Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 20 November 2024

Published 20 November 2024

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-11-20.1098
Languages
English, Hindi

(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध

;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध

29 ;बपकरू91द्ध 1946 ;0द्ध

(0 1098) , , 20 ;बपकरू224द्ध 2024

सं॰ 08/नीति-गृह स्थल (क्रय)-09-01/2023-618(8)—रा0,

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

————

संकल्प

18 नवम्बर 2024

मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना, 2024

लोक कल्याणकारी राज्य की संकल्पना के अनुरूप राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वासभूमि विहीन परिवारों तथा जल निकायों से हटाये गये परिवारों को आवासन हेतु वासभूमि उपलब्ध कराये जाने के लिए सरकारी भूमि यथा-गैरमजरूआ मालिक, गैरमजरूआ आम, भू-हदबंदी से अतिरेक अर्जित भूमि तथा बी0 पी0 पी0 एच0 टी0 एक्ट, 1947 के तहत वासगीत पर्चा/बन्दोबस्ती की कार्रवाई से अनाच्छादित सुयोग्य श्रेणी के परिवारों/व्यक्तियों को मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना के तहत प्रत्येक लाभुक परिवार/व्यक्ति को रैयती भूमि क्रय हेतु सरकार स्तर से समय-समय पर विनिश्चित सहायता राशि विभाग द्वारा उपलब्ध कराये जाने का यह विनिश्चय है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वासभूमि विहीन सुयोग्य श्रेणी के परिवारों को सरकारी भूमि यथा गैरमजरूआ मालिक, गैरमजरूआ आम, भूहदबंदी से अतिरेक अर्जित भूमि की बंदोबस्ती तथा बी0पी0पी0एच0टी0 एक्ट के तहत पर्चा द्वारा वास भूमि उपलब्ध करायी जाती है। परन्तु, सरकारी भूमि से ही प्रत्येक राजस्व ग्राम के सभी सुयोग्य श्रेणी के सभी वासविहीन परिवारों को आच्छादित नहीं किया जा सकता है। अतएव राज्य सरकार द्वारा सभी वासभूमि विहीन सुयोग्य श्रेणी के परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने के संकल्प को मूर्त्त रूप देने के लिए राज्य में सम्प्रति गृहस्थल योजना संचालित है। गृहस्थल योजना के अन्तर्गत, वैसे वासभूमि विहीन सुयोग्य श्रेणी के परिवार जिन्हें सरकारी भूमि से आच्छादित नहीं किया जा सकता है, उन्हें रैयती भूमि क्रय कर 05 (पाँच) डिसमिल प्रति परिवार वासभूमि उपलब्ध करायी जाती है। तथापि, इस योजना के तहत इच्छुक भू-धारियों से भूमि/भू-खंड प्राप्त करने में कतिपय व्यवहारिक कठिनाईयाँ परिलक्षित हुई हैं।

भूमि अधिग्रहण/भू-अर्जन एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई स्तर पर वैधानिक अवधि नियत है। साथ ही, भू-अर्जन में भू-मालिक की रजामंदी आवश्यक नहीं है, जिससे कभी-कभी दखल-दिहानी की समस्या उद्‌भूत होती है, जो सामाजिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

अतएव सामाजिक ताना बाना को अक्षुण्ण रखते हुए त्वरित गति से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वासभूमि विहीन सुयोग्य श्रेणी के परिवारों को वास भूमि उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना, 2024 संचालित करने का विनिश्चय किया गया है।2 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 20 ;बपकरू224द्ध 2024 1. मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना के लाभः-राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वासभूमि विहीन सुयोग्य श्रेणी के परिवारों द्वारा आवासीय प्रयोजन के लिए आवश्यकतानुसार रैयती भूमि का क्रय लोक निधि से किया जाएगा। प्रस्तावित क्रय से निम्नांकित लाभ परिकल्पित हैंः-

(i) लाभुक अपनी इच्छा, अभिरूचि एवं आवश्यकता के अनुसार भूमि का चयन कर सकेंगे, जिसमें क्रेता-विक्रेता दोनों की रजामंदी रहेगी;

