िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 3 आश्विन 1946 (श0) सं(cid:201)या 39 पटना, बुधवार, ———————— 25 सितम्बर 2024 (ई0) भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-25 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
---
भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 26-26 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची पृष्ठ
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं
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इत्यादि।
पूरक
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पूरक-क 27-272 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024
भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत
सूचनाएं। —————
सामान्य प्रशासन विभाग
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अधिसूचना
22 अगस्त 2024
सं0 7/शक्ति प्र0-13-01/2024 सा0प्र0-13329--भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिकों को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ में अंकित विवरणी के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं। उक्त कार्मिकों को नालन्दा जिला में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (46, 2023) की संगत धारा के अंतर्गत विशेष कार्यपालक दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने की स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-
| क्र0 स0 | कार्मिक का नाम एवं पद नाम | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा, जिसके तहत शक्ति प्रदान की गयी है | तिथि/अवधि | प्रयोजन | दण्डाधिकारी (विशेष कार्यपालक/ कार्यपालक) | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | जिला पदाधिकारी, नालन्दा के पत्रांक-5775 दिनांक 16.08.2024 के संलग्न सूची मं अंकित कार्मिक। े | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-15 | दिनांक 31.12.2024 तक | विधि व्यवस्था | विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी | नालन्दा |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुनील कुमार तिवारी, अवर सचिव।
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बिहार विधन सभा सचिवालय ------
अध्सिूचनाएं
16 अगस्त 2024
सं0 02 स्था-171/2021-2312/विस।--श्री चन्देश्वर राय, अवर सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को वित्त ;वै0दा0नि0को0द्ध विभाग, बिहार सरकार के पत्राांक-996;23द्ध, दिनांक-01.08.2024 एवं बिहार सेवा संहिता के नियम-230 एवं 248 ;कद्ध के अनुसरण में दिनांंंंंंंंंंंंंक-01.07.2024 से 26.07.2024 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही उक्त संहिता के निमय-159 के तहत दिनांक-27.07.2024 एवं 28.07.2024 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । इसके पश्चात् इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल-274 दिनों का अवकाश शेष है । आदेश से,
सुध्ीर कुमार सिंह, अवर सचिव।3 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024
20 अगस्त 2024
सं0 2 स्था-156/2019-2321/विस।--सभा सचिवालय में संविदा के आधर पर नियुक्ति से संबंध्ति गठित समिति एवं सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प सं-10000, दिनांक-10.07.2015 में निहित प्रावधन के तहत की गयी अनुशंसा के आलोक में सभा सचिवालय की अध्सिूचना सं-1642, दिनांक 10.06.2024 द्वारा संविदा के आधर पर निदेशक के पद पर नियोजित श्री राजीव कुमार को सभा सचिवालय की अध्सिूचना सं-1855, दिनांक 04.07.2024 द्वारा निदेशक के पद पर योगदान स्वीकार करने की तिथि 01.07.2024 के पूर्वा से सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प सं-10000, दिनांक-10.07.2015 की कंडिका-3;6द्ध;iद्ध के तहत उनके नाम के सामने कॉलम ;7द्ध में अंकित राशि प्रतिमाह मानदेय के रूप में भुगतान की अनुमति दी जाती है ।
| क्र सं | संविदा के आधर पर नियुक्त कर्मी का नाम | अंतिम वेतन | सेवानिवृत्ति के समय अंतिम वेतन पर महँगाई भत्ता ;50%द्ध | पेंशन की राशि | पेंशन की राशि पर महँगाई राहत ;50%द्ध | मानदेय राशि ;34द्ध- ;56द्ध |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | श्री राजीव कुमार, सेवानिवृत्त निदेशक | 1,23,100/- | 61,550/- | 61,550/- | 30,775/- | ;12310061550द्ध-;6155030775द्ध =92325 |
अध्यक्ष, बिहार विधन सभा के आदेश से,
सुध्ीर कुमार सिंह, अवर सचिव।
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पथ निर्माण विभाग
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अधिसूचनाएं
1 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-(निगम) आरोप-04/2022-3652(S)--प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के पत्रांक-3941 (अनु0) दिनांक-09.12.2021, पत्रांक- 70 अनु॰ दिनांक- 05.01.2022 से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में श्री सिकन्दर पासवान, तत्कालीन परियोजना अभियंता (सहायक अभियंता), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि॰, कार्य प्रमंडल, आरा के विरूद्ध नगर थाना बेगूसराय कांड संख्या- 608/2021 संजु देवी बनाम सिकन्दर पासवान के तहत् उन्हें दिनांक-10. 11.2021 को गिरफ्तार कर दिनांक-11.11.2021 को मंडल कारा, बेगूसराय में भेजे जाने तथा दिनांक-24.12.2021 को जिला एवं सत्र न्यायालय, बेगूसराय से जमानत मिलने के उपरान्त दिनांक-27.12.2021 को अपना योगदान समर्पित किये जाने संबंधी मामले मे समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना सं0-4324 (एस) दिनांक-22.08.2022 के द्वारा जेल अवधि के लिए निलंबित किया गया। इसके साथ हीं उसी अधिसूचना से श्री पासवान के द्वारा दिनांक-27.12.2021 को योगदान किये जाने की तिथि से निलंबनमुक्त करते हुए उनके योगदान को स्वीकृत किया गया।
2. प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना से प्राप्त प्रतिवेदन एवं साक्ष्यो के आधार पर श्री सिकन्दर पासवान, तत्कालीन परियोजना अभियंता (सहायक अभियंता), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल, आरा के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय पत्रांक-341 (एस) अनु0 दिनांक-23.01.2023 के द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री पासवान के विरूद्ध गठित आरोप निम्नवत् है :-
(i) प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के पत्रांक-3941 अनु0 दिनांक-09.12.2021 के माध्यम से प्राप्त अभिलेखो के अनुसार श्री सिकन्दर पासवान (सहायक अभियंता) परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल, आरा दिनांक 12.11.2021 को बिना छुट्टी स्वीकृत कराये अपने कर्तव्य पर अनुपस्थित रहे। वरीय परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल, आरा के पत्रांक-651, दिनांक 16.11.2021 द्वारा श्री पासवान से उनके अनाधिकृत अनुपस्थिति हेतु स्पष्टीकरण पूछा गया। वरीय परियोजना अभियंता के पत्रांक-671, दिनांक 02.12.2021 को सूचित किया गया है कि श्रीमती संजू देवी एक आवेदन दिनांक 01.12.2021, फोटोग्राफ, प्राथमिकी संख्या-608/2021 दिनांक 06.10.2021 एवं CGM, बेगूूसराय का आदेश दिनांक 23.11.2021 संलग्न करते हुए सूचित किया गया कि श्री पासवान दिनांक 11.11.2021 से न्यायिक हिरासत में हैै, जिसमें उनका जमानत खारिज कर दिया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि श्री पासवान बिना छुट्टी स्वीकृत कराये अनुपस्थित रहे एवं मुख्यालय से बाहर गए। इस अवधि में उनके अनैतिक कार्य के कारण उन्हें दिनांक 11.11.2021 से न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा।4 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 (ii) श्रीमती संजू देवी ने वरीय परियोजना अभियंता बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड कार्य प्रमंडल, आरा को संबोधित अपने आवेदन दिनांक 01.12.2021 में श्री पासवान के विरूद्ध यह आरोप लगाया है कि उन्होंने उसका विधवा होने का फायदा उठाकर उसे विश्वास में लिया तथा विवाहित होने के बावजूद धोखे में रखकर उनसे 09.05.2016 को विवाह किया। तत्पश्चात अनेक अवसरों पर उससे 10,00,000/-, 10,60,000 एवं 5,00,000/- रुपये की रकम तथा एक बिगहा जमीन एवं सेाने-चाँदी का आभूषण हड़प लिया तथा यह भी सूचित किया गया है कि उनके द्वारा इस संबंध में नगर थाना कांड संख्या-608/2021 दर्ज किया गया है एवं इससे संबंधित अभिलेख भी संलग्न किया गया। प्रबंध निदेशक के पत्रांक-3941 अनु॰, दिनांक 09.12.2021 के द्वारा सम्पूर्ण अभिलेख विभाग को उपलब्ध कराया गया। प्रबंध निदेशक के पत्रांक-70 दिनांक 05.01.2022 एवं श्री पासवान का आवेदन दिनांक 28.01.2022 द्वारा जिला सत्र न्यायालय, बेगूरासय का आदेश दिनांक 24.12.2021 संलग्न करते हुए जमानत पर रिहा होने का संदर्भ देते हुए दिनांक 27.12.2021 को कार्य प्रमंडल, आरा में योगदान दिया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश का उक्त आदेश द्वारा श्री पासवान के 45 दिनों का औपबंधिक बेल स्वीकार किया गया। उक्त आदेश में अंकित है कि दोनों पक्षों के द्वारा न्यायालय में सुलहनामा प्रस्तुत किया गया, जिसमें श्री पासवान के द्वारा आवेदिका से लिए गए सम्पत्ति को वापस किये जाने की बात को स्वीकार किया गया। आवेदिका/परिवादी के द्वारा सम्पति को वापस हो जाने पर श्री पासवान के साथ रहने पर सहमति व्यक्त किया गया। प्रबंध निदेशक, बिहार, राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के पत्रांक-2341 दिनांक 11.05.2022 के द्वारा श्री पासवान से प्राप्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-(ix), बेगूसराय का पारित आदेश दिनांक 09.02.2022 संलग्न कर विभाग को उपलब्ध कराया गया। उक्त पारित न्यायादेश में अंकित है कि प्रतिवादी श्री पासवान के द्वारा सुलहनामा के अनुसार अनुपालन कर दिया गया है, इसलिए औपबंधिक जमानत को confirm कर दिया गया है।
उक्त से स्पष्ट है कि परिवादी संजू देवी के विधवा होने के कारण श्री पासवान द्वारा आपराधिक षडयंत्र में शामिल होकर अपने पूर्व विवाह को छिपाकर कपटपूर्ण तरीके से झूठे आश्वासन के साथ इनसे विवाह करने, तत्पश्चात् इनके सम्पत्ति को कपटपूर्ण तरीके से हड़पने, उनको शारीरिक एवं मानसिक यातना देने एवं जान से मारने की धमकी दिये जाने संबंधी मामले में श्री पासवान दोषी प्रतीत होते है। इस मामले में श्री पासवान के विरूद्ध संजु देवी के परिवाद संख्या- 1107सी/2021 से उद्भुत नगर थाना बेगूसराय कांड संख्या- 608/2021 संजु देवी बनाम सिकन्दर पासवान भा॰द॰वि॰ के धारा 382, 307, 406, 420, 493, 494, 495, 496, 498ए एवं 506 के तहत् प्राथमिकी दर्ज है एवं कांड अनुसंधानरत है। श्री पासवान के इस कृृत्य से सरकार की छवि धूमिल होने के साथ ही साथ प्रतिष्ठा का भी हनन हुआ है।
3. श्री पासवान के विरूद्ध गठित आरोपों के संबंध में पूछे गये स्पष्टीकरण के आलोक में उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उतर में मुख्यतः निम्नांकित तथ्य रखे गये है :-
(i) श्री पासवान के द्वारा कार्यालय से अनुपस्थिति रहने के आरोप के संबंध में उल्लेख किया गया है कि वे दिनांक-10.11.2021 एवं 11.11.2021 को छठ पूजा के राजकीय अवकाश होने के कारण संबंधित नियंत्री पदाधिकारी को मौखिक रूप से बताकर एवं मौखिक स्वीकृति प्राप्त कर मुख्यालय से बाहर अपने घर गये थे, जहा उन्हें उक्त वाद में दिनांक-10.11.2021 को गिरफ्तार कर लिया गया और दिनांक-11.11.2021 को उन्हें जेल भेज दिया गया। दिनांक- 24.12.2021 को जमानत पर मुक्त होने के उपरान्त इसकी सूचना नियंत्री पदाधिकारी को देते हुए दिनांक-27.12.2021 को योगदान किया गया। ऐसी स्थिति में न्यायिक हिरासत में रहने के कारण वे कार्यालय से अनुपस्थित थे न कि जानबूझकर। (ii) परिवादी श्रीमती संजू देवी से कपटपूर्ण तरीके से विवाह किये जाने एवं सम्पत्ति हड़पने के आरोप के संबंध में श्री पासवान के द्वारा अपने स्पष्टीकरण में सभी आरोपों को अस्वीकार करते हुए उल्लेख किया गया है कि कथित संजू देवी का पति स्व॰ प्रमोद कुमार थे, इस संबंध में संजू देवी से संबंधित 11 विभिन्न प्रमाण पत्र/शपत्र-पत्र की छायाप्रति संलग्न किया गया है।
(iii) परिवादी श्रीमती संजू देवी की जमीन एवं सम्पत्ति हड़पने के आरोप के संबंध में श्री पासवान द्वारा उल्लेख किया गया है कि श्रीमती संजू देवी के पति के ननिहाल वाली —षि योग्य एक बिघा जमीन को रू॰ 8,00,000/- में श्रीमती संजू देवी ने जिला निबंधन कार्यालय में निबंधित/केवाला किया गया है। एतदसंबंधी डीड पेपर की छायाप्रति संलग्न किया गया है।
(iv) श्री पासवान द्वारा यह भी उल्लेख किया गया है कि परिवादी श्रीमती संजू देवी एक चालाक, जालसाज, षडयंत्रकारी एवं अपराधी किस्म की महिला है, जिसकी पुष्टि हेतु खानपुर थाना काण्ड संख्या-216/2020 धारा-302, 34 भा॰द॰वि॰ में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में मंडल कारा, समस्तीपुर भेजे जाने संबंधी Web portal के News की छायाप्रति संलग्न किया गया है।
(v) श्री पासवान द्वारा भी परिवादी श्रीमती संजू देवी सहित अन्य व्यक्तियों के विरूद्ध FIR दर्ज कराने का उल्लेख करते हुए एतदसंबंधी साक्ष्य की प्रति संलग्न किया गया है।
