Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 09 April 2025

Published 09 April 2025

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2025-04-09.15
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

(cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 19 चैत्र 1947 (श0) सं(cid:201)या 15 पटना, बुधवार, ———————— 9 अप्रील 2025 (ई0) भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-05 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

---

भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।

---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 06-07 पूरक

---

पूरक-क 08-11(cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025 2

भाग-1

िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत

सूचनाएं। —————

गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ------- अधिसूचना 11 मार्च 2025 सं0 7/सी0सी0ए0-10-04/2024 गृ0आ0-3054--बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024 (बिहार अधिनियम 12/2024) के अध्याय-2 की धारा-12 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल, राज्य के सभी जिला दण्डाधिकारियों को उपर्युक्त अधिनियम की धारा-12 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का अपने-अपने जिला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के एतद्‌ विषयक अधिसूचना संख्या-11492दिनांक-27.09.2024 के क्रम में अगले छः महीनों के लिए अर्थात दिनांक 25.03.2025 से 24.09.2025 (पच्चीस मार्च दो हजार पच्चीस से चौबीस सितम्बर दो हजार पच्चीस) तक प्रयोग करने की शक्ति प्रदान करते हैं।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मनोज कुमार सिन्हा, अवर सचिव।

------- सं0 1/सी01-08/2023 गृ0आ0--4167 x`g foHkkx (आरक्षी शाखा) -------

सेवा में,

महालेखाकार (ले0 एवं ह0), बिहार, पटना ।

वित्त विभाग द्वारा अनौपचारिक रूप से परामर्शित

पटना, दिनांक 26 मार्च 2025 विषयः- सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) के एक गैर-संवर्गीय पद सृजन की स्वीकृति के संबंध में। आदेश :- स्वीकृत।

2. राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्‌देश्य से पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) सहित उनके कार्यालय हेतु कुल 16 पदों के सृजन की स्वीकृति विभागीय स्वीकृत्यादेश सं0-9348 दिनांक 14.09.2022 के द्वारा प्रदान की गयी है। 3. पूर्व में यातायात कार्य हेतु मात्र 12 जिलों में यातायात थाना एवं पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) का पद सृजित था। हाल में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु अन्य 28 जिलों में भी यातायात थानों का सृजन किया गया है एवं इस हेतु कुल आवश्यक 4215 पदों में से जनसंख्या के अनुपात में पूर्व से सृजित सीधी नियुक्ति वाले 3366 पदों के अतिरिक्त शेष 849 पदों के सृजन की स्वीकृति विभागीय स्वीकृत्यादेश सं0-12127 दिनांक-06.10.2023 द्वारा प्रदान की गयी है। 4. यातायात नियंत्रण/प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, चेक प्वाईंट्‌स, यातायात नियमों के उल्लंघन के विरूद्ध प्रवर्तन, सड़क दुर्घटना के कांडों का अनुसंधान एवं दावा भुगतान जैसे महती दायित्वों को देखते हुये कार्यहित में पुलिस मुख्यालय में यातायात कार्यों के सुचारू रूप से संचालन हेतु सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) के पद का सृजन आवश्यक प्रतीत होता है।

5. अतः कार्यहित को देखते हुये यातायात कार्यों के सुचारू रूप से संचालन हेतु पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) के एक गैर-संवर्गीय पद सृजन की स्वीकृति प्रदान की जाती है। उक्त प्रस्तावित पद पर बिहार पुलिस सेवा के स्टॉफ ऑफिसर स्तर के पदाधिकारी पदस्थापित होंगे जिसका वेतन स्तर-13 होेगा।

6. उक्त पद के सृजन पर अनुमानित वार्षिक व्यय 24,32,400/- (चौबीस लाख बत्तीस हजार चार सौ) रूपये मात्र है। (व्यय विवरणी परिशिष्ट-"क" के रूप में संलग्न है।)3 (cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025 7. उक्त राशि की निकासी मांग संख्या-22 मुख्य शीर्ष-2055, पुलिस उप मुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-001-निदेशन और प्रशासन, उप शीर्ष-0001-अधीक्षण, विपत्र कोड-22-2055000010001 से की जायेगी। इस राशि की निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी पुलिस उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) होंगे तथा राशि की निकासी सचिवालय कोषागार सिंचाई भवन, पटना से की जायेगी।

