िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 2 माघ 1946 (श0) सं(cid:201)या 04 पटना, बुधवार, ———————— 22 जनवरी 2025 (ई0) भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-17 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची पृष्ठ
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 18-18 पूरक
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पूरक-क 19-20(cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 2
भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत
सूचनाएं। —————
उद्योग विभाग
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अधिसूचना
14 जनवरी 2025
सं0 06(स0) विविध (रसायन निगम)-22/2019-201--श्री विनय कुमार मल्लिक, कार्यकारी प्रबंधक सह प्रभारी सलाहकार, खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय, बिहार, पटना के सेवानिवृाि के फलस्वरूप उनके स्थान पर सुश्री निशा कुमारी, सहायक उद्योग निदेशक, उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना को आर्टिकल्स ऑफ एसोशिएसन के प्रावधानों के तहत बिहार राज्य साख एवं विनियोग निगम लि0, बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लि0 एवं बिहार राज्य हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प निगम लि0 पटना के निदेशक मंडल में निदेशक के रूप में अगले आदेश तक नामित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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बिहार विधन सभा सचिवालय
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अधिसूचनाएं
7 जनवरी 2025
सं0 02स्था0-11/2024-051/वि0स0।--सभा सचिवालय के अध्सिूचना संख्या-3528, दिनांक-31.12.2024 के आलोक में वरीय प्रतिवेदक के पद पर संविदा के आधार पर नियोजित श्री मध्ुप कुमार का दिनांक-01.01.2025 के पूर्वा में योगदान स्वीकार किया जाता है ।
आदेश से,
सुध्ीर कुमार सिंह, अवर सचिव ।
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3 जनवरी 2025
सं0 02स्था-277/2017-022/वि0स0।--सभा सचिवालय के अध्सिूचना संख्या-3530, दिनांक-31.12.2024 के आलोक में निदेशक के पद पर संविदा के आधर पर नियोजित श्री असीम कुमार का दिनांक-01.01.2025 के पूर्वा में योगदान स्वीकार किया जाता है ।
आदेश से, सुध्ीर कुमार सिंह, अवर सचिव ।
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20 दिसम्बर 2024
सं0 02स्था-169/2018-3486/विस।--श्री सुनील कुमार, अवर सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, जो वेतन स्तर-11 में प्रतिमाह अंके-80,900/- रूपये वेतन पाते है, को बिहार राज्य सरकारी सेवक एलटीसी नियमावली, 1986 तथा इस संबंध् में वित्त विभाग, बिहार सरकार के संकल्प संख्या-8043, दिनांक-11.10.2017 की कंडिका-G के अंतर्गत ब्लॉक वर्ष 2022-25 में एलटीसी सुविध के तहत दिनांक-26.12.2024 से 31.12.2024 तक देश के अन्दर पटना से बवाना ;नई दिल्लीद्ध एवं बवाना ;नई दिल्लीद्ध से पटना वापसी की यात्राा के निमित्त दिनांक-26.12.2024, 27.12.2024, 30.12.2024 एवं 31.12.2024 को आकस्मिक अवकाश तथा दिनांक- 28.12.2024 एवं 29.12.2024 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । साथ ही दिनांक-26.12.2024 से 31.12.2024 तक मुख्यालय से बाहर रहने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
अध्यक्ष, बिहार विधन सभा के आदेश से,
सुध्ीर कुमार सिंह, अवर सचिव ।3 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025
17 दिसम्बर 2024
सं0 2स्था-267/2017-3418/विस।--श्री संजय कुमार, उप सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, जो वतन स्तर-12 में प्रतिमाह अंके-86,100/- रूपये वेतन पाते हैं, को बिहार राज्य सरकारी सेवक एलटीसी नियमावली, 1986 तथा इस संबंध् में वित्त विभाग, बिहार सरकार के संकल्प संख्या-8043, दिनांक-11.10.2017 की कंडिका G के अन्तर्गत ब्लॉक वर्ष 2022-25 में एलटीसी सुविध के तहत दिनांक- 19.12.2024 से 30.12.2024 तक देश के अन्दर पटना से बंगलुरू ;कर्नाटकद्ध एवं बंगलुरू ;कर्नाटकद्ध से पटना वापसी की यात्राा के निमित्त दिनांक-19.12.2024, 20.12.2024, 23.12.2024, 26.12.2024, 27.12.2024 एवं 30.12.2024 को आकस्मिक अवकाश, दिनांक-24.12.2024 को प्रतिबंध्ति अवकाश तथा दिनांक-21.12.2024, 22.12.2024, 28.
12.2024 एवं 29.12.2024 को सार्वजनिक अवकश उपभोग करने की अनुमति प्रदान की जाती है । साथ ही दिनांक-19.12.2024 से 30.12.2024 तक मुख्यालय से बाहर रहने की अनुमति प्रदान की जाती है ।
अध्यक्ष, बिहार विधन सभा के आदेश से,
सुध्ीर कुमार सिंह, अवर सचिव ।
------ समाहरणालय, दरभंगा (जिला स्थापना शाखा) ------ आदेश 13 अगस्त 2024
सं0 497/स्था0--अअंंचचलल अअध्धििाककााररीी,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककेे पपत्रत्राांंकक--991188,, दििदननाांंकक--1111..0055..22001133 द्वद्वाारराा ससूूचििचतत कििकययाा गगययाा हहैै कििक ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह,, ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी दििदननाांंकक--2222..0022..22001133 ससेे बििबननाा ससूूचचननाा ककेे ककाायर्यााल्लायय ससेे अअननुुपपस्स्थ्थििातत हहैैंं।। पपुुननःः अअंंचचलल अअध्धििाककााररीी,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककेे पपत्रत्राांंकक--11332277,, दििदननाांंकक--2244..0088..22001133 द्वद्वाारराा पप्र्रतिितववेेदििदतत कििकययाा गगययाा हहैै कििक ममाोे00 श्शाााहह ससेे स्स्पपष्ष्टटीीककररण्णा ककीी ममाांंगग ककीी गगइर्ई ततथ्थााा उउननककेे घ्घारर ककेे पपतताा पपरर पपत्रत्र तताामििमललाा हहेेततुु भ्भोेजजाा गगययाा,, पपररन्न्ततुु ससपपरििरववाारर घ्घारर पपरर अअननुुपपस्स्थ्थििातत पपााययेे गगययेे।। ततत्त्पपश्श्चचाातत नििनबबंंध्धििातत डडााकक ससेे भ्भाीी उउननककेे घ्घारर ककेे पपतताा पपरर पपत्रत्र भ्भोेजजाा गगययाा,, ववहह पपत्रत्र भ्भाीी बििबननाा तताामििमललाा ककेे ववाापपसस अआा गगययाा।। अअस्स्ततुु बििबहहाारर ससररककााररीी ससेेववकक ((ववगर्गीीककररण्णा,, नििनययंंत्रत्रण्णा एएववंं अअपपीीलल)) नििनययममााववललीी,, 22000055 ककेे नििनययमम--9(i)(क) ककेे अआाललाोेकक ममेेंं इइसस ककाायर्यााल्लायय ककेे अआाददेेश्शा ज्ञज्ञाापपाांंकक--1100--1111//22001133--11881122//स्स्थ्थााा00,, दििदननाांंकक--1188..1122..22001144 द्वद्वाारराा ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह,, ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी,, अअंंचचलल ककाायर्यााल्लायय,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककाोे ततत्त्ककाालििलकक पप्र्रभ्भााावव ससेे नििनललंंबििबतत कििकययाा गगययाा एएववंं अअंंचचलल अअध्धििाककााररीी,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककाोे इइसस ककाायर्यााल्लायय ककेे पपत्रत्राांंकक--1100--1111//22001133--22000066//स्स्थ्थााा00,, दििदननाांंकक--1199..0099..22001133 एएववंं वििवभ्भििान्न्न्ना स्स्ममाारर पपत्रत्राोेंं ककेे द्वद्वाारराा ममाोे00 श्शाााहह,, ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी ककेे वििवरूरूद्धद्ध अआारराोेपप पप्र्रपपत्रत्र--''कक'' गगठििठतत ककरर अअननुुममण्ण्डडलल पपददााध्धििाककााररीी,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककेे ममााध्ध्ययमम ससेे भ्भोेजजननेे हहेेततुु नििनददेेश्शा दििदययाा गगययाा।।
अअननुुममण्ण्डडलल पपददााध्धििाककााररीी,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककेे पपत्रत्राांंंंकक--999966,, दििदननाांंकक--0022..0055..22002233 ककेे द्वद्वाारराा ममाोे00 श्शाााहह,, नििनललंंबििबतत ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी ककेे वििवरूरूद्धद्ध गगठििठतत अआारराोेपप पप्र्रपपत्रत्र--''कक'' अअननुुममाोेददनन हहेेततुु इइसस ककाायर्यााल्लायय ककाोे पप्र्रााप्प्तत हहुुअआा।। उउक्क्त्ता अआारराोेपप पप्र्रपपत्रत्र--''कक'' ककाोे अअननुुममाोेददननाोेपपरराान्न्तत इइसस ककाायर्यााल्लायय ककेे अआाददेेश्शा ज्ञज्ञाापपाांंकक-- 664400//स्स्थ्थााा00,, दििदननाांंकक--0011..0066..22002233 द्वद्वाारराा वििवभ्भााागगीीयय ककाायर्यववााहहीी ससंंचचााललनन हहेेततुु पप्र्रभ्भाााररीी अअपपरर ससममााहहत्त्र्त्तााा,, वििवभ्भााागगीीयय जजााँँचच,, ददररभ्भांंगगाा ककाोे ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी एएववंं अअंंचचलल अअध्धििाककााररीी,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककाोे उउपपस्स्थ्थााापपनन पपददााध्धििाककााररीी ननाामििमतत कििकययाा गगययाा।।
अअपपरर ससममााहहत्त्र्त्तााा,, वििवभ्भााागगीीयय जजााँँचच,, ददररभ्भांंगगाा ककेे पपत्रत्राांंकक--224444//वििव00जजााँँ00,, दििदननाांंकक--0044..1111..22002233 द्वद्वाारराा ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह,, नििनललंंबििबतत ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी ककेे वििवरूरूद्धद्ध वििवभ्भााागगीीयय ककाायर्यववााहहीी ककेे ससंंचचााललननाोेपपरराान्न्तत जजााँँचच पप्र्रतिितववेेददनन पप्र्रााप्प्तत हहुुअआा जजाोे नििनम्म्ननववतत हहैैःः--
