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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 03 December 2025

Published 03 December 2025

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2025-12-03.49
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 12 अग्रहायण 1947 (श0) सं(cid:201)या 49 पटना, बुधवार,———————— 3 दिसम्बर 2025(ई0) i`"B भाग-1—नियुक्ति, inLFkkiu,बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 02-21 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;{kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।

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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची

i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक, उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA 22-29 पूरक

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पूरक-क

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(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 2

भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन,बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं। ————

लघु जल संसाधन विभाग

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अधिसूचनाएं

8 सितम्बर 2025

सं0 प्र॰-01/ल॰ज॰सं॰/स्था॰(राज0)-08/2024-6757--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना सं0-3454 दिनांक-28.02.2024 के आलोक में लघु जल संसाधन विभाग, बिहार के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन बिहार अभियंत्रण सेवा संवर्ग-2 के निम्नांकित सहायक अभियन्ताओं (असैनिक/याँत्रिक) का उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-04 में अंकित तिथि से सहायक अभियन्ता (असैनिक/याँत्रिक) के पद पर सेवा संपुष्ट की जाती हैः-

क्रमांक नाम/पदनाम(कोटि)/गृह जिला/ जन्म तिथि प्रथम योगदान/ प्रभार ग्रहण की तिथि सेवा सम्पुष्टि की तिथि अभ्युक्ति
1 2 3 4 5
1. श्री राहुल कुमार/ सहायक अभियन्ता(असैनिक)/ नालन्दा/14.02.1991 19.04.2022 28.02.2024
2. श्री सौरभ सुमन/ सहायक अभियन्ता(याँत्रिक)/ नालन्दा/13.12.1993 22.01.2024 22.01.2025

2. भविष्य में सेवा संपुष्टि संबंधी अधिसूचना में त्रुटि/पार्थक्य पाये जाने पर तदनुसार अधिसूचना को रद्द/संशोधित किया जा सकेगा । 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुशांत कुमार, अपर सचिव।

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12 सितम्बर 2025

सं0 प्र0-01/ल0ज0सं0/स्था0(राज0)-01/2022(नियुक्ति)-6885--MJC No.- 1401/2025 (स्नेही कुमारी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) तथा अन्य सदृश वादों एवं MJC No.- 1763/2025 (सुधांशु कुमार बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) तथा अन्य सदृश वादों में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-29.08.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में विज्ञापन सं0-02/2017 के अन्तर्गत बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-07ए/स0अभि0(असैनिक) 01-03/2019{06} लो0से0ओ0/गो0 दिनांक-04.09.2025 द्वारा विभाग आवंटित करते हुए पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को अनुशंसित अभ्यर्थियों की सूची नियुक्ति हेतु उपलब्ध कराने के उपरान्त पथ निर्माण विभाग के पत्रांक-7827(एस) दिनांक-08.09.2025 द्वारा लघु जल संसाधन विभाग को अनारक्षित कोटि के कुल 24(चौबीस) अभ्यर्थियों की नियुक्ति हेतु अनुशंसा लघु जल संसाधन विभाग को उपलब्ध करायी गयी है । उक्त अनुशंसित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक एवं अन्य संगत प्रमाण-पत्रों की जाँच दिनांक-10.09.2025 को आयोजित की गयी, जिसमें 17 अभ्यर्थी उपस्थित हुए । 01 अभ्यर्थी अपरिहार्य कारणवश दिनांक- 11.09.2025 को प्रमाण-पत्रों के सत्यापन में उपस्थित हुए ।

प्रमाण-पत्रों के जाँच में उपस्थित निम्नांकित 18(अठारह) अभ्यर्थियों को बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 में सहायक अभियन्ता (असैनिक) के पद पर पुनरीक्षित वेतन स्तर-9 (53,100-1,67,800) में समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत3 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 आदेय भत्तों के साथ लघु जल संसाधन विभाग, बिहार के अधीन सहायक अभियन्ता (असैनिक) के रिक्त पदों के विरूद्ध निम्न वर्णित शर्त्तों के साथ प्रभार ग्रहण/कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से औपबंधिक रूप से नियुक्त किया जाता हैः-

