िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 6 अग्रहायण 1946 (श0) सं(cid:201)या 48 पटना, बुधवार, ———————— 27 नवम्बर 2024 (ई0)
भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-10 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
---
भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
---
भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची पृष्ठ
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 11-11 पूरक
---
पूरक-क 12-22
2 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत
सूचनाएं। —————
वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचनाएं
29 अक्तूबर 2024
सं0 6/गो॰-34-06/2016-4731--वाणिज्य-कर विभाग के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम एंव पदनाम के समक्ष स्तम्भ-5 में अंकित स्थान पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता हैः-
| क्र॰ स ॰ ं | पदाधिकारी का नाम/बैच/ कोटि क्रमांक | गृह जिला | पदनाम | पदस्थापन कार्यालय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1. | श्री पूर्णेन्दु कुमार झा 36वीं/3 | मधुबनी | राज्य-कर संयुक्त आयुक्त | प्रशिक्षण प्रकोष्ठ, मुख्यालय, बिहार, पटना। |
| 2. | श्रीमती आफशॉ अजीम 37वीं | नवादा | राज्य-कर सहायक आयुक्त | प्रशिक्षण प्रकोष्ठ, मुख्यालय, बिहार, पटना। |
| 3. | डॉ॰ मदन कुमार चौधरी 40वीं/62 | वैशाली | राज्य-कर संयुक्त आयुक्त | मगध प्रमंडल (अंकेक्षण), गया। |
| 4. | श्री बलराम प्रसाद तृतीय सिमित/171 | सारण | राज्य-कर उपायुक्त | प र्णिया प्रमंडल, वसूली कोषांग, ू प र्णिया। ू |
| 5. | श्री अरूण नाथ 56वीं से 59वीं/265 | पटना | राज्य-कर सहायक आयुक्त | भागलपुर प्रमंडल (अंकेक्षण), भागलपुर। |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।
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29 अक्तूबर 2024
सं0 6/नि॰प्रति॰नियु॰-01-02/2024- 4732--वाणिज्य-कर विभाग के परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त कोटि के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम एंव पदनाम के समक्ष स्तम्भ-5 में अंकित स्थान पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता हैः-
| क्र॰ स ॰ ं | परीक्ष्यमान पदाधिकारी का नाम/बैच/ म घा क्रमांक े | गृह जिला | पदनाम | पदस्थापन कार्यालय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1. | अनु—ति मिश्रा, 68वीं/08 | मधुबनी | परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त | सीतामढ़ी अंचल, सीतामढ़ी। |
| 2. | मिमांसा, 68वीं/10 | भागलपुर | परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त | प र्णिया अंचल-1, ू प र्णिया। ू |
| 3. | श्री विश्वजीत, 68वीं/19 | नवादा | परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त | मोतिहारी अंचल, मोतिहारी। |
| 4. | शौर्या कीर्ति, 68वीं/20 | पटना | परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त | मुजफ्फरपुर पश्चिमी अ चल-1, मुजफ्फरपुर ं |
| 5. | म घा रानी, े 68वीं/196 | जमुई | परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त | प र्णिया अंचल-2, ू प र्णिया। ू |
| 6. | श्री अभिषेक भार्गव, 68वीं/249 | नालन्दा | परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त | ब ग े ुसराय अंचल, ब ग े ुसराय |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।
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30 अक्तूबर 2024
सं0 6/नि0प्रति0नि0-01-01/2013-4766--सुश्री मिनी, राज्य-कर संयुक्त आयुक्त, भागलपुर अंचल-1, भागलपुर सम्प्रति अधिसूचना संख्या-1249 दिनांक 11.03.2024 द्वारा प्रतिनियुक्त राज्य-कर संयुक्त आयुक्त, वाणिज्य-कर मुख्यालय, बिहार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।
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30 अक्तूबर 2024
सं0 6/नि0प्रति0नि0-01-01/2013-4767--श्री विजय कुमार पाठक, राज्य-कर संयुक्त आयुक्त, अंकेक्षण भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर सम्प्रति अधिसूचना संख्या-1247 दिनांक 11.03.2024 द्वारा अपने कार्यो के अतिरिक्त राज्य-कर संयुक्त आयुक्त(प्रभारी), भागलपुर अंचल-1, भागलपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है। प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।
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30 अक्तूबर 2024
सं0 6/नि0प्रति0नि0-01-01/2013-4768--श्री रोहित रंजन, राज्य-कर उपायुक्त, गाँधी मैदान अंचल, पटना सम्प्रति अधिसूचना संख्या-1248 दिनांक 11.03.2024 द्वारा प्रतिनियुक्त राज्य-कर उपायुक्त, वाणिज्य-कर मुख्यालय, बिहार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है। प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।
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18 नवम्बर 2024
सं0 6/सं0-04-02/2021-4968/(वा॰कर)--बिहार वित्त सेवा के 60-62वीं बैच के अधोलिखित पदाधिकारी को राज्य-कर सहायक आयुक्त (पुनरीक्षित वेतनमान लेवल-09 रू0-53,100-1,67,800) के पद पर उनके नाम के सामने कॉलम-05 में अंकित तिथि से सेवा संपुष्ट किया जाता है :-
| क्र0 स0 | पदाधिकारी का नाम/ वर्तमान पदस्थापन | गृह जिला जन्म तिथि/ योगदान की तिथि | संपुष्टि की तिथि | |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | मो0 जावेद अख्तर, राज्य-कर सहायक आयुक्त, बगहा अचंल, बगहा। | गोपालगंज | 02.10.1990/ 22.06.2019 (पूर्वाह्न) | 22.06.2021 |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।4 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 19 नवम्बर 2024 सं0 6/गो0-34-2/2001-4987/वा0कर--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना संख्या-16947 दिनांक 19.10.2024 के आलोक में श्री राकेश कुमार सिंह-I, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिवान को पदभार ग्रहण की तिथि से अध्यक्ष, वाणिज्य-कर न्यायाधिकरण, बिहार, पटना के पद पर नियुक्त किया जाता है। यह नियुक्ति पदभार ग्रहण की तिथि से अधिकतम तीन वर्षों के लिए अथवा उनकी पैतृक सेवा में वार्द्धक्य सेवानिवृति की तिथि (जो पहले हो) तक के लिए होगी।
2. श्री राकेश कुमार सिंह-I को अध्यक्ष, वाणिज्य-कर न्यायाधिकरण के पद पर नियुक्ति की अवधि में उन्हें अपने पैतृक सम्वर्ग कोटि के वेतनमान् में वेतन देय होगा।
3. श्री राकेश कुमार सिंह-I के न्यायिक सेवा का पदाधिकारी होने के कारण राज्य सरकार द्वारा जो सुविधा न्यायिक पदाधिकारी को देय है, वही सुविधा इन्हें भी अनुमान्य होगा।
4. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार सिंह, राज्य-कर आयुक्त-सह-सचिव।
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स्वास्थ्य विभाग
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अघिसूचना
25 अक्तूबर 2024
सं0 15/औ0-14-36/2022-919(15)/स्वा0--औषधि एवं अंगराग अधिनियम 1940 के अधीन गठित औषधि एवं अंगराग नियमावली, 1945 के नियम 50(2), 50(3) एवं 50(ए), नियम 59(1), नियम 69, 69(1) एवं 69ए, नियम 75, नियम 81, नियम 90(1), नियम 122 एफ, नियम 150बी एवं 150एच, चिकित्सा युक्ति नियम 2017 के नियम 8(2), 10 एवं 87ए तथा प्रसाधन सामग्री नियम 2020 के नियम 4 एवं 6 के प्रयोजनार्थ श्री नित्यानंद किसलय उप औषधि नियंत्रक, औषधि नियंत्रण प्रशासन (मुख्यालय), पटना अतिरिक्त प्रभार सारण प्रमंडल को कार्यकारी राज्य औषधि नियंत्रक-सह-मुख्य अनुज्ञापन प्राधिकारी, बिहार पटना तथा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, निदेशालय औषधि नियंत्रण प्रशासन, बिहार, पटना के पदीय दायित्वों के निर्वहन हेतु अपने ही वेतनमान में कार्यकारी व्यवस्था के तहत् प्राधिकृत किया जाता है।
2. यह आदेश दिनांक 01.11.2024 से प्रभावी होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुरेन्द्र राय, विशेष कार्य पदाधिकारी।
------- मुख्य अभियंता का कार्यालय श्सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, सिवान -------- कार्यालय आदेश 29 अक्तूबर 2024 का0आ0सं0 1/स्था0अनु0-12-102/2022ः-68/सिवान--जिला अनुकम्पा समिति-सह-जिलाधिकारी, गोपालगंज की अध्यक्षता में दिनांक 06.12.2023 को आयोजित जिला अनुकम्पा समिति, बैठक की कार्यवाही पत्रांक 16/स्था0, दिनांक 03.01.2024 द्वारा की गई अनुषंसा एवं अवर सचिव, जल संसाधन विभाग, पटना का ज्ञापांक 3बी/स्था0-13 (मार्गदर्षन)-26/2022-1177 दिनांक 03.07.2024 के आलोक में श्री विषाल कुमार (आधार नं0-5839 3112 6057), जन्म तिथि-20.10.1996 दत्तक पुत्र -स्व0 कृष्णा देवी, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी, सारण नहर प्रमंडल, गोपालगंज को अनुकंपा के आधार पर वेतन स्तर-2 (19900-63200) ग्रेड पे-1900 रूपये एवं समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत भत्ते सहित निम्नवर्गीय लिपिक (वर्ग-03) के पद पर नियुक्त किया जाता है। उन्हें आदेश दिया जाता है कि वे अपना योगदान अधीक्षण अभियंता, सारण नहर अंचल, सिवान के कार्यालय में पत्र निर्गत की तिथि से एक माह के अन्दर देना सुनिष्चित करें अन्यथा उनकी नियुक्ति स्वतः रद्द समझी जायेगी। यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है।
2. इनकी वरीयता नियुक्ति तिथि के पूर्व तैयार की गई वरीयता सूची में अंकित व्यक्तियों के बाद होगी। 3. स्व0 कृष्णा देवी के आश्रित परिवार के सदस्यों का भरण-पोषण का पूर्णतः उत्तरदायित्व श्री विषाल कुमार पर होगा। यदि मृतक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की त्रुटि की जाती है तो नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा कारण-पृच्छा प्राप्त कर उनकी सेवा समाप्त की जा सकेगी।
4. नियुक्त पद पर योगदान करते समय उन्हें जिला सिवान के असैनिक शैल्य चिकित्सक का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र हर हालत में प्रस्तुत करना होगा।
