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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 14 May 2025

Published 14 May 2025

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2025-05-14.20
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

(cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 24 वैशाख 1947 (श0) सं(cid:201)या 20 पटना, बुधवार, ———————— 14 मई 2025 (ई0) भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-09 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

---

भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।

---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची पृष्ठ

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 10-13 पूरक

---

पूरक-क 14-20(cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 2

भाग-1

िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत

सूचनाएं। —————

ग्रामीण कार्य विभाग

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अधिसूचनाएं

4 मार्च 2025

सं0 05/अ0प्र0-01-38/2024-2554--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300 दिनांक 13.10.2023 में सन्नहित प्रावधान के आलोक में अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना के अन्तर्गत कार्यरत निम्नांकित डिप्लोमाधारी कनीय अभियंताओं (असैनिक) को 28 प्रतिशत निर्धारित कोटा के अधीन बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 में वेतनमान सहित (पे मैट्रिक्स रू0 53100-1,67,800/-पे लेवल-09) में सहायक अभियंता (असैनिक) के पद का अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार दिया जाता हैः-

क्र0 सं0 नाम गृह जिला मूल कोटि की वरीयता क्रमांक (सिविल लिस्ट, 2024 के अनुसार) अभ्युक्ति
1 2 3 4 6
1 श्री बद्री प्रसाद मण्डल भागलपुर 16 ST
2 श्री विश्व प्रताप सिंह मुंगेर 23 BC-II
3 श्री अनन्त कुमार जहानाबाद 31 GEN (BC)
4 श्री चन्दन कुमार पष्चिम चम्पारण 32 GEN (BC)
5 श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय गोपालगंज 33 General
6 श्री सुजीत कुमार औरंगाबाद 34 GEN (BC)
7 श्री सुधीर कुमार जहानाबाद 35 General
8 श्री पंकज कुमार खगड़िया 36 General
9 श्री सुरेन्द्र कुमार सिंह पूर्वी चम्पारण 39 General
10 श्री उमेश ईटावा (उ0प्र0) 40 General
11 श्री अरूण कुमार पटना 41 GEN (MBC)
12 श्री रवि शंकर मंडल बांका 45 GEN (MBC)
13 श्री धीरज कुमार औरंगाबाद 47 GEN (MBC)
1 4 श्री रंजीत कुमार गया 49 GEN (BC)
15 श्री दिनेश कुमार रोहतास 50 GEN (BC)
16 श्री आशनारायण कुमार शिवहर 51 GEN (BC)
17 श्री सुनील कुमार प्रसाद पटना 52 GEN (BC)
18 श्री सुभाष कुमार पटना 55 GEN (BC)
19 श्री मनोरंजन पूर्वी चम्पारण 56 General
20 श्री रोहित कुमार पूर्वी चम्पारण 58 GEN (MBC)
21 श्री आलोक कुमार मुंगेर 60 GEN (MBC)
22 श्री अमरेन्द्र कुमार सिंह समस्तीपुर 61 GEN (BC)
23 श्री शुभम कुमार पलामू (झारखण्ड) 62 General
24 श्री विवेकानन्द वैषाली 63 GEN (MBC)
25 श्री चितरंजन राहुल जहानाबाद 64 GEN (MBC)
26 श्री धर्मवीर कुमार जमुई 68 GEN (BC)
27 श्री राजू कुमार रोहतास 69 GEN (MBC)
28 श्री धनंजय कुमार पटना 73 General
29 श्री शलेन सिन्हा नालंदा 76 GEN (BC)
30 श्री तरूण कुमार पटना 80 GEN (BC)
31 श्री सुनील कुमार यादव मधेपुरा 81 GEN (BC)
32 श्री रवि कुमार पटना 82 GEN (BC)
33 श्री नरेन्द्र कुमार नालंदा 83 GEN (BC)
34 श्री मनोज कुमार नालंदा 85 GEN (MBC)
35 श्री ज्ञान चन्द्र नालंदा 86 GEN (BC)
36 श्री सौरभ कुमार गोपालगंज 87 GEN (BC)
37 श्री गीता सिंह सिवान 89 GEN (BC)
38 श्री रंजीत कुमार सिंह सारण 92 GEN (BC)
39 श्री रंजीत कुमार अररिया 93 GEN (MBC)
40 श्री मनोज शंकर प्रकाश पटना 94 GEN (MBC)
41 श्री कुमार गौतम गिरि भागलपुर 95 GEN (MBC)
42 श्री विजय कुमार पाण्डेय पटना 96 GEN (MBC)
43 श्री विकास कुमार शेखपुरा 97 GEN (BC)
44 श्री नीरज कुमार मुंगेर 98 GEN (MBC)
45 श्री गणेश कुमार औरंगाबाद 99 GEN (BC)
46 श्री संजीव कुमार पासवान कटिहार 100 GEN (SC)
47 श्री इन्द्रजीत राम औरंगाबाद 101 GEN (SC)
48 श्री अजय कुमार सुपौल 102 GEN (MBC)
49 श्री नित्या नन्द सिंह औरंगाबाद 103 GEN (BC)
50 श्री प्रकाश कुमार महतो राँची, (झारखंड) 104 General
51 श्री अशोक कुमार इलाहाबाद (प्रयागराज), उत्तर प्रदेश 105 General
52 श्री प्रदीप कुमार रोहतास 106 GEN (MBC)
5 3 श्री राम दुलार चौहान गया 107 GEN (MBC)
54 श्री छोटे पाल अरवल 108 GEN (MBC)
3 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 4 5 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025

निहित शर्तो के अध्यधीन है।

3. उपर्युक्त कर्मियों/पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से सहायक अभियंता के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।

4. कार्यकारी व्यवस्था की यह प्रक्रिया माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या 4880/2017 राज्य सरकार एवं अन्य बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से होने की शर्त पर औपबंधिक रूप से प्रदान की जा रही है।

5. (क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद सहायक अभियंता (असैनिक) का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा अगले आदेश तक अपने कार्यों के अतिरिक्त पूर्व धारित पद कनीय अभियंता (असैनिक) का कार्य भी पूर्ववत करते रहेंगे।

(ख) अस्थायी स्थानांतरण कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदा प्रभार आदेश को रद्‌द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गई अन्तर राशि की भी वसूली कर ली जायेगी।

6. यदि इस अधिसूचना में कोई भूल अथवा टंकण आदि की त्रुटि परिलक्षित हो तोः-

(क) संयुक्त सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना को आवेदन संबोधित कर शुद्धिपत्र निर्गत करने का अनुरोध किया जाय।

(ख) अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार में अगर कोई कठिनाई हो, तो विभागीय संयुक्त सचिव से सम्पर्क स्थापित कर वस्तुस्थिति से उन्हें अवगत करायेंगे।

7. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कुमार अनिल सिंहा, संयुक्त सचिव।

------ गृह विभाग (आरक्षी शाखा) सैनिक कल्याण निदेशालय मुख्य सचिवालय, ब्लॉक-2, द्वितीय तल, पटना-800015 ------ अधिसूचना 22 अप्रील 2025

सं0 सै0क0नि0/03/07/2024-870--मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में दिनांक 20.03.2025 को आयोजित चयन समिति की अनुशंसा तथा बिहार पूर्व सैन्य पदाधिकारी सेवा नियमावली, 2016 के प्रावधानों के आलोक में आरक्षणवार निम्न सेवानिवृत्त सैन्य पदाधिकारियों को जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से योगदान की तिथि से नियुक्त किया जाता है :-

Ser No Service No Rank Name Permanent address Present address E-mail Id/ Contact No Category
1 IC-50018M Col Manish Kumar Permanent address Gola Road, Kadam Kuan, Nawada-805110 Present address 202, Minakshi Tower, Jay Prakash Nagar, Rajeev Nagar, Patna-800025 mk2shal@ gmail.com 8 130402644 SC
2 03689H Capt (IN) Keshav Sharma Permanent address VPO-Sariya Bazar, Via- Paroo, Dist-Muzaffarpur, Bihar, Pin-843112 Present address M-105, Jalvayu Towers Jhajra, Dehradoon-248015 keshshar27@ gmail.com 9 531856243 EBC
3* 88132Z Cdr Ramji Roy Permanent address Vill-Mahua Singh Ray, Ward No-3, PO-Mahua, Dist-Vaishali-844122 Present address Flat No-Gomati-12, Nawal Park, LBS Road, Ghatkopar (West) Maharastra-400086 roy_ramji@ yahoo.com 8 281128598 BC
*Note :-Subject to verification of original discharge book.
4 IC-49941X Col Ajoy Kumar Sinha Permanent address Flat No-4W AWHO, Gurjinder Vihar, Sector-CHI 1, Greater Noida, Kasara Dist-Gautam Budh Nagar (U.P.), Pin-201310 Present address -Same- ajoyksinha@ yahoo.com 9 868824772 Gen (un- reserved)
5 20524 Gp Capt Vishwajeet Kumar Permanent address Pitamber Bhawan, Sharda Nagar, Purnea, Bihar-854301 Present address 4F-702 AWHO, Gurjinder Vihar, Greater Noida, (U.P.), Pin-201315 vish524@ yahoo.co.in 9 910069659 Gen (un- reserved)
(cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 6

