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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 27 November 2024

Published 27 November 2024

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2024-11-27.1128
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 6 अ(cid:274)हायण 1946 (श0)

(सं0 पटना 1128) पटना, बुधवार, 27 नव(cid:224)बर 2024 ———

सं॰ वि॰स॰वि॰-24/2024- /वि॰स॰--''बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2024'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक-26 नवम्बर, 2024 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024 [ ú ú ú ] भारत गणराज के पचहत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधानमंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-

- (1) यह अधिनियम बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2024 कहा जा सकेगा।

(2) (क) इस अधिनियम की धारा 6, धारा 34 और धारा 36 दिनांक 27 सितम्बर, 2024 से प्रभावी माने जायेंगे;

(ख) इस अधिनियम की धारा 2 से धारा 5, धारा 7 से धारा 33 और धारा 35 दिनांक 1 नवम्बर, 2024, से प्रभावी माने जायेंगे। - बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (जिसे इसमें इसके पश्चात्‌ मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 9 की उपधारा (1) में, ''मानवीय उपभोग के लिए मादक शराब'' शब्दों के पश्चात्‌, ''और वि—त अतिरिक्त निष्प्रभावी एल्कोहल या परिशोधित स्पिरिट, जो मानवीय उपभोग के लिए अल्कोहलिक लिकर के विनिर्माण हेतु प्रयुक्त किया जाता है,'' शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 10 की उपधारा (5) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 11 के पश्चात्‌, निम्नलिखित धारा अन्तःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ः-

'' (1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, यदि सरकार का यह समाधान हो जाता है कि,-

(क) माल या सेवाओं या दोनों की किसी पूर्ति पर राज्य कर के उद्‌ग्रहण (उसके गैर उद्‌ग्रहण सहित) के संबंध में कोई पद्धति साधरणतया प्रचलन में थी या है ; और

(ख) ऐसी पूर्तियां, जो निम्नलिखित के लिए दायी थीं या हैं-

(i) उन मामलों में, जहां उक्त पद्धति के अनुसार, राज्य कर उद्‌ग्रहीत नहीं किया गया था या उद्‌ग्रहीत नहीं किया जा रहा है, राज्य कर; या

(ii) राज्य कर की ऐसी रकम, जिसे उक्त पद्धति के अनुसार उद्‌ग्रहीत किया जा रहा था या किया जा रहा है, से उच्चतर रकम है,

तो सरकार, परिषद की सिफारिश पर, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा यह निदेश दे सकेगी कि, यथास्थिति, ऐसी पूर्तियों पर संदेय संंपूर्ण राज्य कर या ऐसी पूर्तियों पर संदेय राज्य कर के आधिक्य में राज्य कर, यदि उक्त पद्धति नहीं होती तो, उन पूर्तियों के संबंध में संदत्त किया जाना अपेक्षित नहीं होगा, जिन पर राज्य कर, उक्त पद्धति के अनुसार, उद्‌ग्रहीत नहीं किया जा रहा था या उद्‌ग्रहीत नहीं किया जा रहा है या कम उद्‌ग्रहीत किया जा रहा था या कम उद्‌ग्रहीत किया जा रहा है।''।

- मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (3) में,- (i) खंड (ख) में, ''पूर्तिकार द्वारा बीजक या उसके बजाए'' शब्दों के स्थान पर, ''उन मामलों में, जहां बीजक पूर्तिकार द्वारा जारी किया जाना अपेक्षित है, पूर्तिकार द्वारा बीजक या उसके बजाए'' शब्द रखे जाएंगे ;

(ii) खंड (ख) के पश्चात्‌, निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ :- ''(ग) उन मामलों में, जहां बीजक, पूर्तिकार द्वारा जारी किया जाना है, वहां

प्राप्तकर्ता द्वारा बीजक जारी किए जाने की तारीख :'';

(iii) पहले परंतुक में, ''या खंड (ख)'' शब्द, कोष्ठक और अक्षर के पश्चात्‌, ''या खंड

(ग)'' शब्द, कोष्ठक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे। - मूल अधिनियम की धारा 16 में, 1 जुलाई, 2017 से, उपधारा (4) के