(ii) त्वरित रूप से प्रश्नगत भूमि विक्रेता द्वारा क्रेता को अन्तरित की जा सकेगी। (iii) परस्पर सहमति से क्रय-विक्रय की व्यवस्था से क्रयोपरान्त क्रेता की दखल-दिहानी सुगम होगी।

(iv) भूमि अर्जन की प्रक्रियात्मक जटिलता से मुक्ति होगी तथा वास हेतु भूमि उपलब्ध कराना सुगम होगा।

2. भूमि क्रय हेतु वित्तीय व्यवस्थाः-(क) सुयोग्य श्रेणी के परिवारों के वास भूमि हेतु न्यूनतम 03 (तीन) डिसमिल रैयती भूमि प्रति परिवार क्रय के लिए आवश्यक निधि योजना एवं विकास विभाग/वित्त विभाग के द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को गृहस्थल योजना मद में बजट उपबंध के अन्तर्गत उपलब्ध होगी।

(ख) किसी वित्तीय वर्ष में इस मद में किए गए बजट उपबन्ध के आलोक में किस-किस जिले को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए तथा उस जिले को कितनी राशि आवंटित की जाए, इसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा निर्धारित किया जायेगा। तदनुसार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग उस जिले को राशि आवंटित करेगा।

3. प्रति परिवार भूमि की अधिसीमा एवं अवस्थितिः-न्यूनतम 03 डिसमिल प्रति परिवार के अनुसार भूमि सेल डीड (Sale Deed) के द्वारा लाभुक सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गई राशि से स्वयं क्रय करेंगे एवं जिसे सरकार द्वारा लाभुक के साथ बन्दोबस्त माना जायेगा तथा इस पर बन्दोबस्ती की सभी शर्त्तें लागू होगी। उपर्युक्त भूमि ग्रामीण क्षेत्र में अवस्थित होगी।

4. लाभुक को सहायता राशिः-राज्य के ग्रामीण क्षेत्र में वासभूमि विहीन सुयोग्य श्रेणी के परिवारों/व्यक्तियों को वास हेतु न्यूनतम 03 (तीन) डिसमिल भूमि/भू-खण्ड आवंटित किये जाने की नीति के तहत सरकारी भूमि यथा-गैर मजरूआ खास, गैर मजरूआ मालिक, गैर मजरूआ आम, भू-हदबंदी से अर्जित अतिरेक भूमि सहित सभी प्रकार की सरकारी भूमि अनुपलब्ध रहने की स्थिति में इस मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना के तहत प्रत्येक लाभुक परिवार/व्यक्ति को रैयती भूमि क्रय हेतु एक मुश्त `1,00,000/-(एक लाख रूपये) सहायता राशि विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।

5. जल-जीवन-हरियाली अभियान से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि- जल-जीवन-हरियाली अभियान के कार्यान्वयन के क्रम में जीर्णोद्धार एवं अतिक्रमण हटाये जाने से जलीय निकायों (Water Bodies) यथा-तालाब, नहर, झील, नदी, पाईन, इत्यादि के किनारे बसे सुयोग्य श्रेणी के वासभूमि विहीन परिवारों का हटाये जाने की स्थिति में ऐसे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रैयती भूमि क्रय हेतु प्रति लाभुक परिवार को एक मुश्त सहायता राशि विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी।

6. लाभुकों की श्रेणी एवं पात्रता :-लाभुकों की श्रेणी एवं पात्रता निम्नवत्‌ होगी :-

(i) सुयोग्य श्रेणी- लाभुक की श्रेणी में इस नीति से राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के वासभूमिहीन सुयोग्य श्रेणी के परिवार/व्यक्ति आच्छादित हाेंगे।

(ii) वासभूमिहीनता- इस योजना के पात्र एवं लाभार्थी राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के सुयोग्य श्रेणी के वैसे परिवार/व्यक्ति होंगे, जिन्हें आवासन हेतु भूमि/भू-खण्ड नही है तथा जिन्हें पूर्व में किसी सरकारी योजनान्तर्गत वासभूमि उपलब्ध नहीं करायी गयी है।