3. योगदान के समय असैनिक मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के स्तर से निर्गत चिकित्सा प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।

4. नियुक्ति का आदेश निर्गत होने की तिथि से एक माह के अन्दर योगदान करना अनिवार्य होगा। 5. नियुक्ति के फलस्वरूप योगदान देने के लिए किसी प्रकार का यात्रा भत्ता अनुमान्य नहीं होगा। 6. उपरोक्त भूतपूर्व सैन्य पदाधिकारी अपना योगदान सैनिक कल्याण निदेशालय, मुख्य सचिवालय, ब्लाँक-2, द्वितीय तल, पटना-800015 में करेंगे।

आदेश से, अरविन्द कुमार चौधरी, अपर मुख्य सचिव।

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गृह विभाग

(आरक्षी शाखा)

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अधिसूचनाएं

24 फरवरी 2025

सं0 2/थाना-10-67/2024-2272--गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के स्वीकृत्यादेष संख्या-2349 दिनांक 23.02.2024 द्वारा स्वीकृत एवं विभागीय अधिसूचना सं0-2517 दिनांक 01.03.2024 द्वारा सुपौल जिला के लौकहा ओ0पी0 को थाना के रूप में उत्क्रमित किये जाने के फलस्वरूप राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक एवं भौगोलिक दृष्टिकोण से निम्न तालिका विनिर्दिष्ट गाँव जो अबतक सुपौल जिला के सुपौल अंचल के सुपौल थाना के अन्तर्गत था, आगे उसी जिला और सुपौल अंचल के ''लौकहा थाना'' में शामिल किया जाता हैः-

क्र0 पंचायत का नाम क्र0 गॉव का नाम प्रत्येक गॉव का राजस्व थाना संख्या थाना का नाम जिसके क्षेत्राधिकार से गॉव को काटा गया है
हिन्दी में अंगे्रजी में
1 लौकहा 1 लौकहा Lokaha 205 सुपौल
2 झहुरा Jhahoora 209 सुपौल
2 अमहा 3 अमहा Amha 206 सुपौल
3 बरूआरी पूरब बरूआरी पंचायत का आधा भाग नहर से पूरब 4 बरूआरी Baruari 204 सुपौल
5 कठमासी Kathmasi 207/2 सुपौल
4 एकमा 6 एकमा Ekma 211 सुपौल
7 बेला Bela 210 सुपौल
7 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार दास, उप सचिव।

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24 फरवरी 2025

सं0 2/थाना-10-67/2024-2273--गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के स्वीकृत्यादेष संख्या-2349 दिनांक 23.02.2024 द्वारा स्वीकृत एवं विभागीय अधिसूचना सं0-2517 दिनांक 01.03.2024 द्वारा सुपौल जिला के राजेष्वरी ओ0पी0 को थाना के रूप में उत्क्रमित किये जाने के फलस्वरूप राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक एवं भौगोलिक दृष्टिकोण से निम्न तालिका विनिर्दिष्ट गाँव जो अबतक सुपौल जिला के छातापुर अंचल के राजेष्वरी ओ0पी0 के अन्तर्गत था, आगे उसी जिला और छातापुर अंचल के ''राजेष्वरी थाना'' में शामिल किया जाता है :-

क्र0 पंचायत का नाम क्र0 गॉव का नाम प्रत्येक गॉव का राजस्व थाना संख्या थाना का नाम जिसके क्षेत्राधिकार से गॉव को काटा गया है
हिन्दी में अंगे्रजी में
1 राजेश्वरी पूर्वी 1 राजेश्वरी Rajeshwari 178 पूर्व से राजेष्वरी ओ0पी0 के अन्तर्गत हैैै।
2 राजेश्वरी बेचिरागी Rajeshwari Bechiragi 230
3 कतराही फकीरना Katrahi Fakirna 229
2 राजेश्वरी पष्चिमी 4 राजेश्वरी मिलिक Rajeshwari Milik 179
5 बैरिया Bairiya 177
3 ग्वालपाड़ा 6 ग्वालपाड़ा Gwalpada 226
7 रतनसार Ratansar 227
8 भवानीपुर Bhawanipur 228
4 चुन्नी 9 कामत किषुनगंज Kamat Kishunganj 181
5 महम्मदगंज 10 महम्मदगंज Mahammadganj 180
11 कटही Katahi 225
6 चरणे 12 चरणे Charne 231

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार दास, उप सचिव।

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24 फरवरी 2025

सं0 2/थाना-10-67/2024-2274--गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के स्वीकृत्यादेष संख्या-2349 दिनांक 23.02.2024 द्वारा स्वीकृत एवं विभागीय अधिसूचना सं0-2517 दिनांक 01.03.2024 द्वारा सुपौल जिला के ललितग्राम ओ0पी0 को थाना के रूप में उत्क्रमित किये जाने के फलस्वरूप राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक एवं भौगोलिक दृष्टिकोण से निम्न तालिका विनिर्दिष्ट गाँव जो अबतक सुपौल जिला के छातापुर अंचल के छातापुर थाना के अन्तर्गत था, आगे उसी जिला और छातापुर अंचल के ''ललितग्राम थाना'' में शामिल किया जाता है :-

क्र0 पंचायत का नाम क्र0 गॉव का नाम प्रत्येक गॉव का राजस्व थाना संख्या थाना का नाम जिसके क्षेत्राधिकार से गॉव को काटा गया है
हिन्दी में अंगे्रजी में
1 मधुबनी 1 मधुबनी Madhubani 98 छातापुर
2 बरदाहा जयनगर Bardaha Jaynagar 97 छातापुर
2 लक्ष्मीनियां 3 लक्ष्मीनियां Lakshminiya 102 छातापुर
4 महादेवपट्‌टी Mahadevpatti 88 छातापुर
5 बरमोत्रा Barmotra 87 छातापुर
6 टेंगरी Tengri 89 छातापुर
7 कालिकापुर Kalikapur 101 छातापुर
8 डोडरा Dodra 100 छातापुर
(cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 8

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार दास, उप सचिव।

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24 फरवरी 2025

सं0 2/थाना-10-67/2024-2275--गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के स्वीकृत्यादेष संख्या-2349 दिनांक 23.02.2024 द्वारा स्वीकृत एवं विभागीय अधिसूचना सं0-2517 दिनांक 01.03.2024 द्वारा सुपौल जिला के डगमारा ओ0पी0 को थाना के रूप में उत्क्रमित किये जाने के फलस्वरूप राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक एवं भौगोलिक दृष्टिकोण से निम्न तालिका विनिर्दिष्ट गाँव जो अबतक सुपौल जिला के निर्मली अंचल के कुनौली थाना के अन्तर्गत था, आगे उसी जिला और निर्मली अंचल के ''डगमारा थाना'' में शामिल किया जाता है :-

क्र0 पंचायत का नाम क्र0 गॉव का नाम प्रत्येक गॉव का राजस्व थाना संख्या थाना का नाम जिसके क्षेत्राधिकार से गॉव को काटा गया है
हिन्दी में अंगे्रजी में
1 डगमारा 1 राजपुर Rajpur - कुनौली
2 डगमारा Dagmara 12 कुनौली
3 ठेहो Theho - कुनौली
4 आनंदपुर Anandpur - कुनौली
5 सोनापुर Sonapur - कुनौली
6 हनुमानगढ़ी Hanumangadhi - कुनौली
7 लालमनपट्‌टी Lalmanpatti - कुनौली
8 नवका टोला Nawka Tola - कुनौली
9 सिकरहट्‌टा Sikarhatta 13 कुनौली
10 चुटियाही Chutiyahi - कुनौली
11 पिपराही Piprahi - कुनौली
12 सीतापुर पलार Sitapur Palar - कुनौली
13 चुटियाही पलार Chutiyahi Palar - कुनौली
14 सिकरहट्‌टा पलार Sikarhatta Palar - कुनौली
15 डगमारा पलार Dagmara Palar - कुनौली
2 कमलपुर 16 हरजोती कमलपुर वार्ड नं0-13 एवं 14 Harjoti Kamalpur Ward no. 13 & 14 02 कुनौली
17 बगजान Bagjan - कुनौली
18 कमलपुर दक्षिण Kamalpur Dakshin - कुनौली