5. स्वीकृत रोस्टर बिन्दु के आधार पर नियमानुसार रोस्टर बिन्दु अग्रगणित किया जा सकेगा। 6. योगदान करने हेतु किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। 7. गलत कागजात/अभिलेख के आधार पर नियुक्ति प्राप्त कर लेने की सूचना प्रकट होने पर उन्हें सेवा से विमुक्त कर दिया जायेगा तथा समुचित कार्रवाई नियमानुसार की जायेगी।5 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 8. अनुकंपा के आधार पर नियुक्त होने के पश्चात् पुनः अनुकम्पा का लाभ लेते हुए संवर्ग परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।
9. नियुक्त पद पर योगदान करते समय उन्हें अपनी शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य संबंधित अभिलेख का मूल प्रमाण पत्र एवं वास्तविक जन्म तिथि से संबंधित प्रमाण पत्र मूल में संबंधित पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा जिसकी जाँच कर संतुष्ट होकर उनके द्वारा इनका योगदान स्वीकृत किया जायेगा तथा इसकी सूचना तुरत अधोहस्ताक्षरी को दी जायेगी। 10. उप सचिव, वित्त विभाग के पत्र संख्या 1964 दिनांक 31.8.2005 के अनुसार दिनांक 01.09.2005 एवं उसके बाद नियुक्त राज्य कर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना (NPS) लागू होगा। vkns'k ls] ¼g0½ vLi"V] मुख्य अभियंता।
------- खान एवं भूतत्व विभाग ------- आदेश 15 नवम्बर 2024 सं0 प्र0-I-रा0(आ0)-09/2021-4818/एम0--श्री संजय कुमार, सहायक निदेशक के विरूद्ध आर्थिक अपराध इकाई, पटना द्वारा थाना काण्ड संख्या-19/2021 दिनांक 05.10.2021, धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13 (1)(बी0)-भ0नि0अधि0, 1988 (यथा संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज होने एवं उक्त काण्ड के अनुसंधान के क्रम में उनके आवास एवं अन्य ठिकानों पर तलाशी करने पर आय से अधिक सम्पत्ति बरामद होने के आलोक में उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5416/एम0, दिनांक-28.10.2022 से विभागीय कार्यवाही संचालित करते हुए संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक 547 दिनांक 24.08.2023 द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। श्री संजय कुमार दिनांक-31.08.2023 को वार्धक्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या-1893, दिनांक-14.06.2011 के आलोक में श्री संजय कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को उनकी सेवानिवृति की तिथि के प्रभाव से बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) में सम्परिवर्तित समझा जाय। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
आदेश से, भारत भूषण प्रसाद, अपर सचिव।
------- VIGILANCE DEPARTMENT BIHAR, PATNA FORM No. I ------- DECLARATION The 23rd October 2024
(Under Section 5 of the Bihar Special Courts Act 2009, and Rules 7 of Bihar Special Courts Rules 2010) No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-17/2024-5264--WHEREAS, It was alleged that Shri Suresh Paswan, S/o-Late Ramai Paswan, Village-Gaure, P.S.-Pipra, District-East Champaran while holding the then Mukhiya Office Gram Panchayat-Mahuawa, Block-Chakiya, District-East Champaran in the State of Bihar, committed an offence under clause (e) of sub-section (1) of Section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 or clause (b) of sub-section (1) of section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 (Amended Act, 2018) and that the matter was investigated in Vigilance P.S. Case No. 57/2016 dated 08.06.2016 of,6 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 AND WHEREAS, on scrutiny of relevant materials available on record, the State Government is of the opinion that there is prima faciecase of Commission of theShriSuresh Paswan who has accumulated properties disproportionate to his known sources of income by resorting to corrupt means; AND WHEREAS, it is felt necessary and expedient by the Government that the said offender should be tried by the Special Court Established under sub-section (1) of Section 3 ofSpecial Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022; NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Special Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022, the State Government do hereby declare that the said offence shallbe dealt with under the Special Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022.
By the order of the Governor of Bihar, (Sd.) Illegible, Principal Secretary.
VIGILANCE DEPARTMENT GOVERNMENT OF BIHAR SOOCHNA BHAWAN 4TH FLOOR PATNA ------- ORDER The 23rd October 2024
No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-17/2024-5263--On the basis of the details of property of Shri Suresh Paswan furnished with the application given by the Vigilance Investigation Bureau for filing before the authorized officer of the Special Vigilance Court, there is prima facie evidence against Shri Suresh Paswan, the then Mukhiya, Gram Panchayat-Mahuawa, Block-Chakiya, District-East Champaran, S/o-Late Ramai Paswan, Village-Gaure, P.S.-Pipra, District-East Champaran who is named accused in Vigilance P.S Case No. 57/2016 dated 08-06-2016 registered u/s 13(1)(e)/13(1)(b) read with section-13(2) Prevention of corruption Act 1988, for confiscation of property worth C35,18,229/-(Thirty Five Lakh Eighteen Thousand Two Hundred Twenty Nine Only) which is more than known source of income, under Bihar special Courts Act 2009. 2. The Public Prosecutor is hereby authorized to present an application under Section 13(1) of the Bihar Special Courts Act, 2009 before the court of the authorized officer under Section 3 of the Bihar Special Courts Act, 2009 for confiscation of the abovesaid property of Shri Suresh Paswan.
By Order, Arvind Kumar Chaudhary, Principal Secretary. ------- VIGILANCE DEPARTMENT BIHAR, PATNA FORM No. I ------- DECLARATION The 24th October 2024
(Under Section 5 of the Bihar Special Courts Act 2009, and Rules 7 of Bihar Special Courts Rules 2010) No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-16/2024-5303--WHEREAS, It was alleged that Shri Rajiv Nayan Kumar Singh, S/o-Late Balo Mahto, Permanent Address- Lohiyanagar, P.S.-Nagar Begusarai, District-Begusarai, Present Address-Flat No.- 103, Patliputra Villa Apartment, Khetan Road, Sri Krishnapuri, Patna the then Police Inspector, Sonepur Circle, District-Saran (Chhapra) in the State of Bihar,7 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 committed an offence under clause (e) of sub-section (1) of Section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 or clause (b) of sub-section (1) of section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 (Amended Act, 2018) and that the matter was investigated in Vigilance P.S. Case No. 151/2016 dated 26.12.2016 of, AND WHEREAS, on scrutiny of relevant materials available on record, the State Government is of the opinion that there is prima faciecase of Commission of the Shri Rajiv Nayan Kumar Singh who has accumulated properties disproportionate to his known sources of income by resorting to corrupt means; AND WHEREAS, it is felt necessary and expedient by the Government that the said offender should be tried by the Special Court Established under sub-section (1) of Section 3 ofSpecial Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022; NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Special Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022, the State Government do hereby declare that the said offence shallbe dealt with under the Special Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022.
By the order of the Governor of Bihar, (Sd.) Illegible, Principal Secretary.
------- VIGILANCE DEPARTMENT GOVERNMENT OF BIHAR SOOCHNA BHAWAN 4TH FLOOR PATNA ------- ORDER The 24th October 2024
No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-16/2024-5302--On the basis of the details of property of Shri Rajiv Nayan Kumar Singh furnished with the application given by the Vigilance Investigation Bureau for filing before the authorized officer of the Special Vigilance Court, there is prima facie evidence against Shri Rajiv Nayan Kumar Singh, the then Police Inspector, Sonepur Circle, District-Saran (Chhapra), S/o-Late Balo Mahto, Permanent Address-Lohiyanagar, P.S.-Nagar Begusarai, District-Begusarai, Present Address-Flat No.-103, Patliputra Villa Apartment, Khetan Road, Sri Krishnapuri, Patna who is named accused in Vigilance P.S Case No. 151/2016 dated 26-12-2016 registered u/s 13(1)(e)/13(1)(b) read with section-13(2) Prevention of corruption Act 1988, for confiscation of property worth C16,44,158/-(Sixteen Lakh Forty Four Thousand One Hundred Fifty Eight Only) which is more than known source of income, under Bihar special Courts Act 2009. 2. The Public Prosecutor is hereby authorized to present an application under Section 13(1) of the Bihar Special Courts Act, 2009 before the court of the authorized officer under Section 3 of the Bihar Special Courts Act, 2009 for confiscation of the abovesaid property of Shri Rajiv Nayan Kumar Singh.
