निबंधन संख्या पी0टी0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 24 भा(cid:289) 1947 (श0)
(सं0 पटना 1508) पटना, सोमवार, 15 िसत(cid:224)बर 2025 ———— अधिसूचना 8 सितम्बर 2025
—श्री नरेन्द्र कुमार राम (बिहार वित्तीय प्रशासन सेवा), तत्कालीन वरीय कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, किशनगंज के पत्रांक-1200/जि0गो0, दिनांक-07.05.2024 में शराब सेवन करने, कार्यालय के कार्यों का उचित ढंग से निर्वहन नहीं करने एवं लोकसभा चुनाव 2024 में किसी प्रकार का सहयोग नहीं करने जैसे गंभीर आरोप प्रतिवेदित है।
उक्त आरोप के आलोक में विभागीय पत्रांक-5573, दिनांक-24.05.2024 एवं स्मार पत्रांक-6346, दिनांक-12.06.2024 द्वारा श्री राम से स्पष्टीकरण की माँग की गई, जो उपलब्ध कराया गया है। साथ ही विभागीय पत्रांक-5574, दिनांक-24.05.2024 एवं स्मार पत्रांक-6347, दिनांक-12.06.2024 द्वारा जिला पदाधिकारी, किशनगंज से विहित प्रपत्र में आरोप-पत्र (साक्ष्य सहित) की माँग की गई है, जो प्राप्त हुआ।
श्री राम द्वारा उपलब्ध कराये गये स्पष्टीकरण पर विचारोपरान्त श्री राम के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (3) के तहत आरोप पत्र गठित किया गया। गठित आरोप-पत्र पर विभागीय पत्रांक-7869, दिनांक-23.07.2024 द्वारा श्री राम से लिखित अभिकथन की माँग की गई। श्री राम द्वारा विभाग में समर्पित स्पष्टीकरण/लिखित अभिकथन दिनांक-12.08.2024 पर सम्यक् विचारोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-09(1)(क) के तहत विभागीय अधिसूचना संख्या-156/वि0, दिनांक-23.11.2024 द्वारा श्री नरेन्द्र कुमार राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय-जिला पदाधिकारी कार्यालय, भागलपुर निर्धारित करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 15 िसत(cid:224)बर 2025 2 उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु वित्त विभागीय आदेश ज्ञापांक-13369, दिनांक-13.12.2024 द्वारा श्री इजतबा हुसैन, संयुक्त सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं श्री नौशाद आलम, सहायक कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया।
विभागीय कार्यवाही के संचालन के दौरान श्री राम द्वारा एक पत्र विभाग में समर्पित किया गया, जिसमें उल्लेखित है कि मद्यनिषेध थाना, किशनगंज में दर्ज FIR नं0-559/24 के विरूद्ध Cr.WJC No-1430/2024 दायर कर माननीय उच्च न्यायालय, पटना में चुनौती दी गई। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक- 13.02.2025 को पारित न्यायादेश का कार्यकारी अंश निम्नवत् हैः-
" 10. The Learned counsel for the State, on the other hand, submits that the petitioner was found in an inebriated condition at his residence with a breath analyzer test, confirming alcohol consumption of 41 mg/100 ml. The Bihar Prohibition and Excise Act, 2016 prohibits alcohol consumption in any form and government servants are specifically barred under Rule 4 of the Bihar Government Servants Conduct Rules, 1976. He further contends that the case was registered lawfully, the breath analyzer test was accurate and no procedural irregularities occurred. The petitioner's claim of mala fide action are baseless and an attempt to evade legal consequences.
11. Having heard the learned counsels for the petitioner and the State and taking into consideration the entire materials placed on record, this Court has no other alternative but to hold that the authorities failed to consider the observation of the Hon'ble Supreme Court, and based on breath analyzer report, which cannot be said to be a conclusive proof of consumption of alcohol, F.I.R. has been registered.
12. For the reasons stated above, the Excise Police Station Case No. 559 of 2024 (Special Case No. 572 of 2024), dated 02.05.2024, registered for the offences punishable under Section 37 of the Bihar Prohibition and Excise Act, 2016, is, hereby, quashed.