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार दास, उप सचिव।

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24 फरवरी 2025

सं0 2/थाना-10-67/2024-2276--गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के स्वीकृत्यादेष संख्या-2349 दिनांक 23.02.2024 द्वारा स्वीकृत एवं विभागीय अधिसूचना सं0-2517 दिनांक 01.03.2024 द्वारा सुपौल जिला के भीमनगर ओ0पी0 को थाना के रूप में उत्क्रमित किये जाने के फलस्वरूप राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक एवं भौगोलिक दृष्टिकोण से निम्न तालिका विनिर्दिष्ट गाँव जो अबतक सुपौल जिला के बसंतपुर अंचल के बीरपुर थाना के अन्तर्गत था, आगे उसी जिला और बसंतपुर अंचल के ''भीमनगर थाना'' में शामिल किया जाता है :-

9 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025
क्र0 पंचायत का नाम क्र0 गॉव का नाम प्रत्येक गॉव का राजस्व थाना संख्या थाना का नाम जिसके क्षेत्राधिकार से गॉव को काटा गया है
हिन्दी में अंगे्रजी में
1 भीमनगर 1 भीमनगर Bhimnagar 01 बीरपुर
2 भगवानपुर 2 शिवनगर Shivnagar 12 बीरपुर
3 लालपुर Lalpur 02 बीरपुर
3 बसंतपुर 4 बैजनाथपुर Baijnathpur 09 बीरपुर
5 रानीगंज Raniganj 11 बीरपुर
4 दिनबंधी 6 कटैया Kataiya 60 बीरपुर
7 रघुनाथपुर Raghunathpur 10 बीरपुर

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार दास, उप सचिव।

------- कला, संस्कृति एवं युवा विभाग -------- अधिसूचनाएं 21 अप्रील 2025

सं0 1/वि.1-11/2019-691--बिहार लोक निर्माण संहिता के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-536 दिनांक 18.04.2019 में संशोधन करते हुए कार्यपालक अभियंता को विभागीय कार्यों पर प्राक्कलन व तकनीकी स्वीकृति प्रदान करने के पूर्व निर्धारित राशि र 3,50,000/- (तीन लाख पचास हजार रूपये) मात्र को बढ़ा कर र 10,00,000/- (दस लाख रूपये) मात्र तक की शक्ति प्रदान की जाती है।

2. इस पर विभागीय सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, स्मिता कुमारी, अवर सचिव।

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22 अप्रील 2025

सं0 1/स्था.1-05/2023-699--श्रीमती रूबी, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक, सांस्कृतिक कार्य, कला संस्कृति एवं युवा विभाग को कार्यहित में अपने कार्यों के अतिरिक्त निदेशक, छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय का प्रभार सौंपा जाता है। 2. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 3. इस पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, स्मिता कुमारी, अवर सचिव।

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29 अप्रील 2025

सं0 1/प्रो.1-01/2023-752--श्री विमल तिवारी, अपर निदेशक, जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय, पटना को कार्यहित में उनको पूर्व में आवंटित सभी संग्रहालयों यथा-(i) बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप, वैशाली, (ii) दीपनारायण सिंह संग्रहालय, हाजीपुर, (iii) छपरा संग्रहालय, छपरा, (iv) चेचर संग्रहालय, चेचर, (v) लोकनायक स्मृति भवन-सह-पुस्तकालय, सिताव दियारा (सारण) एवं (vi) रामचन्द्र शाही संग्रहालय, मुजफ्फरपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है।

2. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 3. प्रस्ताव पर माननीय मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, सुशान्त कुमार, उप सचिव।

—————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 8—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bihar.gov.in

(cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 10

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द । ————— सूचना -------

No. 436--I, Binod Kumar, S/o Satyanarayan Prasad, R/o Banstal Arah, Bhojpur Bihar- 802301 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-1992 dt 21.03.25 that Vanisha Kumari is my minor daughter her name is written in 9th educational documents and Aadhar card as Vanisha Kumari. In class 10th Admit card as Vanisha. Both names are same and one person. From now she shall be known as Vanisha Kumari for all purposes.

Binod Kumar.

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No. 437--I Mini Kumari W/O- Nagendra Kumar Singh R/O- Village + Post- Mahimapur , P/S.-Tekari , Distt- Gaya , 823002 Bihar. Do Here By Solemnly declared Vid. Affidavit No.- 1044 Dated 5th feb 2025.That Tanu Kumari is My Daughter. In his CBSE 10th Certificate My Name Wrongly Mentioned as Mini Devi. That I Shall be Known as My correct name i.e Mini Kumari For all Purposes.

Mini Kumari.

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No. 438--I, Md. Jahangir, S/o Md. Alim, R/o Darzi Tola, Sabzibagh, Chaman Maidan, Patna Bankipur, Patna, Bihar-800004 do hereby solemnly affirm and declare as per aff: No. 276 dt. 7.12.24 that my name is written in my Son's Md. Umar Alam all educational documents as Md. Jahangir Alam which is wrong. As per election ID my true/correct name is Md. Jahangir. Md. Jahangir Alam and Md. Jahangir both names are same and one person. From now I will be known as Md. Jahangir for all purposes.

Md. Jahangir.

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सं0 439--म(cid:583) (cid:466)(cid:287)पुरे(cid:219)(cid:289) कु मार, (cid:466)पता नागेश्वर शमा(cid:91), पुरानी बाजार, पो. िसमर(cid:547) ब(cid:468)(cid:201)तयारपुर, वाड(cid:91) सं.-18, थाना-

ं (cid:465)क सी.बी.एस.ई. वष(cid:91) 2024 ब(cid:468)(cid:201)तयारपुर, (cid:468)जला- सहरसा, (cid:466)बहार शपथ प(cid:287) सं.-782 (cid:465)दनांक 18.05.24 (cid:430)ारा यह सूिचत करता हू

(cid:430)ारा िनग(cid:91)त मेरे पु(cid:287) िशव ब(cid:219)धू कु मार के शै(cid:162)(cid:468)णक (cid:292)माण प(cid:287) म(cid:581) मेरा नाम अं(cid:274)ेजी म(cid:581) Tripundra Sharma दज(cid:91) हो गया है जो गलत है। सह(cid:547) नाम Tripurendra Kumar.

(cid:466)(cid:287)पुरे(cid:219)(cid:289) कु मार।

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सं0 440--मैं अभिषेक कुमार (Abhishek Kumar) पिता-दीपक सुन्दर, निवासी-फ्‌लैट नं0 204, नन्दलाोक अपार्टमेंट, रोड नं0 2, राजेन्द्र नगर, पो+पु-राजेन्द्र नगर+कदमकुआं, पटना, बिहार, पिनकोड 800016, शपथ पत्र सं0 3559, दिनांक 22/01/2025 द्वारा यह सूचित करता हुं कि अब से मैं अभिषेक श्रीवास्तव (Avishek Srivastav) के नाम से जाना एवं पहचाना जाऊंगा भविष्य में।

अभिषेक कुमार (Abhishek Kumar).

11 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025

सं0 441--मै संगीता, पति-श्री रतन कुमार भगत, निवासी-ए/130, भगत निवास नियर पंचशिव मंदिर कंकड़बाग हाउसिंग काँलोनी, कंकड़बाग, थाना-कंकड़बाग, पोस्ट-लोहिया नगर, पटना, बिहार-800020, शपथ पत्र सं. 1365 दि. 01.04.25 द्वारा सूचित करती हूँ कि मेरे वोटर आई. डी. कार्ड में मेरा नाम संगीता देवी (Sangita Devi) दर्ज है। आधार कार्ड के अनुसार मेरा सही नाम संगीता (Sangeeta) है। उपरोक्त दोनों नाम मेरा ही है। दोंनो नाम एक की व्यक्ति का है। अब सभी कार्यो एवं उद्देश्य हेतु संगीता (Sangeeta) के नाम से जानी व पहचानी जाऊगीं।

संगीता।

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No. 442--I, NEHA JHA, D/o Vijay kumar R/o UCO Bank Colony, Gola Road, Danapur, Patna, Bihar-801503 do solemnly affirm and declare that in my aadhar and pan my name is written NEHA JHA but I want to change my name as my Educational Certificates as NEHA RANI. I shall be known as NEHA RANI for my all future purposes Vide Affidavit No.–1789, Date–21/03/2025.

NEHA JHA.

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No. 443--I, Khan Sufwan Shahid S/o Perwez Ahmad Khan R/o Shahjuma Mahajan Toli. Sasaram, Rohtas, Bihar-821115 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-1092 dt. 11.03.2025 that my name is written in my Aadhar Card and 10th educational document as Sufwan Shahid. In 12th educational docuement written as Khan Sufwan Shahid Perwez Ahmad and in Gradutaion (B.A) educational documents written as Khan Sufwan Shahid. Above written all name are mine and same person, From now I will be known as Khan Sufwan Shahid for all purposes.

