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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 March 2025

Published 05 March 2025

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2025-03-05.172
Languages
English, Hindi

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(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत

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(सं0 पटना 172) पटना, बुधवार, 5 माच(cid:91) 2025

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निगरानी विभाग के गठित धावादल द्वारा श्री अनिल कुमार, तत्कालीन वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, शाहाबाद अंचल, आरा को दिनांक-31.03.2007 को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया एवं इनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-044/2007 दिनांक-31.03.2007 दर्ज किया गया।

उक्त आरोप में श्री अनिल कुमार को विभागीय अधिसूचना सं0-165 दिनांक-18.04.2007 द्वारा दिनांक-31.

03.2007 के भूतलक्षी प्रभाव से निलंबित किया गया।

उक्त मामले में निगरानी विभाग, बिहार, पटना के अनुरोध के आलोक में श्री कुमार के विरूद्ध विधि विभाग, बिहार, पटना के आदेश सं0-एस0पी0/नि0/25/2007/2988/जे0 दिनांक-02.07.2007 द्वारा अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गयी।

तत्पश्चात्‌ बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 में निहित प्रावधानानुसार श्री कुमार के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय संकल्प सं0-197/सी दिनांक-28.05.2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी।

विभागीय कार्यवाही समाप्त होने के पूर्व ही श्री कुमार दिनांक-31.01.2014 को सेवानिवृत हो गये। इस कारण श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही अधिसूचना संख्या-35/सी दिनांक-21.02.2014 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43(बी) में सम्परिवर्तित किया गया।

उक्त विभागीय कार्यवाही के जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध गठित तीन आरोपों में से दो आरोप यथा आरोप सं0-1 (रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने से संबंधित) एवं आरोप संख्या-2 (उचित शास्ति अधिरोपित नहीं करने एवं अधिरोपित शास्ति को सरकारी खजाने में जमा नहीं करने से संबंधित) को पूर्णतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर में श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण से असहमत होते हुये

।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण), 5 माच(cid:91) 2025 2 उक्त लिये गये निर्णय के अनुपालन में विभागीय अधिसूचना सं0-250/सी दिनांक- 22.07.2016 द्वारा श्री

अनिल कुमार, सेवानिवृत वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त को निम्नांकित दंड संसूचित किया गया :-

(i) सेवानिवृत्ति के पश्चात्‌ भुगतेय पेंशन राशि को पूर्ण रूप से रोका जाता हैं। (ii) देय उपादान की राशि को पूर्ण रूप से रोका जाता है। (iii) सेवानिवृत्ति की तिथि तक देय अव्यवहृत अवकाश नकदीकरण की स्वीकृति को पूर्ण रूप से रोका जाता है।

(iv) निलंबन अवधि का विनियमन के लिए निलंबन अवधि दिनांक-31.03.07 से दिनांक-31.07.2011 तक में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।

श्री अनिल कुमार के द्वारा विभागीय अधिसूचना सं0-250/सी दिनांक-22.07.2016 के विरूद्ध माननीय पटना उच्च न्यायालय में सी0डब्ल्यू0जे0सी0 सं0-19030/2016 दायर किया गया। सी0डब्ल्यू0जे0सी0 सं0-19030/2016 में माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-28.02.

2019 को पारित न्याय निर्णय के अनुपालन में -

(1) विभागीय अधिसूचना संख्या-250/सी दिनांक-22.07.2016 द्वारा दिये गये दण्ड को अधिसूचना संख्या-166/सी दिनांक-07.06.2019 द्वारा निरस्त कर दिया गया।

(2) विभागीय पत्रांक-1837 दिनांक-27.06.2019 द्वारा Current Pension चालू करने की स्वीकृति प्रदान की गयी।

(3) निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, निगरानी विभाग से वांछित कागजात प्राप्त होते ही श्री कुमार को उपलब्ध कराते हुए उनके विरूद्ध विभागीय अधिसूचना सं0-224/सी दिनांक- 05.08.2019 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम 43(बी) में निहित प्रावधानों के तहत पुनः विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी।

उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही के विरूद्ध श्री कुमार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या-4671/2022 दायर किया गया जिसमें दिनांक-06.08.2024 को पारित न्याय निर्णय का प्रभावी अंश निम्नवत्‌ है :-

• Learned Advocate on behalf of the respondents, on the other hand, refers to the statement made by him in paragraphs 5, 6, 7 and 8 of the original counter affidavit wherein it is submitted on behalf of the respondents that initially, the respondents filed counter affidavit on 18th July, 2022 but it was misplaced from the office of the Standing Counsel 11 and with the permission of the Court, by way of a supplementary counter affidavit, the original counter affidavit has been filed. I have perused the entire counter affidavit as well as the supplementary affidavit. Before initiation of the departmental proceeding under Rule 43(b), the disciplinary authority did not consider the proviso to Rule 43(b), no government's sanction was obtained before initiation of disciplinary proceeding. The proceeding under Rule 43(b) was initiated after a lapse of about twelve years of the alleged incident, no witness was cited to prove the departmental charge and the departmental proceeding was being continued by the respondents only to assure that the delinquent officer may not get his retiral benefits. • In view of the above discussion and the finding of the Hon'ble Supreme Court as well as this Court by the Division Bench, Full Bench and the present Bench, there is no other alternative but to quash the departmental proceeding initiated de novo against the petitioner on 14th June, 2019. • Accordingly, the departmental proceeding against the petitioner is quashed and set aside.

• The petitioner is entitled to get all pensionary benefits and consequential reliefs.

• The respondents are directed to release the same within forty-five days from the date of this order.

• However, there shall be no order as to costs.

माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित उक्त आदेश के अनुपालन में दिनांक 27.11.2024 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा सम्यक्‌ विचारोपरांत प्रस्तुत मामले को पूर्वोदाहरण नहीं मानने की शर्त पर(cid:464)बहार गजट (असाधारण), 5 माच(cid:91) 2025 3 श्री अनिल कुमार, सेवानिवृत वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को निरस्त करने एवं तदनुसार परिणामी लाभ प्रदान किये जाने की अनुशंसा की गयी। उक्त अनुशंसा के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-432/सी दिनांक-27.12.2024 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित संकल्प ज्ञापांक-224/सी दिनांक-05.08.2019 को निरस्त करते हुये उनके सेवान्त लाभों के भुगतान का निर्णय संसूचित किया गया है।

अतएव माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित न्याय निर्णय के आलोक में श्री अनिल कुमार, सेवानिवृत वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त को सेवान्त लाभों के भुगतान हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 केे नियम-11 में वर्णित प्रावधानों के अन्तर्गत दिनांक-31.03.2007 से 31.07.2011 तक के निलंबन अवधि को सभी प्रयोजनों के लिए कर्त्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानते हुए विनियमित किया जाता है। प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, सरकार के अवर सचिव।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 172-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 March 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2025-03-05.172/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2025-03-05.172.