निबंधन संख्या पी0टी0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 6 भा(cid:289) 1947 (श0)
(सं0 पटना 1425) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 28 अग(cid:232)त 2025 —
उद्योग ———— संकल्प 26 अगस्त 2025 BIIPP
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 जैसी निवेशक-अनुकूल नीति और कई प्रगतिशील उप-क्षेत्रीय नीतियों की सफलता ने राज्य के औद्योगिक वातावरण को बदल दिया है। यह नीति वर्तमान में लागू है एवं आगे भी लागू रहेगी। राज्य के औद्योगिक विकास को तीव्र गति देने हेतु बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के अंतर्गत '' BIIPP प्रस्तावित है, जिससे औद्योगिक निवेश होने से विकास में तेजी आयेगी तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर का सृजन एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) में मजबूती तथा यह राज्य भर में संतुलित, सतत् और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगी। यह पैकेज 31 मार्च 2026 तक SIPB अनुमोदित मामलों के लिए मान्य होगा। इस विशेष आर्थिक पैकेज में निवेशकों को बिहार में उद्योग लगाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज अनुदान/पूँजीगत अनुदान/राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) प्रतिपूर्ति की अधिसीमा बढ़ाने हेतु निम्नलिखित प्रावधान हैं :-
पूर्व में उच्च प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ब्याज अनुदान की सीमा 20 करोड़ रु0 को दुगुना कर 40 करोड़ रु0 प्रस्तावित है। इसी प्रकार प्राथमिकता एवं गैर प्राथमिकता क्षेत्रों में ब्याज अनुदान की राशि 10 करोड़ रु0 को बढ़ाकर 20 करोड़ रु0 किये जाने का प्रस्ताव है। सूक्ष्म एवं लघु ईकाइयों के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (CGTSME) शुल्क को अतिरिक्त रूप से देने की व्यवस्था की गई है।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 28 अग(cid:232)त 2025 2 क्षेत्रीय आर्थिक समानता सुनिश्चित करने के लिए राज्य को दो क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है। जिन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास कम हो रहा है, वहाँ पर निवेश प्रोत्साहन को ज्यादा आकर्षक बनाया गया है। पूर्व में ब्याज सब्सिडी के साथ किसी भी उद्योग की लागत का 100 प्रतिशत तक SGST की प्रतिपूर्ति 05 वर्षों के अंतर्गत की जाती थी। अब SGST को एक स्वतंत्र विकल्प के रूप में देकर उसकी अधिसीमा को 300 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव है और प्रतिपूर्ति की अवधि को बढ़ाकर 14 वर्षों तक करने का प्रावधान किया गया है। पूर्व में पूँजीगत अनुदान (Capital Subsidy) की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसे भी एक विकल्प के रूप में प्रस्तावित किया जा रहा है। उद्योगों को परियोजना लागत के आधार पर 20 प्रतिषत से 30 प्रतिशत तक पूँजीगत अनुदान दिया जायेगा।
इस पैकेज के तहत रोजगार एवं निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक रुपये की टोकन राशि पर आवश्यकतानुसार निम्नवत् भूमि आवंटित की जायेगी-
(i) 100 करोड़ रु0 से ज्यादा निवेश करने वाले एवं न्यूनतम 1000 प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन करने वाले उद्योगों को 10 एकड़ तक भूमि आवंटित की जायेगी।
(ii) देश एवं दुनिया की अग्रणी कंपनियों (Anchor Industry) जिन्हें Fortune 500-Global and Indian में सूचीबद्ध किया गया है, उनके द्वारा 200 करोड़ रु0 से ज्यादा निवेश करने पर 10 एकड़ तक भूमि आवंटित की जायेगी।
(iii) 1000 करोड़ रु0 से अधिक निवेश करने वाले उद्योगों को 25 एकड़ तक भूमि आवंटित की जायेगी।
अन्य कंपनियों को बियाडा की अधिसूचित दर के 50 प्रतिशत पर भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। Common Facilities की सुगम उपलब्धता के दृष्टिकोण से विशिष्ट किस्म के पार्कों यथा Textile एवं Toy पार्क, फार्मा एवं चिकित्सा उपकरण पार्क, Educity एवं Medi City, Fin Tech City तथा Automobile/EV/OEM पार्क इत्यादि के निर्माण निवेशकों को आकर्षित करेगा। उद्योगों को कुछ नये प्रोत्साहन के प्रावधान हैं -यथा- (i) निर्यात प्रोत्साहन को दुगुना करना।