(vi) साथ ही श्री पासवान के विरूद्ध दर्ज नगर थाना काण्ड संख्या-608/2021 जिस पर माननीय व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय द्वारा संज्ञान लिया गया है, उस संज्ञान आदेश को रद्द करने के लिए माननीय उच्च न्यायालय, पटना में आपराधिक याचिका दायर किये जाने का भी उल्लेख किया गया।5 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 4. उपर्युक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में विभाग स्तर से समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्रीमती संजू देवी द्वारा कपटपूर्ण तरीके से उसका धन, जमीन हड़पने तथा श्री पासवान से वैवाहिक स्थिति के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसके साथ हीं श्री पासवान के वैधानिक पत्नी के द्वारा श्री पासवान की दूसरी शादी कर लिये जाने की कोई शिकायत नहीं की गयी है। उक्त मामले में उनके विरूद्ध दर्ज बेगूसराय नगर थाना कांड सं0-608/2021 माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। श्री पासवान के अनाधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित रहने संबंधी आरोपो के संबंध में, श्री पासवान द्वारा छुट्टी स्वीकृत कराकर मुख्यालय से बाहर जाने से संबंधित कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया। तदालोक में विभागीय अधिसूचना सं0-5391 (एस) दिनांक-05.09.2023 के द्वारा श्री पासवान के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उतर को अस्वीकृत करते हुए उनके अनाधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित रहने के आरोप के लिए सम्यक विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के भाग-v शास्तियाँ और अनुसाशनिक प्राधिकार के नियम-14 के स्पष्टीकरण- 3 के आलोक में निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :- (i) "चेतावनी" की शास्ति अधिरोपित किया जाता है, जिसकी प्रविष्टि उनके चरित्र पुस्त में की जायेगी तथा (ii) भविष्य में इनके विरूद्ध दर्ज बेगूसराय नगर थाना कांड सं0-608/2021 में माननीय सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने की स्थिति मे बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-20(i) के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
5. उक्त संसूचित दंड के विरूद्ध श्री पासवान के अभ्यावेदन दिनांक-13.10.2023 के द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमे मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि वस्तुतः मामला छुट्टी स्वीकृत कराकर मुख्यालय से बाहर जाने से संबंधित नहीं था, बल्कि मुख्यालय से बहार जाने मात्र का था, क्योंकि दिनांक-10.11.2021 एवं 11.11.2021 को छठ पर्व का 02 दिनों का राजकीय अवकाश था। इस स्थिति में मात्र मुख्यालय से बाहर जाने की अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक था और उक्त तिथि को मुख्यालय से बाहर रहने के लिए उनके द्वारा वरीय परियोजना अभियंता से मौखिक रूप से स्वीकृति ली गयी थी, जिसकी साक्ष्यगत पुष्टि वरीय परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल, आरा के पत्रांक-651 दिनांक-16.11.2021 एवं पत्रांक-671 दिनांक-02.12.2021 में अंकित तथ्यों से होती है। श्री पासवान द्वारा यह भी उल्लेख किया गया है कि छठ पर्व के अवकाश में घर पर रहने के क्रम में उक्त थाना कांड में पुलिस द्वारा उन्हे गिरफ्तार कर दिनांक-11.11.2021 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, अन्यथा वे राजकीय अवकाश के अगले दिन दिनांक-12.11.2021 को कार्यालय में उपस्थित हो जाते।
6. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री पासवान को उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए संसूचित दण्ड के विरूद्ध समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री पासवान के द्वारा अवकाश में घर जाने हेतु कार्यालय छोड़ने से पूर्व अपने नियंत्री प्राधिकार से अनुमति ली गयी है तथा घर जाने के उपरांत उनके विरूद्ध दर्ज थाना कांड में उन्हें हिरासत में लिए जाने के कारण वे कार्यालय से अनुपस्थित रहे, जिसमें इनका कोई दोष नही है। अतएव श्री पासवान के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक-13.10.2023 को स्वीकृत करते हुए निम्नांकित निर्णय लिया जाता हैः- (i) श्री पासवान को विभागीय अधिसूचना सं0-5391 (एस) दिनांक-05.09.2023 द्वारा अधिरोपित शास्ति को निरस्त किया जाता है।
(ii) भविष्य में इनके विरूद्ध दर्ज बेगूसराय नगर थाना कांड सं0-608/2021 में माननीय सक्षम न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने की स्थिति मे बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-20(i) के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार राज्यपाल के आदेश से,
पूनम कुमारी, उप-सचिव।
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2 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-01 (पथ) आरोप-51/2021-3690(S)--श्री अभिषेक कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता (गुण नियंत्रण), पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन सम्प्रति कार्यपालक अभियंता नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटन को पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन के पदस्थापन काल में रोहतास जिलान्तर्गत सासाराम-निमियाडीह-तिलौथु सड़क के निर्माण कार्य में धांधली बरतने संबंधी श्री चुनमुन सिंह, ग्रा0पो0-हुरका, प्रखंड-तिलौथू, जिला-रोहतास के परिवाद के आलोक में उक्त पथ निर्माण कार्य की जाँच कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4, पथ निर्माण विभाग से करायी गयी। कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4 के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर निदेशक, प्रशिक्षण, परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-121 (अनु0) दिनांक-08.03.16 एवं पत्रांक-108 (अनु0) दिनांक-29.02.16 से प्राप्त प्रतिवेदन के विभागीय समीक्षा के क्रम में सड़क निर्माण कार्य में निम्नांकित त्रुटियाँ पायी गयी :-
(i) कि0मी0 Post का Dimension एवं कि0मी0 का No./Nomenclature निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। Cross drainage work के Return wing wall के Under side में मिट्टी का कार्य पूर्ण रूप से भरा एवं compacted किया हुआ नहीं पाया गया।6 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 (ii) पथ के 3रे कि0मी0 में कराये गये BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की मात्रा 2.65 प्रतिशत पाया गया, जो प्रावधान (3.30 प्रतिशत) एवं निर्धारित टॉलरेन्स लिमिट 2.94 प्रतिशत से भी कम है।
(iii) पथ के 11वें कि0मी0 में कराये गये BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की मात्रा 2.81 प्रतिशत पाया गया, जो प्रावधान (3.3 प्रतिशत) एवं निर्धारित टॉलरेन्स लिमिट 2.94 प्रतिशत से भी कम है।
2. उक्त पायी गयी त्रुटियों के संबंध में विभागीय पत्रांक-8544 (एस) अनु0 दिनांक-19.10.16 एवं स्मार पत्रांक-9957 (एस) दिनांक-09.12.16 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्रांक-शून्य दिनांक-10.01.17 द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
3. प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय तकनीकी समिति की दिनांक-15.05.18 को आहूत बैठक में विश्लेषण किया गया एवं विश्लेषणोपरांत/आरेाप संख्या-(i) के संबंध में उड़नदस्ता द्वारा कोई स्पष्ट/ठोस प्रतिवेदन समर्पित नहीं किये जाने की स्थिति में कोई मंतव्य गठित नहीं किया गया, जबकि आरेाप संख्या-(ii) एवं (iii) के संबंध में श्री कुमार के समर्पित स्पष्टीकरण के तहत मुख्य रूप से निम्न तर्कों को प्रस्तुत किया गया :- "BM परत का निर्माण कार्य होते समय Hot mix Plant से Bituminuous mix गिरने के तुरंत बाद नमूना एकत्र कर पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन में कार्यरत गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल द्वारा Bitumen की जाँच की गयी थी, जो विशिष्टि के अनुरूप 3.32 प्रतिशत पायी गयी। कालान्तर में कार्य समाप्त होने के 15 माह बाद उड़नदस्ता प्रमंडल द्वारा BM के परत को काट कर जाँच TTRI, पटना में कराया गया जो विश्वसनीय, भरोसेमंद एवं प्रामाणिक नहीं हैं"। 4. उक्त संबंध में विभागीय तकनीकी समिति का विश्लेषणात्मक मंतव्य निम्नवत है :- "उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में पथ के 03रे कि0मी0 एवं 11वें कि0मी0 में BM कार्य में प्रयुक्त Bitumen की मात्रा क्रमशः 2.65 प्रतिशत एवं 2.81 प्रतिशत पाया गया, जबकि प्रावधान 3.3 प्रतिशत एवं विभाग द्वारा निर्धारित Tolerance limit 2.94 प्रतिशत है। अंकनीय है की आरोपी श्री कुमार के द्वारा जिन परिस्थितिजन्य कारकों का संदर्भ दिया जा रहा है उन सारे व्यवहारिक मापदंडों का समावेश करते हुए उत्पन्न होने वाली भौतिक परिस्थितियों को दृष्टिपथ में रखते हुए हीं विभाग द्वारा मदवार Tolerance limit का निर्धारण किया गया है, परंतु प्रासंगिक मामले में उक्त Tolerance limit से भी कम Bitumen की मात्रा पायी गयी है, जिसके संबंध में कोई ठोस एवं अकाट्य कारण प्रस्तुत नहीं किये गये हैं जिसके फलस्वरूप श्री कुमार के समर्पित स्पष्टीकरण को स्वीकार किये जाने का कोई युक्ति संगत अवसर प्रतीत नहीं होता है।
5. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में विभागीय तकनीकी समिति के सुविचारित मंतव्य की सम्यक् विभागीय समीक्षा के उपरांत श्री कुमार के स्पष्टीकरण उत्तर को अस्वीकृत करते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-9506 (एस) दिनांक 13.12.2018 के द्वारा उनके विरूद्ध निम्नलिखित दंड संसूचित किया गया :- (i) दो वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 6. उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री कुमार ने पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 28.01.2019 समर्पित किया जिसमें मुख्य रूप से आलोच्य BM कार्य सम्पन्न होने के लगभग 08 माह पश्चात पथ में Pots नहीं पाये जाने, नमूना संग्रह किये जाने के क्रम में पथ परत SDBC एवं BM का नमूना आपस में मिल जाने की संभावना होने, पथ के कि॰मी॰ 11 से लिये गये SDBC के अलकतरा की जाँच में 5% औसत प्रावधान से काफी अधिक मात्रा 6.53% पाये जाने, TRI के द्वारा अलकतरा की गुणवत्ता जाँच प्रतिवेदन में Remarks के तहत "Due to high % of bitumen further investigation is recommended." -की अनुशंसा का संदर्भ दिये जाने, संबंधित संवेदक के विरूद्ध प्रारंभ में अधिरोपित दण्डादेश को विभागीय आदेश सं॰-3085, दिनांक 16.04.2019 के द्वारा निरस्त कर दिये जाने आदि का उल्लेख करते हुए इनके विरूद्ध निर्गत दण्डादेश को निरस्त कर आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।
7. श्री कुमार के आवेदन पर विभागीय तकनीकी समिति के अनुशंसा के अनुरूप आलोच्य पथ की पुर्नजाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-03 के द्वारा करवायी गयी, जिसका जाँच प्रतिवेदन निदेशक, प्रशिक्षण परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-682 अनु॰, दिनांक 04.10.2021 के द्वारा प्राप्त हुआ। उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-03 के जाँच प्रतिवेदन में अंकित किया गया कि वर्त्तमान में नये एकरारनामा के तहत पुराने पथ परत के Bituminous Layer को Scarify कर पथ के दोनों तरफ GSB एवं WMM से कार्य किया जा रहा है। अतः पथ का पुनः जाँच किया जाना संभव नहीं है। विभागीय तकनीकी समिति के द्वारा भी उपर्युक्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री कुमार के पुनर्विचार अभ्यावेदन पर दिनांक 03.10.2023 को आहुत बैठक में एतद् संबंधी मंतव्य उपलब्ध कराये जाने के क्रम में अंकित किया गया कि आलोच्य पथ का पुर्नजाँच नहीं होने के कारण समिति के समक्ष कोइ्र नया तथ्य नहीं प्रस्तुत हुआ है, अतः समिति अपने पूर्व के मंतव्य दिनांक 15.05.2018 में की गयी अनुशंसा पर कायम है।7 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 8. विभागीय तकनीकी समिति की उक्त मंतव्य की सम्यक विभागीय समीक्षा के उपरांत श्री अभिषेक कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता (गुण नियंत्रण) पथ प्रमंडल, डिहरी-ऑन-सोन सम्प्रति कार्यपालक अभियंता नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना के पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 28.01.2019 को अस्वीकृत किया जाता है।
बिहार राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप सचिव (निगरानी)।