| क्र00 क्र | आारराो अ ेपप पप्र ्रपपत्रत्र ''''कक'''' े मे म ं ललगगाायये ं े गगयये े अववचचाारर ययाा अ कददााचचाारर ककाा क लाां ल ंछछननाो े ककाा ससाारर | आारराो अ ेपपीी ककमर्मीी र् ककाा जजववााबब | उपपस्स्थ्थााापपनन पपददााध्धििाककााररीी ककाा उ जववााबब ज | जाॉ ज ॅचच पपददााध्धििाककााररीी ककाा पप्र ्रतिितववे ेददनन |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | 1.. ममाो 1 े00 श्शाााहहननववााजज अललीी अ शाााहह श् काायर्याा क र्ललयय पपरििरचचााररीी बिबननाा ससू ि ूचचननाा कके े दिदननाां ि ंकक 222..0022.. 2 2001133 2 से स े अपपनने अ े कतर्त क र्व्व्यय एववं ए ं | निनववे ि ेददनन पपू ूवर्व र्कक ससू ूचििचतत ककररननाा ै है ह ै कििक ममै ं ममाो ं े०० श्शाााहहननववााजज अललीी अ शाााहह,, श् पिपतताा-- ि स्वव00 स् अब्ब्ददु अ ुलल जब्ब्बबाारर ज निनववााससीी ि ग्र ग ्राामम-- पु प ुररख्खााो ेपपट्टट्टीी,, पाो प ेस्स्टट-- लहहे ल ेरििरययााससरराायय थाााननाा-- थ् बहहााददु ब ुररपपु ुरर,, जििजललाा-- ददररभ्भां ंगगाा | ु े उपपययु उ र्क्तक्त र् विवष्षाययकक ससं ि ंबबं ंध्धा मे म ं प्रााससं प्र ंगििगकक पत्रत्र प के क े सााथ्था स सं स ंललग्ग्नन ममाो े०० श्शाााहहननववााजज अअललीी शाााहह,, श् निनललं ि ंबििबतत काायर्याा क र्ललयय परििरचचााररीी,, ससददरर ददररभ्भां प ंगगाा द्वद्वाारराा े अपपनने अ े बबचचाावव पपक्ष्क्षा ममे ं दििदयये ं े गगएए आाववे अ ेददनन एएववं ं ससं ंललग्ग्नन ककाागगजजाातत | उपपस्स्थ्थााापपनन उ पददााध्धििाककााररीी प के क े जववााबब ससे ज े स्पपष्ष्टट हहै स् ै कििक ममाो े00 शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह,, ककाायर्याा श् र्ललयय परििरचचााररीी बििबननाा ससू प ूचचननाा कके े दििदननाां ंकक 222..0022..22001133 ससे 2 े अअपपनने े ककतर्त र्व्व्यय एएववं ं काायर्याा क र्ललयय से स े लगगाातताारर ल अननु अ ुपपस्स्थ्थििातत है ह ै।। इननकके इ े द्वाारराा द्व |
| काायर्याा क र्ललयय से स े लगगाातताारर ल अननु अ ुपपस्स्थ्थििातत हहै ै।। | ू काा क रहहनने र े ववााललाा हहू ँ।। ममे ँ ेररीी निनययु ि ुक्तििक्त दिदननाां ि ंकक-- 299..0044.. 2 2000066 ककाो 2 े अननु अ ुककम्म्पपाा कके े आाध्धााारर पपरर अअं अ ंचचलल ककाायर्याा र्ललयय े सददरर ददररभ्भां स ंगगाा ममे ं ककाायर्याा ं र्ललयय परििरचचााररीी कके प े पपदद पपरर हहु ुइई र् थाीी।। नििनययु थ् ुक्तििक्त हहाो ेनने े कके े बबाादद ै मै म ं निनष्ष्ठठाा पपू ि ूवर्व र्कक ककाायर्याा र्ललयय काा ककाामम ककााजज ककररनने क े ललगगाा।। अचचााननकक अ मे म ेररीी मााननसििसकक म स्स्थ्थिातिित ि एककााएएकक ए दिदननाां ि ंकक-- 222..0022..22001133 ककाो 2 े अअत्त्ययध्धििाकक दययननीीयय हहाो द े जजाानने े कके े ककााररण्णा काायर्याा क र्ललयय जजाानने े ससे े अअससममथ्र्था र् ै हाो ह े गगययाा।। ययहहााँ ँ ततकक कििक ममै ं अपपनने अ े अआापप ककाा अआापपाा ख्खााो े चु च ुककाा थााा,, थ् जिजससससे ि े मु म ुझझे े े किकससीी भ्भाीी प्रप्रककाारर ककीी बबाातताो ि ं काा अअननससु क ुननीी ममहहससु ुसस हहाो ेनने े लगगाा।। जििजससककाा इई ल र्ललााजज एएववं ं झााररफफु झ ुकक भाीी भ् स्थ्थाााननीीयय स् ताां त ंत्रिित्रकक कके े ययहहााँ ँ भ्भाीी ककररााययाा गययाा।। इइससीी ददररमििमययाानन ममे ग ेररीी पत्त्ननीी ककाा भ्भाीी ममे प ेरराा ममााननसििसकक स्स्थ्थिातिित ि दे द ेख्खाककरर तबििबययतत त बिबगगररनने ि े लगगाा ल जिजससककाा ि ई इ र्ललााजज ललगगाातताारर जजननककल्ल्ययााण्णा े डााययग्ग्ननाो ड ेस्स्टििटकक ससे ंटटरर ककु ं ुममु ुददननीी झाा कके झ े ययहहााँ ँ ककररााययाा गगययाा।। े इससकके इ े बबाादद हहमम ददाो ेननाो ं पपतिित ं एववं ए ं पत्त्ननीी प काा क इललााजज इ लगगाातताारर हहाो ल ेतताा रहहाा र जिजसस ि ई इ र्ललााजज ककाा प्रििप्रं ंससकके ेप्प्ससनन ककाा छााययााप्रप्रतिित इइसस अआाववे छ ेददनन कके े सााथ्था ससं स ंललग्ग्नन कििकययाा जजाातताा ै है ह ै।। वििवदििदतत हहाो े कििक ममै ं अअपपननाा ं मााननसििसकक म इललााजज ककररााककरर इ ू पू प ूण्र्णा र्ततःः स्स्ववस्स्थ्थ्यय हहाो े गगययाा हहू ँ,, ँ ै इससलििलएए इ मै म ंनने ं े पु प ुननःः अअं ंचचलल े काायर्याा क र्ललयय मे म ं काायर्याा क र्ललयय परििरचचााररीी प के क े पदद प परर प ू ै याो य ेगगददाानन ददे े ररहहाा हहू ँ।। ममै ँ ंनने ं े जााननबबू ज ूझझककरर ऐ ए ेससीी काो क ेइई र् ू गललततीी ननहहीीं ग ं कििकययाा हहू ँ अआौ ँ ैरर न हहीी कििकससीी अअन्न्यय जजगगहह न किकससीी ललााभ्भा कके ि े पदद प परर प काायर्य क र्ररतत थ्थााा।। जििजससककाा जजााँ ँचच विवभ्भााागगीीयय इई ि र्ककााइई र् ससे े ककररााययाा ै जाा ससककतताा हहै ज ं।। अअततःः श्रश्रीीममाानन् ं ् से स े निनववे ि ेददनन है ह ै किक उउक्तक्त ि लिलख्खििातत जजववााबब ककाो ि े बििबन्न्ददु ुववाारर जााँ ज ँचच ककररतते े हहु ुएए ममु ुझझे े पपु ुननःः | े के क े ससम्म्बबन्न्ध्धा ममे ं जजाां ं ंचच प्रप्रतिितववे ेददनन मं म ंततव्व्यय कके े ससााथ्था नििनम्म्नन प्रप्रककाारर है ह ैःः-- 1.. ययहह कििक ममाो 1 े०० श्शाााहहननववााजज अललीी अ शाााहह,, श् निनललं ि ंबििबतत काायर्याा क र्ललयय परििरचचााररीी,, प सददरर स दररभ्भां द ंगगाा दििदननाां ंकक 2222..0022..22001133 से स े लगगाातताारर ल बिबननाा ि किकससीी ि ै सू स ूचचननाा कके े अअननु ुपपस्स्थ्थििातत ररहहे े हहै ं,, ं जिजससककीी ससू ि ूचचननाा इइसस ककाायर्याा र्ललयय के क े पपत्रत्राां ंकक 331144 दििदननाां ंकक 1155.. 033..22001133 द्वद्वाारराा स्स्थ्थााापपननाा उउपप 0 सममााहहतर्ताा स र्,, दररभ्भां द ंगगाा ककाो े दीी द गययीी।। पपु ग ुननःः इइसस ककाायर्याा र्ललयय कके े पत्रत्राां प ंकक 991188 दििदननाां ंकक 1111..0055.. 2001133 कके 2 े द्वद्वाारराा बििबननाा कििकससीी सू स ूचचननाा कके े अअननु ुपपस्स्थ्थििातिित ककीी सू स ूचचननाा स्स्थ्थााापपननाा उउपप ससममााहहतताा,र्, र् े दररभ्भां द ंगगाा ककाो े ददीी गगययीी,, जििजससममे ं यहह भ्भाीी उउल्ल्लले य ेख्खा कििकययाा गगययाा किक,, एऐ ि ेससाा ज्ञज्ञाातत हहाो ेतताा हहै ै कििक माो म े०० शाााहहननववााजज अअललीी श् शाााहह श् े किकससीी हहत्त्ययाा कके ि े ममााममलले े ममे ं आारराो अ ेपििपतत है ह ै।। (छछााययााप्रप्रतिित ( सं स ंललग्ग्नन)) े 2.. अअपपनने 2 े अआाववे ेददनन ममे ं ममाो ं े00 श्शाााहह काा ककहहननाा हहै क ै कििक दििदननाां ंकक 2222.. 022..22001133 0 काो क े अचचााननकक अ मााननसििसकक म स्स्थ्थिातिित ख्खाररााबब हहाो ि े गययीी,, जििजससससे ग े ककाायर्याा र्ललयय अआानने े े मे म ं अअससममथ्र्था ं र् हहाो े गगएए,, बििबल्ल्ककु ुलल गललतत ग एववं ए ं गु ग ुममररााहह कररनने क े वााललाा हहै व ै।। ससच्च्चचााइई र् ययहह हहै ै कििक दिदननाां ि ंकक 222..0022..22001133 2 काो क े े इननकके इ े द्वद्वाारराा अअन्न्यय परििरजजननाो प ं सहििहतत रराामम ददााइई स र् ददे ेववीी,, पपतिित-- स्वव०० स् याो य ेगगे ेन्न्द्रद्र राामम,, र साा०० स पु प ुररख्खााो ेपपट्टट्टीी जजाो े इइननकके े पपडड़ ़ाो ेससीी है ह ै कके े ससााथ्था ममााररपपीीटट ककीी गगययीी,, जिजससममे ि े ककइई र् ललाो ेगग गगं ंभ्भाीीरर रूरूपप से स े घ्घाााययलल भ्भाीी हहु ुएए,, जििजससककीी प्रााथ्थामििमककीी रराामम ददााइई प्र र् ददे ेववीी द्वद्वाारराा े स्थ्थाााननीीयय बबहहााददु स् ुररपपु ुरर थ्थाााननाा ममे ं दजर्ज द र् कररााययाा क गययाा।। ग (ददजर्ज ( र् प्रााथ्थामििमककीी प्र कीी क छााययााप्रप्रतिित छ सं स ंललग्ग्नन हहै ै)) अआौ ैरर उउससीी दििदनन ससे े ये य े घारर छछाो घ् ेडड़ ़ककरर फफरराारर हहाो े े गएए।। बबाादद ममे ग ं अअननाौ ं ैपपचचाारििरकक सू स ूचचननाा मििमललीी कििक घ्घाााययलल एएकक व्ययक्तििक्त ककीी ममृ व् ृत्त्ययु ु हहाो े गगययीी।। इइसस े सम्म्बबन्न्ध्धा ममे स ं स्स्थ्थाााननीीयय थ्थाााननाा ससे ं े के क ेसस डडााययररीी ककीी ममाां ंगग ककीी जजाा | े अपपनने अ े अननु अ ुपपस्स्थ्थििातिित अववध्धििा अ मे म ं मााननसििसकक स्स्थ्थििातिित ख्खाररााबब हहाो म ेनने े ककाा जिजक्रक्र कििकययाा गगययाा हहै ि ै।। लले ेकििकनन किकससीी ममााननसििसकक अअस्स्पपतताालल ककाा ि चिचकििकत्त्ससीीयय पप्र ि ्रममााण्णा पपत्रत्र पप्र ्रस्स्ततु ुतत नहहीीं न ं कििकययाा गगययाा हहै ै।। उउपपस्स्थ्थााापपनन पददााध्धििाककााररीी कके प े प्र प ्रतिितववे ेददनन ससे े स्पपष्ष्टट हहै स् ै कििक यये े बबहहााददु ुपपु ुरर थ्थाााननाा कााण्ण्डड ससं क ंख्ख्ययाा --7755//1133 दििदननाां ंकक े 222..0022..22001133 ममे 2 ं अआारराो ं ेपििपतत हहाो ेनने े कके े कााररण्णा फफरराारर क थो थ् े।। अअततःः इसस इ े सं स ंबबं ंध्धा ममे ं ललगगाायये ं े गगयये े अआारराो ेपप प्र प ्रममााण्णििातत हहाो ेतताा हहै ै।। | |
| काायर्याा क र्ललयय पपरििरचचााररीी कके े पपदद परर ययाो प ेगगददाानन ददे ेनने े ककाा अआाददे ेश्शा दिदययाा जजाायय।। ि इससकके इ े लििलएए अआाववे ेददकक श्रश्रीीममाानन् ् े काा अआाभ्भाााररीी ररहहे क ंगगाा।। ं | सककततीी हहै स ै,, जििजससससे े ययहह अआौ ैरर भाीी स्स्पपष्ष्टट हहाो भ् े ससकके ेगगाा कििक यये े इससीी ककााररण्णा घ्घारर अआौ इ ैरर अअपपनने े कतर्त क र्व्व्यय ससे े फफरराारर हहाो े गगएए।। 3.. इइननककाा ययहह भ्भाीी ककहहननाा कििक 3 इननकके इ े द्वद्वाारराा अअपपननाा अआापपाा ख्खााो े दिदययाा गगययाा,, ययहह ससहहीी ि है ह ै,, कााररण्णा क किक ि प्रााथ्थामििमककीी प्र दजर्ज द र् हाो ह ेनने े कके े बबाादद यये े ससपपरििरववाारर घ्घारर े छाो छ ेडड़ ़ककरर चचलले े गगएए थ्थो े क्क्ययाो ंकििक ं इसस ककाायर्याा इ र्ललयय कके े पत्रत्राां प ंकक 1008800,, दििदननाां 1 ंकक-- 2266..0066..22001133 एववं ए ं पपत्रत्राां ंकक--11111155,, दििदननाां ंकक-- 088..0077..22001133 द्वद्वाारराा स्स्पपष्ष्टटीीककररण्णा 0 पू प ूछछाा गगययाा,, जिजससे ि े रजििजस्स्टटडर्ड र र् डााकक ससे ड े भ्भो ेजजाा गगययाा,, पपररन्न्ततु ु इननकके इ े घारर पपरर पपरििरववाारर कके घ् े किकससीी ससददस्स्यय कके ि े ननहहीीं ं ररहहनने े के क े ककााररण्णा ववाापपसस अआा गगययाा।। विवश्शो ि ेष्षा ददू ूतत द्वद्वाारराा भ्भाीी प्रप्रतिितववे ेदििदतत किकययाा गगययाा कििक इइननकके ि े घ्घारर पपरर तााललाा ललगगाा हहै त ै।। (छछााययााप्रप्रतिित ( सं स ंललग्ग्नन हहै ै।।)) 