(ii) पर्यावरण संरक्षण प्रोत्साहन में ETP (Effluent Treatment Plant) लगाने पर 01 करोड़ रु0 तक का प्रोत्साहन।
(iii) नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग प्रोत्साहन।
(iv) सामान्य सुविधा केन्द्र (CFC) स्थापना का प्रोत्साहन।
(v) पेटेन्ट रजिस्ट्रेशन प्रोत्साहन।
(vi) गुणवत्ता प्रमाणन के लिए प्रोत्साहन।
बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन निवेश पैकेज-2025 में BIIPP 2016 अतर्गत दिये जाने वाले अन्य वित्तीय प्रोत्साहन यथा-रोजगार प्रोत्साहन, कौशल विकास प्रोत्साहन, स्टाम्प शुल्क/भूमि रूपांतरण पर 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति इत्यादि को यथावत रखा गया है। साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए Dovetailing की व्यवस्था भी रखी गयी है। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP), 2025 अनुलग्नक-1 के रूप में संलग्न है। पैकेज, 2025 पर वाणिज्यकर विभाग, उर्जा विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पर्यटन विभाग से औपचारिक रूप से विमर्शित है। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP), 2025 पर दिनांक-26.08.2025 की मंत्रिपरिषद् की बैठक की कार्यवाही के मद संख्या-01 के रूप में स्वीकृति प्रदान की गयी है। पैकेज की विस्तृत शर्तों एवं अन्य विवरणी पर विभाग द्वारा विभागीय मंत्री के अनुमोदन से संकल्प जारी किया जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अपर मुख्य सचिव।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 28 अग(cid:232)त 2025 3 BIIPP बिहार सरकार राज्य में कार्यरत इकाइयों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हेतु राजकोषीय प्रोत्साहनों की आवश्यकता को समझती है। इसके अनुसार बिहार सरकार ने राजकोषीय प्रोत्साहनों का एक अनुकूलित पैकेज तैयार किया है जो राज्य के तुलनात्मक लाभों को ध्यान में रखता है और राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देता है। औद्योगिक पैकेज 2025 सरकार द्वारा अधिसूचना की तिथि से 31 मार्च, 2026 तक लागू रहेगा। I इस पैकेज के तहत नयी औद्योगिक इकाइयों कोे 31 मार्च, 2026 या उसकेे पूर्व उद्योग विभाग के सिंगल विण्डो क्लियरेंस पोर्टल पर आवेदन करना होगा। औद्योगिक इकाई की न्यूनतम परियोजना लागत 50 लाख रुपये से ज्यादा होनी चाहिए, साथ ही परियोजना का कार्यान्वयन milestone 31 मार्च, 2027 के पूर्व प्राप्त करना होगा। विभिन्न प्रक्षेत्र के परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए milestone का दिशा-निर्देश विभाग द्वारा अलग से किया जायेगा। II. मौजूदा औद्योगिक इकाइयां जिन्होंने पहले ही BIIPP, 2016 के तहत प्रोत्साहन या लाभ प्राप्त कर लिया है और अपनी पात्रता अवधि पूरी कर ली है, वे बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 की तहत प्रोत्साहन का दावा करने के लिए पात्र होंगी, बशर्ते कि विस्तार बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 की अधिसूचना के बाद हो।
III. जिन औद्योगिक इकाइयों ने BIIPP, 2016 के अंतर्गत आवेदन किया था, लेकिन अभी तक वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ नहीं किया है और जिन्हें स्टेज-1 क्लियरेंस, वित्तीय प्रोत्साहन अथवा वाणिज्यिक उत्पादन तिथि - इनमें से किसी स्टेज की स्वीकृति प्राप्त नहीं है और जो बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 के तहत लाभ प्राप्त करना चाहती हैं, उन्हें नए पैकेज के अनुदान प्राप्त करने हेतु पुनः नया आवेदन करना होगा।
