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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 21 October 2024

Published 21 October 2024

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-10-21.1012
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 29 आि(cid:435)न 1946 (श0)

(सं0 पटना 1012) पटना, सोमवार, 21 अ(cid:200)तूबर 2024 yksd LokLF; vfHk;a=.k foHkkx ———

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों के तहत पेयजलापूर्ति एवं स्वच्छता से संबंधित योजनाओं का सूत्रण, निरूपण एवं क्रियान्वयन किया जाता है। वर्त्तमान में विभाग द्वारा मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना-1 (गुणवाा एवं गैर गुणवाा), केन्द्र प्रायोजित जल जीवन मिशन, राज्य योजना, नगर विकास एवं आवास विभाग से जमा शीर्ष के रूप में प्राप्त कार्य एवं बाह्‌य संपोषित परियोजना के तहत वृहद पैमाने पर जलापूर्ति एवं स्वच्छता से संबंधित योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है।

(2) मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना (गुणवाा/गैर गुणवत्ता) अन्तर्गत विभाग द्वारा कुल 56,447 वार्डों में हर घर में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त कुछ नगर निकायों एवं विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी भवनों इत्यादि में शुद्ध पेय जलापूर्ति एवं ग्रामीण क्षेत्रों में IM- II/III एवं साधारण चापाकलों के निर्माण एवं मरम्मति संपोषण का दायित्व भी विभाग के ऊपर है।

(3) मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना-2 के तहत सभी जलापूर्ति योजनाओं का सतत्‌ अनुरक्षण, रख-रखाव एवं संचालन करते हुए सभी ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया हैं, साथ ही पंचायती राज विभाग के नियंत्रणाधीन ग्रामीण वार्डों में क्रियान्वित जलापूर्ति योजनाओं के सतत्‌ संचालन एवं रख-रखाव हेतु लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को हस्तांतरित किये जाने के फलस्वरूप विभागीय कार्य में उत्तरोत्तर वृद्धि हो गयी है।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 21 अ(cid:416)ूबर, 2024 (4) विभागान्तर्गत विभिन्न योजनाओं के प्रशाखा (असैनिक) स्तर पर क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण हेतु बिहार अवर अभियंत्रण संवर्ग के असैनिक अभियंत्रण में डिप्लोमा/समकक्ष योग्यता प्राप्त कनीय अभियंता (असैनिक) के कुल-826 स्थायी पद स्वीकृत है, जिसमें मात्र 62 कनीय अभियंता (असैनिक) नियमित रूप से कार्यरत है, शेष 764 पद रिक्त है। स्थायी रिक्त पदों के विरूद्ध कुल-153 संविदा पर कार्यरत है। इस प्रकार असैनिक अभियंत्रण में डिप्लोमा/समकक्ष योग्यता प्राप्त तकनीकी मानव बल की अत्यधिक कमी है।

5) यद्यपि कनीय अभियंताओं के रिक्ति के आलोक में अधियाचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के माध्यम से बिहार तकनीकी सेवा आयोग, पटना को प्रेषित की गयी है, परन्तु उक्त रिक्ति के विरूद्ध नियमित नियुक्ति का मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन रहने के कारण विलम्ब की सम्भावना है।

(6) लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कार्यहित में सेवा प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्सिंग के आधार पर तकनीकी पर्यवेक्षक के रूप में मानव बल की सेवा संलग्न परिशिष्ट-'क' में उल्लेखित शर्ताे/बंधेजों के तहत प्राप्त की जा सकेगी। ( (7) आउटसोर्सिंग के माध्यम से मानव बल के रूप में सेवा प्राप्त होने वाली तकनीकी पर्यवेक्षक का मानदेय/पारिश्रमिक रू0 25,000/- (पच्चीस हजार रूपये) प्रतिमाह निर्धारित करने का प्रस्ताव है। वित्त विभागीय संकल्प सं0-2988 दिनांक-23.03.2023 द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से मानव बल की सेवाएँ प्राप्त करने हेतु सेवा शुल्क न्यूनतम 3.85 प्रतिशत (3 प्रतिशत लाभ और 0.85 प्रतिशत संव्यवहार शुल्क के रूप में) तथा अधिकतम 7 प्रतिशत (लाभ एवं संव्यवहार शुल्क सहित) निर्धारित की गयी है।

