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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 15 January 2025

Published 15 January 2025

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2025-01-15.3
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

(cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 25 पौष 1946 (श0) सं(cid:201)या 03 पटना, बुधवार, ———————— 15 जनवरी 2025 (ई0) भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-60 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।

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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 61-87 पूरक

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पूरक-क

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(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 2

भाग-1

िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत

सूचनाएं। —————

सामान्य प्रशासन विभाग

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अधिसूचनाएं

13 दिसम्बर 2024

सं0 1/सी0-1002/2021-सा0प्र0-20042--श्री अरविन्द कुमार चौधरी, भा0प्र0से0 (बी एचः 1995), प्रधान सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-प्रधान सचिव, निगरानी विभाग/परीक्षा नियंत्रक, बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद्‌, पटना/जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग) कोे शीर्ष वेतनमान (स्तर-17- रु.2,25,000/-नियत) में प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रोन्नति प्रदान करते हुए अपर मुख्य सचिव के रुप में पदनामित किया जाता है। 2. यह व्यवस्था दिनांक 01.01.2025 अथवा उसके बाद की प्रभार ग्र्रहण की तिथि से प्रभावी होगी। सं0 1/सी0-1002/2021-सा0प्र0-20043--श्रीमती विजयलक्ष्मी एन.,भा0प्र0से0 (बी एचः1995), प्रधान सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार, पटना कोे शीर्ष वेतनमान (स्तर-17-रु.2,25,000/-नियत) में प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रोन्नति प्रदान करते हुए अपर मुख्य सचिव के रुप में पदनामित किया जाता है। 2. यह व्यवस्था दिनांक 01.01.2025 अथवा उसके बाद की प्रभार ग्र्रहण की तिथि से प्रभावी होगी। सं0 1/सी0-1002/2021-सा0प्र0-20044--डॉ0 बी. राजेन्दर, भा0प्र0से0 (बी एचः 1995), प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार -प्रधान सचिव, जन शिकायत, सामान्य प्रशासन विभाग/प्रधान सचिव, खेल विभाग /मिशन निदेशक, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, पटना) कोे शीर्ष वेतनमान (स्तर-17-रु.2,25,000/-नियत) में प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रोन्नति प्रदान करते हुए अपर मुख्य सचिव के रुप में पदनामित किया जाता है। 2. यह व्यवस्था दिनांक 01.01.2025 अथवा उसके बाद की प्रभार ग्र्रहण की तिथि से प्रभावी होगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।

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13 दिसम्बर 2024

सं0 1/सी0-1016/2022-सा0प्र0-20045--श्री प्रेम सिंह मीणा, भा0प्र0से0 (2000), आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया (अतिरिक्त प्रभार-अपर महानिदेशक, बिपार्ड, गया) को दिनांक 01.01.2025 या उसके बाद की पदग्रहण की तिथि से उच्च प्रशासनिक ग्रेड (वेतनमान-स्तर-15-रु.1,82,200-2,24,100/-) में प्रोन्नति प्रदान की जाती है।

2. आलोच्य अधिसूचना दिनांक 01.01.2025 अथवा उसके बाद की प्रभारग्रहण की तिथि से प्रभावी होगी।

सं0 1/सी0-1016/2022-सा0प्र0-20046--श्री एन0 सरवन कुमार, भा0प्र0से0 (2000), सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार -अध्यक्ष, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, पटना/जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम, पटना) को दिनांक 01.01.2025 या उसके बाद की पदग्रहण की तिथि से उच्च प्रशासनिक ग्रेड (वेतनमान-स्तर-15- रु.1,82,200-2,24,100/-) में प्रोन्नति प्रदान करते हुए प्रधान सचिव के रूप में पदनामित किया जाता है। 2. आलोच्य अधिसूचना दिनांक 01.01.2025 अथवा उसके बाद की प्रभारग्रहण की तिथि से प्रभावी होगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।3 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

13 दिसम्बर 2024

सं0 1/सी0-1017/2022-सा0प्र0-20047--श्रीमती सीमा त्रिापाठी, भा0प्र0से0 (बी एच ः 2009), विशेष सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिसमय वेतनमान (सचिव ग्रेड-लेवल-14-रु.1,44,200 -2,18,200/-) में दिनांक 01.01.2025 या उसके बाद की पदग्रहण की तिथि से प्रोन्नति प्रदान की जाती है ।

2. श्रीमती सीमा त्रिापाठी द्वारा अनिवार्य मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण चरण-IV पूर्ण नहीं किया गया है । फलतः, उन्हें इस शर्त के साथ सचिव स्तर में प्रोन्नति प्रदान की गयी है कि आगामी सत्रा में स्थान मिलने पर आलोच्य प्रशिक्षण अवश्य पूरा कर लेंगी।

3. आलोच्य अधिसूचना दिनांक 01.01.2025 अथवा उसके बाद की प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रभावी होंगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।

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13 दिसम्बर 2024

सं0 1/सी0-1018/2022-सा0प्र0-20048--भारतीय प्रशासनिक सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को चयन ग्रेड (विशेष सचिव स्तर-वेतन स्तर-13-रु.1,23,100-2,15,900/-) में दिनांक 01.01.2025 या उसके बाद की पदग्रहण की तिथि से प्रोन्नति प्रदान की जाती हैः-

क्र. पदाधिकारी का नाम एवं बैच वर्तमान पदस्थापन /प्रभार
1. श्री कौशल कुमार(2012) समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, सुपौल।
2 श्रीमती इनायत खान (2012) निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, पटना।
3 श्री कुन्दन कुमार(2012) समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, पूर्णिया ।
4 श्री संजीव कुमार (2012) अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्राण विभाग, बिहार, पटना।
5 श्री सुनील कुमार यादव(2012) अपर सचिव, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना।
6 श्री अरविन्द कुमार वर्मा (2012) समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, मधुबनी।
7 श्री अरुण कुमार सिंह (2012) अपर सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना।
8 श्री विभूति रंजन चौधरी (2012) निदेशक, उपभोक्ता संरक्षण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना।
9 श्री श्रीकान्त शास्त्राी (2012) समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद।
10 श्री अनिल कुमार झा (2012) ईखायुक्त, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना।

2. विभिन्न विभागों में अपर सचिव का प्रभार धारण करने वाले पदाधिकारी विशेष सचिव स्तर का प्रभार ग्रहण किए जाने की तिथि से विशेष सचिव के रुप में पदनामित होंगे।

3. आलोच्य अधिसूचना दिनांक 01.01.2025 अथवा उसके बाद की प्रभारग्रहण की तिथि से प्रभावी होगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।

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13 दिसम्बर 2024

सं0 1/सी0-1022/2023-सा0प्र0-20049--भारतीय प्रशासनिक सेवा (बिहार संवर्ग) के बैच वर्ष, 2016 के निम्नलिखित पदाधिकारियों को दिनांक 01.01.2025 के प्रभाव से कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (अपर सचिव स्तर, वेतनमान-लेवल-12-रु.78,800-2,09,200/-) में प्रोन्नति प्रदान की जाती हैः-

क्र. पदाधिकारी का नाम वर्तमान पदस्थापन
1 श्री रिची पाण्डेय समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी ।
2 श्रीमती वर्षा सिंह संयुक्त सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना।
3 श्री अंशुल कुमार समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, बांका।
4 श्री मुकुल कुमार गुप्ता समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, सिवान।
5 श्री रवि प्रकाश समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, नवादा।
6 श्री अंशुल अग्रवाल समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, बक्सर।
7 श्री विजय प्रकाश मीणा निदेशक, निःशक्तता, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- संयुक्त सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार,पटना)।
8 श्री वैभव चौधरी समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, सहरसा।
9 श्रीमती अलंकृता पाण्डेय समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, जहानाबाद।
(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 4

2. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा अनिवार्य मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण चरण-III का प्रशिक्षण पूर्ण नहीं किया गया है। फलस्वरुप, संबंधित पदाधिकारियों को इस शर्त के साथ अपर सचिव स्तर में प्रोन्नति दी जाती है कि आगामी सत्रा में स्थान और अनुमति मिलने पर आलोच्य प्रशिक्षण अवश्य पूरा करेंगे ।

3. संदर्भगत अधिसूचना की कंडिका-1 की तालिका के क्रम संख्या-2 के श्रीमती वर्षा सिंह को अपर सचिव के रुप में पदनामित भी किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।

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13 दिसम्बर 2024

सं0 1/सी0-1002/2019-सा0प्र0-20050--भारतीय प्रशासनिक सेवा के बैच वर्ष, 2021 के भा0प्र0से0 (बिहार संवर्ग) के निम्नांकित पदाधिकारियों को भा0प्र0से0 के वरीय कालमान (संयुक्त सचिव स्तर) (वेतनमान-लेवल-11-रु.67,700-2,08,700/-) में उनके नाम के सामने अंकित तिथि से प्रोन्नति दी जाती हैः-

क्र. पदाधिकारी का नाम वर्तमान पदस्थापन प्रोन्नति की तिथि
1 श्री शुभम कुमार अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़, पटना। 01.01.2025
2 सुश्री शैलजा पाण्डेय अनुमंडल पदाधिकारी, फारबिसगंज, अररिया। 01.01.2025
3 सुश्री शिवाक्षी दीक्षित अनुमंडल पदाधिकारी, रक्सौल, पूर्वी चम्पारण। 01.01.2025
4 सुश्री निशा अनुमंडल पदाधिकारी, सिकरहना, पूर्वी चम्पारण। 01.01.2025
5 श्री सूर्य प्रताप सिंह अनुमंडल पदाधिकारी, डेहरी ऑन सोन, रोहतास 01.01.2025
6 श्री प्रवीण कुमार अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा, नालन्दा। 01.01.2025
7 श्री आकाश चौधरी अनुमंडल पदाधिकारी, रोसड़ा, समस्तीपुर । 01.01.2025
8 सुश्री सारा अशरफ अनुमंडल पदाधिकारी, शेरघाटी, गया। 01.01.2025
9 श्री अनिल बसाक अनुमंडल पदाधिकारी, विक्रमगंज, रोहतास 01.01.2025
10 श्री लक्ष्मण तिवारी अनुमंडल पदाधिकारी, छपरा सदर (सारण) । 01.01.2025

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।

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17 दिसम्बर 2024

सं0 1/अ0-09/2010-सा0प्र0-20161--श्री जय सिंह, भा0प्र0से0(बी एचः2007), सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना क्ष्अतिरिक्त प्रभार-सचिव (संसाधन), वित्त विभाग, बिहार, पटनाद्वको अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-05,10,11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर संयुक्त अरब अमीरात एवं कतर की निजी विदेश यात्राा हेतु दिनांक 28-29 दिसम्बर, 2024 के साप्ताहिक अवकाशों का पूर्व लग्न (प्रिफिक्स) के रूप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 30.12.2024 से 10.01.2025 तक कुल 12 (बारह) दिनों की उपार्जित छुट्टी की एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं उपभोग की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. श्री सिंह की आलोच्य अनुपस्थिति से आच्छादित अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पदों/दायित्वों हेतु प्रभार की व्यवस्था संबंधित विभागों द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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17 दिसम्बर 2024

सं0 1/एल0-07/2002-सा0प्र0-20162--श्री के. के. पाठक, भा.प्र.से.(बी एचः1990), अध्यक्ष-सह- सदस्य, राजस्व पर्षद, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-महानिदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान-बिपार्ड, पटना) को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10,11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर बाली (इंडोनेशिया) की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक 12.01.2025 से 18.01.2025 तक कुल 07 (सात) दिनों की उपार्जित छुट्टी की एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं उपभोग की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।5 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

18 दिसम्बर 2024

सं0 1/एल0-02/2004-सा0प्र0-20203--श्री मयंक वरवड़े, भा.प्र.से. (बीएचः2001), आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 17.12.2024 से 25.12.2024 तक कुल 09(नौ) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. श्री वरवड़े की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में श्री चन्द्रशेखर सिंह, भा0प्र0से0, जिला पदाधिकारी, पटना रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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20 दिसम्बर 2024

सं0 1/अ0-1012/2016-सा0प्र0-20440--श्रीमती जे. प्रियदर्शिनी, भा0प्र0से0 (बी एचः2015), निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10,11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर संयुक्त राज्य अमेरिका की निजी विदेश यात्राा हेतु दिनांक 08.01.2025 से 07.05.2025 तक कुल 120 (एक सौ बीस) दिनों की उपार्जित छुट्टी की एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं उपभोग की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. श्रीमती प्रियदर्शिनी की आलोच्य अनुपस्थिति से आच्छादित अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के लिए प्रभार की व्यवस्था संबंधित विभाग द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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23 दिसम्बर 2024

सं0 1/सी0-1017/2022-सा0प्र0-20522--श्री मनोज कुमार सिंह, भा0प्र0से0 (बी एच ः 2009) (केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के उपरान्त सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देकर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिसमय वेतनमान (सचिव ग्रेड-लेवल-14-रु.1,44,200-2,18,200/-) में दिनांक 01.01.2025 या उसके बाद की पदग्रहण की तिथि से प्रोन्नति प्रदान की जाती है ।

2. श्री मनोज कुमार सिंह द्वारा अनिवार्य मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण चरण-IV पूर्ण नहीं किया गया है । फलतः, उन्हें इस शर्त के साथ सचिव स्तर में प्रोन्नति प्रदान की गयी है कि आगामी सत्र में स्थान मिलने पर आलोच्य प्रशिक्षण अवश्य पूरा कर लेंगे।

3. आलोच्य अधिसूचना दिनांक 01.01.2025 अथवा उसके बाद की प्रभार ग्रहण की तिथि से प्रभावी होंगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिव महादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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23 दिसम्बर 2024

सं0 1/अ0-1029/2024-सा0प्र0-20530--श्री शंभु शरण, भा0प्र0से0(2014), अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-12,13 एवं 20 के अधीन दिनांक 16.08.2024 से 10.11.2024 तक कुल 87 (सतासी) दिनों की चिकित्सा/रुपान्तरित छुट्टी (174 दिनों की अर्द्धवैतनिक छुट्टी के बदले) की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिव महादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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24 दिसम्बर 2024

सं0 1/अ0प्र0-1002/2023-सा0प्र0-20580--विभागीय पत्रांक-1/अ0प्र0-1001/2022-सा0प्र0- 20579 दिनांक 24.12.2024 द्वारा श्रीमती सीमा त्रिपाठी, भा0प्र0से0(2009) विशेष सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में दिनांक 06.01.2025 से 31.01.2025 तक प्रस्तावित अनविार्य मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण चरण-IV में भाग लेने की अनुमति प्रदान की गयी है।

2. श्रीमती त्रिपाठी की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था प्रशासी विभाग (कला,संस्कृति एवं युवा विभाग) द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 6

24 दिसम्बर 2024

सं0 1/अ0-20/2009-सा0प्र0-20589--डॉ0 (श्रीमती) आशिमा जैन, भा0प्र0से0 (बी एचः 2008), सचिव (व्यय), वित्त विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग) को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-05, 10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 28-29 दिसम्बर, 2024 के सार्वजनिक अवकाशों का पूर्व लग्न (प्रिफिक्स) एवं दिनांक 04-06 जनवरी, 2025 के सार्वजनिक /राजपत्रित अवकाशों का पश्च्‌ लग्न (सफिक्स) के रूप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 30.12.2024 से 03.01.2025 तक कुल 05 (पांच) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. डॉ0 जैन की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/ दायित्वों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभाग/कार्यालय द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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26 दिसम्बर 2024

सं0 1/अ0-1045/2024-सा0प्र0-20697--श्री श्रीकांत कुण्डलिक खाण्डेकर, भा.प्र.से. (बीएचः2020), उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, नालन्दा को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 24.12.2024 से 31.12.2024 तक कुल 08 (आठ) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

2. श्री खाण्डेकर की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में श्री मंजीत कुमार, अपर समार्हाा, नालन्दा रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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1 जनवरी 2025

सं0 1/सी0-1016/2022-सा0प्र0-29--श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव, भा0प्र0से0 (बी एचः 2000), संयुक्त सचिव, पेयजल और स्वच्छता विभाग, भारत सरकार, नई दिल्ली को भा0प्र0से0 (वेतन) नियमावली, 2016 के नियम-8(5) के तहत दिनांक 01.01.2025 के प्रभाव से उच्च प्रशासनिक ग्रेड (प्रधान सचिव स्तर-वेतनमान-स्तर-15-रु.1,82,200-2,24,100/-) में प्रोफॉर्मा प्रोन्नति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।

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1 जनवरी 2025

सं0 1/पी0-1001/2024-सा0प्र0-30--विभागीय अधिसूचना संख्या-20047 दिनांक 13.12.2024 द्वारा श्रीमती सीमा त्रिापाठी, भा0प्र0से0 (बी एचः 2009), विशेष सचिव, कला,संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना को अधिसमय वेतनमान (सचिव स्तर -लेवल-14-ृ1,44,200-2,18,200/-) में पदग्रहण की तिथि से प्रदत्त प्रोन्नति के आलोक में श्रीमती त्रिापाठी की पदस्थापन अवधि तक के लिए उनके द्वारा वर्तमान में धारित पद- विशेष सचिव, कला संस्कृति एवं युवा विभाग को सचिव स्तर मेंं उत्क्रमित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।

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1 जनवरी 2025

सं0 1/सी0-1018/2022-सा0प्र0-33--श्री अमित कुमार, भा0प्र0से0(बी एच ः 2012) माननीय केन्द्रीय मंत्राी (श्री सर्बानंद सोनोवाल), पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्राालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निजी सचिव को भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 के नियम-8(5) के तहत दिनांक 01.01. 2025 के प्रभाव से चयन ग्रेड( विशेष सचिव ग्रेड -वेतनमान लेवल-13-रु.1,23,100-2,15,900/-) में प्रोफॉर्मा प्रोन्नति प्रदान की जाती है।

सं0 1/सी0-1018/2022-सा0प्र0-34--श्री राजेश मीणा, भा0प्र0से0 (बी एच ः 2012), उप निदेशक (उप सचिव स्तर), लाल बहादुर शास्त्राी राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी को भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 के नियम-8(5) के तहत दिनांक 01.01.2025 के प्रभाव से चयन ग्रेड( विशेष सचिव ग्रेड-वेतनमान लेवल-13-रु. 1,23,100-2,15,900/-) में प्रोफॉर्मा प्रोन्नति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।7 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

1 जनवरी 2025

सं0 1/सी0-1017/2022-सा0प्र0-51--श्री साकेत कुमार, भा0प्र0से0(बी एच ः 2009) माननीय केन्द्रीय गृह मंत्राी (श्री अमित साह), गृह मंत्राालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निजी सचिव को भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 के नियम-8(5) के तहत अधिसमय वेतनमान (सचिव स्तर-वेतनमान लेवल-14-रु.1,44,200- 2,18,200/-) में प्रोफॉर्मा प्रोन्नति प्रदान की जाती है।

सं0 1/सी0-1017/2022-सा0प्र0-52--श्री रमण कुमार, भा0प्र0से0(बी एच : 2009), माननीय केन्द्रीय मंत्राी(श्री गिरिराज सिंह), वस्त्रा मंत्राालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निजी सचिव को भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 के नियम-8(5) के तहत अधिसमय वेतनमान (सचिव स्तर-वेतनमान लेवल-14-रु. 1,44,200 -2,18,200/-) में प्रोफॉर्मा प्रोन्नति प्रदान की जाती है।

सं0 1/सी0-1017/2022-सा0प्र0-53--श्री एम0 रामचंद्रुडु, भा0प्र0से0 (बी एच ः 2009), निदेशक, जनगणना कार्य-सह-नागरिक निबंधन, भारत सरकार, पटना को भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 के नियम-8(5) के तहत अधिसमय वेतनमान (सचिव स्तर-वेतनमान लेवल -14-रु.1,44,200-2,18,200/-) में प्रोफॉर्मा प्रोन्नति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, विशेष सचिव।

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2 जनवरी 2025

सं0 1/एल0-02/2004-सा0प्र0-117--विभागीय अधिसूचना संख्या -1/एल.-02/2004-सा.प्र.-20203 दिनांक 18.12.2024 द्वारा श्री मयंक वरवड़े, भा.प्र.से. (बीएचः2001), आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को दिनांक 17.12.2024 से 25.12.2024 तक कुल 09 (नौ) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की गई है। 2. श्री वरवड़े से प्राप्त अभ्यावेदन के आलोक में विभागीय अधिसूचना दिनांक 18.12.2024 के माध्यम से स्वीकृत उपार्जित छुट्टी को एतद्‌ द्वारा निरस्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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2 जनवरी 2025

सं0 1/अ0-1026/2024-सा0प्र0-118--श्री विभूति रंजन चौधरी, भा.प्र.से. (बीएचः2012), निदेशक, उपभोक्ता संरक्षण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना को विभागीय अधिसूचना संख्या-1/अ. -1026/2024-सा.प्र.-15105 दिनांक 20.09.2024 के माध्यम से दिनांक 18.11.2024 से 19.12.2024 तक कुल 32 (बत्तीस) दिनों की उपार्जित छुट्टी प्रदत्त है।

