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(सं0 पटना 1115) पटना, सोमवार, 25 नव(cid:224)बर 2024 laŒ PMAY-13-01/2024-8652 uxj fodkl ,oa vkokl foHkkx ———
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ''प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)-2.0'' योजना का शुभारंभ दिनांक-01.09.2024 से किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्र में रहने वाले पात्र लाभार्थी/परिवार/ कार्यान्वयन एजेंसियों को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (UT)/प्राथमिक ऋण संस्थानों (PLI) के माध्यम से घर बनाने, खरीदने या सस्ती कीमत पर किराये पर लेने के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करना है। योजना के कार्यान्वयन हेतु मंत्रालय द्वारा मार्गदर्शिका जारी की गयी है।
I.
- Beneficiary-led Construction (BLC):- योजना के इस घटक के अंतर्गत आवास के निर्माण हेतु ऐसे लाभार्थी का चयन किया जाना है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी से संबंध रखता हो। लाभुक के पास निजी स्वामित्व की भूमि (30 से 45 वर्ग मीटर) उपलब्ध हो। आवास में 2 कमरे, रसोई एवं शौचालय/स्नानघर का निर्माण करना आवश्यक है। आवास का निर्माण लाभुक द्वारा स्वयं कराया जाना है। इस घटक के अंतर्गत किसी पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.50 लाख रू0 (एक लाख पचास हजार रू0) की केन्द्रीय सहायता राशि प्राप्त होगी। केन्द्रांश के अनुपातिक राज्य सरकार 1.00 लाख रू0 (एक लाख रू0) प्रति आवासीय इकाई देगी। II.
- Affordable Housing in Partnership (AHP):- यह एक आपूर्ति आधारित व्यवस्था है। इसका उद्देश्य स्लम वासियों/भूमिहीन शहरी गरीब को पक्का आवास उपलब्ध कराते हुए औपचारिक शहरी व्यवस्था में लाना है।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 25 नव(cid:224)बर, 2024 राज्यों/शहरों द्वारा विभिन्न भागीदारी से बनने वाली आवासीय परियोजनाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। किफायती दर पर EWS श्रेणी के लिए आवासों की उपलब्धता बढ़ाने हेतु राज्य अपनी एजेंसियों अथवा उद्योगों सहित निजी क्षेत्र के साथ भागीदारी के माध्यम से, किफायती आवास परियोजनाओं की योजना तैयार कर सकते हैं। किफायती आवास योजना के अंतर्गत केन्द्रांश की प्राप्ति हेतु एक परियोजना में कम-से-कम 25% या 100 आवासीय इकाइयों को EWS वर्ग के लिए आरक्षित करना आवश्यक है। आवास का निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा दिये जाने का प्रावधान है। केन्द्रांश के अनुपातिक राज्य सरकार भी 1.00 लाख रू0 (एक लाख रू0) प्रति आवासीय इकाई देगी। अभिनव-निर्माण तकनीक का उपयोग वाली परियोजनाओं में प्रति इकाई 30 वर्गमीटर कारपेट एरिया के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान (Technology Innovation Grant - TIG) के रूप में 1,000 रू0 प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जायेगा।
III. - Affordable Rental Housing (ARH):- इस घटक का मुख्य उद्देश्य आवास विहीन शहरी प्रवासियों को लघु समयावधि हेतु आवास उपलब्ध कराने के लिए सस्ते दर पर किराये के रूप में हाउसिंग स्टॉक बनाना है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)/ निम्न आय वर्ग (LIG)/आवासविहीन परिवार/प्रवासी/बेघर/निराश्रित/औद्योगिक श्रमिक/ कामकाजी महिलाएं/निर्माण श्रमिक/शहरी गरीब (रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, अन्य सेवा प्रदाता आदि) साथ काम करने वाले प्रवासी/बाजार /व्यापार संघ/ शैक्षिक/ स्वास्थ्य संस्थान/आतिथ्य क्षेत्र/संविदा कर्मचारी आदि हो सकते है। इस घटक के अंतर्गत सार्वजनिक एवं निजी संस्थाओं द्वारा अभिनव-निर्माण तकनीक (Innovative Construction Technology) एवं वैकल्पिक प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर सार्वजनिक/निजी संस्थाओं द्वारा किफायती किराये के आवास निर्माण, संचालन एवं रख-रखाव पर होने वाली परियोजनाओं में केन्द्र सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान के रूप में 3000 रू0 प्रति वर्ग मीटर (10-60 वर्ग मीटर/इकाई) की दर से राशि दिये जाने का प्रावधान है। ऐसी परियोजनाओं में राज्य सरकार भी 2000 रू0 प्रति वर्ग मीटर की दर से राशि देगी। IV. –Interest Subsidy Scheme (ISS) यह केन्द्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है जिसमें शहरी क्षेत्र केे अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)/निम्न आय वर्ग (LIG)/मध्यम आय वर्ग (MIG) के लाभुकों द्वारा मिशन अवधि के दौरान हाउसिंग लोन, आवास की खरीद किया गया है उन्हें आवास ऋण में ब्याज के रूप में सब्सिडी (अधिकतम रू0 1.80 लाख) प्रदान की जाएगी। इस घटक के अंतर्गत लाभान्वित होने के लिए मिशन अवधि के दौरान योजना के पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले लाभुक को योजना का लाभ मिल सकेगा। ब्याज सब्सिडी की पूर्ण राशि भारत सरकार द्वारा दी जाएगी।