(iii) जल निकायों से हटाये गये सुयोग्य श्रेणी-जल निकायों (Water Bodies) का जीर्णोद्धार तथा इसे अतिक्रमण मुक्त किये जाने की कार्रवाई से प्रभावित होने वाले बन्दोबस्त पर्चाधारी तथा ऐसी भूमि पर सरकार की योजनाअें से आवास प्राप्त लाभुकों को भी उपर्युक्त नीति के अन्तर्गत प्राथमिकता के आधार पर वासभूमि उपलब्ध करायी जायेगी।

(iv) वैसे वासभूमि विहीन सुयोग्य श्रेणी के परिवार/व्यक्ति, जिन्हें वासभूमि क्रय हेतु ''मुख्यमंत्री वासस्थल क्रय सहायता योजना'' के तहत निर्धारित लाभुकों को विनिश्चित सहायता राशि ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रदान की गई है अथवा करायी जानी है, उन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराये जाने का मामला इस नीति से आच्छादित नहीं होगा। स्पष्टीकरण- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधीन ''सुयोग्य श्रेणी'' से तात्पर्य राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-I एवं अनुसूची-II) के वासभूमि विहीन परिवार/व्यक्ति है, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय प्रयोजन हेतु 05 (पाँच) डिसमिल भूमि सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाना है।

स्पष्टीकरण-''परिवार'' से तात्पर्य है पति-पत्नी एवं उनके अविवाहित संतान की एक इकाई।

7. भूमि/भू-खण्ड का चयन एवं अवस्थिति-लाभुक द्वारा क्रय किये जाने वाली वास भूमि का चयन निज ग्राम अथवा संबंधित ग्राम पंचायत के अंतर्गत स्वयं लाभुक द्वारा कहीं भी किया जा सकेगा।;बपकरू464द्ध ;द्धए 20 ;बपकरू224द्ध 2024 3 8. लाभुक का आवेदन-लाभुक द्वारा वास भूमि क्रय हेतु सहायता राशि प्राप्त करने के लिए वास भूमि विहीन रहने संबंधी शपथ-पत्र के साथ विहित प्रपत्र में ऑनलाइन आवेदन संबंधित अंचल अधिकारी को समर्पित कर उसकी ऑनलाइन प्राप्ति रसीद ली जायेगी। आवेदन प्राप्ति की तिथि सहित आवेदक तथा आवेदन का ब्योरा ऑनलाइन संधारित किया जायेगा, जो साफ्टवेयर के माध्यम से किया जायेगा।

9. आवेदन के साथ लाभार्थी के अवस्थिति का साक्ष्य-आवेदनकर्त्ता अपने आवेदन के साथ उक्त ग्राम/मौजा का स्थानीय निवासी अर्थात्‌ वाशिंदा होने से सम्बन्धित साक्ष्य-यथा आधार कार्ड, पारिवारिक सूची मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक पासबुक, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, इत्यादि की स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति अपलोड करेंगे। 10. वासभूमि विहीन होने का प्रमाण-पत्र-संबंधित अंचल अधिकारी लाभुक से प्राप्त आवेदन की जाँचोपरान्त इस आशय का प्रमाण-पत्र निर्गत करेंगे कि आवेदनकर्त्ता परिवार को पूर्व में सरकार द्वारा किसी भी योजना के तहत वास भूमि उपलब्ध नहीं करायी गयी है तथा आवेदनकर्त्ता को कहीं भी कोई वास योग्य सरकारी भूमि वितरण के लिए उपलब्ध नहीं है। अंचलाधिकारी द्वारा यह प्रमाण-पत्र आवेदन प्राप्ति के 15 दिनों के अंदर निर्गत किया जायेगा।

