-कौन/भी-116/2002-52 सी, दिनांक-24.02.2016 से ही पुनः निलंबित किया गया।
5. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-III, पटना द्वारा चौक थाना काण्ड संख्या-69/02 दिनांक 17.04.2002 में दिनांक 21.09.2015 को अधिरोपित सजा के आलोक में भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2)(क) के तहत् श्रीमती अफशॉ अजीम को सेवा से बर्खास्त करने के बिन्दु पर माननीय मुख्यमंत्री का आदेश प्राप्त किया गया। तत्पश्चात् बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्त किया गया। तत्पश्चात् मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति प्राप्त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14(xi) के तहत विभागीय अधिसूचना संख्या-392/सी दिनांक-17.11.2016 द्वारा श्रीमती अजीम को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
6. चौक थाना काण्ड संख्या-69/02, दिनांक 17.04.2002 में माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 26.06.2023 को न्याय निर्णय पारित किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-26.06.2023 को पारित न्यायादेश में श्रीमती अफशॉ अजीम को संदेह का लाभ प्रदान करते हुए आरोप से मुक्त कर दिया गया।
7. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 26.06.2023 को पारित न्यायादेश के आलोक में श्रीमती अफशॉ अजीम द्वारा सेवा में पुनर्बहाली, प्रोन्नति एवं बर्खास्तगी की अवधि को लगातार सेवा की अवधि मानते हुए वित्तीय लाभ प्रदान करने हेतु दिनांक 17.07.2023 को एवं पुनः दिनांक 18.10.2023 को अभ्यावेदन दिया गया। 8. श्रीमती अफशॉ अजीम द्वारा सेवा में पुनर्बहाली हेतु माननीय पटना उच्च न्यायालय में CWJC संख्या-4351/2024 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 04.04.2024 को पारित न्यायादेश में अफशॉ अजीम द्वारा दिनांक 18.10.2023 को दिये गये अभ्यावेदन के आलोक में न्यायादेश की प्रति प्रस्तुत करने के छः सप्ताह के अन्दर वाणिज्य-कर विभाग द्वारा मुखर आदेश पारित करने का आदेश पारित किया गया। 9. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में विधि विभाग से परामर्श प्राप्त किया गया। विधि विभाग से परामर्श प्राप्त करने के उपरांत सामान्य प्रशासन विभाग से परामर्श प्राप्त किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा विधि विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त परामर्श के आलोक में कार्रवाई करने का परामर्श प्राप्त हुआ।
10. विधि विभाग से पुनः परामर्श प्राप्त किया गया। विधि विभाग से परामर्श प्राप्त होने के उपरान्त विभागीय स्तर पर त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया गया।
11. माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा दिनांक 26.06.2023 को पारित न्याय निर्णय, विधि विभाग से प्राप्त परामर्श एवं विभागीय स्तर पर गठित त्रिसदस्यीय समिति की अनुशंसा के आलोक में उक्त मामले का गुण-दोष के आधार पर मूल्यांकन के उपरांत श्रीमती अफशॉ अज़ीम की बर्खास्तगी संबंधी संकल्प संख्या-392/सी0 दिनांक 17.11.2016 को निरस्त करते हुए उनके अभ्यावेदन की तिथि 17.07.2023 से वाणिज्य-कर पदाधिकरी (वर्त्तमान पदनाम-राज्य कर सहायक आयुक्त) के पद पर सेवा में पुनः स्थापित (Reinstate) किया जाता है।
12. श्रीमती अज़ीम, बिहार वित्त सेवा के बर्खास्त वाणिज्य कर पदाधिकारी (वर्त्तमान पदनाम-राज्य कर सहायक आयुक्त) की सेवा में पुनः स्थापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति प्राप्त है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,