िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 13 भा(cid:289) 1947 (श0)
(सं0 पटना 1463) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 4 िसत(cid:224)बर 2025 ———
कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2017 से किसानों को कृषि विभाग के योजनाओं का लाभ एक तय समय-सीमा के अंदर पहुँचाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डी॰बी॰टी॰) की शुरूआत की गयी। इसके लिए किसानों का आधार, मोबाईल से लिंक बैंक खाते में कृषि विभाग की योजनाओं का अनुदान (कैश/काईन्ड) में उपलब्ध कराने हेतु 13 अंकों का किसान पंजीकरण तैयार किया गया। आज 2 करोड़ से अधिक किसान डी॰बी॰टी॰ पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) पर पंजीकृत है। राज्य के रैयती एवं गैर-रैयती किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ ऑनलाईन माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। 13 अंकों का किसान पंजीकरण का उपयोग कृषि विभाग के अतिरिक्त सहकारिता विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग तथा लघु जल संसाधन विभाग द्वारा भी किया जाता है। कृषि विभाग के विभिन्न निदेशालयों/निगम/संभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ किसानों को पहुँचाने के लिए विभिन्न पोर्टल का निर्माण कर कार्य किया गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत राज्य के रैयती किसानों को इस योजना का लाभ पहुँचाने के लिए शुरूआती दौर में डी॰बी॰टी॰ पोर्टल के माध्यम से ही कार्रवाई की गयी। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है, जिसे राज्य में कृषि विभाग द्वारा क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके साथ ही, कृषि विभाग द्वारा गाँव स्तर से फसलों के आच्छादन, आधारभूत संरचनाओं, परिसम्पत्ति, कृषि यंत्रों की संख्या, किसानों के साथ संवाद आदि का डाटा ''बिहान ऐप'' के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है। वर्तमान में किसानों के लिए ''बिहार कृषि ऐप'' का निर्माण प्रगति पर है।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 4 िसत(cid:224)बर 2025 2. डिजिटल कृषि निदेशालय किसानों के हित में कृषि विभाग के विभिन्न निदेशालयों/निगमों/संभागों द्वारा संचालित योजनाओं में आवश्यकताऐं, डिजिटल आधारभूत संरचना, ऐप के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर ई-ऑफिस, पदाधिकारियों के वार्षिक मूल्यांकन प्रतिवेदन, ई-डैशबोर्ड, सम्बद्ध विभागों के साथ समन्वय आदि का कार्य हेतु समन्वय स्थापित कर कार्यों का निष्पादन करेगा। डिजिटल कृषि निदेशालय विभिन्न संभागों को आवश्यक तकनीकी मानवबल, कम्प्यूटर उपस्कर, इंटरनेट आदि की सुविधा इत्यादि के कार्यों के लिए सहयोग प्रदान करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करेगा। डिजिटल कृषि निदेशालय के गठन का मुख्य उद्देश्य निम्न प्रकार होंगे :-
(i) कृषि विभाग द्वारा संचालित सभी योजनओं का डिजिटलीकरण। (ii) डी॰बी॰टी॰ पोर्टल जहाँ 02 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत हैं, का संवर्द्धन। (iii) कृषि विभाग में समेकित पोर्टल का निर्माण। (iv) चतुर्थ कृषि रोड मैप द्वारा डिजिटल फार्मर्स सर्विसेज के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति। (v) चतुर्थ कृषि रोड मैप द्वारा निर्धारित विभिन्न विघटित डेटाबेसों को एक एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन समर्थन प्रणाली विकसित करने के लक्ष्य की प्राप्ति।
(vi) कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में निर्बाध डाटा साझा करना। (vii) डाटा विश्लेषण की व्यवस्था। (viii) एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मौसमवार फसलवार आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता का पूर्वानुमान तैयार करना, फार्मर्र रजिस्ट्री के साथ-साथ भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार के ऐपों एवं डैशबोर्ड के कार्यों का सम्पादन। (ix) डिजिटल जेनरल क्रॉप ईस्टीमेशन सर्वे (DGCES) के अंतर्गत प्रत्येक फसल मौसम में फसल कटनी प्रयोगों का सम्पादन कराना एवं इसके आंकड़ों का संग्रहण, समेकन एवं प्रेषण करना। (x) स्वायल मैपिंग, डिजिटल स्वायल हेल्थ कार्ड, पौधा संरक्षण कार्यों में ड्रोन सहित नई प्रावैधिकियों का उपयोग।
(xi) बागवानी फसलों के लिए ग्रीन हाउस/शेडनेट/पॉली हाउस में कन्ट्रोल वातावरण हेतु प्रावैधिकियों के उपयोग।
(xii) डिजिटल कार्यों हेतु अंतर्विभागीय समन्वय। (xiii) पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशीप के माध्यम से किसान आधारित सेवाओं के लिए नवाचार, प्रावैधिकियों का समावेश।
(xiv) भविष्य में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में डिजिटल कार्यों हेतु आधारभूत संरचना का विकास। (xv) कृषि विभाग के विभिन्न संभागों में सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर की आवश्यकता का आंकलन एवं उपलब्धता सुनिश्चित करना।