By Order, Arvind Kumar Chaudhary, Principal Secretary.
8 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024VIGILANCE DEPARTMENT
BIHAR, PATNA FORM No. I ------- DECLARATION The 24th October 2024
(Under Section 5 of the Bihar Special Courts Act 2009, and Rules 7 of Bihar Special Courts Rules 2010) No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-01/2023-5305--WHEREAS, It was alleged that Shri Sanjay Kumar Gawaliya, S/o-Ram Das Ravidas, Address-Flat No.-206/A, Mundeshwari Enclave, Akashwani Road, Khajpura, P.S.-Rajiv Nagar, District- Patna the then District Sub-Registrar, Muzaffarpur in the State of Bihar, committed an offence under clause (e) of sub-section (1) of Section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 or clause (b) of sub-section (1) of section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 (Amended Act, 2018) and that the matter was investigated in Vigilance P.S. Case No. 48/2019 dated 02.12.2019 of, AND WHEREAS, on scrutiny of relevant materials available on record, the State Government is of the opinion that there is prima faciecase of Commission of theShriSanjay Kumar Gawaliya who has accumulated properties disproportionate to his known sources of income by resorting to corrupt means; AND WHEREAS, it is felt necessary and expedient by the Government that the said offender should be tried by the Special Court Established under sub-section (1) of Section 3 ofSpecial Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022; NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Special Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022, the State Government do hereby declare that the said offence shallbe dealt with under the Special Courts Act, 2009/Bihar Special Courts (Amendment) Act, 2022.
By the order of the Governor of Bihar, (Sd.) Illegible, Principal Secretary.
------- VIGILANCE DEPARTMENT GOVERNMENT OF BIHAR SOOCHNA BHAWAN 4TH FLOOR PATNA ------- ORDER The 24th October 2024
No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-01/2023-5304---On the basis of the details of property of Shri Sanjay Kumar Gawaliya furnished with the application given by the Vigilance Investigation Bureau for filing before the authorized officer of the Special Vigilance Court, there is prima facie evidence against Shri Sanjay Kumar Gawaliya, the then District Sub-Registrar, Muzaffarpur, S/o-Ram Das Ravidas, Address-Flat No.- 206/A, Mundeshwari Enclave, Akashwani Road, Khajpura, P.S.-Rajiv Nagar, District-Patna who is named accused in Vigilance P.S Case No. 48/2019 dated 02.12.2019 registered u/s 13(1)(e)/13(1)(b) read with section-13(2) Prevention of corruption Act 1988, for confiscation of property worth C1,85,14,016/-(One Crore Eighty Five Lakh Fourteen Thousand Sixteen Only) which is more than known source of income, under Bihar special Courts Act 2009.
9 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 20242. The Public Prosecutor is hereby authorized to present an application under Section 13(1) of the Bihar Special Courts Act, 2009 before the court of the authorized officer under Section 3 of the Bihar Special Courts Act, 2009 for confiscation of the abovesaid property ofShriSanjay Kumar Gawaliya.
By Order, Arvind Kumar Chaudhary, Principal Secretary. ------- Office of The Commissioner, Magadh Division, Gaya ------- Office Order The 16th November 2024 No. XI-K-रा0-05/2024-281--In the light of proposal received from District Magistrate, Nawada vide letter no. 276, dated 15.11.2024 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.
| Sl. No. | Officers Name | Designation | Remarks |
| 1 | Sri IVY Morgan | Executive Magistrate, Nawada Sadar | Subdivisional level |
| 2 | Sri Mritunjay Kumar | Executive Magistrate, Nawada Sadar | Subdivisional level |
| 3 | Sri Kundan Kishor Arya | Subdivisional Agriculture Officer, Nawada Sadar | Subdivisional level |
| 4 | Dr. Avinash Kumar | Subdivisional Agriculture Officer – Cum-Executive Magistrate, Rajauli | Subdivisional level |
| 5 | Sri Rajan Kumar | Block Panchayat Raj Officer –cum- Executive Magistrate, Rajauli | Subdivisional level |
| 6 | Sri Sameer Kumar | Nagar Executive Officer, Warsaliganj | Warsaliganj Nagar Parishad Level |
| 7 | Md. Shakil Ahmad | Block Panchayat Raj Officer, Warsaliganj | Block level |
| 8 | Sri Shiv Pujan Prasad Gupta | Block Welfare Officer, Warsaliganj | Block level |
| 9 | Sri Priy Ranjan | Block Statical Officer, Warsaliganj | Block level |
| 10 | Sri Mukul Kumar | Block Statical Officer, Hisua | Block level |
| 11 | Sri Rajan Kumar | Block Statical Officer, Pakaribarawan | Block level |
| 12 | Sri Gaurav Kumar | Block Panchayat Raj Officer, Pakaribarawan | Block level |
| 13 | Sri Vinod Kumar | Revenue Officer, Anchal Nawada Sadar | Circle level |
| 14 | Sri Ranjit Kumar | Block Panchayat Raj Officer, Nawada Sadar | Block level |
Sd./Illegible, Secretary to Commissioner.
————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 36—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in11 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024
भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।
—————
सूचना -------
No. 1109-- I, Anand Kumar S/o Late Devnandan Singh R/o Vill- Gorgawan Khagaul, Patna (Bihar) - 801105 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 14217 dt. 06.08.24 that my name is written in my son's Mohit Kumar CBSE 9th Registration Card and 10th all educational documents as Anand Kumar Singh which is wrong. As per Aadhar my true/ correct name is Anand Kumar. That from now. I will be known as Anand Kumar for all future and legal purposes.
Anand Kumar.
-------
सं0 1110--म(cid:583) उ(cid:215)कष(cid:91) कु मार, (cid:466)पता-(cid:468)जते(cid:219)(cid:289) पा(cid:214)डेय , पता ढेकहाँ गो(cid:232)वामी टोला, पो. ढेकहां बाजार, थाना- पीपराकोठ(cid:548) ं (cid:465)क मेरे आधार काड(cid:91) से.912315317850 म(cid:581) मेरा नाम उ(cid:215)कष(cid:91) कु मार पा(cid:214)डेय दज(cid:91) है जो (cid:465)क
ँ। शपथ प(cid:287) सं. 7838, (cid:465)द.7.9.24.
(cid:468)जला पूव(cid:568) च(cid:224)पारण। सूिचत करता हू गलत है मेरा सह(cid:547) नाम उ(cid:215)कष(cid:91) कु मार है, म(cid:583) इसी नाम से जाना व पहचाना जाता हू
उ(cid:215)कष(cid:91) कु मारA No. 1110--UTKARSH KUMAR, S/0.- Jitendra Pandey, address- Dhekaha Goswami Tola. P.O. Dhekaha Bazar. PS.-Piprakothi, District- East Champaran. I inform that my name is Utkarsh Kumar Pandey in my Aadhar card no. 912315317850 which is wrong, my correct name is Utkarsh Kumar, I am known and recognized by this name. Affidavit no. 7838, dt.7.9.24.
UTKARSH KUMAR.
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No. 1111--I, Dharmveer Ray S/o Late Ram Shreshth Ray, R/o Vill-Kamtaul, P.O- Madhopur, Digharua, P.S.- Tajpur, Samastipur, Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 26886 dt. 03.08.24 that by mistake the father's title of my child has been written as Roy instead of Ray in CBSE 2024, Class XII documents which is wrong. The correct title in Ray.
Dharmveer Ray.
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सं0 1115--मैं कु मारी पिकी, पिता egs'oj प्रसाद सिह, पति संजय कु मार, निवासी- मिलनपल्ली, पोस्ट- किशनगंज, थाना-किशनगंज, जिला किशनगंज (बिहार) अपना नाम संशोधित एवं परिव(cid:7414)तत कर पिकी देवी रख लिया है। भविष्य में मैं इसी नाम का उपयोग एवं हस्ताक्षर करूं गी। द्वारा शपथ पत्र सं 1973/2024 दि. 09.03.2024.