11. चयनित भूमि/भू-खण्ड की जाँचः-आवेदनकर्त्ता क्रय हेतु चयनित भूमि/भू-खण्ड का विस्तृत ब्यौरा यथा-राजस्व ग्राम, थाना नं0, खाता संख्या, खेसरा संख्या (प्लॉट नं0)-चौहदी सहित, खतियान की प्रति, भू-लगान की प्रति, नजरी नक्शा, अन्य सुसंगत भू-अधिकारिता अभिलेख (यदि कोई हो) की प्रति, विक्रेता के आधार Seeded बैंक खाता संख्या तथा मोबाईल संख्या सहित क्रेता-विक्रेता के मध्य नियमानुकूल निष्पादित विहित आपसी समझौता (Mutual Agreement) की मूल प्रति संबंधित अंचलाधिकारी को आवेदन जमा करने के 15 (पन्द्रह) दिनों के अन्दर उपलब्ध करायेंगे। अंचल अधिकारी उक्त समझौते के अधीन भूमि/भू-खण्ड के स्वामित्व एवं अधिकारिता की अपने स्तर से जांच कर संतुष्ट हो लेंगे कि आपसी समझौता में अंकित भूमि भूधारी की है और विवादरहित है। 12. अंचल अधिकारी द्वारा सहायता राशि की स्वीकृति-लाभुक से विहित प्रपत्र में प्राप्त आवेदन एवं अंचल स्तर से निर्गत वासभूमि विहीन होने संबंधी प्रमाण-पत्र के आधार पर संबंधित अंचल अधिकारी द्वारा वास भूमि क्रय हेतु `1,00,000/-(एक लाख रूपये) स्वीकृत किया जायेगा एवं राशि की स्वीकृति की सूचना लाभुकों को पोर्टल/एस0एम0एस0 के माध्यम से दी जायेगी तथा स्वीकृत राशि अंचल अधिकारी द्वारा विक्रेता के आधार Seeded बैंक खाता में उपलब्ध करा दिया जायेगा। राशि उपलब्ध कराये जाने की सूचना लाभुक तथा विक्रेता को तत्काल दे दिया जायेगा। राशि की निकासी भूमि के निबंधन उपरांत लाभुक द्वारा निबंधित दस्तावेज की मूल प्रति एवं इसकी छायाप्रति अंचल अधिकारी को समर्पित किए जाने के पश्चात अंचल अधिकारी द्वारा बैंक के माध्यम से विक्रेता को किया जायेगा।

13. वासभूमि क्रय हेतु समय-सीमा-राशि उपलब्ध कराये जाने के पश्चात्‌ लाभुक द्वारा 03 (तीन) माह के अंदर वास भूमि का क्रय कर निबंधित भूमि के दस्तावेज की मूल प्रति एवं इसकी एक छाया प्रति अंचल अधिकारी को उपलब्ध कराया जायेगा।

14. मानक सेल डीड में निबन्धनः-मानक सेल डीड (Standard Sale Deed) में भूमि का निबंधन किया जायेगा। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा स्टाम्प ड्‌यूटी एवं निबंधन शुल्क निर्धारित किया जायेगा। 15. महिला के साथ क्रय भूमि का निबंधन-इस योजना के तहत वासभूमि से लाभान्वित होने वाले सुयोग्य श्रेणी के परिवार के महिला सदस्य के नाम से वासभूमि का क्रय एवं निबंधन होगा। परिवार में महिला सदस्य नही रहने की स्थिति में वासभूमि पुरूष सदस्य के नाम निबंधित की जा सकेगी।

16. निबंधित भूमि के दस्तावेज का संधारण-अंचल अधिकारी द्वारा भूमि अंतरण संबंधी निबंधित दस्तावेज की छाया प्रति अभिलेख के रूप में संधारित किया जायेगा तथा मूल निबंधित दस्तावेज लाभुक को वापस कर दिया जायेगा।

17. क्रय की गई भूमि से सम्बन्धित सूचना का संधारणः-अंचल अधिकारी एक अलग पंजी में इस योजना के तहत्‌ क्रय की गई भूमि से सम्बन्धित सम्पूर्ण विवरणी मौजावार संधारित करेंगे तथा उसकी एक प्रति जिला कार्यालय में भी संधारित की जायेगी।

18. क्रय की गयी भूमि के दस्तावेजों एवं रोकड़ बही का संधारणः-दस्तावेजों, रोकड़बही आदि की मूल प्रति अंचल कार्यालय में संधारित होगी तथा सुरक्षा प्रयोजन से उसकी दूसरी प्रति भूमि सुधार उप समाहर्त्ता के कार्यालय में Scan करके संधारित की जाएगी। इस कार्य के सम्पादन हेतु आकस्मिक मद में सम्भावित व्यय भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आवंटित राशि से अनुमान्य होगा।