पश्चात्‌, निम्नलिखित उपधाराएं अंतःस्थापित की जाएंगी, अर्थात्‌ :-

''(5) उपधारा (4) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 और 2020-21 से संबंधित माल या सेवाओं या दोनों की पूर्ति के लिए किसी बीजक या नामे नोट के संबंध में, रजिस्ट्री—त व्यक्ति, धारा 39 के अधीन किसी विवरणी में, जिसे 30 नवंबर, 2021 तक फाइल किया गया है, इनपुट कर प्रत्यय लेने का हकदार होगा।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024 (6) जहां किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति का रजिस्ट्रीकरण, धारा 29 के अधीन रद्द किया जाता है और तत्पश्चात्‌ या तो धारा 30 के अधीन किसी आदेश द्वारा या अपील प्राधिकारी अथवा अपील अधिकरण या न्यायालय द्वारा किए गए किसी आदेश के अनुसरण में, रजिस्ट्रीकरण का रद्दीकरण प्रतिसंहृत किया जाता है और जहां बीजक या नामे नोट के संबंध में, इनपुट कर प्रत्यय का लाभ रजिस्ट्रीकरण के रद्दीकरण के आदेश की तारीख को उपधारा (4) के अधीन निर्बंधित नहीं था, वहां उक्त व्यक्ति, धारा 39 के अधीन ऐसी विवरणी में माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के लिए ऐसे बीजक या नामे नोट के संबंध में इनपुट कर प्रत्यय लेने का हकदार होगा,-

(i) उस वित्तीय वर्ष के पश्चात्‌ आने वाले 30 नवंबर, जिससे ऐसा बीजक या नामे नोट संबंधित है या सुसंगत वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने तक, इनमें जो भी पूर्वतर हो, दाखिल की जाती है ; या

(ii) यथास्थिति, रजिस्ट्रीकरण के रद्दीकरण की तारीख से या रजिस्ट्रीकरण के रद्दीकरण की प्रभावी तारीख से उस अवधि के लिए, रजिस्ट्रीकरण के रद्दीकरण के प्रतिसंहरण के आदेश की तारीख तक, जहां ऐसी विवरणी रजिस्ट्रीकरण के रद्दीकरण के प्रतिसंहरण के आदेश की तारीख से तीस दिन के भीतर, दाखिल की जाती है ;

इनमें जो भी पश्चातवर्ती हो।''। - मूल अधिनियम की धारा 17 की उपधारा (5) के खंड (झ) में, ''धारा 74, धारा 129 और धारा 130 के अनुसार'' शब्दों और अंकों के स्थान पर, ''वित्तीय वर्ष 2023-24 तक किसी वित्तीय वर्ष के संबंध में धारा 74'' शब्द और अंक रखे जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 21 में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्द और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'' शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 30 की उपधारा (2) में परन्तुक के पश्चात्‌, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ :-

''परंतु यह और कि ऐसे रजिस्ट्रीकरण के रद्दीकरण का प्रतिसंहरण, ऐसी शर्तों और निर्बंधनों के अधीन होगा, जो विहित की जाएं।''।

- मूल अधिनियम की धारा 31 में,- (क) उपधारा (3) के खंड (च) में, ''कोई रजिस्ट्री—त व्यक्ति, जो'' शब्दों के पश्चात्‌ ''ऐसी अवधि के भीतर, जो विहित की जाए'' शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(ख) खंड (छ) के पश्चात्‌, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ :-

' - खंड (च) के प्रयोजनों के लिए, ''पूर्तिकार, जो रजिस्ट्री—त नहीं है'' पद के अन्तर्गत ऐसा पूर्तिकार भी होगा, जो केवल धारा 51 के अधीन कर की कटौती के प्रयोजन के लिए रजिस्ट्री—त है।'।

- मूल अधिनियम की धारा 35 की उपधारा (6) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 39 की उपधारा (3) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ :-

''(3) धारा 51 के अधीन, स्त्रोत पर कर कटौती के अपेक्षित प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, प्रत्येक कलैंडर मास के लिए, ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति में तथा ऐसे समय के भीतर, जो विहित की जाए, मास के दौरान की गई कटौतियों की एक विवरणी इलैक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत करेगा :

परन्तु उक्त रजिस्ट्री—त व्यक्ति, प्रत्येक कलैंडर मास के लिए एक विवरणी प्रस्तुत करेगा, चाहे उक्त मास के दौरान कोई कटौतियाँ की गई हों अथवा नहीं।''।

- मूल अधिनियम की धारा 49 की उपधारा (8) के खंड (ग) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 50 की उपधारा (1) के परन्तुक में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 51 की उपधारा (7) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे। - मूल अधिनियम की धारा 54 में,- (क) उपधारा (3) के दूसरे परन्तुक का लोप किया जाएगा ; (ख) उपधारा (14) के पश्चात्‌ और स्पष्टीकरण से पूर्व, निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :-

''(15) इस धारा में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, माल की पूर्ति की शून्य रेटेड के मद्दे अनुपयोजित इनपुट कर प्रत्यय या माल की शून्य रेटेड पूर्ति के मद्दे संदत्त एकी—त कर का कोई4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024 प्रतिदाय अनुज्ञात नहीं किया जाएगा, जहां माल की ऐसी शून्य रेटेड पूर्ति निर्यात शुल्क के अध्यधीन है।''।