4.. अअपपनने 4 े अआाववे ेददनन कके े ससााथ्था इननकके इ े द्वद्वाारराा ससं ंललग्ग्नन चििचकििकत्त्ससाा े पु प ुजर्जाा र् बबननााववटटीी हहै ै,, क्क्ययाो ंकििक उउक्तक्त ं े े पु प ुजर्जाा र् मे म ं अअं ं ंकििकतत तितथ्थििा ि मे म ं छे छ ेडड़ ़छछााडड़ ़ककरर ववष्र्षा र् बबननााययाा गगययाा है ह ै।। ससं ंललग्ग्नन पपु ुजर्जाा र् कििकससीी ममाो े०० े तबबररे त ेजज ककाा हहै ै,, जििजससे े बबाादद ममे ं माो म े०० शाााहहननववााजज अअललीी श् शाााहह श् े उससपपे उ े ऊऊपपरर ममे ं जजाो ं ेडड़ ़ाा गगययाा है ह ै।। अअं ंकििकतत तिितथ्थििा 2288..1122..22002222 े मे म ं छे छ ेडड़ ़--छछााडड़ ़ करर क 2001133 2 बननााययाा ब गययाा ग है ह ै,, जाो ज े अववललाो अ ेककनन ससे े स्स्ववततःः स्स्पपष्ष्टट हहाो े जाातताा हहै ज ै।। ददू ूससरराा चिचकििकत्त्ससाा ि पु प ुजर्जाा र् ((DDrr.. SS.. KK.. JJhhaa)) भ्भाीी माो म े०० ततबबररे ेजज श्शाााहह ककाा हहै ै जजाो े 099..1122..22002222 ककाा हहै 0 ै,, उउससममे े भ्भाीी े बाादद ममे ब ं अअललगग लििलख्खाााववटट ससे ं े माो म े०० शाााहहननववााजज अअललीी श् शाााहह श् लिलख्खााा गगययाा हहै ि ै।। ततीीससरराा पपु ुजर्जाा र् जाो ज े सििसटटीी हहॉॉस्स्पििपटटलल ककाा हहै ै,, वहह भ्भाीी ममाो व े०० ततबबररे ेजज श्शाााहह ककाा े है ह ै,, जजाो े डििडस्स्चचााजर्ज र् पपु ुजर्जाा र् हहै ै,, ममे ं भाीी भ् माो म े०० शाााहहननववााजज श् अललीी अ े शाााहह ऊऊपपरर ममे श् ं लििलख्खााा गगययाा हहै ं ै।। तीीननाो त े चििचकििकत्त्ससाा पपु ुजर्जाा र् कके े ससू ूक्ष्क्ष्मम अववललाो अ ेककनन ससे े स्स्पपष्ष्टट हहाो ेतताा हहै ै किक ि तीीननाो त े पु प ुजर्जाा र् परर प माो म े०० शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह एएकक हहीी श् े लिलख्खाााववटट ममे ि ं लििलख्खााा गगययाा हहै ं ै,, जबबकििक ततीीननाो ज े चििचकििकत्त्ससाा पपु ुजर्जाा र् अललगग अअललगग डडााक्क्टटरर ककाा हहै अ ै।। 5.. 5 माो म े00 शाााहह ककाा श् अपपनने अ े े आाववे अ ेददनन ममे ं ययहह ककहहननाा कििक ं े इससीी बबीीचच ममे इ ं इइननककीी पपत्त्ननीी ककाा ं भाीी इइललााजज चचलल ररहहाा थ्थााा,, ययहह भ् भाीी गगललतत हहै भ् ै।। अआाववे ेददनन कके े सााथ्था ससं स ंललग्ग्नन इननकके इ े पत्त्ननीी प शाममाा ख्खाााततू श् ूनन ककाा चिचकििकत्त्ससाा ि पु प ुजर्जाा र् भ्भाीी 22001199 एएववं ं 22002200 ककाा है ह ै,, जिजससममे ि े आाववे अ ेददकक शाााहहननववााजज श् अललीी अ शाााहह,, श् निनललं ि ंबििबतत ककाायर्याा र्ललयय पपरििरचचााररीी के क े ककतर्त र्व्व्यय ससे े अअननु ुपपस्स्थ्थििातिित ककाा काो क ेइई र् वििवश्शो ेष्षा ससम्म्बबन्न्ध्धा ननहहीीं ं हहै ै।। इसस प्रप्रककाारर ममाो इ े00 शाााहहननववााजज श् अललीी अ शाााहह,, श् निनललं ि ंबििबतत काायर्याा क र्ललयय परििरचचााररीी प द्वाारराा द्व सं स ंललग्ग्नन चिचकििकत्त्ससाा ि पु प ुजर्जाा र् बननााववटटीी प्रप्रततीीतत हहाो ब ेतताा हहै ै।। े 6.. उउपपरराो 6 ेक्तक्त ततथ्थ्ययाो ं ससे ं े स्स्पपष्ष्टट हहै ै किक ि शाााहहननववााजज अअललीी श् शाााहह श् दिदननाां ि ंकक--2222..0022..22001133 काो क े प्रााथ्थामििमककीी प्र दजर्ज द र् हाो ह ेनने े के क े उपपरराां उ ंतत हीी ह घारर घ् छाो छ ेडड़ ़ककरर फरराारर हहु फ ुएए एएववं ं दििदननाां ंकक 2222..0022.. 2001133 ससे 2 े ललगगाातताारर अअबब ततकक अपपनने अ े ककतर्त र्व्व्यय ससे े अअननु ुपपस्स्थ्थििातत रहहे र े हहै ै।। | |||
| 2 | माो म े00 शाााहहननववााजज श् अललीी श्शाााहह ससे अ े इइसस काायर्याा क र्ललयय के क े पत्रत्राां प ंकक-- 1008800,, 1 दिदननाां ि ंकक2266..0066..22001133 द्वाारराा द्व पू प ूछछे े गयये ग े स्पपष्ष्टटीीककररण्णा स् के क े पश्श्चचाातत प पत्रत्राां प ंकक--11111155,, दिदननाां ि ंकक--0088..0077.. 2001133 2 निनबबं ि ंध्धििातत डााकक ससे ड े पपत्रत्र भ्भो ेजजाा गययाा,, ग जाो ज े बे ब ेगगै ैरर ताामििमललाा कके त े ववाापपसस आा गगययाा हहै अ ै।। | 7.. 7 यहह य किक ि बिबहहाारर ि से स ेववाा े सं स ंहििहतताा कके े नििनययमम--7766 ममे ं भ्भाीी ं यहह स्स्पपष्ष्टट हहै य ै कििक जजबब ततकक किक कििकससीी ममााममलले ि े ककीी ख्खााासस े परििरस्स्थ्थििातिितययाो प ं ककाो ं े ददे ेख्खातते े हहु ुएए रााज्ज्यय र सररककाारर स अन्न्ययथ्थााा अ निनध्र्धााा ि र्रििरतत नन ककररे े,, ससररककााररीी े से स ेववकक,, भ्भाााररतत ममे ं बबााह्यह्य ससे ं ेववाा काो क े छछाो ेडड़ ़ककरर अअन्न्ययत्रत्र छछु ुट्टट्टीी ककीी अववध्धििा कके अ े ससााथ्था ययाा बििबननाा छछु ुट्टट्टीी के क े ककतर्त र्व्व्यय ससे े पपाां ंचच ववष्र्षा र् ततकक लगगाातताारर अअननु ल ुपपस्स्थ्थििातिित कके े बबाादद,, े सररककााररीी--नििनययाो स ेजजनन मे म ं नहहीीं न ं रहह जजाातताा हहै र ै।। ममाो े00 श्शाााहह द्वद्वाारराा सममपििर्प स र्तत चििचकििकत्त्ससाा पपु ुजर्जाा र् एएववं ं अन्न्यय ककाागगजजाातत ससे अ े स्स्पपष्ष्टट हहै ै किक ममाो ि े00 श्शाााहह 2222..0022..22001133 ससे े लगगाातताारर ल अबब अ तकक त अपपनने अ े कतर्त क र्व्व्यय ससे े अअननु ुपपस्स्थ्थििातत ररहहे े हहै ै।। इननकके इ े द्वद्वाारराा ससं ंललग्ग्नन ययाो ेगगददाानन आाववे अ ेददनन निनबबं ि ंध्धििातत डडााकक ससे े भो भ् ेजजनने े ककाा ददााववाा कििकययाा गगययाा है ह ै।। वििवदििदतत हहाो े कििक कििकससीी भ्भाीी कमर्मीी क र् ककाा ययाो ेगगददाानन नििनबबं ंध्धििातत डााकक ससे ड े भ्भो ेजजनने े ककाा प्रप्रााववध्धााानन नहहीीं न ं हहै ै अआौ ैरर नन हहीी अअं ंचचलल े काायर्याा क र्ललयय ममे ं इइननककाा ययाो ं ेगगददाानन स्ववीी——तत कििकययाा गगययाा हहै स् ै।। | उपपस्स्थ्थााापपनन उ पददााध्धििाककााररीी प के क े जबबाावव एएववं ज ं ससं ंललग्ग्नन पप्र ्रााथ्थामििमककीी कके े प्र प ्रतिित ससे े स्स्पपष्ष्टट हहै ै कििक यये े बबहहााददु ुपपु ुरर थाााननाा ककााण्ण्डड ससं थ् ंख्ख्ययाा-- 7755//1133 े दिदननाां ि ंकक 2222..0022..22001133 ममे ं हहत्त्ययाा कके ं े े मााममलले म े मे म ं अआारराो ं ेपििपतत हाो ह ेनने े कके े कााररण्णा फफरराारर थ्थो क े,, ततथ्थााा इइननकके े घ्घारर परर भ्भाीी ककाो प ेइई र् उउपपललब्ब्ध्धा ननहहीीं ं थ्थााा।। े अततःः इइसस ससं अ ंबबं ंध्धा ममे ं ललगगाायये ं े गगयये े आारराो अ ेपप पप्र ्रममााण्णििातत हहाो ेतताा हहै ै।। | |
| 3 | ये य े लगगाातताारर ल लगगभ्भागग 1100 ((ददसस)) ल े वष्षााो व र् से स े अननु अ ुपपस्स्थ्थििातत चलले च े आा ररहहे अ े हहै ै।। | माो म े00 श्शाााहह बििबननाा कििकससीी छछु ुट्टट्टीी के क े हहीी ललगगाातताारर अअबब ततकक े ं लगगभ्भागग 1100 ववष्षााो ल र् ससे र् ं े ज्ज्ययााददाा ससे े अननु अ ुपपस्स्थ्थििातत हहै ै।। एऐ ेससीी स्स्थ्थििातिित े मे म ं यये ं े कििकससीी भ्भाीी प्रप्रककाारर कके े अननु अ ुतताो ेष्षा कके े हहककददाारर ननहहीीं ं हहै ै।। इनन पपरर बििबहहाारर ससे इ ेववाा ससं ंहििहतताा के क े निनययमम--7766 ि के क े तहहतत त काारर्र क र्ववााइई र् ककीी जजाा ससककततीी हहै ै।। | बिबहहाारर ि से स ेववाा सं स ंहििहतताा के क े े निनययमम--7766 ममे ि ं ययहह स्स्पपष्ष्टट हहै ं ै कििक जबब ततकक कििक कििकससीी ममााममलले ज े ककीी े खााासस पपरििरस्स्थ्थििातिितययाो ख् ं ककाो ं े ददे ेख्खातते े हु ह ुएए रााज्ज्यय र सररककाारर स अन्न्ययथ्थााा अ निनध्र्धााा ि र्रििरतत न कररे क े,, सररककााररीी स े से स ेववकक,, भ्भाााररतत ममे ं बबााह्यह्य ससे ं ेववाा ककाो े छाो छ ेडड़ ़ककरर अअन्न्ययत्रत्र छछु ुट्टट्टीी ककीी अअववध्धििा के क े ससााथ्था ययाा बिबननाा छछु ि ुट्टट्टीी कके े कतर्त क र्व्व्यय से स े पाां प ंचच वष्र्षा व र् तकक त लगगाातताारर अअननु ल ुपपस्स्थ्थििातिित कके े बबाादद,, े सररककााररीी--नििनययाो स ेजजनन ममे ं ननहहीीं ं ं ररहह जाातताा ज है ह ै।। उपपस्स्थ्थााापपनन उ पददााध्धििाककााररीी कके प े अअननु ुससाारर ममाो े00 शाााहह द्वद्वाारराा ससममपििर्प श् र्तत चिचकििकत्त्ससाा ि पु प ुजर्जाा र् एएववं ं अअन्न्यय ककाागगजजाातत ससे े स्पपष्ष्टट स् है ह ै किक ि माो म े00 शाााहह श् दिदननाां ि ंकक--2222..0022..22001133 ससे े ललगगाातताारर अबब अ तकक त अपपनने अ े ककतर्त र्व्व्यय से स े अननु अ ुपपस्स्थ्थििातत ररहहे े हहै ै।। |
ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह,, ककाायर्यााललयय पपरििरचचााररीी,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा दििदननाांंकक 2222..0022..22001133 ससेे बबहहााददुुपपुुरर थ्थाााननाा ककााण्ण्डड ससंंख्ख्ययाा--7755//1133,, दििदननाांंकक 2222..0022..22001133 ममेेंं हहत्त्ययाा ककेे ममााममललेे ममेेंं अआारराोेपििपतत हहाोेननेे ककेे ककााररण्णा फफरराारर थ्थोे,, अआौैरर ककाायर्यााललयय ससेे ललगगाातताारर अअननुुपपस्स्थ्थििातत थ्थोे।। अअततःः इइननककेे वििवरूरूद्धद्ध बििबहहाारर ससेेववाा ससंंहििहतताा ककेे नििनययमम--7766 एएववंं बििबहहाारर ससररककााररीी ससेेववकक ((ववगर्गीीककररण्णा,, नििनययंंत्रत्रण्णा एएववंं अअपपीीलल)) नििनययममााववललीी,, 22000055 ककेे ततहहतत अअगग्र्रेेततरर ककाारर्रववााइर्ई ककीी जजाा ससककततीी हहैै।।
ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी द्वद्वाारराा जजााँँचच पप्र्रतिितववेेददनन ममेेंं पप्र्रपपत्रत्र-- ''कक'' ककेे क्रक्रममाांंकक--0011 एएववंं 0022 पपरर अअंंकििकतत अआारराोेपप पप्र्रममााण्णििातत पपााययाा गगययाा हहैै ततथ्थााा क्रक्रममाांंकक--0033 ममेेंं अआारराोेपप ककीी पपुुष्ष्टििट ककीी गगइर्ई हहैै।। पप्र्रााप्प्तत जजााँँचच पप्र्रतिितववेेददनन ककेे अआाललाोेकक ममेेंं बििबहहाारर ससररककााररीी ससेेववकक ((ववगर्गीीककररण्णा,, नििनययंंत्रत्रण्णा एएववंं अअपपीीलल)) नििनययममााववललीी,, 22000055 ककेे ततहहतत इइसस ककाायर्यााल्लायय ककेे ज्ञज्ञाापपाांंकक--0077//ममुु00//स्स्थ्थााा00,, दििदननाांंकक--1144..0033..22002244 द्वद्वाारराा ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ककाा जजााँँचच पप्र्रतिितववेेददनन ससंंललग्ग्नन ककररततेे हहुुएए ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह,, नििनललंंबििबतत ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी,, अअंंचचलल ककाायर्यााल्लायय,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ससेे द्वििद्वततीीयय ककााररण्णापपृृच्च्छछाा ककीी ममाांंगग ककीी गगइर्ई।।
ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह द्वद्वाारराा दििदननाांंकक--0011..0044..22002244 ककाोे अअपपननाा द्वििद्वततीीयय ककााररण्णापपृृच्च्छछाा ससममपििर्पत्ता कििकययाा गगययाा,, जजाोे नििनम्म्ननववतत हहैै :ः--
''''ममेेररेे वििवरूरूद्धद्ध अअंंचचलल ककाायर्यााल्लायय,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ममेेंं ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी ककेे पपदद पपरर पपददस्स्थ्थााापपनन अअववध्धििा ममेेंं दििदननाांंकक--2222..0022..