19. क्रय की गयी भूमि का संरक्षण एवं लाभुकों के हितों की रक्षाः-मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना के तहत वास रहित सुयोग्य श्रेणी परिवार के वास हेतु क्रय की गयी भूमि के संरक्षण एवं लाभुक के हितों के रक्षा का दायित्व सम्बन्धित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जिसके क्षेत्राधिकार में प्रश्नग्‌त भूमि अवस्थित होगी, का होगा। 20. क्रय की गई भूमि का दाखिल-खारिज-अंचल अधिकारी बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राप्त आवेदन के आधार पर निबंधित भूमि का दाखिल-खारिज करने के लिए नियमानुसार अग्रेत्तर सभी अनुषंगी कार्रवाईयाँ सुनिश्चित करेंगे तथा जमाबंदी पंजी में यथास्थान ''मुख्यमंत्री गृहस्थल सहायता योजना रैयत'' दर्ज किया जायेगा।

21. क्रय भूमि का उपयोग-लाभुक एवं उनके उत्तराधिकारी द्वारा इस योजना से आच्छादित भूमि का उपयोग मूलतः आवासीय प्रयोजन हेतु किया जाएगा। तथापि, एकल या संकुल पारिवारिक आवासन में भूमि के4 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 20 ;बपकरू224द्ध 2024 आवासीय उपयोग के बाद उपलब्ध रिक्त भूमि पर लाभुक/लाभुकों के द्वारा लघु एवं कुटीर उद्योग, लघु वाणिज्य-व्यवसाय, फलदार या अन्य वृक्षारोपण, सब्जी, मसालों आदि की खेती, पशुपालन, सरकार द्वारा सृजित सामुदायिक हित की संरचना का निर्माण आदि नियमों के आलोक में अनुमान्य होंगे।

22. राशि वसूली-लाभुक द्वारा उपर्युक्त कंडिका-15 में विहित अवधि में वास भूमि क्रय नहीं करने पर स्वीकृत एवं उपलब्ध कराये गये राशि की वसूली हेतु वैधानिक कार्रवाई की जायेगी तथा इस संबंध में लोक माँग बसूली अधिनियम, 1914 के सुसंगत प्रावधान लागू होंगे। साथ ही, यदि विक्रेता भू-धारी निर्धारित समयावधि के अन्तर्गत लाभुक/आवेदनर्काा को भूमि का निबंधन नहीं करता है तो उनके विरूद्व भी समझौता की शर्तों के उल्लंधन के लिए वैधानिक कारवाई की जा सकेगी।

23. छल/कपटपूर्ण आवेदन पर कार्रवाई-यदि किसी आवेदनकर्त्ता द्वारा छल अथवा कपटपूर्ण अर्थात गलत सूचना के आधार पर इस योजना का लाभ लेने का मामला संज्ञान में आयेगा, तो संबंधित अंचल अधिकारी द्वारा जाँचोपरान्त दोषी व्यक्ति के विरूद्ध नियमानुकूल दंडात्मक कार्रवाई प्रारम्भ की जायेगी एवं यथास्थिति राशि वसूलनीय होगा।

24. क्रय भूमि के अन्तरण पर रोक-लाभुक या उसके उत्तराधिकारी द्वारा क्रय भूमि का किसी प्रकार से अन्तरण अर्थात क्रय-विक्रय नहीं किया जायेगा। परन्तु, इस योजना के तहत क्रय की गई भूमि लाभुकों के उत्तराधिकारियों को अनुवांशिक रूप से प्राप्तव्य (Heritable) होगी। ऐसी सभी स्वीकृति की सूचना अंचल अधिकारी सम्बन्धित निबंधन पदाधिकारी/जिला निबंधन पदाधिकारी एवं समाहर्त्ता को भी देंगे ताकि उक्त भूमि का क्रय-विक्रय न किया जा सके।

25. राशि की अधियाचना-चयनित लाभुक तथा प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित वासभूमि विहीन परिवारों की सूची के साथ राशि की अधियाचना जिला समाहर्त्ता द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की जायेगी।

