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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 May 2025

Published 07 May 2025

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2025-05-07.19
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

(cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 17 वैशाख 1947 (श0) सं(cid:201)या 19 पटना, बुधवार, ———————— 7 मई 2025 (ई0) भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-05 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।

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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 06-12 पूरक

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पूरक-क 13-13(cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 2

भाग-1

िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत

सूचनाएं। —————

उद्योग विभाग

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अधिसूचना

29 अप्रील 2025

सं0 6(स0) विविध (रसायन निगम)-22/2019-1997--श्री मिहिर कुमार सिंह, भा0प्र0से0, अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग, बिहार, पटना को बिहार राज्य साख एवं विनियोग निगम लि0, पटना, बिहार राज्य विाीय निगम, पटना, बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लि0, पटना, बिहार राज्य हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प निगम लि0, पटना एवं बिहार राज्य वस्त्र निगम लि0, पटना के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के सुसंगत धाराओं के प्रावधान के तहत निदेशक पर्षद में निदेशक के रूप में नियुक्त करते हुए निदेशक मंडल का अध्यक्ष मनोनित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप सचिव।

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पथ निर्माण विभाग

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अधिसूचनाएं

24 मार्च 2025

सं॰ 1/बि॰रा॰पु॰नि॰-01/2025-2586 (s)--बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के आर्टिकल ऑफ एशोसिएशन में निहित प्रावधान के अनुसार श्री मिहिर कुमार सिंह, भा॰प्र॰से॰, अपर मुख्य सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना में अंशधारी के रूप में मनोनीत किया जाता है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, कृष्ण चन्द्र श्रीवास्तव, अवर सचिव (प्र॰को॰)।

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24 मार्च 2025

सं॰ 1/बि॰रा॰पु॰नि॰-01/2025-2584 (s)--श्री सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख (मुख्यालय), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना में अंशधारी के रूप में मनोनीत किया जाता है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, कृष्ण चन्द्र श्रीवास्तव, अवर सचिव (प्र॰को॰)।

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लघु जल संसाधन विभाग

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प्रभार प्रतिवेदन

30 अप्रील 2025

सं0 3152--अधोहस्ताक्षरी मैं, संदीप कुमार आर॰ पुडकलकट्टी, भा॰प्र॰से॰ (2006) आज दिनांक-30.04.2025 के पूर्वाह्‌न में सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना का प्रभार श्री नर्मदेश्वर लाल, भा॰प्र॰से॰ (1998) को सौंपा।3 (cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 अधोहस्ताक्षरी मैं, नर्मदेश्वर लाल, भा॰प्र॰से॰ (1998) आज दिनांक-30.04.2025 के पूर्वाह्‌न में प्रधान सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना का प्रभार ग्रहण करता हूँ।

(सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/पी॰-1001/2025-सा॰प्र॰-7541 दिनांक 28.04.2025 एवं अधिसूचना संख्या-1/पी॰-1001/2025-सा॰प्र॰-7538 दिनांक-28.04.2025 द्रष्टव्य।)

(संदीप कुमार आर॰ पुडकलकट्टी) भारमुक्त पदाधिकारी

(नर्मदेश्वर लाल) भारग्राही पदाधिकारी

आदेश से, दिलीप कुमार चौधरी, अवर सचिव।

------ Office of The Commissioner, Magadh Division, Gaya ------ Office Order The 3rd April 2025

No. XI-K-रा0-01/2024-70--In the light of proposal received from Collector, Aurangabad vide letter no.-425, dated- 20.03.2025 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.

Sl. No. Officers Name Designation Remarks
01 Sri OM Rajput Director, NEP, Aurangabad District Level

By Order, Sd./Illegible, Secretary to Commissioner.

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The 2nd April 2025

No. XI-K-रा0-05/2024-69--In the light of proposal received from District Magistrate, Nawada vide letter no.-191, dated- 21.03.2025 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.

Sl. No. Officers Name Designation Remarks
01 Sri Dheeraj Kumar Director, DRDA, Nawada District Level
02 Sri Ravi Ji Project Officer-Cum- Director, NEP, Nawada District Level
03 Sri Prakash Priya Ranjan District Welfare Officer, Nawada District Level
04 Miss. Pratibha Kumari District Art and Culture Officer, Nawada District Level
05 Sri Pratyay Aman District Mines Officer, Nawada District Level

By Order, Sd./Illegible, Secretary to Commissioner.

(cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 4

The 2nd April 2025

No. XI-K-रा0-05/2024-68--In the light of proposal received from District Magistrate, Nawada vide letter no.-189, dated- 21.03.2025 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.

Sl. No. Officers Name Designation Remarks
1 Smt. Sonia Dhandhania BDO, Nardiganj Block Level
2 Sri Prashant Kumar BDO, Narhat Block Level

Order of Commissioner, Magadh Division, Gaya dt 01.04.2025

By Order,

Sd./Illegible, Secretary to Commissioner.

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The 1st April 2025

No. XI-K-रा0-02/2024-67--In the light of proposal received from District Magistrate, Gaya vide letter no.-303, dated- 12.03.2025 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.

