(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
24 ;बपकरू435द्ध 1946 ;0द्ध
(0 1000) , , 16 ;बपकरू200द्ध 2024
खान एवं भूतत्व विभाग ———— अधिसूचना 16 अक्तूबर 2024
सं॰ प्र0-II/अवैध खनन-30/22/4374/एम॰—खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा- 15 के साथ सह पठित धारा-23 ग द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल एतद् द्वारा बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 के संबंध में निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ - संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ -(1) यह नियमावली बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (संशोधन) नियमावली, 2024 कही जाएगी। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह इसके राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होगी।
2. नियम-17 (4) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :-
17 (4) खनन योजना का अनुमोदन और समर्पित किया जाना :- (i) राज्य सरकार द्वारा खनन योजना, राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत एजेंसी अथवा विभाग द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी अथवा खनिज समानुदानधारक के माध्यम से तैयार की जा सकेगी, जिसमें उपरोक्त तीनों के द्वारा मान्यता प्राप्त अर्हित व्यक्ति/संस्थान से खनन योजना तैयार करने में मदद ली जा सकेगी।
(ii) बंदोबस्तधारी द्वारा खनन योजना तैयार करने की स्थिति में सैद्धांतिक स्वीकृत्यादेश (LOI) निर्गत करने के अधिकतम 15 (पन्द्रह) दिनों के अन्दर बंदोबस्तधारी द्वारा खनन योजना विभाग में अनुमोदन हेतु समर्पित की जाएगी।
(iii) निर्धारित समय में खनन योजना प्रस्तुत नहीं करने पर बंदोबस्तधारी को प्रथम एक सप्ताह के विलम्ब के लिए `1,00,000/- (रूपये एक लाख), अगले एक सप्ताह के लिए `2,00,000/- (रूपये दो लाख) एवं अगले दो सप्ताह के विलम्ब के लिए उच्चतम बोली का 0.5% जुर्माना अधिरोपित किया जाएगा। अधिरोपित जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में जुर्माना की राशि प्रतिभूति जमा में से काटी जाएगी। इसके पश्चात भी यदि बंदोबस्तधारी द्वारा खनन योजना/ पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु आवेदन समर्पित नहीं किया2 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 16 ;बपकरू200द्ध 2024 जाता है तो समाहर्त्ता द्वारा बंदोबस्तधारी से कारणपृच्छा करने के उपरांत LOI रद्द कर प्रतिभूति राशि जप्त की जाएगी।
(iv) समर्पित खनन योजना की प्राप्ति के एक सप्ताह के अन्दर विभाग द्वारा गठित समिति/ प्राधिकृत शैक्षणिक संस्थान के द्वारा स्वीकृति/ अस्वीकृति प्रदान की जायेगी। अस्वीकृति के कारणों को स्पष्ट रूप से अंकित किया जायेगा, ताकि संबंधित द्वारा अगले 15 (पन्द्रह) दिनों के अन्दर पुनः खनन योजना समर्पित की जा सके।