Khan Sufwan Shahid.

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सं0 447--मैं, शुभांगी पिता-श्री उमा शंकर झा, निवास-31, गौतम रंजन अपार्टमेन्ट, सिण्डिकेट बैंक के नजदीक, किदवईपुरी, पटना-जी0पी0ओ0 जिला-पटना-800001 शपथ पत्र सं0-691 दिनांक-09.12.2024 के द्वारा घोषणा करती हूँ कि पहले मेरा नाम शुभांगी (SHUBHANGI) था अब मैं शुभांगी झा (SHUBHANGI JHA) के नाम से जानी एवं पहचानी जाउँगी।

शुभांगी।

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No. 448--I, Ram Bhajan Ram S/o Yamun Prajapati, R/o Village+P.O.-Nahauna, P.S.- Sasaram (Muf.) Distt.-Rohfas, Bihar-821305 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-18 dt. 07.01.25 that my name is written in my son Raj Vidya Kumar's 10th all educational documents as Ram Bhajan Parsad and 12th all educational documents as Ram Bhajan Prasad which is wrong. As per Aadhar Card my correct name is Ram Bhajan Ram. Ram Bhajan Prasad, Ram Bhajan Parsad and Ram Bhajan Ram all names are same and one person. From now I will be known as Ram Bhajan Ram for all purposes.

Ram Bhajan Ram.

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सं0 449--म(cid:583), रेणु कु मार(cid:547) पित र(cid:466)व रंजन राके श, सा(cid:465)कन-पकड़(cid:547) साउथ ऑफ गैस एज(cid:581)सी माग(cid:91), पो.-आरा, थाना-आरा,

ं (cid:465)क मेरे आधार काड(cid:91) सं.

नवादा, (cid:468)जला-भोजपुर, (cid:466)बहारं शपथ प(cid:287) सं. -12394 (cid:465)दनांक 19.02.2025 (cid:430)ारा सूिचत करती हू

880043314703 म(cid:581) मेरा नाम रेणु देवी दज(cid:91) हो गया है जो गलत है। सभी शै(cid:162)(cid:468)णक (cid:292)माण प(cid:287)(cid:585) के अनुसार मेरा सह(cid:547) नाम रेणु कु मार(cid:547) है।

रेणु कु मार(cid:547)।(cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 12 No. 450--I Mini Kumari W/O- Nagendra Kumar Singh R/O- Village+Post-Mahimapur, P/S.-Tekari , Distt- Gaya , 823002 Bihar. Do Here By Solemnly declared Vid. Affidavit No.- 1045 Dated 5th feb 2025.That Anant Kumar is My Son. In his CBSE 10th Certificate My Name Wrongly Mentioned as Mini Devi. That I Shall be Known as My correct name i.e Mini Kumari For all Purposes.

Mini Kumari.

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No. 451--I, Gunjan Jha W/o Sonal Kumar Jha R/o Village-Mujauna, P.O.-Nirpur, Distt.- Samastipur, Bihar-848129 do hereby solemnly affirm ana declare as per aff. No. 3310 dated 25.02.25 that my son Priyanshu Kumar's name is written in his all educational documents as Priyanshu Kumar Jha. As per Aadhar Card, Pan Card and Birth certificate his name is Priyanshu Kumar. Both names are of same and one person From now he will be known as Priyanshu Kumar for all purposes.

Gunjan Jha.

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सं0 454--म(cid:583), (cid:466)ब(cid:219)दु कु मार(cid:547) पित-अमरनाथ (cid:292)साद, (cid:274)ाम पो(cid:232)ट-द(cid:429)पी, थाना-मदनपुर, (cid:468)जला-औरंगाबाद (cid:466)बहार।

ं (cid:465)क मेरे आधार काड(cid:91) म(cid:581) मेरा नाम (cid:466)ब(cid:219)दु देवी अं(cid:465)कत हो गया है, शपथ प(cid:287) सं. -4234, (cid:465)दनांक 24.02.2025 के (cid:430)ारा घोषणा करती हू

जो गलत है। सभी शै(cid:162)(cid:468)णक (cid:292)माण प(cid:287) के अनुसार मेरा सह(cid:547) नाम (cid:466)ब(cid:219)दु कु मार(cid:547) है। अब म(cid:583) (cid:466)ब(cid:219)दु कु मार(cid:547) के नाम से जानी व पहचानी जाऊं गी।

(cid:466)ब(cid:219)दु कु मार(cid:547)।

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No. 455--I, Rohit Kumar S/o Ramadhin Paswan R/o Choti Pahari, P.O.-Bari Pahari, P.S- Agamkuan, District–Patna, Bihar–800007 do hereby affirm that I have changed my surname and hereafter shall be known as ROHIT RAJ for all future purposes. Vide Affidavit No.-481, date - 21/03/2025.

Rohit Kumar.

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No. 456--I, Raghuveer Singh S/o Kashinath Singh, Nuaon, Distt.- Buxar, Bihar-802111 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-11651 dt. 16-10-24 that my name is written in my Aadhar card as Raghuveer, in Pan card as Raghuvir Singh which is wrong. As per Election ID card my true/correct name is Raghuveer Singh. Raghuveer, Raghuvir Singh and Raghuveer Singh all are same and one person. From now I will be known as Raghuveer Singh for all future and legal purposes.

Raghuveer Singh.

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No. 457--I Kumari Seema, W/o Uday Narayan Prasad, At-Khem Matihaniya, P.O.-Durg Matihania, P.S.-Bishwambharpur, Distt.-Gopalganj, Pin-841501 do solemnly affirm and declare as per Affidavit No. 275 dated 28.03.2025 that my daughter Shruti Shree 12th educational documents my name has been wrongly mentioned as Seema Singh. My correct name is Kumari Seema as my Aadhar Card and Election Id that I will be known as Kumari Seema for all future puposes.

Kumari Seema.

13 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025

सं0 458--म(cid:167) जु(cid:208)फ(cid:179)कार अहमद अंसारी, िपता मोहामद इ(cid:257)हीम अंसारी, पता वाड(cid:170) नंबर 11 महनार िजला - वैशाली शपथ प(cid:253) सं(cid:180)या-

ँ िक मेरी पु(cid:253)ी जूही बेनजीर (Juhi Benazeer) के माक(cid:170) शीट म(cid:164) भूल वश िपता का नाम 7290 िदनांक 18/12/2024 के (cid:300)ारा घोषणा करता ह(cid:243) Md Zulfaqouor Ahmad Ansari हो गया है जो क(cid:236) गलत ह(cid:167) जबिक सही नाम जु(cid:208)फ(cid:179)कार अहमद अंसारी (Zulfaqquor Ahmad Ansari) है ।

जु(cid:208)फ(cid:179)कार अहमद अंसारी।

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No. 459--I, Prabhat Kumar S/o Late Kedar Nath Prasad, R/o Ward No.-19 Lichhi Gacchi Gola. Bandh Road, P.O.-Head Post Office, P.S.-Town, Distt.-Muzaffarpur, Bihar-842001 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 15584 dt. 29.03.2025 that my name in written in my son Aniket Raj's 10th documents as Prabhat Raj. As per Aadhar Card and other legal documents my correct name is Prabhat Kumar. Both names are same and one person. From now I will be known as Prabhat Kumar for all purposes.

Prabhat Kumar.

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No. 460--I, Supragya Sharma, D/o Vinay Shankar Sharma, R/o House No.-26/A Road No.-04 North Patel Nagar VTC Phulwari, P.O.-Kesri Nagar Patna, Bihar-800024 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-14078 dt. 26.03.25 that my name is written in my minor son Pragyan Kashyap's' AISSE Marksheet Migration certificate as Supragya Sinha. In my Aadhar card written as Supragya Sharma. Both names are same and one person. From now I will be known as Supragya Sharma for all purposes.

Supragya Sharma.