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2 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-01 (पथ) आरोप-51/2021-3682(S)--श्री वृन्दावन राय, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन सम्प्रति सम्प्रति सेवानिवृत (दिनांक-30.06.2021) के उक्त पदस्थापन काल में रोहतास जिलान्तर्गत सासाराम-निमियाडीह-तिलौथु सड़क के निर्माण कार्य में धांधली बरतने संबंधी श्री चुनमुन सिंह, ग्रा0पो0-हुरका, प्रखंड-तिलौथू, जिला-रोहतास के परिवाद के आलोक में उक्त पथ निर्माण कार्य की जाँच कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4, पथ निर्माण विभाग से करायी गयी। कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4 के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर निदेशक, प्रशिक्षण, परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-121 (अनु0) दिनांक-08.03.16 एवं पत्रांक-108 (अनु0) दिनांक-29.02.16 से प्राप्त प्रतिवेदन के विभागीय समीक्षा के क्रम में सड़क निर्माण कार्य में निम्नांकित त्रुटियाँ पायी गयी :- (i) कि0मी0 Post का Dimension एवं कि0मी0 का No./Nomenclature निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। Cross drainage work के Return wing wall के Under side में मिट्टी का कार्य पूर्ण रूप से भरा एवं compacted किया हुआ नहीं पाया गया। (ii) पथ के 3रे कि0मी0 में कराये गये BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की मात्रा 2.65 प्रतिशत पाया गया, जो प्रावधान (3.30 प्रतिशत) एवं निर्धारित टॉलरेन्स लिमिट 2.94 प्रतिशत से भी कम है। (iii) पथ के 11वें कि0मी0 में कराये गये BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की मात्रा 2.81 प्रतिशत पाया गया, जो प्रावधान (3.3 प्रतिशत) एवं निर्धारित टॉलरेन्स लिमिट 2.94 प्रतिशत से भी कम है। 2. उक्त पायी गयी त्रुटियों के संबंध में विभागीय पत्रांक-8547 (एस) अनु0 दिनांक-19.10.16 एवं स्मार पत्रांक-9960 (एस) दिनांक-09.12.16 द्वारा श्री राय से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री राय के पत्रांक-शून्य दिनांक-10.01.17 द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। 3. प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय तकनीकी समिति की दिनांक-15.05.18 को आहूत बैठक में विश्लेषण किया गया एवं विश्लेषणोपरांत/आरेाप संख्या-(i) के संबंध में उड़नदस्ता द्वारा कोई स्पष्ट/ठोस प्रतिवेदन समर्पित नहीं किये जाने की स्थिति में कोई मंतव्य गठित नहीं किया गया, जबकि आरेाप संख्या-(ii) एवं (iii) के संबंध में श्री राय के समर्पित स्पष्टीकरण के तहत मुख्य रूप से निम्न तर्कों को प्रस्तुत किया गया :- "BM परत का निर्माण कार्य होते समय Hot mix Plant से Bituminuous mix गिरने के तुरंत बाद नमूना एकत्र कर पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन में कार्यरत गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल द्वारा Bitumen की जाँच की गयी थी, जो विशिष्टि के अनुरूप 3.32 प्रतिशत पायी गयी। कालान्तर में कार्य समाप्त होने के 15 माह बाद उड़नदस्ता प्रमंडल द्वारा BM के परत को काट कर जाँच TTRI, पटना में कराया गया जो विश्वसनीय, भरोसेमंद एवं प्रामाणिक नहीं हैं"। 4. उक्त संबंध में विभागीय तकनीकी समिति का विश्लेषणात्मक मंतव्य निम्नवत है :- "उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में पथ के 03रे कि0मी0 एवं 11वें कि0मी0 में BM कार्य में प्रयुक्त Bitumen की मात्रा क्रमशः 2.65 प्रतिशत एवं 2.81 प्रतिशत पाया गया, जबकि प्रावधान 3.3 प्रतिशत एवं विभाग द्वारा निर्धारितTolerance limit 2.94 प्रतिशत है। अंकनीय है की आरोपी श्री राय के द्वारा जिन परिस्थितिजन्य कारकों का संदर्भ दिया जा रहा है उन सारे व्यवहारिक मापदंडों का समावेश करते हुए उत्पन्न होने वाली भौतिक परिस्थितियों को दृष्टिपथ में रखते हुए हीं विभाग द्वारा मदवार Tolerance limit का निर्धारण किया गया है, परंतु प्रासंगिक मामले में उक्त Tolerance limit से भी कम Bitumen की मात्रा पायी गयी है, जिसके संबंध में कोई ठोस एवं अकाट्य कारण प्रस्तुत नहीं किये गये हैं जिसके फलस्वरूप श्री राय के समर्पित स्पष्टीकरण को स्वीकार किये जाने का कोई युक्ति संगत अवसर प्रतीत नहीं होता है। 5. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में विभागीय तकनीकी समिति के सुविचारित मंतव्य की सम्यक् विभागीय समीक्षा के उपरांत श्री राय के स्पष्टीकरण पत्रांक-शून्य, दिनांक-10.01.17 को विभागीय अधिसूचना संख्या-9508 (एस), दिनांक 13.12.2018 द्वारा अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध निम्न दंड संसूचित किया गया :- (i) दो वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 6. उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री राय ने पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 15.01.2019 समर्पित किया जिसमें मुख्य रूप से आलोच्य BM कार्य सम्पन्न होने के लगभग 08 माह पश्चात पथ में Pots नहीं पाये जाने, नमूना संग्रह किये जाने के क्रम में पथ परत SDBC एवं BM का नमूना आपस में मिल जाने की संभावना होने, पथ के कि॰मी॰ 11 से लिये गये SDBC8 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 के अलकतरा की जाँच में 5% औसत प्रावधान से काफी अधिक मात्रा 6.53% पाये जाने, TRI के द्वारा अलकतरा की गुणवत्ता जाँच प्रतिवेदन में Remarks के तहत "Due to high % of bitumen further investigation is recommended." -की अनुशंसा का संदर्भ दिये जाने, संबंधित संवेदक के विरूद्ध प्रारंभ में अधिरोपित दण्डादेश को विभागीय आदेश सं॰-3085, दिनांक 16.04.2019 के द्वारा निरस्त कर दिये जाने आदि का उल्लेख करते हुए इनके विरूद्ध निर्गत दण्डादेश को निरस्त कर आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।
7. श्री राय के आवेदन पर विभागीय तकनीकी समिति के अनुशंसा के अनुरूप आलोच्य पथ की पुर्नजाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-03 के द्वारा करवायी गयी, जिसका जाँच प्रतिवेदन निदेशक, प्रशिक्षण परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-682 अनु॰, दिनांक 04.10.2021 के द्वारा प्राप्त हुआ। उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-03 के जाँच प्रतिवेदन में अंकित किया गया कि वर्त्तमान में नये एकरारनामा के तहत पुराने पथ परत के Bituminous Layer को Scarify कर पथ के दोनों तरफ GSB एवं WMM से कार्य किया जा रहा है। अतः पथ का पुनः जाँच किया जाना संभव नहीं है। विभागीय तकनीकी समिति के द्वारा भी उपर्युक्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री राय के पुनर्विचार अभ्यावेदन पर दिनांक 03.10.2023 को आहुत बैठक में एतद् संबंधी मंतव्य उपलब्ध कराये जाने के क्रम में अंकित किया गया कि आलोच्य पथ का पुर्नजाँच नहीं होने के कारण समिति के समक्ष कोइ्र नया तथ्य नहीं प्रस्तुत हुआ है, अतः समिति अपने पूर्व के मंतव्य दिनांक 15.05.2018 में की गयी अनुशंसा पर कायम है।
8. विभागीय तकनीकी समिति की उक्त मंतव्य की सम्यक विभागीय समीक्षा के उपरांत श्री वृन्दावन राय, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन सम्प्रति सम्प्रति सेवानिवृत (दिनांक-30.06.2021) के पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 15.01.2019 को अस्वीकृत किया जाता है।
बिहार राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप सचिव (निगरानी)।
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2 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-01 (पथ) आरोप-51/2021-3684(S)--श्री दिलीप प्रसाद सिंह, तत्कालीन कनीय अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन सम्प्रति सेवानिवृत सहायक अभियंता (दिनांक-31.01.2023) के उक्त पदस्थापन काल में रोहतास जिलान्तर्गत सासाराम-निमियाडीह-तिलौथू सड़क के निर्माण कार्य में धांधली बरतने संबंधी श्री चुनमुन सिंह, ग्रा0पो0-हुरका, प्रखंड-तिलौथू, जिला-रोहतास के परिवाद पत्र के आलोक में उक्त पथ निर्माण कार्य की जाँच कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4, पथ निर्माण विभाग से करायी गयी। कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4 के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर निदेशक, प्रशिक्षण, परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-121 (अनु0) दिनांक-08.03.16 एवं पत्रांक-108 (अनु0) दिनांक-29.02.16 से प्राप्त प्रतिवेदन के विभागीय समीक्षा के क्रम में सड़क निर्माण कार्य में निम्नांकित त्रुटियाँ पायी गयी :-
(i) कि0मी0 Post का Dimension एवं कि0मी0 का No./Nomenclature निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। Cross drainage work के Return wing wall के Under side में मिट्टी का कार्य पूर्ण रूप से भरा एवं compacted किया हुआ नहीं पाया गया।
(ii) पथ के 3रे कि0मी0 में कराये गये BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की मात्रा 2.65 प्रतिशत पाया गया, जो प्रावधान (3.30 प्रतिशत) एवं निर्धारित टॉलरेन्स लिमिट 2.94 प्रतिशत से भी कम है।
(iii) पथ के 11वें कि0मी0 में कराये गये BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की मात्रा 2.81 प्रतिशत पाया गया, जो प्रावधान (3.3 प्रतिशत) एवं निर्धारित टॉलरेन्स लिमिट 2.94 प्रतिशत से भी कम है। 2. उक्त पायी गयी त्रुटियों के संबंध में विभागीय पत्रांक-7614 (ई) अनु0 दिनांक-23.11.16, स्मार पत्रांक-3155 (एस) दिनांक-31.03.17 एवं स्मार पत्रांक-4704 (एस) दिनांक-01.06.17 द्वारा श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सिंह के पत्रांक-शून्य दिनांक-26.06.17 द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। 3. प्राप्त स्पष्टीकरण की विभागीय तकनीकी समिति की दिनांक-15.05.18 को आहूत बैठक में विश्लेषण किया गया एवं विश्लेषणोपरांत/आरेाप संख्या-(i) के संबंध में उड़नदस्ता द्वारा कोई स्पष्ट/ठोस प्रतिवेदन समर्पित नहीं किये जाने की स्थिति में कोई मंतव्य गठित नहीं किया गया, जबकि आरेाप संख्या-(ii) एवं (iii) के संबंध में श्री सिंह के समर्पित स्पष्टीकरण के तहत मुख्य रूप से निम्न तर्कों को प्रस्तुत किया गया :- "BM परत का निर्माण कार्य होते समय Hot mix Plant से Bituminuous mix गिरने के तुरंत बाद नमूना एकत्र कर पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन में कार्यरत गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल द्वारा Bitumen की जाँच की गयी थी, जो विशिष्टि के अनुरूप 3.32 प्रतिशत पायी गयी। कालान्तर में कार्य समाप्त होने के 15 माह बाद उड़नदस्ता प्रमंडल द्वारा BM के परत को काट कर जाँच TTRI, पटना में कराया गया जो विश्वसनीय, भरोसेमंद एवं प्रामाणिक नहीं हैं"। 4. उक्त संबंध में विभागीय तकनीकी समिति का विश्लेषणात्मक मंतव्य निम्नवत है :-
9 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024"उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-4 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में पथ के 03रे कि0मी0 एवं 11वें कि0मी0 में BM कार्य में प्रयुक्त Bitumen की मात्रा क्रमशः 2.65 प्रतिशत एवं 2.81 प्रतिशत पाया गया, जबकि प्रावधान 3.3 प्रतिशत एवं विभाग द्वारा निर्धारितTolerance limit 2.94 प्रतिशत है। अंकनीय है की आरोपी श्री सिंह के द्वारा जिन परिस्थितिजन्य कारकों का संदर्भ दिया जा रहा है उन सारे व्यवहारिक मापदंडों का समावेश करते हुए उत्पन्न होने वाली भौतिक परिस्थितियों को दृष्टिपथ में रखते हुए हीं विभाग द्वारा मदवार Tolerance limit का निर्धारण किया गया है, परंतु प्रासंगिक मामले में उक्त Tolerance limit से भी कम Bitumen की मात्रा पायी गयी है, जिसके संबंध में कोई ठोस एवं अकाट्य कारण प्रस्तुत नहीं किये गये हैं जिसके फलस्वरूप श्री सिंह के समर्पित स्पष्टीकरण को स्वीकार किये जाने का कोई युक्ति संगत अवसर प्रतीत नहीं होता है। 5. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में विभागीय तकनीकी समिति के सुविचारित मंतव्य की सम्यक् विभागीय समीक्षा के उपरांत श्री सिंह के स्पष्टीकरण पत्रांक-शून्य, दिनांक-26.06.2017 को विभागीय अधिसूचना संख्या-9504 (एस), दिनांक 13.12.2018 द्वारा अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध निम्न दंड संसूचित किया गया :- (i) तीन वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
6. उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री सिंह ने पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 29.04.2019 समर्पित किया जिसमें मुख्य रूप से आलोच्य BM कार्य सम्पन्न होने के लगभग 08 माह पश्चात पथ में Pots नहीं पाये जाने, नमूना संग्रह किये जाने के क्रम में पथ परत SDBC एवं BM का नमूना आपस में मिल जाने की संभावना होने, पथ के कि॰मी॰ 11 से लिये गये SDBC के अलकतरा की जाँच में 5% औसत प्रावधान से काफी अधिक मात्रा 6.53% पाये जाने, TRI के द्वारा अलकतरा की गुणवत्ता जाँच प्रतिवेदन में Remarks के तहत "Due to high % of bitumen further investigation is recommended." -की अनुशंसा का संदर्भ दिये जाने, संबंधित संवेदक के विरूद्ध प्रारंभ में अधिरोपित दण्डादेश को विभागीय आदेश सं॰-3085, दिनांक 16.04.2019 के द्वारा निरस्त कर दिये जाने आदि का उल्लेख करते हुए इनके विरूद्ध निर्गत दण्डादेश को निरस्त कर आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।
7. श्री सिंह के आवेदन पर विभागीय तकनीकी समिति के अनुशंसा के अनुरूप आलोच्य पथ की पुर्नजाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-03 के द्वारा करवायी गयी, जिसका जाँच प्रतिवेदन निदेशक, प्रशिक्षण परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-682 अनु॰, दिनांक 04.10.2021 के द्वारा प्राप्त हुआ। उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-03 के जाँच प्रतिवेदन में अंकित किया गया कि वर्त्तमान में नये एकरारनामा के तहत पुराने पथ परत के Bituminous Layer को Scarify कर पथ के दोनों तरफ GSB एवं WMM से कार्य किया जा रहा है। अतः पथ का पुनः जाँच किया जाना संभव नहीं है। विभागीय तकनीकी समिति के द्वारा भी उपर्युक्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री सिंह के पुनर्विचार अभ्यावेदन पर दिनांक 03.10.2023 को आहुत बैठक में एतद् संबंधी मंतव्य उपलब्ध कराये जाने के क्रम में अंकित किया गया कि आलोच्य पथ का पुर्नजाँच नहीं होने के कारण समिति के समक्ष कोइ्र नया तथ्य नहीं प्रस्तुत हुआ है, अतः समिति अपने पूर्व के मंतव्य दिनांक 15.05.2018 में की गयी अनुशंसा पर कायम है।
8. विभागीय तकनीकी समिति की उक्त मंतव्य की सम्यक विभागीय समीक्षा के उपरांत श्री दिलीप प्रसाद सिंह, तत्कालीन कनीय अभियंता, पथ प्रमंडल, डिहरी-ऑन-सोन सम्प्रति सेवानिवृत सहायक अभियंता (दिनांक-31.01.2023) के पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 29.04.2019 को अस्वीकृत किया जाता है।
बिहार राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप सचिव (निगरानी)।
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19 जुलाई 2024
सं0 1/BSRDC-21-01/2018-3371(S)--बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना के आर्टिकल ऑफ एशोसिएशन में निहित प्रावधान के अनुसार श्री सुनिल कुमार सिन्हा, अभियंता प्रमुख (कार्य प्रबंधन), पथ निर्माण विभाग, बिहार पटना को बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना के निदेशक मंडल में पदेन सदस्य के रूप में मनोनीत किया जाता है । 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है ।
आदेश से, कृष्णचन्द्र श्रीवास्तव, अवर सचिव (प्र0को0)।
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24 जुलाई 2024