(v) यदि सरकार चाहे तो खनन पट्टा के ई-नीलामी के पूर्व राज्य सरकार प्रचलित पर्यावरणीय प्रावधानों के अनुसार किसी एजेन्सी अथवा सहायक निदेशक से अन्यून किसी पदाधिकारी को उनके पक्ष में खनन योजना तैयार कराने के लिए प्राधिकृत कर सकेगी। ई-नीलामी में चयनित उच्चतम डाकवक्ता के पक्ष में संबंधित खनन पट्टा के लिए उक्त अनुमोदित खनन योजना को स्थानान्तरित किया जा सकेगा। खनन योजना तैयार करने में हुए व्यय एवं फीस की वसूली संबंधित खनिज समानुदान धारक/ बंदोबस्तधारी से की जाएगी। 3. नियम-18 (2) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :- 18 (2) पर्यावरणीय स्वीकृति-(i) सभी खनिज समानुदान धारक अथवा राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत एजेंसी अथवा विभाग द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी प्रचलित पर्यावरणीय समाघात निर्धारण (EIA) अधिसूचना, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के आदेशों और भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत अंतिम अनुदेशों के अनुसार तथा पर्यावरण सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित समय सीमा में पूर्व पर्यावरण अनापत्ति प्राप्त कर लेंगे एवं नियमों का अनुपालन करेंगे।
परन्तु खनन पट्टा के ई-नीलामी के पूर्व राज्य सरकार प्रचलित पर्यावरण नियमों के अनुसार किसी एजेन्सी अथवा सहायक निदेशक से अन्यून किसी पदाधिकारी को उनके पक्ष में पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगी। ई-नीलामी में चयनित उच्चतम डाकवक्ता के पक्ष में संबंधित खनन पट्टा के लिए उक्त निर्गत पर्यावरणीय स्वीकृति को स्थानान्तरित किया जाएगा। पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने में हुए व्यय की वसूली (फीस सहित) संबंधित खनिज समानुदान धारक/ बंदोबस्तधारी से की जाएगी।
(ii) बंदोबस्तधारी द्वारा पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने की स्थिति में उनके द्वारा खनन योजना अनुमोदन के अधिकतम 15 (पन्द्रह) कार्य दिवस के अन्दर टर्म ऑफ रेफरेन्स (ToR) स्वीकृति के लिए प्रस्ताव/आवेदन राज्य पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकार (SEIAA) के परिवेश पोर्टल पर समर्पित किया जाएगा।
(iii) बंदोबस्तधारी द्वारा सैद्वान्तिक स्वीकृत्यादेश (LoI) प्राप्त होने के उपरांत संबंधित खनन पट्टा के लिए निकटतम मोनिटरिंग अवधि (Base Line Data Collection Period) समाप्ति से अधिकतम 07 (सात) कार्य दिवस के अन्दर प्रारूप पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रतिवेदन (Draft EIA) एवं लोक सुनवाई के लिए निर्धारित शुल्क बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के समक्ष जमा करेगा।
(iv) बंदोबस्तधारी संबंधित खनन पट्टा के लिए सम्पन्न लोक सुनवाई की कार्यवाही निर्गत की तिथि से अधिकतम 07 (सात) कार्य दिवस के अन्दर अंतिम पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकार प्रतिवेदन (Final EIA), SEIAA, Bihar के समक्ष जमा करेगा।
(v) पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के क्रम में SEIAA द्वारा अपेक्षित मंतव्य 15 कार्य दिवसों में विभाग/ संंबंधित समाहर्त्ता द्वारा उपलब्ध करा दिया जाएगा।
(vi) पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के अधिकतम 07 (सात) कार्य दिवस के अन्दर बंदोबस्तधारी द्वारा CTE/CTO के लिए आवेदन बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को समर्पित किया जाएगा।