2. श्री चौधरी से प्राप्त अभ्यावेदन के आलोक में उपर्युक्त छुट्टी को दिनांक 18.11.2024 से 15.12. 2024 तक कुल 28 (अट्ठाईस) दिनों के लिए पुनरीक्षित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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3 जनवरी 2025

सं0 1/अ0प्र0-1001/2022-सा0प्र0-225--विभागीय पत्रांक-1/अ0प्र0-1001/2022-सा0प्र0-224 दिनांक 03.01.2025 द्वारा श्री बी0 कार्तिकेय धनजी, भा0प्र0से0 (2008), सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग/सचिव, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना) को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में दिनांक 06.01.2025 से 31.01.2025 तक प्रस्तावित अनिवार्य मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण चरण-IV में भाग लेने की अनुमति प्रदान की गयी है।

2. श्री धनजी की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पदाेंे/दायित्वों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभागों/कार्यालय द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 8 समाज क(cid:227)याण (cid:466)वभाग --------

अिधसूचना

8 जनवरी 2025

सं0 ICDS/40015/15-2024-207--स(cid:162)म आँगनवाड़(cid:547) एवं पोषण 2.0 अ(cid:219)तग(cid:91)त आँगनवाड़(cid:547) सेवाएँ का मु(cid:201)य उ(cid:423)े(cid:230)य (cid:274)ाम (cid:232)तर पर आँगनवाड़(cid:547) के (cid:219)(cid:289)(cid:585) के मा(cid:218)यम से पोषक (cid:162)े(cid:287) के सभी यो(cid:202)य लाभुक(cid:585) यथा 0-6 वष(cid:91) के ब(cid:205)च(cid:585), गभ(cid:91)वती एवं िशशुवती म(cid:465)हलाओं के जीवन (cid:232)तर को बेहतर बनाना, (cid:232)वा(cid:232)(cid:216)य एवं पोषण (cid:232)तर म(cid:581) सुधार लाना तथा कु पोषण से बचाव करना है। आँगनवाड़(cid:547) के (cid:219)(cid:289)(cid:585) पर (cid:466)विभ(cid:219)न (cid:232)वा(cid:232)(cid:216)य एवं पोषण सेवाओं का लाभ लेने के िलए गभ(cid:91)वती एवं धातृ म(cid:465)हलाओं, नवजात िशशुओं, 6 वष(cid:91) तक छोटे ब(cid:205)च(cid:585), (cid:465)कशो(cid:464)रय(cid:585) तथा समुदाय के अ(cid:219)य लोग(cid:585) का भी आवागमन होता है। इसके अित(cid:464)र(cid:416) आँगनवाड़(cid:547) के (cid:219)(cid:289)(cid:585) पर VHSND, अ(cid:219)न(cid:292)ाशन- सह (cid:232)कू ल (cid:292)वेशो(cid:215)सव (cid:465)दवस, गोद-भराई सह सुपोषण (cid:465)दवस, वृ(cid:466)(cid:424) िनगरानी स(cid:431)ाह आ(cid:465)द का आयोजन (cid:465)कया जाता है। इस हेतु आँगनवाड़(cid:547) के (cid:219)(cid:289)(cid:585) का अपना भवन होना िनता(cid:219)त आव(cid:230)यक है।

2. आँगनवाड़(cid:547) के (cid:219)(cid:289) भवन के िनमा(cid:91)ण से एक अ(cid:205)छे एवं सुर(cid:468)(cid:162)त भवन के साथ-साथ ब(cid:205)च(cid:585) के (cid:466)वकास के सभी आयाम(cid:585) को (cid:218)यान म(cid:581) रखते हुए उ(cid:215)साहव(cid:424)(cid:91)क, स(cid:465)(cid:272)य, सृजना(cid:215)मक एवं बालानुकू ल प(cid:464)रवेश (cid:292)ा(cid:431) होगा। आँगनवाड़(cid:547) के (cid:219)(cid:289)(cid:585) के अपने भवन म(cid:581) ब(cid:205)च(cid:585) को खेलने-कू दने एवं अ(cid:219)य शार(cid:547)(cid:464)रक गित(cid:466)विधय(cid:585) के िलए पया(cid:91)(cid:431) (cid:232)थान होगा। अलग रसोई घर एवं (cid:229)यव(cid:468)(cid:232)थत भंडारण क(cid:551) सु(cid:466)वधा रहने से खा(cid:429) साम(cid:274)ी क(cid:551) सुर(cid:162)ा, से(cid:466)वका एवं सहाियका को पोषाहार बनाने म(cid:581) सहूिलयत होगी तथा साफ- सफाई के मानक(cid:585) का पालन (cid:465)कया जा सके गा। बाल सुलभ शौचालय एवं (cid:232)व(cid:205)छ पेयजल क(cid:551) (cid:229)यव(cid:232)था क(cid:551) जा सके गी।

3. स(cid:224)यक् (cid:466)वचारोपरा(cid:219)त रा(cid:207)य सरकार के अनुमोदन के आलोक म(cid:581) नाबाड(cid:91) के आर0आई0ड(cid:547)0एफ0 ((cid:274)ामीण आधारभूत संरचना (cid:466)वकास िनिध) - XXX के तहत ₹12.00 लाख (बारह लाख (cid:510)पये) (cid:292)ित आँगनवाड़(cid:547) के (cid:219)(cid:289) क(cid:551) दर से कु ल 2500 आँगनवाड़(cid:547) के (cid:219)(cid:289) भवन(cid:585) के िनमा(cid:91)ण हेतु ₹300.00 करोड़ (तीन सौ करोड़) क(cid:551) लागत है (cid:468)जसम(cid:581) नाबाड(cid:91) के ऋण से ₹255.00 करोड़ (दो सौ पचपन करोड़) (85%) एवं रा(cid:207)य योजना मद से ₹45.00 करोड़ (प(cid:583)तालीस करोड़) (15%) के (cid:229)यय क(cid:551) (cid:232)वीकृ ित (cid:292)दान क(cid:551) जाती है।

4. उ(cid:416) रािश का (cid:229)यय (cid:466)व(cid:419)ीय वष(cid:91) 2024-25 के आय (cid:229)ययक "4235-समा(cid:468)जक सुर(cid:162)ा और क(cid:227)याण पर पू ंजीगत प(cid:464)र(cid:229)यय, 02-समाज क(cid:227)याण, 102-बाल क(cid:227)याण, 0103-समे(cid:465)कत बाल (cid:466)वकास योजना (नाबाड(cid:91) स(cid:224)पो(cid:466)षत योजना), माँग सं(cid:201)या-51, (cid:466)वप(cid:287) कोड-4235021020103, (cid:466)वषय शीष(cid:91)-53.01 मु(cid:201)य िनमा(cid:91)ण काय(cid:91)" के अ(cid:219)तग(cid:91)त (cid:466)वकलनीय होगा।

5. (cid:292)(cid:232)ताव म(cid:581) संिचका सं(cid:201)या- ICDS/40015/15-2024 के (cid:465)ट(cid:220)पणी पृ(cid:437)-13/(cid:465)ट0 पर (cid:465)दनांक 19.12.2024 को मद सं(cid:201)या-10 म(cid:581) मं(cid:466)(cid:287)प(cid:464)रष(cid:622) (cid:430)ारा (cid:232)वीकृ ित (cid:292)दान क(cid:551) गई है।

(cid:466)व(cid:435)ासभाजन,

नवीन कु मार िसंह, अपर सिचव।

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उद्योग विभाग

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अधिसूचना

9 जनवरी 2025

सं0 06(स0) विविध (रसायन निगम)-22/2019-123--श्री विनय कुमार मल्लिक, कार्यकारी प्रबंधक सह प्रभारी सलाहकार, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय, बिहार, पटना के सेवानिवृाि के फलस्वरूप उनके स्थान पर बिहार राज्य साख एवं विनियोग निगम लि0 एवं बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लि0 में अंशधारक के रूप में सुश्री ज्योति कुमारी, सहायक उद्योग निदेशक, उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना को अगले आदेश तक के लिए अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप सचिव।9 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 सामान्य प्रशासन विभाग

------ अधिसूचना 18 दिसम्बर 2024 सं0 21/एस॰एस॰सी॰-56/2013, सा॰प्र॰-20256--बिहार कर्मचारी चयन आयोग अधिनियम, 2002 (समय-समय पर यथा संशोधित) की धारा-3 के आलोक में श्री आलोक राज, भा0पु0से0 (1989), महानिदेशक-सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना अपने कार्यों के साथ-साथ अध्यक्ष, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।

2. उपर्युक्त व्यवस्था के आलोक में मो0 सोहैल, सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग (अतिरिक्त प्रभार-सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग एवं अध्यक्ष, बिहार कर्मचारी चयन आयोग) अध्यक्ष, बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त हो जायेंगे।

3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मनोज कुमार झा, अवर सचिव।

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विधि विभाग --------

अधिसूचनाएं

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 3, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7239/जे0, दिनांक-28.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अरविन्द कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-28.09.2017 से 27.09.2022 तक एवं दिनांक-28.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैंः-

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री अरविन्द क मार ु अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, सिवान 28.09.2012 बी0ए0 एल0एल0बी0 सिवान जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-45/2007/6949/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 3, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-45/2007/6949/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 10

The 29th October 2024

S.O. 3 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Arvind Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7239/J dated 28.09.2012 to practice as notary from 28.09.2017 to 27.09.2022 and again from 28.09.2022 till next five year:-

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Arvind Kumar Advocate-cum- Notary, Civil Court, Siwan 28.09.2012 B.A L.L.B Siwan District

(File no. -A/Not(s)-45/2007/6949/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 4, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7354/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री भाषानन्द प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री भाषानन्द प्रसाद अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, खगड़िया 04.10.2012 बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 खगड़िया जिला

(सं0 सं0-ए0/ए0जे0-29/2012/5950/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)11 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 4, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/ए0जे0-29/2012/5950/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 20th September 2024

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Bhashanand Prasad Advocate-cum- Notary Civil Court Khagaria 04.10.2012 B.Sc. L.L.B Khagaria Distt.-

S.O. 4 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Bhashanand Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7354/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2022. Name of Notary

(File no. -A/A.J-29/2012/5950/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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3 जनवरी 2025

एस0ओ0 5, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-378/जे0, दिनांक-15.01.2019 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्रीमती अनिता कुमारी अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-15.01.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 12

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्रीमती अनिता कुमारी अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, खगड़िया 15.01.2019 एम0ए0 एल0एल0बी0 खगड़िया जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-142/2018/85/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

3 जनवरी 2025

एस0ओ0 5, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-142/2018/85/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 3rd January 2025

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Smt. Anita Kumari Advocate-cum- Notary Civil Court Khagaria 15.01.2019 M.A L.L.B Khagaria Distt.-

S.O. 5 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Smt. Anita Kumari, Advocate whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 378/J dated 15.01.2019 to practice as notary again for the next five year from 15.01.2024. Name of Notary

(File no. -A/Not-142/2018/85/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)13 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

4 दिसम्बर 2024

एस0ओ0 6, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3072/जे0, दिनांक-09.07.92 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री प्रभु दयाल अग्रवाल, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-09.07.2023 से पुनः अगामी पाँच वर्ष के लिए लेख्य

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री प्रभु दयाल अग्रवाल अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, जहानाबाद 09.07.92 बी0ए0 एल0एल0बी0 जहानाबाद जिला

(सं0 सं0-ए0/ए0बी0-12/91/7766/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

4 दिसम्बर 2024

एस0ओ0 6, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/ए0बी0-12/91/7766/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 4th December 2024

S.O. 6 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Prabhu Dayal Agrawal and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 3072/J, dated 09.07.92 to practice as notary again for the next five year from 09.07.2023:-

(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 14
Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Prabhu Dayal Agrawal Advocate-cum- Notary, Civil Court, Jehanabad 09.07.92 B.A L.L.B Jehanabad District

(File no. -A/AB-12/91/7766/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

------

4 दिसम्बर 2024

एस0ओ0 7, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-390/जे0, दिनांक-15.01.2019 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री विकाश चन्द्र यादव, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-15.01.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री विकाश चन्द्र यादव अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, खगड़िया 15.01.2019 एल0एल0बी0 खगड़िया जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-97/2018/7774/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

4 दिसम्बर 2024

एस0ओ0 7, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-97/2018/7774/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)15 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 The 4th December 2024

S.O. 7 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Vikas Chandra Yadav, and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 390 /J dated 15.01.2019 to practice as notary again for the next five year from 15.01.2024.

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Vikas Chandra Yadav Advocate-cum- Notary Civil Court Khagaria 15.01.2019 L.L.B Khagaria Distt.-

(File no. -A/Not-97/2018/7774/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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4 दिसम्बर 2024

एस0ओ0 8, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-846/जे0, दिनांक-04.03.1997 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सरयू प्रसाद सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.03.2025 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैंः-

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री सरयू प्रसाद सिंह अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद 04.03.1997 एल0एल0बी0 औरंगाबाद जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट(वी0)-05/2007/7765/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 16

4 दिसम्बर 2024

एस0ओ0 8, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट(वी0)-05/2007/7765/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 4th December 2024

S.O. 8 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Saryoo Prasad Singh, and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 846/J dated 04.03.1997 to practice as notary again for the next five year from 04.03.2025:-

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Saryoo Prasad Singh Advocate-cum- Notary, Civil Court, Aurangabad 04.03.1997 L.L.B Aurangabad District

(File no. -A/Not(V)-05/2007/7765/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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7 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 9, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-4045/जे0, दिनांक-04.09.2004 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री नीरज रंजन शरण, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.09.2019 से 03.09.2024 तथा पुनः दिनांक-04.09.2024 से आगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।17 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री नीरज रंजन शरण अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, भोजपुर, आरा 04.09.2004 बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 भोजपुर जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-21/2002/6315/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

7 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 9, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-21/2002/6315/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 7th October 2024

S.O. 9 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Niraj Ranjan Sharan and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 4045/J dated 04.09.2004 to practice as notary dated 04.09.2019 to 03.09.2024 and again for the next five years from 04.09.2024.

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Niraj Ranjan Sharan Advocate-cum- Notary Civil Court Bhojpur, Ara 04.09.2004 B.Sc L.L.B Bhojpur Distt.-

(File no. -A/Not(s)-21/2002/6315/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 18

7 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 10, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-443/जे0, दिनांक-10.02.2004 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सुधीर कुमार यादव, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-10.02.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री सुधीर कुमार यादव अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, लखीसराय 10.02.2004 बी0ए0 एल0एल0बी0 लखीसराय. जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-88/2002/6314/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

7 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 10, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-88/2002/6314/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 7th October 2024

S.O. 10 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Sudhir Kumar Yadav and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 443/J dated 10.02.2004 to practice as notary again for the next five year from 10.02.2024.

19 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025
Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Sudhir Kumar Yadav Advocate-cum- Notary Civil Court Lakhisarai 10.02.2004 B.A L.L.B Lakhisarai Distt.-

(File no. -A/Not(s)-88/2002/6314/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 11, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3733/जे0, दिनांक-27.07.1991 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री विनोद प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.07.2020 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैंः-

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री विनोद प्रसाद अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, अररिया 27.07.1991 बी0ए0 एल0एल0बी0 अररिया जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-09/2007/7313/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 11, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-09/2007/7313/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 20

The 15th November 2024

S.O. 11 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Vinod Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 3733/J dated 27.07.1991 to practice as notary again for the next five year from 27.07.2020:-

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Vinod Prasad Advocate-cum- Notary, Civil Court, Araria 27.07.1991 B.A L.L.B Araria District

(File no. -A/Not-09/2007/7313/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 12, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-4771/जे0, दिनांक-28.10.2004 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री राजेश नाथ मल्लिक, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-28.10.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री राजेश नाथ मल्लिक अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, सहरसा 28.10.2004 बी0ए0 एल0एल0बी0 सहरसा जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-20/2001/6955/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)21 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 12, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-20/2001/6955/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 29th October 2024

S.O. 12 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Rajesh Nath Mallick and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 4771/J dated 28.10.2004 to practice as notary again for the next five year from 28.10.2024.

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Rajesh Nath Mallick Advocate-cum- Notary, Civil Court, Saharsa 28.10.2004 B.A. L.L.B. Saharsa District

(File no. -A/Not-20/2001/6955/J)

By order of the Governor of Bihar,

Umesh Kumar Sharma,

Joint Secretary to the Government of Bihar.

(Competent Authority)

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2 जनवरी 2025

एस0ओ0 13, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-189/जे0, दिनांक-18.01.2001 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री चन्द्रभूषण तिवारी, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-18.01.2019 से दिनांक-17.01.2024 तक के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैंः-(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 22

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री चन्द्रभूषण तिवारी अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, गोपालगंज 18.01.2001 बी0ए0 बी0एल0 गोपालगंज जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-26/96/22/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

2 जनवरी 2025

एस0ओ0 13, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-26/96/22/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 2nd January 2025

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Chandra Bhushan Tiwari Advocate-cum- Notary, Civil Court, Gopalganj 18.01.2001 B.A B.L Gopalganj District

S.O. 13 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Chandra Bhushan Tiwari, Advocate, whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 189/J dated 18.01.2001 to practice as notary from 18.01.2019 to 17-01-2024 :- Name of Notary

(File no. -A/Not-26/96/22/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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26 सितम्बर 2024

एस0ओ0 14, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और23 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3102/जे0, दिनांक-10.09.2001 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री मुकेश कुमार सिन्हा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-10.09.2021 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि। अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री मुकेश कुमार सिन्हा अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, खगड़िया 10.09.2001 बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 खगड़िया जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-32/1999/6095/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

26 सितम्बर 2024

एस0ओ0 14, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-32/1999/6095/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 26th September 2024

S.O. 14 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Mukesh Kumar Sinha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 3102/J dated 10.09.2001 to practice as notary again for the next five year from 10.09.2021.

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Mukesh Kumar Sinha Advocate-cum- Notary, Civil Court, Khagaria 10-09-2001 B.Sc L.L.B Khagaria District

(File no. -A/Not-32/1999/6095/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 24

20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 15, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3244/जे0, दिनांक-18.09.2001 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री नन्द किशोर मंडल, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-18.09.2021 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री नन्द किशोर मंडल अधिवक्ता-सह-नोटरी, अनुमंडल न्यायालय गोगरी, खगड़िया 18.09.2001 एल0एल0बी0 गोगरी अनुमंडल (जिला-खगड़िया)

(सं0 सं0-ए0/नोट-46/1998/5945/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 15, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-46/1998/5945/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 20th September 2024

S.O. 15 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Nand Kishor Mandal and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department25 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 Notification No. 3244/J dated 18.09.2001 to practice as notary again for the next five year from 18.09.2021.

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Nand Kishor Mandal Advocate-cum- Notary, Subdivision Court, Gogri, Khagaria 18.09.2001 L.L.B Gogri Subdivision (District- Khagaria)

(File no. -A/Not-46/1998/5945/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority).

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19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 16, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-10065/जे0, दिनांक-26.12.2018 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सुरेश चन्द्र साह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-26.12.2023 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री सुरेश चन्द्र साह अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, लहेरियासराय, दरभंगा 26.12.2018 एल0एल0बी0 दरभंगा जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-49/2018/7382/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 26

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 16, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-49/2018/7382/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 19th November 2024

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Suresh Chandra Sah Advocate-cum- Notary, Civil Court, Laheriasarai, Darbhanga 26.12.2018 L.L.B Darbhanga District

S.O. 16 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Suresh Chandra Sah and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 10065/J dated 26.12.2018 to practice as notary again for the next five year from 26.12.2023. Name of Notary

(File no. -A/Not-49/2018/7382/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 17, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3480/जे0, दिनांक-24.10.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अविनाश चन्द्र वर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-24.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।27 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री अविनाश चन्द्र वर्मा अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, सारण (छपरा) 24.10.2002 बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 सारण जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-60/2000/7383/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 17, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-60/2000/7383/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 19th November 2024

S.O. 17 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Abinash Chandra Verma and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No.-3480/J, dated 24.10.2002 to practice as notary again for the next five year from 24.10.2022.

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Abinash Chandra Verma Advocate-cum- Notary, Civil Court, Saran (Chapra) 24.10.2002 B.Sc. L.L.B Saran District

(File no. -A/Not-60/2000/7383/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 28

7 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 18, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-6014/जे0, दिनांक-21.12.1996 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री भूपेन्द्र प्रसाद साह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-21.12.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री भूपेन्द्र प्रसाद साह अधिवक्ता-सह-नोटरी, अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, फारबिसगंज, अररिया 21.12.1996 बी0ए0 एल0एल0बी0 फारबिसगंज अनुमंडल, जिला-अररिया

(सं0 सं0-ए0/नोट-73/94/6313/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

7 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 18, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-73/94/6313/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 7th October 2024

S.O. 18 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Bhupendra Prasad Sah and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 6014/J dated 21.12.1996 to practice as notary again for the next five year from 21.12.2024.