सं0 ई01/मुक0-607/2000-3500(S)--बिहार राज्य एवं अन्य बनाम सीताराम छपड़िया एवं अन्य वाद में माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 06.12.2023 को पारित आदेश के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-186(4) सह-पठित ज्ञपांक-187(4) दिनांक 10.01.1997 द्वारा श्री सीताराम छपड़िया, सेवानिवृत मुख्य अभियंता को अभियंता प्रमुख के10 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 पद पर दी गई प्रोन्नति को रद्द करने संबंधी आदेश को निरस्त करते हुए श्री छपड़िया को अभियंता प्रमुख के पद पर प्रोन्नति देने संबंधी विभागीय अधिसूचना संख्या-6329(एस) दिनांक 27.08.1996 को पुनर्जिवित किया जाता है।
2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है ।
आदेश से, कृष्णचन्द्र श्रीवास्तव, अवर सचिव (प्र0को0)।
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8 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-9(आरोप)-114/2010-3816(S)--श्री उपेन्द्र कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, सिमडेगा (झारखंड), सम्प्रतिः सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, राजगीर, पथ प्रमंडल, हिलसा के ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, सिमडेगा के पदस्थापन काल में अलकतरा अधिप्राप्ति के मामले में आपराधिक षडयंत्र, जालसाजी करने इत्यादि आरोपों के लिए श्री सिंह के विरूद्ध दर्ज सी०बी०आई० कांड संख्या-RC-21(A)/2009 (R) दिनांक-22.10.2009 में माननीय विशेष न्यायाधीश, सी०बी०आई० राँची के द्वारा दिनांक-25.05.2019 एवं दिनांक-28.05.2019 को पारित आदेश में श्री सिंह को दोषी मानते हुए भा0द0वि0 की धारा-420, 468, 471 एवं 120बी के तहत 03 (तीन) वर्ष का सश्रम कारावास एवं रू0 25,000/- का अर्थदण्ड तथा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम-1988 की धारा-13(2) सहपठित 13(1)(D) के तह्त 02 (दो) वर्ष का सश्रम कारावास एवं रू0 20,000/- का अर्थदण्ड की सजा दी गई। 2. उक्त पारित आदेश के आलोक में विभागीय पत्रांक-4866 (एस) दिनांक-29.09.2021 द्वारा श्री उपेन्द्र कुमार सिंह से इस आशय का कारण-पृच्छा की गयी कि आपराधिक वाद में सक्षम न्यायालय द्वारा दंडित कर दिये जाने के फलस्वरूप क्यों नहीं उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाय। 3. श्री सिंह के पत्रांक-80 दिनांक-16.10.2021 के द्वारा पंचायत आम निर्वाचन-2021 के विभिन्न चरणों में उनकी प्रतिनियुक्ति हो जाने के कारण व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित करने हेतु एक माह का समय दिये जाने तथा मामले से संबंधित अप्रासंगिक अभिलेख उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। 4. श्री सिंह के अनुरोध पर विचार करते हुए पुनः विभागीय पत्रांक-2660 (एस) दिनांक-15.06.2022 के द्वारा श्री सिंह को कारण-पृच्छा उत्तर समर्पित किये जाने हेतु अंतिम अवसर के रूप में 07 (सात) दिनों का समय दिया गया। 5.श्री सिंह के द्वारा अपना कारण-पृच्छा उत्तर समर्पित नहीं करते हुए अपने आवेदन पत्रांक-60 दिनांक-30.06.2022 द्वारा मामले को विषयांतरित करते हुए विभागीय संचिका की अभिप्रमाणित छायाप्रति की मांग की गयी। 6. श्री सिंह से स्पष्टीकरण पूछे जाने के 09 (नौ) माह से अधिक अवधि व्यतीत हो जाने के बाद भी उत्तर समर्पित नहीं करने के फलस्वरूप प्रश्नगत मामले की विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री सिंह के द्वारा मांगा गया अभिलेख का उनसे पूछे गये कारण-पृच्छा से कोई संबंध नहीं रखता है। इनके द्वारा जानबूझकर मामले को विलंबित किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। अतएव श्री सिंह का अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं पाया गया । 7. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में प्रश्नगत मामले में सम्यक विचारोपरांत श्री सिंह के अनुरोध को अस्वीकृत करते हुए उक्त CBI कांड में पारित आदेश, जिसमें उन्हें भा॰द॰वि॰ एवं भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार करते हुए दंडित किया गया है, के परिप्रेक्ष्य में सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त परार्मश, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-20(i) में निहित प्रावधान तथा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना के संकल्प पत्रांक-7820 दिनांक-28.10.2003 में निहित प्रावधान के आलोक में श्री सिंह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 यथा संशोधित 2007 के नियम-14 (xi) के तह्त सेवा से बर्खास्तगी के दण्ड प्रस्ताव पर सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार के रूप में माननीय मंत्री, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त किया गया। 8. सरकार का उक्त निर्णय पर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति एवं मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति प्राप्त करते हुए श्री उपेन्द्र कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, सिमडेगा (झारखंड), सम्प्रतिः सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, राजगीर, पथ प्रमंडल, हिलसा के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना संख्या-1374 (एस) सहपठित ज्ञापांक-1375 (एस), दिनांक-10.03.2023 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :- (i) ''तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त''।
9. उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्ध श्री सिंह के पत्रांक-शून्य दिनांक-24.04.2023 के द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन सर्मर्पित किया गया, जिसमें मुख्य रूप से इनके द्वारा निम्न तथ्य/तर्क रखा गया :-
(i) आलोच्य मामला पथ निर्माण हेतु बिटुमिन की आपूर्ति से संबंधित था। सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हुआ था और बिटुमिन की आपूर्ति भी हुई थी, लेकिन संवेदक द्वारा फर्जी भाउचर समर्पित किया गया था एवं सहायक अभियंता के रूप में बिटुमिन आपूर्ति का Physical Verification किया गया था। (ii) संवेदक द्वारा लाये गये बिटुमिन आपूर्ति से संबंधित विभागीय आदेश/परिपत्र के अनुसार बिटुमिन भाउचर की सत्यता की जाँच कार्यपालक अभियंता द्वारा करने का प्रावधान है।11 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 (iii) अभियोजन पक्ष (CBI) द्वारा PWD एवं सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए सहायक अभियंता द्वारा बिटुमिन आपूर्ति के Physical Verification को ही Genuineness जाँच मानते हुए सहायक अभियंता को दोषी करार देने हेतु विशेष न्यायालय में दलील दी एवं कार्यपालक अभियंता से कारण पृच्छा तक नहीं की गयी।
(iv) जिस कार्य का भुगतान हुआ, उसकी मापी एवं गुणवत्ता दोनों सही थी अर्थात सरकारी राजस्व की कोई हानि नहीं हुई।
(v) निचली अदालत द्वारा दिये गये प्रतिकूल फैसले के खिलाफ उनका Appeal Petition माननीय उच्च न्यायालय, राँची (झारखंड) द्वारा स्वीकार कर लिया गया है एवं मामले की सुनवाई चल रही है। (vi) पथ निर्माण विभाग, झारखंड सरकार में उनके केस के सह-अभियुक्त सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता पर सरकार द्वारा मामले के उच्च न्यायालय में लंबित रहने के कारण कोई दण्डात्मक कार्रवाई नहीं की गयी है।
(vii) बिटुमिन के फर्जी भाउचर से संबंधित Similar मामले में CBI के विशेष न्यायालय, धनबाद द्वारा सिर्फ संवेदक को ही दोषी माना गया है तथा सहायक एवं कनीय अभियंता को बरी कर दिया गया है। 10. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री सिंह के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त पाया गया कि विषयांकत मामला मुख्य रूप से पथ निर्माण हेतु संवेदक द्वारा उपलब्ध कराये गये बिटुमिन आपूर्त्ति से संबंधित भाउचर के फर्जी पाये जाने से संबंधित है। इस मामले में श्री सिंह के विरूद्ध दर्ज सी॰बी॰आई॰ कांड संख्या-RC- 21(A)/2009 (R) में विशेष न्यायाधीश CBI, Ranchi के द्वारा पारित आदेश के तहत् श्री सिंह को पदीय दायित्व के प्रतिकूल कार्य करने एवं भ्रष्ट आचरण में संलिप्त होकर आपराधिक कृत्य करने के आरोप के लिए भा॰द॰वि॰ एवं भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत् श्री सिंह को दोषी पाया गया है। इसलिए श्री सिंह द्वारा आलोच्य कार्य के गुणवत्तापूर्ण होने के तर्क दिया जाना सही नहीं है।
11. विषयांकित केस के सह-अभियुक्त सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता के विरूद्ध झारखंड सरकार द्वारा कोई दण्डात्मक कार्रवाई नहीं किये जाने के संंबंध में श्री सिंह द्वारा दिया गया तर्क भी विचारणीय नहीं है, क्योंकि किसी भी सरकारी सेवक के विरूद्ध कार्रवाई किये जाने का निर्णय उसके अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया जाता है। इसमें अन्य प्राधिकार द्वारा लिया गया निर्णय प्रभावित एवं हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है।
12. इसी प्रकार, बिटुमिन के फर्जी भाउचर से संबंधित Similar मामले में CBI के विशेष न्यायालय, धनबाद द्वारा मात्र संवेदक को ही दोषी माने जाने तथा सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को बरी कर दिये जाने का दिया गया तर्क भी औचित्यपूर्ण नहीं है, क्योंकि किसी अन्य केस में किसी सक्षम न्यायालय द्वारा लिये गये निर्णय पर विभाग स्तर से टिप्पणी किया जाना विधिसम्मत नहीं है।
13. श्री सिंह के द्वारा विशेष न्यायाधीश, CBI, Ranchi के पारित न्यायादेश, जिसमें उन्हें दोषी सिद्ध किया गया है, के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, राँची में दायर किये गये Appeal Petition को स्वीकार करने का तर्क दिया गया है तो इस संबंध में स्पष्ट है कि दायर Appeal में विशेष न्यायाधीश, CBI, Ranchi के द्वारा पारित आदेश, जिसके द्वारा श्री सिंह को दोषी सिद्ध किया गया है, पर कोई रोक नहीं लगाया गया है। अतएव श्री सिंह का कथन मान्य नहीं है।
अतएव श्री उपेन्द्र कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता सम्प्रतिः सेवा से बर्खास्त के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन पत्रांक-शून्य दिनांक-24.04.2023 को विचारणीय नहीं पाते हुए अस्वीकृत किया जाता है।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पूनम कुमारी, उप-सचिव।
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8 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-4 (पथ) आरोप-34/2014-3811(S)--पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ अन्तर्गत पूर्णियाँ-कदवा-सोनैली- आजमनगर-आबादपुर पथ के कि0मी0 10 एवं 14 में कराये गये कार्य की जाँच कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-2 द्वारा दिनांक-01.05.2010 से 03.05.2010 तक स्थल जाँच कर अपने पत्रांक-143 अनु0 दिनांक-25.05.2010 द्वारा प्रारंभिक जाँच प्रतिवेदन एवं पत्रांक-251 दिनांक-03.09.2010 द्वारा समर्पित गुणवत्ता जाँच प्रतिवेदन में विभागीय समीक्षोपरांत पायी गयी निम्न त्रुटियों/अनियमितताओं यथा-(i) पथ के कि0मी0 10 में कराये गये SDBC एवं BM कार्य का औसत FDD क्रमशः 1.92gm/cc एवं 2.16gm/cc पाया गया है, जबकि प्रावधान क्रमशः 2.30gm/cc तथा 2.20gm/cc का है। (ii) पथ के कि0मी0 10 में कराये गये SDBC कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा 3.58 प्रतिशत पायी गयी है जबकि प्रावधान न्यूनतम 5 प्रतिशत का है। (iii) पथ के कि0मी0 10 में कराये गये BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा 2.71 प्रतिशत पायी गयी है, जबकि प्रावधान न्यूनतम 3.30 प्रतिशत का है। (iv) पथ के कि0मी0 14 में कराये गये SDBC एवं BM कार्य का FDD क्रमशः 1.89gm/cc पायी गयी है जबकि प्रावधान क्रमशः 2.30gm/cc तथा 2.20gm/cc का12 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 है। (v) पथ के कि0मी0 14 में कराये गये SDBC कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा 3.64 प्रतिशत पायी गयी है, जबकि प्रावधान न्यूनतम 5 प्रतिशत का है। (vi) पथ के कि0मी0 14 में कराये गये BM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा 2.69 प्रतिशत पायी गयी है, जबकि प्रावधान न्यूनतम 3.30 प्रतिशत का है, के लिए श्री नवल किशोर शरण, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ सम्प्रतिः अधीक्षण अभियंता के तकनीकी सलाहकार, पथ निर्माण विभाग, पूर्व बिहार अंचल, भागलपुर से विभागीय पत्रांक-16288 (एस) दिनांक-07.12.2010 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। 2. श्री शरण ने अपने स्पष्टीकरण पत्रांक-1419 दिनांक-23.10.2013 में मूल रूप में अंकित किया है कि जाँच दल द्वारा कार्य समाप्ति के लगभग 10 माह के बाद सैम्पुल एकत्र कर जाँच किया गया, साथ ही Hot mix plant से स्थल पर mix लाने पर दूरी के कारण एवं स्थल पर चपाई के बाद एक लंबे अरसे के बाद लिये गये सैम्पुल से Bitumen content का आकलन सही नहीं है एवं समयातंराल के कारण उपयोग किये गये बिटुमेन में अंतर आना स्वाभाविक है। पथ कार्य संवेदक द्वारा समाप्त करने के बाद त्रुटि दायित्व अवधि में पथ की स्थिति अच्छी रहने के कारण संवेदक को कोई कार्य नहीं करना पड़ा जबकि पथ में भारी वाहनों का आवागमन अत्यधिक है। उक्त के आलोक में अपने स्पष्टीकरण को स्वीकार करने का अनुरोध किया गया। 3. श्री शरण द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के विभागीय/तकनीकी समीक्षोपरांत संशोधित मान्यदंड के आधार पर यह पाया गया कि उक्त पथ के कि0मी0 10 एवं 14 में कराये गये SDBC कार्य के FDD में कमी पायी गयी साथ ही BM एवं SDBC कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा भी विभाग द्वारा निर्धारित टोलरेन्स से काफी कम पायी गयी। जिसके फलस्वरूप श्री शरण के स्पष्टीकरण को स्वीकार किये जाने योग्य नहीं मानते हुए लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-9590 (एस), सह-पठित ज्ञाप संख्या-9591 (एस), दिनांक-07.10.2014 द्वारा इन्हें निम्न दंड संसूचित किया गया :- (i) ''असंचायात्मक प्रभाव से एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक''। 4. दण्ड के प्रभाव के अवधि में ही श्री शरण के दिनांक-31.12.2015 को सेवानिवृत हो जाने के कारण उनके विरूद्ध संसूचित लघु दण्ड, वृहद दण्ड में परिणत होकर उनके सेवान्त लाभ पर कुप्रभाव डाल रहा है। उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में विभागीय स्तर पर की गई समीक्षा के क्रम में श्री नवल किशोर शरण के विरूद्ध ''असंचायात्मक प्रभाव से एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक'' का संसूचित लघु दंड को मूल दण्डादेश की तिथि से पुनरीक्षित करते हुए निम्न दण्ड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया जाता है :- (i) ''निन्दन (आरोप वर्ष 2008-2009)''