- मूल अधिनियम की धारा 61 की उपधारा (3) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 62 की उपधारा (1) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 63 में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 64 की उपधारा (2) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 65 की उपधारा (7) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 66 की उपधारा (6) में, ''धारा 73 या धारा 74'', शब्दों और अंकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क'', शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 70 की उपधारा (1) के पश्चात्‌, निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌-

''(1क) उपधारा (1) के अधीन समन किए गए सभी व्यक्ति या तो व्यक्तिगत रूप से या किसी प्राधि—त प्रतिनिधि द्वारा उपस्थित होने के लिए आबद्धकर होंगे, जैसा ऐसा अधिकारी निदेष दे और इस प्रकार उपस्थित होने वाला व्यक्ति परीक्षा के दौरान सत्य बोलेगा या कथन करेगा या ऐसे दस्तावेज और अन्य वस्तुएं, जो अपेक्षित हो, प्रस्तुत करेगा।''।

- मूल अधिनियम की धारा 73 में,- (i) शीर्ष में, ''असंदत्त कर'' शब्दों के पूर्व ''वित्तीय वर्ष 2023-24 तक की अवधि से संबंधित'' शब्द और अंक अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(ii) उपधारा (11) के पश्चात्‌ निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :-

''(12) इस धारा के उपबंध वित्तीय वर्ष 2023-24 तक की अवधि से संबंधित कर के निर्धारण हेतु लागू होंगे।''।

- मूल अधिनियम की धारा 74 में,- (i) शीर्ष में, ''असंदत्त कर'' शब्दों के पूर्व ''वित्तीय वर्ष 2023-24 तक की अवधि से संबंधित'' शब्द और अंक अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(ii) उपधारा (11) के पश्चात्‌ और स्पष्टीकरण 1 के पूर्व निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :-

''(12) इस धारा के उपबंध वित्तीय वर्ष 2023-24 तक की अवधि से संबंधित कर के निर्धारण हेतु लागू होंगे।''।

(iii) स्पष्टीकरण 2 का लोप किया जाएगा।

- मूल अधिनियम की धारा 74 के पश्चात्‌, निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :-

'' (1) जहां समुचित अधिकारी को यह प्रतीत होता है कि किसी कर का संदाय नहीं किया गया है या कम संदाय किया गया है या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है या जहां इनपुट कर प्रत्यय गलत तरीके से लिया गया है या उपयोग किया गया है, तो वह ऐसे कर से प्रभार्य उस व्यक्ति को, जिसे इस प्रकार संदत्त नहीं किया गया है या जिसे इस प्रकार कम संदत्त किया गया है या जिस व्यक्ति को त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है, या जिसने गलत तरीके से इनपुट कर प्रत्यय लिया है या उपयोग किया है, उससे यह कारण बताने की अपेक्षा करते हुए क्यों न वह धारा 50 के अधीन उस पर संदेय ब्याज के साथ सूचना में विनिर्दिष्ट रकम तथा इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन उद्‌ग्रहणीय शास्ति का संदाय करे, सूचना की तामील करेगा :

परन्तु कोई सूचना जारी नहीं की जाएगी यदि किसी वित्तीय वर्ष में वह कर एक हजार रूपये से कम है, जिसे संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया है या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है या गलत तरीके से इनपुट कर प्रत्यय लिया है या उपयोग किया है।5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024 (2) समुचित अधिकारी उस वित्तीय वर्ष के लिए, जिसके लिए कर संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया है या गलत तरीके से इनपुट कर प्रत्यय लिया है या उपयोग किया है, वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने के लिए देय तारीख से बयालीस मास के भीतर या त्रुटिवश प्रतिदाय की तारीख से बयालीस मास के भीतर, उपधारा (1) के अधीन सूचना जारी करेगा। (3) जहां उपधारा (1) के अधीन किसी अवधि के लिए सूचना जारी की गई है, वहां समुचित अधिकारी कर से प्रभार्य व्यक्ति पर उपधारा (1) के अन्तर्गत आने वाली अवधियों से भिन्न ऐसी कर अवधियों के लिए असंदत्त या कम संदत्त किए गए या त्रुटिवश प्रतिदाय किए गए कर अथवा गलत तरीके से लिए गए या उपयोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरे अंतर्विष्ट करने वाला एक कथन तामील कर सकेगा।

(4) ऐसे कथन की तामील, उपधारा (1) के अधीन ऐसे व्यक्ति पर, इस शर्त के अधीन रहते हुए कि उपधारा (1) के अन्तर्गत आने वाली अवधियों से भिन्न ऐसी कर अवधियों के लिए विष्वास किए गए आधार पूर्ववर्ती सूचना में उल्लिखित आधारों के समान ही हैं, सूचना की तामील समझी जाएगी।