Sl. No. Officers Name Designation Remarks
01 Sri Mahesh Kumar Circle Officer, Bodhgaya Circle Level
02 Sri Om Prakash Bhagat Circle Officer, Tankuppa Circle Level
03 Miss. Surbhi Bala Art and Culture Officer, Gaya District Level
04 Sri Dharmendra Kumar Director, NEP, District Rural Development Agency, GAYA District Level
05 Miss. Nikita Kumari Prob. Senior Deputy Collector, Gaya District Level
06 Sri Ankur Kumar Prob. Senior Deputy Collector, Gaya District Level
07 Sri Dhanraj Kumar Prob. Senior Deputy Collector, Gaya District Level
08 Miss. Surbhi Assistant Disaster Manager, Gaya District Level
09 Sri Ashok Kumar Add. D.L.A.O. Gaya District Level
10 Sri Jitendra Kumar Sinha Assistant Settlement Officer, Settlement Office Gaya District Level
11 Sri Sanjeev Kumar Assistant Settlement Officer, Settlement Office Gaya District Level
12 Md. Saiyad Tariq Sajjad D.P.O. Secondry Education, Gaya District Level
5 (cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025

By Order, Sd./Illegible, Secretary to Commissioner.

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 7—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bihar.gov.in

(cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 6

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द । ————— सूचना -------

No. 418--I, ARTI Kumari D/o Mahaveer Prasad Shrivastva R/o Azad Lane Chandpur Bela, G.P.O., Patna-1, declare vide affi. No. 24 dtd. 31.12.24 in my all documents written my name is Arti Kumari but my Daughter Aparna Prakash document written Arti Prakash that my both names are Arti Kumari and Arti Prakash is the same and one person.

ARTI Kumari.

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सं0 419--मैं राकेश कुमार, पिता हरेराम प्रसाद सिंह ग्राम व पोस्ट व थाना नावकोठी जिला बेगुसराय का निवासी हूं। मेरा आधार नंबर 564265365722 है। जा]नवी कुमारी (JANHVI KUMARI) मेरी पुत्री है। मेरी पुत्री के आधार संख्या 613276889734 में उसका नाम Jhanvi Kumari अंकित है जो गलत है। जबकि मेरी पुत्री का सही नाम जा]नवी कुमारी (JANHVI KUMARI) है। वह इसी नाम से जानी व पहचानी जाती है। शपथपत्र संख्या 6637 दिनांक 05/03/2025.

राकेश कुमार।

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No. 420--Dolly Devi D/o Krishna Prasad Thakur and W/o-Mukesh Kumar, residing at Bahadurpur, P.O.–Rupas, P.S.-Athmalgola, Dist.- Patna, Bihar–803211 have changed the surname of my DOLLY DEVI and hereafter she shall be known as DOLLY KUMARI for all future purposes. Vide Affidavit No.-113, date–21/03/2025

Dolly Devi.

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No. 421--I, Barjeshwar Paswan S/o Rameshwar Paswan R/O Vill-Shitalpur, P.S.- Sugauli, Distt.-East Champaran, Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 5382 dt. 08.03.25 that my name is written in my Aadhar Card as Brajeshwar Paswan which is wrong. As all educational Certificate and Voter ID Card my true and correct name is Barjeshwar Paswan. Both name are same and one person.Now I will be known as Barjeshwar Paswan for all legal purposes.

Barjeshwar Paswan.

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No. 422--I, Sanjay Kumar, S/o Bishwanath Prasad Singh , R/o H, No.–A/2, Road No.- 1, Shivpuri, L.B.S Nagar , Patna -800023,(Bihar) do hereby solemnly affirm and declare as per affidavit No.01Dated 13/02/2025, that in my Aadhar card my name is Sanjay Kumar and in my matriculation certificate written as Sanjay Singh ,both are the names of same person. From now on I shall be known as Sanjay Kumar, for all purposes.

Sanjay Kumar.

7 (cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025

No. 423--मैं स्वेता झा, पति-राजीव कुमार झा, पता-ग्राम+पोस्ट-मंझौल थाना-मंझौल जिला-बेगुसराय राज्य-बिहार -851127 शपथ पत्र सं0-6095 दिनांक 07.03.25 द्वारा घोषणा करती हूं कि मेरे आधार कार्ड एवं पति के सर्विस रिकॉड में मेरा नाम स्वेता झा है तथा मैट्रिक (शैक्षिक प्रमाण पत्रों) में मेरा नाम स्वेता कुमारी है। जो कि सही व सत्य है अब से मैं, सभी कार्यों हेतू स्वेता झा के स्थान पर स्वेता कुमारी के नाम से जानी एवं पहचानी जाऊंगी।

स्वेता झा।

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सं0 431--म(cid:583) कु लभूषण, (cid:466)पता - योगे(cid:219)(cid:289) िसंह, (cid:232)थायी पता-927/659 काशीनाथ लेन, पूव(cid:568) लोहानीपुर, थाना-

ँ (cid:465)क शपथ प(cid:287) सं(cid:201)या 4971 (cid:465)दनांक कदमकु आँ, (cid:468)जला-पटना-800003 (cid:466)बहार है। म(cid:583) स(cid:215)यिन(cid:437)ा से घो(cid:466)षत करता हू

09.04.2025 के (cid:430)ारा अब मेरा नाम कु लभूषण िसंह के नाम से जाना जाऊँ गा ।

कु लभूषण। No. 431--I, KULBHUSHAN, S/o Yogendra Singh. having Permanent residence at-927/659, Kashinath Lane, East Lohanipur, PS-Kadamkuan, District-Patna-800003, Bihar do hereby solemnly affirm and declare affidavit no. 4971 dt:09.04.2025. Hereinafter shall be known as Kulbhushan Singh.

