असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
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(सं0 पटना 1547) पटना, शु(cid:272)वार, 19 िसत(cid:224)बर 2025 jkT;iky lfpoky;] fcgkj ———
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laŒ MU-19/2025-1418—बिहार में 13 परम्परागत विश्वविद्यालय स्थापित है, जिसके अन्तर्गत लाखों छात्र/छात्रायें स्नातक/स्नातकोत्तर के साथ अन्य स्तर पर पढ़ाई कर रहे हैं। अनेक विश्वविद्यालय का भौगोलिक क्षेत्र 100 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। स्नातक स्तर में 8 सेमेस्टर में पढ़ाई होती है अर्थात् 8 बार परीक्षा होती है। इसी प्रकार स्नातकोत्तर में 4 सेमेस्टर में पढ़ाई होती है अर्थात् 4 बार परीक्षा होती है। स्वाभाविक है कि इन 12 परीक्षाओं में कई बार छात्र/छात्राओं को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है। महाविद्यालय से विश्वविद्यालय का मुख्यालय 100 किलोमीटर से अधिक दूरी पर अवस्थित होने के कारण छात्र/ छात्राओं को समस्या के निराकरण में परेशानी होती है। एक दिन में ही समस्या का समाधान संभव नहीं है, इस कारण कई बार विश्वविद्यालय में जाना पड़ता है। इस कारण छात्र/छात्राओं को और भी परेशानी होती है। 2. मा॰ राज्यपाल-सह-कुलाधिपति, बिहार के द्वारा उक्त समस्या के निराकरण हेतु निम्नांकित व्यवस्था करने की —पा की गयी है :-
(i) सभी परम्परागत विश्वविद्यालय (पटना विश्वविद्यालय, पटना, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्—त विश्वविद्यालय, दरभंगा एवं मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना को छोड़कर) अपने मुख्यालय से सभी दिशा में 40-40 किलोमीटर की दूरी पर एक-एक विश्वविद्यालय का खोलेगी। (ii) इसके लिए उस क्षेत्र में आनेवाले किसी महाविद्यालय (यथासंभव शहरी क्षेत्र) के 2 कमरों का उपयोग किया जा सकेगा। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 19 िसत(cid:224)बर 2025 (v) छात्र/छात्राओं द्वारा किसी समस्या के निराकरण हेतु विश्वविद्यालय में आवेदन दिया जाता है, तो विश्वविद्यालय के स्तर से नियमानुसार उसका निराकरण किया जायेगा, लेकिन छात्र/छात्राओं द्वारा किसी समस्या के निराकरण हेतु उक्त विस्तार पटल के समक्ष आवेदन दिया जाता है, तो विस्तार पटल के पदाधिकारी/कर्मचारी द्वारा 15 दिनों में इसका निराकरण करना है।
(vi) यदि छात्र/छात्राओं द्वारा किसी समस्या के निराकरण हेतु विस्तार पटल के समक्ष आवेदन दिया जाता है, जिससे सम्बन्धित अभिलेख उस विस्तार पटल में उपलब्ध न होकर विश्वविद्यालय के मुख्यालय में उपलब्ध हो, तो विस्तार पटल के पदाधिकारी/कर्मचारी का दायित्व होगा कि वह विश्वविद्यालय से सम्पर्क कर 1 माह में समस्या का निराकरण करायें। 3. उक्त निदेश के अनुरूप 1 माह में विस्तार पटल खोलते हुये इसकी जानकारी सभी छात्र/छात्राओं तथा विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों को दी जानी है।
4. सभी विश्वविद्यालय अपना अनुपालन प्रतिवेदन राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना को समर्पित करेगी।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट (असाधारण)1547-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: https://egazette.bihar.gov.in