IV. नये औद्योगिक पैकेज BIIPP, 2025 के अन्तर्गत स्वीकृत इकाइयों द्वारा इस पैकेज के अन्तर्गत देय वित्तीय अथवा अन्य प्रकारों के प्रोत्साहनों का लाभ लेने पर उसी प्रकार के लाभ को अन्य नीतियों के अन्तर्गत नही लिया जा सकेगा। परन्तु अन्य नीतियों के अन्तर्गत उल्लिखित प्रोत्साहनों के प्रकार जो BIIPP, 2025 में उल्लिखित नहीं है, उनका लाभ Dovetailing के अन्तर्गत किया जा सकेगा। उदाहरण के तौर पर वस्त्र (Textile) प्रक्षेत्र के उद्योगों के द्वारा रोजगार अनुदान में वस्त्र प्रक्षेत्र विशेष के लिए जारी बिहार वस्त्र एवं चर्म नीति, 2022 में उल्लिखित वित्तीय प्रोत्साहन को लिया जा सकेगा एवं उस परिस्थिति में BIIPP, 2025 में उल्लिखित रोजगार अनुदान देय नहीं होगा। V. मौजूदा BIIPP, 2016 नीति के तहत पंजी—त एवं लाभ प्राप्त कर रही औद्योगिक इकाइयां बिहार औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 के तहत अनुदान या प्रोत्साहन के लिए पात्र नहीं होंगी।
VI. कार्यान्वयन के दौरान पैकेज में संशोधन अथवा परिवर्तन किया जा सकता है। परन्तु, ऐसे सभी संशोधन और परिवर्तन भावी रूप से लागू किये जाएंगे एवं पैकेज के अंतर्गत पूर्व से दिये गये किसी भी लाभ या रियायत में कटौती नहीं की जाएगी। Coverage
| 1. | खाद्य प्रसंस्करण | उच्च प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत कवरेज के लिए अचल संपत्ति और संयंत्र एवं मशीनरी (भूमि को छोड़कर) मे निवेश 05 ं (पाँच) करोड़ रुपये या अधिक होना चाहिए, अन्यथा इसे प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत कवर किया जाएगा। |
| 2. | वस्त्र एवंचर्म | उद्योग में कम से कम 50 प्रत्यक्ष कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रोजगार सृजन। (ड्राइवर, गार्ड आदि जैसे सहायक कर्मचारियों को छोड़कर)। |
| 3. | मीडिया और मनोरंजन घरानों के लिए सृजन | अचल संपत्तियों और संयंत्र एवं मशीनरी में निवेश (भूमि को छोड़कर) कम से कम 5 करोड़ रुपये होना चाहिए और कम से कम 50 प्रत्यक्ष कर्मचारियों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना। |
| 4. | लॉजिस्टिक्स | अचल संपत्तियों और संयंत्र एवं मशीनरी में निवेश (भूमि को छोड़कर) कम से कम 5 करोड़ रुपये होना चाहिए। |
| 5. | सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस) और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम), वैश्विक क्षमता केन्द्र (जीसीसी) | |
| 6. | इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) | |
| 7. | फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरण |
| 8. | खिलौना निर्माण | |
| 9. | नवीकरणीय और हरित ऊर्जा (सीबीजी और ईंधन आधारित इथेनॉल, मेथनॉल सहित) |
वे उत्पाद जो उच्च प्राथमिकता और प्राथमिकता के दायरे में नहीं आते और नकारात्मक सूची में शामिल नहीं हैं। निम्नलिखित इकाइयां जो नकारात्मक सूची में वर्णित हैं, वह इस पैकेज के अंतर्गत किसी भी सहायता के लिए पात्र नहीं होंगी।
i. मादक औषधियों का निर्माण करने वाली इकाइयां
ii. अल्कोहलिक पेय पदार्थों का निर्माण करने वाली इकाइयां
iii. एस्बेस्टस का निर्माण करने वाली इकाइयां
iv. कोई भी उद्योग जो पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव डालता हो
वैसी इकाइयां जिनके उत्पाद उच्च प्राथमिकता या प्राथमिकता वाले प्रक्षेत्र में वगीकृत नहीं है और नकारात्मक सूची में शामिल नहीं हैं, राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एस.आई.पी.बी.) उन उत्पादों को उच्च प्राथमिकता, प्राथमिकता या गैर प्राथमिकता वाले प्रक्षेत्र में विचार करने पर निर्णय ले सकता है। क्षेत्रीय आर्थिक समानता सुनिश्चित करते हुए औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सभी जिलों को औद्योगीकरण के विस्तार, के आधार पर क्षेत्र A और क्षेत्र B में वर्गी—त किया गया है। यह पैकेज क्षेत्र A को अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान करता है, जिन्हें केंद्रित नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश प्रोत्साहन की आवश्यकता है।