KULBHUSHAN.

------- बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद्‌ विद्यापति मार्ग, पटना - 800001 ------- अधिसूचनाएं 8 जनवरी 2025

सं0 2752--श्री राधाकृष्ण मन्दिर, ग्रामपोस्ट-ससौला, अंचलथाना-सुप्पी, जिला-सीतामढ़ी जो पर्षद में सार्वजनिक धार्मिक न्यास के रूप में निबंधन संख्या-3637 पर निबंधित है। पर्षद के आदेष दिनांक-01.11.2004 द्वारा निबंधनोपरान्त श्री सोमेष्वर मिश्र को अस्थायी न्यासधारी बनाते हुए प्रमाण-पत्र संख्या-4575, दिनांक-03.03.2005 जारी की गयी। इस संबंध में मुरलीधर मिश्र द्वारा पर्षद में आपत्ति दाखिल करते हुए स्वयं को न्यासधारी का दावा किया गया। उपरोक्त आपत्ति के आलोक में दिनांक-07.05.2005 को सोमेष्वर नाथ मिश्र को न्यासधारी बनाये जाने के आदेष को स्थगित कर दिया गया और संचिका सुनवाई हेतु निर्धारित की गयी और दोनों पक्षों से समर्पणनामा की मूल प्रति की मांग की गयी तथा सुनवाई हेतु नोटिस भी जारी की गयी। जिसपर मुरलीधर मिश्र, सोमेष्वर मिश्र एवं सुषील कुमार द्वारा उपस्थित होकर यह कथन किया गया कि समर्पणनामा की प्रति उपलब्ध नहीं है तथा अनुमण्डल पदाधिकारी से भी प्रतिवेदन की मांग की गयी। इसी बीच मुरलीधर मिश्र के द्वारा लिखित षिकायत की गयी कि मन्दिर की भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण सोमेष्ववर मिश्र द्वारा किया जा रहा है। जिसपर पर्षद के आदेष दिनांक-13.04.2013 द्वारा मन्दिर की भूमि पर किये जा रहे निर्माण पर रोक लगायी गयी और दोनों दावेदार मुरलीधर मिश्र एवं सोमेष्वर मिश्र एक-दुसरे पर अवैध कब्जा संबंधी आरोप-प्रत्यारोप लगाया जाता रहा है। जो स्पष्ट करता है कि उपरोक्त दोनों पक्षों के द्वारा वर्ष 2006 में अपना-अपना दावा किया जा रहा था, परन्तु किसी प्रकार का कोई दस्तावेज किसी पक्ष द्वारा दाखिल नहीं किया गया और पुरे मन्दिर की भूमि पर अवैध रूप अतिक्रमण कर लिया गया था। जबकि भूमि थाना नं0-763, खाता संख्या-563 के कुल 08 खेसरा की कुल भूमि 1.26 ए0 खाता संख्या-544 की कुल 07 खेसरा की भूमि 1.23 ए0 जमीन राजस्व विलेख में राधाकृष्ण महाराज जी के नाम इन्द्राज है, सेवायत के रूप में श्याम नारायण मिश्र का नाम है।

मन्दिर में व्याप्त अव्यवस्था तथा आय का निजी प्रयोग के आरोप लगाते हुए श्याम किषोर व लगभग 250 व्यक्तियों के हस्ताक्षर से एक प्रार्थना-पत्र दिया गया तथा सोमेष्वर मिश्र, प्रकाष कुमार के विरूद्ध दिनांक-29.08.2022 को मन्दिर की सम्पत्ति का निजी दुरूपयोग की षिकायत के साथ अंचलाधिकारी से रिपोर्ट पत्रांक-147, दिनांक-01.03.2007 की प्रति दाखिल की गयी। साथ में दिनांक-24.07.2023 के समर्पणनामा की फोटोप्रति दाखिल की गयी।