(xvi) राज्य सरकार द्वारा आवंटित अन्य कोई कार्य।
3. कृषि विभाग डिजिटल कृषि निदेशालय का प्रशासी विभाग होगा। कृषि विभाग के कृषि उत्पादन आयुक्त/प्रधान सचिव/सचिव इस निदेशालय के सर्वोच्च नियंत्री पदाधिकारी होंगे।
(क) राज्य स्तर से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के स्तर तक की डिजिटल कार्यों के संपादन हेतु स्वतंत्र रूप से कृषि विभाग के अधीन डिजिटल कृषि निदेशालय का सृजन किया जाता है। डिजिटल कृषि निदेशालय का संगठनात्मक संरचना निम्न रूपेण होंगे :-
(i) निदेशक, डिजिटल कृषि, डिजिटल कृषि निदेशालय का सर्वोच्च पद होगा। (ii) डिजिटल कृषि निदेशालय हेतु आवश्यक पदों के लिए कृषि विभाग में पदस्थापित/उपलब्ध बिहार कृषि सेवा के विभिन्न कोटि यथा- शष्य, कृषि अभियंत्रण, पौधा संरक्षण, रसायन, सांख्यिकी के पदाधिकारियों तथा सूचना प्रावैधिकी के कार्यों हेतु वरीय परामर्शी/परामर्शी/डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर/ प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर/डाटा एनालिस्ट/प्रोग्रामर/डेवलपर एवं लेखा संधारण हेतु लेखा पदाधिकारी को डिजिटल कृषि निदेशालय अंतर्गत निदेशालय में कार्य करने हेतु विभाग द्वारा पदस्थापित/प्रतिनियुक्त/ कार्यभारित किये जा सकेंगे।
(iii) साथ ही, आवश्यक पद कृषि विभाग में उपलब्ध पदों को सम्परिवर्तन कर सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति से सृजित किये जायेंगे।
(ख) वर्तमान में कृषि विभाग अंतर्गत उपलब्ध मानव बल से कार्य करने का प्रस्ताव है। वर्तमान प्रस्ताव अंतर्गत अतिरिक्त व्यय सन्निहित नहीं है। उनकी सेवाशर्त्तें वही होंगे जो उनके संवर्ग के लिए पूर्व निर्धारित है तथा सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा निर्धारित नियम लागू रहेंगे।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 4 िसत(cid:224)बर 2025 4. डिजिटल कृषि निदेशालय के संबंध में कार्य एवं दायित्व का निर्धारण समय-समय पर कृषि विभाग द्वारा किया जायेगा।
5. निदेशक, डिजिटल कृषि उक्त निदेशालय के विभागाध्यक्ष होंगे तथा इस निहित शक्तियों का प्रयोग उसी प्रकार से कर सकेंगे जैसे कि वर्तमान में कृषि निदेशक को प्रदत्त है।
6. निदेशक, डिजिटल कृषि सभी सूचना प्रावैधिकी से संबंधित योजनाओं के नियंत्री पदाधिकारी होंगे। 7. डिजिटल कृषि निदेशालय का व्यय भार हेतु नया बजट शीर्ष सृजित किया जायेगा, जिसके तहत् वर्ष 2025-26 के वित्तीय वर्ष में पूर्व से राज्य बजट में उपलब्ध डिजिटल विकास की योजनाओं एवं गैर-योजनाओं (जनजातीय क्षेत्रीय उपयोजना सहित) में प्रावधानित बजट उपबंध से पुनर्विनियोग/अनुपूरक बजट द्वारा नये बजट शीर्ष में बजट उपबंध कराया जाएगा।
8. राज्य के पंचायत स्तर तक कृषि विभाग के कार्यालयों तक डिजिटल कृषि के कार्यों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना तथा सूचना प्रावैधिकी का विस्तार एवं किसानों के हित में डिजिटल कार्यों के नीति एवं प्रक्रिया के संबंध में कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर निदेश दिया जा सकेगा।
9. निदेशक, डिजिटल कृषि बजट शीर्ष अंतर्गत निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी तथा अधीनस्थ पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के यात्रा भत्ता एवं अन्य व्यय यथा-वाहन/कार्यालय के लिए नियंत्री पदाधिकारी घोषित किये जाते हैं।
10. डिजिटल कृषि निदेशालय आय/व्यय के संधारण हेतु बैंक खाता रख सकेगी तथा उसका संचालन नियमानुसार कर सकेगी।
11. बिहार वित्त नियमावली, बिहार कोषागार संहिता एवं वित्त विभाग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों के अनुरूप डिजिटल कृषि निदेशालय को अंकेक्षित लेखा विवरणी उपलब्ध कराने की अनिवार्यता होगी। डिजिटल कृषि निदेशालय द्वारा इस योजना का लेखा संधारण अलग से सुनिश्चित किया जायेगा। महालेखाकार, बिहार, पटना को अंकेक्षण का अधिकार होगा।
12. चतुर्थ कृषि रोड मैप 2023-28 (DPR) के अंतर्गत राज्य के किसानों को रियल टाईम में कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उनके आधार लिंक्ड बैंक खाते में पहुँचाने, डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मौसमवार फसलवार आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता का पूर्वानुमान, पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशीप के माध्यम से किसान आधारित सेवाओं के लिए नवाचार, प्रावैधिकियों का समावेश तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के डेटाबेसों को एक एकीकृत डेटाबेस प्रबंधन समर्थन प्रणाली विकसित करने आदि के लिए कृषि विभाग के अधीन डिजिटल कृषि निदेशालय के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई है।
13. वित्त विभाग का अनुमोदन प्राप्त है। 14. उक्त प्रस्ताव में मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दिनांक 13.08.2025 को प्राप्त है, जो संचिका संख्या-09 आई॰टी॰-01/2025 के पृष्ठ सं॰-28/टि॰ पर संधारित है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,