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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 09 October 2025

Published 09 October 2025

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2025-10-09.1652
Languages
English, Hindi

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निबंधन संख्या पी0टी0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 17 आि(cid:435)न 1947 (श0)

(सं0 पटना 1652) पटना, वृहस्पतिवार, 9 अ(cid:200)तूबर 2025 —532 eaf=eaMy lfpoky;

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बिहार सरकार ने हवाई सेवाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने और सुविधाजनक बनाने के लिए ' को मंजूरी दी है, जो बिहार के हवाई अड्डों से नए गंतव्यों तक हवाई सेवाओं की शुरुआत करने के लिए भारतीय विमानन कम्पनियों को व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) के तहत मौद्रिक सहायता प्रदान करती है। नई नीति राज्यभर में हवाई संपर्क को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने के लिए तैयार की गई है। इस पहल के तहत विमानन कम्पनियों को महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा, जिससे जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना और गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, गया से नई अन्तर्राष्ट्रीय हवाई मार्गों से नॉन-स्टॉप हवाई सेवा की शुरुआत को बढ़ावा मिलेगा। आरसीएस-उड़ान (RCS- वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार सरकार, सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए हवाई संपर्कता बढ़ाये जाने के महत्व को स्वीकार करता है। विभाग, जय प्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना और गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, गया से नई अन्तर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए संपर्कता हेतु प्रतिबद्ध है। ' UDAAN) योजना के अंतर्गत हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए बनाई गई राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है। यह नीति उन भारतीय विमानन कम्पनियों पर लागू होती है, जिन्हें नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से अनुमति प्राप्त है और जो नई अन्तर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए निर्धारित हवाई सेवाएँ प्रारंभ कर सकती हैं।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 9 अ(cid:200)तूबर 2025 2 i- कोई भी अन्तर्राष्ट्रीय मार्ग, जिसे राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए और जो पूर्व में जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना एवं गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, गया से निर्धारित नॉन-स्टॉप हवाई सेवा द्वारा नहीं जोड़ा गया हो। ii-

निर्धारित नॉन-स्टॉप वायु मार्गों की सूची, वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा सरकार की मंजूरी से प्रकाशित की जाएगी। इसे आवश्यकतानुसार अद्यतन किया जाएगा। योजना प्रारंभ करने हेतु मांग में रहने वाले कुछ मार्गों को नीति में सम्मिलित किया गया है। iii- इस नीति के तहत निर्दिष्ट विमानन कम्पनियों को व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) के तहत परिचालन का समर्थन करने के लिए प्रदान की जाने वाली मौद्रिक सहायता। iv- नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा परिभाषित एवं प्रकाशित समय-सारणी के अनुसार परिचालित नियमित समयबद्ध उड़ानें। v- योजना के अंतर्गत नए अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर संचालन करने के लिए चयनित भारतीय विमानन कम्पनी। vi- अपर मुख्य सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की अध्यक्षता में वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा अधिसूचित विमानन पर उच्च स्तरीय समिति (High Level Committee)। vii- नीति को संकल्प/अधिसूचना निर्गत किए जाने की तिथि से 2 वर्ष की अवधि के लिए लागू किया जाएगा।

High Level Committee नीति के नियमन, कार्यान्वयन, अन्तर्राष्ट्रीय मार्गों के अनुसार वित्तीय सहायता की राशि निर्धारित करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति (High Level Committee) का निम्नानुसार गठन किया गया हैः-

I. अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव,

मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग - अध्यक्ष II सचिव (व्यय), वित्त विभाग - सदस्य III निदेशक, वायुयान संगठन निदेशालय - सदस्य IV प्रशासी पदाधिकारी, वायुयान संगठन निदेशालय - सदस्य सचिव i- अन्तर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए भारतीय विमानन कम्पनी को न्यूनतम 150 या उससे अधिक यात्री सीट क्षमता वाले फिक्स्ड-विंग विमान का संचालन करना अनिवार्य होगा (जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना और गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, गया के लिए।) ii- भारतीय विमानन कम्पनी के पास संबंधित विनियामकों/प्राधिकरणों से अन्तर्राष्ट्रीय संचालन हेतु सभी आवश्यक अनुमति प्राप्त होनी चाहिए तथा सभी लागू विनियमों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। iii- नया मार्ग पिछले 3 महीनों के भीतर जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना और गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, गया से किसी भी निर्धारित नॉन-स्टॉप वाणिज्यिक उड़ान द्वारा सेवित नहीं होना चाहिए अथवा भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय की उड़ान योजना के अंतर्गत जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना और गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, गया से किसी भी मान्य, प्रदत्त (परंतु अभी तक प्रारंभ न हुई) मार्ग का हिस्सा नहीं होना चाहिए। i- नए अन्तर्राष्ट्रीय मार्ग से जुड़ने वाली विमानन कम्पनी के लिए प्रति वापसी यात्रा (Round Trip) वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 9 अ(cid:200)तूबर 2025 3 ii- यह सहायता पहले छह महीनों की अवधि के लिए प्रदान की जाएगी। नीति की प्रभावशीलता और चयनित मार्ग के वाणिज्यिक प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर इस सहायता को और 6 महीनों के लिए नवीनी—त किया जा सकता है। iii- अन्तर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता (व्यवहार्यता अंतर निधि) की राशि

1 पटना - काठमांडू (यात्री क्षमताः न्यूनतम 150 यात्री) ₹5,00,000 प्रति राउंड ट्रिप अधिकतम 365 X 5,00,000 = ₹18.25 करोड़
2 गया - शारजाह (यात्री क्षमताः न्यूनतम 150 यात्री) ₹10,00,000 प्रति राउंड ट्रिप अधिकतम 365 X 10,00,000 = ₹36.5 करोड़
3 गया - बैंकॉक (यात्री क्षमताः न्यूनतम 150 यात्री) ₹10,00,000 प्रति राउंड ट्रिप अधिकतम 365 X 10,00,000 = ₹36.5 करोड़
4 गया - कोलंबो (यात्री क्षमताः न्यूनतम 150 यात्री) ₹10,00,000 प्रति राउंड ट्रिप अधिकतम 365 X 10,00,000 = ₹36.5 करोड़
5 गया - सिंगापुर (यात्री क्षमताः न्यूनतम 150 यात्री) ₹10,00,000 प्रति राउंड ट्रिप अधिकतम 365 X 10,00,000 = ₹36.5 करोड़

iv- प्रस्तावित मार्ग के लिए राज्य द्वारा भारतीय विमानन कम्पनियों को, हवाई अड्डे पर उपयुक्त स्लॉट निर्धारण सहित, कोई अन्य सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। विमानन कम्पनियों को हवाई अड्डा प्राधिकरणों के साथ स्वयं आवश्यक स्वीकृति (Due Diligence) प्राप्त करनी होगी।

v- विमानन कम्पनी को टिकट किराए के संबंध में नागर विमानन महानिदेशालय (डी0जी0सी0ए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना होगा i- जैसा कि पूर्व में उल्लेख किया गया है, इस योजना के अंतर्गत जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना एवं गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, गया और नए अन्तर्राष्ट्रीय मार्गों के बीच सतत, बिना रुके (Non-Stop) हवाई संपर्क स्थापित करना, राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है। राज्य सरकार यह मानती है कि नए मार्गों पर यातायात की मांग निश्चित नहीं होगी और ऐसे अधिकांश मार्गों के अब तक अप्रयुक्त/असंचालित होने के कारण चयनित एयरलाइन (एयरलाइनों) के लिए बाजार जोखिम महत्वपूर्ण हो सकता है। यह बाजार जोखिम तब और बढ़ सकता है जब एक ही मार्ग पर कई एयरलाइनों को संचालन के लिए सहायता और प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। विशेषकर मांग की अनिश्चितता को देखते हुए, मार्गों के विकास के प्रारंभिक चरणों में इस प्रकार की प्रेरित प्रतिस्पर्धा अंततः योजना के उद्देश्यों की प्राप्ति को प्रभावित कर सकती है। ii- अतः विमानन कम्पनियों द्वारा ऐसे मार्गों के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए, पहले 6 माह हेतु अन्तर्राष्ट्रीय हवाई मार्गों पर नॉन-स्टॉप हवाई सेवा के संचालन हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस 6 माह की अवधि के दौरान, राज्य सरकार किसी अन्य विमानन कम्पनी को उस विशेष अन्तर्राष्ट्रीय मार्ग के लिए वित्तीय सहायता प्रदान नहीं करेगी। वित्तीय समर्थन की अवधि निम्नानुसार होगी :-