| 1 | क्षेत्र A | औरंगाबाद, अरवल, अररिया, बांका, भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, नवादा, नालन्दा, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, सुपौल, सीतामढ़ी, शेखपुरा, शिवहर, सीवान, पश्चिम चंपारण |
| 2 | क्षेत्र B | बेगूसराय, बक्सर, गया, मुजफ्फरपुर, पटना, वैशाली |
| विकल्प 1 | Table-1) |
| अथवा | |
| विकल्प 2 | ः तक भुगतान। Table-2) |
| अथवा | |
| विकल्प 3 | Table-3 |
| रोजगार प्रोत्साहन, निर्यात प्रोत्साहन,कौशल विकास प्रोत्साहन, पर्यावरण संरक्षण प्रोत्साहन, नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग प्रोत्साहन, सीएफसी विकास प्रोत्साहन, स्टाम्प शुल्क/भूमि सम्परिवर्तन शुल्क पर 100% प्रतिपूर्ति, निजी औद्योगिक पार्क के लिए प्रोत्साहन, पेटे ट पंजीकरण, गुणवत्ता प्रमाणन, ं सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए सीजीटीएसएमई शुल्क अतिरिक्त रूप से देय। | |
| अन्य राज्य सरकार की नीतियों और भारत सरकार की नीतियों के माध्यम से दिए जाने वाले प्रोत्साहन (सामंजस्य स्थापित करने की भी अनुमति है) |
े का एकमुश्त विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। यह चयन निवेशक द्वारा परियोजना शुरू होने के बाद प्रोत्साहन के लिए आवेदन समर्पित करने के दौरान किया जाएगा। इसके बाद आवेदक द्वारा दिए गए विकल्प को बदलने का कोई और अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा।
| SGST | |||
| 5 वर्षों के लिए 10% (सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए 12%) अधिकतम स्वी—त परियोजना लागत का 50% | 5 वर्षों के लिए 100% प्रतिपूर्ति, अनुमोदित परियोजना लागत का अधिकतम 100% | ||
| 5 वर्षों के लिए 10% (सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए 12%) स्वी—त परियोजना लागत का अधिकतम 30% 10 करोड़ से बढ़ाकर | 5 वर्षों के लिए 80% प्रतिपूर्ति, अनुमोदित परियोजना लागत का अधिकतम 100% | ||
| 5 वर्षों के लिए 10% (सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए 12%) स्वी—त परियोजना लागत का अधिकतम 15% 10 करोड़ से बढ़ाकर | 5 वर्षों के लिए 80% प्रतिपूर्ति, अनुमोदित परियोजना लागत का अधिकतम 70% |
विकल्प-1 अर्थात् ब्याज अनुदान और कर संबंधी प्रोत्साहन का विकल्प चुनने वाली पात्र इकाइयां नीचे दिए गए लाभों की हकदार होंगीः- (क) सभी पात्र इकाइयों को किसी (अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक) या RBI/SEBI द्वारा अनुमोदित वित्तीय संस्थान से लिए गए सावधि ऋण पर ''ब्याज अनुदान'' देय होगा।
(ख) ब्याज अनुदान के लिए ब्याज दर 10% या सावधि ऋण पर वास्तविक ब्याज दर, जो भी कम हो, होगी। सूक्ष्म और लघु इकाइयों के लिए, 12% ब्याज अनुदान होगा।
(ग) उच्च-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए अनुदान सीमा स्वी—त परियोजना लागत का 50% होगी। इस अनुदान की ऊपरी सीमा 40 करोड़ रुपये होगी।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 28 अग(cid:232)त 2025 6 (घ) प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए अनुदान सीमा स्वी—त परियोजना लागत का 30% होगी। इस अनुदान की ऊपरी सीमा 20 करोड़ रुपये होगी।
(ड.) गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए अनुदान सीमा स्वी—त परियोजना लागत का 15% होगी। इस अनुदान की ऊपरी सीमा 20 करोड़ रुपये होगी।
(च) सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों के लिए CGTMSE सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारण्टी फण्ड ट्रस्ट) शुल्क का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।
-कंडिका-4.3 मेंं वर्णित सभी इकाइयां ब्याज अनुदान के साथ निम्नलिखित सीमा तक एसजीएसटी प्रतिपूर्ति का लाभ प्राप्त कर सकती हैंः प ः पप ः पपप ः Table-2
वैसी इकाइयांजो विशेष SGST पैकेज (विकल्प 2) का विकल्प चुनती हैं, वे निम्नलिखित लाभों के लिए
| Large | ||||
| । | % | ः | ः | ः |
| % | ः | ः | ः | |
| ठ | % | ः | ः | ः |
| % | ः | ः | : | |