22001133 ससेे अअपपननेे ककत्त्र्त्ताव्व्यय एएववंं ककाायर्यााल्लायय ससेे ललगगाातताारर अअननुुपपस्स्थ्थििातत ररहहननेे ककाा अआारराोेपप पप्र्रतिितववेेदििदतत ककररततेे हहुुएए भ्भाववददीीयय अआाददेेश्शा ज्ञज्ञाापपाांंकक--664400//स्स्थ्थााा00,, दििदननाांंकक--0011..0066..22002233 ककेे ममााध्ध्ययमम ससेे अआारराोेपप पपत्रत्र गगठििठतत ककरर वििवभ्भााागगीीयय ककाायर्यववााहहीी ससंंचचाालििलतत ककीी गगइर्ई,, जििजससममेेंं ममेेररेे द्वद्वाारराा ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ककेे ससममक्ष्क्षा उउपपस्स्थ्थििातत हहाोेककरर पप्र्रतिितववेेदििदतत अआारराोेपपाोेंं ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं स्स्प्पाष्ष्टटीीककररण्णा ससममपििर्पत्ता कििकययाा गगययाा,, पपररन्न्ततुु ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ककेे द्वद्वाारराा इइसस पपरर ककाोेइर्ई ससंंज्ञज्ञाानन लििलययेे बििबननाा हहीी उउपपस्स्थ्थााापपनन पपददााध्धििाककााररीी ककेे भ्भा्र्रााममकक पप्र्रतिितववेेददनन ककेे अआाध्धााारर पपरर पप्र्रतिितववेेदििदतत अआारराोेपप ककाोे पप्र्रममााण्णििातत ककररततेे हहुुएए बििबहहाारर ससेेववाा ससंंहििहतताा ककेे नििनययमम--7766 एएववंं बििबहहाारर ससररककााररीी ससेेववकक ((ववगर्गीीककररण्णा,, नििनययंंत्रत्रण्णा एएववंं अअपपीीलल)) नििनययममााववललीी,, 22000055 ककेे ततहहतत ककाारर्रववााइर्ई ककररननेे ककीी अअननुुश्शांंससाा ककीी गगइर्ई,, जजाोे भ्भाववददीीयय ककेे अअध्धििाककाारििरतताा ममेेंं हहस्स्ततक्ष्क्षोेपप पप्र्रततीीतत हहाोेतताा हहैै।। पप्र्रतिितववेेदििदतत अआारराोेपपाोे ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं भ्भाववददीीयय ककाोे नििनम्म्ननववतत अअपििर्पतत ककररननाा हहैै :ः--
11.. कििक ममेेररीी नििनययुुक्क्त्तििा अअननुुककम्म्पपाा ककेे अआाध्धााारर पपरर ककाायर्यााललयय पपरििरचचााररीी ककेे पपदद पपरर दििदननाांंकक--2299..0044..22000066 ककाोे हहुुइर्ई थ्थाीी।। नििनययुुक्क्त्तििा ककेे उउपपरराान्न्तत अआारराोेपप पप्र्रतिितववेेददनन ककीी तिितथ्थििा ततकक ममेेररेे द्वद्वाारराा नििनययमििमतत रूरूपप ससेे अअपपननेे ददाायिियत्त्ववाोेंं ककाा न्नििाष्ष्ठठाापपूूवर्वकक नििनवर्वहह््नन कििकययाा जजाातताा ररहहाा हहैै।।(cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 8 22.. कििक दििदननाांंकक--2222..0022..22001133 ककाोे ममेेरराा ततबबीीययतत अअचचााननकक ख्खाररााबब हहाोे गगइर्ई,, जििजसस ककााररण्णा पपरििरजजननाोेंं द्वद्वाारराा ससममुुचििचतत इर्ईललााजज हहेेततुु बबााहहरर ललेे गगययेे,, पपररन्न्ततुु इइससीी क्रक्रमम ममेेंं स्स्व्वााास्स्थ्थ्यय ममेेंं अअपपेेक्ष्क्षििातत ससुुध्धााारर ननहहीींं हहाोेननेे पपरर ममैैंं ध्धाीीररेे--ध्धाीीररेे अअववससाादद ससेे गग्र्रसििसतत हहाोे गगययाा,, जििजसस ककााररण्णा ममैैंं गगैैरर व्व्ययववहहाारििरकक बबााततेेंं एएववंं व्व्ययव्वाहहाारर अआादििद ककररननेे ललगगाा,, जििजससससेे पपरििरजजनन भ्भाीी पपररेेश्शााानन ररहहननेे ललगगेे।।
33.. कििक ममेेररेे चििचकििकत्त्ससाा अअववध्धििा ममेेंं ममेेररीी पपत्त्ननीी ककेे द्वद्वाारराा ववण्र्णििात्ता ततथ्थ्ययाोेंं ककेे अआाललाोेकक ममेेंं एएकक अअभ्भ्ययााववेेददनन ततत्त्ककााललीीनन अअंंचचलल अअध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय,, ससददरर ककाोे जजुुललााइर्ई 22001133 ममेेंं दििदययाा गगययाा थ्थााा,, जििजससममेेंं ययााचचननाा ककीी गगइर्ई थ्थाीी कििक ममेेररेे पपतिित ककेे पपूूण्र्णा स्स्ववस्स्थ्था हहाोेननेे ककेे उउपपरराान्न्तत ककाायर्यााल्लायय ममेेंं ययाोेगगददाानन ससममपििर्पत्ता कििकययाा जजााययेेगगाा।।
44.. कििक स्स्ववस्स्थ्था हहाोेननेे ककेे उउपपरराान्न्तत ममैैंंननेे ममााहह दििदससम्म्बबरर--22001177 ममेेंं ककाायर्यााल्लायय ममेेंं ययाोेगगददाानन ससममपििर्पत्ता कििकययाा,, पपररन्न्ततुु ककाायर्यााललयय द्वद्वाारराा टटााललममटटाोेलल ककररततेे हहुुएए नन तताोे ममेेररेे ययाोेगगददाानन ककाोे स्स्ववीीककृृतत कििकययाा गगययाा अआौैरर नन हहीी उउपपस्स्थ्थििातिित पपंंजजीी पपरर ममेेरराा ननाामम अअंंकििकतत कििकययाा गगययाा,, जििजसस ककााररण्णा ममैैंं हहााजििजररीी बबननााननेे ससेे ववंंचििचतत ररहहाा।। इइससककेे ववााववजजूूदद भ्भाीी ममैैंं नििनररंंततरर ककाायर्यााललयय जजाातताा ररहहाा त्ताथ्थााा ससममयय--ससममयय पपरर ततत्त्ककााललीीनन अअंंचचललााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ससेे भ्भाीी मििमललककरर अअपपननीी ससममस्स्ययाा ससेे अअववगगतत ककरराातताा ररहहाा,, तताोे उउननककेे द्वद्वाारराा अआाश्श्ववस्स्तत कििकययाा जजाातताा ररहहाा हहैै कििक हहााजििजररीी बबनन जजााययेेगगीी,, घ्घाबबररााननेे ककीी ककाोेइर्ई बबाातत ननहहीींं हहैै।। अअंंचचललााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ककेे अआाश्श्ववााससनन पपरर ममैैंं बििबननाा हहााजििजररीी ककेे हहीी अअपपननाा ककाायर्य ककररतताा ररहहाा,, पपररन्न्ततुु ससममयय--ससममयय पपरर हहााजििजररीी ककेे ससंंददभ्र्भा ममेेंं पप्र्रध्धााानन ससहहााययकक ससेे ममततभ्भोेदद भ्भाीी हहाोे जजाातताा थ्थााा।।
55.. कििक ममेेररेे ककाायर्यााललयय ममेेंं उउपपस्स्थ्थििातत ररहहननेे ककेे क्रक्रमम ममेेंं हहीी ककाायर्यााललयय द्वद्वाारराा चचुुपपचचाापप ततररीीककेे ससेे ममेेररेे वििवरूरूद्धद्ध अआारराोेपप पपत्रत्र गगठििठतत ककरर भ्भाववददीीयय ककाायर्यााललयय ककाोे उउपपललब्ब्ध्धा ककरराा दििदययाा गगययाा।।
66.. कििक ममेेररेे वििवरूरूद्धद्ध अआारराोेपप पपत्रत्र गगठििठतत हहाोेननेे ककीी जजााननककााररीी ककुुछछ दििदननाोेंं ककेे उउपपरराान्न्तत जििजललाा ससेे हहीी पप्र्रााप्प्तत हहुुइर्ई तताोे ममेेररेे द्वद्वाारराा ततत्त्ककााललीीनन अअंंचचललााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ससेे पपृृच्च्छछाा कििकययाा तताोे उउननककेे द्वद्वाारराा बबततााययाा गगययाा कििक ककाोेइर्ई बबाातत ननहहीींं हहैै,, जििजललाा ससेे इइससपपरर जजववााबब अआा जजााएएगगाा तताोे हहााजजररीी भ्भाीी बबनन जजााएएगगीी एएववंं ववेेततननाादििद ककाा भ्भाीी भ्भाुुगगतताानन हहाोे जजााएएगगाा।।
77.. कििक भ्भा्र्रााममकक ततथ्थ्ययाोेंं ककेे अआाध्धााारर पपरर अआारराोेपप पपत्रत्र ककेे गगठििठतत हहाोे जजााननेे ककेे उउपपरराान्न्तत ममैैंं पपुुननःः अअववससाादद ममेेंं जजााननेे ललगगाा,, जििजसस ककााररण्णा ममुुझझेे पपुुननःः अअपपननाा इर्ईललााजज ककररााननाा पपडड़़ाा ततथ्थााा इइससीी क्रक्रमम ममेेंं ककाोेवििवडड--1199 ककेे ससंंददभ्र्भा ममेेंं पप्र्राोेटटाोेककाॉॅलल अआादििद नििनगर्गतत हहाोे जजााननेे ककेे ककााररण्णा ममैैंं अअचचंंललााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ससेे इइसस ससंंंंबबंंध्धा ममेेंं ककाोेइर्ई पपृृच्च्छछाा ननहहीींं कििकययाा अआौैरर नन हहीी ववेेततननाादििद ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं ककाोेइर्ई अअननुुरराोेध्धा कििकययाा।। 88.. कििक ककाोेवििवडड--1199 पप्र्रककाोेपप ककेे ककमम हहाोेननेे ककेे उउपपरराान्न्तत ककाायर्यााललयय ककेे हहीी एएकक ककमर्मीी द्वद्वाारराा बबततााययाा गगययाा कििक उउननककेे द्वद्वाारराा ससममपििर्पतत ययाोेगगददाानन ककाोे फफााडड़़ककरर फफेेंंकक दििदययाा गगययाा हहैै,, ततददाोेपपरराान्न्तत ममेेररेे द्वद्वाारराा पपुुननःः एएकक ययाोेगगददाानन ततत्त्ककााललीीनन अअंंचचललााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ककाोे दििदययाा गगययाा,, जििजससेे उउननककेे द्वद्वाारराा स्स्ववययंं अअपपननेे डडााययररीी ममेेंं ररख्खा लििलययाा गगययाा ततथ्थााा बबततााययाा गगययाा कििक ककाामम ककररततेे ररहहाोे,, जििजललाा ससेे ममंंततव्व्यय पप्र्रााप्प्तत हहाोेननेे ककेे उउपपरराान्न्तत हहााजजररीी बबननववााककरर ववेेततनन ककाा भ्भाुुगगतताानन ककरर दििदययाा जजााएएगगाा।।
99.. कििक ममेेररेे द्वद्वाारराा ददुुबबाारराा ययाोेगगददाानन ससममपििर्पत्ता कििकएए जजााननेे ककेे उउपपरराान्न्तत भ्भाीी ककाोेइर्ई ककाारर्रववााइर्ई ननहहीींं ककीी गगइर्ई तताोे ममेेररेे द्वद्वाारराा इइससककाा वििवरराोेध्धा कििकययाा जजााननेे ललगगाा तताोे ससंंबबध्धाीी ककाायर्यववााहह लििलपििपकक ककेे द्वद्वाारराा बबततााययाा गगययाा कििक उउननककेे पपाासस ययाोेगगददाानन ससंंबबंंध्धाीी ककाोेइर्ई अआाववेेददनन अअंंचचललााध्धििाककााररीी ककेे द्वद्वाारराा ननहहीींं दििदययाा गगययाा हहैै ससााथ्था हहीी उउननककेे द्वद्वाारराा हहीी ययहह बबततााययाा गगययाा कििक पपूूवर्व ममेेंं ससममपििर्पतत ययाोेगगददाानन ककीी छछााययाापप्र्रतिित नििनबबंंध्धििातत डडााकक ससेे पपुुननःः भ्भोेजज ददेे जििजससेे ककाोेइर्ई ननहहीींं फफााडड़़ ससककतताा हहैै,, ततत्त्पपश्श्चचाातत्् ममेेररेे द्वद्वाारराा दििदननाांंकक--2277..0066..22002233 ककाोे नििनबबंंध्धििातत डडााकक ससेे पपूूवर्व ममेेंं ससममपििर्पतत ययाोेगगददाानन अआाववेेददनन ककीी छछााययाापप्र्रतिित अअंंचचललााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय,, ससददरर ककाोे भ्भोेजज दििदययाा।।
1100.. कििक अअंंचचलल ककाायर्यााल्लायय द्वद्वाारराा जजाोे भ्भाीी पपत्रत्रााचचाारर ममुुझझ ससेे कििकययाा गगययाा हहैै ववहह ममााहह जजूूनन,, 22001133 एएववंं जजुुललााइर्ई,,22001133 ममेेंं कििकययाा गगययाा हहैै,, इइससककेे अअतिितरििरक्क्त्ता कििकससीी भ्भाीी स्स्ततरर पपरर ममेेररेे वििवरूरूद्धद्ध ककाोेइर्ई पपत्रत्रााचचाारर ननहहीींं कििकययाा गगययाा हहैै,, जििजससससेे स्स्ववत्ताःः स्स्पपष्ष्टट हहैै कििक ममेेररेे पपत्त्ननीी ककेे द्वद्वाारराा ममेेररेे अअस्स्ववस्स्थ्थ्ययतताा ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं दििदएए गगएए अअभ्भ्ययााववेेददनन ककेे अआाललाोेकक ममेेंं ककाोेइर्ई पपत्रत्रााचचाारर ननहहंींी कििकययाा गगययाा।।
1111.. कििक ययदििद ममैैंं ललम्म्बबेे अअववध्धििा ससेे अअननााध्धििाककृृतत रूरूपप ससेे अअननुुपपस्स्थ्थििातत थ्थााा तताोे ककाायर्यााललयय द्वद्वाारराा ममुुझझेे नििनललंंबििबतत भ्भाीी ननहहीींं कििकययाा गगययाा अआौैरर नन हहीी ववष्र्षा--22001199 ममेेंं ममेेररेे वििवरूरूद्धद्ध गगठििठतत अआारराोेपप पपत्रत्र पपरर ककाोेइर्ई ककाारर्रववााइर्ई ककीी गगइर्ई,, बबल्ल्कििक ममेेररेे द्वद्वाारराा ककाायर्यााल्लायय ममेेंं ययाोेगगददाानन स्स्ववीीककृृतत ककररननेे ककाा ददबबााबब बबननााएए जजााननेे पपरर ववष्र्षा 22002233 ममेेंं पपुुननःः अआारराोेपप पपत्रत्र गगठििठतत कििकययाा गगययाा,, जििजससपपरर पप्र्रस्स्ततुुतत वििवभ्भााागगीीयय ककाायर्यववााहहीी ससंंचचाालििलतत ककीी गगइर्ई।।
