(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
3 आि(cid:435)न 1947 (श0)
(सं0 पटना 1562) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 25 िसत(cid:224)बर 2025
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पुलिस अधीक्षक, बेगूसराय के पत्रांक-3510/गो0 दिनांक 08-06-2022 द्वारा सूचित तेघड़ा थाना प्राथमिकी संख्या-151/22 दिनांक 05.06.2022 अंतर्गत श्री इन्द्रदेव राम, परियोजना प्रबंधक-सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, कटिहार द्वारा दिनांक 22-05-2022 को पीड़िता ज्योति कुमारी के साथ छेड़खानी का प्रयास तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1) के उल्लंघन से संबंधित होने के कारण बिहार सरकारी सेवक(वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(1)(क)(ग) के आलोक में श्री इन्द्रदेव राम, परियोजना प्रबंधक-सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, कटिहार को विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-2496 दिनांक 08.06.2022 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए निलम्बन अवधि में मुख्यालय-उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना निर्धारित किया गया।
उक्त मामले में जिला पदाधिकारी, कटिहार के पत्रांक-1841 दिनांक 08.06.2022 एवं पत्रांक-1942 दिनांक 15.06.2022 द्वारा कार्यालय का निरीक्षण प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया कि दिनांक 22.05.2022 को श्री राम अधिकारिक अवकाश पर नही थे। साथ ही वे तत्कालीन समय में मुख्यालय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित थे और जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय, कटिहार के ऊपरी तल पर बिना अनुमति अपना निवास स्थान बना रखे थे। विभागीय योजनाओं यथा मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमी, अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी, महिला उद्यमी एवं युवा उद्यमी योजना एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना (PMEGP) में श्री इन्द्रदेव राम, तत्कालीन प्रभारी महाप्रबंधक द्वारा कटिहार जिले में संतोषजनक उपलब्धि/अपेक्षित प्रगति नहीं लाया गया जबकि दिनांक 07.06.2022 के पूर्व आयोजित प्रत्येक मासिक समीक्षात्मक बैठक में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए निदेशित किया जाता रहा परन्तु उक्त योजना में कोई प्रगति नहीं लायी गयी।
उपरोक्त के आलोक में श्री राम के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित करते हुए विभागीय पत्रांक-1626 दिनांक 07.03.2023 द्वारा बचाव का लिखित अभिकथन 15(पन्द्रह) दिनों के अन्दर प्रस्तुत करने का निदेश दिया गया। तदआलोक में श्री राम द्वारा दिनांक 17.03.2023 को बचाव का लिखित अभिकथन उपलब्ध कराया गया, जो निम्नांकित हैंः-2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 25 िसत(cid:224)बर 2025 सुश्री/श्रीमती ज्योति कुमारी के साथ दुष्कर्म का प्रयास नहीं किया गया, वे निर्दोष हैं। उनके द्वारा दिनांक 22.05.2022 को रविवारीय अवकाश का उपभोग मुख्यालय कटिहार में किया गया और दिनांक 23.05.2022 को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के एक यूनिट का स्थल निरीक्षण के पश्चात् 1.30 बजे कार्यालय पहुँचकर कार्यालय कार्य का निष्पादन किया। उनका निवास स्थान श्री अमित कुमार राम, पिता-सत्य नारायण राम, वार्ड सं0-22, दुर्गा स्थान, जिला-कटिहार के मकान में किराये पर रहते थे। कार्यालय के ऊपर तल पर भोजन तथा आराम करने के उद्देश्य से जाते थे।
श्री राम द्वारा बताया गया कि विभागीय योजनाओं से संबंधित लाभार्थी द्वारा समर्पित कागजात सही नहीं रहने, लगभग 60 प्रतिशत लाभार्थियों द्वारा उद्यम स्थापना हेतु निजी भूखंड या लीज/किरायानामा से संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं रहने एवं संबंधित लाभार्थियों द्वारा उपयोगिता प्रमाण-पत्र समर्पित नहीं करने के कारण अगले किस्त भुगतान की स्वीकृति नहीं दी गयी। वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना (PMEGP) का लक्ष्य प्राप्ति के लिए कई बार बैंकर्स की बैठक जिला पदाधिकारी, कटिहार की अध्यक्षता में किया गया जिसमें शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु अनुरोध किया गया। व्यक्तिगत रूप से भी बेरोजगार युवक/युवतियों को (PMEGP) के माध्यम से उद्यम स्थापना हेतु प्रेरित किया गया।''