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 8—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bihar.gov.in

(cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 14

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-01/2025--3274 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ संकल्प 7 मई 2025

श्री गौरव कृष्ण, बिहार कारा सेवा, अधीक्षक, मंडल कारा, आरा के विरूद्ध दिनांक-26.09.2024 को महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा मंडल कारा, आरा का किये गये औचक निरीक्षण में पाई गई कतिपय त्रुटियाँ/अनियमितता के आरोप के संबंध में विभागीय ज्ञापांक-8811 दिनांक-30.10.2024 द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की माँग की गई थी। तद्‌आलोक में श्री गौरव कृष्ण, अधीक्षक, मंडल कारा, आरा द्वारा पत्रांक-10738 दिनांक-16.12.2024 के माध्यम से स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।

2. श्री गौरव कृष्ण, अधीक्षक, मंडल कारा, आरा द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को सम्यक्‌ विष्लेषणोपरान्त अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17(3) के तहत उनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित किया गया तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17(4) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक-1235 दिनांक-11.02.2025 द्वारा श्री गौरव कृष्ण, अधीक्षक, मंडल कारा, आरा को आरोप पत्र (साक्ष्य सहित) की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोप पत्र में गठित आरोपों के आलोक में उनसे पन्द्रह (15) दिनों के अन्दर लिखित अभिकथन की माँग की गई थी।

3. तद्‌आलोक में श्री गौरव कृष्ण, अधीक्षक, मंडल कारा, आरा द्वारा पत्रांक-1791 दिनांक-25.02.2025 के माध्यम से लिखित बचाव अभिकथन समर्पित किया गया है। दिनांक-26.09.2024 को महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा किये गये औचक निरीक्षण के क्रम में कारा परिसर में अवस्थित मुलाकाती कक्ष में साफ-सफाई निम्न पाये जाने तथा ऑन-लाईन मुलाकाती व्यवस्था में अनियमितता पाये जाने के आरोप के संबंध में श्री गौरव कृष्ण का कहना है कि मुलाकाती कक्ष की साफ-सफाई नियमित रूप से करायी जाती है। दिनांक-26.09.2024 को पूर्वाह्‌न में बारिश होने के कारण बंदियों के परिजनों के आने-जाने के क्रम में मुलाकाती कक्ष गंदा हो गया था। प्रतीक्षा कक्ष में जो आलमीरा एवं टेबल रखा गया था वह मरम्मति की स्थिति में था और मरम्मति करवाने के लिए रखा गया था। मुलाकाती कक्ष का इस्तेमाल बंदियों के परिजनों को प्रतीक्षा करने के लिए ही किया जाता है। दिनांक-26.09.2024 को कुल 95 बंदियों के मुलाकाती हेतु ऑनलाईन पंजीकरण किया गया था, परन्तु कुल-80 परिजन ही मुलाकात करने के लिए उपस्थित हुए थे। इसलिए सिर्फ 80 बंदियों को ही मुलाकात कराया गया था। मुलाकाती से संबंधित पंजी संधारित है, जो कि कार्यालय में रखा जाता है। किसी भी बंदी के परिजन को पान-गुटखा खाकर कारा में प्रवेश नहीं दिया जाता है, फिर भी भूलवश किसी बंदी के मुलाकाती परिजन द्वारा पान-गुटखा खाकर दीवार पर थूक दिया गया होगा, जिसे मुलाकाती प्रभारी-सह-सहायक अधीक्षक, श्री अघ्र्य दीपक के द्वारा साफ-सफाई करवाते हुए पुताई करवा दिया गया है। मुलाकाती कक्ष में टफेन-ग्लास एवं इंटरकॉम अधिष्ठापित करने हेतु जिला पदाधिकारी, भोजपुर, आरा एवं कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग, भोजपुर, आरा से पत्राचार किया गया एवं कई बार व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर टफेन-ग्लास एवं इंटरकॉम अधिष्ठापित कराने हेतु अनुरोध किया गया, परंतु भवन निर्माण विभाग, भोजपुर, आरा के द्वारा कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की गई। मुलाकाती से संबंधित सभी आरोपों के लिए उनके द्वारा पूर्व में कई बार मिनट के माध्यम से एवं मौखिक रूप से भी सहायक अधीक्षक-सह-मुलाकाती प्रभारी, श्री अघ्र्य दीपक को निदेशित किया गया था, परंतु श्री दीपक द्वारा र्काव्य का निर्वहन नहीं किया गया।15 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 डायट चार्ट के अनुसार बंदियों को भोजन उपलब्ध नहीं कराये जाने के आरोप के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि बिहार कारा हस्तक, 2012 के आलोक में उनके द्वारा लिखित रूप से मिनट बुक के माध्यम से उपाधीक्षक को निदेशित किया गया है कि बंदियों को बिहार कारा हस्तक, 2012 में उल्लेखित डायट चार्ट के अनुसार भोजन उपलब्ध कराना है। दिनांक-26.09.2024 को डायट चार्ट के अनुसार नाष्ता में चाय, अंकुरित चना, मूँग, नींबू एवं 10 रूपये का फल दिया जाना था, परंतु संवेदक मे० फिल एण्ड टेक इंटरप्राईजेज, आरा के द्वारा अंकुरित चना एवं मे० सैफ अहमद, आरा के द्वारा अंकुरित मूँग की आपूर्ति नहीं की गई, जिसकी सूचना महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना को दी गयी। आपूरकों के द्वारा मूँग एवं चना की आपूर्ति नहीं करने के कारण बंदियों को चना, नींबू एवं 10 रूपये का फल दिया गया था। डायट चार्ट के अनुसार विचाराधीन बंदियों के लिए 250 ग्राम एवं सजावार बंदियों के लिए 300 ग्राम आटा दिया जाता है। पाकशाला में भोजन बनने से पहले डायट चार्ट के अनुसार सामग्री देने हेतु बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियमानुसार कारा में भोजन समिति का गठन किया गया है, जिनके द्वारा भोजन बनाने हेतु सामग्री डायट चार्ट के अनुसार ही प्राप्त किया जाता है, जिसके लिए एक पंजी संधारित की गई है। सामग्री प्राप्ति के पश्चात्‌ भोजन समिति के सदस्यों, उपाधीक्षक एवं उनके द्वारा उक्त पंजी को अद्यतन किया जाता है। बंदियों को उपलब्ध कराये गये भोजन की गुणवत्ता की जाँच दफा प्रभारी, उपाधीक्षक, कारा चिकित्सक एवं उनके द्वारा प्रतिदिन की जाती है, जिसके लिए भोजन गुणवत्ता से संबंधित पंजी भी संधारित की गई है, जिसे प्रतिदिन भोजन की गुणवत्ता जाँच करने के उपरांत अद्यतन किया जाता है।

व्यायामषाला काफी छोटे स्तर पर अधिष्ठापित रहने तथा उसी कक्ष में सब्जियाँ पाये जाने, वार्डों में टूटे नल से निर्बाध रूप से पानी बहते हुए पाये जाने एवं कारा परिसर में व्याप्त कुव्यवस्था के आरोप के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग, आरा के द्वारा कमरे का निर्माण कैंटीन संचालन के लिए ही किया गया था, जिसका प्रयोग पूर्व से ही कैंटीन संचालन मेे किया जा रहा था एवं व्यायामशाला के रूप में पूर्व से ही उक्त कक्ष को प्रयोग में लाया जा रहा है। चूँकि व्यायामशाला एवं पाकशाला बिल्कुल बगल में हैं तथा पाकशाला में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण दैनिक उपयोग हेतु सामग्री, यथा-हरी सब्जी, भिंडी, प्याज एवं आलू उसी कक्ष में रख दिया गया होगा। कुछ उद्दण्ड बंदियों के द्वारा बार-बार नल का दुरूपयोग कर तोड़ दिया जाता है, जिसे हमेशा बदलकर नया नल लगाया जाता है। निरीक्षण वाले माह में कम से कम 50 टूटे नल को बदलवाकर नये नल लगाये गये थे। कारा परिसर का जीर्ण-शीर्ण अवस्था वाले भवनों की मरम्मति करवाने हेतु पूर्व में कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग, भोजपुर, आरा से अनुरोध किया गया है।

कारा अस्पताल से कर्मियों के अनुपस्थित पाये जाने के आरोप के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि दिनांक-26.09.2024 को कारा अस्पताल में 05 बंदी इलाजरत्‌ थे तब उनका देख-रेख करने हेतु डॉ० आनंद मोहन मुकुल एवं मिश्रक, श्री संजय कुमार उपस्थित थे। दिनांक-25.09.2024 को विचाराधीन बंदी संतोष चौधरी, पे० सुरेन्द्र चौधरी की मृत्यु सदर अस्पताल, आरा में हो गई थी, जिसका पोस्टमार्टम दिनांक-26.09.2024 को सदर अस्पताल, आरा में हो रहा था, इसलिए कारा चिकित्सक श्रीमती अंजली लाल एवं परिधापक, श्री संजीत कुमार सदर अस्पताल में अपने कर्त्तव्य का निर्वहन कर रहे थे। परिधापक, श्रीमती सुप्रिया कुमारी दिनांक-24.09.2024 से 26.09.2024 तक कुल 03 दिनों के आकस्मिक अवकाश पर थीं एवं श्री रंजन कुमार, संविदा आधारित चिकित्सक जाम में फंस जाने के कारण अपने कर्त्तव्य पर विलम्ब से उपस्थित हुए थे।