(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 9 अ(cid:200)तूबर 2025 4

i- चयनित एयरलाइन को 6 माह के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) जारी किया जाएगा। इसे दोनों पक्षों द्वारा पारस्परिक रूप से सहमत होने पर 6 माह की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है। ii- नए अन्तर्राष्ट्रीय मार्ग पर उड़ान संचालन की शुरुआत की तिथि से छह (6) महीनों की समाप्ति, और

iii- संबंधित चयनित विमानन कम्पनी के समझौते की समाप्ति। i- विमानन कम्पनी का चयन नए गंतव्य, उड़ान की आवृत्ति, विमान के प्रकार, सीट क्षमता एवं व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) की माँग के आधार पर निविदा के माध्यम से किया जाएगा। ii- नागर विमानन निदेशालय (DGCA) के अनुसार वर्तमान में अन्तर्राष्ट्रीय संचालन अधिकार प्राप्त भारतीय विमानन कम्पनी केवल 04 ही है यथा- एयर इंडिया, अकाशा एयर, स्पाइस जेट एवं इंडिगो एयरलाईन्स। निविदा प्रक्रिया के तहत किसी अन्तर्राष्ट्रीय मार्ग (Sector) के लिए एक से अधिक विमानन कम्पनियों द्वारा निविदा प्राप्त होने की स्थिति में न्यूनतम व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) की मांग करने वाले विमानन कम्पनी ( L1) का चयन किया जायेगा।

यदि निविदा प्रक्रिया के तहत किसी अन्तर्राष्ट्रीय मार्ग (Sector) के लिए केवल एक ही आवेदन प्राप्त होता है तो बिहार विाीय नियमावली के प्रावधानों के अनुसार मुख्य सचिव, बिहार से अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा।

iii- व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) की अधिकतम राशि कंडिका (ग) के अनुसार देय होगा। iv- निविदा के आलोक में प्राप्त प्रस्तावों में से नीति में निर्धारित मानदंडों एवं कम व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) के आधार पर पात्र विमानन कम्पनियों का चयन किया जाएगा और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने की सूचना दी जाएगी। वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, नीति के अनुसार सरकारी आदेश जारी करेगा तथा स्वी—ति की सूचना संबंधित विमानन कम्पनियों को देगा। विवाद की स्थिति में, विमानन संबंधी उच्च स्तरीय समिति (HLC) का निर्णय अंतिम होगा

v- वित्तीय सहायता, उड़ानों के संचालन के उपरांत मासिक आधार पर और आवश्यक परिचालन आंकड़े प्रस्तुत करने तथा नियम एवं शर्तों के पालन के पश्चात 15 कार्य दिवसों के भीतर प्रदान की जाएगी। i- विमानन कम्पनियों को वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने हेतु आशय पत्र (Letter of Intent) निर्गत तिथि से 3 माह की अवधि के भीतर अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए संचालन प्रारंभ करना आवश्यक होगा। संचालन प्रारंभ करने की अवधि को आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तरीय समिति (HLC) द्वारा बढ़ाया जा सकता है, परंतु यह 6 माह से अधिक नहीं होगी।