(8) उक्त प्रावधान के तहत 350 तकनीकी पर्यवेक्षको की सेवा आउटसोर्सिंग के आधार पर सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से एक वर्ष अथवा कनीय अभियंता (असैनिक) के पद पर नियमित नियुक्ति, जो पहले हो, तक के लिए प्राप्त की जायेगी, जिसकी आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार अवधि विस्तार भी किया जा सकेगा, जिसपर कुल-{350 X 12 X 25,000 = 10,50,00,000,/- (दस करोड़ पचास लाख रूपये) 10,50,00,000/- का 7 प्रतिशत (सेवा शुल्क) = 73,50,000/- (तिहत्तर लाख पचास हजार रूपये) = 11,23,50,000 का 18 प्रतिशत (जी0एस0टी0) = 2,02,23,000 (दो करोड़ दो लाख तेईस हजार) = कुल रू0-13,25,73,000 (तेरह करोड़ पचीस लाख तिहत्तर हजार रूपये) मात्र आवर्ती रूप (प्रतिवर्ष) में वार्षिक व्यय संभावित है। (9) इस योजना का कार्यक्षेत्र राज्य के गुणवत्ता प्रभावित/गैर गुणवत्ता प्रभावित सभी जिले होंगे। (10) उक्त मद में होने वाला अनुमानित वार्षिक आवर्ती व्यय (मानदेय/पारिश्रमिक, सेवा शुल्क एवं जी0एस0टी0 सहित) कुल रू0- 13,25,73,000/- (तेरह करोड़ पचीस लाख तिहत्तर हजार) मात्र आकलित है। यह राशि विभिन्न कार्यालयों की स्थापना अन्तर्गत माँग सं0-36, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, मुख्य शीर्ष-2215, उपमुख्य शीर्ष-01-जल पूर्ति, लघु शीर्ष-102-ग्रामीण जल पूर्ति कार्यक्रम, उपशीर्ष-0002-हस्तचालित ट्‌यूबवेल्स, तालाब एवं कुएँ उच्च प्रवाही नलकूल, व्यावसायिक सेवाएँ-28-02 संविदा सेवाएँ, विपत्र कोड-36-2215011020002 से भारित होगा।

(11) लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं/ कार्यक्रमों के ससमय क्रियान्वयन, पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण के निमित असैनिक अभियंत्रण में डिप्लोमा/समकक्ष योग्यता प्राप्त तकनीकी मानव बल की कमी को दृष्टिगत रखते हुए कार्यहित में कुल-350 तकनीकी पर्यवेक्षकों की सेवा आउटसोर्सिंग के माध्यम से 01 (एक) वर्ष के लिए अथवा कनीय अभियंता (असैनिक) के पद पर नियमित नियुक्ति, जो पहले हो, तक प्राप्त किये जाने एवं उसपर होने वाले अनुमानित वार्षिक व्यय रू0 13,25,73,000/- (तेरह करोड़ पचीस लाख तिहत्तर हजार) मात्र की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

(12) प्रस्ताव पर लोक वित्त समिति का अनुशंसा एवं मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त है।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 21 अ(cid:416)ूबर, 2024 पूर्णतः आउटसोर्सिंग के आधार पर मानव बल के रूप में सेवा प्राप्त तकनीकी पर्यवेक्षकों द्वारा औद्योगिक विवाद अधिनियम-1947 एवं अनुबंध श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन अधिनियम-1970 के प्रावधानों के तहत सेवाओं के लिए किसी भी सरकारी लाभ/मुआवजा/ नियमितिकरण/नियमित नियुक्ति में अधिभार आदि का दावा नहीं किया जायेगा। तकनीकी पर्यवेक्षकों द्वारा उपर्युक्त आशय का शपथ पत्र विभाग/कार्यालय में सेवा देने के पूर्व जमा कराना अनिवार्य होगा। साथ ही सर्विस प्रोवाइडर द्वारा इस आशय का शपथ पत्र भी एकरारनामा के समय संबंधित कार्यालय में समर्पित करना होगा।