(5) उस मामले में, जहां कर संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है अथवा गलत तरीके से लिया गया या उपयोग किया गया है, वहां शास्ति,-

(i) कर अपवंचन के लिए कपट या किसी जानबूझकर किए गए मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के कारणों से भिन्न, किसी कारण से, ऐसे व्यक्ति से देय कर के दस प्रतिशत के समतुल्य या दस हजार रूपये, जो भी उच्चतर हो, होगी ;

(ii) कर अपवंचन के लिए कपट या किसी जानबूझकर किए गए मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के लिए ऐसे व्यक्ति से देय कर के समतुल्य होगी।

(6) समुचित अधिकारी कर से प्रभार्य किसी व्यक्ति द्वारा किए गए अभ्यावेदन यदि कोई हो, पर विचार करने के पश्चात्‌, ऐसे व्यक्ति से देय कर, ब्याज और शास्ति की रकम निर्धारित करेगा तथा आदेश जारी करेगा।

(7) समुचित अधिकारी उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट सूचना को जारी करने की तारीख से बारह मास के भीतर उपधारा (6) के अधीन आदेश जारी करेगा :

परन्तु जहां समुचित अधिकारी विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर आदेश जारी करने में असमर्थ है, वहां आयुक्त या आयुक्त द्वारा प्राधि—त कोई अधिकारी जो समुचित अधिकारी से पंक्ति में वरिष्ठ परन्तु राज्य कर संयुक्त आयुक्त की पंक्ति से न्यून न हो, उपधारा (6) के अधीन आदेश जारी करने में विलंब के कारणों को अभिलिखित करके ध्यान में रखते हुए, विनिर्दिष्ट अवधि के अवसान के पूर्व, उक्त अवधि को अधिकतम छह मास की और अवधि तक बढ़ा सकेगा। (8) जहां कर अपवंचना के लिए कपट या किसी जानबूझकर किए गए मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के कारणों से भिन्न किसी कारण के लिए, जहां कोई कर संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है अथवा गलत तरीके से लिया गया या उपयोग किया गया है, वहां कर से प्रभार्य व्यक्ति,-

(i) उपधारा (1) के अधीन सूचना की तामील के पूर्व, ऐसे कर के स्व-अभिनिश्चय अथवा समुचित अधिकारी द्वारा यथा अभिनिश्चित कर के आधार पर धारा 50 के अधीन ऐसे कर का संदेय ब्याज सहित कर की रकम का संदाय कर सकेगा और ऐसे संदाय के बारे में लिखित में समुचित अधिकारी को सूचित कर सकेगा तथा समुचित अधिकारी ऐसी सूचना की प्राप्ति पर इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन इस प्रकार संदत्त कर या संदेय किसी शास्ति के संबंध में, यथास्थिति, उपधारा (1) के अधीन किसी सूचना या उपधारा (3) के अधीन कथन की तामील नहीं करेगा;

(ii) कारण बताओ सूचना के जारी करने के साठ दिन के भीतर धारा 50 के अधीन संदेय ब्याज सहित उक्त कर का संदाय कर सकेगा और ऐसा करने पर, कोई शास्ति संदेय नहीं होगी तथा उक्त सूचना के संबंध में सभी कार्यवाहियां समाप्त हुई समझी जाएंगी।

(9) जहां कर अपवंचना के लिए कपट या जानबूझकर किए गए मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के कारणों से भिन्न किसी कारण के लिए, जहां कोई कर संदत्त नहीं किया गया है या कम संदत्त किया गया या त्रुटिवश प्रतिदाय किया गया है अथवा गलत तरीके से लिया गया या उपयोग किया गया है, वहां कर से प्रभार्य व्यक्ति,-6 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024 (i) उपधारा (1) के अधीन सूचना की तामील के पूर्व, ऐसे कर के स्व-अभिनिश्चय अथवा समुचित अधिकारी द्वारा यथा अभिनिश्चित कर के आधार पर धारा 50 के अधीन ऐसे कर के संदेय ब्याज और ऐसे कर के पन्द्रह प्रतिशत के समतुल्य शास्ति के साथ कर की रकम का संदाय कर सकेगा और ऐसे संदाय के बारे में लिखित में समुचित अधिकारी को सूचित कर सकेगा, तथा समुचित अधिकारी ऐसी सूचना की प्राप्ति पर इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन इस प्रकार संदत्त कर या संदेय किसी शास्ति के संबंध में, उपधारा (1) के अधीन किसी सूचना की तामील नहीं करेगा;