पुनः ग्रामीणों द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र दिनांक-07.10.2022 में स्पष्ट आरोप था कि 1.75 ए0 जमीन सुषील कुमार मिश्र पिता-कन्हैया लाल, 1.8 ए0 जमीन मुरलीधर मिश्र, 1.02 ए0 भोला नाथ मिश्र और 08 डी0 सोमेष्वर मिश्र के कब्जें में है। उपरोक्त षिकायत पर सभी पक्षों को नोटिस जारी की गयी, जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया कि मन्दिर की भूमि पर किस आधार पर आप लोगों के द्वारा कब्जा किया गया है, शीघ्र कब्जा खाली करें या कब्जा के संबंध में कोई दावा या दस्तावेज हो तो दिनांक-05.12.2022 को पर्षद के समक्ष उपस्थित होकर दावे के संबंध में अपना दस्तावेज उपस्थापित करें। दिनांक-05.12. 2022 कि नोटिस उपरान्त दोनों पक्ष उपस्थित थे और दोनों पक्षों की सहमति से पुनः 15.03.2023 की तिथि निर्धारित की गयी और विस्तारपूर्वक दोनों पक्षों को उक्त तिथि पर सुना गया और सभी पक्षों की यह सहमति थी कि मन्दिर का विकास होना8 (cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 चाहिए और दाखिल फोटो से भी स्पष्ट हो रहा था कि मन्दिर पुर्ण रूप से जीर्ण-षिर्ण हो गयी है। वर्षो से इसमें किसी प्रकार की रंगाई-पोताई भी नहीं हुई है। सोमेष्वर मिश्र द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र दिनांक-22.07.2022 जिसमें 09 व्यक्तियों की न्यास समिति का बैठक में चुनकर प्रस्ताव दिया गया था। भोला नाथ मिश्र और मूरलीधर मिश्र, विकास कुमार झा को विस्तारपूर्वक सुना गया। परन्तु सुनवाई के दौरान ही तीनों भाईयों ने आपस में पर्षद के समक्ष अषोभनीय व्यवहार का परिचय दिया। उन्हें भी कुछ सदस्यों को समिति में रखे जाने के संबंध में प्रस्ताव देने के लिए 01 माह के समय की मांग की गयी। पुनः दिनांक-28.06.2023 को दोनों पक्षों को सुनने तथा मन्दिर की व्यवस्था हेतु 11 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किये जाने का निर्णय लिया गया।

पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति के विरूद्ध मूरलीधर मिश्र द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लु0 जे0 सी0 संख्या-15089/2023 दाखिल की गयी। सुनवाई उपरान्त माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अपने आदेष दिनांक-23.07.2024 में याचिका का निस्तारण करते हुए यह निर्देष दिया गया कि पर्षद इस बात की जाँच करें कि मन्दिर निबंधित है या नहीं। याचीगण की प्रारम्भिक आपत्ति पर सुनवाई के उपरान्त ही स्थायी समिति का गठन करें। यदि यह पाया जाता है कि वह मन्दिर निबंधित है कुछ अन्य निर्देष भी दिया गया जिसका पालन हेतु प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। माननीय उच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेष के आलोक में दोनों पक्षों को नोटिस जारी की गयी। याची द्वारा अपना प्रतिवेदन दाखिल करते हुए मुख्य रूप से 04 बातों का उल्लेख किया गया है :-

1. उक्त मन्दिर की निबंधन संख्या-3637/05 एवं सेवायत संबंधी मान्यता दी गयी थी, जिसका प्रार्थी द्वारा आपत्ति करने पर निरस्त कर दिया गया था। उपरोक्त बिन्दु पर संचिका के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि उक्त मन्दिर का निबंधन पर्षद के आदेष दिनांक- 01.11.2004 के आलोक में (दिनांक-11.01.2005 को किया गया), जिसकी निबंधन संख्या-3637/2005 है तथा पर्षद के पत्रांक-4575, दिनांक-03.03.2005 द्वारा सोमेष्वर मिश्र को अस्थायी न्यासधारी के रूप में मान्यता देते हुए प्रमाण-पत्र जारी किया गया था और आपत्ति प्राप्त होने पर उक्त पत्रांक-4575 दिनांक-03.03.2005 को दिनांक-.07.05.2005 द्वारा स्थगित किया गया। जो स्पष्ट करता है कि मन्दिर सार्वजनिक धार्मिक न्यास के रूप में दिनांक-11.01.2005 को निबंधित किया गया, वह वर्त्तमान में भी प्रभावी है और निबंधन ओदष न तो स्थगित है और नहीं निरस्त किया गया है। अतः यह कथन करना कि मन्दिर का निबंधन और सेवायत दोनों निरस्त हो गया, पुर्ण रूप से संचिका के विपरीत है, अतः उक्त तर्क निराधार पाते हुए निरस्त किया जाता है।

2. याचीगण का यह कथन कि उक्त भूमि उनकी पारिवारीक सम्पत्ति है और मन्दिर भी पारिवारिक है, इस संबंध में उनके द्वारा किसी प्रकार का कोई दस्तावेज नहीं दाखिल किया है। जबकि इसके विपरीत संचिका पर आर0 एस0 खतियान की प्रति उपलब्ध है। जिसमें भूमि खाता संख्या-563 रकबा 1.26 ए0 खाता नं0-544 रकबा-1.23 ए0 राजस्व विलेख में श्री राधाकृष्ण मन्दिर के नाम इन्द्राज है। इसमें सेवायत के रूप में श्याम नारायण मिश्रा के नाम का उल्लेख है। जिनका बहुत पूर्व स्वर्गवास हो गया है। अतः उपरोक्त राजस्व विलेख तथा अंचलाधिकारी की रिपोर्ट दिनांक-01.03.2007 से भी स्पष्ट होता है कि राजस्व विलेख में भूमि भगवान के नाम दर्ज है। अतः उनकी पारिवारीक मन्दिर का दावा भी किसी साक्ष्य के आभाव में मान्य नहीं है।