(vii) खनन योजना अनुमोदन के पश्चात निर्धारित समय में सक्षम प्राधिकार के समक्ष पर्यावरणीय स्वीकृति का आवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर बंदोबस्तधारी को प्रथम एक सप्ताह के विलम्ब के लिए `1,00,000/- (रूपये एक लाख), अगले एक सप्ताह के लिए `2,00,000/- (रूपये दो लाख) एवं अगले दो सप्ताह के विलम्ब के लिए उच्चतम बोली का 0.5% जुर्माना अधिरोपित किया जाएगा। अधिरोपित जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में जुर्माना की राशि प्रतिभूति जमा में से काटी जाएगी। इसके पश्चात भी यदि खनन योजना/पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु आवेदन समर्पित नहीं किया जाता है तो समाहर्त्ता द्वारा बंदोबस्तधारी को कारणपृच्छा करने के उपरांत LOI रद्द कर प्रतिभूति राशि जप्त की जाएगी।;बपकरू464द्ध ;द्धए 16 ;बपकरू200द्ध 2024 3 4. नियम- 22 (2) (ग) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा ः-22 (2) (ग)- प्रतिभूति के रूप में नीलामी राशि के 25 (पच्चीस) प्रतिशत के बराबर जमा राशि, जो बंदोबस्ती अवधि की समाप्ति के बाद लौटाई जाएगी, यदि खनन पट्टाधारक भुगतान में अन्यथा व्यतिक्रमी न हो। असफल बीडर की दशा में अग्रधन जमा राशि को समाहर्त्ता द्वारा अधिकतम दस दिनों में वापस कर दी जाएगी।
5. नियम-28 पट्टा निष्पादन - (1) में नया परन्तुक जोड़ा जाएगा :- परन्तु बंदोबस्तधारी द्वारा CTE/CTO प्राप्त होने के अधिकतम 07 (सात) दिनों के अन्दर प्रथम किस्त का भुगतान अन्य देय राशि के साथ किया जाएगा एवं सभी वैधानिक स्वीकृति के साथ एकरारनामा निष्पादन के लिए जिला समाहर्त्ता के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
सभी राशि एवं एकरारनामा के साथ वैधानिक स्वीकृति समर्पित करने के अधिकतम 03 (तीन) दिनों के अन्दर जिला समाहर्त्ता द्वारा एकरारनामा का निष्पादन किया जाएगा एवं खनन कार्य की अनुमति प्रदान की जाएगी। एकरारनामा निष्पादन के अधिकतम 15 (पन्द्रह) दिनों के अन्दर बंदोबस्तधारी द्वारा इसका निबंधन कराया जाएगा।
6. नियम- 29 क (1) (ख) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :- सबसे अधिक बोली लगाने वाला व्यक्ति (उच्चतम डाकवक्ता) नीलामी के 05 (पाँच) कार्य दिवस के अंदर नीलामी राशि की 25 (पच्चीस) प्रतिशत राशि (इस प्रयोजनार्थ अग्रधन समायोजन योग्य है) जमा करेगा और उसके बाद सैद्धांतिक स्वीकृति आदेश समाहर्त्ता/राज्य सरकार द्वारा यथा प्राधिकृत किसी पदाधिकारी द्वारा उसके नाम से निर्गत किया जाएगा।
7. नियम- 29 ख (1) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :- 29 ख (1) - प्रतिभूति जमा का भुगतान - लघु खनिज के रूप में बालू का प्रत्येक बन्दोबस्तधारी, बन्दोबस्ती के निबंधन एवं शर्त्ताे के सम्यक् अवलोकन के लिए प्रतिभूति जमा राशि के रूप में नीलामी राशि के 25 (पच्चीस) प्रतिशत के समतुल्य राशि जमा करेगा, जो सक्षम पदाधिकारी (नियमावली में यथा परिभाषित) द्वारा बन्दोबस्ती अवधि की समाप्ति के बाद लौटायी जाएगी, यदि बंदोबस्तधारी भुगतान में अन्यथा व्यतिक्रमी न हो। 8. नियम- 29 ख (3) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :- नियम-29 ख (3) -स्वामिस्व/बंदोबस्ती राशि के भुगतान की रीति-(i) प्रतिभूति जमा के अतिरिक्त
| किस्त | भुगतान की नियत तारीख |
| प्रथम किस्त (50%) | (क) पट्टा एकरारनामा निष्पादन से पहले (पहले वर्ष के लिए) (ख) प्रथम वर्ष में पट्टा एकरारनामा निष्पादन की तिथि से एक वर्ष पूरा होने के 60 (साठ) दिन पूर्व और अनुक्रमिक वर्षों में इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए जमा किया जायेगा। |