(ii) सूचना के जारी करने के साठ दिन के भीतर धारा 50 के अधीन संदेय ब्याज और ऐसे कर के पच्चीस प्रतिशत के समतुल्य शास्ति के साथ उक्त कर का संदाय कर सकेगा और ऐसा करने पर उक्त सूचना के संबंध में सभी कार्यवाहियां समाप्त हुई समझी जाएंगी।

(iii) आदेश की संसूचना के साठ दिन के भीतर धारा 50 के अधीन संदेय ब्याज और ऐसे कर के पचास प्रतिशत के समतुल्य शास्ति के साथ उक्त कर का संदाय कर सकेगा, और ऐसा करने पर, उक्त सूचना के संबंध में सभी कार्यवाहियां समाप्त हुई समझी जाएंगी।

(10) जहां समुचित अधिकारी की यह राय है कि जहां उपधारा (8) के खंड (i) या उपधारा (9) के खंड (i) के अधीन संदत्त रकम वास्तविक रूप से संदेय रकम से कम है, वहां ऐसी रकम के संबंध में, जो वास्तविक रूप से संदेय रकम से कम है, उपधारा (1) में यथा उपबंधित सूचना करने के लिए अग्रसर होगा।

(11) उपधारा (8) के खंड (i) या खंड (ii) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उपधारा (5) के खंड (i) के अधीन वहां शास्ति संदेय होगी, जहां स्व-निर्धारित कर की कोई रकम या कर के रूप में संग्रहीत कोई रकम ऐसे कर के संदाय की देय तारीख से तीस दिनों के अवधि के भीतर संदत्त नहीं की गई है।

(12) वित्तीय वर्ष 2024-25 से तथा आगे कर के निर्धारण के लिए इस धारा के उपबंध लागू होंगे। स्पष्टीकरण 1- इस धारा के प्रयोजनों के लिए,-

(i) ''उक्त सूचना के संबंध में सभी कार्यवाहियां'' पद के अन्तर्गत धारा 132 के अधीन कार्यवाहियां सम्मिलित नहीं होंगी ;

(ii) जहां उन्हीें कार्यवाहियों के अधीन कर का संदाय करने के लिए दायी मुख्य व्यक्ति, और किन्ही अन्य व्यक्तियो को सूचना जारी की जाती है और मुख्य व्यक्ति के विरूद्ध ऐसी कार्यवाहियां इस धारा के अधीन समाप्त हो गई हैं, वहां धारा 122 और धारा 125 के अधीन शास्ति का संदाय करने के लिए दायी सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कार्यवाहियां समाप्त हुई समझी जाएंगी।

स्पष्टीकरण 2-इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, ''छिपाना'' पद से ऐसे तथ्यों या जानकारी की घोषणा न करना अभिप्रेत है, जिसके द्वारा कराधेय व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन प्रस्तुत की गई विवरणी, विवरण, रिपोर्ट या किसी अन्य दस्तावेज में समुचित अधिकारी द्वारा लिखित में घोषणा करे या पूछे जाने पर कोई जानकारी प्रस्तुत करने की असफलता की घोषणा करे।

- मूल अधिनियम की धारा 75 में,- (क) उपधारा (1) में, ''धारा 74 की उपधारा (2) और उपधारा (10)'' शब्दों, अंकों और कोष्ठकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क की उपधारा (2) और उपधारा (7)'' शब्द, अक्षर, अंक और कोष्ठक अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(ख) उपधारा (2) के पश्चात्‌, निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :- ''(2क) जहां किसी अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण या न्यायालय का यह निष्कर्ष है कि धारा 74क की उपधारा (5) के खंड (ii) के अधीन शास्ति इस कारण से पोषणीय नहीं है कि कर अपवंचन के लिए कपट या जानबूझकर किए गए किसी मिथ्या कथन या तथ्यों को छिपाने के आरोप उस व्यक्ति के विरूद्ध सिद्ध नहीं किए गए हैं, जिसे सूचना जारी की गई थी, ऐसे व्यक्ति द्वारा शास्ति का संदाय धारा 74क की उपधारा (5) के खंड (i) के अधीन होगा।'';

(ग) उपधारा (10) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ :-

7 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024

''(10) न्यायनिर्णयन कार्यवाहियां समाप्त हुई समझी जाएंगी, यदि आदेश धारा 73 की उपधारा (10) या धारा 74 की उपधारा (10) या धारा 74क की उपधारा (7) में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर जारी नहीं किया जाता है।'';