1122.. कििक ययदििद ममैैंं ललम्म्बबेे अअववध्धििा ततकक अअननााध्धििाककृृतत अअननुुपपस्स्थ्थििातत थ्थााा तताोे ककाायर्यााललयय ककाोे इइससककीी ससूूचचननाा ससममयय--ससममयय पपरर ममुुझझेे नििनबबंंध्धििातत डडााकक ससेे भ्भोेजजननीी चचााहििहएए थ्थाीी ततथ्थााा अअंंतिितमम अअववससरर ककेे रूरूपप ममेेंं इइससककीी ससूूचचननाा पपेेपपरर पप्र्रककााश्शानन ककेे ममााध्ध्ययमम ससेे पप्र्रककााश्शििातत ककररननीी चचााहििहएए थ्थाीी,, पपररन्न्ततुु उउननककेे द्वद्वाारराा एऐेससाा ननहहीींं कििकययाा गगययाा,, क्क्ययाोेकििक ककाायर्यााल्लायय ककाोे जजााननककााररीी थ्थाीी कििक ममैैंं चििचकििकत्त्ससााररतत्् हहूूँँ ततथ्थााा स्स्व्वास्स्थ्था हहाोेननेे ककेे उउपपरराान्न्तत ककाायर्यााललयय ममेेंं ययाोेगगददाानन ससममपििर्पतत कििकययाा हहैै,, जििजसस ककााररण्णा ककाायर्यााल्लायय द्वद्वाारराा ककाोेइर्ई पपत्रत्रााचचाारर ममुुझझ ससेे ननहहीींं कििकययाा गगययाा।। 1133.. कििक ससंंददभ्र्भििातत ममााममललेे ममेेंं अआाजजततकक ककाायर्यााल्लायय द्वद्वाारराा ममुुझझेे नििनललंंबििबतत ननहहीींं कििकययाा गगययाा हहैै,, ययदििद ममैैंं 1100 ववष्र्षााोे ससेे ककाायर्यााल्लायय ससेे अअननुुपपस्स्थ्थििातत हहूूँँ तताोे ककाायर्यााल्लायय द्वद्वाारराा वििवनििनदििर्दष्ष्टट अअववध्धििा ककेे उउपपरराान्न्तत ममुुझझेे नििनललंंबििबतत ककरर ददेेननाा चचााहििहएए थ्थााा,, पपररन्न्ततुु अअद्यद्यततनन ममुुझझेे नििनललंंबििबतत ननहहीींं कििकययाा गगययाा हहैै।।
स्स्पपष्ष्टटततःः ममैैंं ललगगभ्भागग 1100 ववष्र्षा ततकक ककाायर्यााल्लायय ससेे अअननुुपपस्स्थ्थििातत ननहहीींं थ्थााा,, बबल्ल्कििक ममैैंं स्स्ववययंं ककीी अअस्स्ववस्स्थ्थ्ययतताा एएववंं पपाारििरववाारििरकक ककााररण्णााोेंं ससेे स्स्व्वााास्स्थ्थ्यय ललााभ्भा हहेेततुु ललगगभ्भागग 0033--0044 ववष्र्षााोे ककेे लििलएए घ्घारर ससेे अअन्न्ययत्रत्र चचललाा गगययाा थ्थााा,, जििजससककीी ससूूचचननाा ममेेररीी पपत्त्ननीी ककेे द्वद्वाारराा ततत्त्ककााललीीनन अअंंचचललााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय,, ससददरर ककाोे पपाारििरववाारििरकक ससददस्स्ययाोेंं ककेे ममााध्ध्ययमम ससेे जजुुललााइर्ई,, 22001133 ममेेंं भ्भििाजजववाा ददीी थ्थाीी ततथ्थााा ययाोेगगददाानन ससममपििर्पत्ता कििकएए जजााननेे ककेे उउपपरराान्न्तत ककाायर्यााल्लायय ककेे टटाालल--ममटटाोेलल ककररननेे ककेे ककााररण्णा ययाोेगगददाानन ससममपििर्पत्ता ननहहीींं हहाोेननेे एएववंं ककाोेवििवडड पप्र्राोेटटाोेककाॉॅलल ककेे पप्र्रभ्भाााववीी हहाोे जजााननेे ककेे ककााररण्णा अअतिितरििरक्क्त्ता ससममयय व्व्ययततीीतत हहुुअआा हहैै,, इइससलििलएए उउक्क्त्ता अअववध्धििा ककाोे अअननााध्धििाककृृतत अअननुुपपस्स्थ्थििातिित ननहहीींं ममााननाा जजाा ससककतताा हहैै।। जजहहााँँ ततकक ककाायर्यााल्लायय द्वद्वाारराा पप्र्रेेष्षििातत पपत्रत्र ककाोे ममेेररेे द्वद्वाारराा पप्र्रााप्प्तत ननहहीींं ककररननेे ककाा पप्र्रश्श्नन हहैै तताोे इइसस ससबबंंध्धा ममेेंं भ्भाववददीीयय ककाोे स्स्पपष्ष्टट ककररननाा हहैै कििक ममैैंं उउक्क्त्ता अअववध्धििा ममेेंं स्स्ववाास्स्थ्थ्यय ललााभ्भा एएववंं चििचकििकत्त्ससाा हहेेततुु अअन्न्ययत्रत्र चचललाा गगययाा थ्थााा,, जििजसस ककााररण्णा उउक्क्त्ता पपत्रत्र ककाोे ममेेररेे द्वद्वाारराा पप्र्रााप्प्तत ननहहीींं कििकययाा जजाा ससककाा।।9 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 भ्भाववददीीयय नििनददेेश्शा पपरर ससंंचचाालििलतत वििवभ्भााागगीीयय ककाायर्यववााहहीी ममेेंं ममैैंंननेे उउपपस्स्थ्थििातत हहाोेककरर ससभ्भाीी ततथ्थ्यय//ससााक्ष्क्ष्यय ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ककाोे ससममपििर्पत्ता कििकययाा,, पपररन्न्ततुु ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ननेे ममेेररेे द्वद्वाारराा ससममपििर्पत्ता ततथ्थ्ययाोेंं पपरर बििबननाा ककाोेइर्ई वििवचचाारर कििकएए हहीी ससााममाान्न्यय अअननुुक्रक्रमम ममेेंं उउपपस्स्थ्थााापपनन पपददााध्धििाककााररीी ककेे ततथ्थ्ययाोेंं ककाोे हहीी अअपपननेे श्शाब्ब्ददाोेंं ममेेंं अअभ्भििाललेेख्खििातत ककररततेे हहुुएए बििबननाा कििकससीी वििवववेेचचननाा ककेे हहीी पप्र्रतिितववेेदििदतत अआारराोेपप ककाोे पप्र्रममााण्णििातत ममाानन लििलययाा गगययाा हहैै ततथ्थााा बबहहााददुुररपपुुरर थ्थाााननाा ककााण्ण्डड ससंं00--7755//22001133 ममेेंं अआारराोेपििपतत हहाोेननेे ककेे ककााररण्णा बििबहहाारर ससेेववाा ससंंहििहतताा ककेे नििनययमम--7766 एएववंं बििबहहाारर ससररककााररीी ससेेववकक ((ववगर्गीीककररण्णा,, नििनययंंत्रत्रण्णा एएववंं अअपपीीलल)) नििनययममााववललीी,, 22000055 ककेे ततहहतत ककाारर्रववााइर्ई ककररननेे ककीी अअननुुश्शांंससाा ककीी गगइर्ई,, जजबबकििक बबहहााददुुररपपुुरर थ्थाााननाा ककााण्ण्डड ससंं00--7755//22001133 ससेे नन तताोे ममेेरराा ककाोेइर्ई ससरराोेककाारर हहैै अआौै नन हहीी ममैैंं उउक्क्त्ता ककााण्ण्डड ममेेंं अअभ्भ्ययुुक्क्त्ता हहूूँँ।।
पप्र्रस्स्ततुुतत ममााममललेे ममेेंं उउपपस्स्थ्थााापपनन पपददााध्धििाककााररीी ककेे द्वद्वाारराा जजाोे ततथ्थ्यय ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ककाोे उउपपललब्ब्ध्धा ककररााययाा गगययाा हहैै उउससससेे स्स्प्पाष्ष्टट हहाोेतताा हहैै कििक उउपपस्स्थ्थााापपनन पपददााध्धििाककााररीी ककेे द्वद्वाारराा वििवश्शोेष्षा अअभ्भििारूरूचचीी ललेेततेे हहुुएए ततथ्थ्ययाोेंं ससेे पपृृथ्थाकक जजााककरर ममेेररेे वििवरूरूद्धद्ध अअपपुुष्ष्टट जजााननककााररीी इइककठठ््ठठाा ककरर ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय ककाोे पप्र्रतिितववेेदििदतत कििकययाा हहैै,, जजबबकििक उउपपस्स्थ्थााापपनन पपददााध्धििाककााररीी ककाा ददाायिियत्त्वव अआारराोेप्पििातत ककमर्मीी ककेे द्वद्वाारराा ममाांंगग कििकएए जजााननेे ववााललेे ततथ्थ्ययाोेंं ककाोे उउपपललब्ब्ध्धा ककररााननाा हहैै नन कििक पप्र्रतिितववेेदििदतत अआारराोेपपाोेंं ससेे पपृृथ्थाकक जजााककरर भ्भा्र्रााममकक पप्र्रतिितववेेददनन ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ककाोे ससममपििर्पतत ककरर ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी ककाोे दििदग्ग्भ्भा्र्रमििमतत ककररननाा हहैै।।
पप्र्रस्स्ततुुतत ममााममललेे ममेेंं ककतिितपपयय अअववध्धििा ककेे लििलएए ककाायर्यााल्लायय ससेे अअननुुपपस्स्थ्थििातत ररहहननाा जजााननबबूूझझककरर ननहहीींं कििकययाा गगययाा हहैै,, बबल्ल्कििक पपरििरस्स्थ्थििातिितजजनन ककााररण्णााोेंं ककेे ककााररण्णा एऐेससाा हहुुअआा हहैै।। भ्भाववददीीयय ककाोे एऐेससाा पप्र्रततीीतत हहाोेतताा हहैै कििक ममेेररेे द्वद्वाारराा ककाोेइर्ई ललाापपररववााहहीी अअथ्थाववाा स्स्ववेेच्च्छछााचचाारििरतताा बबररततीी गगइर्ई हहैै तताोे ममैै इइससककेे लििलएए क्ष्क्षाममाा पप्र्रााथ्र्थाीी हहूूँँ ततथ्थााा भ्भाववददीीयय ककाोे वििवश्श्ववाासस दििदललाातताा हहूूँँ कििक इइससककीी पपुुननररााववृृत्त्त्तििा भ्भावििवष्ष्यय ममेेंं ननहहीींं हहाोेगगीी।।
अअततःः भ्भाववददीीयय ससेे वििवननमम्र्र अअननुुरराोेध्धा हहैै कििक उउपपरराोेक्क्त्ता ववण्र्णििातत ततथ्थ्ययाोेंं पपरर ससहहााननुुभ्भाूूतिित पपूूवर्वकक वििवचचाारर ककररततेे हहुुएए ममुुझझेे पप्र्रतिितववेेदििदतत अआारराोेपप ससेे ममुुक्क्त्ता ककररततेे हहुुएए पपददस्स्थ्थााापििपतत ककाायर्यााल्लायय ममेेंं ययाोेगगददाानन स्स्ववीीककृृतत ककररननेे ततथ्थााा अअववककााश्शा पपरर बििबततााइर्ई गगइर्ई अअववध्धििा ककाा अअससााध्धाााररण्णा अअववककााश्शा स्स्व्वाीीककृृतत ककररननेे हहेेततुु अअंंचचललााध्धििाककााररीी ममहहाोेददयय,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककाोे नििनददेेश्शििातत ककररननेे ककीी ककृृपपाा ककीी जजाायय।। इइसस अअससीीमम ककृृपपाा हहेेततुु ममैैंं भ्भाववददीीयय ककाा ससददाा अआाभ्भाााररीी ररहहूूँँगगाा।।''''
उउक्क्त्ता द्वििद्वततीीयय ककााररण्णापपृृच्च्छछाा ममेेंं पप्र्रतिितववेेदििदतत अआारराोेपप ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं अआारराोेपपीी ककमर्मीी द्वद्वाारराा अअपपननेे बबचचाावव ममेेंं ककाोेइर्ई भ्भाीी एऐेससाा ससााक्ष्क्ष्यय ननहहीींं दििदययाा गगययाा,, जििजससससेे ससंंचचााललनन पपददााध्धििाककााररीी द्वद्वाारराा ससंंचचााललनन पप्र्रतिितववेेददनन ममेेंं ससहहीी पपााययेे गगययेे अआारराोेपप ककाोे ख्खांंडििडतत कििकययाा जजाा ससककेे।। ववण्र्णििात्ता ककररननाा हहैै कििक,, बििबहहाारर ससेेववाा ससंंहििहतताा ककेे नििनययमम--7766 ममेेंं अअंंकििकतत हहैै कििक'''' जजबबततकक कििक कििकससीी ममााममललेे ककीी ख्खााासस पपरििरस्स्थ्थििातिितययाोेंं ककाोे ददेेख्खाततेे हहुुएए,, ररााज्ज्यय ससररककाारर अअन्न्ययथ्थााा नििनध्र्धााारििरतत नन ककररेेंं,, ससररककााररीी ससेेववकक,, भ्भाााररतत ममेेंं बबााह्यह्य--ससेेववाा ककाोे छछाोेडड़़ककरर अअन्न्ययत्रत्र छछुुटट््टटीी ककेे ससााथ्था ययाा बििबननाा छछुुटट््टटीी ककेे,, ककत्त्र्त्ताव्व्यय ससेे पपााँँचच ववष्र्षा ततकक ललगगाातताारर अअननुुपपस्स्थ्थििातिित ककेे बबाादद,, ससररककााररीी -- नििनययाोेजजनन ममेेंं ननहहीींं ररहह जजाातताा हहैै ((कक)) कििकससीी भ्भाीी ससररककााररीी ससेेववकक ककाोे पपााँँचच ववष्र्षा ससेे अअध्धििाकक ककेे लििलएए कििकससीी पप्र्रककाारर ककीी छछुुटट््टटीी स्स्व्वाीीककृृतत ननहहीींं ककीी जजााययेेगगीी।।
--ःःनििनण्र्णाययजज वििवध्धििाःः--
[[पपााँँचच ववष्र्षा ययाा अअध्धििाकक ककीी अअननुुपपस्स्थ्थििातिित ककेे अआाध्धााारर पपरर ससररककााररीी ससेेववकक ककीी ससेेववाा ककीी स्स्व्वाततःः ससममााप्प्तिित ककाा पप्र्रााववध्धााानन अअववैैध्धा हहैै--वििवभ्भााागगीीयय ककाायर्यववााहहीी अआाववश्श्ययकक हहैै।। ररााममााननन्न्दद सििसंंहह बबननाामम बििबहहाारर ससररककाारर,, 11999911 ((22)) पपीी00एएलल00जजेे00अआारर00 119988 ।।
वििवभ्भााागगीीयय ककाायर्यववााहहीी कििकययेे बििबननाा ससेेववाा ककीी स्स्ववततःः ससममााप्प्तिित ननहहीींं हहाोे ससककततीी।। ममाोे00 ससललीीमम बबननाामम बििबहहाारर ससररककाारर,, 11999999 ((11)) पपीी00एएलल00जजेे00अआारर00 222299 ।।]] ''''