| द्वितीय किस्त (25%) | प्रत्येक समानुदान वर्ष की शुरूआत से 03 (तीन) माह पूरा होने से पहले। |
| तृतीय किस्त (25%) | प्रत्येक समानुदान वर्ष की शुरूआत से 06 (छः) माह पूरा होने से पहले। |
राशि के लिए पोस्टडेटेड चेक संबंधित समाहर्त्ता/खनन पदाधिकारी के समक्ष जमा की जायेगाी।
9. 29 (छ) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :- गाद का निष्कासन- जल संसाधन विभाग के लिखित प्रतिवेदन/ अनुशंसा पर नदी/नहर मार्ग के प्रवाह को सतत रखने के उद्देश्य से नदी/नहरों में निक्षेपित गाद को समाहर्त्ता द्वारा ई-नीलामी के माध्यम से निर्धारित अवधि के लिए संवेदक का चयन कर निष्पादन कराया जाएगा। संवेदक/ उच्चतम डाकवक्ता द्वारा सक्षम प्राधिकार से सभी आवश्यक वैधानिक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर गाद का निष्पादन नियमावली के विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए किया जाएगा।
परन्तु यह कि यदि कार्य क्षेत्र वन भूमि/वन्यप्राणी संरक्षित क्षेत्र (PA)/पारिस्थितिकी संवेदी क्षेत्र (ESZ) में होने पर यथास्थिति वन स्वीकृति, वन्यप्राणी स्वीकृति एवं पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के उपरांत ही नीलामी की कार्रवाई की जाएगी।
10. नियम-30 (1), (2), (3) एवं (4) शीर्षक सहित निम्न प्रकार प्रतिस्थापित एवं नया उप
नियम (6) निम्न प्रकार जोड़ा जाएगा :-
30- बंदोबस्तधारी पर निर्बन्धन के भंग की दशा में शास्ति - (1) साईन बोर्ड अधिष्ठापित नहीं करने, सीमा का सीमांकन नहीं करने एवं तालिका में वर्णित अन्य उल्लंघन करने की दशा में बंदोबस्तधारी के विरूद्ध निम्न प्रकार शास्ति समार्हाा द्वारा अधिरोपित की जाएगी -4 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 16 ;बपकरू200द्ध 2024
| क्र0 स0 | उल्लंघन का प्रकार | जुर्माना (रू0 में) |
| 1 | साईन बोर्ड नहीं अधिष्ठापित नहीं करने पर | 50,000/- |
| 2 | GIS Map/ Geo Co-ordinate के साथ सीमांकन नहीं करने पर | 5,00,000/- |
| 3 | पानी का छिड़काव नहीं करने पर | 50,000/- |
| 4 | प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहने पर | 50,000/- |
| 5 | उत्पादन/प्रेषण की पंजी संधारित नहीं करने पर | प्रथम बार उल्लंघन के लिए 5,00,000/- एवं द्वितीय बार उल्लंघन के लिए 10,00,000/- |
| 6 | खनन योजना के अनुसार वृक्षारोपण नहीं करने पर | 50,000/- |
(2) (i) प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर खनन करने पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा- 21(1) के अन्तर्गत शास्ति अधिरोपित की जाएगी। साथ ही खनन पट्टा रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
(ii) खनन पट्टा क्षेत्र के बाहर खनन करने पर उत्खनित खनिज की मात्रा का आंकलन कर समाहर्त्ता द्वारा नियम-56 में परिभाषित खनिज मूल्य की वसूली की जायेगी।
(3) खनन पट्टा क्षेत्र में अनुमान्य गहराई से अधिक बालू खनन करने की दशा में प्रथम एवं द्वितीय बार के लिए उत्खनित बालू की मात्रा का आंकलन कर समार्हाा द्वारा नियम-56 में परिभाषित खनिज मूल्य की वसूली संबंधित बंदोबस्तधारी से की जाएगी।