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पूनम कुमारी, उप-सचिव।
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30 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-6(था॰का॰)-104/2010-4234(S)--निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा पटना नगर निगम में व्याप्त अनियमितता की जाँच के क्रम में दर्ज किये गये निगरानी थाना काण्ड संख्या-54/10 में श्री शैलेश मिश्र, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रतिः सेवानिवृत को प्राथमिकी अभियुक्त बनाते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से प्राप्त निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक-3056 दिनांक-16.04.2013 द्वारा श्री मिश्र से कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री मिश्र के पत्रांक-01 दिनांक-29.04.2013 द्वारा उपलब्ध कराये गये कारण पृच्छा उत्तर पर विभागीय पत्रांक-3413 दिनांक-30.04.2013 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभग से मंतव्य की मांग की गयी। नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-1210 दिनांक-14.05.2013 द्वारा प्राप्त मंतव्य के आलोक में बरती गयी अनियमितता के लिए श्री शैलेश मिश्र, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रति सेवानिवृत को विभागीय अधिसूचना संख्या-4392(एस) दिनांक-04.06.2013 द्वारा निलंबित किया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4949(एस) दिनांक-20.06. 2013 के द्वारा श्री मिश्र के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी एवं विभागीय अधिसूचना संख्या-7863(एस) दिनांक-01.09.2017 द्वारा निलंबन से मुक्त किया गया। संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना संख्या-6129(एस) दिनांक-15.12.2022 के द्वारा श्री मिश्र के विरूद्ध निम्नलिखित दण्ड संसूचित किया गया :-
''पेंशन से 15 (पन्द्रह) प्रतिशत की कटौती 05 (पाँच) वर्षों तक।'' सक्षम प्राधिकार के द्वारा श्री मिश्र के निलंबन अवधि दिनांक-04.06.2013 से दिनांक-31.08.2017 में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होने एवं उक्त अवधि को अन्य प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य अवधि के रूप में परिगणित किये जाने के रूप में विनियमित करने का निर्णय लिया गया।
2. सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक-7876 दिनांक-20.05.2013 में अंतर्निहित प्रावधान के आलोक में सक्षम प्राधिकार द्वारा निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में लिए गए उक्त निर्णय के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-1310(एस) दिनांक-03.03.2023 द्वारा श्री मिश्र से लिखित अभिकथन की मांग की गयी, जिसके आलोक में श्री मिश्र द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-28.04.2023 के माध्यम से अपना लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया।13 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 3. श्री मिश्र द्वारा अपने उत्तर में मुख्य रूप से अंकित किया गया कि उनके द्वारा पूर्व में निलंबन से मुक्त किये जाने हेतु विभाग से अनुरोध किया गया था, फिर भी उन्हें चार वर्षों से अधिक समय तक निलंबित रखा गया, जबकि कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-9180 दिनांक-03.07.1986 द्वारा निलंबन से मुक्त करने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत है, जिसमें दो वर्षों के पश्चात् निश्चित रूप से निलंबन मुक्त करने का निर्देश है। निलंबन अवधि में जीवन-निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त वेतन वृद्धि एवं अन्य भत्ता नहीं दिये जाने पर उसका प्रभाव संसूचित वास्तविक दंड से कई गुणा अधिक हो जाता है, जो न्याय संगत नहीं है। विभागीय कार्यवाही लम्बी अवधि तक चलने के कारण वे लम्बे समय तक निलंबित रहे, जिसके लिए वे जिम्मेवार नहीं हैं। तदालोक में निलंबन की तिथि से 01 वर्ष के पश्चात् पूर्ण वेतन एवं भत्ता तथा वार्षिक वेतन वृद्धि अनुमान्य करने का अनुरोध किया गया।
4. श्री मिश्र द्वारा समर्पित अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री मिश्र के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में गठित आरोपों को प्रमाणित पाते हुए दण्ड अधिरोपित किया गया है। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11(3) के प्रावधान के अनुसार यदि अनुशासनिक प्राधिकार की राय हो कि निलंबन पूर्ण रूपेण अनुचित था, तो सरकारी सेवक को पूर्ण वेतन भत्ता का भुगतान किया जायेगा। चूँकि श्री मिश्र के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोप प्रमाणित पाते हुए दण्ड अधिरोपण की कार्रवाई की गयी है, ऐसी स्थिति में उनके निलंबन को पूर्ण रूप से अनुचित नहीं माना जा सकता है। श्री मिश्र के द्वारा 04 वर्षो तक निलंबित रखे जाने के तर्क दिये जाने का प्रश्न है तो इस संबंध में स्पष्ट करना है कि बिहार सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10(1)(i) के अन्तर्गत निहित प्रावधान के आलोक में श्री मिश्र के निलंबन की अवधि 12 माह से अधिक हो जाने के फलस्वरूप उन्हें देय जीवन- निर्वाह भत्ता में 50% की बढ़ोत्तरी करते हुए कुल 75% जीवन- निर्वाह भत्ता का भुगतान करने की स्वी—ति प्रदान की गयी है।
उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में निलंबन अवधि को कर्त्तव्य अवधि मानते हुए पूर्ण वेतन भत्ता अनुमान्य किये जाने का युक्ति संगत आधार परिलक्षित नहीं होने की स्थिति में श्री शैलेश मिश्र, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रति सेवानिवृत के समर्पित कारण पृच्छा उत्तर को अस्वी—त करते हुए इनके निलंबन अवधि (दिनांक-04.06.2013 से दिनांक-31. 08.2017 तक) में मात्र जीवन- निर्वाह भत्ता देय होने तथा उक्त अवधि को अन्य प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य अवधि के रूप में विनियमित किया जाता है।
5. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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30 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-6(था॰का॰)-104/2010-4236(S)--निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा पटना नगर निगम में व्याप्त अनियमितता की जाँच के क्रम में दर्ज किये गये निगरानी थाना काण्ड संख्या-54/10 में श्री अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रतिः सेवानिवृत को प्राथमिकी अभियुक्त बनाते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से प्राप्त निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक-3057 दिनांक-16.04.2013 द्वारा श्री सिन्हा से कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री सिन्हा के पत्रांक-शून्य दिनांक-30.04.2013 द्वारा उपलब्ध कराये गये कारण पृच्छा उत्तर पर विभागीय पत्रांक-3413 दिनांक-30.04.2013 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभग से मंतव्य की मांग की गयी। नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-1210 दिनांक-14.05.2013 द्वारा प्राप्त मंतव्य के आलोक में बरती गयी अनियमितता के लिए श्री अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रति सेवानिवृत को विभागीय अधिसूचना संख्या-4396(एस) दिनांक-04.06.2013 द्वारा निलंबित किया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4946(एस) दिनांक-20.06.2013 के द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावील, 2005 के तहत् विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी एवं विभागीय अधिसूचना संख्या-7865(एस) दिनांक-01.09. 2017 द्वारा निलंबन से मुक्त किया गया। संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना संख्या-6127(एस) दिनांक-15.12.2022 के द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्ध निम्नलिखित दण्ड संसूचित किया गया :-
''पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत की कटौती 04 (चार) वर्षों तक।'' सक्षम प्राधिकार के द्वारा श्री सिन्हा के निलंबन अवधि दिनांक-04.06.2013 से दिनांक-31.08.2017 में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होने एवं उक्त अवधि को अन्य प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य अवधि के रूप में परिगणित किये जाने के रूप में विनियमित करने का निर्णय लिया गया।
2. सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक-7876 दिनांक-20.05.2013 में अंतर्निहित प्रावधान के आलोक में सक्षम प्राधिकार द्वारा निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में लिए गए उक्त निर्णय के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-1314(एस) दिनांक-03.03.2023 द्वारा श्री सिन्हा से लिखित अभिकथन की मांग की गयी, जिसके आलोक में श्री सिन्हा द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-10.04.2023 के माध्यम से अपना लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया।
3. श्री सिन्हा ने अपने लिखित अभ्यावेदन (उत्तर) में मुख्य रूप से अंकित किया गया कि उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को उनके सेवानिवृति की तिथि-31.12.2017 के बाद बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत्14 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 सम्परिवर्तित नहीं किया गया और न ही उनसे बिहार पेंशन नियमावली के तहत् स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री सिन्हा के द्वारा यह भी कहा गया कि संचालन पदाधिकारी द्वार उनके विरूद्ध आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया एवं इस मामले में सरकार को कोई वित्तीय क्षति नहीं है, फिर भी पेंशन कटौती से संबंधित दंड संसूचित किया गया, जो बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के विरूद्ध है।
4. श्री सिन्हा द्वारा समर्पित अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री सिन्हा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में गठित आरोपों को प्रमाणित पाते हुए दण्ड अधिरोपित किया गया है। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11(3) के प्रावधान के अनुसार यदि अनुशासनिक प्राधिकार की राय हो कि निलंबन पूर्ण रूपेण अनुचित था, तो सरकारी सेवक को पूर्ण वेतन भत्ता का भुगतान किया जायेगा। चूँकि श्री सिन्हा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोप प्रमाणित पाते हुए दण्ड अधिरोपण की कार्रवाई की गयी है, ऐसी स्थिति में उनके निलंबन को पूर्ण रूप से अनुचित नहीं माना जा सकता है। इसके अतिरिक्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10(1)(i) के अन्तर्गत निहित प्रावधान के आलोक में श्री सिन्हा के निलंबन की अवधि 12 माह से अधिक हो जाने के फलस्वरूप उन्हें देय जीवन- निर्वाह भत्ता में 50% की बढ़ोतरी करते हुए कुल 75% जीवन- निर्वाह भत्ता का भुगतान करने की स्वी—ति प्रदान की गयी है।
उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में निलंबन अवधि को कर्त्तव्य अवधि मानते हुए पूर्ण वेतन भत्ता अनुमान्य किये जाने का युक्ति संगत आधार परिलक्षित नहीं होने की स्थिति में श्री अनिल कुमार सिन्हा, सहायक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रति सेवानिवृत के समर्पित कारण पृच्छा उत्तर को अस्वी—त करते हुए इनके निलंबन अवधि (दिनांक-04.06.2013 से दिनांक-31. 08.2017 तक) में मात्र जीवन- निर्वाह भत्ता देय होने तथा उक्त अवधि को अन्य प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य अवधि के रूप में विनियमित किया जाता है।
5. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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30 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-6(था॰का॰)-104/2010-4232(S)--निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा पटना नगर निगम में व्याप्त अनियमितता की जाँच के क्रम में दर्ज किये गये निगरानी थाना काण्ड संख्या-54/10 में श्री अरविन्द प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रतिः तकनीकी सलाहकार, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, पथ निर्माण विभाग, पटना को प्राथमिकी अभियुक्त बनाते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से प्राप्त निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक-3327 दिनांक-26.04.2013 द्वारा श्री प्रसाद से कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री प्रसाद के पत्रांक-02 दिनांक-29.04.2013 द्वारा उपलब्ध कराये गये कारण पृच्छा उत्तर पर विभागीय पत्रांक-3413 दिनांक-30.04.2013 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-1210 दिनांक-14.05.2013 द्वारा प्राप्त मंतव्य के आलोक में बरती गयी अनियमितता के लिए श्री अरविन्द प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, पथ निर्माण विभाग, पटना को विभागीय अधिसूचना संख्या-4394(एस) दिनांक-04.06.2013 द्वारा निलंबित किया गया तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6064(एस) दिनांक-26.07.2013 के द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी एवं विभागीय अधिसूचना संख्या-7867(एस) दिनांक-01.09.2017 द्वारा निलंबन से मुक्त किया गया। संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना संख्या-6131(एस) दिनांक-15.12.2022 के द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध निम्नलिखित दण्ड संसूचित किया गया :-