अअततःः उउपपरराोेक्क्त्ता पप्र्रममााण्णििातत अआारराोेपप ककेे अआाललाोेकक ममेेंं बििबहहाारर ससररककााररीी ससेेववकक ((ववगर्गीीककररण्णा,, नििनययंंत्रत्रण्णा एएववंं अअपपीीलल)) नििनययममााववललीी,, 22000055 ककेे भ्भााागग-vनििनययमम--1144 ककेे ककंंडििडककाा-xiममेेंं नििनहििहतत पप्र्रााववध्धाााननााननुुससाारर ममैैंं ररााजजीीवव रराौैश्शानन,, भ्भााा00पप्र्र00ससेे00,, जििजललाा ददण्ण्डडााध्धििाककााररीी --ससहह-- ससममााहहत्त्र्त्तााा,, ददररभ्भांंगगाा ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह,, नििनललंंबििबतत ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी,, अअंंचचलल ककाायर्यााल्लायय,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ककाोे अआाददेेश्शा नििनगर्गममनन ककीी तिितथ्थििा ससेे''''ससेेववाा ससेे बबख्र्खााास्स्ततगगीी ''''((जजाोे ससााममाान्न्ययततययाा ससररककाारर ककेे अअध्धाीीनन भ्भावििवष्ष्यय ममेेंं नििनययाोेजजनन ककेे लििलययेे नििनरर्रहहतताा हहाोेगगीी)) ककाा ददण्ण्डड अअध्धििारराोेपििपतत ककररतताा हहूूँँ।।
इइसस अआाश्शायय ककीी पप्र्रवििवष्ष्टििट ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह ककेे ससेेववाापपुुस्स्तत ममेेंं ललाालल स्स्ययााहहीी ससेे अअंंकििकतत ककीी जजााययेेगगीी।। ससााथ्था हहीी वििवभ्भााागगीीयय ककाारर्रववााइर्ई ककीी पप्र्रक्रििक्रययाा ससममााप्प्तत ककीी जजााततीी हहैै।।
ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह,, नििनललंंबििबतत ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी,, अअंंचचलल ककाायर्यााल्लायय,, ससददरर ददररभ्भांंगगाा ससेे ससंंबबंंध्धििातत वििवववररण्णा नििनम्म्नन पप्र्रककाारर हहैै :ः--
((11)) ननाामम ःः-- ममाोे00 श्शाााहहननववााजज अअललीी श्शाााहह ((22)) पििपतताा ःः-- स्स्वव00 अअब्ब्ददुुलल जजब्ब्बबाारर ((33)) पपददननाामम ःः-- ककाायर्यााल्लायय पपरििरचचााररीी ((44)) जजन्न्ममतिितथ्थििा ःः-- 2299..1111..11998844 ((55)) नििनययुुक्क्त्तििा ककीी तिितथ्थििा ःः-- 2299..0044..22000066 ((66)) ववेेततननममाानन ःः-- 55220000--2200220000 गग्र्रेेडड पपेे--11880000 ((77)) स्स्थ्थाााययीी पपतताा ःः-- गग्र्राामम-- पपुुररख्खााोेपपट्टट्टीी,, पपाोे00--ललहहेेरििरययााससरराायय,, पप्र्रख्खाण्ण्डड थ्थाााननाा-- बबहहााददुुररपपुुरर,, जििजललाा-- ददररभ्भांंगगाा।।
इइससककीी ससूूचचननाा ससभ्भाीी ससंंबबंंध्धििातताोे ककाोे ददीी जजाायय।।
अआाददेेश्शा ससेे,, ((हह00)) अअस्स्पपष्ष्टट,, जििजललाा ददण्ण्डडााध्धििाककााररीी --ससहह--ससममााहहत्त्र्त्तााा,, ददररभ्भांंगगाा।।(cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 10 शिक्षा विभाग ------ अधिसूचना 15 जनवरी 2025 सं0 15/एम 1-06/2017-225--बिहार राज्य के पटना जिलान्तर्गत दीघा घाट, पटना में निजी क्षेत्र में जेवियर विश्वविद्यालय, दीघा घाट, पटना की स्थापना हेतु प्रायोजक निकाय जेवियर टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट, दीघा घाट, पटना से प्राप्त प्रस्ताव/परियोजना प्रतिवेदन की बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 की धारा 4 के अधीन मूल्यांकन / समीक्षोपरांत एवं राज्य सरकार के स्तर से विश्वविद्यालय स्थापना हेतु निर्गत किए गए आशय पत्र में निहित शर्तों के अनुंपालन की सम्यक् जाँचोपरांत् बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 की धारा 6 के तहत् जेवियर टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीच्यूट, दीघा घाट, पटना को बिहार राज्य के पटना जिलान्तर्गत निजी क्षेत्र में जेवियर विश्वविद्यालय, दीघा घाट, पटना के नाम से विश्वविद्यालय की स्थापना एवं इसके कार्य संचालन की अनुमति प्रदान की जाती है। इस विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। यह विश्वविद्यालय जेवियर विश्वविद्यालय, दीघा घाट, पटना के नाम से निगमित निकाय होगा और इसका शाश्वत उत्तराधिकार एवं समान्य मुहर (सील) होगी। इसे चल और अचल दोनो प्रकार की संपत्ति अर्जित करने तथा धारण करने और संविदा करने की शक्ति होगी तथा यह उक्त नाम से वाद ला सकेगा एवं इसपर वाद चलाया जा सकेगा। यह विश्वविद्यालय स्ववित्त पोषित होगा और राज्य सरकार से किसी तरह के अनुदान अथवा आर्थिक सहायता प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा। इस विश्वविद्यालय का संचालन पूर्णतः बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 में प्रावधानों का अनुपालन करते हुए किया जाएगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अमित कुमार पुष्पक, उप-सचिव।
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कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
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अधिसूचनाएं
20 जनवरी 2025
सं0 1/प्रो.1-01/2023-100--श्री सुधीर कुमार यादव, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, चन्द्रशेखर सिंह संग्रहालय, जमुई को अपने कार्यों के अतिरिक्त गया संग्रहालय, गया, नारद संग्रहालय, नवादा एवं बिहारशरीफ संग्रहालय, बिहारशरीफ का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है।
2. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
3. प्रस्ताव पर माननीय (उप मुख्य) मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से,
स्मिता कुमारी, अवर सचिव।
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18 दिसम्बर 2024
सं0 1/प्रो.1-01/2023/243--श्री सुधीर कुमार यादव, सहायक संग्रहालयाध्यक्ष, चन्द्रशेखर सिंह संग्रहालय, जमुई को अपने कार्यों के अतिरिक्त बेगूसराय संग्रहालय, बेगूसराय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है।
2. प्रस्ताव पर माननीय (उप मुख्य) मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से,
सुशान्त कुमार, अवर सचिव।11 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
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प्रभार रिपोर्ट
1 जनवरी 2025
सं0 02--अधोहस्ताक्षरी मैं, सीमा त्रिपाठी, भा॰प्र॰से॰ (बी.एच.2009), विशेष सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार पटना ने आज दिनांक 01.01.2025 के पूर्वा॰ में सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-20047 दिनांक-13.12.2024 एवं अधिसूचना संख्या-30 दिनांक 01.01.2025 के आलोक में सचिव स्तर का (अधिसमय वेतनमान में) प्रभार स्वतः ग्रहण किया।
(सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-20047 दिनांक-13.12.2024 एवं अधिसूचना संख्या-30 दिनांक 01.01.2025 द्रष्टव्य)।
(सीमा त्रिपाठी) भारग्रही पदाधिकारी। आदेश से, सुरेन्द्र कुमार चौधरी, अवर सचिव।
------ कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ------ अधिसूचनाएं 9 दिसम्बर 2024
सं0 1/प्रति. 5-01/2019/230--श्रीमती रचना पाटिल, भा॰प्र॰से॰, निदेशक, संग्रहालय, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त कार्यहित में अगले आदेश तक के लिए निदेशक, पुरातत्व, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना के पद का प्रभार सौंपा जाता है।
2. प्रस्ताव पर माननीय (उप मुख्य) मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सुशांत कुमार, अवर सचिव।
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20 दिसम्बर 2024
सं01/नियु.1-01/2019/1960--श्री फहद सिद्दिकी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण को सहायक सचिव, बिहार संगीत नाटक अकादमी, पटना के प्रभार से मुक्त करते हुए उन्हें सांस्कृतिक कार्य निदेशालय (मुख्यालय) में प्रतिनियुक्त किया जाता है।
2. सुश्री कीर्ति आलोक, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त सहायक सचिव, बिहार संगीत नाटक अकादमी, पटना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है। 3. पूर्व के आदेश इस हद तक संशोधित समझा जाय। 4. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सुशांत कुमार, अवर सचिव।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचनाएं (संशोधित)
10 जनवरी 2025
सं0 कौन/भी-144/2023-20/सी0--श्री बलराम प्रसाद, तत्कालीन राज्य कर उपायुक्त, सिवान अंचल, सिवान सम्प्रति राज्य कर उपायुक्त, पूर्णियाँ प्रमण्डल, वसूली कोषांग, पूर्णियाँ के द्वारा दिनांक-23.12.2023 को सिवान अंचल में बिना पूर्वानुमति के वाहन निरीक्षण कार्य करने एवं निरीक्षण के उपरांत वाहन संख्या-BR01GF-5411 पर लदे माल के विरूद्ध परिवहन के समय वांछित कागजात नहीं होने के बावजूद बिना किसी कार्रवाई के वाहन को छोड़ देने के उनके कृत्य को12 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा-68, धारा-129 एवं नियम-138(बी) का उल्लंघन तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1)(i)(ii)(iii) के प्रतिकूल पाते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-390 दिनांक-28.12.2023 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के भाग- IV के नियम-9(i)(क) के तहत् निलंबित किया गया।
निलंबन के उपरांत उक्त आरोप के लिए उनसे विभागीय पत्रांक-69/सी दिनांक- 13.03.2024 द्वारा बचाव अभिकथन की मांग की गयी। श्री प्रसाद से प्राप्त बचाव अभिकथन के समीक्षोपरांत इसे स्वीकार योग्य नहीं पाते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-230/सी दिनांक- 26.07.2024 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 मे निहित प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
श्री बलराम प्रसाद, तत्कालीन राज्य कर उपायुक्त, सिवान अंचल, सिवान (निलंबित) को अधिसूचना ज्ञापांक-232/सी दिनांक-26.07.2024 द्वारा निलंबन से मुक्त कर दिया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में श्री बलराम प्रसाद, राज्य कर उपायुक्त के विरूद्ध गठित आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षोपरांत इससे सहमत होते हुए श्री बलराम प्रसाद, तत्कालीन राज्य कर उपायुक्त, सिवान अंचल, सिवान सम्प्रति राज्य कर उपायुक्त, पूर्णियाँ प्रमण्डल, वसूली कोषांग, पूर्णियाँ को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री बलराम प्रसाद, तत्कालीन राज्य कर उपायुक्त, सिवान अंचल, सिवान सम्प्रति राज्य कर उपायुक्त, पूर्णियाँ प्रमण्डल, वसूली कोषांग, पूर्णियाँ को आरोप मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संकल्प ज्ञापांक-230/सी दिनांक-26.07.2024 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार, संयुक्त सचिव।
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10 जनवरी 2025