परन्तु उप नियम-2 (ii) एवं 3 के तृतीय अथवा उससे अधिक बार ऐसे अपराध में जब कभी खनिज समानुदान धारक संलिप्त पाया जाता है तो उस विशिष्ट बालूघाट की बंदोबस्ती समाहर्त्ता द्वारा अस्थायी रूप से अधिकतम एक माह के लिए निलंबित की जा सकेगी जबतक कि उल्लंघनों में सुधार न कर लिया जाय एवं जुर्माना का भुगतान न कर लिया जाय। समाहर्त्ता द्वारा इस संबंध में दिए गए समय के भीतर यदि उल्लंघनों में सुधार नहीं किया जाता है तो बंदोबस्तधारी को सुनवाई का मौका देते हुए अधिकतम 03 (तीन) माह तक के लिए उस विशिष्ट बालूघाट को निलंबित की जा सकेगी। निलबंन की अवधि में क्षतिपूर्ति का कोई भी दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके उपरांत उल्लंघन में सुधार नहीं करने अथवा जुर्माना का भुगतान नहीं करने पर समाहर्त्ता द्वारा खनिज समानुदान रद्द करने की कार्रवाई की जायेगी।
(4) लघु खनिज का परिवहन केवल विशिष्ट रंग से रंगे एवं ढंके हुए वाहनों से क्रियान्वित किया जाएगा और कोई गीला बालू वाहनों में नहीं लादा जाएगा। विशिष्ट रंग से बिना रंगे, गीला बालू, बिना ढंके लघु खनिज के परिवहन तथा जी0पी0एस0 डिवाइस में छेड़छाड़ करने एवं बंद करने पर लिए निम्न प्रकार दण्ड अधिरोपित की जा सकेगी -
| क्र0 स0 | विषय | जुर्माना (रू0 में) | |
| 1 | बिना ढ़के लघु खनिज के परिवहन करने पर | ट्रैक्टर | 5,000/- |
| अन्य बड़े वाहन | 25,000/- | ||
| 2 | गीला बालू का परिवहन करने पर | ट्रैक्टर | 5,000/- |
| अन्य बड़े वाहन | 25,000/- | ||
| 3 | बिना विशिष्ट रंग से रंगे वाहन के लिए चालान निर्गत करने पर | प्रथम बार उल्लंघन के लिए | 1,00,000/- |
| द्वितीय बार उल्लंघन के लिए अवैध खनन/ प्रेषण मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। | |||
| 4 | बालू परिवहन के दौरान वाहन में अधिष्ठापित जी0पी0एस0 डिवाईस म ें छेड़छाड़ करने या बंद करने पर | ट्रैक्टर | 20,000/- |
| अन्य बड़े वाहन के लिए | 1,00,000/- |
(5) बंदोबस्तधारी द्वारा खनिज के अवैध परिवहन को प्रोत्साहित करने की स्थिति में (वैध चालान से अधिक मात्रा वाहन में लादने की स्थिति में) प्रथम बार `5,00,000/- (रूपये पाँच लाख) (प्रत्येक गाड़ी पर) एवं द्वितीय बार से प्रत्येक बार `10,00,000/- (रूपये दस लाख) (प्रत्येक गाड़ी पर) का दण्ड अधिरोपित किया जा सकेगा।;बपकरू464द्ध ;द्धए 16 ;बपकरू200द्ध 2024 5 11. नियम-33 खनन क्रिया अनुज्ञा पत्र देना के उप नियम (1) में नया परन्तुक जोड़ा जाएगा साधारण मिट्टी के गैर वाणिज्यिक उपयोग के लिए कोई रॉयल्टी की वसूली नहीं की जाएगी। व्यवसायिक उपयोग के लिए मिट्टी के खनन/प्रेषण हेतु निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर वाणिज्यिक अनुज्ञप्ति प्राप्त करना होगा, जिसके लिए ऑनलाईन निर्धारित प्रपत्र में आवेदन अनिवार्य होगा एवं अग्रिम रॉयल्टी जमा होने के पश्चात 05 (पाँच) कार्य दिवसों के अन्दर विभाग से प्राधिकृत पदाधिकारी द्वारा इसकी स्वीकृति दी जाएगी।
12. नियम- 37 (3) के बाद निम्नलिखित नया उप नियम 37 (4) जोड़ा जाएगा :-
37 (4)- रैयती जमीन को कृषि योग्य भूमि बनाने हेतु आवश्यक धूस/बालू मिश्रित मिट्टी के
उठाव के लिए खनिज निपटान परमिट दिया जाना -