29 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025
Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Bhupendra Prasad Sah Advocate-cum- Notary, Subdivisional Civil Court, Forbesganj, Araria 21.12.1996 B.A L.L.B Forbesganj Subdivision, District-Araria

(File no. -A/Not-73/94/6313/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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2 जनवरी 2025

एस0ओ0 19, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-377/जे0, दिनांक-15.01.2019 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री शशि कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-15.01.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैंः-

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री शशि कुमार अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, सारण (छपरा) 15.01.2019 एम0ए0 एल0एल0बी0 सारण जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-84/2018/24/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

2 जनवरी 2025

एस0ओ0 19, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-84/2018/24/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 30

The 2nd January 2025

S.O. 19 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Shashi Kumar, Advocate, whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 377/J dated 15.01.2019 to practice as notary again for the next five year from 15.01.2024:-

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Shashi Kumar Advocate-cum- Notary, Civil Court, Saran (Chapra) 15.01.2019 M.A L.L.B Saran District

(File no. -A/Not-84/2018/24/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 20, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-365/जे0, दिनांक-15.01.2019 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री देवराज प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-15.01.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री देवराज प्रसाद अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर, औरंगाबाद 15.01.2019 एल0एल0बी0 औरंगाबाद जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-94/2018/5947/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)31 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 20, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-94/2018/5947/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 20th September 2024

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Deoraj Prasad Advocate-cum- Notary, Civil Court, Daudnagar Aurangabad 15-01-2019 L.L.B Aurangabad District

S.O. 20 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Deoraj Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 365/J dated 15.01.2019 to practice as notary again for the next five year from 15.01.2024. Name of Notary

(File no. -A/Not-94/2018/5947/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 21, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-822/जे0, दिनांक-24.02.1994 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री हरिश्चन्द्र झा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-24.02.2025 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 32

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री हरिश्चन्द्र झा अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, मधुबनी 24.02.1994 बी0ए0 बी0एल0 मधुबनी जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-106/92/7284/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 21, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-106/92/7284/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 15th November 2024

S.O. 21 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Harish Chandra Jha, and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 822/J dated 24.02.1994 to practice as notary again for the next five year from 24.02.2025.

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Harish Chandra Jha Advocate-cum- Notary, Civil Court, Madhubani 24.02.1994 B.A B.L Madhubani District

(File no. -A/Not-106/92/7284/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)33 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

23 अगस्त 2024

एस0ओ0 22, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-381/जे0, दिनांक-15.01.2019 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री मनोज कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-15.01.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री मनोज कुमार अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मधुबनी 15.01.2019 एल0एल0बी0 मधुबनी जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-136/2018/5217/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

23 अगस्त 2024

एस0ओ0 22, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-136/2018/5217/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 23rd August 2024

S.O. 22 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Manoj Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 381/J dated 15.01.2019 to practice as notary again for the next five year from 15.01.2024.

(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 34
Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Manoj Kumar Advocate-cum- Notary Civil Court Madhubani 15.01.2019 L.L.B Madhubani District

(File no. -A/Not-136/2018/5217/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

------

20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 23, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-524/जे0, दिनांक-21.01.2019 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री नन्द किशोर शर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-21.01.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री नन्द किशोर शर्मा अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, अरवल 21.01.2019 एल0एल0बी0 अरवल जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-157/2018/5949/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 23, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-157/2018/5949/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)35 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 The 20th September 2024

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Nand Kishore Sharma Advocate-cum- Notary, Civil Court, Arwal 21.01.2019 L.L.B Arwal District

S.O. 23 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Nand Kishore Sharma and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 524/J dated 21.01.2019 to practice as notary again for the next five year from 21.01.2024. Name of Notary

(File no. -A/Not-157/2018/5949/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 24, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-845/जे0, दिनांक-29.01.2019 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सुभाष यादव, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-29.01.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री सुभाष यादव अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, बांका 29.01.2019 ए ल0एल0बी0 बांका जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-162/2018/5948/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 36

20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 24, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-162/2018/5948/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 20th September 2024

S.O. 24 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Subhash Yadav and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 845/J dated 29.01.2019 to practice as notary again for the next five year from 29.01.2024.

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Subhash Yadav Advocate-cum- Notary, Civil Court, Banka 29.01.2019 L.L.B Banka District

(File no. -A/Not-162/2018/5948/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 25, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-838/जे0, दिनांक-29.01.2019 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अरूण शर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज37 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-29.01.2024 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री अरूण शर्मा अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद 29.01.2019 एल0एल0बी0 औरंगाबाद जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-181/2018/5946/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

20 सितम्बर 2024

एस0ओ0 25, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-181/2018/5946/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 20th September 2024

S.O. 25 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Arun Sharma and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 838/J dated 29.01.2019 to practice as notary again for the next five year from 29.01.2024.

(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 38
Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Arun Sharma Advocate-cum- Notary, Civil Court, Aurangabad 29.01.2019 L.L.B Aurangabad District

(File no. -A/Not-181/2018/5946/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 26, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम संख्या-53) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-3 और नोटरी नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3516/जे0, दिनांक-24.07.2008 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री राम प्रवेश ठाकुर, अधिवक्ता, जिनका

लेख्य प्रमाणक क नाम े आवासीय / व्यवसायिक पता लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । अहर्त्ता जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अभियुक्ति
1 2 3 4 5 6
श्री राम प्रवेश ठाकुर अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद 24.07.2008 एम0ए0 एल0एल0बी0 औरंगाबाद जिला

(सं0 सं0-ए0/नोट-डी-12/2004/7285/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 26, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0 सं0-ए0/नोट-डी-12/2004/7285/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)39 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 The 15th November 2024

S.O. 26 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (Act no. 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ram Pravesh Thakur and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 3516/J dated 24.07.2008 to practice as notary again for the next five year from .......................

Name of Notary Residental/ professional address Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. Qualification Area in which Notary to practice Remarks
1 2 3 4 5 6
Shri Ram Pravesh Thakur Advocate-cum- Notary, Civil Court, Aurangabad 24.07.2008 M.A L.L.B Aurangabad District

(File no. -A/Not-D-12/2004/7285/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar. (Competent Authority)

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19 दिसम्बर 2024

एस0ओ0 27, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री रत्नेश्वर झा, नोटरी, सहरसा का नाम जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-345/जे0, दिनांक-24.01.1986 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-7/85/8142/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

19 दिसम्बर 2024

एस0ओ0 27, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-7/85/8142/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 40

The 19th December 2024

S.O. 27 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Shri Ratneshwar Jha, Notary, Saharsa whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 345/J, dated- 24.01.1986 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A-AB-7/85/8142/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 28, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री राजधर चौधरी अधिवक्ता-सह-नोटरी, बेगूसराय का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-278 दिनांक- 14.01.1987 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-45/85/6941/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 28, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-45/85/6941/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 29th October 2024

S.O. 28 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Rajdhar Choudhary Notary, Civil Court Begusarai whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no.

41 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

278 /J dated- 14.01.1987 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/AB 45/85/6941/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 29, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री जय प्रकाश पाण्डेय, नोटरी, कटिहार का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-2094 दिनांक-06.05.1992 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-17/90/6944/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 29, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-17/90/6944/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 29th October 2024

S.O. 29 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Jai Prakash pandey Notary, Katihar whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 2094 /J dated- 06.05.1992 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/A.Bt-17/90/6944/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 42

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 30, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री सुरेन्द्र बहादुर सिंह, नोटरी, कटिहार का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-7351 दिनांक-04.10.12 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/ए0जे0-35/2012/6956/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 30, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/ए0जे0-35/2012/6956/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 29th October 2024

S.O. 30 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Surendra Bahadur Singh, Notary, Katihar whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 7351 /J dated- 04.10. 12 from the notary register maintained for Notaries under Section- 4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/AJ-35/2012/6956/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

------

15 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 31, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री ललन सिंह, नोटरी, गोपालगंज का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 4176/जे0, दिनांक-21.11.2000 द्वारा की गयी थी, नोटरी43 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट(वी0)-07/2007/6505/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

15 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 31, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट(वी0)-07/2007/6505/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 15th October 2024

S.O. 31 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Lallan Singh, Notary, Gopalganj, whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 4176 /J dated- 21.11.2000 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not(v)-07/2007/6505/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

------

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 32, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 प्रमोद कुमार सिन्हा, नोटरी, मुंगेर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 566/जे0, दिनांक- 19.02.2004 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-37/2001/7377/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह- अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 44

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 32, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-37/2001/7377/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 19th November 2024

S.O. 32 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Pramod Kumar Sinha, Notary, Munger whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 566 /J dated- 19.02.2004 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not(s)-37/2001/7377/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 33, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 मणि कुमार सिंह, नोटरी, मुंगेर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 4620/जे0, दिनांक- 08.11.2003 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-49/2001/7381/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 33, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-49/2001/7381/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)45 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 The 19th November 2024

S.O. 33 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Mani Kumar Singh Notary, Munger whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 4620 /J dated- 08.11.2003 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not(S)- 49/2001/7381/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 34, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 विजय कुमार मेहता, नोटरी, मुंगेर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 7352/जे0, दिनांक- 04.10.2012 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-16/2001/7379/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 34, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-16/2001/7379/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 19th November 2024

S.O. 34 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Bijay Kumar Mehta, Notary, Munger whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 7352 /J(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 46 dated- 04.10.2012 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-16/2001/7379/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 35, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 लक्ष्मीकान्त झा, नोटरी, मुंगेर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 2129/जे0, दिनांक- 27.04.1994 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-19/92/7375/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 35, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-19/92/7375/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 19th November 2024

S.O. 35 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Laxmikant Jha Notary, Munerg whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 2129 /J dated- 27.04.1994 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-19/92/7375/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)47 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 36, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 विरेन्द्र कुमार सिन्हा, नोटरी, मुंगेर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 742/जे0, दिनांक- 12.02.1993 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-24/92/7376/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 36, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-24/92/7376/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 19th November 2024

S.O. 36 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Birendra Kumar Sinha, Notary, Munger whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 742 /J dated- 12.02.1993 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-24/92/7376/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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14 अगस्त 2024

एस0ओ0 37, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री कैलाश विश्वास, नोटरी, सहरसा का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-4741/जे0 दिनांक-24.11.2003 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 48 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0-सं0-ए0/नोट-27/2001/5026/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह- अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

14 अगस्त 2024

एस0ओ0 37, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0-सं0-ए0/नोट-27/2001/5026/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह- अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 14th August 2024

S.O. 37 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Kailash Biswas Notary, Saharsa whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 4741/J dated- 24.11.2003 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952).

(File No.-A/Not-27/2001/5026/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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15 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 38, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री मो0 जलालुद्दीन अंसारी, नोटरी, हथुआ (गोपालगंज) का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-136/जे0, दिनांक-12.01.94 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-28/92/6506/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)49 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

15 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 38, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-28/92/6506/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 15th October 2024

S.O. 38 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Md Jalaluddin Ansari, Notary,(Hathua) Gopalganj whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 136 /J dated- 12.01.94 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-28/92/6506/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 39, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 ब्रजेश कुमार सिन्हा, नोटरी, मुंगेर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 1662/जे0, दिनांक- 11.05.2001 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-40/93/7378/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 39, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-40/93/7378/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 50

The 19th November 2024

S.O. 39 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Brajesh Kumar Sinha Notary, Munger whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 1662 /J dated- 11.05.2001 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-40/93/7378/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 40, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री महावीर ठाकुर, नोटरी, पटोरी, समस्तीपुर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-255/जे0, दिनांक-25.01.1997 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-52/94/7304/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 40, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-52/94/7304/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 15th November 2024

S.O. 40 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Mahabir Thakur, Notary, Patori, Samastipur whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no.

51 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

255 /J dated- 25.01.1997 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-52/94/7304/J)

By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 41, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 अशोक नरायण सिन्हा, नोटरी, मुंगेर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 350/जे0, दिनांक- 23.01.1992 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-04/1991/7380/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

19 नवम्बर 2024

एस0ओ0 41, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-04/1991/7380/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 19th November 2024

S.O. 41 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Ashok Narayan Sinha Notary, Munger whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 350 /J dated- 23.01.1992 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/AB-04/1991/7380/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 52

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 42, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री अनिल कुमार, नोटरी, गोपालगंज, का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-3007/जे0, दिनांक-16.08.96 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-65/93/6945/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

29 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 42, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-65/93/6945/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 29th October 2024

S.O. 42 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Anil kumar Notary, Gopalganj whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 3007/J dated- 16.08.96 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-65/93/6945/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 43, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री रघुवंश झा, नोटरी, पूर्णियाँ का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-4107/जे0 दिनांक-13.12.2001 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम,53 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-82/98/7312/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह- अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

15 नवम्बर 2024

एस0ओ0 43, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-82/98/7312/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह- अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 15th November 2024

S.O. 43 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Raghubansh Jha Notary, Purnea whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 4107/J dated- 13.12.2001 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-82/98/7312/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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7 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 44, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री राम कृष्ण सिंह, अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, जमुई का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 431 दिनांक-01.02. 2002 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-93/1998/6312/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 54

7 अक्तूबर 2024

एस0ओ0 44, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-93/1998/6312/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 7th October 2024

S.O. 44 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Ram krishna Singh, Notary, Public Jamui, whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 431 /J dated- 01.02.2002 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-93/1998/6312/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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3 जनवरी 2025

एस0ओ0 45, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 मो0 अमीर हसन, नोटरी, दलसिंहसराय, समस्तीपुर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 4544/जे0, दिनांक-15.10.92 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-44/88/87/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

3 जनवरी 2025

एस0ओ0 45, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/ए0बी0-44/88/87/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)55 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 The 3rd January 2025

S.O. 45 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Md. Amir Hassan, Notary, Dalsinghsarai, Samastipur whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 4544/J dated- 15.10.92 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/AB-44/88/87/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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2 जनवरी 2025

एस0ओ0 46, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 सुधांशु कुमार दत्ता, नोटरी, बांका का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 7356/जे0, दिनांक-04.10.2012 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-01/2003/20/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

2 जनवरी 2025

एस0ओ0 46, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-01/2003/20/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 2nd January 2025

S.O. 46 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Sudhansu Kumar Dutta, Notary, Banka whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 7356 /J(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 56 dated- 04.10.2012 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not(S)-1/2003/20/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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2 जनवरी 2025

एस0ओ0 47, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री अरूण कुमार नोटरी, बांका का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 7356/जे0, दिनांक-04.10.2012 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-11/2003/19/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

2 जनवरी 2025

एस0ओ0 47, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-11/2003/19/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 2nd January 2025

S.O. 47 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri/Late Arun Kumar Notary, Banka whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 7356 /J dated- 04.10.2012 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not(S)-11/2003/19/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)57 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

3 जनवरी 2025

एस0ओ0 48, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 रामाशीष दास, नोटरी, दलसिंहसराय, समस्तीपुर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 4687/जे0, दिनांक-18.11.2003 द्वारा की गयी थी, नोटरी अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-25/2000/86/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

3 जनवरी 2025

एस0ओ0 48, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-25/2000/86/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा, सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

The 3rd January 2025

S.O. 48 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late Ramashish Das, Notary, Dalsinghsarai, Samastipur whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 4687 /J dated- 18.11.2003 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-25/2000/86/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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2 जनवरी 2025

एस0ओ0 49, दिनांक 15 जनवरी 2025--नोटरी अधिनियम, 1952 (1952 का अधिनियम सं0-53) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, स्व0 केशरी नाथ शर्मा, नोटरी, समस्तीपुर का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-7345/जे0, दिनांक- 04.10.2012 द्वारा की गयी थी, नोटरी(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 58 अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।

(सं0सं0-ए0/नोट-119/04/18/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह- अपर विधि परामर्शी, बिहार।

(सक्षम प्राधिकार)

2 जनवरी 2025

एस0ओ0 49, दिनांक 15 जनवरी 2025 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।

(सं0सं0-ए0/नोट-119/04/18/जे0)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,

सरकार के संयुक्त सचिव-सह-

अपर विधि परामर्शी, बिहार। (सक्षम प्राधिकार)

The 2nd January 2025

S.O. 49 dated 15th January 2025--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (Act 53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Late keshary Nath Sharma Notary, Samastipur whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 7345 /J dated- 04.10.2012 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.

(File No.-A/Not-119/04/18/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary to the Government of Bihar- Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)

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उद्योग विभाग

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अधिसूचनाएं

4 जनवरी 2025

सं0 3(स०)/उ०स्था०(पदस्थापन)09/2023-67--उद्योग सेवा संवर्ग के निम्नांकित परियोजना प्रबंधकों को कार्यहित में उनके नाम के सामने स्तम्भ-3 में अंकित कार्यालय में प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र का प्रभार दिया जाता है :-

59 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025
क्र० पदाधिकारी नाम, पदनाम एवं वर्त्तमान पदस्थापन अंकित कार्यालय का प्रभार
1. 2. 3.
1. श्री विवेक कुमार, परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, सिवान। परियोजना प्रबंधक-सह-प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, सिवान।
2. श्री सुजात, परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, शेखपुरा। परियोजना प्रबंधक-सह-प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, शेखपुरा।

(2) यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। (3) प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, बृज किशोर चौधरी, संयुक्त सचिव।

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10 जनवरी 2025 सं0 3(स०)/उ0स्था0(आरोप)01/2023-130--उद्योग विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना सं0-1830 दिनांक 16.

03.2023 द्वारा श्री अशोक कुमार, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(v) के तहत दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने की शास्ति अधिरोपित की गयी है। इस शास्ति के विरूद्ध उनके द्वारा पुर्नर्विलोकन हेतु आवेदन समर्पित किया गया। जिसमें उनके द्वारा शास्ति से मुक्त करने का अनुरोध किया गया।

वित्त(वै0दा0नि0को0) विभाग के पत्रांक-2117(22) दिनांक 08.08.2024 द्वारा प्राप्त पत्र में श्री कुमार के दिनांक 31.05. 2024 को सेवानिवृत होने के फलस्वरूप एक वेतन वृद्धि अवरूद्ध करने में कठिनाई है का उल्लेख किया गया।

श्री कुमार द्वारा दिये गये आवेदन तथा वित्त विभाग से प्राप्त पत्र के आलोक में सम्यक्‌ विचारोंपरांत श्री अशोक कुमार को दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध शास्ति को संशोधित करते हुए एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध किया जाता है। उक्त रोकी गयी वेतन वृद्धि का आर्थिक लाभ उन्हें अनुमान्य नहीं होगा।

पूर्व में निर्गत अधिसूचना सं0-1830 दिनांक 16.03.2023 इस हद तक संशोधित समझे जायेंगे। प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, अवर सचिव।

------ वायुयान संगठन निदेशालय मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, हवाई अड्‌डा, पटना-800014 ------ अधिसूचना 23 दिसम्बर 2024

सं॰ सि॰वि॰नि॰ (संधारण)-16-06/2021-195--मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना अन्तर्गत वायुयान संगठन निदेशालय में चीफ सिक्यूरिटी ऑफिसर, चीफ ऑफ फ्लाईट सेफ्टी, सुरक्षा प्रबंधक, फ्लाईट डिस्पैचर, निरंतर उड़न योग्यता प्रबंधक, क्वालिटी मैनेजर एवं मेंटेनेन्स मैनेजर के पदों पर संविदा के आधार पर नियोजन की स्थिति में पारिश्रमिक/मानदेय निर्धारण हेतु विकास आयुक्त, बिहार -सह- अध्यक्ष, पारिश्रमिक/मानदेय निर्धारण समिति की अध्यक्षता में दिनांक 16.12.2024 को सम्पन्न बैठक में उपरोक्त प्रश्नगत पदों का पारिश्रमिक/मानदेय का निर्धारण निम्नवत्‌ किया गया है :-

क्र. सं. पदनाम सृ ृजित पदों की संख्या। नियत पारिश्रमिक/मानदेय प्रतिमाह प्रतिपद
01 02 03 04
01 चीफ सिक्यूरिटी ऑफिसर 01 D95,000/-(पंचानवे हजार रूपये मात्र), एक मुश्त (इसके अतिरिक्त किसी प्रकार का कोई भत्ता देय नहीं होगा।)
02 चीफ ऑफ फ्लाईट सेफ्टी, 01 D 95,000/-(पंचानवे हजार रूपये मात्र), एक मुश्त (इसके अतिरिक्त किसी प्रकार का कोई भत्ता देय नहीं होगा।)
03 सुरक्षा प्रबंधक 01 D 95,000/-(पंचानवे हजार रूपये मात्र), एक मुश्त (इसके अतिरिक्त किसी प्रकार का कोई भत्ता देय नहीं होगा।)
04 फ्लाईट डिस्पैचर 02 D 46,000/- (छयालीस हजार रूपये मात्र), एक मुश्त (इसके अतिरिक्त किसी प्रकार का कोई भत्ता देय नहीं होगा।)
05 निरंतर उड़न योग्यता प्रबंधक 01 D 95,000/-(पंचानवे हजार रूपये मात्र), एक मुश्त (इसके अतिरिक्त किसी प्रकार का कोई भत्ता देय नहीं होगा।)
06 क्वालिटी मैनेजर 01 D 95,000/-(पंचानवे हजार रूपये मात्र), एक मुश्त (इसके अतिरिक्त किसी प्रकार का कोई भत्ता देय नहीं होगा।)
07 मेंटेनेन्स मैनेजर 01 D 1,22,000/-(एक लाख बाईस हजार रूपये मात्र), एक मुश्त (इसके अतिरिक्त किसी प्रकार का कोई भत्ता देय नहीं होगा।)
(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 60

किये जाने की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डॉ॰ निलेश रामचंद्र देवरे, निदेशक।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 43—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

61 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।

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सूचना

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सं0 34--म(cid:583) सुनील कु मार (cid:466)पता ललन भगत िनवासी, (cid:274)ाम/मोह(cid:227)ला-िगताघाट कॉलोनी िनयर मौया(cid:91) (cid:466)बहार

ं (cid:465)क मेर(cid:547) फजलगंज, पो. थाना- सासाराम, (cid:468)जला-रोहतास, (cid:466)बहार शपथ प(cid:287) सं. 38305 (cid:465)दनांक 23.08.2024 (cid:430)ारा सूिचत करता हू पु(cid:287)ी आ(cid:232)था (cid:302)ेया के मै(cid:465)(cid:282)क माक(cid:91) शीट म(cid:581) मेरा नाम सुिनल राज दज(cid:91) है। मेरे आधार काड(cid:91) म(cid:581) मेरा नाम सुनील कु मार दज(cid:91) है। सुनील ं। सभी काय(cid:607) एवं उद्देेश्यों हेतु अब सुनील कु मार एवं सुिनल राज दोन(cid:585) नाम मेरा ह(cid:547) है तथा दोन(cid:585) नाम(cid:585) से जाना व पहचाना जाता हू

कु मार के नाम से जाना व पहचाना जाऊॅ गा ।

सुनील कु मार।

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No. 35--I, SUNIL Kumar Ram, S/o-Bishwanath Ram, Address- Barmasia Ward No. 08 Near Shiv Mandir, P.s - Sahayak, P.O+ Dist. Katihar(Bihar) PIN 854105, That, my recorded name in school & college & all educational certificate is SUNIL KUMAR RAM. But, I have changed my name from SUNIL KUMAR RAM to SUNIL KUMAR GUPTA. Hence forth, I shall be known as the SUNIL KUMAR GUPTA for all purposes in future. Affi. No. 10890/05.09.2024, Katihar.