सं0 कौन/भी-144/2023-21/सी0--श्री अरूण नाथ, तत्कालीन राज्य कर सहायक आयुक्त, सिवान अंचल, सिवान सम्प्रति राज्य कर सहायक आयुक्त, भागलपुर प्रमण्डल(अंकेक्षण), भागलपुर के द्वारा दिनांक-23.12.2023 को सिवान अंचल में बिना पूर्वानुमति के वाहन निरीक्षण कार्य करने एवं निरीक्षण के उपरांत वाहन संख्या-BR01GF-5411 पर लदे माल के विरूद्ध परिवहन के समय वांछित कागजात नहीं होने के बावजूद बिना किसी कार्रवाई के वाहन को छोड़ देने के उनके कृत्य को बिहार माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा-68, धारा-129 एवं नियम-138(बी) का उल्लंघन तथा बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1)(i)(ii)(iii) के प्रतिकूल पाते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-391 दिनांक-28.12.2023 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के भाग-IV के नियम-9(i)(क) के तहत निलंबित किया गया।
निलंबन के उपरांत उक्त आरोप के लिए उनसे विभागीय पत्रांक-68/सी दिनांक- 13.03.2024 द्वारा बचाव अभिकथन की मांग की गयी। श्री नाथ से प्राप्त बचाव अभिकथन के समीक्षोपरांत इसे स्वीकार योग्य नहीं पाते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-231/सी दिनांक- 26.07.2024 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 मे निहित प्रावधानों के तहत् विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
श्री अरूण नाथ, तत्कालीन राज्य कर सहायक आयुक्त, सिवान अंचल, सिवान (निलंबित) को अधिसूचना ज्ञापांक-233/सी दिनांक-26.07.2024 द्वारा निलंबन से मुक्त कर दिया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में श्री अरूण नाथ, राज्य कर सहायक आयुक्त के विरूद्ध गठित आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षोपरांत इससे सहमत होते हुए श्री अरूण नाथ, तत्कालीन राज्य कर सहायक आयुक्त, सिवान अंचल, सिवान सम्प्रति राज्य कर सहायक आयुक्त, भागलपुर प्रमण्डल(अंकेक्षण), भागलपुर को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री अरूण नाथ, तत्कालीन राज्य कर सहायक आयुक्त, सिवान अंचल, सिवान सम्प्रति राज्य कर सहायक आयुक्त, भागलपुर प्रमण्डल(अंकेक्षण), भागलपुर को आरोप मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संकल्प ज्ञापांक-231/सी दिनांक- 26.07.2024 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार, संयुक्त सचिव।13 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025
वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचनाएं
27 दिसम्बर 2024
सं0 कौन/भी-111/2007-432/जी--डॉ0 बी0 के0 मिश्रा, सचिव, प्रज्ञा भारती (एन0जी0ओ0), शिवगंज, आरा द्वारा निगरानी विभाग, बिहार, पटना को परिवाद पत्र दिया गया। जिसके आलोक में निगरानी विभाग के गठित धावादल द्वारा श्री अनिल कुमार, तत्कालीन वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, शाहाबाद अंचल, आरा को दिनांक-31.03.2007 को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया एवं इनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-044/2007 दिनांक-31.03.2007 दर्ज किया गया। उक्त आरोप में श्री अनिल कुमार को विभागीय अधिसूचना सं0-165 दिनांक-18.04.2007 द्वारा दिनांक-31.03.2007 के भूतलक्षी प्रभाव से निलंबित किया गया।
निगरानी विभाग द्वारा अभियोजन की स्वीकृति हेतु किये गये अनुरोध के आलोक में विधि विभाग से अभियोजन की मांग की गयी। विधि विभाग द्वारा आदेश सं0-एस0पी0/नि0/25/2007/2988/जे0 दिनांक-02.07.2007 के माध्यम से अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गयी।
तत्पश्चात् आरोप पत्र गठित करते हुये बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 में निहित प्रावधानानुसार द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया एव प्रपत्र 'क' गठित करते हुए विभागीय संकल्प सं0-197/सी दिनांक-28.05.2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी।
विभागीय कार्यवाही समाप्त होने के पूर्व ही श्री कुमार दिनांक-31.01.2014 को सेवानिवृत हो गये। इसके कारण श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही अधिसूचना संख्या-35/सी दिनांक-21.02.2014 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43(बी) में सम्परिवर्तित किया गया।
उल्लेखनीय है कि श्री कुमार के सेवानिवृति के उपरान्त प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री कुमार के विरूद्ध गठित तीन आरोपों में से दो आरोप यथा आरोप सं0-1 (रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने से संबंधित) एवं आरोप संख्या-2 (उचित शास्ति अधिरोपित नहीं करने एवं अधिरोपित शास्ति को सरकारी खजाने में जमा नहीं करने से संबंधित) को संचालन पदाधिकारी द्वारा पूर्णतः प्रमाणित बताया गया।
संचालन पदाधिकारी से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरान्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुये श्री कुमार से पत्रांक-194/सी दिनांक-24.09.2015 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर में श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण में पूर्व के स्पष्टीकरण से भिन्न कोई दूसरा तथ्य नहीं पाया गया जिसके कारण श्री कुमार के स्पष्टीकरण से असहमत होते हुये पूर्ण पेंशन की राशि, देय उपादान की राशि, अव्यवहृत अवकाश नकदीकरण की राशि आदि को रोके जाने का निर्णय सक्षम प्राधिकार द्वारा लिया गया।
सक्षम प्राधिकार से प्राप्त आदेश के अनुपालन में विभागीय अधिसूचना सं0-250/सी दिनांक-22.07.2016 द्वारा श्री अनिल कुमार, सेवानिवृत वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त को निम्नांकित दंड संसूचित किया गया :-
(i) सेवानिवृत्ति के पश्चात् भुगतेय पेंशन राशि को पूर्ण रूप से रोका जाता हैं। (ii) देय उपादान की राशि को पूर्ण रूप से रोका जाता है। (iii) सेवानिवृत्ति की तिथि तक देय अव्यवहृत अवकाश नकदीकरण की स्वीकृति को पूर्ण रूप से रोका जाता है। (iv) निलंबन अवधि का विनियमन के लिए निलंबन अवधि दिनांक-31.03.07 से दिनांक-31.07.2011 तक में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। ध्यातव्य है कि विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में श्री अनिल कुमार द्वारा संचालन पदाधिकारी से कतिपय कागजातों की मांग की गयी। मांगे गये कागजात निगरानी विभाग से संबंधित होने के कारण इनकी मांग विभागीय पत्रांक-45/सी दिनांक-02.02.2010 के द्वारा निगरानी विभाग से की गयी। कई स्मार के बाद निगरानी विभाग द्वारा सूचित किया गया कि श्री अनिल कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में ब्यूरो वही कागजात इन्हें उपलब्ध करायेगी जिस बिन्दुओं पर इनके विरूद्ध आरोप का गठन किया गया है। इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही सं0-27/08 में इनके द्वारा मांगे गये कागजात इनके विरूद्ध दर्ज अपराधिक कांड से संबंधित है, जो न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अन्तर्गत आते हैं, अतः ब्यूरो द्वारा इन्हें प्रदान करना संभव नहीं है। निगरानी विभाग द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि श्री कुमार के विरूद्ध विशेष न्यायालय, निगरानी में भी धारा 207 Cr.P.C. के अन्तर्गत कागजात दिनांक-14.12.2007 को प्रदान करने हेतु ब्यूरो द्वारा भेजे जा चुके हैं जहां उपस्थित होकर उन्हें उक्त कागजात प्राप्त करने थे। ज्ञातव्य है कि आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध चलने वाली विभागीय कार्यवाही न्यायिक वाद से पृथक प्रक्रिया है। अतः न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण करना ब्यूरो के लिए सम्भव नहीं है। उक्त आशय की सूचना श्री अनिल कुमार को विभागीय पत्रांक-181/सी दिनांक-08.07. 2010 द्वारा दे दी गयी।
उल्लेखनीय है कि वांछित कागजात उपलब्ध नहीं कराने के बिन्दु को आधार बनाते हुए श्री अनिल कुमार के द्वारा विभागीय अधिसूचना सं0-250/सी दिनांक-22.07.2016 के विरूद्ध माननीय पटना उच्च न्यायालय में सी0डब्ल्यू0जे0सी0 सं0-19030/2016 दायर किया गया।14 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 सी0डब्ल्यू0जे0सी0 सं0-19030/2016 में माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-28.02.2019 को पारित न्याय निर्णय के अनुपालन में (1) विभागीय अधिसूचना संख्या-250/सी दिनांक-22.07.2016 द्वारा दिये गये दण्ड को अधिसूचना संख्या-166/सी दिनांक-07.06.2019 द्वारा निरस्त कर दिया गया। (2) विभागीय पत्रांक-1837 दिनांक-27.06.2019 द्वारा Current Pension चालू करने की स्वीकृति प्रदान की गयी एवं वस्तुस्थिति से निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, निगरानी विभाग को अवगत कराते हुए वांछित सभी कागजातों/अभिलेखों की मांग विभागीय पत्रांक-120/सी (अनु0) दिनांक-03.04.2019 द्वारा की गयी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, निगरानी विभाग से वांछित कागजात प्राप्त होते ही श्री कुमार को उपलब्ध कराते हुए उनके विरूद्ध विभागीय अधिसूचना सं0-224/सी दिनांक-05.08.2019 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम 43(बी) में निहित प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी।
उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही के विरूद्ध श्री कुमार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या-4671/2022 दायर किया गया जिसमें दिनांक-06.08.2024 को न्याय निर्णय पारित किया गया है, जिसका प्रभावी अंश निम्नवत् है :-
• Learned Advocate on behalf of the respondents, on the other hand, refers to the statement made by him in paragraphs 5, 6, 7 and 8 of the original counter affidavit wherein it is submitted on behalf of the respondents that initially, the respondents filed counter affidavit on 18th July, 2022 but it was misplaced from the office of the Standing Counsel 11 and with the permission of the Court, by way of a supplementary counter affidavit, the original counter affidavit has been filed. I have perused the entire counter affidavit as well as the supplementary affidavit. Before initiation of the departmental proceeding under Rule 43(b), the disciplinary authority did not consider the proviso to Rule 43(b), no government's sanction was obtained before initiation of disciplinary proceeding. The proceeding under Rule 43(b) was initiated after a lapse of about twelve years of the alleged incident, no witness was cited to prove the departmental charge and the departmental proceeding was being continued by the respondents only to assure that the delinquent officer may not get his retiral benefits.