इस नियमावली में अंतर्विष्ट किसी बात के होने पर भी सोन, किउल, फल्गु, मोरहर, चानन एवं गंगा नदी को छोड़कर अन्य नदियों में नदी तट से 03 किमी0 (Aerial Distance) की परिधि के बाहर जहाँ रैयती जमीन में लघु खनिज/ बलूई मिट्टी पाया जाता है वहाँ समाहर्त्ता, भूमि संबंधी सत्यापन अंचलाधिकारी द्वारा सत्यापित करने के पश्चात्, संबंधित खनन अधिकारी के प्रतिवेदन पर वैसे किसी लघु खनिज/ बलूई मिट्टी को हटाने और उपयोग करने का परमिट दे सकेगा। संबंधित रैयत उक्त खनिज के निपटान के लिए परमिट निर्गत करने हेतु खनन अधिकारी के समक्ष एक आवेदन देगा। उक्त अनुमति सरकार को लागू स्वामिस्व तथा अन्य प्रकार के अग्रिम भुगतान कर एवं सभी प्रचालित वैधानिक अनापत्ति प्राप्त करने के बाद विनिर्दिष्ट मात्रा में अधिकत्तम एक वर्ष के लिए दी जा सकेगी। इसके लिए समय-सीमा 05 (पाँच) कार्य दिवस निर्धारित की जाती है।
13. नियम- 38 (6) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगाः- 38 (6)- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित सक्षम प्राधिकार से अपेक्षित अनापत्ति समर्पित नहीं करने वाले ईंट भट्ठों के विरूद्ध कार्रवाई- यदि ईंट मिट्टी हटाने वाला/ईंट भट्ठा स्वामी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित प्राधिकार से अपेक्षित पर्यावरणीय अनापत्ति और/या बिहार राज्य नियंत्रण बोर्ड से अपेक्षित उत्सर्जन सहमति आदेश समर्पित करने में असफल रहता है तो सक्षम प्राधिकार/क्षेत्रीय अधिकारी, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड /अनुमंडल अधिकारी/अंचल अधिकारी व्यवसाय रोक देगा और नियमों के उल्लंघन के लिए दंड प्रावधानों को आरंभ करने के लिए मामला पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित प्राधिकार/बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को रिपोर्ट करेगा।
14. नियम- 39 (1) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगाः- नियम- 39 (1) प्रत्येक व्यक्ति, जो किसी लीज धारित क्षेत्र से बाहर लघु/वृहद् खनिज का व्यवसाय चलाता है, खनन अधिकारी से प्रपत्र ''ट'' में भण्डारण अनुज्ञप्ति प्राप्त करेगा, जिसे व्यवसाय के सहजदृश्य स्थल पर दर्शाया जाएगा और सभी ऐसे खनिजों क्रय और विक्रय का समुचित लेखा एक रजिस्टर में प्रपत्र ''ज'' में संधारित किया जाएगा। जिसके निरीक्षण के लिए खान आयुक्त, निदेशक, खान, अपर निदेशक, खान एवं उप निदेशक, खान या खनन अधिकारी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी के समक्ष उपस्थापित किया जाएगा। व्यवसाय के आकार के अनुसार अनुज्ञप्ति प्राप्त करने का शुल्क/आवश्यक शर्त्त निम्न प्रकार होगा :-
(क) लघु व्यवसायी - भण्डारण अनुज्ञप्ति स्थल पर अधिकत्तम 25,000 (पच्चीस हजार) घनफीट लघु खनिज के भण्डारण के लिए `5,000/- (रूपये पाँच हजार) आवेदन शुल्क के भुगतान पर एक पंचांग वर्ष के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त की जा सकेगी, जिसे प्रत्येक वर्ष आवेदन शुल्क `5,000/- (रूपये पाँच हजार) के भुगतान पर नवीकृत किया जा सकेगा। ऐसे अनुज्ञप्तिधारी द्वारा भण्डारण स्थल पर CCTV कैमरा अधिष्ठापित कर लेने की स्थिति में एक ही बार में पाँच वर्ष के लिए `20,000/- (रूपये बीस हजार) के आवेदन शुल्क के भुगतान पर अनुज्ञप्ति प्राप्त की जा सकेगी।
(ख) मध्यम व्यवसायी - भण्डारण अनुज्ञप्ति स्थल पर 25,000 (पच्चीस हजार) घनफीट से 1,00,000 (एक लाख) घनफीट तक लघु खनिज के भण्डारण के लिए `50,000/- (रूपये पचास हजार) आवेदन शुल्क के भुगतान पर पाँच वर्ष के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त की जा सकेगी। ऐसे अनुज्ञप्तिधारी को भण्डारण स्थल पर CCTV कैमरा तथा स्वयं का धर्मकाँटा अथवा संयुक्त धर्मकाँटा अधिष्ठापित किया जाना अनिवार्य होगा। यदि अनुज्ञप्तिधारी चाहे तो सार्वजनिक धर्मकाँटा का भी उपयोग कर सकता है, पर इसके लिए उस धर्मकाँटा को CCTV कैमरा (विभाग से सम्बद्ध) लगाना अनिवार्य होगा।