सभी नई इकाइयां वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तिथि से राज्य सरकार के खाते में जमा स्वी—त
SGST (विशुद्ध रूप से व्यापारिक व्यवसाय से उत्पन्न उनके द्वारा भुगतान किए गए किसी भी कर को छोड़कर) के विरुद्ध 100% प्रतिपूर्ति प्राप्त करने की हकदार होंगी। SGST प्रतिपूर्ति IGST एवं इस पैकेज के कार्यान्वयन की तिथि से इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में उपलब्ध एसजीएसटी क्रेडिट के समायोजन के बाद देय शुद्ध कर पर लागू होगी। यह प्रतिपूर्ति पात्र इकाईयों के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तिथि से 12 वर्षो तक देय होगी। इस संबंध में विभाग द्वारा वाणिज्य-कर विभाग के परामर्श से विस्तृत अनुदेश जारी किये जायेंगे।
▪ (अनुमोदित परियोजना लागत 50 करोड़ रुपये से अधिक और 200 करोड़ रुपये तक)
SGST प्रतिपूर्ति के लिए निम्नवत् पात्र होंगी :-
i. क्षेत्र A की इकाइयों के लिए, स्वी—त परियोजना लागत का 150% की अधिसीमा और स्वी—त परियोजना लागत का 25% की वार्षिक सीमा।
ii. क्षेत्र B की इकाइयों के लिए, स्वी—त परियोजना लागत का 125% की अधिसीमा और स्वी—त परियोजना लागत का 20% की वार्षिक सीमा।
▪
(स्वी—त परियोजना लागत ₹200 करोड़
से अधिक और ₹500 करोड़ तक ) SGST प्रतिपूर्ति के लिए निम्नवत् पात्र होंगी :
(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 28 अग(cid:232)त 2025 7i. क्षेत्र A की इकाइयों के लिए, ः की समग्र सीमा और स्वी—त परियोजना लागत के ः की वार्षिक सीमा के साथ। ii. क्षेत्र B की इकाइयों के लिए, ः की समग्र सीमा और स्वी—त परियोजना लागत के ः की वार्षिक सीमा के साथ। ▪
(स्वी—त परियोजना लागत 500 करोड़ रुपये से अधिक) SGST प्रतिपूर्ति के लिए निम्नवत् पात्र होंगी :
i. क्षेत्र A की इकाइयों के लिए, ः की समग्र सीमा और स्वी—त परियोजना लागत के ः की वार्षिक सीमा के साथ। ii. क्षेत्र B की इकाइयों के लिए, ः की समग्र सीमा और स्वी—त परियोजना लागत के ः की वार्षिक सीमा के साथ। Table-3
वृहत्, मेगा और सुपर मेगा श्रेणी की इकाइयाँ, जो पूंजीगत अनुदान (विकल्प-03) का चयन करती हैं,
| उच्च प ाथमिकता ्र क्षेत्र | प ाथमिकता ्र क्षेत्र | ग र ै प ाथमिकता ्र क्षेत्र | उच्च प्राथमिकता/प्राथमिकता/गैर प ाथमिकता क्षेत्र ्र | उच्च प ाथमिकता/प्राथमिकता/ गैर ्र प ाथमिकता क्षेत्र ्र | |
| स्वीकृत परियोजना लागत का 30% | स्वीकृत परियोजना लागत का 25% | स्वीकृत परियोजना लागत का 20% | स्वीकृत परियोजना लागत का 22% | स्वीकृत परियोजना लागत का 25%(कोई उच्चतम सीमा नहीं है) | |
| "A" | |||||
| "B" | स्वीकृत परियोजना लागत का 22% (कोई उच्चतम सीमा नहीं है) | ||||
| 10 वर्षो की अवधि में 10 समान वार्षिक किस्तो में | 12 वर्षो की अवधि में 12 समान वार्षिक किस्तो में | 14 वर्षो की अवधि में 14 समान वार्षिक किस्तो में |
इकाईयां वार्षिक किस्तों में पूंजी सब्सिडी का लाभ उठा सकती हैं और ऊपर Table-3 में उल्लिखित क्षेत्र और अनुमोदित परियोजना लागत के आधार पर वार्षिक अधिसीमा के अधीन हैं। I. (अनुमोदित परियोजना लागत 50 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 200 करोड़ रुपये से कम) 10 वर्षो की अवधि के लिए 10 वार्षिक किस्तों के रूप में पूंजीगत अनुदान के विशेष पैकेज के लिए निम्नलिखित शर्त्ताें के अधीन पात्र होंगी :-
(क) उच्च प्राथमिकता वाला क्षेत्र: स्वी—त परियोजना लागत का 30% पूंजीगत सब्सिडी
क्षेत्र 'A' की इकाइयों के लिए अधिकतम सीमा 40 करोड़ रुपये। क्षेत्र 'B' की इकाइयों के लिए अधिकतम सीमा 30 करोड़ रुपये।
(ख) प्राथमिकता वाला क्षेत्र: स्वी—त परियोजना लागत का 25% पूंजीगत सब्सिडी
क्षेत्र 'A' की इकाइयों के लिए अधिकतम सीमा 30 करोड़ रुपये। क्षेत्र 'B' की इकाइयों के लिए अधिकतम सीमा 25 करोड़ रुपये।