26. उपयोगिता प्रमाण-पत्र-इस योजना के तहत भूमि क्रय हेतु संगत शीर्ष में किसी वित्तीय वर्ष में विभाग स्तर से जिलों को उपलब्ध कराये गये आवंटन की राशि की उपयोगिता प्रमाण-पत्र संबंधित जिला समाहर्त्ता वित्तीय वर्ष के समापन के पश्चात्‌ विभाग को निश्चित रूप से उपलब्ध करायेंगे।

27. अनुश्रवण, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन-इस योजना के अन्तर्गत सुयोग्य श्रेणी के वासभूमि विहीन परिवारों/व्यक्तियों के आवासीय प्रयोजन हेतु रैयती भूमि क्रय सहायता योजना के कार्यान्वयन का समुचित तथा प्रभावी अनुश्रवण एवं मूल्यांकन (Monitoring and Evaluation) के लिए निम्नांकित स्तरों पर समितियाँ गठित की जायेंगी तथा यथावश्यक अनुदेश निर्गत किए जाएंगे :-

क्र0 स्तर समिति के गठन का दायित्व एवं अध्यक्षता सदस्य पर्यवेक्षण अवधि
1 प्रमण्डल प्रमण्डलीय आयुक्त सभी अपर समाहर्त्ता प्रत्येक 03 माह
2 जिला समाहर्त्ता सभी भूमि सुधार उप समाहर्त्ताा तथा जिला अवर निबंधक प्रत्येक माह
3 अनुमण्डल अनुमण्डल पदाधिकारी सभी अंचल अधिकारी तथा अवर निबंधक पाक्षिक (प्रत्येक 15 दिन)

प्रमण्डलीय आयुक्त, समाहर्त्ता तथा संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी इस नीति के कार्यान्वयन में स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं के निराकरण हेतु समिति में विचार-विमर्श कर आवश्यक कारवाई करेंगे। समिति के अध्यक्ष अपने स्तर पर 05 (पाँच) सदस्यीय सदस्यों का मनोनयन कर समस्या का निराकरण करेंगे।

28. कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति-इस योजना के कार्यान्वयन के संबंध में किसी कठिनाई की स्थिति में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा यथा-आवश्यक दिशा-निदेश निर्गत किया जायेगा। 29. प्रभाव की तिथि-यह संकल्प बिहार गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगी। 30. संशोधन-बिहार गृह स्थल योजनान्तर्गत रैयती भूमि की क्रय नीति, 2011 तथा एतद्‌संबंधी पूर्व निर्गत सभी संकल्प/परिपत्र निरसित माने जायेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

(ह॰) अस्पष्ट,

अपर मुख्य सचिव।

;बपकरू464द्ध ;द्धए 20 ;बपकरू224द्ध 2024 5

भूमि/भू-खण्ड क्रय-विक्रय का आपसी समझौता (वयव्याना) का प्रारूप

1. लेख्यकारी (विक्रेता) का नाम तथा स्थायी पता (मोबाइल सं0 तथा आधार सं0 सहित) :-

2. लेख्यधारी (क्रेता) का नाम तथा स्थायी पता (मोबाइल सं0 तथा आधार सं0 सहित)ः-

3. समझौते की भूमि/भू-खण्ड का कुल रकवाः-

4. समझौते की भूमि/भू-खण्ड का कुल मूल्यः-

5 समझौते की भूमि का विवरणः-

(क) विक्रेता/जमाबंदीदार के पिता/माता का नाम तथा स्थायी पताः-

(ख) भूमि की अवस्थितिः-

ग्राम- थाना सं0- वार्ड सं0- अंचल का नाम- जिला-

(ग) भूमि/भू-खण्ड का राजस्व अभिलेख के अनुसार विवरणः-

खाता सं0-.........................., खेसरा सं0-......................., जमाबंदी सं0-......................., भाग सं0.............

