असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
9 काित(cid:91)क 1947 (श0)
(सं0 पटना 1696) पटना, शु(cid:272)वार, 31 अ(cid:200)तूबर 2025 —
गृह विभाग
(विशे
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संकल्प
22 अक्तूबर 2025
श्री हरेन्द्र कुमार सिंह, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध बिना अनुमति/अवकाश स्वीकृत कराए सरकारी वाहन के साथ मुख्यालय छोड़ने, नशे की हालत में मारपीट करने के संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक-सह-उप महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निषाम सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-1550, दिनांक-03.05.2017 द्वारा आरोप प्रतिवेदित किया गया। प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(1)(क) एवं (ग) के तहत श्री सिंह को आदेश निर्गत की तिथि से अगले आदेश तक विभागीय कार्यवाही के अधीन विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4215, दिनांक-19.05.2017 द्वारा निलंबित किया गया।
2. तदोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(5)(क) के अंतर्गत प्रपत्र 'क' में वर्णित आरोपों के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8887, दिनांक-09.10.2017 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई।
3. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवदेन के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर आरोप, जाँच प्रतिवेदन एवं श्री सिंह से प्राप्त लिखित बचाव अभिकथन की समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7006 दिनांक-03.07.2019 द्वारा श्री हरेन्द्र कुमार सिंह, निलंबित जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, मुजफ्फरपुर को आदेश निर्गत की तिथि से निलंबन से मुक्त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमवली-2005 के नियम-14 के तहत संचयी प्रभाव से पाँच वेतन वृद्धियों पर रोक का दंड संसूचित किया गया।
4. श्री सिंह द्वारा उपर्युक्त दंडादेश के विरूद्ध पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक-13.08.2019 समर्पित किया गया। समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन के आलोक में संदर्भित मामलें की गहन समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10381 दिनांक-18.10.2019 द्वारा पुनर्विचार याचिका को अस्वीकृत कर दिया गया। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 31 अ(cid:200)तूबर 2025 2 उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-05.05.2025 को न्यायादेश पारित किया गया है, जिसका कार्यकारी अंश निम्नवत् हैंः- "……. On all the aforesaid counts, this Court is of the view that the impugned orders suffer from illegality and the entire proceedings are actuated with mala fide and unfairness depriving the petitioner from fair opportunity to defend himself; the memo of charge also vitiates on account of apparent infraction of statutory provisions, hence, the order dated 03.07.2019 as contained in Memo No.7006 as also the order dated 18.10.2019 as well as the entire departmental proceedings are hereby set aside.
The respondent authorities are directed to reinstate the petitioner with all consequential benefits. However, this order would not preclude the respondents to proceed afresh, in accordance with law, if so advised.
The writ petition stands allowed." 6. उपर्युक्त पारित न्यायादेश एवं तद्नुसार विधि विभाग, बिहार से प्राप्त विधिक परामर्श के आलोक में श्री हरेन्द्र कुमार सिंह, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, मुजफ्फरपुर सम्प्रति वरीय जिला समादेष्टा, मुंगेर के विरूद्ध निम्नलिखित निर्णय लिया जाता हैंः-
(i) विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7006 दिनांक-03.07.2017 एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10381 दिनांक-18.10.2019 (पुनर्विचार याचिका अस्वीकृत करने संबंधी संकल्प) को निरस्त किया जाता है। (ii) श्री ंिसंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में पुनः विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया जाता है।
उपर्युक्त कंडिका-6 में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। बिहार-राज्यपाल के आदेष से, उपेन्द्र प्रसाद, सरकार के उप सचिव।ृ
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,