(ग) गैर-प्राथमिकता वाला क्षेत्र: स्वी—त परियोजना लागत का 20% पूंजीगत सब्सिडी क्षेत्र 'A' की इकाइयों के लिए अधिकतम सीमा 25 करोड़ रुपये। क्षेत्र 'B' की इकाइयों के लिए अधिकतम सीमा 20 करोड़ रुपये।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 28 अग(cid:232)त 2025 8 II. (अनुमोदित परियोजना लागत 200 करोड़ रुपये एवं अधिक) निम्नलिखित शर्तों के अनुसार 12 समान वार्षिक किस्तों में 12 वर्षों की अवधि के लिए अनुमोदित परियोजना लागत के 22% के पूंजीगत सब्सिडी के विशेष पैकेज के लिए पात्र होंगी।
क्षेत्र A में इकाइयों के लिए 110 करोड़ रुपये की ऊपरी सीमा। क्षेत्र B में इकाइयों के लिए 100 करोड़ रुपये की ऊपरी सीमा। III. (अनुमोदित परियोजना लागत 500 करोड़ रुपये से अधिक) निम्नलिखित शर्तों के अनुसार 14 समान वार्षिक किस्तों में 14 वर्षों की अवधि के लिए पूंजीगत सब्सिडी के विशेष पैकेज के लिए पात्र होंगीः- क्षेत्र A में इकाइयों के लिए अनुमोदित परियेाजना लागत का 25%। क्षेत्र B में इकाइयों के लिए अनुमोदित परियेाजना लागत का 22% ।
i- अनुदान औद्योगिक इकाई के पहले वर्ष के लिए पूंजीगत अनुदान के पहली वार्षिक किस्त के लिए बिना किसी शर्त के पात्र होगी।
ii- दूसरे वर्ष से औद्योगिक इकाई को देय अनुदान (समय-सीमा तक), समतुल्य वार्षिक किस्त के 100% के बराबर होगा, बशर्ते कि उत्पादन पिछले वर्ष के उत्पादन का कम से कम 75% या स्थापित क्षमता का 80%, जो भी अधिक हो। यदि यह शर्त पूरी नहीं होती है, तो पूंजीगत अनुदान आनुपातिक रूप से कम दिया जाएगा।
iii- स्थापित क्षमता, अनुमोदित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में घोषित क्षमता है। उत्पादन की मात्रा बेची गई वस्तुओं के औसत मूल्य के आधार पर निर्धारित की जाएगी, जैसा कि इकाई द्वारा भुगतान किए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में घोषित है।
iv- उत्पादन का निर्धारण इकाई के औसत मूल्य द्वारा भुगतान किए गए जीएसटी के आधार पर किया जाएगा। : नई इकाइयों के लिए 5 वर्षों की अवधि तक इकाई द्वारा अपने उन कर्मचारियों के लिए,जो बिहार के मूल निवासी हैं, को उनके ईएसआई और ईपीएफ योजना खातों में अंशदान के व्यय का 100% प्रतिपूर्ति (प्रति कर्मचारी प्रति माह 2000 रुपये तक) की जाएगी। यह प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) कौशल विकास प्रोत्साहन के अतिरिक्त होगा।
की इकाईयों को
के अनुसार प्रोत्साहन का लाभ अनुमान्य होगा। निर्यातकों को बिहार निर्यात प्रोत्साहन नीति, 2024 के अन्तर्गत FOB मूल्य के 1% की दर पर प्रति वित्तीय वर्ष अधिकतम रु0 20.00 लाख 07 वर्षो के लिए निर्यात प्रोत्साहन दिया जा रहा है। BIIPP, 2025 के अन्तर्गत अनुमोदित इकाइयों के लिए वार्षिक सीमा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 40.00 लाख रुपये तक दोगुनी की जायेगी और समय-सीमा 14 वर्षों तक दोगुनी की जायेगी। बिहार निर्यात प्रोत्साहन नीति, 2024 की शेष नियम एवं शर्त्तें लागू रहेंगी। उच्च प्राथमिकता और प्राथमिकता वाले क्षेत्र की इकाइयां अपशिष्ट उपचार संयंत्र, जेडएलडी और सीवेज उपचार संयंत्र (1 करोड़ रुपये तक) की स्थापना पर खर्च की गई लागत की 25% प्रतिपूर्ति के लिए पात्र होंगी। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर/पवन/जल/बायोमास/हाइब्रिड सौर-पवन प्रौद्योगिकियाँ आधारित 10 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले प्रणालियाँ स्थापित करने पर कुल लागत का 20%,(अधिकतम 6 लाख रुपये तक)प्रतिपूर्ति की जाएगी। (CFC) उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे-वस्त्र एवं चर्म/ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए बियाडा औद्योगिक क्षेत्र में सामान्य सुविधा केंद्र के विकास के लिए मामला-दर-मामला के आधार पर सहायता दी जाएगी। पेटेंट भरने, अटॉर्नी फीस, पेटेंट ट्रैकिंग में व्यय का 50% जो प्रति घरेलू पेटेंट अधिकतम 2.00 लाख रुपये और प्रति विदेशी पेटेंट 6.00 लाख रुपये तक प्रतिपूर्त्ति की जाएगी। जीएमपी, यूएसएफडीए, आईएसओ, आईएसआई, बीआईएस, एफपीओ, एगमार्क, इकोमार्क या किसी अन्य राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने वाली एमएसएमई इकाइयों को कुल लागत का 50% प्रोत्साहन, 2.00 लाख रुपये प्रति यूनिट की अधिसीमा तक दिया जाएगा। BIIPP के अनुसार लागू होंगे।