SUNIL Kumar Ram.

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सं0 36--म(cid:167) अिभषेक कु मार िपता (cid:174)ी िशव शंकर (cid:255)साद िसंह, (cid:250)ाम-बह(cid:170)िटया, पो.-मंझौली, थाना-वैशाली, िजला-वैशाली शपथ प(cid:253) सं.- ं िक मेरी पु(cid:253)ी आ(cid:214)था (Aashtha) अब आ(cid:214)था कु मारी (Aashtha Kumari) के नाम से जानी 27933 िदनांक 17.10.2024 के (cid:300)ारा घोषणा करता ह(cid:243) जायेगी यह िक अब से वह सभी काय(cid:170) हेतु आ(cid:214)था कु मारी (Aashtha Kumari) के नाम से जानी एवं पहचानी जायेगी ।

अिभषेक कु मार ।

------- BIHAR STATE SUNNI WAQF BOARD ------- Office Order The 5th September 2024

No. XV (MR) 123/SWB/Patna/2024-3233--The Bihar State Sunni Waqf Board in its meeting vide Resolution No. 15 dated 28.8.2024 has been pleased to approve the appointment of D.M.W.O. Ara, Dist. Bhojpur as the Administrator of Waqf Estate No. 123, Maula Bagh, Ara, Dist. Bhojpur under Rule 59 of the Bihar Waqf Rules, 2020 for its better and efficient management.

The newly appointed administrator os directed to manage the setate strictly in consonance with recital of the Waqf Deed. He will manage the Waqf and its properties efficiently under the provisions of the Waqf Act 1995, and the Bihar Waqf Rules, 2020. He will(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 62 take steps for enhancement of the income of the Waqf Estate. All the income of the Waqf shall be deposited in the Bank Account opened in the name of the Waqf Estate. He will maintain the accounts properly. The account shall be operated by the Administrator. He will submit Return and Bdget and Waqf fees regularly to the office of the Bihar State Sunni Waqf Board, Patna positively.

By Order, (Sd.) Illegible, Chief Executive Officer. Bihar State Sunni Waqf Board.

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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद

विद्यापति मार्ग, पटना-800001

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अधिसूचनाएं

21 जून 2024

सं0 841--श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्राम-कड़हरवा, पोस्ट-कुमियाही, अंचलथाना-त्रिवेणीगंज,जिला-सुपौल,

(cid:2872)(cid:2875)(cid:2876)(cid:2871)

बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित है, जिसकी निबंधन सं0- है।

(cid:2870)(cid:2868)(cid:2870)(cid:2872)

उक्त न्यास के संबंध में ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया गया कि भैरोपट्‌टी में लगभग 03 बीघा भूमि है, जिसके दस्तावेज का प्रयास किया जा रहा है और खतियान प्राप्त होने पर प्रस्तुत किया जायेगा। पुर्व में उक्त मंदिर का प्रबंधन, पूजा-पाठ बिहारी दास द्वारा की जाती थी, जिन्होंने मंदिर की भूमि को 03 वर्ष हेतु खेती के लिए षिवदेव यादव को एक स्टांप पर एग्रीमेंट किया, जिसे षिवदेव यादव द्वारा एक फर्जी एग्रीमेंट कराकर 05 वर्ष के लिए करा लिया गया, जो वर्ष 2012-16 तक था और वह समय-सीमा पुर्व में समाप्त हो चुकी है, परंतु षिवदेव यादव द्वारा अभी तक भूमि पर कब्जा करके रखा है और बंदोवस्ती की राषि मांगने पर लड़ाई और धमकी देते हैं। उनसे भूमि मुक्त करायी जाय। उपरोक्त आरोप पर षिवदेव यादव को निबंधित डाक द्वारा दिनांक- 06/03/2024 को नोटिस निर्गत किया गया, जिसके आलोक में षिवदेव यादव दिनांक- 19/04/2024 को पर्षद के समक्ष उपस्थित होकर अवगत कराया कि वर्तमान में मंदिर की उपरोक्त भूमि पर उनका कब्जा नहीं है।

तदनुसार उन्हें निर्देष दिया गया है कि इस बात का एक शपथ-पत्र समर्पित करें और यदि उनके मंदिर की उपरोक्त भूमि पर किसी प्रकार की कोई खेती या कार्यवायी की जाती है, तो उनके विरूद्ध प्रथम सूचना रिर्पोट दर्ज कर कार्यवायी की जा सकती है। चुंकि पुर्व महंत बिहारी दास का स्वर्गवास हो चुका हो चुका है; समर्पणनामा दिनांक- 26/12/2002 में उल्लेखनुसार स्थानीय किसी व्यक्ति द्वारा अनुष्ठान नहीं किया गया और ग्रामीणों द्वारा 10 क॰ भूमि भरण-पोषण हेतु वसंती दास को देते हुये, मंदिर में पूजा-पाठ हेतु अधिकृत किया गया। मंदिर की शेष भूमि पर उचित रूप से बंदोवस्ती तथा आय का मंदिर के विकास में प्रयोग हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक है। इस हेतु दिनांक- 10/03/2024 को ग्रामीणों द्वारा बैठक आहुत कर 09 व्यक्तियों के नामों का चयन किया गया। उक्त प्रस्तावित नामों का चरित्र सत्यापन दिनांक- 09/04/2024 को प्राप्त हुआ, जिसमें उल्लेख किया गया कि विषेष्वर प्रसाद के विरूद्ध 02 कांड त्रिवेणी थाना कांड सं॰- 127/08 एवं 126/09 तथा ब्रह्मदेव के विरूद्ध भी थाना कांड सं॰- 126/09 दर्ज है। उक्त दोनों व्यक्तियोें द्वारा दिनांक- 19/04/2024 को उपस्थित होकर दस्तावेज प्रस्तुत किया गया कि थाना कांड सं॰- 127/08 में प्रस्तुत चार्ज शीट सं॰- 10/08/2008 प्रार्थी विषेष्वर यादव की संलिप्तता नहीं पायी गयी और चार्ज शीटेड अजय कुमार, अभय कुमार के विरूद्ध ट्रायल सं॰- 1554/13 चला, जो दिनांक- 11/02/2013 को उन्हें भी दोष मुक्त किया जा चुका है। उसकी भी प्रति प्रस्तुत की गयी। यह भी बताया गया कि त्रिवेणी थाना कांड सं॰- 126/09 भी समाप्त हो चुकी है और प्रार्थीगण द्वारा उसकी प्रमाणित प्रति प्राप्त नहीं हो पाया है, जो स्पष्ट करता है कि उक्त वाद में प्रार्थी को दोषमुक्त किया जा चुका है। फिर भी उन्हें निर्देष दिया गया है कि इस बात का शपथ-पत्र प्रस्तुत करें और प्रमाणित प्रति मिलते ही शीघ्र पर्षद में उपस्थापित करें। प्रस्तावित नामों के संबंध में अन्य किसी प्रकार की कोई आपत्ति पर्षद में नहीं प्राप्त है।

उपरोक्त परिस्थिति में प्राप्त प्रस्तावित नामों पर विचारोपरांत अधिनियम की धारा-32 एवं 83 एवं बिहार राज्य धार्मिक न्यास की उपविधि 1953 की धारा- 43 के तहत उक्त मंदिर की व्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

अतःपर्षदीय आदेष दिनांक-19/04/2024 के आलोक में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 एवं 83 एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्राम- कड़हरवा, पोस्ट- कुमियाही, अंचलथाना-त्रिवेणीगंज, जिला-सुपौल की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।63 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 योजना

1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास योजना, ग्राम- कड़हरवा, पोस्ट- कुमियाही, अंचलथाना-त्रिवेणीगंज, जिला-सुपौल'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, ग्राम- कड़हरवा, पोस्ट- कुमियाही, अंचलथाना-त्रिवेणीगंज, जिला-सुपौल'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।

5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

16. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

17. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

18. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की एक न्यास समिति गठित की जाती हैः-

1. श्री विषेष्वर प्रसाद यादव पिता- स्व॰ लछन यादव- अध्यक्ष 2. श्री सहदाप लाल यादव पिता-स्व॰ भोगी लाल यादव- सचिव 3. श्री रमेष कुमार पिता-श्री महेन्द्र यादव- कोषाध्यक्ष 4. श्री हरदेव यादव पिता- श्री मुँगा लाल यादव- सदस्य 5. श्री ब्रह्मदेव यादव पिता-श्री कृत नारायण यादव- सदस्य 6. श्री प्रभु नारायण यादव पिता-स्व॰ बद्री यादव- सदस्य 7. श्री उपेन्द्र यादव पिता- स्व॰ षिव नारायण यादव- सदस्य(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 64 8. श्री ललन यादव पिता- श्री रामनंदन यादव- सदस्य

9. श्री मिथिलेष कुमार पिता- श्री देवचन्द्र यादव- सदस्य पता-ग्राम- कड़हरवा, वार्ड-08, पोस्ट- कुमियाही, अंचलथाना- त्रिवेणीगंज, जिला- सुपौल। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्राम- कड़हरवा, पोस्ट- कुमियाही, अंचलथाना-त्रिवेणीगंज, जिला-सुपौल'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति/पदाधिकारी / सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय /पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। उक्त अधिसूचना/आदेष माननीय सदस्यों द्वारा अनुमोदित है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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16 अक्तूबर 2024

सं0 1934--श्री ठाकुर नृत राधो जी ट्रस्ट, ग्रामपो0थानाअंचल-बड़हिया, जिला-लखीसराय पर्षद में प्राचीनतम धार्मिक संस्था के रूप में निबंधन संख्या-275 पर निबंधित है।

स्व0 रामाश्रय प्रसाद सिंह द्वारा निबंधित समर्पणनामा दिनांक-01.12.1949 के द्वारा 08 व्यक्तियों की न्यास समिति बनाते हुए 102 बी0 16 क0 16 धुर जमीन मन्दिर के नाम समर्पित किया गया। जिसमें स्वयं को भी न्यासी के रूप में रखा और उक्त विलेख में भूमि का काफी विस्तृत विवरण करते हुए भूमि को समर्पित की गयी। जिसमें उल्लेख है कि बड़हिया गाँव में एक ठाकुर जी नृत्य राधो जी की मूर्त्ति प्रार्थी के पूर्वजों द्वारा स्थापित किया है तथा प्रार्थी ने उक्त मन्दिर को जीर्णोद्धार कर नया पक्का और सुन्दर बना दिया है और नामित व्यक्ति को धरोहरधारी समिति के नाम से इंगित किया गया है। इसी दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि प्रभू स्थान श्री बैधनाथ धाम, देवघर में भी भूमि भवन खरीदकर उसे परिवर्तीत और परिवादित कर एक धर्मषाला बनवाया है। वह शंकर धर्मषाला के नाम से प्रसिद्ध है। कुल स्थान श्री अवध शहर अयोध्या मोहल्ला गोलाघाट में भी स्थान सद्‌गुरू सदन में एक धर्मषाला निजी खर्च से बनवाया है और यह धर्मषाला बड़हिया सेठ निवास के नाम से प्रसिद्ध है और तीनों संस्था की सम्पत्ति का पूर्ण विवरण विलेख में अंकित है। आगे उल्लेख है कि उनकी कोई संतान नहीं है। उक्त संस्था की स्थिति दिन प्रतिदिन उन्नति होने की अभिलाषा है। इसी कारण से कतिपय व्यवहारिक योग्य व्यक्तियों की धरोहरधारी जी ट्र्रस्टी नियुक्त करते है। जिसपर इस संस्था की उन्नति का भार सौंपता हूँ और सम्पत्ति को अपने व्यक्तिगत स्वत्व अधिकार और आधिपत्य नीचे लिखे नियमों और विधियों के अनुसार उठा लिया है और अपने जीवन या जबतक उनकी इच्छा हो उक्त संस्था का सेवायत रखे है और जीवनकाल में भी ट्रस्ट की कार्रवाई चलती रहेगी का उल्लेख किया है। तथा समिति को अपना सभापति प्रत्येक 03 वर्ष में निर्वाचित करेगे। नियमित कार्रवाई का लेखा-जोखा रखेगे। 04 या अधिक समिति के सदस्यों के द्वारा निर्णय लिया जायेगा। समिति के सदस्य के रिक्त स्थान की पूर्त्ति रजिस्टर्ड पत्र द्वारा करेंगे तथा किसी सदस्य के अयोग्यता, बदचलनी के कारण पद से पृथक करने का अधिकार समिति को होगा। कंडीका-17 में उल्लेख किया है कि उक्त ठाकुर जी नृत्य राधो जी मन्दिर के सेवायत और अपने पष्चात्‌ उनके उत्ताधिकारी तद्‌ अनुसार सेवायत होगे और उक्त उत्तराधिकारी के पष्चात्‌ उनके उत्तराधिकारी सेवायत हुआ तथा रहा करेंगे और कोई उत्तराधिकारी नहीं रहे तो पितृकुल के तत्कालीन वंषजों में से कोई एक व्यक्ति को ट्रस्टीगण चुन लिया करेंगे। कंडीका-18 में उल्लेख किया है कि किसी सेवायत को उक्त धरोहर समिति के निर्णय को अमान्य करने का अधिकार नहीं होगा। अर्थात समिति की प्रत्येक निर्णय सेवायत को मानना होगा। प्रत्येक सेवायत के मत 02 सदस्यों के मत के बराबरा गिना जायेगा। कंडीका-20 में उल्लेख किया है कि धरोहर समिति के सदस्यों को भी कोई निजी अधिकार प्राप्त नहीं होगा और न होना चाहिए। यदि किसी सदस्य को इस धरोहर का स्थावर या जंगम सम्पत्ति या इसके किसी अंष पर अपने साधन पूर्त्ति की चेष्टा करते पाया जायेगा तो यह उक्त सदस्य की बदचलनी समझी जायेगी। उपरोक्त विलेख के आलोक में समय-समय पर न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है। दिनांक-06.05.1986 को एक न्यास समिति का गठन किया था, जिसमें सचिव के रूप में समर्पणनामा में लिखित न्यासधारियों में जीवित एक मात्र अविनाष चंद शर्मा को मान्यता दी गयी और अविनाष चंद शर्मा द्वारा अपने पत्र दिनांक-08.06.1988 में न्यास की दुरव्यवस्था का उल्लेख किया है कि ट्रस्ट की सारी सम्पत्ति का दुरूपयोग निजी सम्पत्ति के रूप में किया जा रहा है। परन्तु उक्त समिति द्वारा भी अधिनियम की धारा-59, 60, 70 का कोई पालन नहीं किया। इस संबंध में समिति को भंग करने संबंधी अधिनियम की धारा-29 के तहत्‌ नोटिस भी दिनांक-05.02.2003 को पत्रांक-4111 जारी की गयी। कुछ स्थानीय व्यक्तियों के द्वारा उस मठ में व्याप्त अव्यवस्था की षिकायत समय-समय पर पर्षद को अपने पत्र दिनांक-05.09.2006, 21.02.2007, 10.01.2008 को की गयी है। उक्त षिकायत के संबंध में स्पष्टीकरण अविनाष चंद शर्मा, सचिव से की गयी। अविनाथ चंद शर्मा द्वारा पर्षद में दिनांक-05.11.2008 को पत्र द्वारा सूचित किया गया कि गठित समिति में 06 सदस्यों का स्वर्गवास हो चुका है। उनके स्थान पर नये सदस्यों की नियुक्ति की गई है और वर्त्तमान में कुल 09 सदस्य है, जिसका उल्लेख करते हुए पत्र दिया गया है। पर्षद में प्राप्त हो रहे लगातार आरोप-प्रत्यारोप पर पर्षद के निरीक्षक का निरीक्षण करने का आदेष दिया गया। इस संबंध में65 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 पर्षद के निरीक्षक द्वारा दिनांक-11.12.2008 को स्थल निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट पर्षद में समर्पित की गयी। इसी बीच पुनः अविनाष चंद शर्मा द्वारा दिनांक-02.01.2009 को 09 सदस्यीय न्यास समिति का प्रस्ताव स्वीकृति हेतु पर्षद को भेजा गया। तदोपरान्त पर्षद के पत्र दिनांक-2650, दिनांक-20.02.2009 द्वारा 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन योजना का निरूपण करते हुए 05 वर्ष के लिए किया गया है, जिसमें श्री नवीन प्रसाद सिंह अध्यक्ष तथा अविनाष चंद शर्मा सेवायत सह प्रबंधक के रूप में मान्यता दी गयी। समिति गठन के पष्चात्‌ पहली बार अध्यक्ष, नवीन प्रसाद सिंह द्वारा दिनांक-01.08.2012 को सम्पत्ति से होने वाली आय-व्यय विवरण दाखिल किया, जिसमें उल्लेख किया कि कुल 105 बी0 भूमि है। 90 बी0 खेती की भूमि है, जिसमें 13 बी0 भूमि बेदखल है। 10 बी0 में मन्दिर और धर्मषाला है तथा आय के रूप में 1,20,000/- रुपये दर्षित किया गया तथा पर्षद शुल्क के रूप में 6000/- रुपये की राषि जमा किया गया। इसके बाद समिति द्वारा किसी भी प्रकार का कोई आय-व्यय विवरण, बजट नहीं दिया गया। केवल टोकन मनी के रूप में पर्षद शुल्क बिना आय-व्यय विवरणी के जमा किया जाता रहा है। अंतिम पर्षद शुल्क दिनांक-05.10.2021 को 18,000/- रुपये के रूप में किया है। लगभग 03 वर्ष के अन्तराल के पष्चात्‌ दिनांक-03.02.2024 को श्रीमति नीलम शर्मा पत्नी स्व0 अविनाष चंद शर्मा द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया कि समिति पुर्णतः निष्क्रीय है, मन्दिर की देख-भाल उचित ढंग से नहीं किया जा रहा है। सम्पत्ति अतिक्रमण का षिकार हो रहा है। समिति की कार्य अवधि समाप्त होने के कारण उन्हें अपने पति के स्थान पर सेवायत के रूप में कार्य करने में बाधा हो रही है। अतः एक नयी समिति का गठन किया जाए। इस संबंध में अंचलाधिकारी तथा अनुमण्डल पदाधिकारी को दिनांक-24.07. 2024 को पत्र लिखकर मन्दिर की कुल 102 बी0 भूमि की वर्त्तमान स्थिति के संबंध में रिपोर्ट की मांग की गयी तथा श्रीमति नीलम शर्मा द्वारा दिये गये पत्र के आलोक में उनसे भी 04 बिन्दुओं पर पृच्छा की गयी कि वर्ष 2009 में गठित समिति के कितने सदस्य वर्त्तमान में जीवित है, कितने सदस्य मन्दिर की बैठक, आयोजन आदि में भाग नहीं लेते है। मन्दिर को समर्पित भूमि में से कितनी भूमि पर अतिक्रमण है, उसका खाता, खेसरा, मन्दिर का फोटो तथा 05 वर्ष में मन्दिर के विकास के लिए क्या कार्य किया गया है। पर्षद में दिनांक-20.08.2024 के पूर्व दाखिल करें।