......... तथा पृष्ठ सं0...............................,

(घ) भूमि/भू-खण्ड की चौहद्‌दीदार एवं चौकीदार का नामः-

(i) पूरब ः-

(ii) पश्चिम ः-

(iii) उत्तर ः-

(iv) दक्षिण ः-

(ङ) पैमाईश

(i) पूरब :- ..................................फीट .......................... ईच

(ii) पश्चिम :- ..................................फीट .......................... ईच

(iii) उत्तर ः- ..................................फीट .......................... ईच

(iv) दक्षिण ः- ..................................फीट .......................... ईच

(च) नजरी नक्शा ः-

सन्दर्भ एवं शर्त्तों (Reference and Condition)

क्रेता को पूर्वोक्त भूमि/भू-खण्ड हेतु विक्रेता सहमत हो चुके है और भू-खंड को विक्रय करने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम है। विक्रेता को प्रतिफल के रूप में कुल रूपये ` ....... मात्र देना निश्चित हुआ है, जिसमें से कुल ` 1,00,000.00 (एक लाख रूपये) बिहार सरकार के माध्यम से बैंक द्वारा विक्रेता के आधार Seeded बैंक खाता में जमा किया जायेगा एवं शेष राशि क्रेता द्वारा विक्रेता को अन्य माध्यम से दिया जाएगा।

समझौता पत्र में प्रमाणित किया जाता है कि इसमें निहित भूमि लेख्यकारीगण (विक्रेता) को खास हक व हिस्सें में मिला है, जिसपर लेख्यकारीगण (विक्रेता) का उक्त भूमि पर आज तक शान्ति पूर्वक दखल-कब्जा रहते चले आ रहे है एवं बिहार सरकार द्वारा अंचल कार्यालय ........................ मे जमाबंदी संख्या-............. भाग वर्तमान-.............

पृष्ठ संख्या-........... पर लेख्यकारीगण (विक्रेता) के नाम से रसीद (लगान रसीद) कटता चला आता है।

यह कि लेख्यकारीगण (विक्रेता) ने लेख्यधारी (क्रेता) को पूर्ण विश्वास वो यकिन कराये है कि पूर्वोक्त कंडिका संख्या-05 में वर्णित भूमि हर प्रकार के नुक्स, हकियत, स्वत्वदोष, मुकदमा, ऋणभार वो अन्य तरह के विवाद वो सरकारी अधिग्रहण में सम्मिलित नहीं है तथा सभी प्रकार के विल्लंगमों से मुक्त है तथा लेख्यकारीगण (विक्रेता) ने6 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 20 ;बपकरू224द्ध 2024 उक्त भूमि से संबंधित कोई अन्य दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में नहीं लिखे है अथवा निष्पादित किये है। अगर किसी तरह की अड़चन उक्त भूमि पर होगी, तो उसकी पुरी जबाबदेही लेख्यकारीगण (विक्रेता) पर होगा एवं इस स्थिति में लेख्यधारी (क्रेता) तथा सरकार को अधिकार होगा कि अपना दिया हुआ कुल अग्रिम राशि एक मुश्त लेख्यकारीगण से वसूल कर लेंगे तथा यह मामला लोक माँग बसूली अधिनियम, 1914 के सुसंगत प्रावधानों से आच्छादित होगा। इस वास्ते यह आपसी समझौता (बयव्याना) लेख्यकारीगण (विक्रेता) ने लेख्यधारी (क्रेता) के पक्ष में गवाहों के समक्ष अभिलिखित किया गया ताकि समय पर यह प्रमाण रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

अतएव उपरोक्त संदर्भ एवं शर्त्तो के अधीन साक्ष्य स्वरूप दोनों पक्षकारों में बिना किसी दबाव के तथा अपने पूर्ण होशो-हवास में निम्नांकित गवाहों के समक्ष इस समझौते के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये हैः-

गवाह का पूर्ण हस्ताक्षर (नाम एवं पता सहित)ः-

लेख्यकारीगण (विक्रेता) का पूर्ण

हस्ताक्षर, तिथि सहित

1.

2.

लेख्यधारी (क्रेता) का पूर्ण हस्ताक्षर,

तिथि सहित

3.

————

;बपकरू162द्धए ;बपकरू289द्धए

;बपकरू464द्धए ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध ;बपकरू464द्ध;बपकरू289द्ध

;बपकरू464द्ध ;द्ध 1098.571़10.0;बपकरू547द्ध00

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 20 November 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-11-20.1098/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-11-20.1098.