3. आगे उनका तर्क है कि प्रार्थी को सीधे थाना के माध्यम से नोटिस भेजी गयी, जो उचित नहीं है। जबकि उन्हें पहले व्यक्तिगत रूप से नोटिस देकर कारण-पृच्छा की मांग की जानी चाहिए थी।

इस संबंध में चूंकि मन्दिर की भूमि को अवैध रूप से कब्जा कर वहाँ उसका निजी प्रयोग कर सभी पक्षों द्वारा दुरूपयोग किया जा रहा था। अतः मामले में अनावष्यक बिलम्ब नहीं हो, इस उद्‌देष्य से थाना के माध्यम से सूचना दी गयी और उक्त सूचना पर उपस्थित होकर पक्षों के द्वारा अपना-अपना कथन और बहस भी पर्षद के समक्ष किया गया। 4. आगे उनका तर्क है कि समिति में अध्यक्ष के रूप में कुमार राघवेन्द्र सिंह को रखा गया है, वह आपराधिक व्यक्ति है और इनके विरूद्ध थाना कांड संख्या 2/1996 विभागीय कार्रवाई संबंधित आपराधिक वाद अभीतक विचाराधीन है। अतः उन्हें समिति में नहीं रखा जाए एवं त्रिपुरारी प्रसाद विदेष में रहते है और सनातन धर्म विरोधी है और आगे उनके द्वारा पुनः आज 05 व्यक्तियों की सूची दी गयी कि प्रार्थना किया गया कि पर्षद द्वारा समिति बनायी जाती है तो प्रस्तावित 05 नामों को उसमें स्थान दिया जाए।

उपरोक्त के संदर्भ में न्यास समिति के अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष व सदस्य उपस्थित है। उनके द्वारा लिखित प्रार्थना-पत्र भी दिया गया है और यह कथन किया जा रहा है कि विपक्षी भोला मिश्र और मुरलीधर मिश्र द्वारा पूर्व में भी 05 व्यक्तियों के नामों का प्रस्ताव दिनांक-17.04.2023 को दिया गया जिसमें से 03 व्यक्ति क्रमषः 1. हेमन्त कुमार मिश्र, 2. राजेष मिश्र, एवं 3. विकास कुमार झा को समिति में स्थान दिया गया था। आगे कथन करते है कि मुरलीधर मिश्र एक तरफ यह दावा करते है कि यह उनकी निजी सम्पत्ति है, निजी मन्दिर और पिछले कई वर्षो से इन लोगों के द्वारा मन्दिर की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर इसमें विभिन्न प्रकार से प्राप्त आय को नीजि हित में प्रयोग लिया गया है, परन्तु किसी प्रकार का मन्दिर का विकास का कार्य नहीं किया गया है।

समिति के अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह जो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित है और उनके द्वारा लिखित लिखित प्रार्थना-पत्र दिया गया कि वह आई0 एफ0 एस0 कैडर के अधिकारी थें और वर्ष 1995 में झुठी षिकायत पर कटक थाना काण्ड संख्या-02/1996 दर्ज हुआ। परन्तु उक्त मुकदमा में 30 वर्ष हो चुका है, परन्तु किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई और आजतक आरोप भी गठित नहीं किया जा सका है और उस समय वह डी0 एफ0 ओ0 पद पर पदासीन थे। उसके बाद उन्हें9 (cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 मुख्य वन संरक्षक के तथा अपर वन प्रधान मुख्य वन संरक्षक के रूप में दो बार पदोन्नति भी सरकार के द्वारा दी गयी है और दिनांक-31.01.2016 को सेवा निवृत भी हो गये है। सेवानिवृति के पष्चात उन्हें पुर्ण पेंषन का भुगतान किया जा रहा है। श्री त्रिपुरारी प्रसाद द्वारा लिखित प्रार्थना-पत्र देकर यह कथन किया गया है कि पिछले 01 वर्षो में इनके द्वारा स्वयं और अपने बच्चे के द्वारा 3,99,541/- (तीन लाख निन्यानवे हजार पाँच सौ एकतालिस) रुपये विभिन्न तिथि पर मन्दिर में दान स्वरूप राषि बैंक के माध्यम से स्थानांतरण की है तथा अपना आधार कार्ड प्रस्तुत कर कथन करते है कि वह गाँव में निवास करते है, कभी-कभी अपने बच्चों के पास बाहर जाते है और गाँव में इनकी लगभग 40 बी0 खेती की भूमि है, जिसकी वे स्वयं खेती करवाते है। अपने प्रार्थना-पत्र के साथ बैंक स्टेटमेन्ट की फोटोप्रति, आधार कार्ड की फोटोप्रति दाखिल किया है, जिसमें आधार कार्ड संख्या-505212647382 कुमार त्रिपुरारी प्रसाद पुत्र-स्व0 कुमार रामविलास सिंह वार्ड नं0-05 ससौलाकला, कुमार पट्‌टी, सीतामढ़ी, सुक्की, बिहार के नाम से है। जो स्पष्ट करता है कि श्री त्रिपुरारी प्रसाद द्वारा मन्दिर में मन्दिर के विकास के लिए काफी राषि समय-समय पर दान स्वरूप दी है तथा वह स्थानीय निवासी है, विपक्षी का कथन कि यह गाँव में नहीं रहते है, विदेष में रहते है, ऐसा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।