(घ) उपधारा (11) में, ''धारा 74 की उपधारा (10) में'' शब्दों, अंकों और कोष्ठकों के पश्चात्‌ ''या धारा 74क की उपधारा (7) में'' शब्द, अंक और कोष्ठक अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(ङ) उपधारा (12) में, ''धारा 73 या धारा 74'' शब्दों और अंकों के पश्चात्‌ ''या धारा 74क'' शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(च) उपधारा (13) में, ''धारा 73 या धारा 74'' शब्दों और अंकों के पश्चात्‌ ''या धारा 74क'' शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे। - मूल अधिनियम की धारा 104 की उपधारा (1), ''या धारा 74 की उपधारा (2) और उपधारा (10)'' शब्दों, अंकों और कोष्ठकों के पश्चात्‌, ''या धारा 74क की उपधारा (2) और उपधारा (7)'' शब्द, अक्षर, अंक और कोष्ठक अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 107 में,- (क) उपधारा (6) के खंड (ख) में, ''पच्चीस'' शब्द के स्थान पर, ''बीस'' शब्द रखा जाएगा ; (ख) उपधारा (11) के दूसरे परन्तुक में, ''धारा 73 या धारा 74'' शब्दों और अंकों के पश्चात्‌ ''या धारा 74क'' शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 112 में,- (क) 1 अगस्त, 2024 से, उपधारा (1) में, ''उस आदेश की, जिसके विरूद्ध अपील की ईप्सा की गई है, अपील करने वाले व्यक्ति को संसूचित किए जाने की तारीख से'' शब्दों के पश्चात्‌ ''या वह तारीख, जो इस अधिनियम के अधीन अपील अधिकरण के समझ अपील फाइल करने के लिए, परिषद की सिफारिशों पर, सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, जो भी पश्चातवर्ती हो'' शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(ख) 1 अगस्त, 2024 से, उपधारा (3) में, ''उस तारीख से, जिसको उक्त आदेश पारित किया गया है'' शब्दों के पश्चात्‌ ''वह तारीख, जिसको आदेश पारित किया गया है; या उस तारीख से, जो इस अधिनियम के अधीन अपील अधिकरण के समक्ष अपील फाइल करने के प्रयोजन के लिए, परिषद की सिफारिशों पर सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, जो भी पश्चातवर्ती हो'' शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(ग) उपधारा (6) में, ''अपील ग्रहण कर सकेगा'' शब्दों के पश्चात्‌, ''या उपधारा (3) में निर्दिष्ट अवधि के अवसान के पश्चात्‌ तीन मास के भीतर आवेदन फाइल करना अनुज्ञात कर सकेगा'' शब्द, कोष्ठक और अंक अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(घ) उपधारा (8) के खंड (ख) मे,-

(i) ''बीस प्रतिशत'' शब्दों के स्थान पर, ''दस प्रतिशत'' शब्द रखे जाएंगे। (ii) ''पचास करोड़ रूपये'' शब्दों के स्थान पर, ''बीस करोड़ रूपये'' शब्द रखे जाएंगे। - मूल अधिनियम की धारा 122 की उपधारा (1ख) मेंं, 1 अक्टूबर, 2023 से ''कोई इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य प्रचालक'' शब्दों के स्थान पर, ''कोई इलैक्ट्रॉनिक वाणिज्य प्रचालक, जो धारा 52 के अधीन स्त्रोत पर कर संग्रहण के लिए दायी है,'' शब्द और अंक रखे जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 127 में, ''धारा 73 या धारा 74'' शब्दों और अंकों के पश्चात्‌ ''या धारा 74क'' शब्द, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।

- मूल अधिनियम की धारा 128 के पश्चात्‌, निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :-

(1) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, जहां किसी व्यक्ति द्वारा निम्नलिखित के अनुसार कर से प्रभार्य कर की कोई रकम संदेय है,- (क) धारा 73 की उपधारा (1) के अधीन जारी सूचना या धारा 73 की उपधारा (3) के अधीन जारी कथन और जहां धारा 73 की उपधारा (9) अधीन कोई आदेश जारी नहीं किया गया है; या

(ख) धारा 73 की उपधारा (9) के अधीन पारित आदेश और जहां धारा 107 की उपधारा (11) या धारा 108 की उपधारा (1) के अधीन कोई आदेश पारित नहीं किया गया है ; या (ग) धारा 107 की उपधारा (11) या धारा 108 की उपधारा (1) के अधीन पारित आदेश, जहां धारा 113 की उपधारा (1) के अधीन कोई आदेश पारित नहीं किया गया है,

1 जुलाई, 2017 से 31 मार्च, 2020 की अवधि या उसके भाग से संबंधित है, और उक्त व्यक्ति, परिषद्‌ की सिफारिशों पर सरकार द्वारा अधिसूचित की जाने वाली तारीख को या8 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024 उसके पूर्व, यथास्थिति, खंड (क), खंड (ख) या खंड (ग) में निर्दिष्ट सूचना या कथन या आदेश के अनुसार संदेय कर की पूरी रकम का संदाय करता है, धारा 50 के अधीन कोई ब्याज और इस अधिनियम के अधीन कोई शास्ति संदेय नहीं होगी और, यथास्थिति, उक्त सूचना या आदेश या कथन के संबंध में सभी कार्यवाहियां ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, जो विहित की जाएं, समाप्त हुई समझी जाएंगी :