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 28 अग(cid:232)त 2025 9 बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 के अनुसार बियाडा द्वारा विनिर्माण एवं इस पैकेज में नामित सेवा इकाइयों को आवंटित की जायेगी। बियाडा के भूमि हेतु अनुमोदित सेवाओं में आईटी/आईटीईएस सेवाएं, मल्टीस्पेश्यिलिटी/सुपरस्पेश्यिलिटी अस्पताल/स्पेश्यिलिटी अस्पताल (100बेड), 4 स्टार एवं 5 स्टार होटल/एनआइआरएफ (मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा सूचीबद्ध शीर्ष 100 मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज एवं स्टार्ट-अप को-वर्किंग स्पेस शामिल किये जाते हैं। उद्यमियों को भूमि आवंटन के लिए BIADA पोर्टल (https://biada1.bihar.gov.in) पर आवेदन करना होगा। बियाडा की ''परियोजना मंजूरी समिति (PCC)" की बैठक में समयबद्ध तरीके से भूमि आवंटन पर निर्णय लिया जाएगा। औद्योगीकरण में तेजी लाने और विनिर्माण इकाइयों की स्थापना को सुगम बनाने के लिए, सभी क्षेत्रों में अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन प्रचलित 90 वर्षीय पट्टे के स्थान पर 30 वर्षों की अवधि के लिए आनुपातिक रूप से कम दर पर किया जाएगा।
इस पैकेज के तहत रोजगार एवं निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 01 रूपये की टोकन राशि पर आवष्यकतानुसार निम्नवत रूप से जमीन आवंटित की जाएगीः-
I. 100.00 करोड़ रूपये से ज्यादा निवेश करने वाले एवं न्यूनतम 1000 प्रत्यक्ष नौकरी सृजन करने वाले उद्योगों को 10.00 एकड़ तक भूमि आवंटित की जाएगी।
II. देश और दुनिया की अग्रणी कम्पनियां (Anchor Industry) जिन्हें फॉच्र्यून 500-ग्लोबल एण्ड इंडियन में सूचीबद्ध किया गया है उनके द्वारा 200.00 करोड़ रूपये से ज्यादा निवेश करने पर आवश्यकतानुसार 10.00 एकड़ तक की भूमि आवंटित की जाएगी।
III. एक हजार करोड़ रूपये से अधिक निवेश करने वाले उद्योगों को 25.00 एकड़ तक भूमि आवंटित की जाएगी। अन्य कम्पनियां बियाडा की अधिसूचित दर के 50% दर पर भूमि आवंटन के लिए पात्र होगी। यह सभी भूमि आवंटन की रियायतें सामान्य औद्योगिक क्षेत्र अथवा निर्दिष्ट क्षेत्रीय औद्योगिक पार्क में लागू होगी, परन्तु निर्दिष्ट क्षेत्रीय औद्योगिक पार्कों में संबंधित प्रक्षेत्र विशेष के निर्माण इकाइयों एवं सेवा प्रक्षेत्र के क्रम संख्या-5 में अंकित होटल एवं अस्पताल के लिए लागू होगी। यह रियायत केवल तभी दी जायेगी जब निवेशक सभी निर्धारित पात्रता मापदण्डों को पूरा करता हो और 31 मार्च, 2027 तक इकाई का कम-से-कम 25% निर्माण कार्य पूरी कर ले। अनुपालन न करने की स्थिति में, निवेशक को भूमि की विशेष रियायती दर का लाभ दिये बिना पूरी अधिसूचित दर का भुगतान करना होगा।
| 1 | जीसीसी (वैश्विक क्षमता केंद्र) सहित आईटी/आईटीईएस और ईएसडीएम पार्क | i-सिकंदरपुर, बिहटा ii-एमएमएलपी, फतुहा iii-बख्तियारपुर, पटना iv-राजापाकर, वैशाली |
| 2 | फार्मा पार्क एवं चिकित्सा उपकरण पार्क | i-अमनौर, सारण ii-राजापाकर, वैशाली |
| 3 | खिलौना पार्क एवं टेक्सटाईल पार्क | i-कुमारबाग, पश्चिम चंपारण ii-बेला, मुजफ्फरपुर |
| 4 | ऑटोमोबाइल/ओईएमसी एवं इलेक्ट्रॉनिक सिटी | आईएमसी, गया |
| 5 | शिक्षा एवं मेडी सिटी | i-बख्तियारपुर, पटना ii-सिमरिया, बेगूसराय |
| 6 | टेक्सटाईल एवं लेदर पार्क | महवल, मुजफ्फरपुर |
| 7 | लेदर टैनरी कलस्टर | किशनगंज |
| 8 | मेगा फूड पार्क | i-मुजफ्फरपुर ii-खगड़िया |
| 9 | Fin-tech सिटी | पटना |
Customized Incentive