उपस्थित समिति के सदस्यों का कथन है कि 01 वर्ष पूर्व कमिटी का गठन किया गया है और इस एक वर्ष में विभिन्न ग्रामीणों के सहयोग और चंदे से समिति गठन के पष्चात्‌ मार्च, 2024 तक 05 लाख 57 हजार रुपये की राषि प्राप्त हुई है। जिसमें लगभग 01 लाख रुपये की राषि पूजा आदि में खर्च की गयी है और लगभग 04 लाख 53 हजार रुपये मार्च तक जमा है। वर्त्तमान में उक्त मन्दिर के खाता में 13,11,167/-रुपये जमा है, जिसमें समिति ने विभिन्न व्यक्तियों से प्रयास अथवा दान प्राप्त करके मन्दिर के नाम से खाता में राषि जमा की है। इस संबंध में बैंक खाता का स्टेटमेन्ट भी दाखिल की गयी हैऔर स्थल पर मन्दिर का जीर्णोद्धार कर एक विषाल मन्दिर बनावाने संबंधित मन्दिर का नक्षा अनुमानित प्रस्ताव जो सुभम कन्सलटेन्ट, पटना द्वारा तैयार किया गया है, दाखिल किया गया।

याची श्री भोलानाथ मिश्रा द्वारा पर्षद में उपस्थित होकर दिनांक 28.09.2024 को 05 व्यक्तियों का पुनः प्रस्ताव समिति में रखने हुतु दिया गया।

अतः उपर्युक्त परिस्थिति में मैं, अंजनी कुमार सिंह, प्रशासक, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 81 (ख) सह पठित धारा 8 क के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस न्यास के सम्यक विकास एवं सुसंचालन के लिए अधिनियम की धारा 32 के तहत प्राप्त प्रावधानों का प्रयोग करते हुए आदेष दिनांक 28.09.2024 द्वारा''श्री राधाकृष्ण मन्दिर, ग्रामपोस्ट-ससौला, अंचलथाना-सुप्पी, जिला-सीतामढ़ी''की सम्पत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन तथा सम्यक्‌ विकास हेतु श्री भोलानाथ मिश्र द्वारा दाखिल 05 नामों में से 03 व्यक्ति क्रमषः भोलानाथ मिश्र (याची), अंचल अधिकारी, सुप्पी, श्री सुदर्षन पाठक, तथा पूर्व में भोलानाथ मिश्रा द्वारा दी गयी सूची में से श्री हेमन्त कुमार मिश्रा, मुखिया, को तथा स्थानीय व्यक्तियों द्वारा दी गयी सूची में से 05 नामों का चयन करते हुए निम्नांकित योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने एवं संचालन के लिए एक स्थायी 09 सदस्यीय न्यास समिति का गठन पाँच वर्षो के लिए किया जाता है।

योजना 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राधाकृष्ण मन्दिर, ग्रामपोस्ट-ससौला, अंचलथाना-सुप्पी, जिला-सीतामढ़ी न्यास योजना होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राधाकृष्ण मन्दिर, ग्रामपोस्ट-ससौला, अंचलथाना-सुप्पी, जिला-सीतामढ़ी न्यास समिति'' होगा। जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा। 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा अध्यक्ष या सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक अनुपालन सुनिष्चत करेंगे तथा वार्षिक आय का विवरण बजट एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन बैठक का कार्यवृत एवं देय शुल्क राषि पर्षद को ससमय भेजेंगे तथा न्यास परम्परा का पालन करेंगे।

6. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय तथा पट्‌टा पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा अगर वे एैसा करते है तो शुन्य वो अवैध होगा।

7. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता कर सकेगेंं।

8. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

9. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

10. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा।10 (cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य करते पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान ही उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।

12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होगें तो उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर आवष्यक कार्रवाई की जाएगी।

13. न्यास समिति द्वारा किसी प्रकार कोई आयोजन किया जाता है तो जिसमें 05 लाख से अधिक की राषि खर्च का अनुमान हो तो खर्च करने से पूर्व पर्षद से अनुमति लेना आवष्यक होगा। इसी प्रकार यदि मंदिर के विकास या संरचना के मद में 10 लाख रूपये अधिक की राषि खर्च होने का अनुमान हो तो उसका अनुमानित खर्च विवरणी प्रस्तुत कर पूर्व अनुमति पर्षद से लेना आवष्यक है और यदि उपरोक्त राषि निर्धारित सीमा के अन्दर आती है तो भी उसकी सूचना पर्षद को दी जाएगी।

14. पशुओं के होने वाले बध और उनके प्रति होने वाली क्रुरता पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 (पी0सी0ए0) की धारा-11 भारतीय दंड संहिता (आई0पी0सी0) की धारा-428, 428 के तहत्‌ दंडनीय अपराध बनाया गया है। अतः पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नांकित न्यास समिति का गठन पाँच वर्ष के लिए की जाती है :-

