िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 4 अ(cid:274)हायण 1946 (श0)
(सं0 पटना 1112) पटना, सोमवार, 25 नव(cid:224)बर 2024 सं॰ TDRT/70020/01-2023-4816 ———
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बिहार, पर्यटन के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण राज्य है। बिहार अपने धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के लिए वैश्विक पटल पर जाना जाता है। यह बौद्ध धर्म की जन्म स्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है। इन विविध पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के लिए देश-विदेश से अनेेक पर्यटक बिहार आते हैं। वर्ष 2023 में लगभग 8.21 करोड़ देशी-विदेशी पर्यटक द्वारा बिहार में परिभ्रमण किया गया था।विश्व के कई देशों यथा श्रीलंका, मलेशिया, थाईलैंड, मालदीव इत्यादि तथा देश के कई राज्यों यथा जम्मू कश्मीर, गोवा, सिक्किम, राजस्थान इत्यादि की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार पर्यटन प्रक्षेत्र है।अतः यह आवश्यक है कि पर्यटकों को पर्यटन स्थलों पर मानक अनुरूप मूलभूत जनसुविधाएं उपलब्ध हो, ताकि पर्यटक बिहार से सुखद अनुभूति लेकर जाये।
इस उद्देश्य से पर्यटक स्थलों पर सार्वजनिक शौचालय के निर्माण/जीर्णोद्धार एवं दैनिक रख-रखाव हेतु सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाईजेशन, पटना को मनोनयन के आधार पर कार्य आवंटित किये जाने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाईजेशन इस क्षेत्र की नामी संस्था है,जो No Profit No Lossके आधार पर कार्य करती है तथा गुणवत्तापूर्ण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जानी जाती है। इस संस्था के इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के कारण इसके संस्थापक स्व0 श्री बिन्देश्वरी पाठक को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। तद्नुसार सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाईजेशन, पटना को मनोनयन के आधार पर निम्नाकिंत शर्तों के साथ कार्य आवंटित किया जाता है।
बिहार राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर पूर्व से अधिष्ठापित/नये सार्वजनिक शौचालय यथा-5 सीटर, 6-10 सीटर, 11-20 सीटर तथा अधिकतम 25 सीटर तक का दैनिक रख-रखाव एवं संचालन संस्थान द्वारा मासिक दर के आधार पर किया जायेगा। इस दर में दैनिक रख-रखाव हेतु प्रति पाली स्वयंसेवक मानदेय, अनुरक्षण व्यय, सफाई सामग्री, सुपरवाईजर मानदेय, बिजली आपूर्त्ति, पानी आपूर्त्ति का व्यय शामिल होगा।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 25 नवम् बर, 2024 सुलभ संस्थान द्वारा पर्यटक स्थलों पर सफाई एवं रख-रखाव का कार्य दो पालियों में 365 दिन लगातार सुनिश्चित किया जायेगा। प्रमुख पर्यटक स्थलों पर पूर्व से अधिष्ठापित सार्वजनिक शौचालयों के रख-रखाव एवं संचालन हेतु सुलभ इन्टरनेशनल सोशल ऑर्गनाइजेशन को सौंपने से पूर्व इसकी आवश्यक मरम्मती/जीर्णोंद्धार पर्यटन निदेशालय के स्तर पर कराया जाएगा अथवा, इस कार्य हेतु मरम्मती/जीर्णोंद्धार के लिए लागत राशि के भुगतान के आधार पर सुलभ संस्था को भी अधिकृत किया जा सकता है। मरम्मति/जीर्णोंद्धार के उपरांत संस्था इसका रख-रखाव एवं संचालन का कार्य प्रारम्भ करेगी। शौचालय में स्वच्छता सम्बन्धी कर्मियों/स्वयंसेवकों, सुपरवाईजर द्वारा किये जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण समय-समय पर पर्यटन निदेशालय, पटना द्वारा नामित अधिकारियों/पदाधिकारियों द्वारा किया जायेगा। उक्त सार्वजनिक शौचालयों के रख-रखाव एवं संचालन की अवधि में पानी एवं बिजली के कनेक्शन की व्यवस्था में होने वाले व्यय की एकमुश्त