इस बीच अनुमण्डल पदाधिकारी के पत्रांक-493, दिनांक-19.08.2024 द्वारा नयी न्यास समिति गठन किये जाने के संबंध में 09 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिया गया। पर्षद की सूनवाई दिनांक- 20.08.2024 में श्रीमति नीलम शर्मा द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया कि समिति पुर्ण रूप से निष्क्रीय है। न्यासी द्वारा पुजारी के वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। देख-भाल, पूजा-पाठ, राग-भोग तथा पुजारियों का वेतन मेरे स्वयं की आय से भुगतान किया जा रहा है तथा समिति द्वारा बिना समिति की बैठक में निर्णय लिये अन्य संस्था को धन का लाभ दिया जा रहा है। तथा प्रतिमाह बिजली बिल और सालाना रसीद का भी भुगतान हमारे व्यक्तिगत स्तर से ही किया जा रहा है। उक्त संस्था के पास 100 बी0 से अधिक भूमि है और प्रति बीघा 10,000/- रुपये अर्थात्‌ 10 लाख रुपये बन्दोबस्ती से प्राप्त हो सकता है। पूर्व समिति द्वारा कोई आय-व्यय विवरण का पर्षद में दाखिल नहीं की जा रही है तथा 04 अन्य व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव अपने प्रार्थना-पत्र के साथ दिया है। साथ में जगदम्बा हिन्दी पुस्तकालय को 25,000/- रुपये की राषि दान किये जाने संबंधी रषिद भी दाखिल की गयी है तथा मन्दिर के नाम संचालित बैक खाता 20904787270 भारतीय स्टेट बैंक के स्टेटमेन्ट की प्रति दाखिल की गयी है। जिससे स्पष्ट होता है कि दिनांक-25.06.2024 को उक्त मन्दिर के खाते में 02 लाख 13 हजार रुपये जमा थी तथा दिनांक-01.08.2024, 07.08.2024 को क्रमषः 50-50 हजार और 02 लाख 20 हजार रुपये जमा किये गये। उपरोक्त परिस्थितियाँ यह स्पष्ट करती है कि दानकर्त्ता द्वारा जो धरोहर समिति (न्यास समिति) का गठन किया गया था, जिसमें स्पष्ट निर्देष दिया गया था कि किसी सदस्य के पद रिक्त होने पर शेष समिति के सदस्यों द्वारा रिक्त पद को निबंधित दस्तावेज के द्वारा भरा जायेगा, परन्तु वह कार्रवाई कभी नहीं की गयी और विलेख में नामित अविनाष चन्द्र शर्मा को छोड़कर सभी ट्रस्टीयों का स्वर्गवास बहुत पूर्व हो चुका था। विलेख के अनुसार समर्पणकर्त्ता के उत्तराधिकारी न्यास समिति में सेवायत के रूप में रहेगे और किसी उत्तराधिकारी के नहीं होने पर उनके पष्चात्‌ पितृकुल के वंषजों में से कोई एक व्यक्ति को ट्रस्टीगण सेवायत चुनेगे। पर्षद के संज्ञान में यह लाया गया कि समर्पणकर्त्ता के पितृ कुल के कोई वंषज जीवित नहीं है या उनका कोई दावा नहीं किया है और अविनाष चंद शर्मा पितृ कुल से नहीं आते है। अविनाष चन्द शर्मा को सम्मिलित करते हुए न्यास समिति का गठन वर्ष 2009 में किया गया है और उनका भी स्वर्गवास हो गया है। संचिका पर उपलब्ध विलेख से यह भी स्पष्ट होता है कि वर्ष 2009 में गठित न्यास समिति के सचिव, अविनाष चंद शर्मा थे, उनके द्वारा भी अधिनियम की धारा- 59, 60, 70 को कोई पालन नहीं किया गया। समिति के अध्यक्ष द्वारा केवल पर्षद शुल्क के रूप में कुछ राषि बिना किसी आय-व्यय विवरण के दाखिल किया जाता रहा है, जो नियमतः उचित नहीं है। पूर्व न्यास समिति के अध्यक्ष, श्री नवीन कुमार जो माननीय उच्च न्यायालय के अधिवक्ता है, उनके द्वारा कथन किया गया कि समिति बनने के पूर्व सारी सम्पत्ति अवैध रूप से अतिक्रमण में थी और धीरे-धीरे प्रयास करके उस सम्पत्ति को वापस मन्दिर के कब्जे में लाया गया और मन्दिर की भूमि की बन्दोबस्ती से प्राप्त होने वाली आय से लगभग 25 लाख रुपये देवघर स्थित धर्मषाला के निर्माण, जीर्णोद्धार में खर्च किया गया है और वह स्वीकार करते ह कि विषम परिस्थितिवष उनके द्वारा पर्षद में आय-व्यय विवरण नहीं दाखिल की गयी, परन्तु धारा-70 के तहत शुल्क नियमित रूप से जमा किया गया है और आष्वासन देते है कि भविष्य में इस प्रकार की कृति नहीं होगी और दो सप्ताह के अन्दर पिछले वर्षो की आय-व्यय66 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 विवरणी तथा धर्मषाला में समय-समय पर की गयी खर्च राषि का विवरण दाखिल कर देंगे। श्री नवीन कुमार के नाम का प्रस्ताव अनुमण्डल पदाधिकारी की सूची में भी नयी न्यास समिति में रखा गया है। श्रीमति नीलम शर्मा द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र दिनांक-20.08.2024 में स्पष्ट उल्लेख किया है कि उक्त मन्दिर में 100 बी0 से अधिक भूमि है और प्रत्येक बीघा खेती से आय 10,000/- रुपये अर्थात कुल 10,00,000/- रुपये की आय प्रतिवर्ष मंदिर की भूमि को उचित रूप से बन्दोबस्ती करने पर प्राप्त हो सकता है। पूर्व समिति द्वारा कोई वार्षिक आय कभी दर्षित नहीं की गयी। जो उक्त न्यास समिति के कार्यो पर प्रष्नचिन्ह खड़ा करता है, क्योंकि पूर्व न्यास समिति जिसका गठन वर्ष 2009 में 05 वर्ष के लिए किया गया था। उसका समय बहुत पूर्व समाप्त हो चुका है तथा मन्दिर की उचित व्यवस्था, प्रबंधन तथा सम्पत्ति की सुरक्षा, उसकी होने वाली आय, मन्दिर व धर्मषाला के विकास में व्यय करना उद्‌देष्य होगा। चूंकि मन्दिर और धर्मषाला पुर्ण रूप से जीर्ण-षिर्ण हो रहा है तथा अनुमण्डल पदाधिकारी के पत्रांक-493, दिनांक-19.08.2024 द्वारा प्रस्ताव तथा श्रीमति नीलम शर्मा द्वारा आज दिये गये 04 नामों दो नाम क्रमषः रंजन कुमार सिंह एवं कुमार आनंद जैसा कि उनके स्वयं का कथन, उपरोक्त व्यक्तियों को समिति में स्थान दिया जाय।

उक्त परिस्थितियों में पर्षद की सूनवाई आदेश दिनांक- 20.08.2024 में उपरोक्त समिति में उन्हें शामिल कर एक योजना का निरूपण करते हुए प्रस्तावित नामों की एक न्यास समिति का गठन 05 वर्ष के लिए अधिनियम की धारा 83 एवं उप विधि सं0- 43 (द)के तहतकरने का निर्णय गया।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 एवं 83 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री ठाकुर नृत राधो जी ट्रस्ट, ग्रामपो0थानाअंचल-बड़हिया, जिला-लखीसराय,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना

1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री ठाकुर नृत राधो जी ट्रस्ट, ग्रामपो0थानाअंचल-बड़हिया, जिला-लखीसराय,'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री ठाकुर नृत राधो जी ट्रस्ट, ग्रामपो0थानाअंचल-बड़हिया, जिला-लखीसराय,''होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। मन्दिर के खाता का संचालन संयुक्त रूप से अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर से होगा, यदि वह राषि 10,000/- से अधिक की है। कम राषि की निकासी उपरोक्त 03 में से किसी 02 व्यक्ति के हस्ताक्षर से की जा सकेगी।

4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा बैठक की जायेगी एवं बैठक के उपरान्त बैठक में लिए गये निर्णय से न्यास समिति के अध्यक्ष को भी अवगत कराया जायेगा।67 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 केतहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्रीमति नीलम शर्मा, पति- स्व0 अविनाष चन्द्र शर्मा - अध्यक्ष ग्रामपो0- बड़हिया, वार्ड नं0- 02, धनराजटोला। 2. श्री नवीन प्रसाद सिंह, पिता- स्व0 हरिकांत प्रसाद सिंह - सचिव ग्रामपो0- बड़हिया, वार्ड नं0- 01, रामचरण टोला। 3.श्री मुकेष कुमार उर्फ हिमांषु कुमार पिता- स्व0 षिवौतार प्रसाद सिंह - उपाध्यक्ष ग्रामपो0- बड़हिया, वार्ड नं0- 02, श्रीकंठ टोला। 4. श्री रामप्रवेष सिंह पिता- स्व0 गौरी शंकर सिंह - कोषाध्यक्ष ग्रामपो0- बड़हिया, वार्ड नं0- 02, ईन्द टोला। 5. श्री रामनंदन सिंह, पिता- स्व0 नागेष्वर सिंह - सदस्य ग्रामपो0- बड़हिया, वार्ड नं0- 02, श्रीकंठ टोला। 6. श्री संदीप सिंह पिता- स्व0 अविनाष चन्द्र शर्मा - सदस्य ग्रामपो0- बड़हिया, वार्ड नं0- 02, धनराज टोला। 7. श्री कौषल किषोर पिता- स्व0 षिवनारायण शर्मा - सदस्य ग्रामपो0- बड़हिया, बाहापर। 8. श्री सुमित रंजन पिता- श्री अरूण कुमार - सदस्य ग्रामपो0- बड़हिया, वार्ड नं0- 10, पेट्रोल पम्प के नजदीक। 9. श्री षिवदत्त कुमार पिता- श्री कृष्ण बल्लभ सिंह - सदस्य ग्रामपो0- बड़हिया, वार्ड नं0-08, रामचरण टोला। 10. श्री रंजन कुमार सिंह, पिता- स्व0 भागीरथ प्रसाद सिंह - सदस्य ग्रामपो0थाना- बड़हिया, वार्ड नं0- 06, टोला रामचरण (दुआना) 11. श्री कुमार आनंद पिता- श्री सुनील प्रसाद सिंह - सदस्य ग्रामपो0थाना- बड़हिया, वार्ड नं0- 12, जगदम्बा मंदिर के पास। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा।

मन्दिर की भूमि की बन्दोबस्ती के संबंध में समिति एक रजिस्टर का संधारण करेंगी, जिसमें किस वर्ष बन्दोबस्ती की गयी है (अधिक से अधिक 02 वर्ष) किस व्यक्ति को की गयी है। किस खाता, खेसरा की भूमि बन्दोबस्ती में दी गयी है, बन्दोबस्ती राषि तथा बन्दोबस्ती प्राप्त करने वाले का हस्ताक्षर अवष्य होना चाहिए। प्रतिवर्ष बन्दोस्ती की प्रति आय-व्यय विवरण के साथ संलग्न होना चाहिए। समिति को मन्दिर की किसी भी भूमि को बंधक, रेहन, बिक्रय, बदलैन करने का कोई अधिकार नहीं रहेगा। यदि ऐसा किया जाता है तो अधिनियम की धारा-44 के अन्तर्गत वह दस्तावेज प्रारम्भ से शुन्य और अप्रभावी माना जायेगा और समिति के ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध समिति से विरमित करते हुए विधिनुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।

उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री ठाकुर नृत राधो जी ट्रस्ट, ग्रामपो0थानाअंचल-बड़हिया, जिला-लखीसराय,'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। यह अधिसूचना पर्षद द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 68

24 सितम्बर 2024

सं0 1774--श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी (मोहिउद्‌दीननगर ठाकुरवाड़ी), ग्रामपो0- मोहिउद्‌दीननगर, जिला- समस्तीपुर, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 508 हैं, जिसमें लगभग 135 दुकानें है। उक्त मंदिर की व्यवस्था पूर्व में महंथ रघुवीर दास द्वारा किया जाता था, जिनके स्वर्गवास के पश्चात्‌ मंदिर की व्यवस्था एवं प्रबंधन पूर्व रूप से अस्त-व्यस्त हो गया। मंदिर की पूजा-पाठ, राग-भोग हेतु श्री शिवजी दास को अधिकृत किया गया, परन्तु उनके विरूद्ध भी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा गंभीर आरोप लगाया गया। जिला पदाधिकारी को न्यासधारी के स्वर्गवास के पश्चात्‌ पर्षद के आदेश दिनांक 01.02.2022 द्वारा अस्थायी न्यासधारी बनाया गया तथा न्यास समिति गठन किए जाने के संबंध में 11 अच्छे धार्मिक चरित्र के व्यक्तियों के नामों की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी द्वारा अपने पत्र ज्ञापांक 4485, दिनांक 11.11.2022 द्वारा 05 प्रशासनिक पदाधिकारी को शामिल करते हुए, एक अस्थायी कमिटी गठित कर संचालन की सूचना पर्षद को दी गयी। इसी बीच ग्रामीणों द्वारा भी समय-समय पर आम बैठक दिखाते हुए, 02 सूचियां प्राप्त हुयी। एक सूची को अंचल पदाधिकारी द्वारा दिनांक 10.08.2022 द्वारा भेजा गया था और पूर्व महंत के अधिवक्ता द्वारा भी 04 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिनांक 31.07.2023 को दिया गया था, परन्तु सुनवाई के दौरान प्र्र्र्रस्तावित नामों पर एक दुसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप पर्षद के समक्ष लगाए गए, जो स्पष्ट करता है कि सभी का एक मात्र उद्‌देश्य मंदिर की सम्पत्ति को किसी भी प्रकार से अपने हित में प्रयोग करना है। जिला पदाधिकारी द्वारा गठित 05 सदस्यीय समिति सेे भी पर्षद के आदेश दिनांक 10.05.2024 द्वारा प्रतिवेदन की मांग की गयी जो अप्राप्त है। विभिन्न तिथियों पर विस्तार पूर्वक पर्षद में उपस्थित स्थानीय नागरिकों को सुनने के उपरांत पर्षद इस विचार पर पहुँचती है कि जिला पदाधिकारी द्वारा नामित व्यक्तियों के साथ निम्न 05 व्यक्तियों को भी समिति में जोड़ते हुए, समिति का गठन किया जाना आवश्यक है क्योंकि मामले को लंबित रखने पर दिन-प्रतिदिन मंदिर की भूमि पर स्थित 100 से अधिक दुकानों में लगातार विवाद उपकिराएदारी, पगड़ी आदि की वसूली की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही है तथा पूर्व में 82,00,000/-रु0 का मुआवजे के रूप में प्राप्त हुआ था जिसका भी गबन कुछ व्यक्तियों द्वारा पूर्व महंत के वृद्ध अवस्था तथा अज्ञानता का फायदा उठाते हुए कर लिया गया। इस बात की सूचना महंत द्वारा पर्षद में स्वंय अपने जीवन के दौरान जब बैंक में जाने पर यह पता चला की सभी राशि की अवैध रूप से निकासी की जा चुकी है, उन्होंने पर्षद को दिया, जिसपर पर्षद द्वारा तथा जिला पदाधिकारी को तथा संबंधित बैंक को भी उक्त गबन की जांच करने तथा दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाई करने हेतु पत्र लिखा गया, परन्तु निष्कर्ष की जानकारी पर्षद को अभी तक नहीं प्राप्त हुयी। अतः उपरोक्त परिस्थितियों में पर्षदीय आदेश दिनांक-02.08.2024 के आलोक में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 एवं 83 एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी (मोहिउद्‌दीननगर ठाकुरवाड़ी), ग्रामपो0-मोहिउद्‌दीननगर, जिला- समस्तीपुर, की सम्पतियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंध हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपन किया जाता है, तथा इसे भूर्तरूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

योजना

1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी (मोहिउद्‌दीननगर ठाकुरवाड़ी) न्यास योजना, ग्रामपो0- मोहिउद्‌दीननगर, जिला- समस्तीपुर,'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी (मोहिउद्‌दीननगर ठाकुरवाड़ी) न्यास समिति, ग्रामपो0- मोहिउद्‌दीननगर, जिला- समस्तीपुर,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा। 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। खाते का संचालन अध्यक्ष/सचिव एवं कोषाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा।

4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।69 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहतदंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है, जिसमें जिला पदाधिकारी द्वारा पत्र दिनांक- 11.11.2022 में गठित अस्थायी समिति के 05 सदस्यों में से 03 सदस्यों को भी शामिल किया जाता है :-

01. अनुमंडल पदाधिकारी, पटोरी, समस्तीपुर , - अध्यक्ष 02. भूमि सुधार उपसमाहर्ता, पटोरी, समस्तीपुर, - उपाध्यक्ष 03. श्री जयप्रकाश सिंह, अधिवक्ता, - सह उपाध्यक्ष पिता- स्व0 जागेन्द्र सिंह, ग्राम- सुल्तानपुर (मध्य) पो0- सुल्तानपुर (पश्चिम), थाना- मोहिउद्‌दीननगर, 04. श्री धन्नजय कुमार सिंह, अधिवक्ता - सचिव पिता- श्री राम विनोद सिंह, ग्राम- हरेल, पो0थाना- मोहिउद्‌दीननगर, 05. श्री सुरेन्द्र राय, मुखिया, पिता- राम पुकार राय, - सह सचिव ग्राम- कुमैया, पो0थाना- मोहिउद्‌दीननगर, समस्तीपुर। 06. श्री राजेन्द्र राय, पिता- स्व0 सेठ राय, - कोषाध्यक्ष ग्राम- भोगलचक, पो0थाना- मोहिउद्‌दीननगर, जिला- समस्तीपुर। 07. श्री राधा कृष्ण साह, पिता- स्व0 मुनीलाल साह, - सदस्य निवासी- पुरब बाजार, शंकर चौक, पो0थाना- मोहिउद्‌दीननगर, समस्तीपुर। 08. श्री सतीष कुमार पोद्‌दार, पिता- स्व0 राम बाबू पोद्‌दार, - सदस्य पो0थाना- मुहिउद्‌दीननगर, समस्तीपुर। 09. अचंल पदाधिकारी, मोहिउद्‌दीनगर, समस्तीपुर - सदस्य 10. थानाध्यक्ष, मोहिउद्‌दीनगर, समस्तीपुर - सदस्य सभी जिला- समस्तीपुर।

उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री राम जानकी ठाकुरवाड़ी (मोहिउद्‌दीननगर ठाकुरवाड़ी), ग्रामपो0- मोहिउद्‌दीननगर, जिला- समस्तीपुर,'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/ पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। यह अधिसूचना पर्षद द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत है। आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।(cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 70

23 सितम्बर 2024

सं0 1760--बाबा झुमराज मंदिर, ग्राम- बटिया सोनो,जिला-जमुई, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3546 है।

उक्त मंदिर पहाड़ो के पास बसा है और इसमें 01 बी0 05 क0 भूमि है। आय का मुख्य स्त्रोत मुंडन, दान, चढ़ावा, वाहन स्टैंड आदि से है। समय-समय पर उक्त मंदिर की व्यवस्था प्रबंधन हेतु पर्षद द्वारा न्यास समिति का गठन किया जाता रहा।

पूर्व में अनुमंडल पदाधिकारी के प्रस्ताव पत्रांक- 496, दिनांक- 12.09.2016 के द्वारा प्राप्त 11 सदस्यों के प्रस्ताव पर विचारोपरान्त पर्षद के पत्रांक- 62, दिनांक- 11.04.2017 के अधिसूचना द्वारा 11 सदस्यों की न्यास समिति अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में बनायी गयी, जिसका कार्यकाल 05 का वर्ष था। जिसे पुनः 02 वर्ष के लिए बढ़ाया गया, जिसकी सूचना पदेन अध्यक्ष अनुमंडल पदाधिकारी जमुई को भी दी गयी थी, परन्तु अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा पत्र सं0- 505, दिनांक- 11.10.2023 द्वारा 10 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव समिति गठन हेतु भेजा गया।

