(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 4 वैशाख 1947 (श0)
(सं0 पटना 317) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 24 अ(cid:292)ील 2025 ——— संकल्प 10 फरवरी 2025 राज्य में विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों में पैक्सों एवं व्यापारमंडलों की बढ़ती भूमिका यथा धान/गेहूँ अधिप्राप्ति, जन वितरण संबंधी कार्य एवं कृषि में प्रयोग होनेवाले खाद्यानों की आपूर्त्ति को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा पैक्स/व्यापारमंडल सहकारी समितियों के आधारभूत संरचनाओं को सषक्त बनाने के उद्देष्य से कृषि रोडमैप अन्तर्गत वर्ष 2023-28 में भूमि के उपलब्धता के आधार पर 200 (दो सौ), 500 (पाँच सौ) या 1000 (एक हजार) मे॰टन क्षमता के गोदाम की स्थापना का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि कृषि रोड मैप (2017-23) में कुल 10 (दस) लाख मे॰टन भंडारण के अभिवृद्धि का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके विरूद्ध कुल 4.358 (चार लाख पैंतीस हजार आठ सौ) लाख मे॰टन क्षमता के गोदाम का निर्माण हुआ तथा अवषेष गोदाम निर्माणाधीन है। कृषि रोड मैप 2023-28 के लिए अनुमानित लक्ष्य के मद्देनजर पैक्सों/व्यापारमंडलों में भंडारण क्षमता में 10 (दस) लाख मे॰टन अभिवृद्धि किया जाना है। 2. वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1.621 (एक लाख बासठ हजार एक सौ) लाख मे0टन भंडारण क्षमता सृजन करने हेतु कुल रू0 1,16,47,80,334/- (एक अरब सोलह करोड़ सैतालीस लाख अस्सी हजार तीन सौ चौतीस) की स्वीकृति संकल्प संख्या-3305 दिनांक 07.10.2024 द्वारा निर्गत है। पुनः वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में पैक्सों/व्यापारमंडलों में अतिरिक्त 42900 (बयालीस हजार नौ सौ) मे॰टन भंडारण क्षमता सृजन करने हेतु 200 (दो सौ) मे0टन, 500 (पाँच सौ) मे0टन एवं 1000 (एक हजार) मे0टन क्षमता का गोदाम निर्माण किया जाना है, जिसका विवरण निम्न प्रकार हैः-2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 24 अ(cid:292)ील 2025
| 1. | 200 | 02 | 400 | 17,12,800/- | 34,25,600/- |
| 2. | 500 | 19 | 9500 | 34,59,500/- | 6,57,30,500/- |
| 3. | 1000 | 33 | 33000 | 72,67,954/- (सड़क निर्माण मद की राषि रू0 18,53,346/- को छोड़कर) | 23,98,42,482/- |
प्राक्कलन में संषोधन के अनुरूप प्राक्कलित राषि के अन्तर्गत गोदाम निर्माण में परिवर्तन हो सकता है। प्रस्तावित पैक्सों/व्यापारमंडलों को गोदाम निर्माण हेतु आवष्यक निधि रू0 30,89,98,582/- (तीस करोड़ नबासी लाख अनठानवे हजार पाँच सौ बेरासी) मात्र राज्य योजनान्तर्गत प्राप्त राषि से पैक्सों/व्यापारमंडलों को सहकारी बैंक के माध्यम से 50 (पचास) प्रतिशत अनुदान तथा 50 (पचास) प्रतिशत चक्रीय पूँजी के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
3. राज्य योजना द्वारा पैक्सों/व्यापारमंडलों को गोदाम निर्माण हेतु उपलब्ध करायी गयी चक्रीय पूँजी की वापसी, योजना वर्ष के अगले वर्ष से 20 (बीस) अर्द्धवार्षिक समान किस्तों में 10 (दस) वर्ष में की जा सकेगी। उक्त राषि वापसी से बिहार राज्य सहकारी बैंक में एक Revolving Fund (चक्रीय कोष) का सृजन कर संधारण किया जायेगा जिसका उपयोग पैक्सों एवं व्यापारमंडलों के आधारभूत संरचनाओं के रख-रखाव /मरम्मति हेतु अलग से योजना तैयार कर इसी प्रकार की चक्रीय पूँजी समितियों को उपलब्ध कराने हेतु किया जा सकेगा।