(ग) वृहद् व्यवसायी - भण्डारण अनुज्ञप्ति स्थल पर 1,00,000 (एक लाख) घनफीट से 10,00,000 (दस लाख) घनफीट तक लघु खनिज के भण्डारण के लिए `2,00,000/- (रूपये दो लाख) आवेदन शुल्क के भुगतान पर पाँच वर्ष के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त की जा सकेगी। ऐसे अनुज्ञप्तिधारी को भण्डारण स्थल पर धर्मकाँटा एवं CCTV कैमरा अधिष्ठापित किया जाना अनिवार्य होगा।6 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 16 ;बपकरू200द्ध 2024 (घ) सभी अधिष्ठापित धर्मकाँटा एवं CCTV कैमरा को विभागीय पोर्टल से एकीकृत करना अनिवार्य होगा।
15. नियम-41 के बाद नया परन्तुक निम्न प्रकार जोड़ा जाएगा :- परन्तु अन्य राज्यों से लघु खनिज लाने वाले सभी वाहनों को ट्रांजिट पास (टी0पी0) लिया जाना अनिवार्य होगा। इस हेतु विनियामक शुल्क का निर्धारण विभाग द्वारा किया जायेगा।
16. नियम-44 निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :- नियम-44 खनिजों को ले जाने वाले वाहनों पर निर्बन्धन-(i) राज्य सरकार किसी लघु खनिज का परिवहन करने वाले वाहनों पर युक्तियुक्त निर्बन्धन लगा सकेगी और उनके कतिपय विनिर्देशनों पर दृढ़ रहने की अपेक्षा कर सकेगी।
(ii) राज्य सरकार परिवहन यानों में जी0पी0एस0 अथवा ऐसी अन्य युक्ति जो आवश्यक अधिष्ठापित करने तथा ऐसे निदेश देने, जिसे उचित समझे, देने की अपेक्षा कर सकेगा। (iii) राज्य सरकार खनिज परिवहन में प्रयुक्त वाहनाेंं की पहचान के लिए विशिष्ट रंग एवं शब्दों का अंकन अनिवार्य कर सकेगी।
(iv) जलमार्ग से खनिज का परिवहन बिहार नौकाघाट बंदोबस्ती एवं प्रबंधन अधिनियम, 2023 तथा उसके अधीन प्रवृत नियमावली के अन्तर्गत किया जाएगा।
17. नियम-56 का उप नियम (1) एवं उप नियम (2) निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगाः-
56- खनिजों का अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण- (1) (i) कोई व्यक्ति किसी क्षेत्र में, उत्खनन या निकासी या खनन संक्रियाएँ इस नियमावली के अधीन समानुदान या अनुज्ञप्ति या अन्य किसी अनुमति के बिना नहीं करेगा।
(ii) कोई व्यक्ति किसी खनिज का परिवहन अथवा भंडारण बिना वैध चालान के नहीं करेगा अथवा करवायेगा। साथ ही खनिज का परिवहन अवास्तविक, अनिबंधित एवं गैर वाणिज्यिक वाहन से नहीं करेगा।
(2) (i) उपरोक्त के उल्लंघन के लिए अधिनियम की धारा-21(1) के अन्तर्गत शास्ति अधिरोपित की जाएगी।
| क्र0 | वाहन/उपकरण | शमन शुल्क (रू0 में) |
| 1 | ट्रैक्टर एवं ट्रॉली | 1,00,000/- |
| 2 | मेटाडोर/हाफ ट्रक 407, 408 | 2,50,000/- |
| 3 | फुल बॉडी ट्रक/ वाहन (06 चक्का) | 4,00,000/- |
| 4 | डम्पर (हाईड्रोलिक 06 चक्का)/10 एवं इससे अधिक चक्का के वाहन | 8,00,000/- |
| 5 | क्रेन, नाव, एक्सकावेटर, लोडर, पावर हैमर, कम्प्रेशर, ड्रिलिंग मशीन एवं अन्य समरूप क्षमता के यंत्र/मशीन। | 10,00,000/- |
(iii) यदि शिकायतकर्त्ता उप निदेशक अथवा अपर निदेशक अथवा निदेशक, खान अथवा सरकार द्वारा अधिकृत कोई अन्य पदाधिकारी हो तो शमन की शक्ति का प्रयोग खान आयुक्त के अनुमति के बाद ही कर सकेगा।