8. कार्यों के सुचारू रूप से संचालन हेतु पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) के एक गैर-संवर्गीय पद सृजन संबंधी प्रस्ताव में प्रशासी पदवर्ग समिति की स्वीकृति प्राप्त है।

9. प्रस्ताव में वित्त विभाग की सहमति एवं मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति प्राप्त है।

विष्वासभाजन, विनोद कुमार दास, उप सचिव।

सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) हेतु सृजित होनेवाले पद का अनुमानित वार्षिक व्यय विवरणी
क्रमांक पदनाम कुल पद मूल वेतन पे-लेबल महॅगाई भत्ता 50% मकान किराया भत्ता 20% परिवहन भत्ता राशन भत्ता चिकित्सा भत्ता एक माह का वेतन 12 माह का वेतन वर्दी भत्ता (वार्षिक कुल वार्षिक वेतन/ व्यय
A B C D E F G H I J K L M
1 सहायक प लिस ु महानिरीक्षक (यातायात) 1 118500 13 59250 23700 0 0 0 201450 2417400 15000 2432400

ह0/-अस्पष्ट, सरकार के सचिव गृह विभाग, बिहार, पटना।

-------

गृह विभाग

(विषेष शाखा)

------

आदेश

1 अप्रील 2025

सं॰ एल/एच॰जी॰-14-12/2023-.3733--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-158, दिनांक-13.01.2025 द्वारा प्राप्त प्रस्ताव एवं विा (वै॰दा॰नि॰को॰) विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-307(23), दिनांक-24.02.2025 द्वारा प्रतिवेदित अवकाश आदेयता के आलोक में श्री हर्षवर्द्धन, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, किशनगंज को बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 230 एवं 248(क) के तहत दिनांक- 21.04.2023 से 18.05.2023 तक कुल 28 (अठाईस) दिनों का उपार्जित अवकाश की घटनोार स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. इस आदेश में अपर मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, उपेन्द्र प्रसाद, उप सचिव।

------- कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ------ अधिसूचना 27 मार्च 2025

सं0 1/प्रो॰1-01/2023-548--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार पुरातत्व एवं संग्रहालय सेवा के पदाधिकारी श्री विमल तिवारी, संग्रहालयाध्यक्ष को अपर निदेशक का, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-12) सहित अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार देते हुए उन्हें जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय, पटना में पदस्थापित किया जाता है।(cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025 4 2. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0-19300 दिनांक 13.10.2023 में निहित शर्त्तो के अध्यधीन है।

3. उपर्युक्त पदाधिकारी को पदभार ग्रहण की तिथि से अपर निदेशक के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।

4. इस पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अनिल कुमार सिन्हा, उप सचिव।

-------

वाणिज्य-कर विभाग

-------

अधिसूचनाएं

5 मार्च 2025

सं0 6/गो॰-34-06/2016-1113--बिहार वित्त सेवा के राज्य-कर सहायक आयुक्त स्तर के निम्नांकित पदाधिकारियों को धारित पद से स्थानान्तरित करते हुए उनके नाम के समक्ष स्तम्भ-4 में अंकित पद एवं स्थान पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है :-