परन्तु जहां धारा 74 की उपधारा (1) के अधीन कोई सूचना जारी की गई है और धारा 75 की उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण या न्यायालय के निदेश के अनुसरण में, समुचित अधिकारी द्वारा कोई आदेश पारित किया जाता है या पारित किया जाना अपेक्षित है, यथास्थिति, उक्त सूचना या आदेश, इस उपधारा के खंड (क) या खंड (ख) में निर्दिष्ट सूचना या आदेश माना जाएगा :

परन्तु यह और कि उन मामलों में, जहां आवेदन धारा 107 की उपधारा (3) या धारा 112 की उपधारा (3) के अधीन फाइल किया जाता है या धारा 117 की उपधारा (1) के अधीन या धारा 118 की उपधारा (1) के अधीन राज्य कर के किसी अधिकारी द्वारा अपील फाइल की जाती है या जहां खंड (ख) या खंड (ग) में निर्दिष्ट आदेश के विरूद्ध या पहले परन्तुक में निर्दिष्ट अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण या न्यायालय के निदेषों के विरूद्ध धारा 108 की उपधारा (1) के अधीन कोई कार्यवाहियां आरंभ की जाती हैं, वहां इस उपधारा के अधीन कार्यवाहियों की समाप्ति इस शर्त के अधीन होगी कि उक्त व्यक्ति उक्त आदेश की तारीख से तीन मास के भीतर, यथास्थिति, अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण या न्यायालय या पुनरीक्षण प्राधिकारी के आदेश के अनुसार संदेय कर की अतिरिक्त रकम, यदि कोई हो, का संदाय करता है ;

परन्तु यह भी कि जहां ऐसा ब्याज और शास्ति पहले ही संदत्त कर दी गई है, उसका कोई प्रतिदाय उपलब्ध नहीं होगा।

(2) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट कोई बात, त्रुटिवश प्रतिदाय के मद्‌दे किसी व्यक्ति के द्वारा किसी रकम के संबंध में लागू नहीं होगी।

(3) उपधारा (1) की कोई बात, उन मामलों के संबंध में लागू नहीं होगी, जहां, यथास्थिति, अपील प्राधिकारी या अपील अधिकरण या न्यायालय के समक्ष उक्त व्यक्ति द्वारा फाइल की गई कोई अपील या रिट याचिका लंबित है, और उक्त व्यक्ति द्वारा उपधारा (1) के अधीन अधिसूचित तारीख को या उसके पूर्व वापस नहीं ली गई है।

(4) इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां उपधारा (1) के अधीन विनिर्दिष्ट कोई रकम संदत्त की गई है और उक्त उपधारा के अधीन कार्यवाहियां समाप्त हुई समझी जाती हैं, वहां धारा 107 की उपधारा (1) या धारा 112 की उपधारा (1) के अधीन कोई अपील, यथास्थिति, उपधारा (1) के खंड (ख) और खंड (ग) में निर्दिष्ट किसी आदेश के विरूद्ध नहीं होगी।''।

- मूल अधिनियम की धारा 171 में,- (क) उपधारा (2) में, निम्नलिखित परन्तुक और स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ :-

''परन्तु सरकार, परिषद की सिफारिशों पर, अधिसूचना द्वारा, उस तारीख को विनिर्दिष्ट कर सकेगी, जिससे उक्त प्राधिकारी इस बारे में परीक्षा के लिए कोई अनुरोध स्वीकार नहीं करेगा कि क्या किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा लिए गए इनपुट कर प्रत्ययों या कर की दर में कमी वास्तव में उसके द्वारा पूर्ति किए गए माल या सेवाओं या दोनों की कीमत में आनुपातिक कमी के समरूप है।

स्पष्टीकरण- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, 'परीक्षा के लिए अनुरोध' से इस बारे में कि क्या किसी रजिस्ट्री—त व्यक्ति द्वारा लिए गए इनपुट कर प्रत्ययों या कर की दर में कमी से वास्तव में उसके द्वारा पूर्ति किए गए माल या सेवाओं या दोनों की कीमत में अनुपातिक कमी हुई है, परीक्षा का अनुरोध करने के लिए आवेदक द्वारा फाइल किया गया लिखित आवेदन अभिप्रेत है'';

(ख) स्पष्टीकरण को उसके स्पष्टीकरण 1 के रूप में पुनःसंख्यांकित किया जाएगा और स्पष्टीकरण 1 के पश्चात्‌ इस प्रकार पुनः संख्यांकित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ :-