''तीन वार्षिक वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से कटौती।'' 2. श्री प्रसाद के विरूद्ध संसूचित उक्त दंडादेश के आलोक मे महालेखाकार कार्यालय के पत्र द्वारा श्री प्रसाद की सेवानिवृति की तिथि- 31.01.2024 होने का संदर्भ देते हुए सूचित किया गया कि श्री प्रसाद के दिनांक-01.07.2023 का वेतन वृद्धि रोकने के पश्चात शेष 02 वेतन वृद्धि रोका जाना संभव नहीं हो पा रहा है, अतः इस बिन्दु पर विभागीय मंतवय से अवगत कराया जाय।
3. महालेखाकार कार्यालय से प्राप्त पत्र के आलोक में विभागीय समीक्षोपरान्त श्री प्रसाद के दिनांक-31.01.2024 को सेवानिवृत हो जाने की स्थिति में उनके विरूद्ध संसूचित दण्डादेश को पुनरीक्षित करने की आवश्यकता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-28 के तहत् विभागीय अधिसूचना संख्या-6131(एस)-सहपठित ज्ञापांक-6132(एस) दिनांक-15.12.2022 द्वारा श्री अरविन्द प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, पथ निर्माण विभाग, पटना के विरूद्ध संसूचित दण्ड को निर्गत करने की तिथि से पुनरीक्षित करते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-3771(एस) दिनांक-03.07.2023 द्वारा निम्नलिखित दण्ड संसूचित किया गया है :-
''एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से कटौती।''15 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 सक्षम प्राधिकार के द्वारा श्री प्रसाद के निलंबन अवधि दिनांक-04.06.2013 से दिनांक- 31.08.2017 में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होने एवं उक्त अवधि को अन्य प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य अवधि के रूप में परिगणित किये जाने के रूप में विनियमित करने का निर्णय लिया गया।
4. सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक-7876 दिनांक-20.05.2013 में अंतर्निहित प्रावधान के आलोक में सक्षम प्राधिकार द्वारा निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में लिए गए उक्त निर्णय के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-1311(एस) दिनांक-03.03.2023 द्वारा श्री प्रसाद से लिखित अभिकथन की मांग की गयी, जिसके आलोक में श्री प्रसाद द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-27.04.2023 के माध्यम से अपना लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया।
5. श्री प्रसाद ने अपने लिखित अभ्यावेदन में मुख्य रूप से उल्लेखित किया है कि बिना विस्तारीकरण के उन्हें 04 वर्ष से अधिक समय तक निलंबित रखना तथा विभागीय कार्यवाही को लगभग 10 वर्षों से अधिक अवधि तक लंबित रखना नियम विरूद्ध है। साथ ही श्री प्रसाद के द्वारा उनके विरूद्ध गठित अरोप पत्र सक्षम प्राधिकार से अनुमोदित नहीं होने का उल्लेख करते हुए उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को ही नियम विरूद्ध बताया गया है। साथ ही उनके विरूद्ध बिना किसी प्रमाण के आरोप को प्रमाणित/अंशतः प्रमाणित करने, दण्ड अधिरोपण के समय उनके पूर्व के कार्यों एवं चरित्रों को ध्यान में रखने, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 में निहित प्रावधान से हटकर दण्डित करने इत्यादि का उल्लेख किया है।
6. श्री प्रसाद द्वारा समर्पित अभ्यावेदन के समीक्षोरान्त पाया गया कि श्री प्रसाद के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में गठित आरोपों को प्रमाणित पाते हुए दण्ड अधिरोपित किया गया है। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-11(3) के प्रावधान के अनुसार यदि अनुशासनिक प्राधिकार की राय हो कि निलंबन पूर्ण रूपेण अनुचित था, तो सरकारी सेवक को पूर्ण वेतन भत्ता का भुगतान किया जायेगा। चूँकि श्री प्रसाद के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोप प्रमाणित पाते हुए दण्ड अधिरोपण की कार्रवाई की गयी है, ऐसी स्थिति में उनके निलंबन को पूर्ण रूप से अनुचित नहीं माना जा सकता है। इसके अतिरिक्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10(1)(i) के अन्तर्गत निहित प्रावधान के आलोक में श्री प्रसाद के निलंबन की अवधि 12 माह से अधिक हो जाने के फलस्वरूप उन्हें देय जीवन- निर्वाह भत्ता में 50% की बढ़ोतरी करते हुए कुल 75% जीवन-निर्वाह भत्ता का भुगतान करने की स्वी—ति प्रदान की गयी है।
उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में निलंबन अवधि को कर्त्तव्य मानते हुए पूर्ण वेतन भत्ता अनुमान्य किये जाने का युक्ति संगत आधार परिलक्षित नहीं होने की स्थिति में श्री अरविन्द प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना नगर निगम सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, पथ निर्माण विभाग, पटना के समर्पित कारण पृच्छा उत्तर को अस्वी—त करते हुए इनके निलंबन अवधि (दिनांक-04.06.2013 से दिनांक-31.08.2017 तक) में मात्र जीवन- निर्वाह भत्ता देय होने तथा उक्त अवधि को अन्य प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य अवधि के रूप में विनियमित किया जाता है।
7. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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7 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-(एन॰एच॰)-30/2022-3798(S)--श्री लोकेश नाथ मिश्र, प्रभारी कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, जयनगर सम्प्रति निलंबित अभियंता प्रमुख का कार्यालय के विरूद्ध उक्त पदस्थापन अन्तर्गत उमगाँव-बासोपट्टी-कलुआही पथ (एन॰एच॰-227 L) के कि॰मी॰ 0 से 20.50 के IRQP कार्य की स्वी—ति वर्ष 2020-21 में हो जाने तथा मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग के पत्रांक-2245 अनु॰ दिनांक-24.09.2020 द्वारा निविदा स्वी—ति से संबंधित पत्र के अनुसार कार्य को कार्यादेश निर्गत की तिथि से 10 माह के अन्दर पूर्ण करने तथा अगले 05 वर्षों के लिए इसके रख-रखाव का आदेश के बावजूद आज की तिथि में कार्य सिर्फ अधूरा ही नहीं बल्कि इस सड़क की स्थिति दयनीय पायी गयी। इस संबंध में तस्वीर राष्ट्रीय स्तर पर भी वायरल हुआ है। इस सड़क के संबंध में माननीय सदस्य बिहार विधान सभा श्री अरूण शंकर प्रसाद के द्वारा भी बिहार विधान सभा के सत्र में प्रश्न किया गया था। तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, श्री मिश्र द्वारा कार्य में घोर अकर्मण्यता एवं लापरवाही बरती गयी। इस —त्य से योजना के कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने तथा विभाग की छवि भी धूमिल होने के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-3195(एस) दिनांक-24.06.2022 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया।
2. श्री मिश्र के विरूद्ध उक्त आरोपों के लिए विभागी संकल्प ज्ञापांक-3601(एस) दिनांक- 11.07.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालित विभागीय कार्यवाही में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा की गयी, जिसमें प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की जा रही है। श्री मिश्र के निलंबन (दिनांक-24.06.2022) को एक वर्ष से अधिक होने व उनके विरूद्ध संचालन प्रतिफल प्राप्त हो जाने के आलोक में निम्न निर्णय लिया जता है :-
(i) श्री मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबन मुक्त किया जाता है। (ii) श्री मिश्र के निलंबन अवधि का विनियमन उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के निष्पादन के उपरान्त की जायेगी।16 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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16 अगस्त 2024
सं0 निग/सारा-1 (पथ) मुकदमा-31/2012-3976(S)--श्री परमानन्द सिंह, तत्कालीन तकनीकी सलाहकार, अधीक्षण अभियंता, भोजपुर पथ अंचल, आरा सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता केे उक्त पदस्थापन अवधि में पथ प्रमंडल, बक्सर अंतर्गत डुमरॉव-विक्रमगंज पथ के कि॰मी॰ 17, 18 एवं 20 में अवस्थित आर्च एवं आर॰सी॰सी॰ पुलिया की मरम्मति कार्य के लिए दिनांक-28.08.2009 को निविदा प्राप्त की गयी, जिसमें कुल 04 निविदाकारों द्वारा भाग लिया गया। दिनांक-30.09.2009 को किये गये तकनीकी बीड के मूल्यांकन में चारों निविदाकारों को तकनीकी बीड में सफल घोषित किया गया। उक्त चारो निविदाकारों में से M/S Ideal Infrastractures Construction Pvt. Ltd. द्वारा यंत्र-संयंत्र के स्वामित्व से संबंधित अथवा भाड़े पर उपलब्ध कराने हेतु कोई शपथ पत्र संलग्न नहीं किये जाने के बावजूद यंत्र-संयंत्र मद में 50/70 अंक देकर उसे तकनीकी बीड में सफल घोषित किया गया। Mandatory Requirements को fulfill नहीं करने के बावजूद M/S Ideal Infrastractures Construction Pvt. Ltd. को 50/70 अंक देना सर्वथा अनुचित था। इसके अतिरिक्त इनके द्वारा पार्टनरशीप डीड/वाणिज्य कर सफाया प्रमाण-पत्र संलग्न नहीं किया गया था तथा इनके द्वारा समर्पित कोई भी कागजात अभिप्रमाणित नहीं था। इस प्रकार M/S Ideal Infrastractures Construction Pvt. Ltd. को अनियमित ढ़ंग से बीड मूल्यांकन में सफल घोषित किया गया। उक्त बरती गयी अनियमितता के लिए उनसे विभागीय पत्रांक-1994(एस) दिनांक-04.02.2010 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी।
2. श्री सिंह ने पत्रांक-215 दिनांक-26.02.2010 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से उल्लेख किया कि M/S Ideal Infrastractures Construction Pvt. Ltd. को तकनीकी बीड मूल्यांकन में असफल घोषित किया जाना था परन्तु टंकण भूल के चलते उन्हें तकनीकी बीड मूल्यांकन में सफल घोषित कर दिया गया। श्री सिंह के स्पष्टीकरण उत्तर के विभागीय समीक्षोपरांत इसे स्वीकारयोग्य नहीं पाते हुए विभागीय अधिसूचना सं॰-10255 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-10256 (एस), दिनांक 12.09.2011 द्वारा उनके विरूद्ध निम्नलिखित दण्ड संसूचित किया गया :-
''बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 (iv) के तहत् इन्हें सेवानिवृति की तिथि तक के लिए असंचयात्मक प्रभाव से कार्यपालक अभियंता के वेतनमान में न्यूनतम प्रक्रम में अवनत किया जाता है।''
3. उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री सिंह ने पत्रांक-1043, दिनांक 17.10.2011 द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया, जिसके विभागीय समीक्षोपरांत तथ्यगत नहीं पाते हुए आदेश ज्ञापांक-5421 (एस) दिनांक 18.05.2012 द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया।
4. उपर्युक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री सिंह ने माननीय उच्च न्यायालय, पटना में CWJC No-11721/2012 दायर किया, जिसमें दिनांक 08.04.2024 को पारित न्यायादेश में उनके याचिका को Allow किया गया तथा दिनांक-12.09. 2011 को पारित दंडादेश एवं दिनांक-18.05.2012 को पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करने संबंधी आदेश को निरस्त करते हुए सभी संबंधित देय अनुवर्ती लाभ को एतद् संबंधी न्यायादेश की प्रति प्राप्ति की तिथि से 08 सप्ताह के अंदर दिये जाने का आदेश दिया गया है। न्यायादेश का कार्यशील अंश निम्नवत हैः-
"Having heard the learned counsel for the parties and having perused the materials available on record as well as the aforesaid judgments, the Court finds that the same does not find anywhere mentioned in the Bihar CCA Rules, 2005 and the punishment inflicted upon the petitioner in the garb of minor penalty in terms of provisions contained under Rule 14 (iv) of the Bihar CCA Rules, 2005 is not tenable in the eye of law.
In view of the aforesaid, the order dated 12.09.2011 (Annexure-3) and order dated 18.05.2012 (Annexure-7) are quashed. The petitioner is entitled of all the consequential benefits. The respondent authority is directed to pay the same within eight weeks from the date/production of the copy of the order.
Accordingly, the writ petition stands allowed." 5. उपर्युक्त न्यायादेश की प्रति संलग्न करते हुए श्री सिंह ने पत्र दिनांक 28.05.2024 समर्पित किया, जिसके विभागीय समीक्षोपरांत निम्नलिखित निर्णय लिया गया है :-
17 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024(i) दण्डादेश संबंधी विभागीय अधिसूचना सं॰-10255 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-10256 (एस), दिनांक 12.09.2011 एवं पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किये जाने संबंधी आदेश ज्ञापांक-5421 (एस), दिनांक-18.05.2012 को निरस्त किया जाता है।
(ii) श्री परमानन्द सिंह सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता को सभी अनुवर्ती लाभ देय होगा। 6. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शीर्षत कपिल अशोक, विशेष सचिव।
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15 मार्च 2024
सं0 प्र॰2/स्था॰-नियुक्ति-01-01/2024-1397(S)--बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-91 दिनांक 06.02.2024 के द्वारा विज्ञापन संख्या-03/2020 के अन्तर्गत प्राप्त अनुशंसा के आलोक मे ंअभिलेख/प्रमाण-पत्र के सत्यापन उपरांत सामान्य, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़े वर्ग की महिला कोटि मेें संलग्न सूची के अनुरूप कुल 27 (सत्ताईस) उम्मीदवारो ंको पथ निर्माण विभाग के अधीन बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 में रिक्त पद के विरूद्ध सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर वेतन मान 53,100-1,67,800/-(वेतन स्तर-9) में समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत जीवन यापन भत्ता एवं अन्य देय भत्तों के साथ कार्यभार/प्रभार ग्रहण करने की तिथि से औपबंधिक रूप से नियुक्त किया जाता है।