उक्त पत्र के आलोक में पर्षद के पत्रांक- 3979, दिनांक- 21.03.2024 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी से स्पष्ट प्रतिवेदन मांगा गया कि पर्षद के आदेष दिनांक-14.06.2023 द्वारा समिति का कार्यकाल 02 वर्ष के लिए विस्तार किया गया जिसकी सूचना पर्षद के पत्रांक- 1031, दिनांक- 03.07.2023 द्वारा आपको भी सूचित किया गया है, फिर आपके द्वारा 10 नामों का प्रस्ताव किस आधार पर दिया गया, इसे स्पष्ट करें, और यह भी स्पष्ट करें, कि न्यास समिति के कुछ सदस्य समिति की बैठक या मंदिर में रूची नहीं रखते हैं और कितने सदस्यों का स्वर्गवास हो चुका है। कार्यरत समिति के जो और जो समिति के सदस्य का कार्य संतोषजनकरहा हो उनको प्रस्ताव में शामिल करते हुए नए सिरे से प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

पर्षद के उपरोक्त पत्र के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी के पत्रांक- 443, दिनांक- 20.07.2024 द्वारा यह सूचना दी गयी की पूर्व समिति के 03 सदस्य क्रमषः श्री राज कुमार सिंह, श्री रेवा रविदास, श्री छक्कन माझी का स्वर्गवास हो चुका है तथा 02 सदस्य सत्य नारायण गुप्ता एवं श्री मोहन यादव मंदिर के कार्य में रूची नहीं रखते हैं और उनके द्वारा 10 व्यक्तियों के नामो का प्रस्ताव जिसमें,कार्यरतसमिति के तीन सदस्य को शामिल करते हुए, पर्षद को उपलब्ध कराया गया। तदोपरान्त पर्षद के पत्रांक-1347, द्वारा प्रस्तावित नामों का चरित्र सत्यापन संबंधी पत्र संबंधित थाने को भेजा गया। पर्षद के उक्त पत्र के आलोक में थाने द्वारा रिर्पोट पत्रांक- 781, दिनांक- 16.08.2024 डाक के माध्यम से पर्षद को भेजी गयी, जो दिनांक- 16.08.2024 को प्राप्त हुआ। स्थानीय नागरिक की तरफ से श्री राकेष कुमार सिंह, एवं लालु प्रसाद वर्णवाल तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ उपस्थित हुए। उपरोक्त सभी तथ्यों पर विचारोपरान्त चूँकि समिति के 03 सदस्य का स्र्वगवास हो चुका है और 02 सदस्य मंदिर के कार्य में रूची नहीं रखते है। कुछ पूर्व सदस्यों को भी शामिल करते हुए, 10 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा दिया गया है,जिसका चरित्र सत्यापन रिर्पोट भी प्राप्त हो चुका है।

अतः उपरोक्त परिस्थिति में पूर्व गठित न्यास समिति को भंग करते हुए एक योजना का निरूणन करते हुए अधिनियम की धारा 32,83 एवं बिहार राज्य धार्मिक न्यास की उपविधि 1953 की धारा 43 के तहत इस मंदिर की व्यवस्था हेतु निम्न न्यास समिति का गठन 05 वर्ष के लिए निम्न लोगों को शामिल करते हुए किया जाता है-

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32, 83 में एवं उपविधि 43 (द) के तहत धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार का प्रयोग करते हुए ''बाबा झुमराज मंदिर, ग्राम- बटिया सोनो,जिला-जमुई,,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना

1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''बाबा झुमराज मंदिर, ग्राम- बटिया सोनो, जिला- जमुई,'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम '' बाबा झुमराज मंदिर, ग्राम-बटिया, जिला- जमुई,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। खाते का संचालन अध्यक्ष/सचिव में से कोई एक व्यक्ति तथा कोषाध्यक्ष अर्थात 02 व्यक्तियों के संयुक्त हस्ताक्षर से हीं किया जायेगा।

4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।71 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा बैठक की जायेगी एवं बैठक के उपरान्त बैठक में लिए गये निर्णय से न्यास समिति के अध्यक्ष को भी अवगत कराया जायेगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- (1) अनुमंडल पदाधिकारी, जमुई - अध्यक्ष। (2) श्री आषीष कुमार वर्णवाल, पिता- स्व0 भरत वर्णवाल - उपाध्यक्ष। ग्राम-बटिया सोनो, (3) श्री राकेष कुमार सिंह , पिता- स्व0 जय किषोर सिंह, - सचिव। ग्राम- महुंगाय, बटिया सोनो, (4) श्री लालु प्रसाद वर्णवाल, पिता- श्री ब्रहमदेव प्र0 वर्णवाल - कोषाध्यक्ष। ग्राम-गिद्धाडीह, बटिया सोनो, (5) श्री जानकी सिंह, पिता- स्व0 धोधो सिंह, - सदस्य। ग्राम- हेठ बटिया, पो0- बटिया सोनो, (6) श्री प्रमोद कुमार वर्णवाल, पिता-स्व0 दामोदर वर्णवाल - सदस्य। ग्राम- हेठबटिया, पो0- बटिया सोनो (7) श्री भीम रजक, पिता-स्व0 यमुना रजक - सदस्य। ग्राम- दहियारी, बटिया सोनो (8) श्री संतोष कुमार पासवान, पिता- स्व0 विष्णुदेव पासवान - सदस्य। ग्राम- गिद्धाडीह बटिया सोनो (9) श्री तालेष्वर सिंह,पिता- श्री गुम सिंह - सदस्य। ग्राम-हेठ बटिया, पो0-बटिया सोनो (10) श्रीमती सावित्री देवी, पति- श्री उमेष राय - सदस्य। ग्राम- बुच्ची, बटिया सोनो (11) श्री रविन्द्र यादव, श्री प्रयाग यादव - सदस्य। ग्राम- जिरूलिया, बटिया सोनो सभी का जिला -जमुई ।72 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 गठित न्यास समिति को मन्दिर की किसी भूमि को किसी भी प्रकार से क्रय-बिक्रय, बंधक, रेहन रखने का कोई अधिकार नहीं रहेगा। भूमि की बन्दोबस्ती अधिकांष 03 वर्ष के लिए खुले डाक द्वारा की जायेगी और यदि वह बन्दोबस्ती प्रतिवर्ष की जाए तो ज्यादा उचित होगा।

न्यास समिति को ही मठ की सम्पूर्ण भूमि को बंदोबस्ती करने का अधिकार रहेगा तथा जो अतिक्रमण में भूमि है उसको मुक्त कराने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों और न्यायालयों में प्रार्थना-पत्र और मुकदमा दाखिल करने के लिए अधिकृत किया जाता हैं।

न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मठ/मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें।

उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''बाबा झुमराज मंदिर, ग्राम-बटिया, जिला- जमुइ,'' के नाम से ही रहेगा, इसमें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-1) न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

यह अधिसूचना पर्षद द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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17 अक्तूबर 2024

सं0 1936--मॉ पूरण देवी मंदिर, ग्रामपो0थाना-पूर्णियॉ सिटी, जिला-पूर्णियॉ पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसकी निबंधन संख्या-3741/07 है। उक्त न्यास के प्रबंधन हेतु समय-समय पर न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है। वर्त्तमान में न्यास के प्रबंधन हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, सदर पूर्णियॉ की अध्यक्षता में आदेष दिनांक-24.08.2023 द्वारा किया गया। जिसकी न्यास समिति का गठन अधिसूचना ज्ञापांक-2521 दिनांक-10.10.2023 द्वारा प्रकाषित किया गया। इस न्यास समिति में अंचल अधिकारी, पूर्णियॉ पूर्व-पदेन उपाध्यक्ष, श्री मृगेन्द्र देव-उपाध्यक्ष II एवं श्रीमति पूनम झा, पति-स्व0 राकेष कु0 मिश्र-सचिव सहित कुल 11 सदस्य हैं।

न्यास समिति द्वारा दिनांक-09.10.2024 को पर्षद के समक्ष उपस्थित होकर मंदिर में किये गये विकास कायों की सूची एवं फोटोग्राफ दाखिल की गयी। जिसमें गर्भगृह में लाईट व सी0सी0टी0वी कैमरा तथा वातानुकूलित यंत्र लगाने, कार्यालय का निर्माण, बिजली की व्यवस्था, मंदिर के गर्भ-गृह की सफाई, पेय-जल की व्यवस्था किये जाने आदि की लिखित सूचना दी गयी। समिति द्वारा दाखिल फोटोग्राफ से सभी किये गये कार्यो की पुष्टि होती है।

अतः न्यास समिति द्वारा किये गये कार्यो को संतोषप्रद पाते हुए, समिति के कार्यकाल को अधिसूचना ज्ञापांक-2521 दिनांक-10.10.2023 में वर्णित योजना के अनुरूप कार्य करने हेतु गठन की तिथि से (दिनांक-24.08.2023 से 24.08.2028 तक) 05 वर्ष के लिए विस्तारित की जाती है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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17 अक्तूबर 2024

सं0 1944--श्री गोनू बाबा धाम मंदिर, ग्राम- तरडीहा, पो0- बलुआचक, अंचल-जगदीषपुर, जिला-भागलपुर, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-3761 है।

उक्त मन्दिर की व्यवस्था हेतु समय-समय पर न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है। पर्षद के पत्रांक-2927, दिनांक-12.12.2015 को एक योजना का निरूपण करते हुए 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन श्री शालीग्राम यादव की अध्यक्षता में की गयी थी। समिति का कार्यकाल समाप्त होने के बीच कोरोना के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी बीच दिनांक-13.02.2022 को मन्दिर के प्रांगण में श्री दिवाकार चन्द्र दूबे की अध्यक्षता में बैठक की गयी, जिसमें 10 व्यक्तियों का चयन न्यास समिति के लिए किया गया। जिसमें कुछ स्थानीय व्यक्ति भी मौजूद थे और उक्त प्रस्ताव पर्षद को दिनांक-14.02.2022 को दिया गया। जिसपर पर्षद के पत्र दिनांक-30.05.2022 द्वारा न्यास समिति से पिछले 05 वर्ष में किये गये विकासात्मक कार्य तथा मन्दिर की अद्यतन पासबूक भी दाखिल करने का निर्देष दिया गया। साथ ही अनुमण्डल पदाधिकारी से प्रस्तावित नामों की प्रति भेजते हुए, उनसे उनका मंतव्य तथा इस कथन के साथ कि कुछ अन्य व्यक्तियों को जोड़ना या हटाना चाहते हो तो इस संबंध में अपना सुझाव शीघ्र पर्षद को देने हेतु पत्र दिनांक-03.05.2022 को भेजा गया। समिति द्वारा दिनांक-18.07.2022 को मन्दिर के नाम संचालित खाता का पासबूक तथा विकासात्मक कार्यो का उल्लेख करते हुए प्रार्थना-पत्र दिया गया। परन्तु दाखिल पासबूक में इन्द्राज वर्ष 2017 तक था, लिहाजा अद्यतन पासबुक की मांग दिनांक-18.01.2023 को पत्र के द्वारा की गयी तथा समिति द्वारा वर्ष 2022-23 की आय-व्यय विवरणी जिसमें कुल आय73 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 लगभग 09 लाख रुपये दर्षित करते हुए दाखिल की गयी।प्रस्तावित नामों के संबंध में किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं प्राप्त है एवं समिति का कार्यकाल भी पूर्व में समाप्त हो चुका है।

उक्त परिस्थितियों में पर्षद की सूनवाई आदेश दिनांक-16.08.2024 में यह निर्णय लिया गया कि एक योजना का निरूपण करते हुए प्रस्तावित नामों की एक न्यास समिति का गठन अधिनियम की धारा 83 एवं उप विधि सं0- 43 (द)के तहत योजना का निरूपण करते हुए एक न्यास समिति का गठन 05 वर्ष के लिए किया जाए।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 एवं 83 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री गोनू बाबा धाम मंदिर, ग्राम- तरडीहा, पो0- बलुआचक, अंचल- जगदीषपुर, जिला- भागलपुर,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना

1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम '' श्री श्री गोनू बाबा धाम मंदिर, ग्राम- तरडीहा, पो0- बलुआचक, अंचल- जगदीषपुर, जिला- भागलपुर,'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री गोनू बाबा धाम मंदिर, ग्राम- तरडीहा, पो0- बलुआचक, अंचल- जगदीषपुर, जिला- भागलपुर,''होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। खाते का संचालन अध्यक्ष/सचिव में से कोई एक व्यक्ति तथा कोषाध्यक्ष अर्थात 02 व्यक्तियों के संयुक्त हस्ताक्षर से हीं किया जायेगा।

4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा बैठक की जायेगी एवं बैठक के उपरान्त बैठक में लिए गये निर्णय से न्यास समिति के अध्यक्ष को भी अवगत कराया जायेगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।74 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 1. श्री राज किषोर तिवारी, - अध्यक्ष ग्राम- तरडीहा, पो0- सन्हौली, 2. श्री दिवाकर चंद्र दूबे - उपाध्यक्ष ग्राम- फुनवरिया, पो0- बैजानी, 3. श्री शालीग्राम यादव - सचिव

ग्राम- तारडीहा, पो0- सहनौली,

4. श्री रूपेष कुमार - कोषाध्यक्ष

ग्राम- मनमोधाचक, पो0- बैजानी, सभी थाना- जगदीषपुर।

5. श्री नंदकिषोर पंडित - सदस्य

ग्राम- षिवपुरी कॉलोनी, पो0- ईसाकचक (मिरजान) थाना- ईषाकचक

6. श्री धर्म दास - सदस्य

ग्राम- तारडीहा, पो0- सन्हौली,

7. श्री षिवषंकर चौबे - सदस्य

ग्राम- तारडीहा, पो0- सन्हौली,

8. श्री शंभू पाण्डेय - सदस्य

ग्राम- मनमोधाचक, पो0- बैजानी,

9. श्री मनोहर मंडल - सदस्य

ग्राम- धौरी, पो0- सन्हौली सभी थाना जगदीषपुर, जिला- भागलपुर।

उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि '' श्री श्री गोनू बाबा धाम मंदिर, ग्राम- तरडीहा, पो0- बलुआचक, अंचल- जगदीषपुर, जिला- भागलपुर,'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। यह अधिसूचना पर्षद द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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18 अक्तूबर 2024

सं0 1960--श्री श्री 108 नानक शाही संगत, मधेपुर, अंचल-मधेपुर, जिला-मधुबनी, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक है, जिसकी निबंधन सं0 3831 है।

समय-समय पर उक्त मठ और मठ की व्यवस्था हेतु न्यास समिति का गठन किया जाता रहा है। अंतिम बार पर्षद के ज्ञापांक 2393, दिनांंक 27.01.2009 द्वारा 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया। लगातार अतिक्रमण की षिकायत मिलने पर पर्षद द्वारा दिनांक 08.02.2010 को पर्षद निरीक्षक द्वारा स्थल निरीक्षण भी किया गया जिसमें भी मंदिर की भूमि पर अतिक्रमण की रिपोर्ट समर्पित की गयी तथा अंचल पदाधिकारी द्वारा समर्पित रिपोर्ट में खाता सं0 460, थाना नं0 259 में कुल 05 बी0 14 क0 07 धूर जमीन का उल्लेख उक्त मठ में किया गया है। जैसा की संचिका पर उपलब्ध अतायनामा जो तत्‌कालीन महंत झरी दास द्वारा अपने षिष्य रामस्वरूप दास के पक्ष में निष्पादित किया। न्यास समिति गठन तथा स्थल निरीक्षण के उपरांत समिति को वर्ष 2018 में पत्र लिखा गया कि क्या अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध केाई मुकदमा न्यायाधिकरण में दाखिल किया गया है या नहीं तथा कार्यालय से इस संबंध में रिपोर्ट की मांग की गयी कि क्या दिवानी न्यायालय में मंदिर की भूमि के अतिक्रमण के संबंध में कोई वाद दाखिल है और गठित न्यास समिति द्वारा किसी प्रकार का पत्राचार पर्षद से नहीं किया गया, परन्तु किसी प्रकार का कोई पर्षद के नोटिस के उपरांत भी समिति का प्रतिउत्तर नहीं प्राप्त हुआ। कई वर्षो के उपरांत दिनांक 19.12.2023 को श्री सत्य नारायण अग्रवाल द्वारा प्रार्थना-पत्र दिया गया कि रामस्वरूप दास के वषंजो व उनके उत्तराधिकारियों ने अपने आवष्यक जरूरत के वास्ते प्रार्थी के पूर्वजों के पक्ष में बैनामा किया है, परन्तु मधेपुरा के असमाजिक तत्व प्रार्थीगण को अनावष्यक रूप से परेषान कर रहे हैं तथा दिनांक 14.09.2023 को एक प्रार्थना-पत्र देकर साथ में अंचल पदाधिकारी को उपरोक्त भूमि का उल्लेख करते हुए, सीमांकन करने का प्रार्थना-पत्र भी संलग्न किया। मधुबनी जिले की सुनवाई दिनांक 19.02.2024 को निर्धारित थी। उक्त तिथि पर श्री अग्रवाल तथा रामभजन दास एवं संत75 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 मनमोहन साहेब उपस्थित थे। दोनों पक्षों द्वारा दाखिल दस्तावेज के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि श्री अग्रवाल द्वारा 03 विक्रय-पत्र के माध्यम से 16 क0 भूमि दिनांक 27.07.1965 को तत्‌कालीन महंत रामेष्वर दास द्वारा उनके पक्ष में विक्रय किया गया था, परन्तु उक्त विक्रय-पत्र अधिनियम की धारा 44 के प्रावधानों के विपरीत निष्पादित किया गया। अर्थात उस विलेख का विधि की दृष्टि में कोई प्रभाव नहीं पड़ता है तथा श्री अग्रवाल द्वारा मौखिक प्रस्ताव दिया गया कि चूॅकि उनके पूर्वजों द्वारा राशि का भुगतान करने के बाद भूमि क्रय किया हैे और यदि वह क्रय, विक्रेता के द्वारा क्षेत्राधिकार के बाहर जाकर किया गया है तो वह उक्त भूमि को वार्षिक लीज पर या किराए का भुगतान कर लेने के लिए इच्छुक हैं। इस संबंध में उनको लिखित प्रार्थना-पत्र दाखिल करने पर किए जाने का निर्देश दिया गया था तथा उपस्थित मनमोहन साहेब को भी निर्देश दिया गया कि उक्त संगत और उसकी भूमि की व्यवस्था हेतु समिति गठन किए जाने के संंबंध में प्रस्ताव पर्षद को दें जिससे एक न्यास समिति का गठन कर उसकी व्यवस्था की जा सके तथा संगत की भूमि पर स्थित तालाब के संंबंध में अंचल पदाधिकारी से रिपोर्ट की मांग की गयी थी कि तालाब की बंदोबस्ती राशि कहां जमा की जाती है। इस संबंध में लगभग 05 माह बितने के पश्चात्‌ भी कोई रिपोर्ट अंचल कार्यालय से नहीं प्राप्त हुयी है। पर्षद की सूनवाई दिनांक- 23.08. 2024 में संत मनमोहन साहेब, रामभजन दास उपस्थित हुए एवं उनके द्वारा दिनांक 27.02.2024 की एक आमसभा की प्रति दाखिल की गयी जिसमें आमसभा के माध्यम से 11 व्यक्तियों की न्यास समिति का प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया। चूॅकि पूर्व में उक्त मठ की देखभाल समय-समय पर गठित न्यास समिति द्वारा किया जाता रहा और वर्ष 2009 में गठित न्यास समिति का कार्यकाल बहुत पूर्व समाप्त हो चुका है और समिति वर्तमान में पूर्ण रूप से निष्क्रीय रही है जिससे मठ की सम्पत्ति पर अतिक्रमण जारी है। अतः न्यास समिति का शीघ्र गठन किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। उक्त परिस्थितियों में पर्षद की सूनवाई आदेष दिनांक-23.08.2024 में इस शर्त के साथ एक योजना का निरूपण करते हुए एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित सदस्यों का चरित्र सत्यापन संबंधित थाने को भेजकर प्राप्त किया जायेगा, और यदि किसी भी प्रस्तावित व्यक्ति के विरूद्ध किसी प्रकार का कोई आपराधिक विचारण या मठ की भूमि को अवैध अतिक्रमण करने की सूचना प्राप्त होती है तो उन्हें समिति से विरमित किए जाने का अधिकार पर्षद के पास सुरक्षित रहेगा। समिति के अध्यक्ष सहित किसी भी सदस्य को भूमि का विक्रय, बंधक रेहन या 02 वर्ष से अधिक की बंदोबस्ती करने का कोई अधिकार नहीं रहेगा तथा अंचल पदाधिकारी के रिपोर्ट के अनुसार मठ में जो तालाब है, उसकी बंदोबस्ती करने तथा राशि वसुलने का अधिकार भी समिति को रहेगा, उस राशि को समिति अपने मठ के विकास में खर्च करेगी और समिति प्रत्येक वर्ष आय-व्यय, बजट, पर्षद शुल्क पर्षद में अवश्य जमा करेगी।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 एवं 83 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री श्री 108 नानक शाही संगत, मधेपुर, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना

1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री श्री 108 नानक शाही संगत, मधेपुर, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी,'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री श्री 108 नानक शाही संगत, मधेपुर, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी,''होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा। 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। खाते का संचालन अध्यक्ष/सचिव में से कोई एक व्यक्ति तथा कोषाध्यक्ष अर्थात 02 व्यक्तियों के संयुक्त हस्ताक्षर से हीं किया जायेगा।

4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।76 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा बैठक की जायेगी एवं बैठक के उपरान्त बैठक में लिए गये निर्णय से न्यास समिति के अध्यक्ष को भी अवगत कराया जायेगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 केतहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 01. श्री मनमोहन साहेब, पिता- स्व0 गोसाई साहेब - अध्यक्ष

ग्राम-पंचभिण्डा, अंचल- मरोना, जिला- सुपौल।

02. श्री सियाराम महतो, पिता-श्री पुलकित महतो - उपाध्यक्ष ग्रामपो0- प्रसाद, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी। 03. श्री रामभजन दास, पिता- श्री नथुनी दास - सचिव ग्रामपो0- भरगामा, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी। 04. श्री अनंत कुमार पजियार, पिता-स्व0 बैद्यनाथ पजियार - कोषाध्यक्ष ग्रामपो0- मधेपुर, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी। 05. श्री रामप्रीत यादव, पिता- श्री कमल यादव - सदस्य ग्राम- बड़ारही, द्वल्लख, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी। 06. श्री रंजीत पासवान, पिता-बुलबुल पासवान - सदस्य ग्रामपो0अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी। 07. श्री लक्ष्मण यादव, पिता- इशोलाल यादव - सदस्य ग्राम- कुसमौल, पो0- मरौना, जिला- सुपौल। 08. श्री जयप्रकाश ठाकुर, पिता-इन्द्रदेव ठाकुर - सदस्य

ग्रामपो0- मधेपुर पूर्वी, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी।

09. श्री बुलबुल पासवान, पिता- अशर्फी पासवान - सदस्य ग्रामपो0अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी। 10. श्री चन्द्रमोहन झा, पिता-श्री रामानंद झा - सदस्य ग्राम- महिशाम, पो0अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी। 11. श्रीमती कलावती देवी, पति-बुलबुल पासवान - सदस्य ग्रामपो0अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री श्री 108 नानक शाही संगत, मधेपुर, अंचल- मधेपुर, जिला- मधुबनी,'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। यह अधिसूचना पर्षद द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।77 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025

18 अक्तूबर 2024

सं0 1958--श्री राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-सन्हौला, जिला-भागलपुर, पर्षद से निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4056 है।

संचिका पर उपलब्ध समपर्णनामा दिनांक 15.09.1947 से स्पष्ट होता है कि 01. मो0 मंझारीवती, 02. मो0 चुल्हावती, 03. मो0 बुद्धोवती, पत्नीया, स्व0 खेसारी चौधरी, 04. मो0 कौशल्यावती, पत्नी स्व0 रामप्रसाद चौधरी द्वारा श्री ठाकुर राधा कृष्ण स्थापित मंदिर, को 16 ए0 16 डी0 अर्थात 31 बी0 18 क0 13 धूर भूमि समर्पित की गयी और उस समपर्णनामें में उल्लेख किया गया है कि एक मकान पक्का जिसमें 03 कोठरी है, वास्ते स्थापित ठाकुर जी बनवाया तथा आषाढ़ शुद्धि एकादशी सन्‌ 1353 साल में मूर्ति हिंदू पूजा-पाठ कर वो करवाकर उक्त जायदाद समर्पित की है जिसपर कब्जा ठाकुर जी का दखल चला आ रहा है। खानदान मनमूकरा को उस जायदाद से किसी प्रकार का कोई सारोकार तभी से नहीं रहा है और ना ही है। खेसारी चौधरी पूर्व में सेवायत थे, उनकी इच्छा थी कि एक डीड तामिल करें तथा पूजा-पाठ देखभाल हेतु 05 ट्रस्टी मेम्बर कायम किया जिनमें से एक 01. मनमूकरान सिक्रेट्री रहेंगे व एक मेम्बर 02. टीपू लाल चौधरी, पे0 गणेश चौधरी, मौजा टोपरा, जिला पूर्णिया वो 03 मेल मेम्बर बस्ती भवानीपुर, बस्ती दीदानगर, बस्ती सठीयारी के रहेंगे। अतः उक्त दस्तावेजों में ही उपरोक्त शर्त अनुसार 05 व्यक्तियों को क्रमशः 01. मो0 मांझरी, 02. टीपु लाल चौधरी, जो दानकर्त्ता 04 के पिता हैं तथा 03 व्यक्ति सीताराम साह, कोम बनीया मौजा भवनीपुर, 04. बाबु नरेश प्रसाद सिंह, राजपुत, मौजा दीदानगर, 05. श्री नदंन प्रसाद वाजपेयी, ब्राह्मण मौजा सठीयारी को ट्रस्टी मोकरर किया गया है और यह भी शर्त का उल्लेख किया गया है कि समपर्णकर्त्ता मनमुकरा के मर जाने पर जो शेष 04 मेम्बरान मौजूद रहेंगे व 05 वा मेम्बर, मौजा भवानीपुर/सठीयारी/दीदानगर से चुनेंगे और यह भी उल्लेख था कि जबतक मोकरान नं0 एक लगायत 4 में से जिदां रहेंगे तबतक मैनेजिंग मेम्बर सेवायत में से बाहर का कोई नहीं होगा। इसी बीच पर्षद के संज्ञान में लाया गया कि समपर्णकर्त्ता नं0 04 कौशलया देवी व उनके रिश्तेदारों द्वारा भूमि पर अपना दावा किया जाने लगा तथा बहुत सी भूमि का विक्रय करके कब्जा करा दिया गया। उपरोक्त शिकायत पर पर्षद द्वारा दिनांक 03.11.1987 को 09 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया तथा समय-समय पर उक्त समिति में स्वर्गवास कर चुके या कुछ सदस्यों द्वारा समिति में भाग नहीं लेने के कारण उनमेें संशोधन भी किया जाता रहा। इसी बीच समिति के द्वारा मठ की भूमि और मंदिर की भूमि से संबंधित 4-5 मुकदमा जो विभिन्न न्यायालयों में दाखिल किए गए, जिसमें मंदिर की भूमि को बचाव करते हुए, अपना पक्ष रखा जाता रहा, परन्तु समिति द्वारा पर्षद के समक्ष कभी कोई आय-विवरणी, अधिनियम की धारा 59, 60 और 70 (बजट, आय-व्यय विवरणी, पर्षद शुल्क) वर्ष 2012 के बाद कभी दाखिल नहीं किया गया है, जबकि समिति के कार्यो के विरूद्ध कुछ लोगों के द्वारा शिकायत भी दर्ज की गयी कि समिति द्वारा मंदिर की सम्पत्ति की आय को निजी प्रयोग किया जा रहा है। इस संबंध में समिति की तरफ से उपस्थित ब्रह्मदेव सिंह यादव, पंचानन का कथन है कि तीन मुकदमा धारा 144 सी0आर0पी0सी0 के अन्र्तगत तथा 02 मुकदमा 107 के और कुछ बी0टी0 एक्ट में वाद चला। चूॅकि गठित समिति लगभग 30 वर्ष पूर्व गठित की गयी थी, यद्यपि की समय-समय पर एक-दो सदस्यों का स्वर्गवास के आधार पर संशोधन किया गया, परन्तु एक नई न्यास समिति का गठन किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा नामों की मांग पर्षद के पत्र दिनांक 06.10.2021 द्वारा की गयी थी जिसमें 10 व्यक्तियों का चयन करके नाम भेजा गया था जिसमें पूर्व न्यास समिति के 03 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव भी दिया गया है। प्रस्तावित नामों को थाने भेजकर चरित्र सत्यापन कराया गया, थाने द्वारा अपनी रिपोर्ट ज्ञापांक 1407, दिनांक 25.11.2023 में प्रस्तावित 03 व्यक्ति क्रमशः सुदामा प्रसाद यादव, पंचानन मंडल एवं शंभू प्रसाद सिंह के विरूद्ध आपराधिक मुकदमा विचाराधीन होने का उल्लेख किया है। प्रस्तावित नाम सुदामा प्रसाद सिंह, शिव नारायण यादव एवं ब्रह्मदेव यादव के विरूद्ध थाना कांड सं0 49/14 दर्ज था, परन्तु उसमें उनके विरूद्ध अंतिम प्रतिवेदन अनवेषण के उपरांत दाखिल किया जा चुका है। अतः उनकी सहभागिता उक्त कांड में नहीं पायी गयी है।

पर्षद की सूनवाई आदेश दिनांक- 14.08.2024 में उपरोक्त परिस्थितियों के आलोक में इस संबंध में प्रस्तावित शेष व्यक्तियों को शामिल करते हुए एक योजना का निरूपण करते हुए, अधिनियम की धारा 83 एवं उपविधि सं0-43 (द) के तहत एक न्यास समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 एवं 83 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-सन्हौला, जिला-भागलपुर,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना

1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी, ग्राम-भवानीपुर, अंचल-सन्हौला, जिला-भागलपुर,'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी, ग्राम-भवानीपुर, अंचल- सन्हौला, जिला-भागलपुर,''होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।78 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। खाते का संचालन अध्यक्ष/सचिव में से कोई एक व्यक्ति तथा कोषाध्यक्ष अर्थात 02 व्यक्तियों के संयुक्त हस्ताक्षर से हीं किया जायेगा।

4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा बैठक की जायेगी एवं बैठक के उपरान्त बैठक में लिए गये निर्णय से न्यास समिति के अध्यक्ष को भी अवगत कराया जायेगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 01. अंचल पदाधिकारी, सन्हौला, - अध्यक्ष 02. श्री दिलीप कुमार सिंह, पिता- स्व0 नागेश्वर सिंह, - उपाध्यक्ष सा0- दीदानगर, 03. श्री सुदामा प्रसाद सिंह, पिता- स्व0 मंचो सिंह, - सचिव सा0- मजलीशपुर, 04. श्री शालीग्राम मंडल, पिता- रामधारी सिंह, - कोषाध्यक्ष सा0- सठियारी बमियाँ, 05. श्री ब्रह्मदेव सिंह, पिता- स्व0 सुखदेव यादव - सदस्य सा0- भवानीपुर, 06. श्री शीतल यादव, पिता- सुखदेव यादव - सदस्य सा0- भवानीपुर, 07. श्री शिव नारायण यादव, पिता- चतुरी यादव, - सदस्य सा0- भवानीपुर, सभी पोस्ट पाठकडीह, थाना- आमडंडा, जिला- भागलपुर, पिन- 81320479 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा।

गठित न्यास समिति को निर्देश दिया जाता है कि शीघ्र जो समर्पित भूमि है, उसका खाता सं0 47 की भूमि की वर्तमान स्थिति की कितनी भूमि मंदिर के कब्जे में है और कितनी भूमि किसी अन्य के द्वारा अतिक्रमण कर कब्जा किया गया है या किसी विलेख द्वारा कब्जा किया गया है, उसका स्पष्ट उल्लेख 01 माह के अदंर दाखिल करें क्योंकि प्रस्तावित नामों में श्री सुदामा प्रसाद पूर्व से ही इस मंदिर के समिति में सचिव का कार्य कर रहें हैं। अतः उन्हें इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए यदि समय के अंदर उक्त रिपोर्ट नहीं दी जाती है तो पर्षद अग्रीम कार्यवाई करने के लिए बाध्य होगी। समिति को यह भी निर्देश दिया जाता है कि मंदिर का वर्तमान फोटोग्राफ एवं मंदिर के नाम से खाते की संचालित पासबुक की फोटोप्रति दाखिल करें।

उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''''श्री राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी, ग्राम-भवानीपुर, अंचल- सन्हौला, जिला-भागलपुर,'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।

नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। यह अधिसूचना पर्षद द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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24 सितम्बर 2024

सं0 1776--श्री ठाकुर राधेश्याम मंदिर,महमदा, जिला- मुंगेर, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-4553 है।

उक्त मंदिर में 07 बी0 03 क0 18 धूर भूमि है जो राजस्व अभिलेखों में भी श्री ठाकुर जी महाराज के नाम से रैयत के रूप में इन्द्राज है। उक्त मंदिर की व्यवस्था हेतु अंचल पदाधिकारी के प्रस्ताव दिनांक 10.03.2022 के आलोक में न्यास समिति का गठन दिनांक 20.05.2022 को 01 वर्ष के लिए किया गया था, इस शर्त के साथ की चरित्र सत्यापन प्राप्त होने तथा कार्य संतोषजनक पाए जाने पर विस्तार के बिंदु पर निर्णय लिया जाएगा। तदोपरान्त न्यास समिति द्वारा दिनांक 21.11.2022 को शिकायत की गयी कि मंदिर की सभी भूमि अतिक्रमण में है जिसमें सभी 10 कथित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अपना स्पष्टीकरण व दावे के संबंध में दस्तावेज की मांग की गयी। अतिक्रमणकारियों द्वारा दिनांक 20.05. 2023 को अपना स्पष्टीकरण दाखिल करते हुए, कथन किया गया कि गांव गढ़ीरामपुर और गांव महमदा में 02 मंदिर है जिसकी दुरी लगभग 150 मी0 है और दोनों मंदिर की व्यवस्था पूर्व में महंत नरसिंह दास द्वारा की जाती रहीं है और उनके स्वर्गवास के पष्चात्‌ गांव गढ़ीरामपुर के नागरिकों द्वारा स्वयंभू समिति बनाकर के दोनों मंदिर की देखभाल की जाती है और प्रार्थीगण का अवैध कब्जा नहीं है, परन्तु उक्त भूमि और गढ़ीरामपुर की भूमि से प्राप्त आय से दोनों मंदिरों की व्यवस्था की जाती है। अतः दोनाें पक्षो को पर्षद के आदेश दिनांक 14.08.2023 द्वारा यह निर्देश दिया गया कि उनकी पूर्व स्वंयभू समिति का गठन कब, कैसे किया गया और कौन-कौन सदस्य हैं और मंदिर की पूर्व दस वर्षो की आय-व्यय तथा पासबूक आदि दाखिल करें जिसपर दिनांक 07.11.2023 की तिथि निर्धारित की गयी, परन्तु दिनांक 07.11.2023 को द्वितीय पक्ष शैलेष कुमार चौधरी व अन्य कोई उपस्थित नहीं हुए और पर्षद द्वारा गठित समिति के सदस्य उपस्थित थे। मामले पर पुनः दिनांक 28.05. 2024 को सुनवाई की गयी। दोनों पक्षों द्वारा अपने समर्थन में पूर्व की वर्षो की स्वयंभू समिति द्वारा आय-विवरणी की फोटोप्रति दाखिल की गयी तथा बैंक पासबुक दाखिल की गयी। महमदापुर ग्राम की स्वयंभू समिति द्वारा पंजाब नेशनल बैंक में वर्ष 2013 में खाता खोला गया, परन्तु वह व्यक्तिगत विनय कुमार पाल व प्रमोद कुमार साहु के नाम से है तथा उसमें वर्ष 2023 तक मात्र 79,000/-रु0 है तथा वर्ष 2005 से 2013 तक आय-विवरणी प्रत्येक वर्षो में केवल चंदे से प्राप्त आय और उतनी ही राशि खर्च में दिखायी गयी। अर्थात उनके आय-विवरणी में मंदिर की भूमि से किसी प्रकार की आय दर्शित नहीं की गयी है जिससे स्पष्ट होता है कि उक्त समिति के पास मंदिर की भूमि कभी कब्जे मेें नहीं रही तथा वर्ष 2022 में समिति गठन होने के पश्चात्‌ अधिनियम की धारा 59, 60 और 70, अर्थात आय-व्यय विवरणी, बजट, पर्षद शुल्क भी नहीं दिया गया है। सूनवाई दिनांक-19.08.2024 में उक्त समिति द्वारा एक रजिस्टर की फोटोप्रति दाखिल की गयी जिसमें वर्ष 2022-23 की आय 66,000/-रु0 तथा उक्त कुल राशि खर्च दिखागी गयी है तथा कुछ चांदी और सोने के छोटे-छोटे मात्रा में टिकली, टीका नथ का उल्लेख किया गया है। वर्ष 2023-24 की कोई आय उस रजिस्टर से दर्शित नहीं होती है मात्र वर्ष 2024 में कुछ खर्च की राशि का उल्लेख किया गया है, जो स्पष्ट करता है कि वर्तमान में भी समिति के पास खेती की भूमि पर अधिपत्य कब्जा नहीं है और उनके द्वारा तैयार की गयी रजिस्टर और आय विवरणी भी अस्पष्ट प्रतीत होती है। द्वितीय पक्ष गढ़ीरामपुर ग्रामीणों द्वारा वर्ष 2015 से 2023 तक की आय-विवरणी दाखिल की गयी है उसमें भी महमदापुर ग्राम में स्थित खेती की भूमि के बारे में उल्लेख नहीं किया गया है। अधिकांश वर्णन गढ़ीरामपुर स्थित श्री राधेश्याम ठाकुरबाड़ी की भूमि से प्राप्त आय का उल्लेख किया गया है और उपरोक्त वर्षो की आय में प्लॉट नं0 04 के रूप में महमदा80 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 ठाकुरबाड़ी का जमीन का मात्र 6,000/-रु0 से 7,000/-रु0 रूप की आय दर्शित की गयी है। पर्षद द्वारा पृच्छा किए जाने पर कि महमदापुर ठाकुरबाड़ी में 07 बी0 भूमि जो खेती की है, उसकी आय क्या है किस व्यक्ति को बंदोबस्ती की जाती है, उससे क्या राशि प्राप्त होती है? इसका कही उल्लेख नहीं है। इस पृच्छा पर गढ़ीरामपुर ग्रामीणों का कथन है कि अनाज के रूप में वह राशि प्राप्त होती है तथा इनके द्वारा दाखिल आय-विवरणी भी अस्पष्ट और अपारदर्शी प्रतीत होती है, यह एक ही समय में बैठकर तैयार की गयी प्रतीत होती है। आगे उनका कथन है कि उक्त ठाकुरबाड़ी के संबंध में धारा 145 सी0आर0पी0सी0 की कार्यवाई मी0 केस नं0 181/60 जो महमदापुर ग्रामीणाों द्वारा चलाया गया था जिसमें द्वितीय पक्ष के रूप में नरसिंह दास, प्रयाग दास व अन्य लोग थे और उक्त कार्यवाही में मुनसिफ न्यायालय द्वारा अपने आदेश दिनांक 27.11.1961 में यह निर्णय दिया कि खाता सं0 202, प्लॉट सं0 194, 107 तौजी नं0 445, जो मौजा महमदा में स्थित है और गांव महमदा और गढ़ीरामपुर में स्थित दोनों ठाकुरबाड़ी जो 150 यार्ड की दुरी पर स्थित है, उसका पूजा-पाठ, राग-भोग आदि तथा भूमि पर प्रबंधन वह अधिपत्य द्वितीय पक्ष का है तथा दाखिल बैंक पासबुक से स्पष्ट होता है कि गढ़ीरामपुर ठाकुरबाड़ी समिति के नाम से वर्ष 2005 मे मुंगेर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में खाते का संचालन किया गया है तथा मंदिर के फोटोग्राफ दाखिल किए गए और कथन किया गया जा रहा है मंदिर के दीवाल पर ही बोर्ड लगा है कि श्री राधा कृष्ण ठाकुरबाड़ी गढ़ीरामपुर। उपरोक्त सभी परिस्थितिया स्पष्ट करती है कि गांव गंढ़ीरामपुर और गांव महमदा दोनों अलग-अलग मंदिर है गांव की सीमांए एक-दुसरे से मिलती है और दोनों गांव में अलग-अलग 02 मंदिर है और राजस्व अभिलेखों में भी मंदिरो के नाम से भूमि रैयत के रूप में इन्द्राज है। महमदापुर में स्थित जमीन पर श्री राधाकृष्ण रैयत में तथा सेवायत के रूप में पूरण दास और जतीन दास का उल्लेख है। पूरण दास चेला इतवारी दास और जीतन दास के चेला हरिदास हुए तथा हरिदास के चेला जगन्नाथ दास हुए और इतवारी दास के चेला नरसिंह दास हुए और नरसिंह दास द्वारा मंदिर की व्यवस्था हेतु एक स्वयंभू समिति बनायी गयी थी जिसमें तारणी प्रसाद सिंह, अध्यक्ष और गया प्रसाद, सचिव थे और जुलुस बगैरा निकालने के लिए समिति के नाम से ही अनुमति जारी ? की जाती रही। उपरोक्त तथ्यों का उल्लेख धारा 145/146 द0प्र0स0 में पारित निर्णय में आया है तथा कुछ अन्य दस्तावेजों के आधार पर ही न्यायालय द्वारा उक्त वाद में द्वितीय पक्ष का अधिपत्य घोषित किया गया जिससे स्पष्ट होता है कि गढ़ीरामपुर निवासीयों द्वारा वर्तमान महमदापुर स्थित मंदिर की व्यवस्था की जा रही है, परन्तु उनके द्वारा दाखिल रजिस्टर की प्रति, आय-व्यय से भी स्पष्ट होता है, उनमें भी कार्याे में पारदर्षिता नहीं है और चूॅकि मंदिर महमदापुर गांव में स्थित है। अतः महमदापुर गांव के व्यक्तियों को समिति में भी रखा जाना उचित होता और चूॅकि पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति दिनांक 20.05.2023 का अवधि समाप्त हो चुकी है। दिनांक 05.06.2024 को गढ़ीरामपुर के स्थानीय नागरिकों द्वारा 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिया गया और चूॅकि पूर्व में चले मुकदमें में भी गढ़ीरामपुर ग्रामवासियों का प्रबंधन और व्यवस्था न्यायालय द्वारा पायी और मंदिर महमदापुर गांव में स्थित है।