वैसी परियोजनाएं जिसमें संयंत्र और मशीनरी में 2000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो और जो 1000 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करे, उनसे राज्य में निवेश के माहौल और रोजगार सृजन को दीर्घकालिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। ऐसा कोई भी निवेश परियोजना, प्रोत्साहनों के एक अनुकूलित पैकेज (Customized Incentive पैकेज) का हकदार होगा। विशेष श्रेणी (अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी), महिलाएँ, दिव्यांगजन, युद्ध विधवाएं एवं तृतीय लिंग) के उद्यमियों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे। विशेष श्रेणी के उद्यमी द्वारा स्थापित नई ईकाई के मामले में, ब्याज अनुदान के लिए ब्याज दर में 15 प्रतिशत की वृद्धि या सावधि ऋण पर वास्तविक ब्याज दर, जो भी कम हो, लागू होगी (सूक्ष्म और लघु इकाइयों को छोड़कर)। इस अनुदान की अधिसीमा भी सभी क्षेत्रों (उच्च प्राथमिकता, प्राथमिकता और गैर-प्राथमिकता क्षेत्र की परियोजनाओं) के लिए स्वी—त परियोजना लागत के 15 प्रतिशत तक बढ़ायी जाएगी। पैकेज के अंतर्गत केंद्र सरकार/राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं के साथ समन्वयन (Dovetailing) की अनुमति होगी। निवेशकों को केंद्र सरकार की नीतियों के अंतर्गत प्राप्त/प्राप्त किए जाने वाले प्रोत्साहनों के प्रकार और मात्रा की घोषणा प्रस्तुत करनी होगी। (i) : इस पैकेज के अंतर्गत प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए, पात्र इकाइयों को आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन सिंगल विंडो क्लियरेंस पोर्टल (swc2.bihar.gov.in) के माध्यम से किया जा सकेगा। स्टेज-1 की स्वीकृति सभी वांछित कागजातों के साथ पूर्ण आवेदन समर्पित किए जाने के 15 कार्यदिवसों के भीतर प्रदान की जाएगी। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद से स्वीकृति की अधिकतम सीमा 30 दिनों की होगी। (ii) : उद्यमियों को सिंगल विंडो क्लियरेंस पोर्टल (swc2.bihar.gov.in) पर वित्तीय मंजूरी के लिए आवेदन जमा करना होगा। वित्तीय क्लियरेंस की स्वीकृति सभी वांछित कागजातों के साथ पूर्ण आवेदन समर्पित किए जाने के 15 कार्यदिवसों के भीतर प्रदान की जाएगी। राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद से स्वीकृति की अधिकतम सीमा 30 दिनों की होगी। (iii) पैकेज कार्यान्वयन के अनुश्रवण का कार्य राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) द्वारा किया जाएगा। पैकेज के कार्यान्यवन संबंधी त्रैमासिक प्रतिवेदन राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
(iv) व्याख्या/विवादों के सभी मामलों का निर्णय सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग द्वारा किया जाएगा। ऐसी व्याख्या/निर्णय अंतिम और सभी संबंधित पक्षों के लिए बाध्यकारी होगा। i. पैकेज के अन्तर्गत विस्तृत शर्तों को विभाग के द्वारा संबंधित विभागों के परामर्श से विभागीय मंत्री के अनुमोदनोपरांत जारी किया जाएगा।
ii. इस पैकेज में प्रयुक्त शब्दों का वही अर्थ होगा जो बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 के अंतर्गत उन्हें निर्दिष्ट किया गया है, जैसा कि संदर्भ की आवश्यकता हो। व्याख्या/विवादों के सभी मामलों का निर्णय सचिव/प्रधान सचिव /अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग द्वारा किया जाएगा। यह निर्णय सभी संबंधित पक्षों के लिए अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।
iii. इस पैकेज के अनुवादित संस्करण के अर्थ और व्याख्या में किसी भी विसंगति की स्थिति में, अंग्रेजी संस्करण सभी प्रकार से बाध्यकारी और मान्य होगा।
iv. यह पैकेज अधिसूचना निर्गत की तिथि से प्रभावी होगा एवं पैकेज अवधि तक लागू रहेगा। v. इस पैकेज के अंतर्गत पूंजीगत प्रोत्साहन की गणना हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी0पी0आर0) के अनुमोदित परियोजना लागत में उल्लेखित संयंत्र और मशीनरी का मूल्य मान्य होगा। अपर मुख्य सचिव। ———— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय, (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त । (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 1425-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0 ॅमइेपजमरू रू ीजजचेरूध्ध्महं्रमजजमण्इपींतण्हवअण्पद