असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
14 आि(cid:435)न 1947 (श0)
(सं0 पटना 1591) पटना, सोमवार, 6 अ(cid:200)तूबर 2025
III —18776 ———— ladYi 4 vDrwcj 2025
बिहार अधिनियम-12, 1993 के द्वारा पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग का गठन किया गया है। उक्त अधिनियम की धारा-9(1) निम्नवत है-
"आयोग सूची में पिछड़े वर्गों के रूप में नागरिकों के किसी वर्ग को शामिल करने के लिए किए गए अनुरोध की जाँच करेगा और पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-2) में किसी पिछड़े वर्ग के अति समावेशन या अल्प समावेशन से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा एवं राज्य सरकार को ऐसी सलाह देगा जैसा वह उचित समझे।"
बिहार अधिनियम-12, 1993 की धारा-9(2) के अनुसार पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग की राय मानने के लिए समान्यतः राज्य-सरकार बाध्य होगी।
बिहार राज्य हेतु पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-2) के क्रमांक-20 पर बनिया जाति शीर्ष के अंतर्गत कलवार (कलाल/एराकी), (वियाहुत कलवार) एक साथ अंकित रहने के कारण इस जाति के सदस्यों की जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, क्योंकि इस जाति के सदस्यों एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा अंकित किया गया है कि सनातन धार्मिक ग्रंथों एवं पुराणों में मात्र कलवार शब्द का उल्लेख है तथा इस जाति के साथ कलवार (कलाल/एराकी), (वियाहुत कलवार) अंकित किया जाना अनुचित एवं भ्रामक है। सम्प्रति बिहार हेतु अधिसूचित पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-2) के क्रमांक-20 पर बनिया जाति शीर्ष के अंतर्गत निम्नांकित प्रविष्टि अंकित है :-
2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 6 अ(cid:200)तूबर 2025 (i) यह कि पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-2) के क्रमांक-20 में वर्णित बनिया जाति शीर्ष के अंतर्गत वर्णित कलवार के पश्चात कौमा (,) दर्ज किया जाना चाहिए।(ii) यह कि पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-2) के क्रमांक-20 में वर्णित बनिया जाति के शीर्ष के अंतर्गत कलाल और एराकी उपजाति के बीच आड़ी रेखा (/) (Slash) को हटाकर कौमा (,) दिया जाना चाहिए, क्योंकि कलाल और एराकी दो विभिन्न उपजाति है।
(iii) यह कि पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-2) के क्रमांक-20 में ही उपजाति कलाल, एराकी के बाद वियाहुत कलवार में लगे कोष्ट को हटाकर उसके स्थान पर कौमा (,) दिया जाना चाहिए।
| 20 | बनिया-(सूढ़ी, मोदक/मायरा, रोनियार, पनसारी, मोदी, कसेरा, केशरवानी, ठठेरा, कलवार, कलाल, एराकी, वियाहुत कलवार, कमलापुरी वैश्य, माहुरीवैश्य, (विलोपित), बंगीवैश्य (बंगाली बनिया), बर्नवाल, अग्रहरीवैश्य, वैश्य पोद्दार, कसौधन, गंधबनिक, बाथम वैश्य, गोलदार (पूर्वी/पश्चिमी चम्पारण हेतु), (विलोपित) | Bania (Sundi, Modak/Maira, Roniar, Pansari, Modi, Kasera, kesarwani, Thathera, Kalwar, Kalal, Eraki, Biahut Kalwar, Kamalapuri Vaishya, Mahuri Vaishya, (Deleted), Bangi Vaishya (Bengali Bania), Barnwal, Agrahari Vaishya, Vaishya poddar, Kasaudhan, Gandhbanik, Batham Vaishya, Goldar (For East/West Champaran), (Deleted) |
बिहार अधिनियम-6, 1996 (मूल) बिहार पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए) (द्वितीय संशोधन) अधिनियम-1995 की धारा-14(अ) का प्रावधान निम्नवत है- "अधिनियम की अनुसूची-1 एवं 2 में जाति/वर्ग को जोड़ने या हटाने की शक्ति :- पिछड़े वर्गों के लिए राज्य की आयोग की अनुशंसा पर राज्य सरकार शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा अधिनियम से उपाबद्ध अनुसूची-1 अथवा अनुसूची-2 में किसी जाति/वर्ग को, यथास्थिति, जोड़ या हटा सकेगी।"
पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग की सलाह से सहमत होते हुए प्रस्ताव है कि बिहार राज्य हेतु पिछड़े
| क्रम संख्या | जाति | जाति |
| 20 | बनिया-(सूढ़ी, मोदक/मायरा, रोनियार, पनसारी, मोदी, कसेरा, केशरवानी, ठठेरा, कलवार, कलाल, एराकी, वियाहुत कलवार, कमलापुरी वैश्य, माहुरीवैश्य, (विलोपित), बंगीवैश्य (बंगाली बनिया), बर्नवाल, अग्रहरीवैश्य, वैश्य पोद्दार, कसौधन, गंधबनिक, बाथम वैश्य, गोलदार (पूर्वी/पश्चिमी चम्पारण हेतु), (विलोपित) | Bania (Sundi, Modak/Maira, Roniar, Pansari, Modi, Kasera, kesarwani, Thathera, Kalwar, Kalal, Eraki, Biahut Kalwar, Kamalapuri Vaishya, Mahuri Vaishya, (Deleted), Bangi Vaishya (Bengali Bania), Barnwal, Agrahari Vaishya, Vaishya poddar, Kasaudhan, Gandhbanik, Batham Vaishya, Goldar (For East/West Champaran), (Deleted) |
प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा समय-समय पर निर्गत दिशा-निदेश प्रभावी माने जायेंगे। आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में जनसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डॉ0 बी0 राजेन्दर, अपर मुख्य सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,