पूर्णतः आउटसोर्सिंग के आधार पर सेवा प्राप्त तकनीकी पर्यवेक्षकों के मानव बल के रूप में सेवा लेने की शर्ते एवं अवधि सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के बीच होने वाली एकरारनामा के अधीन होगी। तकनीकी पर्यवेक्षकों द्वारा सेवा के दौरान कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं समुह बनाकर धरणा प्रदर्शन/हड़ताल नहीं करना होगा एवं ऐसा करने के लिए किसी को प्रभावित/प्रोत्साहित नहीं करना होगा। ऐसी शिकायत प्राप्त होने एवं उसकी पुष्टि होने पर वैसे तकनीकी पर्यवेक्षक की सेवा तत्काल प्रभाव से बिना कारण पृच्छा किये समाप्त कर दी जायेगी।

तकनीकी पर्यवेक्षकों द्वारा नियोजन हेतु समर्पित कागजातों में यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की भिन्नता/अनियमितता आदि पाई जाती है, तो वैसे तकनीकी पर्यवेक्षकों की सेवा संबंधी सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी को वापस करते हुये, उनके विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

किसी तकनीकी पर्यवेक्षक की सेवा संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण नहीं रहने की स्थिति में उनकी सेवा संबंधित सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी को वापस की दी जाएगी।

यदि किसी तकनीकी पर्यवेक्षक के विरूद्ध भ्रष्टाचार/अनियमितता आदि की शिकायत प्रमाणित पाया जाता है, तो उसकी सेवा समाप्त करते हुये उनके विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 एवं इस संबंध में सरकार द्वारा समय-समय पर यथा निर्गत नियमों/परिपत्रों आदि के आलोक में समुचित कार्रवाई की जायेगी।

तकनीकी पर्यवेक्षकों का मानव बल के रूप में सेवा लेने की यह व्यवस्था पूर्णतः अस्थायी है। आयोग द्वारा नियमित रूप से कनीय अभियंता (असैनिक) की नियुक्ति संबंधित अनुशंसा विभाग में प्राप्त होने पर अथवा किसी अन्य ोत से विभागीय आवश्यकता पूर्ण होने की स्थिति में तकनीकी पर्यवेक्षकों की सेवा संबंधित एजेंसी को वापस कर दी जायेगी अथवा उनकी सेवा को रद्द/समाप्त किये जाने के बिन्दु पर विभाग एकपक्षीय निर्णय लेने हेतु स्वतंत्र होगा।

सभी तकनीकी पर्यवेक्षकों को पुलिस अधीक्षक/वरीय पुलिस अधीक्षक के माध्यम से निर्गत आचरण प्रमाण-पत्र एवं अन्य वांछित अभिलेख आवंटित स्थान/कार्यालय के नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही में इस आशय का शपथ पत्र समर्पित करना4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 21 अ(cid:416)ूबर, 2024 अनिवार्य होगा कि उनके द्वारा शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जो प्रमाण पत्र समर्पित किया गया है, वो प्रमाणित एवं विधिमान्य है।

आउटसोर्सिंग के तहत सेवा प्राप्त करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग का पत्रांक-14556 दिनांक-17.11.2017 एवं वित्त विभाग का संकल्प ज्ञापांक-2988 दिनांक-23.03.2023 का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

तकनीकी पर्यवेक्षक पद के लिए न्यूनतम अर्हता AICTE द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से असैनिक अभियंत्रण (Civil Engineering) में डिप्लोमा होना अनिवार्य होगा। आउटसोर्सिंग एजेन्सी द्वारा उपलब्ध कराये गये तकनीकी पर्यवेक्षकों का स्क्रीनिंग (साक्षात्कार-सह-अभिलेख सत्यापन) विभाग द्वारा गठित समिति द्वारा की जाएगी। तकनीकी पर्यवेक्षकों के चयन के संबंध में उक्त समिति का निर्णय अंतिम रूप से मान्य होगा।

तकनीकी पर्यवेक्षकों का दायित्व एवं कार्य निर्धारण के संबंध में विभाग द्वारा गठित समिति से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्णयोपरान्त की जाएगी। ————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:466)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:465)(cid:289)त । (cid:466)बहार गजट (असाधारण) 1012-571+10-ड(cid:547)0ट(cid:547)0पी0 । Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 21 October 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-10-21.1012/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-10-21.1012.