उक्त परिस्थितियों में पर्षद की सूनवाई आदेश दिनांक- 19.08.2024 में यह निर्णय लिया गया कि दोनों गाँव के लोगो को सम्मलित करने हुए अधिनियम की धारा 83 एवं बिहार राज्य धार्मिक न्यास की उपविधि 1953 की धारा 43 के तहत योजना का निरूपण करते हुए एक न्यास समिति का गठन स्थायी रूप से 05 वर्ष के लिए किया जाए।

अतः मैं, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 32 एवं 83 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री ठाकुर राधेश्याम मंदिर, महमदा, जिला- मुंगेर,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना

1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री ठाकुर राधेश्याम मंदिर, महमदा, जिला-मुंगेर,'' होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री ठाकुर राधेश्याम मंदिर, महमदा, जिला-मुंगेर,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। खाते का संचालन अध्यक्ष/सचिव में से कोई एक व्यक्ति तथा कोषाध्यक्ष अर्थात 02 व्यक्तियों के संयुक्त हस्ताक्षर से हीं किया जायेगा।

4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।81 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा बैठक की जायेगी एवं बैठक के उपरान्त बैठक में लिए गये निर्णय से न्यास समिति के अध्यक्ष को भी अवगत कराया जायेगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः- 01. श्री अजय कुमार चौधरी, पिता स्व0 नरेश चौधरी - अध्यक्ष पता- ग्राम- गढ़ीरामपुर, थाना- नया रामनगर, 02. श्री प्रमोद कुमार साहु, - उपाध्यक्ष पता- ग्राम- महमदा, पंचायत- पाटम पूर्वी, अंचल- जमालपुर, 03. श्री शैलेश कुमार चौधरी, पिता स्व0 कृष्णानंद चौधरी - सचिव पता- ग्राम- गढ़ीरामपुर, थाना- नया रामनगर, 04. श्री कन्हैया कुमार सिंह, पिता श्री वीरेन्द्र प्रासद सिंह - कोषाध्यक्ष पता- ग्राम- गढ़ीरामपुर, थाना- नया रामनगर, 05. श्री विनय कुमार पाल - सदस्य पता- ग्राम- महमदा, पंचायत- पाटम पूर्वी, अंचल- जमालपुर, 06. श्रीमती रेणु देवी, पति श्री मुन्ना साह - सदस्य पता- ग्राम- महमदा, पंचायत- पाटम पूर्वी, अंचल- जमालपुर, 07. श्री अजीत सिंह, पिता राय साकेत बिहारी सिंह - सदस्य पता- ग्राम- गढ़ीरामपुर, थाना- नया रामनगर, 08. श्री राजीव कुमार, पिता स्व0 भवनंदन प्रसाद सिंह - सदस्य पता- ग्राम- गढ़ीरामपुर, थाना- नया रामनगर, 09. श्री रामकृपाल सिंह, पिता स्व0 राय राजेन्द्र प्रसाद सिंह - सदस्य पता- ग्राम- गढ़ीरामपुर, थाना- नया रामनगर, 10. श्री सुरेन्द्र पंडीत - सदस्य पता- ग्राम- महमदा, पंचायत- पाटम पूर्वी, अंचल- जमालपुर, 11. श्री गौतम कुमार, पिता ललन कुमार सिंह - सदस्य पता- ग्राम- गढ़ीरामपुर, थाना- नया रामनगर, सभी जिला- मुंगेर।

उपरोक्त वर्णित स्थायी न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री ठाकुर राधेश्याम मंदिर,महमदा, जिला- मुंगेर,'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।82 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/ बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। न्यास समिति के सदस्यों से पर्षद यह आशा करती है कि सदभावपूर्ण वातावरण बनाते हुए, मंदिर के विकास के लिए कार्य करें और उक्त मंदिर के नाम खेती की भूमि की बंदोबस्त्ती खुली डाक द्वारा करके राशि मंदिर के नाम से खाता खोलकर उसमें जमा करायी जाए, किसी व्यक्तिगत नाम से खाता खोलकर नहीं रखी जाए।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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26 जून 2024

सं0 906--बाबा रामेष्वर कर्त्तानाथ धाम (गुरू महादेव आश्रम), ग्राम-भोजछापर, पोस्ट-सिसवाँ, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-34 के अन्तर्गत निबंधित है, जिसकी निबंधन (cid:2872)(cid:2875)(cid:2872)(cid:2870)

सं0- है।

(cid:2870)(cid:2868)(cid:2870)(cid:2871)

उक्त न्यास के अन्तर्गत खाता-3, खेसरा-120, रकबा-3.45 डी॰ भूमि है। उक्त मंदिर की प्रबंधन व व्यवस्था हेतु अंचलाधिकारी द्वारा पत्रांक-3623, दिनांक-28/12/23 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव समिति गठन हेतु भेजा गया, जिसका चरित्र-सत्यापन भी थाना के माध्यम से दिनांक-15/02/24 को प्राप्त हो गया है।

उपरोक्त परिस्थिति में प्राप्त प्रस्ताव पर विचारोपरांत अधिनियम की धारा-32 एवं 83 बिहार राज्य धार्मिक न्यास की उपविधि 1953 की धारा-43 (द) के तहत उक्त मंदिर की व्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-02/04/2024 के आलोक में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 एवं 83 एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0-43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए बाबा रामेष्वर कर्त्तानाथ धाम (गुरू महादेव आश्रम), ग्राम-भोजछापर, पोस्ट-सिसवाँ, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।

योजना

1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''बाबा रामेष्वर कर्त्तानाथ धाम (गुरू महादेव आश्रम) न्यास योजना, ग्राम-भोजछापर, पोस्ट-सिसवाँ, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''बाबा रामेष्वर कर्त्तानाथ धाम (गुरू महादेव आश्रम) न्यास समिति, ग्राम-भोजछापर, पोस्ट-सिसवाँ, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष/सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होनेवाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।83 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा-11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा-428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास/मठ/मंदिर परिसर में रहनेवाले पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की एक न्यास समिति गठित की जाती हैः-

1. अनुमंडल पदाधिकारी, गोपालगंज- अध्यक्ष 2. श्री नागावली तिवारी पिता-श्री षिवजी तिवारी- उपाध्यक्ष 3. श्री शैलेष पाण्डेय पिता-स्व॰राम एकबाल पाण्डेय- सचिव 4. श्री चंदन तिवारी पिता-श्री हरि तिवारी- कोषाध्यक्ष 5. श्री जय प्रकाष तिवारी पिता-स्व॰ नगीना तिवारी- कोषाध्यक्ष 6. श्रीमति चमेली देवी पति-श्री बूथराम पटेल- सदस्य 7. श्री रिंकु पाण्डेय पिता-श्री रामेष्वर पाण्डेय- सदस्य 8. श्री षिवनाथ राम पिता-श्री फुलेसर राम- सदस्य 9. श्री प्रभाकर पाण्डेय पिता-श्री हरिनंद पाण्डेय- सदस्य 10. श्री राजनारायण सिंह पिता-श्री चन्द्रदेव सिंह- सदस्य 11. श्री मंजित त्रिपाठी पिता-स्व॰ बासदेव तिवारी- सदस्य सभी का पता-ग्राम-भोजछापर, पोस्ट-सिसवाँ, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''बाबा रामेष्वर कर्त्तानाथ धाम (गुरू महादेव आश्रम), ग्राम-भोजछापर, पोस्ट-सिसवाँ, थाना-कुचायकोट, जिला-गोपालगंज'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/ पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। उक्त अधिसूचना/आदेष माननीय सदस्यों द्वारा अनुमोदित है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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13 जून 2024

सं0 776--श्री रामजानकी मंदिर, ग्रामपोस्टथाना-अंगारघाट, अंचल-उजियारपुर, जिला-समस्तीपुर, बिहार हिन्दू

(cid:2872)(cid:2875)(cid:2873)(cid:2872)

धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-34 के अन्तर्गत निबंधित है, जिसकी निबंधन सं0- है।

(cid:2870)(cid:2868)(cid:2870)(cid:2871)

उक्त मंदिर के संबंध में प्रमोदानन्द प्रसाद द्वारा प्रार्थना-पत्र दिनांक-13/07/2022 को प्रस्तुत किया गया। प्रार्थना-पत्र के साथ दान की गयी भूमि से संबंधित दस्तावेज, मंदिर का फोटोग्राफ तथा मंदिर की व्यवस्था कर रहे स्वयंभू समिति के सदस्यों का नाम संलग्न कर निबंधन किये जाने की प्रार्थना की गयी, जिसके संबंध में अंचलाधिकारी से रिर्पोट की मांग की गयी थी।84 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 अंचलाधिकारी द्वारा अपने प्रतिवेदन पत्रांक-945, दिनांक-16/05/2023 समर्पित की गयी, जिसमें उल्लेख किया

(cid:2869)(cid:2872)(cid:2874)(cid:2868) (cid:2869)(cid:2872)(cid:2874)(cid:2868)

गया कि मंदिर के नाम वर्ष 1994 में केवाला द्वारा खाता संख्या-945, खेसरा- 1461, 1460, , एवं 1458, कुल

(cid:2871)(cid:2868)(cid:2876)(cid:2870) (cid:2871)(cid:2868)(cid:2876)(cid:2872)

क्षेत्रफल-02 बीघा 03 कट्‌ठा भूमि प्राप्त है। वर्तमान में उक्त मंदिर का संचालन स्वयंभू समिति द्वारा किया जा रहा है। दिनांक-22/07/2023 को पर्षद के समक्ष उपस्थित ग्रामीणों द्वारा कथन किया गया कि मंदिर में सभी लोग बिना किसी रोक-टोक के पूजा-पाठ आदि करने के लिए स्वतंत्र हैं। मंदिर में दान-पेटी भी है तथा श्रद्धालु अपनी इच्छानुसार दान-दक्षिणा और चंदा आदि भी देते हैं।

उपरोक्त परिस्थिति में प्राप्त प्रस्तावों पर विचारोपरांत अधिनियम की धारा-32 एवं 83 बिहार राज्य धार्मिक न्यास की उपविधि 1953 की धारा-43 के तहत उक्त धर्मषाला की व्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

अतः पर्षदीय आदेष दिनांक-12/05/2023 के आलोक में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 एवं 83 एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0-43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए श्री रामजानकी मंदिर, ग्रामपोस्टथाना-अंगारघाट, अंचल-उजियारपुर, जिला-समस्तीपुर की सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति अस्थायी रूप से गठित की जाती है।

योजना

1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री रामजानकी मंदिर न्यास योजना, ग्रामपोस्टथाना-अंगारघाट, अंचल-उजियारपुर, जिला-समस्तीपुर'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री रामजानकी मंदिर न्यास समिति, ग्रामपोस्टथाना-अंगारघाट, अंचल-उजियारपुर, जिला-समस्तीपुर'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष/सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होनेवाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होनेवाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा-11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा-428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास/मठ/मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं85 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 देना/ ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की एक न्यास समिति गठित की जाती हैः-

1. श्री प्रमोदानन्द प्रसाद- अध्यक्ष 2. श्री सुषील कुमार उर्फ सुनील राय- उपाध्यक्ष 3. श्री देवकांत झा पिता-भोला झा- सचिव 4. श्री कृष्ण कुमार शर्मा- उप-सचिव 5. श्री बाबू लाल राय- कोषाध्यक्ष 6. श्री मनोज गिरि- सदस्य सभी का पता-ग्रामपोस्टथाना-अंगारघाट, अंचल-उजियारपुर, जिला-समस्तीपुर। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री रामजानकी मंदिर, ग्रामपोस्टथाना-अंगारघाट, अंचल-उजियारपुर, जिला-समस्तीपुर'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः- न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/ विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

उक्त अधिसूचना/आदेष माननीय सदस्यों द्वारा अनुमोदित है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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3 जुलाई 2024

सं0 1026--बारानाथ महादेव स्थान, ग्राम-बाराटेनी, पोस्ट-लष्करी, अंचलथाना-उदाकिषुनगंज, जिला-मधेपुरा,

(cid:2872)(cid:2875)(cid:2874)(cid:2869)

बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 34 के अन्तर्गत निबंधित है, जिसकी निबंधन सं0- है।

(cid:2870)(cid:2868)(cid:2870)(cid:2871)

उक्त मंदिर की व्यवस्था हेतु एक न्यास समिति का गठन किये जाने का निर्णय पर्षद द्वारा लिया गया, जिसमें वर्ष 2013 से आजतक की 03 पंजी प्रस्तुत किया है। प्रथम पंजी न्यास समिति की समय-समय पर आयोजित बैठक, उसमें लिये जाने वाले निर्णय तथा वर्ष 2013 जो न्यास समिति के सदस्य थे, उनमें समय-समय पर जो प्रस्ताव पारित किया गया, उसका उल्लेख है। साथ ही समिति में प्रथम बैठक दिनांक-18/03/2013 में प्रस्ताव सं॰- 03 में मंदिर की भूमि के संबंध में विस्तृत विवरण जो स्पष्ट करता है कि खाता सं॰-289 की 11 खेसरा में कुल 04.10 एकड़ भूमि है तथा समिति द्वारा बैठक में समय-समय पर वार्षिक आय-व्यय आदि के उल्लेख है। एक अन्य पंजी जो मंदिर के रोकड़ वही के संबंध में है, उसमें भी प्रत्येक वर्ष के माह को आय-व्यय विवरण का संतोषजनक रूप से उल्लेख किया है, जिसमें अंतिम 01 मार्च 2024 को समिति के पास 97,152/- रू॰ शेष के रूप में अंकित है।

समिति द्वारा अपने विगत कार्यकाल में मंदिर के विकास में जो कार्य किया है, उसका उल्लेख भी अपने पत्र दिनांक-06/01/2024 में किया गया है कि स्थानीय लोगों के सहयोग व मंदिर की आय से मंदिर परिसर के घेराबंदी कर 03 कक्ष यात्रि निवास, स्थानीय एम॰एल॰सी॰ निधि से 04 कक्ष, महिला/पुरूष शौचालय, समय-समय पर वार्षिक त्योहारों पर मेला आदि की व्यवस्था नियमित रूप से चल रही है तथा समिति के द्वारा मंदिर के कुछ फोटोग्राफ समर्पित किया है, जिससे भी स्पष्ट होता है कि मंदिर काी व्यवस्थित रूप से साफ-सुथरा और उचित प्रबंधन प्रतीत होता है। समिति की बैठक दि॰- 01/03/2024 में प्रस्ताव सं॰- 04 पर मंदिर के संचालन हेतु 11 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव पास किया गया है, जिसका चरित्र थाना से कराया गया, जिसका सत्यापन प्रतिवेदन दि॰-21/04/2024 को प्राप्त हो चुकी है।

उपरोक्त परिस्थिति से स्पष्ट है कि प्रस्तावित न्यास समिति जिसमें अधिकांष सदस्य स्वयं-भू न्यास समिति के सदस्य हैं, उनके कार्यों पर किसी प्रकार की आपत्ति पर्षद को प्राप्त नहीं है। कार्य में पारदर्षिता रखते हुये समय-समय पर मंदिर की आय-व्यय विवरणी, लेखा-जोखा, बैठक आदि की पंजी भी नियमित रूप से मंदिर में संधारित किया जा रहा है। उपरोक्त परिस्थिति में प्राप्त प्रस्ताव पर विचारोपरांत अधिनियम की धारा-32 एवं 83 बिहार राज्य धार्मिक न्यास की उपविधि 1953 की धारा- 43 के तहत उक्त मंदिर की व्यवस्था हेतु एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु एक न्यास समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।

अतःपर्षदीय आदेष दिनांक-22/04/2023 के आलोक में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 एवं 83 एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए का प्रयोग करते हुए बारानाथ महादेव स्थान, ग्राम- बाराटेनी, पोस्ट- लष्करी, अंचलथाना-उदाकिषुनगंज, जिला-मधेपुरा की सम्पत्तियों की86 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 सुरक्षा, संरक्षण तथा सुप्रबंधन हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण किया जाता है तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति गठित की जाती है।

योजना

1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''बारानाथ महादेव स्थान न्यास योजना, ग्राम- बाराटेनी, पोस्ट- लष्करी, अंचलथाना-उदाकिषुनगंज, जिला-मधेपुरा'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''बारानाथ महादेव स्थान न्यास समिति, ग्राम- बाराटेनी, पोस्ट- लष्करी, अंचलथाना-उदाकिषुनगंज, जिला-मधेपुरा'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

4. न्यास के खाते का संचालन दो सदस्यों (अध्यक्ष/सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा। 5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10 न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास/मठ/मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी/सेवायत/महंत/न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

17. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की एक न्यास समिति गठित की जाती हैः-

1. श्री विकासचन्द्र यादव पिता- स्व॰ रामाकांत यादव- अध्यक्ष 2. श्री पंकज कुमार पिता-स्व॰ नागेष्वर यादव- सचिव 3. श्री गोपी कुमार पिता-रामाकांत मुखिया- कोषाध्यक्ष 4. श्री रत्नेष कुमार पिता-स्व॰ राजेष्वर यादव- सदस्य 5. श्री कैलाष यादव पिता- स्व॰ सक्कल यादव- सदस्य 6. श्री राणा कुमार पिता- श्री दिनेष मंडल- सदस्य87 (cid:464)बहार गजट, 15 जनवरी 2025 7. श्री विभाष यादव पिता-स्व॰ पांचु यादव- सदस्य 8. श्रीमति निषा कुमारी पति- श्री मिथिलेष कुमार- सदस्य 9. श्री रणवीर ऋषिदेव पिता-स्व॰ लक्ष्मी ऋषिदेव- सदस्य 10. श्री राम सहनी पिता-स्व॰ झकस सहनी- सदस्य 11. श्री सर्वेष कुमार पिता-श्री कुंवर किषोर यादव- सदस्य सभी का पता-ग्राम- बाराटेनी, पोस्ट- लष्करी, अंचलथाना- उदाकिषुनगंज, जिला- मधेपुरा। उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''बारानाथ महादेव स्थान, ग्राम- बाराटेनी, पोस्ट-लष्करी, अंचलथाना-उदाकिषुनगंज, जिला-मधेपुरा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/पट्‌टा/ लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। उक्त अधिसूचना/आदेष माननीय सदस्यों द्वारा अनुमोदित है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

------- सूचना -------

No. 52--I, Amit Kumar S/o Ajay Jha R/o Ward No.-12, Village-Manki, P.O.-Berai. P.S.- Hathouri, Katra, Muzaffarpur (Bihar) 843129 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 267 dt. 21.11.24 that my name is written in Aadhar, Pan Card Matriculation and Intermediate (+2) Certificate as Amit Kumar where as in the Institute of Chartered Accountant of India Delhi as Amit Ajay Jha, Amit Kumar and Amit Ajay Jha both are same and one person that is me. From now I will be known as Amit Kumar for all future purposes.

Amit Kumar.

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No. 53--I, Shivam Raj S/o Dhananjay Kumar, R/o-C/o Tapeshwar Sharma, Village- Sheikhpura, Ward no. 09, PO-khajuri, PS-Naubatpur, Patna-801109 declare vide affidavit No. 462 dated-05.09.2024 that now I will be known as Shivam Raj Singh.

Shivam Raj.

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No. 58--I, Pooja Singh D/o Raj Kumar Singh W/o Kumod Kumar R/o Rasulpur Bardari Maner, Patna, Bihar-801108 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 11401 dt. 13.12.24 that my name is written in all educational documents as Pooja Kumari where as in my Aadhar and Pan Card written as Pooja Singh, Pooja Kumari and Pooja Singh both names are same and one person. From now I will be known as Pooja Singh for all purposes.

Pooja Singh.

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No. 60-- I, Rashmi Kiran W/o Rahul Raja R/o Vill.-Srirampur, Bihta Patna, Bihar-801103 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-456 dt. 05.12.24 that the name is written in my minor Son's date of birth Certificate as Aarav. From now he will be known as Aarav Sinha for all purposes.

Rashmi Kiran.

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 43—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 15 January 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2025-01-15.3/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2025-01-15.3.