'स्पष्टीकरण 2- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, ''प्राधिकारी'' पद के अन्तर्गत ''अपील अधिकरण'' सम्मिलित होगा।'।

- मूल अधिनियम की अनुसूची 3 में, पैरा 8 के पश्चात्‌ और स्पष्टीकरण 1 के पूर्व, निम्नलिखित पैरा अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्‌ :-

''9. इस शर्त के अधीन रहते हुए कि मुख्य बीमाकर्ता, बीमा किए गए व्यक्ति द्वारा संदत्त प्रीमियम की संपूर्ण रकम पर केन्द्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकी—त कर का संदाय9 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024 करता है, सह बीमा करारों में बीमा किए गए व्यक्ति को मुख्य बीमाकर्ता और सह-बीमाकर्ता द्वारा संयुक्त रूप से पूर्ति की गई बीमा सेवाओं के लिए मुख्य बीमाकर्ता द्वारा सह-बीमाकर्ता को सह-बीमा प्रीमियम के प्रभाजन का क्रियाकलाप।

10. इस शर्त के अधीन रहते हुए कि पुनः बीमाकर्ता, बीमा किए गए व्यक्ति द्वारा उक्त अध्यर्पित कमीशन या पुनःबीमा कमीशन सहित संदत्त पुनःबीमा प्रीमियम की संपूर्ण रकम पर केन्द्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकी—त कर का संदाय करता है, बीमाकर्ता द्वारा पुनः बीमाकर्ता को सेवाएं, जिसके लिए अध्यर्पित कमीशन या पुनः बीमा कमी कमीशन पुनः बीमाकर्ता को बीमाकर्ता द्वारा संदत्त पुनः बीमा प्रीमियम से कटौती किया जाता है।''। - उन सभी संदत्त करों या प्रतिलोम इनपुट कर प्रत्यय का कोई भी प्रतिदाय नहीं किया जाएगा, जिनका इस प्रकार संदाय या प्रतिलोम नहीं किया गया होता संग्रहण किया गया है, यदि इस अध्यादेश की धारा 6 सभी तात्विक समयों पर प्रवृत्त होती। (i) बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2024 (बिहार अध्यादेश संख्या-01, 2024) इसके द्वारा निरसित किया जाता है।

(ii) ऐसे निरसन के होते हुए भी उक्त अध्यादेश के द्वारा या अधीन प्रदत्त किसी शक्ति के प्रयोग में किया गया कोई कार्य या की गयी कोई कार्रवाई इस अधिनियम द्वारा या के अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किया गया या की गयी समझी जायेगी, मानो यह अधिनियम उस दिन प्रवृत्त था जिस दिन ऐसा कार्य किया गया था या ऐसी कार्रवाई की गयी थी। प्रस्तावित बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2024 में राज्य की संचित निधि से कोई आवर्ती या गैर-आवर्ती व्यय शामिल नहीं है।

विधेयक के प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।10 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 27 नव(cid:224)बर, 2024 दिनांक 01 जुलाई, 2017 से पूरे देश में माल और सेवा कर प्रणाली लागू है। तद्‌नुसार राज्य में भी बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 लागू किया गया है। जीएसटी परिषद्‌ की 53वीं बैठक में परिषद्‌ द्वारा की गयी अनुशंसाओं को संसद द्वारा वित्त अधिनियम (संख्यांक 02), 2024 में शामिल करते हुए पारित किया जा चुका है तथा इसे भारत के राजपत्र में दिनांक 16 अगस्त, 2024 को प्रकाशित भी किया जा चुका है। केन्द्र सरकार द्वारा माल और सेवा कर अधिनियम में किये गये अधिकांश संशोधनों को 01 नवम्बर, 2024 के प्रभाव से लागू किया गया था। इस परिपेक्ष्य में बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश (बिहार अध्यादेश संख्या-01, 2024) प्रख्यापित करते हुए बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन किया गया। तद्‌ालोक में बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश (बिहार अध्यादेश संख्या-01, 2024) को विधायित करने हेतु बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2024 का प्रारूप तैयार किया गया है। विधेयक प्रारूप में जीएसटी अधिनियम की कई धाराओं में संशोधन के साथ ही तीन नई धाराओं 11क, 74क तथा 128क अन्तःस्थापित किये जाने का प्रस्ताव है। बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में किये गये संशोधन हेतु प्रख्यापित बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश (बिहार अध्यादेश संख्या-01, 2024) को विधायित कराना ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य है, जिसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का मुख्य अभीष्ट है।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:466)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:465)(cid:289)त ।

(cid:466)बहार गजट (असाधारण) 1128-571+10-ड(cid:547)0ट(cid:547)0पी0 ।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 27 November 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2024-11-27.1128/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2024-11-27.1128.