कु मारी पिकीA
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 36—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
12 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024बिहार गजट
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पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 6/श्रम वि॰ आ॰(02)-20/2023 श्र॰सं॰-3929 श्रम संसाधन विभाग ------ संकल्प 20 नवम्बर 2024
श्री राजीव रंजन, तत्कालीन उप निबंधक, श्रमिक संघ, बिहार, सम्प्रति श्रम अधीक्षक, बोर्ड, उप श्रमायुक्त कार्यालय, पटना के विरूद्ध असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि रोक की शास्ति अधिरोपित करने के संबंध में। श्री राजीव रंजन, तत्कालीन उप निबंधक, श्रमिक संघ, बिहार सम्प्रति श्रम अधीक्षक, बोर्ड, उपश्रमायुक्त कार्यालय, पटना के विरूद्ध श्रमायुक्त, बिहार के पत्रांक-728 दिनांक-06.02.2023 द्वारा बिना पूर्वानुमति/सूचना दिये दिनांक-30.09.2022 से दिनांक-22.12.2022 तक अनाधिकृत रूप से कर्त्तव्य से अनुपस्थित रहने तथा कर्त्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता के विरूद्ध गठित आरोप पत्र प्राप्त हुआ। श्रमायुक्त, बिहार के पत्रांक-5026 दिनांक-19.12.2022 द्वारा उक्त आरोप के आलोक में श्री रंजन से स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री रंजन द्वारा दिनांक-19.12.2022 को स्पष्टीकरण समर्पित किया गया जिसमें दिनांक-31.12.2022 तक उपार्जित अवकाश को विस्तारित करने का अनुरोध किया गया। श्री रंजन द्वारा पुनः दिनांक-22.12.2022 को आवेदन समर्पित करते हुए दिनांक-01.08.2022 से 22.12.2022 तक उपार्जित अवकाश में रहने का उल्लेख करते हुए दिनांक-22.12.2022 के पूर्वाह्न में कर्तव्य पर योगदान देने की सूचना दी गई, परन्तु बायोमेट्रिक उपस्थिति विवरणी में दिनांक-22.12.2022 को 05ः02 बजे अपराह्न उपस्थिति दर्ज की गई।
2. गठित आरोप पत्र सक्षम प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत साक्ष्य सहित श्री राजीव रंजन को उपलब्ध कराते हुए विभागीय ज्ञापन ज्ञापांक संख्या-1850 दिनांक-10.07.2023 एवं स्मार पत्रांक-2925 दिनांक-05.10.2023 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री रंजन ने अपने पत्रांक-117 दिनांक-31.10.2023 द्वारा स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया गया। श्री रंजन से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये कागजात के सम्यक समीक्षोपरान्त संतोषजनक नहीं पाये जाने के फलस्वरुप सक्षम प्राधिकार द्वारा श्री राजीव रंजन के विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-16 (क) के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया एवं विभागीय संकल्प संख्या-337 दिनांक-25.01.2024 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई तथा उक्त नियमावली के नियम-17 (5) (ग) के आलोक में श्री श्याम बिहारी मीणा, निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण को संचालन पदाधिकारी एवं श्री चन्दन कुमार, तत्कालीन श्रम अधीक्षक पटना-2 को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
3. श्री श्याम बिहारी मीणा, निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण के पत्रांक-141/गो० दिनांक-09.08.2024 द्वारा श्री राजीव रंजन के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी ने अपने जाँच प्रतिवेदन मेें श्री रंजन के विरूद्ध कार्य के प्रति कर्त्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता का आरोप प्रमाणित होने का अंतिम निष्कर्ष दिया।
4. स्ांचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गई। समीक्षोपरांत सक्षम प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन पर सहमति व्यक्त की गई। नियमानुसार विभागीय13 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 पत्रांक-3211 दिनांक-18.09.2024 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री रंजन से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई।
5. उक्त के आलोक में श्री राजीव रंजन के पत्रांक-3931 दिनांक-24.09.2024 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित किया गया। श्री रंजन से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा की समीक्षा सक्षम प्राधिकार द्वारा की गई एवं समीक्षोपरांत यह पाया गया की श्री रंजन द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा में अपने पूर्व में दिये गये बयानों का ही उल्लेख किया गया है तथा श्री रंजन ने अपने बचाव बयान में ऐसा कोई नया तथ्य नहीं दिया गया है जिससे उनके विरूद्ध गठित आरोप खंडित हो सके।
6. इस प्रकार संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री राजीव रंजन के विरूद्ध आरोप प्रमाणित होने के फलस्वरूप सक्षम प्राधिकार द्वारा उनके विरूद्ध ''असंचायात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि रोकने'' की शास्ति अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है।
7. अतएव श्री राजीव रंजन, तत्कालीन उप निबंधक, श्रमिक संघ, बिहार, सम्प्रति श्रम अधीक्षक बोर्ड, उप श्रमायुक्त कार्यालय, पटना के विरूद्ध ''असंचायात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि रोकने'' की शास्ति अधिरोपित किया जाता है। 8. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति श्री राजीव रंजन, तत्कालीन उप निबंधक, श्रमिक संघ, बिहार सम्प्रति श्रम अधीक्षक, बोर्ड, उप श्रमायुक्त कार्यालय, पटना को निबंधित डाक से प्राप्त करायी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रंजन, संयुक्त सचिवै
------ सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-19/2022--9396 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ संकल्प 21 नवम्बर 2024
श्री विजय कुमार अरोड़ा, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, गया सम्प्रति अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के विरूद्ध उनके केन्द्रीय कारा, गया में पदस्थापन के दौरान तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा दिनांक-29.03.2022 को कारा में किये गये औचक निरीक्षण में पायी गई कतिपय अनियमितता एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में बरती गई गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं लापरवाही के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7491 दिनांक-08.07.2022 द्वारा श्री विजय कुमार अरोड़ा, तत्कालीन अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, गया सम्प्रति अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया को संचालन पदाधिकारी एवं श्री संजय कुमार चौधरी, तत्कालीन सहायक कारा महानिरीक्षक (क्षेत्र), कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. विभागीय कार्यवाही के जाँचोपरान्त आयुक्त के सचिव, मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक- 1806/विधि, दिनांक-26.
04.2023 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया है, जिसमें श्री अरोड़ा के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित कुल 08 आरोपों में से आरोप संख्या-01, 06 एवं 08 को प्रमाणित, आरोप संख्या-02, 03 एवं 04 को आंशिक रूप से प्रमाणित तथा आरोप संख्या-05 एवं 07 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है ।
3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 (3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक-4823 दिनांक-07.06.2023 द्वारा उक्त जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए श्री विजय कुमार अरोड़ा से द्वितीय कारण पृच्छा की माँग की गई। तद्आलोक में श्री विजय कुमार अरोड़ा द्वारा पत्रांक-6556/जेल, दिनांक-14.09.2023 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया।
4. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विश्लेषणोपरान्त श्री विजय कुमार अरोड़ा, तत्कालीन अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, गया सम्प्रति अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14(vi) के प्रावधान के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5186 दिनांक- 08.07.2024 द्वारा उनके विरूद्ध निम्नांकित दण्ड अधिरोपित किया गयाः- ''संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दंड''। 5. विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5186 दिनांक-08.07.2024 द्वारा अधिरोपित उपर्युक्त दण्ड के विरूद्ध श्री विजय कुमार अरोडा़, तत्कालीन अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, गया सम्प्रति अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी द्वारा पत्रांक-5438 दिनांक-29.09. 2024 के माध्यम से पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया है। श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कैदियों को नाश्ता उपलब्ध नहीं करवाने के आरोप के संबंध में कहना है कि उनके द्वारा यह कभी स्वीकार नहीं किया गया कि किसी भी बंदी को नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया गया था, बल्कि उनके द्वारा यह प्रस्तुत किया गया है कि बंदी का बयान न तो किसी14 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 अलग शीट में दर्ज किया गया है और न ही उक्त बंदी के बयान का उल्लेख दिनांक-30.03.2022 की निरीक्षण रिपोर्ट में किया गया है। अतः अनुशासनिक प्राधिकारी का यह निष्कर्ष कि श्री अरोड़ा ने यह स्वीकार किया है कि किसी बंदी को नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया गया था, पूरी तरह से असत्य है। अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा उनके द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर में दिए गए तर्क पर विचार किए बिना ही तथ्यों की पुष्टि की गई है। श्री अरोड़ा का कहना है कि उक्त बंदी का बयान न तो तत्कालीन महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा दिनांक-29.03.2022 को किए गए निरीक्षण के दौरान दर्ज किया गया है और न ही विभागीय कार्यवाही के दौरान महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना या उक्त बंदी को गवाह के रूप में बुलाया गया एवं इस प्रकार उक्त बंदी का श्री अरोड़ा से जिरह नहीं हो सका। केन्द्रीय कारा, गया में रखे गए स्टॉक रजिस्टर को भी विभागीय कार्यवाही के दौरान नहीं देखा गया और न ही उस पर विचार किया गया, हालांकि उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि बंदियों के नाश्ते के लिए पाकशाला भोजन समिति को पर्याप्त खाद्य सामग्री सौंपी गई थी। श्री अरोड़ा का कहना है कि संचालन अधिकारी का यह निष्कर्ष कि एक बंदी को भी नाश्ता न देने से बंदी को नाश्ता न देने के आरोप की गंभीरता कम नहीं होगी, पूरी तरह से गलत है, क्योंकि आरोप बड़ी संख्या में कैदियों को नाश्ता न देने के संबंध में है और इसे साबित करने के लिए प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी को कम से कम कुछ बंदियों को गवाह के रूप में बुलाना चाहिए था।
श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कारा गोदाम में पर्याप्त मात्रा में राशन का नहीं मिलने के आरोप के संबंध में कहना है कि उक्त आरोप मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य के माध्यम से साबित नहीं हुआ है। उनके जवाब पर संचालन पदाधिकारी या अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विचार नहीं किया गया। अनुशासनिक प्राधिकारी यह समझने में भी विफल रहे हैं कि इसी तरह के आरोप पर तत्कालीन जेल उपाधीक्षक को दोषमुक्त किया गया है। अनुशासनिक प्राधिकारी के द्वारा तथ्यों का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर को कार्यवाही के दौरान किसी भी अधिकारी द्वारा नहीं देखा गया है।
श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कैदियों के लिए कम मात्रा में नाश्ता तैयार किये जाने के आरोप के संबंध में कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा दिनांक-30.03.2022 की निरीक्षण रिपोर्ट को सत्य मान लिया गया है। अनुशासनिक प्राधिकारी यह समझने में विफल रहे हैं कि उक्त आरोप किसी भी दस्तावेजी या मौखिक साक्ष्य के माध्यम से साबित नहीं हुआ है। अनुशासनिक प्राधिकारी का निष्कर्ष पूरी तरह से गलत है, क्योंकि यह किसी भी साक्ष्य पर आधारित नहीं है। अनुशासनिक प्राधिकारी यह समझने में भी विफल रहे हैं कि जाँच के दौरान महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना से पूछताछ नहीं की गई। श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कुछ बंदियों के पास से बरामद खाद्य सामग्री के आरोप के संबंध में कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा तथ्यों के उचित मूल्यांकन के बिना आरोप तय किया गया है। संचालन अधिकारी का निष्कर्ष असत्य है, क्योंकि उनका निष्कर्ष किसी भी साक्ष्य पर आधारित नहीं हैं। इसी तरह के आरोप में तत्कालीन उपाधीक्षक को दोषमुक्त कर दिया गया है।
श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी के आरोप के संबंध में कहना है कि संचालन पदाधिकारी तथा अनुशासनिक प्राधिकारी का निष्कर्ष किसी साक्ष्य पर आधारित नहीं हैं, बल्कि उन पदाधिकारियों का निष्कर्ष पूरी तरह से उनके विश्वास पर आधारित है। उनका निवेदन कि जिन बंदियों के कब्जे से आपत्तिजनक वस्तुएँ बरामद की गई थी, उनके नामों की सूची जाँच के किसी भी स्तर पर उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है और इस प्रकार श्री अरोड़ा को उन कैदियों से जिरह करने के अपने महत्वपूर्ण अधिकार से वंचित किया गया है। अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा दिनांक-30. 03.2022 की निरीक्षण रिपोर्ट पर बहुत अधिक भरोसा किया गया है, लेकिन वे यह समझने में विफल रहे हैं कि संचालन अधिकारी के समक्ष जाँच के दौरान न तो दिनांक-30.03.2022 की निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने वाले पदाधिकारी से आरोप साबित करने के लिए गवाह के रूप में पूछताछ की गई और न ही कोई अन्य गवाह उक्त आरोप को साबित करने के लिए आगे आया।
श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में बंदी के पास से वार्ड में नकद राशि एवं डायरी मिलने के आरोप के संबंध में कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी के निष्कर्ष किसी साक्ष्य पर आधारित नहीं हैं। जाँच के दौरान आरोप को साबित करने के लिए किसी मौखिक गवाह को पेश नहीं किया गया। अनुशासनिक प्राधिकारी का निष्कर्ष है कि बंदी बिरेन्द्र प्रसाद ने कैदियों से 500-600 रुपये भोजन के बदले में वसूलने की बात कही है, जो पूरी तरह से गलत है, क्योंकि उनकी जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान किसी भी बंदी ने इस संबंध में कुछ नहीं कहा है।
केन्द्रीय कारा, गया के वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा शर्त्तों के उल्लंघन से संबंधित कतिपय आरोपों की जाँच हेतु विभागीय त्रिसदस्यीय जाँच समिति का गठन किया गया। उक्त समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन के अनुसार केन्द्रीय कारा, गया की वर्ष 2021-22 की निविदा प्रक्रिया में कतिपय कमियाँ पायी गई है यथा कारा पर EMD के साथ Beltron पर अपलोड सभी कागजातों की माँग कारा कार्यालय पर किया जाना Model निविदा शर्तों का उल्लंघन है, के संबंध में श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि उक्त आरोप न तो मौखिक साक्ष्य से सिद्ध हुआ है और न ही दस्तावेजी साक्ष्य से, आरोप केवल अनुमान और अटकलों के आधार पर सिद्ध माना गया है। उनका कहना है कि जिला मजिस्ट्रेट, जिला कारा क्रय समिति के अध्यक्ष हैं, इस पर न तो संचालन अधिकारी द्वारा और न ही अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा ध्यान दिया गया है। पूरी निविदा प्रक्रिया को जिला कारा क्रय समिति द्वारा अंतिम रूप दिया गया है, जिसके श्री अरोड़ा भी एक सदस्य हैं एवं महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इसी तरह के आरोप की जाँच पहले भी जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश के15 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 अनुपालन में एडीएम, विभागीय जाँच द्वारा की गई थी और उक्त जाँच में एडीएम, विभागीय जाँच द्वारा कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी, न ही विभागीय कार्यवाही में किसी भी अधिकारी द्वारा इस पर विचार-विमर्श किया गया था।
ई-निविदा का मूल उद्देश्य पारदर्शी एवं पक्षपात रहित निविदा सम्पन्न कराया जाना है। कारा कार्यालय पर संवेदक को बुलाकर किसी प्रकार के अभिलेख की मांग करना ई-निविदा के मूल उद्देश्यों को विफल करना है, जबकि डिजिटल फॉर्म में अपलोड किये गये सभी अभिलेख उपलब्ध रहते हैं। विभागीय जाँच समिति के जाँच प्रतिवेदन में स्पष्ट है कि केन्द्रीय कारा, गया की वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा में उपरोक्त शर्ताें के समावेश के कारण सरकारी राजस्व की हानि हुई है तथा ई-निविदा के उद्देश्यों का उल्लंघन हुआ है। इससे स्पष्ट है कि कुछ संवेदकों का अनावश्यक रूप से लाभ या हानि पहुँचाने हेतु ऐसे शर्तों का समावेश किया गया, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता का द्योतक है, के संबंध में श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी यह समझने में विफल रहे हैं कि निविदा प्रक्रिया की विभागीय जाँच के एडीएम द्वारा अच्छी तरह से जाँच की गई थी, जिसमें उक्त जाँच अधिकारी को निविदा प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं मिली है। अनुशासनिक प्राधिकारी का यह निष्कर्ष कि निविदा की शर्तों के कारण संवेदक पंकज कुमार को अयोग्य घोषित किया गया, पूरी तरह से गलत है। अनुशासनिक प्राधिकारी यह भी समझने में विफल रहे कि उक्त संवेदक पंकज कुमार जाँच में गवाह के रूप में नहीं आए हैं, जो स्वयं प्रमाणित करता है कि निविदा प्रक्रिया में अनियमितता के संबंध में उक्त संवेदक द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं।