ii- विमानन कम्पनियों को वित्तीय सहायता की शर्तों के अनुसार सहमत बुनियादी स्तर की सेवा बनाए रखना आवश्यक होगा।

iii- वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, नए मार्गों के वाणिज्यिक प्रदर्शन (Performance) की निगरानी करेगा और नीति प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करेगा।

iv- भारतीय विमानन कम्पनियों को प्रत्येक उड़ान के परिचालन आंकड़े, जिनमें यात्री लोड फैक्टर और विक्रय की गई सीटों की संख्या शामिल है, वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा अनुरोध किए जाने पर साझा करना अनिवार्य होगा। i- नीति की प्रभावशीलता का आकलन करने और आवश्यक संशोधन करने के लिए वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग/ उच्च स्तरीय समिति (HLC) द्वारा हर छह महीने में आवधिक समीक्षा की जाएगी।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 9 अ(cid:200)तूबर 2025 5 ii- वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, नीति के परिणामों और बाजार स्थितियों के आधार पर वित्तीय सहायता की शर्तों को संशोधित करने या समर्थन बंद करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, नीति की कार्यान्वयन एजेंसी होगी। i- वित्तीय सहायता के लिए आवेदन और मूल्यांकन प्रक्रिया का प्रबंधन। ii- नीति के अनुसार पात्र विमानन कम्पनियों को राशि वितरित करना। iii- नए मार्गों के अनुपालन और प्रदर्शन की निगरानी। i- प्रति सप्ताह न्यूनतम 2 दिन की सेवाएं और अधिकतम 7 दिन की सेवाएं। ii- योजना की निगरानी के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना। iii- विमानन कम्पनी के द्वारा राज्य के सहयोग की स्वी—ति और उड़ान के दौरान संबंधित उद्‌घोषणा।

iv- योजना के सुचारू कार्यान्वयन के संबंध में कार्यान्वयन एजेंसी के साथ समन्वय। Funding विमानन कम्पनियों को व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) सहायता प्रदान करने हेतु वायुयान संगठन निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को बजटीय सहयोग के माध्यम से इस वित्तीय सहायता का प्रावधान किया जाएगा। i- नीति निर्माण प्रक्रिया के तहत, पटना और गया हवाई अड्डों से प्रारंभ होने वाले संभावित गंतव्यों का आकलन करने के लिए हितधारकों से परामर्श किया गया है।

ii- हितधारकों के साथ हुई चर्चाओं और मार्ग लागत (नियत, परिवर्ती एवं ओवरहेड) तथा राजस्व के आंतरिक विश्लेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि नैरो बॉडी विमान (150 सीट क्षमता) की प्रति सीट लागत अपेक्षा—त कम है।

iii- नीति दस्तावेज के अंतर्गत व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) सहायता को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से नैरो बॉडी विमान को प्रतिनिधि विमान के रूप में माना गया है। उपर्युक्त के आधार पर, विमानन कम्पनियों को प्रोत्साहित करने और नए गंतव्यों के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध कराने हेतु निम्नलिखित प्रोत्साहन प्रस्तावित किए जाते हैं :

 (क) 500 किमी तक के गंतव्य-प्रस्तावित वी0जी0एफ की राषि ₹ 5,00,000/- प्रति राउंड ट्रिप अधिकतम

(ख) 500-3500 किमी तक के गंतव्य-प्रस्तावित वी0जी0एफ ₹10,00,000/- प्रति राउंड ट्रिप अधिकतम