पैक्सों एवं व्यापारमंडलों को गोदाम निर्माण हेतु उपलब्ध करायी गयी चक्रीय पूँजी का अभिलेख संबंधित जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक तथा जिला सहकारिता पदाधिकारी के कार्यालय में संधारित होगा जिसमें दी गई चक्रीय पूंजी का ब्यौरा, किस्त वापसी की राषि एवं तिथि के साथ-साथ समितियों द्वारा राषि वापसी का भी ब्यौरा होगा। बैंक के स्तर से राषि वापसी का पूरा ब्यौरा अंकित करते हुए वापसी तिथि के एक माह पूर्व मांग पत्र समितियों को प्राप्त कराया जायेगा। राषि वापसी में चूक की स्थिति में लोक मांग वसूली अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी।
इस योजना के क्रियान्वयन हेतु विभागीय स्वीकृति पत्र एवं इस योजना हेतु निर्गत विभागीय दिषा-निदेष लागू होगा। पैक्सों एवं व्यापारमंडलों का चयन विभाग द्वारा गठित चयन समिति द्वारा किया गया है। प्रस्तावित योजना अन्तर्गत चयनित पैक्स/व्यापारमंडलों द्वारा गोदाम निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध करा दी गयी है। पैक्स/व्यापारमंडल में कराये जाने वाले निर्माण कार्य का कार्यान्वयन पैक्स/व्यापारमंडलों द्वारा स्वंय किया जायेगा। इस क्रियान्वयन/तकनीकी पर्यवेक्षण जिला पदाधिकारी के द्वारा प्राधिकृत अभिंयता के द्वारा किया जायेगा। परियोजना का मॉडल नक्षा तथा प्राक्कलन बिहार राज्य भंडार निगम से तैयार कराते हुए भवन निर्माण विभाग से तकनीकी स्वीकृृति प्राप्त की गई है जो लाभान्वित समितियों तथा संबंधित जिला के पदाधिकारियों को उपलब्ध कराया जायेगा परन्तु स्थानीय मानकों के आलोक में संबंधित जिला पदाधिकारी के द्वारा अधिकृृत अभियंता के स्तर पर प्रति इकाई लागत की अधिसीमा अन्तर्गत Structural Design (संरचनात्मक डिजाईन) तथा प्राक्कलन जिला पदाधिकारी के अनुमोदन से संषोधन किया जा सकेगा। उपरोक्त योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में क्रियान्वयन/तकनीकी प्रर्यवेक्षण जिला पदाधिकारी द्वारा प्राधिकृत असैनिक अभियंता द्वारा किया जायेगा। जिला स्तर पर निर्माण कार्यों का अनुश्रवण जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति जिसमें जिला सहकारिता पदाधिकारी एवं प्रबंध निदेषक, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक सदस्य होंगे, के द्वारा किया जायेगा। गुणवत्ता के अनुरूप कार्य कराने का दायित्व इस समिति पर होगा। मुख्यालय स्तर पर प्रगति का अनुश्रवण निबंधक, सहयोग समितियाँ द्वारा किया जायेगा। उपर्युक्त राषि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मांग संख्या-9 अन्तर्गत मुख्य शीर्ष-2425 सहकारिता, उप मुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-108 अन्य सहकारी समितियों को सहायता, उपषीर्ष-0114, गोदाम निर्माण हेतु सहकारी समितियों को अनुदान, विस्तृत शीर्ष-31 सहायता अनुदान, विषय शीर्ष-05 सहायक अनुदान परिसम्पतियों के निर्माण, विपत्र कोड- 09-2425001080114 से विकलनीय होगी।
इस योजना के संबंध में विभागीय स्वीकृति पत्र एवं विभागीय दिषा-निर्देष लागू होगा। यह संकल्प तत्काल प्रभाव से राज्य में प्रभावी समझा जायेगा।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 24 अ(cid:292)ील 2025 7. राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 04.02.2025 में मद सं0- 45 के रूप में (संचिका सं0-06/पणन (स0)- 159/2023, पृ0 99/टि॰) स्वीकृति प्रदान की गयी है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के आगामी असाधारण अंक में सर्वसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित किया जाय।
बिहार के राज्यपाल के आदेश से, धर्मेंद्र सिंह, सचिव।
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