श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि उन पर बिहार जेल मैनुअल के तहत आरोप लगाए गए हैं कि वे दायित्वों के विपरीत काम किये हैं। यह आरोप उपरोक्त आरोपों के आधार पर लगाया गया है और चूँकि उपरोक्त आरोपों के खिलाफ उनकी ओर से अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए उचित स्पष्टीकरण दिया गया है, इसलिए वे विनम्रतापूर्वक इन उपरोक्त दलीलों के साथ खड़े हैं और उनका कहना है कि उन्होंने बिहार जेल मैनुअल के तहत बताए गए किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है। श्री अरोड़ा का कहना है कि उनके उपरोक्त कथनों पर विभागीय कार्यवाही में न तो संचालन अधिकारी द्वारा और न ही अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा विचार किया गया है, इसलिए उनके विरुद्ध वर्तमान आरोप गलत रूप से सिद्ध पाया गया है। श्री विजय कुमार अरोड़ा, तत्कालीन अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, गया सम्प्रति अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी द्वारा समर्पित उक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन के आलोक में उन पर अधिरोपित आरोपाें व दण्ड से विमुक्त करने का अनुरोध किया गया है।
6. श्री विजय कुमार अरोड़ा के द्वारा समर्पित उक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। श्री अरोड़ा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि उनके द्वारा यह कभी स्वीकार नहीं किया गया कि किसी भी बंदी को नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया गया था, अतः अनुशासनिक प्राधिकारी का यह निष्कर्ष कि श्री अरोड़ा ने यह स्वीकार किया है कि किसी बंदी को नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया गया था, पूरी तरह से असत्य है। श्री अरोड़ा का कहना है कि बंदियों के नाश्ते के लिए पाकशाला भोजन समिति को पर्याप्त खाद्य सामग्री सौंपी गई थी। जबकि तत्कालीन कारा महानिरीक्षक के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि बंदियों को सुबह का नाष्ता नहीं दिया जाता है तथा बंदियों का कारा गोदाम में राषन पर्याप्त मात्रा में नहीं पाया गया। जाँच के क्रम में कुछ बंदियों के पास आटा, तेल, दाल, हरी सब्जी इत्यादि सामग्री के पाये जाने से स्पष्ट है कि कतिपय बंदियों द्वारा अलग से खाना पकाया जाता है। दिनांक-29.03.2022 को तत्कालीन महानिरीक्षक द्वारा केन्द्रीय कारा, गया में किये गये निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संध्या के भोजन के लिए तैयार खाद्य सामग्री में 08 क्विंटल आटा के बदले 04 क्विंटल कम एवं 07 क्विंटल सब्जी के बदले 02 क्विंटल सब्जी कम पाया गया, जबकि अभिलेखों में बंदी की संख्या के अनुसार खाद्य सामग्रियों की मात्रा Entry की गई है। इस प्रकार अभिलेखों में बढ़ी हुई अनाज/खाद्यान्न/सब्जी का दर्ज किया जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता का द्योतक है।
बंदियों के लिए कम मात्रा में नाश्ता तैयार किये जाने के आरोप के संंबंध में श्री अरोड़ा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा दिनांक-30.03.2022 की निरीक्षण रिपोर्ट को सत्य मान लिया गया है। उनका कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी का निष्कर्ष पूरी तरह से गलत है, क्योंकि यह किसी भी साक्ष्य पर आधारित नहीं है। जबकि दिनांक-29.03.2022 को निरीक्षी पदाधिकारी तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा केन्द्रीय कारा, गया में किये गये निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 8 क्विंटल आटा के बदले 4 क्विंटल कम एवं 7 क्विंटल सब्जी के बदले 2 क्विंटल कम सब्जी का भोजन तैयार किया जा रहा था। श्री अरोड़ा के द्वारा यह भी नहीं स्पष्ट किया गया कि किस पाकषाला पर कितने कैदियों का भोजन तैयार होता है।
कुछ बंदियों के पास से खाद्य सामग्री बरामद होने के आरोप के संंबंध में श्री अरोड़ा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा तथ्यों के उचित मूल्यांकन के बिना आरोप तय किया गया है। जबकि निरीक्षी पदाधिकारी तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा केन्द्रीय कारा, गया के निरीक्षण के क्रम में बंदी कक्ष संख्या 1/5 में सजावार बंदी बिनोद यादव के पास खाद्य सामग्री बरामद हुई थी।
कारा में आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी के आरोप के संबंध में श्री अरोड़ा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि संचालन पदाधिकारी तथा अनुशासनिक प्राधिकारी का निष्कर्ष किसी साक्ष्य पर आधारित नहीं हैं, जबकि दिनांक-29.03.2022 को तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा केन्द्रीय कारा, गया में किये गये निरीक्षण में बंदी कक्षों से कतिपय आपत्तिजनक सामग्री यथा-खैनी, टिन का बक्सा, चाकू, पेचकष इत्यादि पाया गया। इस आरोप के संंबंध में श्री अरोड़ा द्वारा अपने ़द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में उल्लेख किया गया था कि पूर्व में उनके द्वारा अनेकों बार कारा परिसर की तलाशी16 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 ली गई है और आपतिजनक सामग्री मिलने पर बंदियों एवं कर्मियों के विरूद्ध स्थानीय थाना में F.I.R दर्ज कराई गयी है। श्री अरोड़ा के उक्त कथन से स्पष्ट है कि कारा में निरीक्षण के नाम पर उनके द्वारा महज F.I.R दर्ज कराने की खानापुरी की गई थी। उनके द्वारा कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेश पर रोक लगाने हेतु कोई कारगर व्यवस्था स्थापित नहीं की गई, परिणामस्वरूप तत्कालीन कारा महानिरीक्षक के उक्त निरीक्षण के दौरान बंदी कक्षों से प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी हुई है, जो श्री अरोड़ा की कारा पर प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव को परिलक्षित करता है।
बंदी के पास से वार्ड में नकद राशि एवं डायरी मिलने संबंधी आरोप के संबंध में श्री अरोड़ा द्वारा दायर पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में उल्लिखित किया गया है कि अनुशासनिक प्राधिकारी का निष्कर्ष किसी साक्ष्य पर आधारित नहीं हैं। उनका कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी का निष्कर्ष है कि बंदी बिरेन्द्र प्रसाद ने कैदियों से 500-600 रुपये भोजन के बदले में वसूलने की बात कही है, जो पूरी तरह से गलत है, जबकि दिनांक-29.03.2022 को निरीक्षी पदाधिकारी तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा केन्द्रीय कारा, गया में किये गये औचक निरीक्षण में बंदी बिरेन्द्र प्रसाद के पास नकद राशि के साथ-साथ डायरी भी पाई गयी। बंदी बिरेन्द्र प्रसाद द्वारा बताया गया कि भोजन के लिए प्रति बंदी 500-600 रूपये की वसूली की जाती है। इस प्रकार स्पष्ट है कि तत्कालीन कारा महानिरीक्षक के उक्त निरीक्षण में बंदी के पास वार्ड में बड़ी मात्रा में नकद राषि मिलना एवं डायरी में वसूली की प्रविष्टि इत्यादि मिलना दबंग बंदियों/वार्ड इंचार्ज द्वारा अन्य बंदियों का शोषण किये जाने की पुष्टि करता है।
केन्द्रीय कारा, गया के वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा शर्त्तों के उल्लंघन से संबंधित आरोप के संबंध में श्री अरोड़ा का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि आरोप न तो मौखिक साक्ष्य से सिद्ध हुआ है और न ही दस्तावेजी साक्ष्य से, आरोप केवल अनुमान और अटकलों के आधार पर सिद्ध माना गया है, जबकि केन्द्रीय कारा, गया के वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा शर्तों के उल्लंघन से संबंधित कतिपय आरोपों की जाँच हेतु गठित विभागीय त्रिसदस्यीय जाँच समिति के जाँच प्रतिवेदन के अनुसार स्पष्ट है कि केन्द्रीय कारा, गया की वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा प्रक्रिया में कतिपय कमियाँ पायी गयी है। यथा-कारा पर EMD के साथ Beltron पर Upload सभी कागजातों की माँग कारा कार्यालय पर किया जाना मॉडल निविदा शर्तों एवं विभागीय निर्देशों का उल्लंघन हुआ है।