श्री राम द्वारा उपलब्ध कराये गये बचाव का लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत यह पाया गया श्री राम के विरूद्ध उक्त आरोप गम्भीर प्रकृति के हैं, जिसकी विस्तृत जाँच की आवश्यकता है। श्री राम का यह आचरण प्रथम दृष्टया बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-3(1) का उल्लंघन है।
वर्णित परिपे्रक्ष्य में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2837 दिनांक 15.05.2023 द्वारा श्री राम के विरूद्ध उक्त आरोपों की जाँच के लिए विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी।
संचालन पदाधिकारी द्वारा मामले की सुनवाई करते हुए जाँचोपरांत पत्रांक-7191 दिनांक 22.12.2023 द्वारा तेघड़ा थाना प्राथमिकी संख्या-151/22 दिनांक 05.06.2022 के मामले में पुलिस अधीक्षक, बेगूसराय से प्रतिवेदन अप्राप्त रहने के कारण आरोप की जाँच में कठिनाई एवं विभागीय योजनाओं में असंतोषजनक उपलब्धि के लिए गठित आरोपों को प्रमाणित पाये जाने का प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया।
संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन की प्रति विभागीय पत्रांक-417 दिनांक 22.01.2024 द्वारा श्री राम को उपलब्ध कराते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की माँग की गयी। जिस पर श्री राम द्वारा दिनांक 23.01.2024 को लिखित अभिकथन में बताया गया कि उन्हें किसी बिन्दु पर कुछ नहीं कहना है।
इसी क्रम में श्री राम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में Criminal Miscellaneous No-12377/2025 वाद दायर किया गया। दिनांक 16.06.2025 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा न्यायादेश पारित किया गया जो निम्नवत है :-
"Considering the aforesaid submission, further proceeding qua petitioner in connection with Teghra P.S. Case No. 151 of 2022, pending in the court of learned J.M. - 1st Class, Begusarai, shall remain stayed till further order."
श्री राम के विरूद्ध तेघड़ा थाना प्राथमिकी संख्या-151/22 दिनांक 05.06.2022 के मामले में पुलिस अधीक्षक, बेगूसराय के पत्रांक-3046 दिनांक 28.05.2024, पत्रांक-3478 दिनांक 15.06.2024 एवं पत्रांक-5832 दिनांक 19.09.2024 द्वारा आरोप सत्य पाये जाने के कारण उन्हें दिनांक 12.06.2024 को न्यायिक अभिरक्षा में मंडल कारा, बेगूसराय भेज दिया गया।
विभागीय पत्रांक-3193 दिनांक 21.06.2024 द्वारा श्री इन्द्रदेव राम, निलम्बित परियोजना प्रबंधक-सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, कटिहार, मुख्यालय-उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना के विरूद्ध तेघड़ा थाना प्राथमिकी संख्या-151/22 दिनांक 05.06.2022 के मामले में संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित पूरक जाँच प्रतिवेदन के आलोक में संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त सचिव, उद्योग विभाग के पत्रांक-1416 दिनांक 22.03. 2025 द्वारा श्री राम के विरूद्ध आरोप पूर्णतः प्रमाणित होने का प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया।
विभागीय पत्रांक-3146 दिनांक 14.07.2025 द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति श्री राम को उपलब्ध कराते हुए लिखित अभिकथन की माँग की गयी। श्री राम से प्राप्त लिखित अभिकथन एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री राम से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा को संतोषजनक एवं स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।
अतः सम्यक् विचारोपरांत विभागीय योजनाओं में शिथिलता/लापरवाही संबंधी प्रमाणित आरोप के लिए श्री इन्द्रदेव राम, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक-सह-प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, कटिहार सम्प्रति निलम्बित मुख्यालय-उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली,3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 25 िसत(cid:224)बर 2025 2005 के नियम-14(v) के तहत अधिरोपित करते हुए निलम्बन मुक्त किया जाता है।
तेघड़ा थाना प्राथमिकी संख्या-151/22 दिनांक 05.06.2022 के संंबंध में श्री राम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर Criminal Miscellaneous No-12377/2025 में भविष्य में पारित होने वाले न्यायादेश के फलाफल से प्रभावित होगा तथा समुचित निर्णय बाद में लिया जायेगा।
प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,