• In view of the above discussion and the finding of the Hon'ble Supreme Court as well as this Court by the Division Bench, Full Bench and the present Bench, there is no other alternative but to quash the departmental proceeding initiated de novo against the petitioner on 14th June, 2019.
• Accordingly, the departmental proceeding against the petitioner is quashed and set aside. • The petitioner is entitled to get all pensionary benefits and consequential reliefs. • The respondents are directed to release the same within forty-five days from the date of this order.
• However, there shall be no order as to costs.
माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित उक्त आदेश के अनुपालन हेतु विचार के क्रम में पाया गया कि वर्त्तमान में श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित रहने एवं निगरानी थाना कांड 44/2007 लंबित है। ऐसी स्थिति में उक्त मामले में एल0पी0ए0 दायर किये जाने के बिन्दु पर विधि विभाग के माध्यम से विद्वान महाधिवक्ता बिहार, पटना का परामर्श प्राप्त किया गया जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध एल0पी0ए0 दायर किये जाने के बिन्दु पर असहमति व्यक्त की गयी। फलस्वरूप श्री कुमार के सेवान्त लाभों के भुगतान के बिन्दु पर सामान्य प्रशासन विभाग एवं वित्त विभाग का परामर्श प्राप्त करते हुए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की अधिसूचना संख्या-1093 दिनांक-20.11.2018 के आलोक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के विचारार्थ मामले को प्रस्तुत किया गया।
दिनांक-27.11.2024 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा सम्यक् विचारोपरांत प्रस्तुत मामले को पूर्वोदाहरण नहीं मानने की शर्त पर श्री अनिल कुमार, सेवानिवृत वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को निरस्त करने एवं तदनुसार परिणामी लाभ प्रदान किये जाने की अनुशंसा की गयी।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा के आलोक में श्री अनिल कुमार, सेवानिवृत वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित संकल्प ज्ञापांक-224/सी दिनांक-05.08.2019 को निरस्त किया जाता है एवं उनके सेवान्त लाभों के भुगतान का निर्णय लिया जाता है।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार राज्यपाल के आदेश से, कृष्ण कुमार, संयुक्त सचिव।15 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025
27 दिसम्बर 2024
सं0 कौन/भी(न्या0)-902/2019-433/सी0--श्री पवन कुमार दिनांक-30.11.2015 को वाणिज्य कर संयुक्त आयुक्त के पद से वार्द्धक्य सेवानिवृत हुए हैं। सेवानिवृति के समय उनके विरूद्ध बेगुसराय अंचल के पदस्थापन काल में ट्रैप केस से संबंधित बेगुसराय नगर काण्ड संख्या-125/85 दिनांक-25.05.1985 में धारा-120(बी), 409, 467, 468, 471 भा0द0वि0 5(2), 5(1) (सी0)(डी0) पीसी दर्ज होने के कारण उनके पक्ष में विभागीय पत्रांक-6904(अनु0) दिनांक-14.12.2015 द्वारा उपादान की राशि को रोकते हुए 90 प्रतिशत औपबंधिक पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गयी।
2- पुनः Intelligence Bureau (Ministry of Home Affairs) Government of India के पत्रांक-4/CFB/2016(14)-VII-2539 दिनांक-22.07.2016 के माध्यम से इस आशय की सूचना प्राप्त हुयी कि श्री पवन कुमार द्वारा अपने सेवाकाल में कुल-09 विदेश यात्राएँ की गयी। बिना विभागीय अनुमति के विदेश यात्राओं के प्रकरण की जानकारी प्राप्त होने पर उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139 के तहत कार्रवाई करते हुए उनके सेवाकाल को असंतोषप्रद होने के आधार पर विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-6061 दिनांक-28.11.2018 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गया :-
"श्री पवन कुमार, सेवानिवृत वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त को पूर्व में निर्धारित 90(नब्बे) प्रतिशत औपबंधिक पेंशन से 25 प्रतिशत की कटौती 5(पाँच) वर्षो के लिए किया जाता है।"
उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री पवन कुमार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-2400/2019 पवन कुमार बनाम् बिहार राज्य एवं अन्य दायर किया गया।
मामले पर समग्र रूप से विचार करने के उपरान्त माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-2400/2019 पवन कुमार बनाम् बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक-19.11.2024 को न्याय निर्णय पारित किया गया है, जिसका क्रियाशील अंश निम्नवत् है :-
27. In view of the discussion made, hereinabove, as also in absence of any Rules, Regulation and the instructions to support the impugned order of punishment, this Court has no hesitation to hold it unsustainable and thus the notification dated 28.11.2018, contained in Memo No. 6061 is hereby set aside. The concerned respondent is hereby directed to ensure the payment of all the admissible amount of gratuity, leave encashment as well as remaining 10% of pension and arrears thereof preferably within a period of twelve weeks from the date of receipt/production of a copy of this order.
28. The writ petition stands allowed. There shall be no order as to costs.
पारित न्याय निर्णय के आलोक में श्री पवन कुमार, सेवानिवृत्त वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त के मामले पर सम्यक विचारोपरान्त विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-6061 दिनांक-28.11.2018 द्वारा संसूचित दण्ड को निरस्त करते हुए उनके पूर्व के लंबित सेवान्त लाभों एवं बकाया के भुगतान का निर्णय लिया गया है।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
कृष्ण कुमार, संयुक्त सचिव।(cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 16
28 दिसम्बर 2024
सं0 6/नि॰प्रति॰नियु0॰-01-04/2024-5659/वा॰कर--67वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित बिहार वित्त सेवा के अन्तर्गत राज्य-कर सहायक आयुक्त के पद पर विभागीय अधिसूचना संख्या-655 दिनांक-07.02.2024 के आलोक में औपबंधिक रूप से नियुक्त अभ्यर्थी द्वारा उनके नाम के सामने कॉलम-6 में अंकित वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना में दिये गये योगदान की तिथि से पुनरीक्षित वेतन स्तर-9 (रू॰-53100-167800) में बिहार वित्त सेवा संवर्ग के अन्तर्गत राज्य-कर सहायक आयुक्त (परीक्ष्यमान) के पद पर योगदान स्वी—त करते हुए उनके नाम के समक्ष कॉलम-7 में अंकित कार्यालय में अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है :-
| क्र0 स 0 ं | उम्मीदवार का नाम | स य ं क्त ु म धा े क्रमांक | आरक्षण कोटि | ग ह जिला ृ | योगदान की तिथि | पदस्थापन कार्यालय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | मो0 सोहैब जमाँ | 69 | अनारक्षित | पटना | 17.12.2024 (पूर्वा0) | औरंगाबाद अंचल, औरंगाबाद |
| 2 | प र्णिमा ू क मारी साव ु | 73 | अनारक्षित | सिवान | 13.12.2024 (पूर्वा0) | जहानाबाद अंचल, जहानाबाद |
अपना योगदान नवपदस्थापित कार्यालय में देना सुनिश्चित करेंगे।
3. नवनियुक्त पदाधिकारी दिनांक 01.01.2025 से प्रवेशकालीन प्रशिक्षण के निमित बिपार्ड कुशडिहरा, गया में योगदान देने हेतु दिनांक 30.12.2024 अपराह्न के प्रभाव से स्वतः विरमित समझे जायेंगे। वे दिनांक 31.12.2024 को अपराह्न 4ः00 बजे तक निश्चित रूप से बिपार्ड, गया परिसर में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे। 4. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।
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30 दिसम्बर 2024
सं0 6/मुक0-35-07/2008-5665/(वा॰कर)--माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-14138/2008 इकबाल अहमद जमशेद बनाम बिहार राज्य एवं अन्य के मामले में दिनांक 09.01.2024 को पारित न्यायनिर्णय के अनुपालन में विहित प्रक्रिया के तहत श्री इकबाल अहमद जमशेद, सेवानिवृत वाणिज्य-कर उपायुक्त को इनसे ठीक कनीय पदाधिकारी श्री कृष्णा नन्द सिन्हा, तत्कालीन वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त के योगदान की तिथि 21.06.2007 से वाणिज्य-कर उपायुक्त (वेतनमान्- 12,000-16,500 रू0) से वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (वेतनमान रू0-14,300-18,300 रू0) कोटि के पद पर नियमित प्रोन्नति दी जाती है।
2. प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।
3. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।
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सामान्य प्रशासन विभाग
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अधिसूचना
21 जनवरी 2025
सं0 21/पि॰व॰रा॰आ॰-01/2012, सा॰प्र॰ 1198--पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग अधिनियम 1993 की धारा-3 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त अधिनियम की धारा-9 में यथाविर्निदिष्ट कृत्यों के निष्पादन हेतु माननीय17 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 न्यायमूर्ति (से॰नि॰), श्री संजय कुमार को अगले तीन वर्षों के लिए पिछडे़ वर्गों के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना का अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है ।
2. यह आदेश पदभार-ग्रहण की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गुफरान अहमद, अपर सचिव।
----- लघु जल संसाधन विभाग ----- प्रभार प्रतिवेदन 27 दिसम्बर 2024 सं0 6595--अद्योहस्ताक्षरी मैं, धनंजय कुमार, बिहार सचिवालय आशुलिपिक सेवा (सिविल लिस्ट-2024, वरीयता क्रमांक-71), आप्त सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना आज दिनांक-24.12.2024 के पूर्वाह्न में प्रधान आप्त सचिव के विहित वेतनमान (वेतन स्तर-11) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार स्वतः ग्रहण करता हूँ।
(सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-09/प्रो॰-02-01/2023, सा॰प्र॰-20542 दिनांक-24.12.2024 कृपया द्रष्टव्य)।
प्रतिहस्ताक्षरित
ह0 अस्पष्ट, सचिव।
(धनंजय कुमार) भारग्राही पदाधिकारी
आदेश से, संजीव कुमार अवर सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 44—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http: / / egazette.bih.nic.in
(cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 18भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द । ————— सूचना -------
No. 62--I, Anita Mishra W/o Late Navin Kumar Mishra R/o 3/237, Ramayatan New Patliputra, New Patliputra Boring Road, Patna-800013, Bihar declare vide affidavit No. 11 dated 06/12/2024 that I shall be known as Anita Mishra instead of Anita Navinkumar Mishra. That I shall be known as Anita Mishra for all purposes.
Anita Mishra.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 44—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http: / / egazette.bih.nic.in
19 (cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 वा॰सं॰नि॰ (स्था॰)-01-69/2024-1347 वायुयान संगठन निदेशालय मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, हवाई अड्डा, पटना- 800014 ------- संकल्प 17 जनवरी 2025
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि कैप्टन विवेक परिमल, विमान चालक-सह-उत्तरदायी प्रबंधक, वायुयान संगठन निदेशालय द्वारा माननीय मुख्यमंत्री की ''प्रगति यात्रा'' के क्रम में निदेशालय में अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहेे हैं, जिससे इनके द्वारा जिलों से हेलिपैड की NOC,Co-ordinates, फोटो तथा विडियो को हेलिकॉप्टर संचालक को उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी का निर्वाह नहीं कर कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बरती गयी है।
2. कै॰ विवेक परिमल दिनांक 03.01.2025 से लगातार अनधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित हैं तथा अपने दोनों मोबाईल नम्बर भी बन्द करके रखे हुये हैं। जबकि माननीय मुख्यमंत्री की ''प्रगति यात्रा'' के क्रम में जिलों से हेलिपैड की NOC,Co-ordinates, फोटो तथा विडियो को हेलिकॉप्टर संचालक को उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी का वहन उन्हें निदेशालय का उत्तरदायी प्रबंधक होने के नाते करना था।
3. साथ ही कै॰ विवेक परिमल द्वारा वायुयान संगठन निदेशालय में विमान चालक के पद पर पदस्थापित रहते हुए राज्य के अतिविशिष्ट व्यक्तियों यथा महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री एवं अन्य के वायुमार्ग से गमन हेतु उपयोग किये जाने वाले राजकीय विमान King Air C-90 A/B, VT-EBGके परिचालन हेतु आवश्यक Currencyप्राप्त नहीं किया गया। जिसके कारण राजकीय विमान के परिचालन हेतु वाह्य स्रोत से अतिरिक्ति व्यय पर Co-Pilotमँगाना पड़ा है। 4. उपरोक्त के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9(1) के तहत कै॰ विवेक परिमल विमान चालक-सह-उत्तरदायी प्रबंधक, वायुयान संगठन निदेशालय को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबनावस्था में इनका मुख्यालय उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है।
5. कै॰ परिमल के विरूद्ध प्रपत्र क में आरोप पत्र गठित कर अलग से विभागीय कार्यवाही संस्थित करने की कार्रवाई की जायेगी।(cid:464)बहार गजट, 22 जनवरी 2025 20 6. कै॰ परिमल को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 के विहित प्रावधानों के अंतर्गत निलंबनावस्था में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
7. उपरोक्त पर माननीय मुख्य (विभागीय) मंत्री महोदय का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डॉ॰ निलेश रामचंद्र देवरे, निदेशक।