श्री अरोड़ा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि निविदा प्रक्रिया की जाँच एडीएम, विभागीय जाँच द्वारा की गई थी, जिसमें कोई अनियमितता नहीं मिली, जबकि विभाग स्तर पर गठित त्रिसदस्यीय जाँच समिति के जाँच में पाया गया कि ई-निविदा का मूल उद्देष्य पारदर्षी एवं पक्षपात रहित निविदा सम्पन्न कराया जाना है। कारा कार्यालय पर संवेदक को बुलाकर किसी प्रकार के अभिलेख की माँग करना ई-निविदा के मूल उद्देष्यों को विफल करना है, जबकि डिजिटल फॉर्म में अपलोड किए गए सभी अभिलेख उपलब्ध रहते हैं। विभागीय जाँच समिति के जाँच प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि केन्द्रीय कारा, गया की वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा में उपरोक्त शर्तों के समावेष के कारण सरकारी राजस्व की हानि हुई है तथा ई-निविदा के उद्देष्यों का उल्लंघन हुआ है। इससे स्पष्ट है कि कुछ संवेदकों को अनावष्यक रूप से लाभ या हानि पहुँचाने हेतु ऐसे शर्तों का समावेष किया गया है, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता का द्योतक है। श्री अरोड़ा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि अनुशासनिक प्राधिकारी का यह निष्कर्ष कि निविदा की शर्तों के कारण संवेदक पंकज कुमार को अयोग्य घोषित किया गया, पूरी तरह से गलत है। अनुशासनिक प्राधिकारी यह भी समझने में विफल रहे कि उक्त संवेदक पंकज कुमार जाँच में गवाह के रूप में नहीं आए हैं, जो स्वयं प्रमाणित करता है कि निविदा प्रक्रिया में अनियमितता के संबंध में उक्त संवेदक द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं। श्री अरोड़ा का यह कथन स्वीकार करने योग्य नहीं है, क्योंकि विभागीय कार्यवाही के जाँच में संचालन पदाधिकारी द्वारा पाया गया है कि केन्द्रीय कारा, गया में विभागीय निर्देष के अनुसार निविदा सूचना प्रकाषित न कर सभी हार्ड कॉपी कार्यालय में जमा करने का शर्त जोड़कर मॉडल निविदा शर्ताें का उल्लंघन किया गया है, जो विाीय अनियमितता का द्योतक है। कारा कार्यालय पर संवेदक को बुलाकर EMD एवं शपथ पत्र संबंधी अभिलेख की मांग किया जाना ई-निविदा के मूल उद्देष्यों को विफल करना है, जबकि डिजिटल फॉर्म में अपलोड किए गए सभी अभिलेख उपलब्ध रहते हैं। विभागीय जाँच समिति के जाँच प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि केन्द्रीय कारा, गया की वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा में उपरोक्त शर्तों के समावेष के कारण सरकारी राजस्व की हानि हुई है तथा ई-निविदा के उद्देष्यों का उल्लंघन हुआ है। विभागीय निर्देश एवं मॉडल निविदा शर्तों के विपरीत ऐसे शर्तों का समावेष किये जाने के कारण एक निविदादाता पंकज कुमार निविदा हेतु असफल घोषित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि ई-निविदा का मूल उद्देष्य पारदर्षी एवं पक्षपात रहित निविदा सम्पन्न कराया जाना है। विभाग स्तर पर गठित त्रिसदस्यीय जाँच समिति के जाँच में यह पाया गया है कि विभागीय पत्रांक-2380, दिनांक-30.03.2020 द्वारा काराओं को परिचालित मॉडल ई-निविदा सूचना प्रपत्र के कंडिका-05 में अग्रधन राषि (Earnest Money Deposit) की रसीद की प्रति कार्यालय में जमा करने का वर्णन है, किन्तु अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, गया के पत्रांक-1118, दिनांक-05.03.2022 द्वारा प्रकाषित निविदा सूचना कंडिका-iv में EMD के साथ बेल्ट्रॉन के साईट पर अपलोड किये गये सभी कागजातों की हार्ड कॉपी कारा कार्यालय में जमा करने का निदेष दिया गया है, जो विभागीय निर्देष के प्रतिकूल है तथा मॉडल निविदा शर्तो का उल्लंघन है।
श्री अरोड़ा का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि उन्होंने बिहार कारा हस्तक के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है। श्री अरोड़ा का कहना है कि उनके कथनों पर न तो संचालन पदाधिकारी द्वारा न ही अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा विचार किया गया, जबकि दिनांक-29.03.2022 को तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा केन्द्रीय कारा, गया में किये गये औचक निरीक्षण में पाई गयी कतिपय अनियमितता-बंदियों को सुबह का नाश्ता नहीं मिलने, कारा में स्टॉक के17 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 अनुसार पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध नहीं होने, कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी तथा दबंग कैदियों द्वारा बंदियों से वसूली करने के आरोप विभागीय कार्यवाही की जाँच में प्रमाणित पाये गये हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री अरोड़ा द्वारा अपने पदीय दायित्वों के सम्यक् निर्वहन में गम्भीर लापरवाही एवं निविदा में वित्तीय अनियमितता बरती गई है।
उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री विजय कुमार अरोड़ा द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं शिथिलता बरती गई है। परिणामस्वरूप तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा दिनांक-29.03.2022 को केन्द्रीय कारा, गया में किये गये औचक निरीक्षण में पायी गई कतिपय अनियमितता एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 की निविदा में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं लापरवाही परिलक्षित हुई है। इसके लिए विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री अरोड़ा को "संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दंड" अधिरोपित किया गया है। अतः उनका पुनर्विलोकन अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है।
7. अतः उपरोक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में श्री विजय कुमार अरोड़ा, तत्कालीन अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, गया सम्प्रति अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, मोतिहारी के विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार करने के उपरांत समेकित रूप से उन्हें दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजीव जमुआर, संयुक्त सचिव।
------- सं0 07/प्र०-02 (पुन०)-01/2024--2295 जल संसाधन विभाग ------- संकल्प 18 सितम्बर 2024 विषयः- जल संसाधन विभाग, बिहार के अंतर्गत बिहार कोसी बेसिन विकास परियोजना के तहत् भौतिक प्रतिमान केन्द्र, वीरपुर की स्थापना एवं सफल संचालन निमित्त विभागान्तर्गत 44 (चौवालीस) पदों के समायोजन एवं आवश्यकतानुसार 56 (छप्पन) पदों का नवसृजन करते हुए तकनीकी पदाधिकारियों/विशेषज्ञों एवं अन्य कर्मियों के पदों की स्वीकृति के संबंध में। दिनांक 10.09.2024 को सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में मद संख्या-35 के रूप में लिए गये निर्णय के आलोक में जल संसाधन विभाग, बिहार के अंतर्गत विश्व बैंक द्वारा सम्पोषित बिहार कोसी बेसिन विकास परियोजना (BKBDP) के अधीन सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वाटर रिसोर्सेस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट के तहत् भौतिक प्रतिमान केन्द्र (Physical Modelling Centre), वीरपुर की स्थापना एवं सफल संचालन निमित्त तकनीकी पदाधिकारियों एवं अन्य कर्मियों के 44 (चौवालीस) पदों का समायोजन/हस्तांतरण संलग्न परिशिष्ट-1 के रूप में एवं आवश्यकतानुसार तकनीकी विशेषज्ञों एवं सहायक कर्मियों के 56 (छप्पन) पदों का नवसृजन संलग्न परिशिष्ट-2 के रूप में किया जाता है।
2. परिशिष्ट-1 में उल्लेखित तकनीकी पदाधिकारियों एवं अन्य कर्मियों के 44 (चौवालीस) पद विभागान्तर्गत विभिन्न कार्यालयों से समायोजित/हस्तांतरित किये गये है तथा परिशिष्ट-2 में उल्लेखित तकनीकी विशेषज्ञों एवं सहायक कर्मियों के 56 (छप्पन) पद नवसृजित किये गये है, जिनके विरूद्ध पदस्थापन नियमित नियुक्ति/प्रतिनियुक्ति/संविदा के आधार पर नियोजन/आउटसोर्सिंग के माध्यम से किया जा सकेगा।
3. उपरोक्त समायोजित 44 (चौवालीस) पदों एवं नवसृजित 56 (छप्पन) पदों के अतिरिक्त 02 (दो) डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं 01 (एक) प्रोग्रामर बेल्ट्रोन से तथा 03 (तीन) चालक पर्यटन विभाग से प्राप्त किया जाएगा। 4. भौतिक प्रतिमान केन्द्र, वीरपुर के अन्तर्गत स्थापना एवं अन्य कार्याें का निष्पादन परिशिष्ट-3 के रूप में संलग्न फ्लोचार्ट के पदानुक्रम के अनुसार किया जायेगा।
5. भौतिक प्रतिमान केन्द्र, वीरपुर के अन्तर्गत पदस्थापित पदाधिकारियों एवं कर्मियों का स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मुख्य शीर्ष-2711-बाढ़ नियंत्रण तथा जल निकास, उप मुख्य शीर्ष-01, बाढ़ नियंत्रण, लघुशीर्ष-001-निदेशन तथा प्रशासन, उपशीर्ष-0003-क्षेत्रीय स्थापना, विपत्र कोड 49-2711010010003 से भारित होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कुमुद रंजन, संयुक्त सचिव (प्रबंधन)।18 (cid:464)बहार गजट, 27 नवम्बर 2024 परिशिष्ट-1
| क्र॰ सं॰ | पदनाम | वेतन स्तर (सप्तम् वेतन संरचना के अनुरूप) | पदों की संख्या | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | Joint Director, Physical Modelling Centre (संयुक्त निदेशक, भौतिक प्रतिमान केन्द्र) (अधीक्षण अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-13 | 1 | जल संसाधन विभाग के प्रशासनिक नियंत्राणाधीन स्वशासी निकाय जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान, वाल्मी, पटना अन्तर्गत कमाण्ड क्षेत्र विकास अंचलों/प्रमंडलों के समायोजन के उपरांत विभागीय पत्रांक- क0/स्था0-02/2022-885 दिनांक-06.12.2022 की कंडिका-2 के स्तम्भ-5 में अंकित अतिरेक पद में से समायोजन द्वारा। |