1. अंचल अधिकारी, सुप्पी, जिला-सीतामढ़ी - अध्यक्ष 2. श्री भोलानाथ मिश्र पुत्र- ब्रहमदेव मिश्र - उपाध्यक्ष (1) 3. डॉ0 कुमार त्रिपुरारी प्रसाद पुत्र-स्व0 कुमार रामविलास सिंह - उपाध्यक्ष (2) 4. श्री अजय कुमार झा पुत्र- स्व0 अनंतराय झा - सचिव 5. श्री कृष्णाचन्द पाठक पुत्र-रामआयुष पाठक - कोषाध्यक्ष 6. श्री सुदर्षन पाठक पुत्र- चतुर्भूज पाठक - सदस्य 7. श्री हेमन्त कुमार मिश्रा, मुखिया - सदस्य 8. श्री नचिकेता ठाकुर पुत्र-जितेन्द्र ठाकुर - सदस्य 9. श्री कृष्ण मोहन मिश्रा पुत्र- कन्हैया लाल मिश्र - सदस्य सभी निवासी ग्रामपोस्ट-ससौला, अंचलथाना-सुप्पी, जिला-सीतामढ़ी

NOTE:-राजस्व अभिलेख में मंदिर के सभी सम्पत्तियों का इन्द्राज मंदिर के नाम (श्री राधाकृष्ण मन्दिर, ग्रामपोस्ट-ससौला, अंचलथाना-सुप्पी, जिला-सीतामढ़ी) पर ही रहेगा, किसी व्यक्ति विषेष के नाम पर नामान्तरण अथवा संषोधन नहीं होगा।

आदेश से, अंजनी कुमार सिंह, प्रशासक।

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12 अप्रील 2024

सं0 126--श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्राम-फतेहपुर, थाना-नाथनगर, जिला-भागलपुर, पर्षद में निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4712 है।

उक्त ठाकुरबाड़ी की कुछ भूमि फोरलेन सड़क निर्माण हेतु अर्जित की गयी है। भू-अर्जन पदाधिकारी से पत्र प्राप्त होने पर सभी प्रकार के भुगतान पर रोक लगाने संबंधी सूचना दिनांक-29.04.2022 को जारी की गयी। दिनांक-30.05.2022 को श्री षिव प्रसाद राय एवं सुबोध कुमार द्वारा एक प्रार्थना-पत्र दिया गया कि उक्त मन्दिर का निबंधन कर दिया जाय, उन्हें किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है। अपने प्रार्थना-पत्र के साथ मन्दिर की कुल भूमि का उल्लेख किया गया है, जिसमें वर्त्तमान में मंदिर 10 डी0 जमीन पर स्थित है और मन्दिर की कुल 9.56 ए0 भूमि है, जिसका मौजा-फतेहपुर, खाता संख्या-25, मौजा-पैगम्बरपुर, खाता सं0-41, मौजा-गौरीपुर चौड़, खाता सं0- 192, एवं मौजा- करणपुर, खाता सं0- 23 है। खतियान में उपरोक्त सभी खाते श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी रैयत के रूप में दर्ज है। दिनांक-03.04.2023 को मन्दिर की प्रकृति सार्वजनिक पाते हुए, इस न्यास के निबंधन का आदेष दिया गया। तद्‌नुसार उक्त ठाकुरबाड़ी को निबंधित किया गया। उक्त मन्दिर की देख-भाल हेतु अंचल अधिकारी से पत्र दिनांक-30.06.2023, 25.09.2023 एवं 16.01.2024 द्वारा न्यास समिति गठन हेतु नामों के प्रस्ताव की मांग की गई, जो अबतक अप्राप्त है। प्रार्थीगण श्री सुबोध कुमार एवं अन्य को भी नोटिस जारी कर समिति बनाये जाने के संबंध में अपना मंतव्य और दावा प्रस्तुत करने हेतु दिनांक-30.06.2023 को पत्र दिया गया।

उक्त नोटिस के आलोक में श्री सुबोध कुमार सिंह एवं अन्य द्वारा एक आवेदन पत्र एवं दिनांक-28.12.2022 को की गयी एक आमसभा द्वारा 14 व्यक्तियों के नामों का चुनाव कर पर्षद को दिनांक-10.08.2023 को उपलब्ध कराया गया। पर्षद द्वारा उक्त प्राप्त नामों का चरित्र सत्यापन कराया गया। उक्त प्रतिवेदन नाथनगर थाना ज्ञापांक-2100/23 दिनांक- 17.10.2023 द्वारा प्राप्त है। पर्षद की सूनवाई दिनांक- 08.02.2023 में श्री षिव प्रसाद राय उपस्थित थें। ग्रामीणों की आमसभा11 (cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 द्वारा 14 व्यक्तियों के नामा का प्रस्ताव प्राप्त है, परन्तु अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के अनुसार 11 से ज्यादा व्यक्ति न्यास समिति में नहीं रखा जा सकता है।