श्री राम के विरूद्ध संचालन पदाधिकारी द्वारा पत्रांक-723, दिनांक-24.04.2025 के आलोक में जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। जाँच प्रतिवेदन में एवं पाया गया। साथ ही जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा उल्लेखित है कि माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-13.02.2025 को पारित न्यायादेश के आलोक में है, जिसका विस्तृत विवरणी निम्नवत् हैः- i जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज के पत्रांक-1504 दिनांक-14.06.2024 द्वारा प्रतिवेदित है कि श्री नरेन्द्र कुमार राम, वरीय कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा उक्त कार्यालय में इनके पदस्थापन के समय से ही नियमपूर्वक कार्यों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है। वित्त विभागीय अधिसूचना संख्या-3917 दिनांक-30.06.2021 द्वारा श्री राम को वरीय कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज के रूप में पदस्थापित किया गया था।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 15 िसत(cid:224)बर 2025 3 विभागीय आदेश ज्ञापांक-4116 दिनांक-07.07.2021 द्वारा दिनांक-09.07.2021 के अपराह्न से स्वतः विरमित होने के उपरान्त काफी समय बाद इन्होंने दिनांक-27.07.2021 को उक्त पद पर योगदान दिया। श्री राम से कोषागार कार्यालय, किशनगंज में विलंब से योगदान देने के संबंध में जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज के पत्रांक-1444 दिनांक-24.07.2021 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गयी। तदालोक में इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण को जिला दंडाधिकारी, किशनगंज द्वारा संतोषजनक नहीं पाया गया। श्री राम का उक्त —त्य इनके प्रशासनिक अक्षमता एवं कार्य के प्रति लापरवाही को परिलक्षित करता है।
जिला पदाधिकारी, किशनगंज के पत्रांक-2023, दिनांक-07.10.2021 द्वारा श्री नरेन्द्र कुमार राम, वरीय कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज से स्थानांतरण के उपरांत विलंब से किशनगंज जिला में योगदान के आरोप में पूछे गए स्पष्टीकरण से मुक्त किया गया है। ii जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज के पत्रांक-1504 दिनांक- 14.06.2024 द्वारा प्रतिवेदित है कि श्री नरेन्द्र कुमार राम, वरीय कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज कार्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते हैं। दिनांक-07.10.2023 को वित्तीय मामलों की समीक्षा के लिए उन्हें आमंत्रित करने हेतु इनके मोबाईल पर लगातार कॉल किया गया, परन्तु इन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। सहायक कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा बताया गया कि श्री राम उस दिन कार्यालय नहीं आये हैं। कार्यालय से अनुपस्थित रहने के संदर्भ में श्री राम के द्वारा न तो आवेदन दिया गया और न पूर्वानुमति ही ली गयी। श्री राम की उक्त अनुपस्थिति के लिए जिला दंडाधिकारी, किशनगंज के पत्रांक-2645 दिनांक-08.10.2023 के द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इसके फलस्वरूप इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण जिला दंडाधिकारी द्वारा संतोषजनक नहीं पाया गया। श्री राम को दिनांक-16.12.2023 को वित्तीय मामलों की समीक्षा के लिए श्री राम को इनके मोबाईल पर लगातार कॉल किया गया, परन्तु इन्होंने कॉल रिसिव नहीं किया। सहायक कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज द्वारा सूचित किया गया कि श्री राम कार्यालय नहीं आये हैं तथा वे पटना के लिए प्रस्थान कर गये हैं। श्री राम द्वारा उक्त अनुपस्थिति के लिए न तो कोई आवेदन ही दिया गया था और न ही इन्होंने इसके लिए पूर्वानुमति ही ली थी। अतएव जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज के पत्रांक-3288 दिनांक-16.12.2023 द्वारा उक्त अनुपस्थिति के लिए इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज द्वारा इनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। iii जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज द्वारा प्रतिवेदित है कि श्री नरेन्द्र कुमार राम, वरीय कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज के द्वारा उन्हें आवंटित कार्यों का निष्पादन नहीं किया जाता है। जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज के पत्रांक-2705 दिनांक-15.10.2023 द्वारा एसी./डी.