| 2 | Deputy Director, Physical Modelling Division (उप निदेशक, भौतिक प्रतिमान प्रमंड़ल) (कार्यपालक अभियंता (असै0) स्तर का पद) | लेवल-11 | 1 | |
| 3 | Deputy Director, Engineering Services Division (उप निदेशक, अभियंत्रण सेवा प्रमंड़ल) (कार्यपालक अभियंता (असै0) स्तर का पद) | लेवल-11 | 1 | |
| 4 | Assistant Director (Civil), Modelling Unit-1 (सहायक निदेशक (असै॰), प्रतिमान यूनिट-1) (सहायक अभियंता (असै0) स्तर का पद) | लेवल-09 | 1 | |
| 5 | Assistant Director (Civil), Modelling Unit-2 (सहायक निदेशक (असै॰), प्रतिमान यूनिट-2) (सहायक अभियंता (असै0) स्तर का पद) | लेवल-09 | 1 | |
| 6 | Assistant Director, Database (सहायक निदेशक (असै॰), डाटाबेस) (सहायक अभियंता (असै0) स्तर का पद) | लेवल-09 | 1 | |
| 7 | Assistant Director, Store & Workshop (सहायक निदेशक (असै॰), भंडार एवं कार्यशाला) (सहायक अभियंता (असै0) स्तर का पद) | लेवल-09 | 1 | |
| 8 | Assistant Director, Sediment & Material Test (सहायक निदेशक (असै॰), तलछट और सामग्री परीक्षण) (सहायक अभियंता (असै0) स्तर का पद) | लेवल-09 | 2 | |
| 9 | Assistant Director, Estate Officer (सहायक निदेशक (असै॰), भू-सम्पदा पदाधिकारी) (सहायक अभियंता (असै0) स्तर का पद) | लेवल-09 | 1 | |
| 10 | Junior Engineer, Modelling Unit-1 (कनीय अभियंता (असै॰), प्रतिमान यूनिट-1) | लेवल-07 | 2 | |
| 11 | Junior Engineer, Modelling Unit-2 (कनीय अभियंता (असै॰), प्रतिमान यूनिट-2) | लेवल-07 | 2 | |
| 12 | Junior Engineer, Database (कनीय अभियंता (असै॰), डाटाबेस) | लेवल-07 | 1 | |
| 1 3 | Junior Engineer, Store & Workshop (कनीय अभियंता (असै॰), भंडार एवं कार्यशाला) | लेवल-07 | 2 | |
| 14 | Junior Engineer, Sediment & Material Test (कनीय अभियंता (असै॰), तलछट और सामग्री परीक्षण) | लेवल-07 | 4 | |
| 15 | Junior Engineer, PMC- Maintenance (कनीय अभियंता (असै॰), भौतिक प्रतिमान केन्द्र रख-रखाव) | लेवल-07 | 1 | |
| 16 | Assistant Director (Mechanical), Water Circulation & Pump Unit (सहायक निदेशक (याँ॰), जल संचरण एवं पम्प यूनिट) (सहायक अभियंता स्तर का पद) | लेवल-09 | 1 | मुख्य अभियंता (याँ॰), जल संसाधन विभाग के पत्रांक-2198 दिनांक-26. 12.2022 के आलोक मे सिंचाई याँत्रिक ं अवर प्रमंडल, पूर्णियां शिविर सहरसा (सिंचाई याँत्रिक प्रमंडल, वीरपुर के अधीन) में स्वीकृत सहायक अभियन्ता याँत्रिक के 01 (एक) पद का हस्तांतरण करते हुए। |
| 17 | Assistant Director (Mechanical), Instrumentation & Electrical Maintenance (सहायक निदेशक (याँ॰), उपकरण एवं विद्युत रख-रखाव) (सहायक अभियंता (याँ॰) स्तर का पद) | लेवल-09 | 2 | मुख्य अभियंता (याँ॰), जल संसाधन विभाग के पत्रांक-2198 दिनांक-26. 12.2022 के आलोक मे :- ं 1. सिंचाई याँत्रिक अवर प मंडल, ्र कर्मशाला, मुजफ्फरपुर (सिंचाई याँत्रिक प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के अधीन) में स्वीकृत सहायक अभियन्ता याँत्रिक के 01 (एक) पद का हस्तांतरण करते हुए। 2. सिंचाई विद्युत-सह- यांत्रिक अंचल, पटना के 07 (सात) स्वीकृत सहायक अभियन्ता (याँत्रिक) के पदों में से 01 (एक) पद का हस्तांतरण करते हुए। |
| 18 | Junior Engineer (Mechanical/ Electrical), Water Circulation & Pump Unit (कनीय अभियंता (याँ॰), जल संचरण एवं पम्प यूनिट) | लेवल-07 | 2 | मुख्य अभियंता (याँ॰), जल संसाधन विभाग के पत्रांक-2198 दिनांक-26. 12.2022 के आलोक मे ं सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल, वीरपुर के 18 (अठारह) स्वीकृत कनीय अभियन्ता (याँत्रिक) के पदों में से 02 (दो) पदों का हस्तांतरण करते हुए। |
| 19 | Junior Engineer (Mechanical/ Electrical), Instrumentation & Electrical Maintenance (कनीय अभियंता (याँ॰), उपकरण एवं विद्युत रख-रखाव) | लेवल-07 | 2 | मुख्य अभियंता (याँ॰), जल संसाधन विभाग के पत्रांक-2198 दिनांक-26. 12.2022 के आलोक मे ं सिंचाई यांत्रिक प्रमंडल, पूर्णियॉ के 16 (अठारह) स्वीकृत कनीय अभियन्ता (याँत्रिक) के पदोंमें से 02 (दो) पदों का हस्तांतरण करते हुए। |
| 20 | प ्रधान लिपिक (Head Clerk) | लेवल-05 | 1 | मुख्य अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, जल संसाधन विभाग, वीरपुर के परिक्षेत्रान्तर्गत आयोजन एवं मोनिटरिंग प्रमंडल, वीरपुर मे स्वीकृत ं 01 (एक) प्रधान लिपिक के पद का हस्तांतरण करते हुए। |
| 21 उच्चवर्गीय लिपिक (UDC) | लेवल-04 | 2 | मुख्य अभियन्ता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, जल संसाधन विभाग, वीरपुर के परिक्षेत्रान्तर्गत :- 1. शीर्ष कार्य प मंडल, ्र वीरपुर में स्वीकृत 04 (चार) उच्चवर्गीय लिपिक के पदोंमें 02 (दो) पदों का हस्तांतरण करते हुए। 2. आयोजन एवं मोनिटरिंग प्रमंडल, वीरपुर मे ं स्वीकृत 03 (तीन) निम्नवर्गीय लिपिक में से 02 (दो) पदों का हस्तांतरण करते हुए। 3. शीर्ष कार्य प मंडल, ्र वीरपुर में स्वीकृत 42 (बयालिस) कार्यालय परिचारी मे से 10 (दस) पदो का ं हस्तांतरण करते हुए। | |
| 22 | निम्नवर्गीय लिपिक (LDC) | लेवल-02 | 2 | |
| 23 | परिचारी | लेवल-01 | 10 | |
| कुल पद | 44 |
परिशिष्ट-2
| क्र॰ सं॰ | पदनाम | वेतन स्तर (सप्तम् वेतन संरचना के अनुरूप) | पदों की संख्या | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | Chief Engineer (Director), Physical Modelling Centre (मुख्य अभियंता (निदेशक), भौतिक प्रतिमान केन्द्र) (मुख्य अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-13ए | 1 | विभागान्तर्गत अभियंत्रण सेवा संवर्ग (असै०) के अधीन नवसृजित। |
| 2 | Superintending Engineer, Hydrology (अधीक्षण अभियंता, जल विज्ञान) (अधीक्षण अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-13 | 1 | |
| 3 | Superintending Engineer, River Morphology (अधीक्षण अभियंता, नदी आकृति विज्ञान) (अधीक्षण अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-13 | 1 | |
| 4 | Superintending Engineer, Modelling (अधीक्षण अभियंता, प्रतिमान) (अधीक्षण अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-13 | 1 | |
| 5 | Executive Engineer, Survey (कार्यपालक अभियंता, सर्वेक्षण) (कार्यपालक अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-11 | 1 | |
| 6 | Executive Engineer, Hydrology & Hydraulics (कार्यपालक अभियंता, जल विज्ञान एवं जलगति विज्ञान) (कार्यपालक अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-11 | 1 | |
| 7 | Assistant Engineer, Modelling (सहायक अभियंता, प्रतिमान) (सहायक अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-09 | 2 | |
| 8 | Assistant Engineer, Instrumentation (सहायक अभियंता, उपकरण) (सहायक अभियंता (याँ0) स्तर के पद) | लेवल-09 | 1 | विभागान्तर्गत अभियंत्रण सेवा संवर्ग (याँ०) के अधीन नवसृजित। |
| 9 | Assistant Engineer, Electronic (सहायक अभियंता, इलेक्ट्रानिक) (सहायक अभियंता स्तर के पद) | लेवल-09 | 1 | विभागान्तर्गत अभियंत्रण सेवा संवर्ग के अधीन नवसृजित। |
| 10 | Assistant Engineer, Information Technology (सहायक अभियंता, सूचना प्रौघिोगिकी) (सहायक अभियंता स्तर के पद) | लेवल-09 | 1 | |
| 11 | Assistant Engineer, Workshop (सहायक अभियंता, कार्यशाला) (सहायक अभियंता (याँ0) स्तर के पद) | लेवल-09 | 1 | विभागान्तर्गत अभियंत्रण सेवा संवर्ग (याँ०) के अधीन नवसृजित। |
| 12 | Assistant Engineer, Survey (सहायक अभियंता, सर्वेक्षण) (सहायक अभियंता (असै0) स्तर के पद) | लेवल-09 | 2 | विभागान्तर्गत अभियंत्रण सेवा संवर्ग (असै०) के अधीन नवसृजित। |
| 13 | Draftsman Grade-II (प्रारूपकार कोटि-2) | लेवल-04 | 2 | विभागीय क्षेत्रीय स्थापना अन्तर्गत नवसृजित |
| 14 | Senior Laboratory Assistant: Civil-1, Mechanical-1, Electrical-1, Electronics-1 (वरीय प्रयोगशला सहायकः असैनिक-1, मेकेनिकल-1, इलेक्ट्रिकल-1, इलेक्ट्रनिक्स-1) | लेवल-04 | 4 | |
| 15 | Support Staff: Machinist-4 (यंत्री-4), Mechanic-4 Carpenter-2 (याँत्रिक-4), Welder-2 (बढ़ई-2), (वेल्डर-2), Electrician-2 Field (विघुतीयन-2), Assistant-cum- Lab Assistant-19 (क्षेत्रीय सहायक-सह-प्रयोगशाला सहायक-19), Mason-3 (राजिमिस्त्री-3) | लेवल-02 | 36 | |
| कुल | 56 |
कुमुद रंजन, संयुक्त सचिव (प्रबंधन)।
————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 36—571+15-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in