क्र॰ स ॰ ं पदाधिकारी का नाम / म धा क्रमांक/ े ग ह जिला ृ वर्तमान पदस्थापन नव पदस्थापन
1 2 3 4
1 प जा झा, ू 63/मु ग ं र े मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, मुजफ्फरपुर पश्चिमी अंचल-1, मुजफ्फरपुर
2 विपुल कुमार, 65/जमुई मुख्यालय, बिहार, पटना। परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त, कटिहार अंचल, कटिहार
3 प ्रवीण रंजन, 66/शेखपुरा मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, सीतामढ़ी अंचल, सीतामढ़ी
4 आनन्द कुमार, 67/पटना मुख्यालय, बिहार, पटना। परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त, फारबिसगंज अंचल, फारबिसगंज
5 सोनू कुमार यादव, 74/गोपालगंज मुख्यालय, बिहार, पटना। परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त, सासाराम अंचल, सासाराम
6 प ्रशांत प्रमोद, 75/सीतामढ़ी मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, मुंगेर अ चल, मुंगेर ं
7 सौरभ कुमार कसौधन, 76/गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) मुख्यालय, बिहार, पटना। परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त, बिहारशरीफ अंचल, बिहारशरीफ
8 धर्मेन्द्र कुमार, 82/धनबाद (झारखण्ड) मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, गोपालगंज अंचल, गोपालगंज
9 रागिनी मिश्रा, 91/भोजपुर मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, हाजीपुर अंचल, हाजीपुर
10 सौम्या पाण्डेय, 114/भोजपुर मुख्यालय, बिहार, पटना। परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त, दरभंगा अंचल-2, दरभंगा
11 सुभम कुमार साह, 148/सिवान मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, प र्णियाँ अंचल-1, पूर्णियाँ ू
12 प्रियंका रंजन, 247/रोहतास मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, सिवान अंचल, सिवान
13 शुभम सांकृत्य, 381/मुंगेर मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, मुजफ्फरपुर पश्चिमी अंचल-2, मुजफ्फरपुर
14 प काश चंद्र मोहन, ्र 493/पूर्वी चम्पारण मुख्यालय, बिहार, पटना। परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त, बेगूसराय अंचल, ब ग े सराय ू
15 दीपक कुमार, 494/गोपालगंज मुख्यालय, बिहार, पटना। राज्य-कर सहायक आयुक्त, भागलपुर अंचल-2, भागलपुर
16 प ्रभा शंकर मिश्र, 1426/सहरसा मुख्यालय, बिहार, पटना। परीक्ष्यमान राज्य-कर सहायक आयुक्त, सारण अंचल-2
5 (cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025

2. सभी स्थानान्तरित पदाधिकारी पारगमण काल का उपभोग किये बिना अपने नव-पदस्थापन वाले पद पर अविलंब योगदान/प्रभार ग्रहण करेंगे एवं इसकी सूचना वाणिज्य-कर विभाग, बिहार, पटना को भेजना सुनिश्चित करेंगे।

3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 4. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।

-------

10 मार्च 2025

सं0 6/गो॰-34-02/2019-1185--श्री कमल किशोर चौधरी (कोटि क्रमांक-15), राज्य-कर अपर आयुक्त, अंकेक्षण, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को अगले आदेश तक अपने कार्यो के अतिरिक्त राज्य-कर अपर आयुक्त (प्रशासन), दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है एवं निदेश दिया जाता है कि श्री कमल किशोर चौधरी, राज्य-कर अपर आयुक्त, अंकेक्षण, दरभंगा प्रमंडल के कार्यो के अतिरिक्त राज्य-कर अपर आयुक्त (प्रशासन), दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के दायित्वों का भी निर्वहन करेंगे।

2. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 3. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।

-------

6 मार्च 2025

सं0 6/अ0-03-14/2023-1139/वा0कर--बिहार वित्त सेवा के श्री विशाल कुमार, राज्य-कर उपायुक्त(53-55वीं बैच), वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना को GSTAT Cell, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के कार्यालय आदेश संख्या-05/2025 दिनांक 10.02.2025 के आलोक में Deputy Registrar, GST Appellate Tribunal (GSTAT), राँची में तीन वर्ष के लिए प्रतिनियुक्त किया जाता है।

2.़ श्री विशाल कुमार, राज्य-कर उपायुक्त(53-55वीं बैच), वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना को आदेश निर्गमन की तिथि से विरमित किया जाता है। 3. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ज्योति प्रकाश, अवर सचिव।

—————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 3—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http: / / egazette.bihar.gov.in

(cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025 6

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द । ————— सूचना -------

सं0 296&&मैं, लीला देवी पत्नी-गोखुल सिंह स्थायी निवासी गांव-जलपुरा, थाना-हसपुरा, जिला-औरंगाबाद (बिहार) 824120 घोषणा करती हूं कि अभिषेक कुमार मेरा बेटा है। उसके 10वीं कक्षा के शैक्षणिक दस्तावेजों में मेरा नाम गलती से लीला सिंह लिखा हुआ है। हालॉकि, मेरा सही नाम, जैसा कि मेरे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों पर दिखाया गया है, लीला देवी है। मैं पुष्टि करती हूं कि लीला देवी और लीला सिंह एक ही व्यक्ति हैं, और अब से, मुझे शपथ पत्र संख्या 105 दिनांक 03.01.2025 के अनुसार सभी उद्देश्यों के लिए लीला देवी के रूप में जानी जाऊँगी।

लीला देवी। No. 296&&I, LILA Devi W/o Gokhul Singh R/o Vill.-Jalpura, PS - Haspura, Dist.- Aur- angabad (Bihar) 824120 declare that Abhishek Kumar is my son. In his 10th-grade educational documents, my name appears incorrectly as Lila Singh. However, my correct name, as shown on my Aadhar Card and other documents, is Lila Devi. I affirm that Lila Devi and Lila Singh refer to the same person, and henceforth, I should be known as Lila Devi for all purposes vide affidavit no. 105 dated 03.01.2025.

LILA Devi.

-------

No. 297&&I, Kumar Raunak S/o Rana Randhir Singh R/o-road No-3A Mahesh Nagar P.O.- Keshrinagar P.S.- Patliputra, Distric-Patna 800024 do hereby declare that my above mentioned address is my permanent residence. That I have change my name from Raunak singh to Kumar Raunak that my changed new name is Kumar Raunak for my all future purposes afft. No-155 dtd. 13-08-24.

Kumar Raunak.

-------

No. 298&&I, Gautam Sharma S/o Sheo Pujan Sharma, R/o Vill.- Sultanpur, Post- Kanhaipur, P.S.-Mokama, Distt.-Patna, (Bihar):803221. That in my all educational documents in my name is written a Kumar Gautam which is wrong. That in my Adhar Card, Pan Card in my name is written as Gautam Sharma which is true and Correct. That Kumar Gautam and Gautam Sharma both are same and one person. That from now I will be know as Gautam Sharma for all purposes. Affidavit No. 13/18 Dtd-15/01/2025.

Gautam Sharma.

-------

No. 299&&I, RAMESHWAR RAI, S/o Shankar Rai residing at G – 12, G-4, Konhara Ghat Railway Colony, Andar Quila, Hajipur, dist. Vaishali, State – Bihar, Pin Code - 844101 do hereby affirm that I have changed my surname and hereafter shall be known as RAMESHWAR ROY for all future purposes. Vide Affidavit No. - 968, date – 27/02/2025.

RAMESHWAR RAI.

7 (cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025

No. 300&&I Archana J Lokhande D/O Jagdish Janardan Lokhande W/O Santosh Kumar Mahto residing at 403, Ramjanki Enclave, Road no-5, Near-Shakha Field, Rajendra Nagar, Patna, Bihar 800016 here by declare vide affidavit no. 1118 dated-10/03/2025 that the names Archana Lokhande, Archana Jagdish Lokhande, Lokhande Archana Jagdish and Archana J Lokhande belong to the same and one person. Whereas I shall only be known as Archana J Lokhande for all purposes.

Archana J Lokhande.

-------

सं0 302&&म(cid:167) डौली कु मारी (Dolly Kumari) पित-सुशील राम, वाड(cid:170) नं. 4, मेदनीचक, बेरथू, कराय परशुराय, िजला नालंदा (िपन कोड – ं िक मेरे आधार काड(cid:170) म(cid:164) भूलवश मेरा नाम डौली देवी (DUALI 801304) िबहार शपथ प(cid:253) सं. 957 िदनांक 10.03.2025 (cid:300)ारा यह सूिचत करती ह(cid:243) DEVI) हो गया जो गलत है । मेरा सही नाम (DOLLY KUMARI) है और भिव(cid:213)य म(cid:164) मै इसी नाम से जानी व पहचानी जाऊं गी ।

डौली कु मारी (Dolly Kumari).