कारा अस्पताल की पंजियों तथा भण्डार पंजी, द्वार पंजी (सामग्री), बिक्री बही, रोकड़ बही का नियमानुसार संधारण नहीं किये जाने तथा पुरूष कक्षपाल बैरक, महिला कक्षपाल बैरक एवं कारा पाकषाला बनकर तैयार रहने के बावजूद विधुत आपूर्ति नहीं होने के कारण अक्रियाषील रहने के आरोप के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि बिहार कारा हस्तक, 2012 के आलोक में उनके द्वारा कई बार लिखित रूप से मिनट बुक में मिनट के द्वारा एवं मौखिक रूप से उपाधीक्षक, श्री राजेश कुमार मिश्रा को सभी पंजियों को अद्यतन करने का निदेश दिया गया है, परंतु उनके द्वारा भंडार पंजी एवं द्वार पंजी (सामग्री)/बिक्री बही संधारित नहीं किया गया। आरोपित पदाधिकारी का अपने लिखित बचाव अभिकथन में कहना है कि पुरूष कक्षपाल बैरक तथा महिला कक्षपाल बैरक वर्तमान में वायरिंग कराकर उपयोग में लाया जा रहा है। पाकशाला में वायरिंग हेतु पत्राचार कर अनुरोध किया गया था, जिसके आलोक में वर्तमान में महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के निरीक्षण से पूर्व ही वायरिंग करवा लिया गया था, जिसे वर्तमान में बंदी कल्याण हेतु उपयोग में लाया जा रहा है।

4. आरोप पत्र एवं आरोपित पदाधिकारी द्वारा समर्पित लिखित बचाव अभिकथन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गई। आरोपित पदाधिकारी का अपने लिखित बचाव अभिकथन में कहना है कि मुलाकाती कक्ष की साफ-सफाई नियमित रूप से करायी जाती है। दिनांक-26.09.2024 को पूर्वाह्‌न में बारिश होने के कारण बंदियों के परिजनों के आने-जाने के क्रम में मुलाकाती कक्ष गंदा हो गया था। प्रतीक्षा कक्ष में जो आलमीरा एवं टेबल रखा गया था, वह मरम्मति की स्थिति में था और मरम्मति करवाने के लिए रखा गया था। मुलाकाती कक्ष का इस्तेमाल बंदियों के परिजनों की प्रतीक्षा करने के लिए ही प्रयोग किया जाता है। मुलाकाती कक्ष का इस्तेमाल किसी भी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जाता है, जबकि दिनांक- 26.09.2024 को महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा मंडल कारा, आरा के औचक निरीक्षण के क्रम में बंदियों के परिजनों हेतु कारा परिसर में अवस्थित परिजन कक्ष में साफ-सफाई निम्न पाई गयी, प्रतीक्षा कक्ष में टूटा आलमीरा एवं टेबल पाया गया, पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे स्पष्ट है कि मुलाकाती कक्ष का प्रयोग बंदियों के परिजनों हेतु नहीं किया जा रहा था। साथ ही बंदी मुलाकाती कक्ष की साफ-सफाई निम्न स्तर की पायी गई। दीवारों पर पान,16 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 गुटखा खाकर थूका हुआ पाया गया, प्रकाष की समुचित व्यवस्था नहीं पायी गयी, कक्ष में टफेन ग्लास एवं इन्टर कॉम अधिष्ठापित नहीं पाया गया। महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा निरीक्षण के क्रम में बंदियों के ऑन-लाईन मुलाकाती व्यवस्था की जाँच में पाया गया कि कुल 95 बंदियों में से सिर्फ 80 बंदियों से ऑन-लाईन मुलाकात कराया गया है, जबकि शेष 15 कराया जाना शेष है। कुल 25 बंदियों का आधार कार्ड उनके परिजन से लिया गया था। जाँच के क्रम में मुलाकाती प्रभारी द्वारा बताया गया कि 80 परिजनों/मुलाकाती का आधार कार्ड लिया गया है। उक्त निरीक्षण के क्रम में मुलाकाती के संबंध में किसी भी प्रकार की पंजी संधारित नहीं पायी गयी। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि मुलाकाती से संबंधित उक्त आरोपों के लिए उनके द्वारा सहायक अधीक्षक-सह-मुलाकाती प्रभारी, श्री दीपक अध्र्य को निदेषित किया गया था, किन्तु श्री अध्र्य द्वारा कर्त्तव्य निर्वहन नहीं किया गया। आरोपित पदाधिकारी के उक्त कथन से स्पष्ट प्रतीत होता है कि उनका अपने अधीनस्थ कर्मियों पर कोई प्रषासनिक नियंत्रण नहीं है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने स्तर से कारा का औचक निरीक्षण कर त्रुटियों/अनियमितता को दूर करने का कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया, परिणामस्वरूप दिनांक-26.09.2024 को महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के उक्त औचक निरीक्षण में उपरोक्त त्रुटियाँ दृष्टिगोचर हुई है।

आरोपित पदाधिकारी का अपने लिखित बचाव अभिकथन में कहना है कि दिनांक-26.09.2024 को डायट चार्ट के अनुसार नाष्ता में चाय, अंकुरित चना, मूँग, नींबू एवं 10 रूपये का फल दिया जाना था, परंतु संवेदक मे० फिल एण्ड टेक इंटरप्राईजेज, आरा के द्वारा अंकुरित चना एवं मे० सैफ अहमद, आरा के द्वारा अंकुरित मूँग की आपूर्ति नहीं की गई। आपूरकों के द्वारा मूँग एवं चना की आपूर्ति नहीं करने के कारण बंदियों को चना, नींबू एवं 10 रूपये का फल दिया गया था, जबकि उक्त निरीक्षण के क्रम में महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा पूछ-ताछ किये जाने पर तरूण बंदियों द्वारा बताया गया कि निरीक्षण की तिथि को उन्हें प्रातःकाल में चाय दिया गया, दोपहर में चावल, कढ़ी एवं लौकी की सब्जी दिया गया। तरूण खण्ड में अवस्थित वृद्ध वार्ड में संसीमित कई बंदियों द्वारा भी बताया गया कि सुबह के नाष्ते में उन्हें चाय दिया गया। महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा पृच्छा किये जाने पर उन्हें बताया गया कि बृहस्पतिवार के दिन नाष्ते में 100 ग्राम अंकूरित अनाज (नींबू एवं नमक के साथ), चाय 01 कप एवं 10/- रूपये का फल दिया जाना है। इस संबंध में आरोपित अधीक्षक, श्री गौरव कृष्ण से पूछे जाने पर कोई स्पष्ट उार नहीं दिया जा सका कि निरीक्षण की उक्त तिथि को निर्धारित भोजन क्यों नहीं दिया गया है। दिनांक-26.09.2024 को महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा मंडल कारा, आरा के निरीक्षण के क्रम में उपाधीक्षक के द्वारा बताया गया कि 04 रोटी दिया जाता है। बंदियों को दिये जाने वाला रोटी का वजन नियमानुसार 290 से 300 ग्राम होना चाहिए था, किन्तु उक्त निरीक्षण के क्रम में रोटी का वजन नियमानुसार नहीं पाया गया।

आरोपित पदाधिकारी का अपने लिखित बचाव अभिकथन में कहना है कि कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग, आरा के द्वारा कमरे का निर्माण कैंटीन संचालन के लिए ही किया गया था एवं व्यायामशाला के रूप में पूर्व से ही उक्त कक्ष को प्रयोग में लाया जा रहा है, जबकि महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा किये गये उक्त निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि कारा में संचालित कैंटीन एक बहुत बड़े कमरे में संचालित है, जिसका उपयोग अन्य सुधारात्मक कार्यों में किया जा सकता है। उक्त निरीक्षण में क्रम में पाया गया कि व्यायामषाला काफी छोटे स्तर पर अधिष्ठापित है, उसी कक्ष में बहुत सारे अनुपयोगी सामान रखे पाये गये। उसी कक्ष में अलग से सब्जियाँ, यथा-भिंडी, प्याज एवं आलू भी पाया गया। दिनांक-26.09.2024 को महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा मंडल कारा, आरा के सम्पूर्ण कारा परिसर एवं बंदी कक्षों के निरीक्षण के क्रम में कई स्थानों एवं वार्डों में टूटा नल से निर्बाध रूप से पानी बहते हुए पाया गया। कारा परिसर का भवन जीर्ण-षीर्ण अवस्था में पाया गया, जबकि जीर्ण-शीर्ण भवनों की मरम्मति हेतु आरोपित पदाधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूचि लेते हुए कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग, भोजपुर से समन्वय कर इसके निराकरण का प्रयास करना चाहिए था, जो इनके द्वारा नहीं किया गया है।