राशि का वहन पर्यटन निदेशालय, पटना द्वारा किया जायेगा। पानी एवं बिजली के खपत सम्बन्धी विपत्रों का भुगतान सुलभ संस्था द्वारा किया जायेगा। शौचालयों में सामान्य दैनिक मरम्मती कार्य, जैसे-नल, बल्ब, सिस्टर्न, दरवाजे की कुंडी का प्रतिस्थापन तथा मोटर की मरम्मती का खर्च संस्था द्वारा वहन किया जायेगा तथा मुख्य मरम्मती कार्य, जैसे-शौचालय भवन का पूरा रंग-रोगन, निष्क्रिय बोरिंग के बदले नये बोरिंग का खर्च, नये दरवाजे का प्रतिस्थापन आदि खर्च का वहन पर्यटन निदेशालय, पटना द्वारा किया जायेगा। पर्यटन निदेशालय द्वारा सार्वजनिक शौचालयों के रख-रखाव एवं संचालन के लिए Mobilization Advance के रूप में सुलभ इन्टरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन को भुगतान किया जायेगा, ताकि रख-रखाव एवं संचालन का कार्य प्रारम्भ किया जा सके। उक्त Mobilization Advance का समायोजन पर्यटन निदेशालय द्वारा बाद की
, लिया जायेगा। मरम्मति से संबंधित प्लान, डिजाईन, प्राक्कलित राशि का अनुमोदन एवं तकनीकी स्वीकृति सक्षम प्राधिकार से होने के पश्चात् मरम्मति/जीर्णोंद्धार के लिए लागत राशि पर्यटन निदेशालय, पटना द्वारा अवमुक्त की जायेगी। सार्वजनिक शौचालयों के जीर्णोंद्धार/नवीकरण कार्य हेतु अनुमोदित प्राक्कलित राशि, में 15 प्रतिशत सुपरविजन एवं 18 प्रतिशत जीएसटी की राशि सम्मिलित होगी। इस योजना की तकनीकी स्वीकृति मुख्य अभियंता, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम तथा प्राशासनिक स्वीकृति सक्षम प्राधिकार द्वारा दिया जायेगा। इस कार्यका भुगतान संस्था को चार किश्तों में किया जायेगा, जो निम्न प्रकार हैः-
9.1 प्रथम किश्त की राशि 30 प्रतिशत कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व। 9.2 द्वितीय किश्त की राशि 40 प्रतिशत प्लीन्थ लेवल एवं बोरवेल कार्य पूर्ण करने के उपरांत।
9.3 तृतीय किश्त की राशि 25 प्रतिशत छत लेवल एवं सैप्टिक टैंक कार्य पूर्ण कर लेने
के उपरांत, तथा
9.4 5 प्रतिशत की राशि सम्पूर्ण कार्य पूर्ण करने के उपरांत एक माह के भीतर भुगतान किया जायेगा।
9.5 मरम्मति कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व अविवादित स्थल को सुलभ इन्टरनेशनल सोशल
सर्विस ऑर्गनाइजेशन को उपलब्ध कराया जायेगा।
9.6 सरकार द्वारा निर्धारित जीएसटी या अन्य कर, प्राक्कलित राशि के साथ सुलभ
इन्टरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन को देय होगा।
सार्वजनिक शौचालयों के रख-रखाव एवं संचालन की अवधि तीन (03) वर्षों की होगी। इस अवधि की समाप्ति के बाद पर्यटन निदेशालय एवं सुलभ इन्टरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन की आपसी सहमति से एक-एक वर्ष का अवधि विस्तार किया जायेगा।
सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाईजेशन, पटना को निम्न तालिका के अनुसार सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव एवं संचालन हेतु राशि प्रदान की जायेगी-3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 25 नव(cid:224)बर, 2024
| 1. | अधिष्ठापित 5 सीटर तक वाले सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव एवं संचालन हेतु मासिक राशि | 45,607.00 |
| 2. | अधिष्ठापित 6-10 सीटर तक वाले सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव एवं संचालन हेतु मासिक राशि | 47,852.00 |
| 3. | अधिष्ठापित 11-20 सीटर तक वाले सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव एवं संचालन हेतु मासिक राशि | 50,658.00 |
| 4. | अधिष्ठापित अधिकतम 25 सीटर तक वाले सार्वजनिक शौचालयों का रख-रखाव एवं संचालन हेतु मासिक राशि | 53,184.00 |