(i) नव नियुक्त सहायक अभियंता (असैनिक) को मासिक वेतनादि एवं अन्य वित्तीय लाभ वास्तविक कार्यभार/प्रभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा।
(ii) यह नियुक्ति बिना किसी पूर्व सूचना एवं कारण बताये समाप्त की जा सकती है, जिसके लिये उनका कोई दावा अनुमान्य नहीं होगा।
(iii) पूर्व वृत सत्यापन (पुलिस भेरिफिकेशन) प्रतिकूल पाये जाने पर अस्थायी नियुक्ति तुरन्त समाप्त कर दी जायेगी।
(iv) मूलप्रमाण-पत्र जाँच के क्रम में अवैध पाये जाने की स्थिति में नियुक्ति रद्द कर दी जायेगी।
(v) पथ निर्माण विभाग (मुख्यालय) कार्यालय या पदस्थापन से संबंधित कार्यालय में योगदान/पदग्रहण करने के लिए उन्हें यात्रा भत्ता देय नहीं होगा ।
(vi) नव नियुक्त सहायक अभियंताओं को अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 07 (सात) दिनों के अन्दर पथ निर्माण विभाग में योगदान देना अनिवार्य होगा । निर्धारित अवधि में योगदान नहीं करने पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
(vii) जिन सहायक अभियंताओं के द्वारा दहेज नहीं लेने-देने संबंधी प्रमाण पत्र या अन्य कोई प्रमाण-पत्र नहीं समर्पित किया गया है, उन्हें योगदान के समय वांछित प्रमाण-पत्र समर्पित करना होगा।
(viii) नव नियुक्त ऐसे सहायक अभियंता (असैनिक) जो वर्त्तमान में किसी राज्य सरकार/भारत सरकार/सरकारी उपक्रम में कार्यरत है, उन्हें योग दान पत्र के साथ संबंधित विभाग का विरमन आदेश/अनापत्ति प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा ।
(ix) आरक्षण अथवा अन्य किसी बिन्दु पर विसंगती पाये जाने की स्थिति में संबंधित उम्मीदवार की नियुक्ति रद्द कर दी जायेगी।18 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 (x) यह नियुक्ति पूर्णतः औपबंधिक है, तथा माननीय न्यायालय के समक्ष किसी भी विचाराधीन वाद में पारित आदेश के फलाफल से प्रभावित होगी ।
अनु॰-यथोक्त।
| बिहार लोक सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या-03/2020 के अन्तर्गत बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 में पथ निर्माण विभाग में सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर नियुक्त 27 सहायक अभियंता की सूची :- | ||||||||||||
| क्र॰ स॰ | मेघा क्रमांक | अनुक्रमांक | अभ्यर्थी का नाम | जन्म तिथि | पिता का नाम | पत्राचार का पता | स्थायी पता | अथ्यर्थी का मूल कोटि | आवंटित आरक्षण कोटि | फोटो | ||
| 1 | 2 | 3 | 8 | 9 | 10 | |||||||
| 1 | 1 | 305512 | सन्नी कुमार | 10-02-1993 | श्री शिवजी प साद ्र | ग्राम-तेपरी, पोस्ट-तेपरी, थाना-पियर, जिला-मुजफ्फरपुर, बिहार, पिनकोड-843115 | ग्राम-तेपरी, पोस्ट-तेपरी, थाना-पियर, जिला- मुजफ्रपुर, बिहार, पिनकोड- 843115 | पिछड़ा वर्ग | अनारक्षित | |||
| 2 | 2 | 304322 | अभिषेक आनन्द | 12-01-1991 | श्री व जेन्द्र ृ प साद ्र गुप्ता | फ्लैट नं॰-201/ए॰, साकेत बिहार अपार्टमेन्ट खाजपुरा, बेली रोड, पटना, बिहार, पिनकोड-800014 | फ्लैट नं॰-201/ ए॰, साकेत बिहार अपार्टमेन्ट खाजपुरा, ब ली रोड, े पटना, बिहार, पिनकोड- 800014 | पिछड़ा वर्ग | अनारक्षित | |||
| 3 | 4 | 301579 | मृत्युंजय कुमार | 05-01-1983 | श्री जगदीश शर्मा | ग्राम-चन्धरिया, पोस्ट-जयतीपुर, कुरवा, थाना-घोषी, प खंड, मोदनगंज, ्र जिला-जहानाबाद, पिनकोड-804432 | ग्राम- चन्धरिया, पोस्ट-जयती प र, कुरवा, ु थाना-घोषी, प खंड, ्र मोदनगंज, जिला- जहानाबाद, पिनकोड- 804432 | आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग | आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग | |||
| 4 | 5 | 300072 | अनुराग | 10-11-1991 | श्री आशुतोष कुमार वरनवाल | पिता-श्री आशुतोष वरनवाल (BPM) ग्रामपोस्ट-सुइया बाजार, जिला-बांका, बिहार, पिनकोड-813106 | पिता-श्री आशुतोष वरनवाल (BPM) ग्रामपोस्ट- सुइया बाजार, जिला-बांका, बिहार, पिनकोड- 813106 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | |||
| 5 | 6 | 304655 | मनोज कुमार | 12-12-1995 | श्री मुनारीक यादव | ग्राम-बतसपुर, पोस्ट-कुजापी, थाना-चन्दौती, जिला-गया, बिहार, पिनकोड-823002 | ग्राम- बतसपुर, पोस्ट- कुजापी, थाना- चन्दौती, जिला-गया, बिहार, पिनकोड- 823002 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग |
| 6 | 7 | 305781 | प रणा े ्र प्रिया | 05-02-1997 | श्री रामवृक्ष प साद ्र | पता-लक्ष्मी भवन, शिवपुरी मोहल्ला, रामचन्द्रपुर, बिहारशरीफ, नालन्दा, पिनकोड-803216 | पता-लक्ष्मी भवन, शिवपुरी मोहल्ला, रामचन्द्रपुर, बिहारशरीफ, नालन्दा, पिनकोड- 803216 | पिछड़ा वर्ग | अनारक्षित | ||||
| 7 | 8 | 303028 | चितरंजन कुमार गुप्ता | 31-07-1995 | श्री शंकर प साद ्र गुप्ता | पिता-श्री शंकर प साद गुप्ता, ्र ग्राम-चेनारी, भरन्दुआ, जिला-रोहतास, पिनकोड-821104 | पिता- श्री शंकर प साद गुप्ता, ्र ग्राम-चेनारी, भरन्दुआ, जिला- रोहतास, पिनकोड- 821104 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 8 | 9 | 307510 | रवि रौशन | 19-01-1993 | श्री सुभद्र नारायण मेहता | ग्रामपोस्टथाना- रूपौली अनुमंडल धमदाहा, जिला-पूर्णियाँ, बिहार, पिनकोड-854204 | ग्रामपोस्ट थाना-रूपौली अनुमंडल धमदाहा, जिला- प र्णियाँ, ू बिहार, पिनकोड- 854204 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 9 | 11 | 302094 | कृष्ण कुमार | 13-03-1996 | श्री बीरेन्द्र कुमार सिंह | ग्राम-मालपुर, पोस्टथाना- दलसिंह सराय, जिला-समस्तीपुर, बिहार, पिनकोड-848114 | ग्राम-मालपुर, पोस्टथाना- दलसिंह सराय, जिला- समस्तीपुर, बिहार, पिनकोड- 848114 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 10 | 12 | 303658 | मोहम्मद रौशन | 23-11-1992 | मोहम्मद सफीक | पता-मोहम्मद रौशन, C/o-मोहम्मद सफीक, रसुलपुर खुर्द आफटर अल्लपट्टी रेलवे गुमटी, छोटी मसजिद के नजदीक, अल्लपट्टी, दरभंगा, बिहार, पिनकोड-846003 | पता-मोहम्मद रौशन, पिता- मोहम्मद सफीक, ग्रामपोस्ट- परसाही- थाना- खुटौना, भाया-लौकहा, जिला- मधुबनी, बिहार पिनकोड- 847421 | अत्यन्त पिछड़ा वर्ग | अत्यन्त पिछड़ा वर्ग | ||||
| 11 | 13 | 305802 | पीयूष राज | 30-11-1994 | श्री नवल किशोर विद्यार्थी | द्वारा-पीयूष राज, टिंकु मेडिकल हॉल, बैंक रोड छटौनी, मोतिहारी, प र्वी चम्पारण, ू बिहार, पिनकोड-845401 | पिता-श्री नवल किशोर विद्यार्थी, ग्रामपोस्ट- बिशम्भरापुर, भाया- बकारपुर जगत, थाना- कल्याणपुर, प खंड-कल्या ्र णपुर, पूर्वी चम्पारण, पिनकोड- 845413 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 12 | 14 | 301808 | जगजीत कुमार | 13-01-1994 | श्री कृष्णा भगवान सिंह | पिता-कृष्णा भगवान सिंह, ग्राम-सहादत डिहरा, पोस्ट-दावथ, जिला-रोहतास, बिहार, पिनकोड-802226 | पिता-कृष्णा भगवान सिंह, ग्राम-सहादत डिहरा, पोस्ट-दावथ, जिला- रोहतास, बिहार, पिनकोड- 802226 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 13 | 15 | 301533 | विकाश कुमार | 15-02-1997 | श्री राजीव रंजन | ग्राम-औराही, पोस्ट-औराही एकपरहा, थाना-गम्हरिया, जिला-मधेपुरा, बिहार, पिनकोड-852108 | ग्राम-औराही, पोस्ट-औराही एकपरहा, थाना- गम्हरिया, जिला- मधेपुरा, बिहार, पिनकोड- 852108 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 14 | 17 | 300637 | मानसी | 01-01-1997 | श्री मनोज कुमार | मोहल्ला-डी॰ 74, लोहिया नगर पी॰सी॰ कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना, पिनकोड-800020 | मोहल्ला-डी॰ 74, लोहिया नगर पी॰सी॰ कॉलोनी, कंकड़बाग, पटना, पिनकोड- 800020 | अत्यन्त पिछड़ा वर्ग | अत्यन्त पिछड़ा वर्ग | ||||
| 15 | 18 | 305111 | रूपा कुमारी | 02-12-1994 | श्री अनिल कुमार | ग्राम-बलुआ, पोस्ट-लगमा, थाना-डुमरा, जिला-समस्तीपुर, बिहार, पिनकोड-843323 | रूपा कुमारी, पिता- श्री अनिल कुमार, ग्राम-बलुआ, पोस्ट-लगमा, थाना-डुमरा, जिला- समस्तीपुर, बिहार, पिनकोड- 843323 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 16 | 20 | 301335 | प शांत ्र कुमार | 03-01-1991 | श्री संजय कुमार पोद्दार | गॉव-तेघरा पुराणी बाजार भागीरथी रोड, पोस्टथाना- तेघड़ा, जिला-बेगूसराय, बिहार, पिनकोड-851133 | गॉव-तेघरा प राणी बाजार ु भागीरथी रोड, नियर हनुमान मंदिर, पोस्टथाना- तेघड़ा, जिला-बेगूसर ाय, बिहार, पिनकोड- 851133 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 17 | 21 | 302895 | अभिषेक कुमार | 24-09-1994 | श्री मुकेश चौधरी | ग्राम-कौड़िया, पोस्ट-रायपुर, थाना-नानपुर, जिला- समस्तीपुर, बिहार, पिनकोड- 843326 | ग्राम-कौड़िया, पोस्ट-रायपुर, थाना-नानपुर, अनुमंडल- प परी जिला- ु समस्तीपुर, बिहार, पिनकोड- 843326 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 18 | 24 | 306778 | इन्द्रजीत कुमार | 15-04-1991 | श्री शिवदत्त राय | ग्रामपोस्ट-बहपुरा , वार्ड नं॰-01, थाना-बिहटा, पटना, पिनकोड-801103 | ग्रामपोस्ट- बहपुरा, वार्ड नं॰-01, थाना-बिहटा, पटना, पिनकोड- 801103 | पिछड़ा वर्ग | पिछड़ा वर्ग | ||||
| 19 | 27 | 306491 | मिन्ता भूषण | 13-11-1996 | श्री इन्दु भूषण प साद ्र | गॉव-मोजफरा, पोस्ट-बरडीह, थाना-इस्लामपुर, जिला-नालन्दा, पिनकोड-801303 | गॉव- मोजफरा, पोस्ट-बरडीह, थाना- इस्लामपुर, जिला- नालन्दा, पिनकोड- 801303 | पिछड़ा वर्ग | पिछडे़ वर्ग की महिला | ||||
| 20 | 44 | 305497 | दीप शिखा | 06-11-1995 | श्री देव कुमार सिंह | पिता-श्री देव कुमार सिंह, मोहल्ला-चाँदपुरा ब ला, नियम पम्प े हाउस, पोस्ट-जी॰पी॰ओ॰, थाना-जक्कनपुर, बिहार, पिनकोड-800001 | पिता-श्री देव कुमार सिंह, मोहल्ला-चाँद प रा बेला, ु नियम पम्प हाउस, पोस्ट- जी॰पी॰ओ॰, थाना- जक्कनपुर, बिहार, पिनकोड- 800001 | पिछड़ा वर्ग | पिछडे़ वर्ग की महिला | ||||
| 21 | 73 | 303264 | अ जली ं | 26-02-1998 | श्री इन्द्रजीत सिंह | कृष्णा निवास, मनोहरपुर, कचौड़ा, पटना, बिहार, पिनकोड-800030 | रोड नं॰-10, संजय गाँधी नगर, हनुमान नगर, कंकड़बाग, पटना, बिहार, पिनकोड- 800026 | पिछड़ा वर्ग | पिछडे़ वर्ग की महिला | ||||
| 22 | 101 | 301785 | श्वेता रंजन | 09-02-1997 | श्री राम स्वरूप सिंह | ग्राम-दौलतपुर गंज, पोस्टथाना- ओबरा, जिला-औरंगाबाद, बिहार, पिनकोड-824124 | ग्राम- दौलतपुर गंज, पोस्टथाना- ओबरा, जिला- औरंगाबाद, बिहार, पिनकोड- 824124 | पिछड़ा वर्ग | पिछडे़ वर्ग की महिला | ||||
| 23 | 188 | 304831 | श्वेता कुमारी | 08-06-1997 | श्री छोटेलाल प साद ्र | शंकर कॉलोनी, रोड नं॰-03, आशियाना नगर, पोस्ट-आशियाना नगर, थाना-राजीव नगर, पटना, बिहार, पिनकोड-800025 | शंकर कॉलोनी, रोड नं॰-03, आशियाना नगर, पोस्ट- आशियाना नगर, थाना-राजीव नगर, पटना, बिहार, पिनकोड- 800025 | पिछड़ा वर्ग | पिछडे़ वर्ग की महिला |
| 24 | 192 | 306810 | मेघा रानी | 10-12-1996 | श्री रंजीत ि सह ं | गॉव-सुलतानपुर, पोस्ट-जगाई, थाना-औंगारी, जिला-नालन्दा, बिहार, पिनकोड-801301 | गॉव- सुलतानपुर, पोस्ट-जगाई, थाना- औंगारी, जिला- नालन्दा, बिहार, पिनकोड- 801301 | पिछड़ा वर्ग | पिछडे़ वर्ग की महिला | ||
| 25 | 384 | 301810 | राकेश कुमार | 24-02-1994 | श्री तुलसी प साद ्र साहू | C/o सुनील कुमार यादव, पिता-श्री तुलसी प साद साहू, ्र ग्राम-डी जमालपुर, अवंतिका रोड, नियर निदान एक्सरे, पोस्टथाना-जमा लपुर, जिला-मुगेंर, बिहार, पिनकोड-811214 | C/o राजु गोंड, पिता-श्री तुलसी प्रसाद साहू, गॉवपोस्ट- देवकुली, थाना- ब हमपुर, ्र जिला-बक्सर, बिहार, पिनकोड- 802112 | अनुसूचि त जनजाति | अनुसूचित जनजाति | ||
| 26 | 408 | 306205 | रूनी विशैण | 23-12-1990 | श्री रणविभोर सिंह | रूनी विशैण, C/o स्व॰ काली सिंह प र्वी लोहानीपुर ू रेलवे हण्डर रोड, कदमकुआँ, पटना, बिहार, पिनकोड-800003 | रूनी विशैण, प र्वी शिवाजी ू पथ, यारपुर राजपुताना, पोस्ट- जी॰पी॰ओ॰, थाना- गर्दनीबाग, पटना, बिहार, पिनकोड- 800001 | आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग | आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग | ||
| 27 | 484 | 307071 | प गती ्र सिंह | 23-09-1997 | श्री विनय शंकर सिंह | राजीव नगर रोड नं॰-23 डी॰, नियर प्रणामी भवन, पटना, बिहार, पिनकोड-800024 | राजीव नगर रोड नं॰- 23 डी॰, नगर प णामी भवन, ्र पटना, बिहार, पिनकोड- 800024 | आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग | आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपेश कुमार, उप-सचिव (प्र॰को॰)।
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(cid:274)ामीण (cid:466)वकास (cid:466)वभाग
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अधिसूचनाएं
6 सितम्बर 2024
सं0सं0-(cid:274)ा०(cid:466)व० 14(पटना) पटना-01/2017-3151596--(cid:302)ी पंकज कु मार िनगम, त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), धन(cid:510)आ (पटना) स(cid:224)(cid:292)ित- (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), फु लपरास (मधुबनी) के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) (cid:302)ीमती सोहना जेबी खातुन, (cid:292)खंड (cid:292)मख, धन(cid:510)आ (पटना) के प(cid:464)रवाद पर (cid:292)ा(cid:220)त जांच (cid:292)ितवेदन पर (cid:466)वभागीय (cid:163)ापांक-389972 (cid:465)दनांक- 24.09.2018 के (cid:430)ारा (cid:302)ी िनगम से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी ।