दिनांक-26.09.2024 को महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा किये गये उक्त निरीक्षण के दिन कारा अस्पताल में कुल 05 बंदी इलाजरत पाये गये, निरीक्षण के समय कारा चिकित्सक, श्रीमती अंजली लाल एवं श्री रंजन कुमार (संविदा) अपने र्काव्य से अनुपस्थित पाये गये। श्री संजय कुमार एवं श्रीमती सुप्रिया कुमारी, परिधापक भी अनुपस्थित थे। ऐसे समय में जब कारा अस्पताल में बंदी इलाजरत हैं, तो उनपर सत्‌त निगरानी एवं देख-रेख किया जाना चाहिए, जबकि उक्त चिकित्सा कर्मियों की कर्त्तव्य से अनुपस्थिति यह दर्शाता है कि अधीक्षक, श्री गौरव कृष्ण का कारा पर प्रषासनिक नियंत्रण का अभाव है। कारा अस्पताल से कर्मियों की अनुपस्थिति इलाजरत बंदियों के स्वास्थ्य के प्रति बरती गई घोर लापरवाही का द्योतक है। कारा में संसीमित बंदियों का समुचित इलाज/चिकित्सा मुहैया कराना कारा प्रषासन का मौलिक कर्त्तव्य है, जिसके अनुपालन में आरोपित पदाधिकारी की उदासीनता एवं लापरवाही परिलक्षित होती है। महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के उक्त निरीक्षण के क्रम में कारा में संधारित किये जाने वाले भंडार पंजी तथा द्वार पंजी (सामग्री)/बिक्री बही अव्यवस्थित व अनियमित पायी गई। भंडार पंजी में कई पृष्ठों पर अधीक्षक के हस्ताक्षर नहीं पाये गये। फल एवं Sprout वाले पन्ने में पूरे माह में प्रविष्टि नहीं पाई गई। बिक्री बही का संधारण दिनांक-20.09.2024 तक ही पाया गया। बिक्री बही किसी के द्वारा सत्यापित नहीं पाया गया। पंजी के किसी भी पृष्ठ पर किसी भी कर्मी/पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं था। द्वार पंजी का भी संधारण नहीं होना विभागीय आदेषों की अवहेलना का द्योतक है। रोकड़ पंजी दिनांक- 24.09.2024 तक संधारित पाया गया। भंडार पंजी में कई पृष्ठों पर अधीक्षक के हस्ताक्षर नहीं पाये जाने, बिक्री बही किसी के द्वारा सत्यापित नहीं होने, पंजी के किसी भी पृष्ठ पर किसी भी कर्मी/पदाधिकारी का17 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 हस्ताक्षर नहीं होने तथा द्वार पंजी का भी संधारण नहीं होने के संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मियों पर मामूली कार्रवाई कर आरोपों से बचने का प्रयास किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपित पदाधिकारी श्री गौरव कृष्ण द्वारा नियमति रूप से पंजियों का अवलोकन नहीं किया जाता है तथा उनके द्वारा अपने अधीनस्थों के कार्यों का सतत्‌ पर्यवेक्षण नहीं किया जाता है।

आरोपित पदाधिकारी का अपने लिखित बचाव अभिकथन में कहना है कि पुरूष कक्षपाल बैरक तथा महिला कक्षपाल बैरक वर्तमान में वायरिंग करा कर उपयोग में लाया जा रहा है। महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के निरीक्षण से पूर्व ही वायरिंग करवा लिया गया था, जिसे वर्तमान में बंदी कल्याण हेतु उपयोग में लाया जा रहा है, जबकि दिनांक-26.09.2024 को महनिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा मंडल कारा, आरा का किये गये औचक निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि पुरूष कक्षपाल बैरक, महिला कक्षपाल बैरक एवं कारा पाकशाला बनकर तैयार है, परन्तु विद्युत आपूर्ति न होने के कारण अक्रियाशील है, जबकि अधीक्षक को अविलंब भवन निर्माण विभाग/विद्युत कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित कर भवनों को सुचारू रूप से उपयोग किया जाना चाहिए था। स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी श्री गौरव कृष्ण, काराधीक्षक द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में कोताही एवं उदासीनता बरती गई है। उपरोक्त वर्णित तथ्यों से स्पष्ट है कि दिनांक-26.09.2024 को महनिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा मंडल कारा, आरा का किये गये औचक निरीक्षण के क्रम में पाई गई उपरोक्त त्रुटियाँ/ अनियमिताओं के संबंध में आरोपित पदाधिकारी श्री गौरव कृष्ण, काराधीक्षक द्वारा अपने पदीय दायित्वों के सम्यक्‌ निर्वहन में लापरवाही एवं कर्त्तव्यहीनता बरती गई है। यह बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-175, 200, 796 (i), (ii), 797 (iii), (viii), (xiv) के उल्लंघन का द्योतक है। अतः आरोपित पदाधिकारी का लिखित बचाव अभिकथन स्वीकार करने योग्य नहीं है। 6. अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में श्री गौरव कृष्ण, अधीक्षक, मंडल कारा, आरा द्वारा समर्पित लिखित बचाव अभिकथन को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (V) के प्रावधान के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित लघु दंड अधिरोपित किया जाता है :- "एक (01) वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड"। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजीव जमुआर, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

------- सं0 08/आरोप-01-317/2014 सा॰प्र॰-6902 सामान्य प्रशासन विभाग ------ संकल्प 17 अप्रील 2025

श्री ब्रज किशोर सदानंद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-844/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, किशनगंज (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) के विरूद्ध जिला गोपनीय प्रशाखा, किशनगंज के प्रभारी पदाधिकारी की हैसियत से कार्य करते हुए जिला पदाधिकारी, किशनगंज के मौखिक आदेश का हवाला देकर श्री राजीव रंजन, कार्यपालक अभियंता, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, किशनगंज के माध्यम से मनरेगा कर्मियों से एक बड़ी राशि की अवैध वसूली करने तथा मामला प्रकाश में आने पर मनरेगा कर्मियों से अवैध वसूल की गयी राशि वापस करने संबंधी आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, किशनगंज के पत्रांक-15 दिनांक 30.11.2014 द्वारा आरोप पत्र (जिला पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा गठित त्रिसदस्यीय जाँच समिति द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन सहित) अनुशासनिक कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराया गया। उक्त के आधार पर विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-14082 दिनांक 18.09.2015 द्वारा श्री सदानंद से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री सदानंद से प्राप्त स्पष्टीकरण पर पत्रांक-12531 दिनांक 14.09.2016 द्वारा जिला पदाधिकारी, किशनगंज से मंतव्य की माँग की गयी। जिला पदाधिकारी, किशनगंज के पत्रांक-374 दिनांक 09.02.2020 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ।

श्री सदानंद से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, किशनगंज से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। प्रतिवेदित आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए उक्त मामले की वृहद जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5885 दिनांक 19.06.2020 द्वारा श्री सदानंद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-1426 दिनांक 02.06.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें श्री सदानंद के विरूद्ध गठित आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया।

उक्त विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के क्रम में असहमति के बिन्दु पर आरोपित पदाधिकारी से अभ्यावेदन/लिखित अभिकथन की माँग की गयी। तदालोक में आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि जिला पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा इस संबंध में गठित त्रि-सदस्यीय जाँच समिति द्वारा यह सम्पुष्ट किया गया है कि श्री सदानंद ने कुछ लोगो के माध्यम18 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 से राशि ली और मामला प्रकाश में आने पर उसे वापस भी किया गया। अतएव इस गम्भीर एवं प्रमाणित आरोप के लिए श्री सदानंद के विरूद्ध सेवा से बर्खास्तगी का दंड विनिश्चित किया गया।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा उक्त विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-10051 दिनांक 06.09.2021 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति हेतु अनुरोध किया गया।

तदालोक में सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग से उक्त विभागीय प्रस्ताव के विचारार्थ दिनांक 31.01.2022 को सम्पन्न आयोग की पूर्ण पीठ की बैठक की कार्यवाही में अंकित निर्णय के अवतरण की सत्यापित प्रति आवश्यक कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराया गया। बिहार लोक सेवा आयोग के अभिमत में श्री सदानंद के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड को समानुपातिक नहीं माना गया, परन्तु उक्त विनिश्चित दंड के समानुपातिक नहीं होने के कारणों का उल्लेख आयोग द्वारा नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में आयोग के अभिमत से असहमत होते हुए श्री सदानंद को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत सेवा से बर्खास्त किये जाने संबंधी विभागीय प्रस्ताव पर स्वी—ति हेतु उक्त मामले को राज्यमंत्रिपरिषद्‌ के दिनांक 26.05.2022 की बैठक में प्रस्तुत किया गया। उक्त विभागीय प्रस्ताव पर राज्यमंत्रिपरिषद्‌ की बैठक में स्वी—ति के उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8580 दिनांक 31.05.2022 द्वारा श्री सदानंद को सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया।

उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री सदानंद द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसे स्वीकार योग्य नहीं पाये जाने की स्थिति में उक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अधिरोपित दंड सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी को पूर्ववत बरकरार रखे जाने संबंधी विभागीय प्रस्ताव राज्यमंत्रिपरिषद्‌ के समक्ष प्रस्तुत किया गया। राज्यमंत्रिपरिषद्‌ की दिनांक 20.09.2022 को सम्पन्न बैठक में श्री सदानंद से प्राप्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी संबंधी अधिरोपित दंड को बरकरार रखे जाने संबंधी विभागीय प्रस्ताव पर स्वी—ति प्रदान की गयी। तदालोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-17575 दिनांक 27.09.2022 द्वारा अधिरोपित एवं संसूचित दंड सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी को विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8580 दिनांक 31.05.2022 द्वारा पूर्ववत बरकरार रखा गया।

उक्त अधिरोपित दंड के विरूद्ध श्री सदानंद द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-16583/2022 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 07.01.2025 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित न्यायादेश का कार्यकारी अंश निम्नवत है :-

"In view of the discussions made hereinabove and well settled position in law, this Court finds that the present case is a case of gross injustice meted out to the petitioner by the concerned respondents, thus left with no option, but to set aside the impugned order dated- 31.05.2022, contained in Memo No. 8580, as also the order contained in Memo No.- 17575 dated- 27.09.2022

Accordingly, the writ petition stands allowed with all the consequential benefits, within a period of three months from the date of this order."

उक्त पारित न्यायादेश के आलोक में विधि विभाग, बिहार, पटना से परामर्श प्राप्त किया गया। विधि विभाग से प्राप्त परामर्श के उपरांत सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-16583/2022 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 07.01.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन के क्रम में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं॰-1093 दिनांक 20.11.2018 के आलोक में वित्त विभाग एवं विधि विभाग, बिहार, पटना की सहमति प्राप्त की गयी।

वित्त विभाग एवं विधि विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त परामर्श के उपरांत सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-16583/2022 (ब्रज किशोर सदानंद बिहार राज्य एवं अन्य) में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-07.01.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा श्री ब्रज किशोर सदानंद के विरूद्ध संसूचित दंडादेश को निरस्त करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश का अक्षरशः अनुपालन की अनुशंसा की गयी।

समिति द्वारा लिये गये उक्त निर्णय के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सदानंद को विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8580 दिनांक-31.05.2022 द्वारा संसूचित दंड को निरस्त करने, सेवा से बर्खास्तगी की तिथि से पुनः सेवा में स्थापित करने तथा सभी देय लाभ को भुगतान किये जाने का निर्णय लिया गया है।

अतएव श्री ब्रज किशोर सदानंद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-844/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, किशनगंज को विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8580 दिनांक-31.05.2022 द्वारा संसूचित दंड (सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी) एवं पुनर्विलोकन अस्वी—ति संबंधी विभागीय संकल्प ज्ञापांक-17575 दिनांक 27.09.2022 को निरस्त किया जाता है तथा सेवा से बर्खास्तगी की तिथि (दिनांक 31.05.2022) से पुनः सेवा में स्थापित किया जाता है। साथ ही, श्री सदानंद को पुनः सेवा में स्थापित किये जाने के पश्चात सभी देय लाभ का भुगतान किया जायेगा।19 (cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 08/नि0था0-11-06/2014 सा०प्र०-6924

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17 अप्रील 2025

श्री उमाशंकर राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-899/2011, तत्कालीन निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, मोतिहारी (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) के विरूद्ध राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पदस्थापन काल में आय के ज्ञात श्रोतों से अधिक परिसम्पति अर्जित करने के आरोपों पर आर्थिक अपराध थाना काण्ड संख्या-31/2013 दिनांक-17.07.2013 दर्ज किये जाने एवं इस क्रम में प्रत्यानुपातिक धनार्जन का साक्ष्य प्राप्त होने की सूचना पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना के पत्रांक 468/गो० दिनांक 18.07.2013 द्वारा उपलब्ध कराया गया। मामले की गंभीरता के मद्देनजर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12560 दिनांक-29.07.2013 द्वारा आदेश निर्गत की तिथि से श्री राम को निलंबित किया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4244 दिनांक-28.03.2014 द्वारा श्री राम के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-841 दिनांक-02.03.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गई। सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6626 दिनांक-01.06.2017 द्वारा श्री राम के विरुद्ध ''सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी)'' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया। उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री राम द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन के सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4334 दिनांक-03.04.2018 द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन अस्वीकृत करते हुए दण्ड को यथावत्‌ रखा गया।

उक्त दडांदेश के विरूद्ध श्री राम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी०डब्ल्यू०जे०सी० संख्या-12199/2019 दायर किया गया, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-07.01.2025 को पारित न्यायादेश में श्री राम को संसूचित दंडादेश को निरस्त कर दिया गया। माननीय उच्च न्यायालय,पटना द्वारा पारित न्यायादेश का कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ है :-

"-------25. In the case in hand, despite the request made by the Conducting Officer as well as the Presenting Officer, when the requisite necessary documents have not been supplied by the Economic Offence Unit, the Enquiry Officer, unfortunately, taken a somersault and observed that these documents are in relation to criminal case and not even necessary for the proper explanation to the charges levelled against the petitioner, in the opinion of this Court, suffers from the vice of infirmity.

26. This Court has also gone through the impugned order of dismissal and the order passed by the Reviewing Authority, which clearly depict the narrations of the fact as has been disclosed by the Superintendent of Police, Economic Offence Unit; there is no discussions and the mentioning of any specific particulars about the assets/properties amassed by the petitioner, disproportionate to his known source of income and the proof thereof- Neither the author of the letters, which have been placed as a documentary evidence in the memorandum of charge has been examined to prove its content nor the materials have been placed on record, whereby the charges have been proved and, as such, apart from the impugned orders are cryptic and unreasoned, it suffer from the vice of non-application of mind. Moreover, the impugned orders also failed to take into account the defence put forth by the petitioner, the copy of which is marked as Annexure-9 to the writ petition, which runs in 61 pages.

27. Having regard to the facts and circumstances and the discussions made hereinabove, the impugned orders as contained in Memo No- 6626 dated 01-06-2017 and in Memo No. 4334 dated 03-04-2018, are hereby set aside.

28. The respondents are directed to reinstate the petitioner back in service with continuity. However, setting aside the impugned orders would not preclude the respondent authorities to initiate a fresh departmental proceeding in conformity with the prescriptions provided under the Rules, 2005, if so advised.

(cid:464)बहार गजट, 14 मई 2025 20

29. The writ petition stands allowed. 30. There shall be no order as to cost(s)." उक्त पारित न्यायादेश के आलोक में एल०पी०ए० दायर किये जाने के संबंध में विद्वान महाधिवक्ता से परामर्श प्राप्त किया गया।

तदुपरांत माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन हेतु मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की अधिसूचना सं0-1093 दिनांक-20.11.2018 के आलोक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत मामले को दिनांक-24.03.2025 को आहुत बैठक में विचारार्थ रखा गया।

समिति द्वारा की गई अनुशंसा के सम्यक्‌ विचारोपरांत श्री उमा शंकर राम, बि0प्र0से0, को0क्र0-899/2011 के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6626 दिनांक-01.06.2017 द्वारा संसूचित दंडादेश एवं पुनर्विलोकन अस्वीकृति संबंधी आदेश यथा संकल्प ज्ञापांक-4334 दिनांक-03.04.2018 को निरस्त करते हुए सेवा से बर्खास्तगी की तिथि अर्थात दिनांक 01.06. 2017 से सेवा में पुनः स्थापित करने तथा प्रतिवेदित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत नये सिरे से आरोप पत्र पुनर्गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है।

अतएव श्री उमाशंकर राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-899/2011, तत्कालीन निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, मोतिहारी (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) को विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6626 दिनांक-01.06.2017 द्वारा संसूचित दंडादेश एवं पुनर्विलोकन अभ्यावेदन अस्वीकृति संबंधी आदेश विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4334 दिनांक-03.04.2018 को निरस्त करते हुए श्री राम को उनके बर्खास्तगी की तिथि अर्थात दिनांक-01.06.2017 से सेवा में पुनः स्थापित किया किया जाता है। श्री राम को सेवा में पुनः स्थापित किये जाने के पश्चात नये सिरे से आरोप पत्र पुनर्गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई संबंधी आदेश अलग से निर्गत किया जायेगा। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश प्रसाद, अवर सचिव।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 8—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

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