मिशन के अंतर्गत आवासों के तीव्र एवं गुणवत्तापरक निर्माण के लिए आधुनिक, अभिनव एवं हरित प्रौद्योगिकियों तथा वैकल्पिक भवन निर्माण सामग्री को अपनाने के लिए एक प्रौद्योगिकी उप-मिशन की स्थापना की जाएगी। उप-मिशन पारंपरिक निर्माण के स्थान पर आधुनिक निर्माण प्रौद्योगिकियों एवं वैकल्पिक भवन निर्माण सामग्री को बढावा देने के लिए विभिन्न विनियामक एवं प्रशासनिक इकाइयों के साथ समन्वय करेगा। उप-मिशन निम्नलिखित पहलुओं पर कार्य करेगा (i) अभिनव निर्माण तकनीक एवं वैकल्पिक भवन निर्माण सामग्री। (ii) प्राकृतिक नवीनीकरण संसाधनों का प्रयोग करके हरित भवन निर्माण। (iii) भूकंप एवं अन्य आपदा रोधी निर्माण। योजना के अंतर्गत आवंटित राशि का 5% राशि क्षमता निर्माण की गतिविधियों में इस्तेमाल किया जायेगा, जिसके अन्तर्गत क्षमता सम्वर्धन, सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) और प्रशासनिक और अन्य व्यय (A&OE), केन्द्र, राज्य एवं निकाय स्तर पर PMU के गठन, प्रशिक्षण, कार्यशाला, अध्ययन, एक्सपोजर विजिट, सामाजिक अंकेक्षण, तृतीय पक्ष गुणवाा निगरानी (Third Party Quality Monitoring-TPQM), सूचना प्रौद्योगिकी, जिओ टैगिंग, अनुसंधान एवं योजना से संबंधित अन्य कार्यकलापों के लिए निर्धारित किया गया है। मिशन के कार्यान्वयन, उसके अन्तर्गत स्वीकृति और निगरानी के लिए एक अन्तर-मंत्रालय समिति अर्थात केन्द्रीय स्वीकृति और निगरानी समिति (CSMC) का गठन सचिव, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में किया जायेगा। CSMC की संरचना और इसके निदेशात्मक कार्य मार्गदर्शिका में दिये गये हैं।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 25 नव(cid:224)बर, 2024 मिशन के विभिन्न संघटकों के अन्तर्गत कार्य योजनाओें और परियोजनाओं के अनुमोदन के लिए अन्तरविभागीय राज्य स्तरीय स्वीकृति और निगरानी समिति (SLSMC ) का गठन मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में किया जायेगा। मिशन के अन्तर्गत राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी (SLNA) के रूप में बिहार शहरी विकास अभिकरण (बुडा) रहेगा। इसके अन्तर्गत योजना के समन्वय एवं क्रियाकलापों के लिए विभागीय प्रधान सचिव/सचिव के द्वारा राज्य मिशन निदेशक नामित किया जायेगा।
नगर निकाय/कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) के तकनीकी आर्थिक मूल्यांकन करने के लिए राज्य/संघ राज्य क्षेत्र द्वारा राज्य स्तरीय मूल्यांकन समिति (SLAC) का गठन किया जायेगा। SLAC अपनी मूल्यांकन प्रतिवेदन को अपनी टिप्पणियों और संस्तुतियों सहित, SLSMC का अनुमोदन प्राप्त करने के लिए, SLNA को प्रस्तुत करेगी।
iz/kkuea=h vkokl ;kstuk ¼'kgjh½&2-0 आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा सम्पोषित योजना है। इस योजना के चार घटकों में भारत सरकार द्वारा आवास निर्माण हेतु निधि की व्यवस्था की जायेगी। लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक एवं भागीदारी में किफायती आवास निर्माण (AHP) घटक हेतु केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि 1.50 लाख रू0 प्रति इकाई के विरूद्ध राज्य सरकार द्वारा कम-से-कम 1.00 लाख (एक लाख रू0) राज्यांश की राशि दी जायेगी। किफायती रेंटल आवास घटक में अभिनव-निर्माण तकनीक का प्रयोग कर बनी किफायती किराये की आवास परियोजनाओं में केन्द्र सरकार द्वारा 3000/- रूपये प्रतिवर्ग मीटर के विरूद्ध राज्य सरकार द्वारा 2000/- रूपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से राशि दी जायेगी। ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है जिसमें ब्याज पर मिलने वाली सब्सिडी का वहन पूर्ण रूप से भारत सरकार द्वारा किया जायेगा। इस योजना में वित्तीय वर्ष 2024-25 से वित्तीय वर्ष 2029-30 तक लगभग कुल पाँच लाख आवास बनाया जाना संभावित है। फलतः राज्य अंतर्गत प्रतिवर्ष औसतन एक लाख आवास के निर्माण पर राशि रू0 1000/- करोड़ राज्यांश के व्यय का अनुमान है।
7. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक-14.11.2024 के मद संख्या-07 के रूप में प्रस्ताव पर स्वीकृति प्राप्त है।
आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रति सरकार के सभी अपर मुख्य सचिव/सभी प्रधान सचिव/सभी सचिव/सभी प्रमण्डलीय आयुक्तों/सभी जिला पदाधिकारी/महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,