असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 8 माघ 1946 (श0)
(सं0 पटना 81) पटना, मंगलवार, 28 जनवर(cid:547) 2025
सं॰ अ॰सं॰क॰-01-13/2009-4185
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अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास तथा अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में अवसंरचनाओं का निर्माण आदि पर विशेष ध्यान देने के विचार से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग वर्ष 1991 से एक पृथक विभाग के रूप में कार्यरत है। अल्पसंख्यकों के कल्याण से संबंधित योजनाओं का निर्माण, क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण संबंधी दायित्व विभाग में ही सन्निहित है। इसके साथ-साथ यह विभाग निम्न संस्थाओं का प्रशासी विभाग भी हैः- i. बिहार राज्य हज समिति ii. बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड iii. बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड iv. बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम v. बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग vi. बिहार उर्दू अकादमी vii. अंजुमन तरक्की-ए-उर्दू, बिहार।
2. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान समय में अल्पसंख्यको के लिये अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही है, जिसमें महत्वपूर्ण योजनाएँ निम्नवत् हैः- 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 28 जनवर(cid:547), 2025 i. मेधा-सह-आय छात्रवृत्ति ii. पोस्ट मैटि्क छात्रवृत्ति योजना iii. प्री मैटि्क छात्रवृत्ति योजना iv. प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पूर्व में बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम) v. मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान की योजना ।
3. 12वीं पंचवर्षीय योजनान्तर्गत बहुक्षेत्रक विकास कार्यक्रम (वर्तमान में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम) राज्य के 20 जिलो के 75 प्रखण्डों में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लागू की गयी थी। प्रशासी विभाग के अन्तर्गत जिला स्तर पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी का कार्यालय स्थापित एवं कार्यरत है। इसलिए प्रथम चरण में 75 अल्पसंख्यक बाहुल्य प्रखण्डों में विभागीय पत्रांक-1269, दिनांक-13.06.2017 द्वारा प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी का पद सृजित किया गया है। चूँकि बहुक्षेत्रक विकास कार्यक्रम परिवर्तित नाम प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के नाम से पूरे राज्य में (सभी प्रखण्डों सहित) लागू कर दिया गया है। विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु विभाग के दायित्वों में भी वृद्धि हुई है। इन दायित्वों के निर्वाहन हेतु प्रखण्ड स्तर पर मानव बल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसलिए शेष 459 प्रखण्डो में भी अल्पसंख्यक योजनाओं के सफल क्रियान्यवन, अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण के हेतु प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 459 (चार सौ उनसठ) पदाें के सृजन की आवश्यकता हैै।
4. उपर्युक्त वर्णित स्थिति में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित राज्य एवं केन्द्रीय/केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के सफल कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु राज्य के विभिन्न जिलोें अन्तर्गत शेष 459 प्रखण्डों में प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 459 (चार सौ उनसठ) पद के सृजन एवं उक्त पर आवर्ती व्यय की स्वीकृति प्रदान की जाती है, जिनकी विवरणी निम्न है :-
| 1. | प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी | राज्य स्तरीय (समूह 'ग') | 459 | 9300-34800 | 4200 पुनरीक्षित वेतनमान -लेवल-6 |
5. स्वीकृत 459 प्रखण्ड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारियों के वेतन आदि पर वार्षिक कुल रू॰ 33,69,79,440=00 (तैतीस करोड़ उनहत्तर लाख उन्नासी हजार चार सौ चालीस रूपये) मात्र तथा कुल राशि का अतिरिक्त 10% रूपये 3,36,97,944 (तीन करोड़ छतीस लाख संतानवे हजार नौ सौ चौवालीस रूपये) अर्थात कुल व्यय-37,06,77,384 (सैंतीस करोड़ छह लाख सतहत्तर हजार तीन सौ चौरासी) का व्यय अनुमानित वार्षिक व्यय मुख्यशीर्ष-2053-जिला प्रशासन, उप मुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-094-अन्य स्थापनाएँ, समूह शीर्ष-गैर योजना के अंतर्गत उप शीर्ष-0010-अल्पसंख्यक कल्याण जिला कार्यालय विपत्र कोड एन-2053000940010 वेतनमद अन्तर्गत विकलनीय होगा।
6. प्रस्ताव पर वित्त विभाग (प्रशासी पदवर्ग समिति) की बैठक की कार्यवाही ज्ञापांक-12138 दिनांक 13.11.2024 की बैठक में अनुशंसित है। 7. प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की दिनांक 19.12.2024 में मद संख्या-03 में स्वीकृति प्राप्त है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,