-------

No. 303&&I, Nikita daughter of Rakesh Nandan Prasad R/o Dharahra Kothi, Jagat Narayan Road, East Lohanipur, P.O: Kadamkuan, DIST: Patna, Bihar 800003 declare vide Affidavit No. 633 dated 27.12.2024 that my name has been changed from Nikita to Nikita Sinha. Now I shall be known as Nikita Sinha for all future purposes.

Nikita.

—————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 3—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http: / / egazette.bihar.gov.in

(cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025 8

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

—————

सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-16/2022--2527

कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय

गृह विभाग (कारा)

------

संकल्प

1 अप्रील 2025

श्री राजेष कुमार राय, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, बेगूसराय के मंडल कारा, सीतामढ़ी में पदस्थापन के दौरान वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में मंडल कारा, सीतामढ़ी में वित्तीय नियमों एवं विभागीय निर्देषों का उल्लंघन करते हुए सरकारी एजेंसी BMSICL से अल्प मात्रा में दवा क्रय करने तथा निजी एजेंसी से अत्यधिक मात्रा में दवा क्रय किये जाने में बरती गई गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोपों के लिए श्री राय के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित किया गया। अनुषासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त विभागीय ज्ञापांक-4612 दिनांक-20.04.2022 द्वारा आरोप पत्र (साक्ष्य सहित) की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए श्री राय से लिखित बचाव अभिकथन की माँग की गई। तद्‌आलोक में श्री राय द्वारा पत्रांक-2779 दिनांक-26.05.2022 के माध्यम से लिखित बचाव अभिकथन समर्पित किया गया, जिसे सम्यक्‌ समीक्षोपरान्त अस्वीकृत करते हुए अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6813 दिनांक-21.06.2022 द्वारा श्री राय के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई तथा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. विभागीय कार्यवाही के जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-1517 दिनांक-06.05.2023 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री राजेष कुमार राय के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित कुल तीन (03) आरोपों को आंषिक रूप से प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।

3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक-4943 दिनांक-12.06.2023 द्वारा श्री राजेष कुमार राय को जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए उनसे पन्द्रह (15) दिनों के अन्दर द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन की माँग की गई थी।

4. तद्‌आलोक में श्री राजेष कुमार राय द्वारा अपने पत्रांक-4944 दिनांक-05.07.2023 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया है, जिसमें उनका कहना है कि मरीजों का समुचित एवं बेहतर इलाज कराने हेतु उपयोग की जाने वाली दवाइयों एवं उसकी मात्रा के विशेषज्ञ कारा के चिकित्सा पदाधिकारी होते हैं, न कि काराधीक्षक। कारा चिकित्सक के द्वारा Indent की जाने वाली दवाइयों का यदि सप्लाई BMSICL से बंद था तो उस स्थिति में कारा में संसीमित हजारों बंदियों का इलाज किस आधार पर रोका जा सकता है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कारा में बंदियों की वास्तविक संख्या स्वी—त संसीमन क्षमता से तीन गुणा अधिक लगभग 1000 थी। ऐसी परिस्थिति में कारा के लिए उपलब्ध आवंटन के अनुरूप एवं उसका मात्र 10 प्रतिशत ही निजी एजेन्सी से दवा का क्रय कर सम्पूर्ण बंदियों9 (cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025 का इलाज कैसे किया जा सकता था एवं यदि दवाइयों की अनुपलब्धता की स्थिति में उसका इलाज रोका जाता तो उसके लिए कौन जिम्मेवार होता।

आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी ने भी आरोप सं0-01 के संदर्भ में इस तथ्य को स्वीकार किया है कि ''वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में BMSICL से दवाओं की अधिप्राप्ति हेतु अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर से अधियाचना की जाती रही है। अनुपलब्धता की स्थिति में PSU's के अधि—त डीलर से दवा की प्राप्ति की गई। इसके कारण दवा का क्रय प्राप्त आवंटन के 10 प्रतिशत से अधिक स्थानीय क्रय के रूप में हुआ है''। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कारा के चिकित्सा पदाधिकारियों के द्वारा Indent की गई दवाइयों का क्रय अधीक्षक द्वारा किये जाने के संबंध में चिकित्सा पदाधिकारियों को बुलाकर उनका मत (view) संचालन पदाधिकारी द्वारा नहीं लिया गया और उनके निर्दाेष होने के बावजूद आरोप को प्रमाणित किया गया। साथ ही कारा में संसीमित बंदियों के लिए दवा की आवश्यकता का आकलन चिकित्सा पदाधिकारी नहीं करेंगे तो कौन करेंगे। इस पर भी संचालन पदाधिकारी के द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया। BMSICL द्वारा केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर को दवाइयाँ उपलब्ध नहीं कराये जाने पर ही दवा शिवम इन्टरप्राईजेज ( PSU's) से लिया गया है। साथ ही Tab Azithromicin 500mg 8000 नग दवा का Indent BMSICL/शहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर से किया गया था, जिसका प्रमाण प्रस्तुत करने के बावजूद संचालन पदाधिकारी के द्वारा कहा गया कि सत्य प्रतीत नहीं हो रहा है, जबकि सुनवाई के क्रम में संचालन पदाधिकारी द्वारा साक्ष्य मांगे जाने पर अधीक्षक कार्यालय, मंडल कारा, सीतामढ़ी से साक्ष्य मंगाकर प्रस्तुत किया गया था। यहाँ तक कि उनके विरुद्ध लगे आरोपों के संबंध में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के मत को भी स्वीकार नहीं किया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा यह नहीं बताया गया कि कारा में दवाइयों की आवश्यकता का निर्धारण एवं तद्‌नुसार अनुशंसा/माँग चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा किया जाना सत्य है या असत्य एवं उनके द्वारा माँग की गई दवाइयों का क्रय नहीं करना किस नियम के अन्तर्गत अधीक्षक की जिम्मेवारी है।

आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि बिहार वित्त नियमावली के नियम 131 (घ) के अन्तर्गत ही कारा स्तर पर त्रिसदस्यीय समिति का गठन कर स्थानीय बाजार से 95 प्रकार की दवाइयों का विभिन्न PSU's से कोटेशन प्राप्त किया गया। प्राप्त कोटेशन में न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराने वाली PSU's को क्रयादेश जारी किया गया। संचालन पदाधिकारी के द्वारा यह स्वीकार किया गया है कि BMSICL के द्वारा दवाइयों की आपूर्ति नहीं की जा रही थी तथा उनके द्वारा अपने मंतव्य में कहा गया है कि BMSICL द्वारा पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध नहीं कराये जाने की स्थिति में विभागीय पत्रांक-6952 दिनांक-14.11.2007 में निहित प्रावधान के तहत विज्ञापन निकालकर, एजेन्सी से कोटेशन प्राप्त कर एवं तुलनात्मक विवरणी तैयार कर तथा सक्षम पदाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर गुणवत्तापूर्ण एवं Lowest दर पर दवा क्रय करनी चाहिए थी, जबकि बिहार वित्त नियमावली के नियम-131 (ज) में वर्णित है कि D25,00,000/-(पच्चीस लाख रूपये) एवं इससे अधिक आकलित मूल्य की सामग्रियों की अधिप्राप्ति के लिए विज्ञापन द्वारा निविदा आमंत्रण का उपयोग किया जायेगा। मंडल कारा, सीतामढ़ी से वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में कभी भी D25,00,000/-(पच्चीस लाख रूपये) या इससे अधिक मूल्य की दवाइयों का क्रय एक बार में नहीं किया गया है, इसलिए विज्ञापन निकालने की आवश्यकता नहीं थी। आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में उल्लेख किया गया है कि संचालन पदाधिकारी ने अपने मंतव्य में लिखा है कि '' बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के संकल्प संख्या-627(12) दिनांक 30.09.2014 की कंडिका 4 के उपकंडिका-III में BMSICL से दवा नहीं मिलने पर केन्द्र सरकार द्वारा नामित पाँच PSU's से दवा लेने का निदेश है, परन्तु उसी पत्र की कंडिका-3 में यह भी उल्लेख है कि PPP (Pharmaceuticals Purchase Policy) दिनांक 10.12.2013 के प्रभाव से पाँच वर्ष के लिए वैध है, परन्तु उक्त आदेश की वैधता की समाप्ति दिनांक 10.12.2018 के बाद भी आरोपी पदाधिकारी द्वारा बड़े पैमाने पर PSU's से दवा क्रय किया गया है ''। इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के उक्त पत्र की कंडिका 4 की उप कंडिका (v) में वर्णित है कि इस बीच BMSICL/राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा इन दवाओं के दर निर्धारण/आपूर्ति हेतु कार्रवाई की जायेगी। इस आपूर्ति के पश्चात्‌ उक्त पत्र की कंडिका-4 (i), (ii) एवं (iii) में वर्णित व्यवस्थाएँ स्वतः समाप्त हो जायेगी। चूँकि BMSICL के द्वारा दवाइयों की आपूर्ति नहीं की जा रही थी, तो ऐसी परिस्थिति में उक्त आदेश के आलोक में दवाइयों का क्रय PSU's से वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में किया गया है।

आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि संचालन पदाधिकारी ने अपने मंतव्य में अंकित किया है कि साक्षी डॉ० प्रशान्त सिन्हा, प्रभारी पदाधिकारी (क्षेत्रीय अनुश्रवण), कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा भी बताया गया कि PSU's या अन्य एजेन्सी से दवा क्रय हेतु विभाग द्वारा कोई आदेश निर्गत नहीं किया गया था। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि सहायक कारा महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-7689 दिनांक-31.12.2015 के द्वारा राज्य के सभी काराओं को मेसर्स कर्नाटका एन्टीबायोटिक्स एण्ड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड से दवा क्रय करने के संबंध में निदेश दिया गया है। साथ ही जिस शिवम इण्टरप्राईजेज से दवाइयों का Indent मंडल कारा,(cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025 10 सीतामढ़ी द्वारा किया गया है वह मेसर्स कर्नाटका एन्टी बायोटिक्स एण्ड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड का ही Authorized dealer है, जिसे मेसर्स कर्नाटका एन्टी बायोटिक्स एण्ड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के द्वारा Authority letter भी निर्गत किया गया है। इनके द्वारा बिहार राज्य के सभी काराओं, सी०आर०पी०एफ० कैम्प, PMCH, Patna, SKMCH, Muzaffarpur, DMCH, Darbhanga, AIIMS, Patna, ANMCH Gaya & MIKMCH, Betiah CS Cum CMO & Vaishali, Siwan, Gopalganj, Chhapra एवं अन्य जिलों को दवाइयों की आपूर्ति किया जाता था। 5. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री राय द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गई। विभागीय कार्यवाही के जाँच में स्पष्ट है कि BMSICL द्वारा पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध नहीं कराये जाने की स्थिति में विभागीय पत्रांक-6952 दिनांक-14.11.2007 में निहित प्रावधान के तहत विज्ञापन निकालकर, एजेन्सी से कोटेशन प्राप्त कर एवं तुलनात्मक विवरणी तैयार कर सक्षम पदाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त कर गुणवत्तापूर्ण एवं Lowest दर पर दवा क्रय करनी चाहिए थी, परन्तु आरोपित पदाधिकारी द्वारा ऐसा नहीं कर अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया। इस संबंध में साक्षी डॉ० प्रशांत सिन्हा द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि दिनांक 18.04.2023 को सीतामढ़ी कारा के तत्संबंधी पंजियों की जाँच में यह पाया गया है कि BMSICL को Indent कर प्राप्त किया गया दवा पुनः स्थानीय स्तर पर खरीदा गया है। साक्षी डॉ० प्रशांत सिन्हा द्वारा बताया गया कि PSU's या अन्य एजेन्सी से दवा क्रय करने हेतु विभाग से कोई आदेश निर्गत नहीं होने के बावजूद PSU's या अन्य एजेन्सी से आवश्यकता से अधिक मात्रा में दवा क्रय किया गया। संबंधित अभिलेखों के अवलोकन से स्पष्ट है कि BMSICL द्वारा पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध नहीं करायी जा रही थी। उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों से स्पष्ट है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में आरोपी पदाधिकारी द्वारा बिहार वित्त नियमावली के नियम-126 एवं बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-797 (viii) का अनुपालन नहीं कर निजी एजेन्सी से आवश्यकता से अधिक मात्रा में दवा का क्रय किया गया। बिहार विा नियमावली के नियम-126 के अनुसार दक्षता, मितव्ययिता एवं पारदर्षिता लोक क्रय के मूल सिद्धांत है, जिसका अनुपालन नहीं किया गया है। आरोपित पदाधिकारी को पूर्व के वर्षों में दवा की वास्तविक खपत के आधार पर वर्ष 2019-20 के लिए दवा का क्रय किया जाना चाहिए था, किन्तु उनके द्वारा इस नियम का उल्लंघन कर वित्तीय वर्ष-2019-20 के लिए प्राप्त आवंटन के विरूद्ध काफी अधिक मूल्य की दवा क्रय किया गया है। इस प्रकार बिहार वित्त नियमावली के नियम-126 एवं बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-797 (viii) का उल्लंधन करते हुए आरोपित पदाधिकारी द्वारा अत्यधिक मात्रा में दवा क्रय की गई है।