सी. के लंबित मामले, जिला में उपयोगिता प्रमाण-पत्र के कुल लंबित मामले के, GPF की निकासी के लंबित मामले, NPS से संबंधित मामले CFMS/HRMS आदि से संबंधित मामलों की समीक्षा कर उक्त बिन्दुओं का समेकित प्रतिवेदन दिनांक-20.10.2023 तक उपलब्ध कराने हेतु स्पष्ट निदेश के बावजूद श्री राम द्वारा दिनांक-26.10.2023 तक प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके लिए जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज के पत्रांक-2825 दिनांक-26.10.2023 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी, जिसके आलोक में इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता, किशनगंज द्वारा संतोषजनक नहीं पाया गया। संबंधित जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता द्वारा प्रतिवेदित है कि श्री राम द्वारा उच्चाधिकारी के आदेश की स्पष्ट अवहेलना की जाती है तथा इनके द्वारा सरकारी कार्यों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 15 िसत(cid:224)बर 2025 4 iv जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्त्ता द्वारा प्रतिवेदित है कि श्री नरेन्द्र कुमार राम, वरीय कोषागार पदाधिकारी, किशनगंज को शराब सेवन के आरोप में बिहार मद्य निषेद्य एवं उत्पाद अधिनियम-2016 (संशोधित) 2022 की धारा 37 के तहत जिला उत्पाद टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया तथा इनके विरुद्ध एफ.आई.आर नं॰-559/24 मद्य निषेद्य थाना, किशनगंज दायर किया गया। श्री राम का उक्त आचरण बिहार मद्य निषेद्य एवं उत्पाद अधिनियम 2016 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। जिला स्तरीय पदाधिकारी होने के नाते राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण कानून को कार्यान्वित करने हेतु इन्हें सहायता प्रदान करना चाहिए था, परन्तु उल्टा इनके द्वारा शराब का सेवन किया जाना सरकारी पदाधिकारी के आचरण के सर्वथा प्रतिकूल है। श्री राम का उक्त आचरण इनकी आपराधिक मानसिकता को परिलक्षित करता है। इससे यह भी सिद्ध होता है कि इन्हें कानून के अनुपालन में कोई रूचि नहीं है। श्री राम का उक्त आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-3 (1)(ii) के प्रतिकूल है। CWJC No-1430/2024,नरेन्द्र कुमार राम बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-13.02.2025 को पारित न्यायादेश के आदेश आलोक में v सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1823 दिनांक- 16.02.2017 द्वारा अधिसूचित बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2017 के नियम-4 द्वारा बिहार सरकार के प्रत्येक सरकारी सेवक को मादक पेय या औषधि का उपभोग से वर्जित किया गया है। श्री नरेन्द्र कुमार राम द्वारा शराब का सेवन किया जाना उक्त नियमावली का उल्लंघन है। इस प्रकार श्री राम का आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2017 के सर्वथा प्रतिकूल है।
CWJC No-1430/2024, नरेन्द्र कुमार राम बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-13.02.2025 को पारित न्यायादेश के आदेश आलोक में
समीक्षोपरान्त सक्षम प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री राम से बचाव अभिकथन/द्वितीय कारण-पृच्छा की माँग करने का निर्णय लिया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-5454, दिनांक-15.05.2025 द्वारा श्री राम को जाँच प्रतिवेदन पर बचाव अभिकथन प्रस्तुत करने हेतु निदेशित किया गया।
श्री राम द्वारा दिनांक-23.05.2025 को जाँच प्रतिवेदन पर अपना बचाव अभिकथन समर्पित किया गया।
श्री कुमार द्वारा समर्पित बचाव अभिकथन को समीक्षोपरान्त स्वीकार योग्य नही पाया गया।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी का निष्कर्ष एवं श्री राम द्वारा समर्पित बचाव अभिकथन पर सम्यक् विचारोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत श्री राम के विरूद्ध संचयी प्रभाव के साथ 03 (तीन) वार्षिक वेतन वृृद्धि पर रोक की शास्ति अधिरोपित किया जाता है।
आदेश निर्गत तिथि से श्री राम को निलंबन से मुक्त किया जाता है। निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कोई अन्य भत्ता देय नही होगा, परन्तु निलंबन अवधि
को सेवान्त लाभ हेतु परिगणित किया जा सकेगा।
श्री राम निलंबन मुक्ति के पश्चात् अपना योगदान वित्त विभाग (मुख्यालय), बिहार, पटना में देंगे।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,