उक्त सभी परिस्थितयों पर विचारोपरान्त पर्षद की सूनवाई आदेष दिनांक-08.02.2024 में यह निर्णय लिया गया की आमसभा द्वारा प्रस्तावित नामों में से 11 नामोंका चयन करते हुए प्राप्त चरित्र सत्यापन रिपोर्ट दिनांक-17.10.2023 के आलोक में एक योजना का निरूपण करते हुए एक न्यास समिति का गठन किया जाए।

अतः मैं,अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 एवं 83में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की उप विधि सं0- 43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्राम-फतेहपुर, थाना-नाथनगर, जिला-भागलपुर,''के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजना 1. बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्राम-फतेहपुर, थाना-नाथनगर, जिला-भागलपुर,''होगा और इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्राम-फतेहपुर, थाना-नाथनगर, जिला-भागलपुर,'' होगी, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार रहेगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और समीप के किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर (यदि पूर्व से न्यास के नाम से खाता संचालित हो, तो उसमें) जमा किया जायेगा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा। खाते का संचालन सचिव एवं कोषाध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा।

4. मठ/मंदिर परिसर में जगह-जगह भेंटपात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

5. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

6. मठ परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ख्याल रखा जायेगा और मठ की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

7. न्यास समिति द्वारा मठ/मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।

8. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ/मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

9. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

11. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 12. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

13. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों/निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

14. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मठ के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

15. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा- 428 व 429 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

16. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। उपर्युक्त योजना को मूर्त्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-(cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025 12 न्यास समिति निम्न प्रकार है -

1. श्री सुबोध कुमार सिंह, पिता-स्व0 कृष्णनंदन सिंह - अध्यक्ष 2. श्री षिव प्रसाद राय, पिता- श्री रामाकान्त राय - सचिव 3. श्री देवनंदन राय, पिता-श्री विष्वनाथ राय - कोषाध्यक्ष 4. श्री अखिलेष्वर शर्मा, पिता-रामकृष्ण शर्मा - सदस्य 5. श्री नरेन्द्र प्रसाद राय, पिता-श्री कैलाष राय - सदस्य 6. श्री नंदन राय, पिता- श्री शालीग्राम राय - सदस्य 7. श्री विजय कुमार पिता- श्री नरसिंह प्रसाद - सदस्य 8. श्री राजीव कुमार, पिता- श्री टुनटुन राय - सदस्य 9. श्री सहजानंद राय पिता- श्री वषिष्ट कुमार राय - सदस्य 10. श्री उमेष कुमार राय पिता- श्री रामावतार राय - सदस्य 11. श्री रामजीवन राय, पिता-श्री साधूषरण राय - सदस्य सभी का पता- ग्राम- फतेहपुर, थानाअंचल- नाथनगर, जिला- भागलपुर। न्यास समिति को पूर्ण रूप से अधिकार होगा की नये सिरे से मंदिर की भूमि की बन्दोबस्ती करें तथा पुराना बकाया राषि की बसूली करें। उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्य-काल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्ष का होगा।

उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में संबंधित भूमि ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, ग्राम-फतेहपुर, थाना-नाथनगर, जिला-भागलपुर,'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा। नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/ विक्रय/पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है। यह अधिसूचना पर्षद द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत है।

आदेश से, अखिलेष कुमार जैन, अध्यक्ष।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 7—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bihar.gov.in

13 (cid:464)बहार गजट, 7 मई 2025

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 एल/एच॰जी॰-14-12/2018-4755 गृह विभाग (विषेष शाखा) ----- संकल्प 30 अप्रील 2025

विभागीय संकल्प ज्ञापांक-315, दिनांक-12.01.2022 द्वारा श्री अनुज कुमार, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, सुपौल सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, खगड़िया के विरूद्ध सुपौल पदस्थापन काल में मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के आदेश की अवहेलना, अनुशासनहीनता एवंं अपने अधीनस्थ कर्मी में व्यक्तिगत अभिरूचि रखने संबंधी आरोप प्रमाणित होने के कारण बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 के तहत दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से दो वर्षों के लिए अवरूद्ध किये जाने का दंड संसूचित किया गया।

2. उपर्युक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री कुमार द्वारा पत्रांक-07/गो॰, दिनांक-12.02.2025 के माध्यम से पूर्व में समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक-20.02.2022 पर की गई कार्रवाई आदेश की प्रति उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध किया गया है। 3. श्री अनुज कुमार द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन की गहन समीक्षा की गई। श्री कुमार द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन में प्रायः उन्हीं दावों को प्र्रस्तुत किया गया है, जो संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखे गये हैं। श्री कुमार द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन में किसी नये तथ्य का समावेश नहीं किया गया है, जिसके आधार पर उक्त दंडादेश पर पुनर्विचार किया जा सके।

अतएव श्री अनुज कुमार, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, मुंगेर को विभागीय ज्ञापांक-315, दिनांक- 12.01.2022 के द्वारा संसूचित दंडादेश के विरूद्ध समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन को निरस्त करते हुए पूर्व में संसूचित दंडादेश को यथावत्‌ बरकरार रखे जाने का निर्णय लिया गया है। आदेश :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, उपेन्द्र प्रसाद, उप सचिव।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 7—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 May 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2025-05-07.19/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2025-05-07.19.