विभागीय पत्रांक-2737 दिनांक-28.05.2014 द्वारा BMSICL के माध्यम से राज्य की काराओं में दवाओं की आपूर्ति विहित प्रक्रिया एवं पद्धति के अंतर्गत किये जाने की स्वी—ति प्रदान की गई है। उक्त विभागीय निर्देश के बावजूद मंडल कारा, सीतामढ़ी में BMSICL से दवाओं की आपूर्ति नहीं लेकर निजी एजेन्सी से दवा खरीद की गई है। विभागीय पत्रांक-6952 दिनांक-14.11.2007 के माध्यम से काराओं में मात्र 10% दवा निजी एजेन्सी से क्रय करने की अनुमति दी गई है। आरोपित पदाधिकारी के द्वारा उक्त विभागीय निर्देष का उल्लंघन कर तथा बिना विाीय नियमों का पालन किये हुए वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 99% तथा वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 85.48% दवा निजी एजेंसी से क्रय किया गया है, जबकि मंडल कारा, सीतामढ़ी में वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में निजी एजेंसी से इतनी अधिक मूल्य की दवा क्रय करने की कोई आकस्मिक परिस्थिति (emergency) नहीं थी।

इस प्रकार स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में उक्त वित्तीय नियमों एवं विभागीय निर्देषों का उल्लंघन करते हुए सरकारी एजेंसी BMSICL से अल्प मात्रा में दवा का क्रय किया गया है तथा निजी एजेन्सी से अत्यधिक मात्रा में दवा का क्रय किया गया है। यह बिहार वित्त नियमावली के नियम-126 एवं बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-797 (viii) तथा उक्त विभागीय निर्देषों का उल्लंघन है। अतः आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है।

6. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री राजेष कुमार राय, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, बेगूसराय के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए तथा प्रमाणित पाये गये आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (vii) के प्रावधान के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय किया गया :-

7. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-7366 दिनांक-18.09.2024 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गयी। तद्‌आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-5092 दिनांक-21.03.2025 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है।11 (cid:464)बहार गजट, 9 अप्रील 2025 8. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री राजेष कुमार राय, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, बेगूसराय के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (vii) के प्रावधान के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :-

'' कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर चार (04) वर्षों के लिए संचयी प्रभाव से वेतन की अवनति का दण्ड''। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजीव जमुआर, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

—————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 3—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http: / / egazette.bihar.gov.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 09 April 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2025-04-09.15/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2025-04-09.15.