iv- यह भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित प्रोत्साहन/ व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF), विमानन कम्पनी की वापसी उड़ान, परिचालन लागत का लगभग 24% से कम वहन करता है, जिससे उन्हें संचालन प्रारंभ करने में सक्षम बनाया जाएगा और उनकी परिचालन क्षमता बढ़ाने, साथ ही अपने राजस्व और लाभांश में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन प्राप्त होगा। -अपर मुख्य सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के नेतृत्व में गठित उच्च स्तरीय समिति (HLC) कार्यक्रम की समय-समय पर निगरानी करेगी। किसी भी प्रकार के संचालनात्मक एवं वित्तीय परिवर्तन, बजटीय प्रावधान/नीति ढाँचे के अंतर्गत ही विचार किए जाएंगे। व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) में वृद्धि की स्थिति में, मार्ग के महत्व के आधार पर निर्णय लेने के लिए उच्च स्तरीय समिति (HLC) को अधि—त किया जा सकता है। -सु–ढ़ हवाई संपर्कता आर्थिक विकास का एक सिद्ध उत्प्रेरक है। यह व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देता है, जो राज्य की आर्थिक विकास रणनीति के महत्वपूर्ण घटक हैं। नए हवाई(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 9 अ(cid:200)तूबर 2025 6 गंतव्यों को जोड़कर हम बिहार में व्यवसायों और उद्यमियों के लिए नए बाजारों और अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) के एक अध्ययन के अनुसार, जैसा कि राष्ट्रीय नागर विमानन नीति, 2016 में उल्लेखित है, उत्पादन गुणक 3.25 तथा रोजगार गुणक 6.10 है। -हवाई यात्रा न केवल आर्थिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है, बल्कि सांस्—तिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करती है। यह अन्य क्षेत्रों और देशों के साथ अधिक संवाद को सक्षम बनाएगी, जिससे एक अधिक सजीव सामाजिक-सांस्—तिक वातावरण का निर्माण होगा। -पटना और गया, भारत के पूर्वी क्षेत्र में स्थित होने के कारण, हवाई यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की क्षमता रखते हैं। साथ ही, बिहार का सामाजिक-आर्थिक विकास, पटना और गया दोनों स्थानों पर उपलब्ध पहुँच और अवसंरचना से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह नीति, जय प्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (पटना) और गया अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा की रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाकर, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय विमानन नेटवर्क में उनकी भूमिका को सु–ढ़ करेगी -यह नीति, नई मार्गों पर संचालन प्रारंभ करने के लिए विमानन कम्पनियों को प्रोत्साहित करने हेतु एक संरचित वित्तीय सहायता तंत्र प्रदान करती है। यह सहायता प्रारंभिक जोखिम को कम करने और विमानन कम्पनियों को नई कनेक्टिविटी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। -यह नीति भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय की उड़ान योजना का पूरक है, जिसमें कमियों को दूर किया जाता है और उन मार्गों को समर्थन प्रदान किया जाता है जो इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं हैं। -नए वायु मार्गों की स्थापना से विमानन क्षेत्र और सहायक उद्योगों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की अपेक्षा है, जो राज्य में रोजगार वृद्धि में योगदान देंगे। -बिहार की समृद्ध सांस्—तिक विरासत और प्रा—तिक सुंदरता में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। बेहतर हवाई संपर्क राज्य को देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए अधिक सुलभ बनाएगा, जिससे पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी। -व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) प्रदान किये जाने से, विमानन कम्पनियां, बिहार तक हवाई संपर्क को प्राथमिकता देने पर विचार करेंगी, जो अन्यथा स्थगित हो सकता है। चूँकि नागरिक उड्डयन बाजार, आपूर्ति के –ष्टिकोण से सीमित है, इसलिए व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) के तहत विमानन कम्पनियों को वित्तीय सहायता देना, बिहार में वायु संपर्कता को त्वरित गति प्रदान करने में सहायक होगा।

इस प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद्‌, बिहार सरकार की बैठक दिनांक-26.08.2025 के मद संख्या-18 के रूप में सम्मिलित एवं स्वीकृत किया गया है।

यह नीति, संकल्प निर्गत की तिथि से प्रभावी होगी तथा संकल्प निर्गत तिथि से 02 वर्षों तक प्रभावी रहेगा।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त ।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 1652-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0

Website: : https://egazette.bihar.gov.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 09 October 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2025-10-09.1652/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2025-10-09.1652.