काया(cid:91)लय (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), दिनयांवा, पटना के प(cid:287)ांक-1031 (cid:465)दनांक-25.08.2021 के (cid:430)ारा (cid:302)ी िनगम का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:465)कया गया । (cid:302)ी िनगम से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण पर (cid:466)वभागीय प(cid:287)ांक-723850 (cid:465)दनांक- 27.01.2022 के (cid:430)ारा (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), पटना से मंत(cid:229)य क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी । (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), पटना के प(cid:287)ांक-256 (cid:465)दनांक-02.02.2024 के (cid:430)ारा (cid:292)ितवेदन (cid:292)ा(cid:220)त है ।23 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), पटना से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:292)ितवेदन म(cid:581) उ(cid:227)लेख (cid:465)कया गया है (cid:465)क ''लो(cid:465)हया (cid:232)व(cid:205)छ (cid:466)बहार अिभयान अंतग(cid:91)त लाभुक (cid:430)ारा िनिम(cid:91)त शौचालय का जांच कर ह(cid:547) (cid:292)ो(cid:215)साहन रािश का भुगतान क(cid:551) (cid:292)(cid:465)(cid:272)या अपनायी गयी है । (cid:465)कसी भी वाड(cid:91) को ओ०ड(cid:547)०एफ० घो(cid:466)षत (cid:465)कये जाने के पूव(cid:91) संबंिधत वाड(cid:91) सद(cid:232)य, मु(cid:468)खया (cid:430)ारा (cid:465)दये गये (cid:292)माण प(cid:287) (cid:292)खंड सम(cid:219)वयक, LSBA का भौितक स(cid:215)यापन (cid:292)ितवेदन (cid:292)ा(cid:220)त करने के प(cid:230)चात ह(cid:547) वाड(cid:91) को ओ०ड(cid:547)०एफ० घो(cid:466)षत (cid:465)कये जाने क(cid:551) (cid:292)(cid:465)(cid:272)या अपनायी गयी है । शौचालय िनमा(cid:91)ण के (cid:292)ो(cid:215)साहन रािश का भुगतान (cid:272)मश: (cid:272)मांक-01 एवं 03 के (cid:229)य(cid:466)(cid:416) का भुगतान उनके (cid:430)ारा नह(cid:547)ं (cid:465)कया गया है तथा (cid:272)मांक-02 के लाभुक (cid:302)ीमती रंजु देवी को शौचालय िनमा(cid:91)ण के बाद ह(cid:547) भुगतान (cid:465)कया गया है । (cid:292)मुख (cid:430)ारा (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना ((cid:274)ामीण) म(cid:581) आरोप के संबंध म(cid:581) (cid:232)प(cid:231)ट (cid:465)कया गया है (cid:465)क (cid:274)ामीण (cid:466)वकास (cid:466)वभाग (cid:430)ारा (cid:292)ा(cid:220)त (cid:465)दशा-िनद(cid:566)श के आधार पर ह(cid:547) संबंिधत पंचायत म(cid:581) मु(cid:468)खया क(cid:551) अ(cid:218)य(cid:162)ता म(cid:581) SECC-2011 क(cid:551) सूची को (cid:274)ाम पंचायत से अनुमोदन एवं स(cid:215)यापन के उपरांत सूची का िनधा(cid:91)रण (cid:465)कया गया है एवं वष(cid:91)वार ल(cid:234)य के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) को(cid:465)टवार (cid:272)म सं(cid:201)या के आधार पर यो(cid:202)य लाभुक को भुगतान (cid:465)कया गया है । अतएव स(cid:224)यक (cid:466)वचारोपरांत (cid:302)ी पंकज कु मार िनगम, त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), धन(cid:510)आ (पटना) स(cid:224)(cid:292)ित- (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), फु लपरास (मधुबनी) को भ(cid:466)व(cid:231)य म(cid:581) सचे(cid:231)ट रहकर काय(cid:91) करने का िनदेश देते हुये मामले को संिचका(cid:232)त (cid:465)कया जाता है ।
उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ािधकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।
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(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,
र(cid:466)व कु मार, उप-सिचव।
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10 सितम्बर 2024
सं0 (cid:274)ा0(cid:466)व0-R-503/5/2021-SECTION 14-RDD-RDD (COM-134265)-3160127--(cid:302)ी कृ (cid:231)ण मुरार(cid:547), त(cid:215)कालीन (cid:292)ख(cid:214)ड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), जगद(cid:547)शपुर (भोजपुर) स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), नोआंव (कै मूर) के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) 15व(cid:581) (cid:466)व(cid:215)त आयोग क(cid:551) रािश (cid:232)थानांतरण एवं (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना ((cid:274)ामीण) म(cid:581) बरती गयी अिनयिमतता के आलोक म(cid:581) (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), भोजपुर के प(cid:287)ांक-447 (cid:465)दनांक-10.09.2021 (cid:430)ारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ । (cid:468)जला पदािधकार(cid:547), भोजपुर (cid:430)ारा (cid:292)ितवे(cid:465)दत आरोप पर (cid:302)ी मुरार(cid:547) (cid:430)ारा (cid:465)दनांक-25.03.2022 को (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण सम(cid:466)प(cid:91)त (cid:465)कया गया ।
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संचालन पदािधकार(cid:547) के जांच (cid:292)ितवेदन एवं (cid:302)ी मुरार(cid:547) से (cid:292)ा(cid:220)त िल(cid:468)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:466)वभाग (cid:430)ारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:465)क गलत लाभुक(cid:585) को रािश ह(cid:232)तांतरण करने, ऑनलाईन म(cid:581) गलत (cid:468)जयो टैिगंग करने म(cid:581) (cid:302)ी कृ (cid:231)ण मुरार(cid:547), त(cid:215)कालीन (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547) (cid:232)प(cid:231)ट (cid:510)प से दोषी है । आरोपी पदािधकार(cid:547) (cid:430)ारा (cid:466)व(cid:215)तीय मामले म(cid:581) (cid:466)वभागीय (cid:465)दशा-िनद(cid:566)श(cid:585) का घोर उ(cid:227)लंघन (cid:465)कये जाने क(cid:551) पु(cid:466)(cid:436) होती है ।24 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 अतएव समयक (cid:466)वचारोपरांत (cid:302)ी कृ (cid:231)ण मुरार(cid:547), त(cid:215)कालीन (cid:292)ख(cid:214)ड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), जगद(cid:547)शपुर (भोजपुर) स(cid:224)(cid:292)ित (cid:292)खंड (cid:466)वकास पदािधकार(cid:547), नोआंव (कै मूर) के (cid:466)व(cid:510)(cid:424) संचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से तीन वेतन वृ(cid:466)(cid:424) पर रोक का दंड अिधरो(cid:466)पत (cid:465)कया जाता है ।
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(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,
र(cid:466)व कु मार, उप-सिचव।
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गृह विभाग (विषेष शाखा)
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आदेश
4 सितम्बर 2024
सं॰ एल/एच॰जी॰-14-12/2023-7972--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-3126 दिनांक-08.05.2023 के द्वारा श्री हर्षवर्द्धन, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, किशनगंज के द्वारा दिनांक-21.04.2023 से लगातार बिना अवकाश स्वीकृति के अनाधिकृत रूप से अपने कर्तव्य से अनुपस्थित प्रतिवेदित करते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करने की अनुशंसा की गई।
2. उक्त अनाधिकृत अनुपस्थिति के विरूद्ध श्री हर्षवर्द्धन द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर महासमादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना द्वारा विचारोपरांत पत्रांक-375, दिनांक-19.01.2024 के माध्यम से अंतिम रूप से अपने मंतव्य से विभाग को अवगत कराया गया है।
3. श्री हर्षवर्द्धन से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी से प्राप्त मंतव्य की विभागीय स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत श्री हर्षवर्द्धन को लिखित रूप से चेतावनी देते हुए उक्त प्रकरण को संचिकास्त किया जाता है। 4. इसमें विभागीय प्रधान सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से, उपेन्द्र प्रसाद, अवर सचिव।
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लघु जल संसाधन विभाग ------
प्रभार प्रतिवेदन
3 सितम्बर 2024
सं0 4349--अधोहस्ताक्षरी, मैं दयानिधान पाण्डेय, भा॰प्र॰से॰ (2006), सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/पी॰-1003/2024-सा॰प्र॰-13815 दिनांक-31.08.2024 के आलोक में स्थानांतरण के फलस्वरूप सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पद का प्रभार आज दिनांक-03.09.2024 के अपराह्न में स्वतः त्याग करता हूँ ।
सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/पी॰-1003/2024- सा॰प्र॰-13815 दिनांक- 31.08.2024 (द्रष्टव्य) ।
(दयानिधान पाण्डेय)
भारमुक्त पदाधिकारी
आदेश से, संजीव कुमार, अवर सचिव ।25 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024 लघु जल संसाधन विभाग
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प्रभार प्रतिवेदन
4 सितम्बर 2024
सं0 4350--अधोहस्ताक्षरी मैं, संतोष कुमार मल्ल, भा॰प्र॰से॰ (1997) आज दिनांक-04.09.2024 के पूर्वाह्न/अपराह्न में प्रधान सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना का अतिरिक्त प्रभार श्री संदीप कुमार आर॰ पुडकलकट्टी, भा॰प्र॰से॰ (2006) को सौंपा।
अधोहस्ताक्षरी मैं, संदीप कुमार आर॰ पुडकलकट्टी, भा॰प्र॰से॰ (2006) आज दिनांक-04.09.2024 के पूर्वाह्न/अपराह्न में सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना का प्रभार ग्रहण करता हूँ। सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/पी॰-1003/2024- सा॰प्र॰-13807 दिनांक-31.08.2024 एवं अधिसूचना संख्या-1/पी॰-1003/2024-सा॰प्र॰- 13816 दिनांक-31.08.2024 द्रष्टव्य।
(संतोष कुमार मल्ल) भारमुक्त पदाधिकारी
(संदीप कुमार आर॰ पुडकलकट्टी) भारग्राही पदाधिकारी
आदेश से, संजीव कुमार, अवर सचिव ।
------ Je lalk/ku foHkkx ------ vf/klwpuk 17 flrEcj 2024 सं॰ 1/श्रम वि॰स्था॰(1)10-16/2017 श्र॰सं॰-57--श्रीमती कविता कुमारी, तत्कालीन उप श्रमायुक्त, दरभंगा सम्प्रति संयुक्त श्रमायुक्त, बिहार, पटना को बिहार सेवा संहिता के नियम 227 एवं 230 में निहित प्रावधान के तहत के दिनांक 01.06.2024 से 13.06.2024 तक कुल 13 दिनों के उपभोगित उपार्जित अवकाश की स्वी—ति दी जाती है। 2. इसके उपरान्त श्रीमती कविता कुमारी के पक्ष में दिनांक 14.06.2024 तक कुल 287 दिनों का उपार्जित अवकाश आदेय रह जायेगा।
आदेश से, राजीव रंजन, संयुक्त सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 27—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
26 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024भाग-2
बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं
और नियम आदि।
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पथ निर्माण विभाग
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शुद्धि-पत्र
22 जुलाई 2024
सं0 प्र॰2/स्था॰-विविध (पत्राचार)-01-01/2024-3423(s)--1. विभागीय अधिसूचना संख्या-2993 (एस)-सह- पठित ज्ञापांक-2994 (एस) दिनांक 30.06.2024 के क्रमांक-11 में अंकित "गृह जिला-समस्तीपुर" के स्थान पर "गृह जिला-सीतामढ़ी" पढ़ा जाय।
2. विभागीय अधिसूचना संख्या-2993 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-2994 (एस) दिनांक 30.06.2024 के क्रमांक-129 के कॉलम-3 में अंकित "सहायक शोध पदाधिकारी, उत्तर बिहार पथ अंचल, पूर्णियाँ" के स्थान पर "सहायक शोध पदाधिकारी, उत्तर बिहार पथ अंचल, मुजफ्फरपुर" पढ़ा जाय।
3. विभागीय अधिसूचना संख्या-2993 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-2994 (एस) दिनांक 30.06.2024 के क्रमांक-125 के कॉलम-3 में अंकित "सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल, झंझारपुर" के स्थान पर "कनीय अभियंता, पथ प्रमंड़ल, मधुबनी-सह-अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल, झंझारपुर" पढ़ा जाय।
4. विभागीय अधिसूचना संख्या-2993 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-2994 (एस) दिनांक 30.06.2024 के क्रमांक-57 के कॉलम-4 में अंकित "प्राक्कलन पदाधिकारी, रा॰उ॰प॰ अवर प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन" के स्थान पर " प्राक्कलन पदाधिकारी, रा॰उ॰प॰ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन ऐट गया" पढ़ा जाय।
शेष सभी यथावत समझा जाय।
आदेश से, सुमित वत्स, अवर सचिव (प्र॰को॰)।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 27—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
27 (cid:464)बहार गजट, 25 सितम्बर 2024बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 15/एम 1-143/2023--3424 शिक्षा विभाग ----- संकल्प 16 जुलाई 2024 विषयः- राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान योजना के नये स्वरूप ''प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान'' योजना को राज्य में लागू करने की स्वीकृति प्रदान करने के संबंध में।
राज्य में उच्चतर शिक्षा के सम्यक् विकास हेतु सम्प्रति केन्द्र प्रायोजित राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान योजना लागू है। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार उच्चतर शिक्षा परिषद् अधिनियम 2017 के अन्तर्गत राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद् गठित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में रूसा योजना को ''प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान'' (PM- USHA) के रूप में शुरू किया गया है। इसकी अवधि 31 मार्च, 2026 तक निर्धारित की गई है। 2. राज्य सरकार द्वारा सम्यक् समीक्षोपरांत राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के नए स्वरूप ''प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान'' (PM-USHA) योजना को बिहार राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है। 3. प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति प्राप्त है। आदेश -आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र में जनसाधारण की सूचना हेतु अगले अंक में प्रकाशित किया जाए।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार, अपर सचिव।