| 5. | बिहार राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के परिसरों की साफ-सफाई हेतु प्रति माह प्रति व्यक्ति | 21,177.00 |
| 6. | बिहार राज्य के प्रमुख स्थलों के परिसरों की साफ-सफाई कार्य के देख-रेख हेतु सुपरवाईजर (पर्यवेक्षक) पर होने वाले व्यय प्रति माह प्रति पर्यवेक्षक | 22,615.00 |
और संस्था न्यूनतम मजदूरी के प्रावधानों का अनुपालन करने के लिए सीधे जबावदेह होगी। कंडिका 11 की तालिका के बिन्दु क्रम- 5 और 6 में वर्णित व्यक्तियों की आवश्यकता की गणना निदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जायेगी।
अनुसूची-1 में वर्णित कर्मियों की संख्या सांकेतिक है। आवश्यकता के अनुसार इन सफाईकर्मियों तथा पर्यवेक्षकों की संख्या कंडिका 13 में वर्णित समिति द्वारा निर्धारित की जायेगी। यह सुविधा उन पर्यटक स्थलों पर प्रो-राटा के आधार पर विभाग द्वारा विस्तारित की जा सकेगी जिनका उन्नयन पर्यटन विभाग की राशि से किया गया होया पर्यटक सुविधा के दृष्किोण से कालान्तर में चिन्हित की गई हो। सार्वजनिक शौचालय की सुविधा निःशुल्क होगी। इस हेतु केन्द्रीयकृत रूप से सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाईजेशन, पटना को पर्यटन निदेशालय के माध्यम से भुगतान किया जायेगा। सार्वजनिक शौचालय के जीर्णोद्धार, रख-रखाव एवं सफाई हेतु राशि अनुरक्षण एवं मरम्मती मद से उपलब्ध करायी जायेगी।
उक्त प्रस्ताव पर दिनांक 14.11.2024 को मंत्रिपरिषद् की बैठक में मद् संख्या-29 के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई है।
आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित कर इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, सरकार के सचिव।4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 25 नवम् बर, 2024
| अनुसूची-1 | |||||
| क्र. सं. | पर्यटक स्थल का नाम | सार्वजनिक शौचालय की संख्या | शौचालय सीटर की संख्या | सफाईकर्मी की संख्या | पर्यवेक्षक की संख्या |
| 1. | विष्णुपद मंदिर, गया | 5 | 74 | 48 | 3 |
| 2. | सीताकुंड, गया 1 | 15 | 21 | 2 | |
| 3. | मंगलागौरी, गया | 1 | 12 | 12 | 1 |
| 4. | ब्रह्मयोनी, गया | 1 | 10 | 5 | 1 |
| 5. | प्रेतशिला, गया | 2 | 13 | 18 | 2 |
| 6. | डुंगेष्वरी, गया | 1 | 5 | 3 | 1 |
| 7. | तपोवन, गया | 1 | 10 | 5 | 1 |
| 8. | महाबोधी मंदिर, बोधगया | 3 | 81 | 96 | 10 |
| 9. | सुजाता मंदिर, बोधगया | 1 | 2 | 2 | - |
| 10. | बराबर की गुफा, जहानाबाद | 1 | 10 | 5 | 1 |
| 11. | नालन्दा विष्वविद्यालय खण्डहर के बाह्य परिसर | 1 | 10 | 5 | 1 |
| 12. | राजगीर रोपवे | 4 | 100 | 10 | 2 |
| 13. | विश्वषांति स्तूप, राजगीर | 1 | 5 | 7 | 1 |
| 14. सूर्यकुण्ड, राजगीर | 1 | 11 | 1 | - | |
| 15. | ब्रह्मकुण्ड, राजगीर | 5 | 50 | 20 | 1 |
| 16. | घोड़ा कटोरा, राजगीर | 1 | 2 | 1 | - |
| 17. अशोक स्तम्भ, वैषाली | 1 | 5 | 10 | 1 | |
| 18. | विश्वषांति स्तूप, वैषाली एवं अभिषेक पुष्करणी परिसर | 1 | 5 | 7 | 1 |
| 19. | रामरेखा घाट, बक्सर | 1 | 33 | 25 | 2 |
| 20. | मंदार रोपवे, बाँका | 1 | 20 | 5 | 1 |
| 21. ओढ़नी डैम, बाँका | 1 | 20 | 5 | 1 | |
| 22. | माँ मुण्डेष्वरी मंदिर परिसर, कैमूर | 4 | 58 | 23 | 2 |
| 23. | पुनौराधाम, सीतामढ़ी | 8 | 136 | 35 | 4 |
| 24. केसरिया स्तूप, पूर्वी चंपारण | 1 | 12 | 17 | 2 | |
| 25. | भितीहरवा आश्रम, पष्चिम चंपारण | 1 | 10 | 6 | 2 |
| 26. अहिल्या स्थान, दरभंगा | 1 | 10 | 25 | 2 | |
| 27. | मनेर शरीफ, पटना | 1 | 5 | 13 | 1 |
| 28. | पर्यटन घाट, दीघा, पटना | 1 | 5 | 5 | 1 |
| 29. सभी पर्यटक सूचना केन्द्र (14) | 14 | 70 | 14 | 2 |
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,