(iv) तालिका में वर्णित शमन शुल्क के अलावा उल्लंघनकर्त्ता से खनिज का मूल्य, स्वामिस्व पर्यावरणीय क्षति के लिए भरपाई एवं बिना विधिक अधिकार के भूमि अधिग्रहण हेतु भुगतेय कर के बदले में स्वामिस्व का पच्चीस गुणा लिया जा सकेगा।
परन्तु उपरोक्त वर्णित वाहन/मशीन के अलावा अन्य वाहन/मशीन के मामलाें में खनिज मूल्य के साथ शमन शुल्क पच्चीस हजार रू0 से अन्यून नहीं होगा।
(v) वैध चालान से परिवहन करने के मामलें में जब वाहन में लदा हुआ खनिज की मात्रा चालान में अंकित मात्रा से 5 (पाँच) प्रतिशत तक अधिक हो तो प्राधिकृत अधिकारी केवल अंतर की मात्रा के लिए खनिज मूल्य की वसूली उप नियम-2 (iv) के अनुसार कर सकेगा। (vi) वैध चालान से अंतर मात्रा के भंडारण के मामलें में उप नियम-2 (iv) के अनुसार खनिज मूल्य के अतिरिक्त जुर्माना के रूप में `5,00,000/- (रूपये पाँच लाख) दंडनीय होगा। परिवहन के मामले में मूल्यांकन की गई मात्रा का निर्धारण केवल धर्मकाँटा एवं भंडारण की स्थिति में ड्रोन/टोटल स्टेशन/थियोडोलाईट आदि से किया जायेगा।;बपकरू464द्ध ;द्धए 16 ;बपकरू200द्ध 2024 7 18. नियम-57 निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :-
सरकारी परियोजनाओं में मालिकाना फीस :-
(1) सरकारी कार्य विभाग का संवेदक अपनी स्कीम एवं परियोजनाओं के लिये व्यवहृत लघु खनिज का परिवहन चालान/ परमिट संबंधित कार्य विभाग को समर्पित करेगा। सरकारी कार्य विभाग के संवेदक स्कीम एवं परियोजनाओं के लिए व्यवहृत लघु खनिज का वैध चालान/ परमिट संबंधित कार्य विभाग को समर्पित नहीं करता है, तो उसके विरूद्ध नियम 56 (2) (iv) के तहत खनिज मूल्य की कटौती अपने आपूर्त्तिकर्त्ता/ कार्य ठिकेदारों से की जाएगी और संबंधित खनन शीर्ष में जमा की जाएगी।
(2) सभी सरकारी विभाग राज्य अथवा राज्य के बाहर से क्रय कर किसी लघु खनिज का उपयोग करने पर मालिकाना फीस की कटौती अपने आपूर्त्तिकर्त्ता या संवेदक से करेंगे। ऐसी मालिकाना फीस की कटौती प्राक्कलन में लगे खनिज मूल्य के 10 (दस) प्रतिशत फ्लैट दर पर कार्य विभागों द्वारा अपने आपूर्त्तिकर्त्ता/कार्य ठिकेदारों से की जाएगी और संबंधित खनन शीर्ष में जमा की जाएगी। राज्य सरकार, समय-समय पर अधिसूचना द्वारा मालिकाना फीस में बढ़ोतरी या कमी कर सकेगी। (3) अन्य राज्यों से आपूर्तिकृत लघु खनिज पर स्वामिस्व (रॉयल्टी) देय नहीं होगा। 19. प्रपत्र-ख के भाग-IX सामान्य प्रावधान- कंडिका-6- निम्न प्रकार प्रतिस्थापित किया जाएगा :-
प्रपत्र-ख के भाग-IX सामान्य प्रावधान- कंडिका-6- पट्टाधारी पट्टा की समाप्ति पर अपनी संपत्ति हटा सकेगा- पट्टाधारी पहले इस प्रस्तुतीकरण के कारण भुगतेय लगान तथा रॉयल्टी का भुगतान एवं उन्मोचित कर उक्त अवधि की समाप्ति या पर्यवसान पर अथवा उसके बाद छह कैलेंडर माह के भीतर अपने स्वंय के लाभ के लिए सभी या किसी मशीनरी, प्लांट, भवन, पट्टा अवधि में उत्खनित/उत्पादित/ क्रश्ड लघु खनिज तथा अन्य कार्य, संरचना, प्रसुविधाओं को, जो लीजधारी द्वारा उक्त भूमि पर किए गए, लगाये गये या रखे गये हो, हटा सकेगा। परन्तु उत्खनित/उत्पादित/क्रश्ड लघु खनिज पट्टा क्षेत्र से अधिकतम 60 (साठ) दिनों के अन्दर हटा लिया जायेगा एवं आवश्यकतानुसार नियम-39 के तहत भंडारण अनुज्ञप्ति प्राप्त कर पट्टा क्षेत्र से खनिज हटाकर अनुज्ञप्ति स्थल पर भंडारित कर लिया जाएगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मिहिर कुमार सिंह, सरकार के अपर मुख्य सचिव।