क्र0 सं0 संयुक्त मेधा क्रमांक /अनुक्रमांक अभ्यर्थी का नाम/जन्म तिथि/गृह जिला पिता का नाम/स्थायी पता मूल कोटि अनुशंसित कोटि फोटो
1 2 3 4 5 6 7
1 509 205342 शुभम सिंह/ 06.01.1995/ रायबरेली(उ0प्र0) श्री महेन्द्र प्रताप सिंह, ग्राम-पुरे बबुरीहा, पोस्ट-च्चिवलाहा, तहसील-लालगंज, जिला-रायबरेली(उ0प्र0), पिन कोड-229216 UR UR
2 510 225401 शुभम गुप्ता/ 02.04.1995/ झाँसी(उ0प्र0) श्री राधे श्याम गुप्ता, मकान सं0-605/1, वार्ड सं0-54, नजदीक कानपुर रेलवे लाईन, सी0पी0 मिशन कम्पाउण्ड, जिला-झाँसी (उ0प्र0), पिन कोड-284003 UR UR
3 516 208214 प्रदीप मिश्रा/ 25.07.1994/ गोरखपुर(उ0प्र0) श्री अनिल मिश्रा, ग्राम-पडरहवा, पोस्ट-मझौना, थाना-कैम्पीयरगंज, जिला-गोरखपुर(उ0प्र0), पिन कोड-273165 UR UR
4 518 200087 प्रतीक सिंह/ 02.08.1994/ बलिया(उ0प्र0) श्री उदय नारायण सिंह, ग्रामपोस्ट-सराय भारती, थाना-रसड़ा, जिला-बलिया, (उ0प्र0), पिन कोड-221712 UR UR
5 521 208454 ब्रहम्प्रकाश/ 04.02.1994/ अलीगढ़(उ0प्र0) श्री नागेन्द्र गुप्ता, ग्राम-भोजाका, पोस्टथाना- पिसावा, जिला-अलीगढ़ (उ0प्र0), पिनकोड-202155 UR UR
6 524 214652 अंकित कुमार शुक्ला /17.08.1991/ प्रतापगढ़(उ0प्र0) श्री शिव किशोर शुक्ला, शुक्लन का पुरवा, नौधिया, संग्रामगढ़, जिला-प्रतापगढ़, (उ0प्र0), पिन कोड-230141 UR UR
(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 4
7 528 213139 आशीष विश्वकर्मा/ 12.01.1991/ आजमगढ़(उ0प्र0) श्री अशोक कुमार विश्वकर्मा, ग्राम-भगवानपुर, पोस्ट-ठेकमा, तहसील-मार्टिनगंज, जिला- आजमगढ़(उ0प्र0), पिन कोड-276303 UR UR
8 532 209144 निक्कू शर्मा/ 02.03.1994/ धनबाद(झारखण्ड) श्री छुटू लाल मिस्त्री, ग्रामपोस्ट-दलुडीह, थाना- राजगंज, जिला-धनबाद (झाखण्ड), पिन कोड-828113 UR UR
9 546 224100 सूर्य प्रकाश मिश्रा /28.10.1995/ महाराजगंज(उ0प्र0) श्रीराम मिश्रा, ग्राम-खोस्टा, पोस्ट-परसौनी, थाना-चौक आंशिक, तहसील- निचलौल, जिला-महाराजगंज (उ0प्र0), पिन कोड-273207 UR UR
10 553 203041 रवि शंकर शर्मा/ 15.01.1994/ पटना श्री रामा शंकर शर्मा, 108, रामपुर रोड, पोस्ट-महेन्द्रु, थाना-सुल्तानगंज, प्रखण्ड-पटना सदर, जिला-पटना, पिन कोड- 800006 UR UR
11 2610 204934 मौली गुप्ता/ 27.05.1995/ हरदोई(उ0प्र0) श्री अरविन्द कुमार गुप्ता, 316, सराय थोक पश्चिमी हरदोई, उत्तर प्रदेश पिन कोड-241001 UR UR
12 2657 206756 प्रांजली सिंह/ 27.02.1992/ भागलपुर श्री शारदा शरण सिंह, गली नं0-06, ग्राम- गंगानगर, पोस्टप्रखण्ड- कहलगाँव, जिला-भागलपुर, पिन कोड-813203 UR UR
13 2658 215853 अंशु कुमारी/ 29.06.1994/ पूर्वी चम्पारण(मोतिहारी) श्री सुरेश कुमार दूबे, ग्रामपोस्ट-कटहरिया, वार्ड सं0-06, थाना-कल्याणपुर, जिला-पूर्वी चम्पारण(मोतिहारी) पिन कोड-845417 UR UR
5 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025
14 2666 224619 ममता गोंड़/ 25.03.1995/ देवरिया(उ0प्र0) श्री राम आशीष गोंड़, ग्राम-जंगल वेलवा, पोस्ट-पडौली, थाना- महुआडीह, जिला-देवरिया (उ0प्र0), पिन कोड-274001 UR UR
15 2683 205011 प्रियंका कुमारी/ 25.04.1991/ गिरिडीह(झाखण्ड) श्री मनोहर मोदी, ग्रामपोस्टथाना-सरिया, जिला-गिरिडीह(झाखण्ड) पिन कोड-825320 UR UR
16 2686 205418 दीपशिखा सिन्हा/ 20.07.1994/ नालन्दा श्री दीपक कुमार सिन्हा, प्रतिभा कुंज, ग्रामपोस्ट-तुंगी, थाना-दीपनगर, जिला- नालन्दा(बिहारशरीफ) पिन कोड-803101 BC UR
17 2695 217461 आकांक्षा/ 10.07.1991/ वाराणसी(उ0प्र0) श्री राकेश कुमार, हरिबल्लमपुर, पोस्ट-लमही, थाना-चोलपुर, जिला-वाराणसी (उ0प्र0), पिन कोड-221007 UR UR
18 2696 226920 पुजा कुमारी/ 06.01.1996/ औरंगाबाद श्री ब्रजभूषण शर्मा, ग्रामपोस्ट-कैथी, थाना-ओबरा, जिला- औरंगाबाद, पिन कोड- 824124 UR UR

2 नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(असैनिक) को मासिक वेतनादि एवं अन्य वित्तीय लाभ सहायक अभियन्ता(असैनिक) के पद पर वास्तविक कार्यभार/प्रभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा । प्रथम नियुक्ति होने के कारण प्रभार ग्रहण करने के लिए कोई या़त्रा भत्ता अनुमान्य नहीं होगा ।

3. यह नियुक्ति अभ्यर्थियों के द्वारा समर्पित सत्यापन प्रपत्र में अंकित सूचनाओं को प्रथमदृष्टया सही मानकर एवं पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन अनुकूल प्राप्त होने की प्रत्याशा में की जा रही है । सत्यापन के क्रम में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होने पर उनकी सेवा बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जायेगी ।

4. यह नियुक्ति अभ्यर्थियों के शैक्षणिक एवं अन्य संगत प्रमाण-पत्रों को सही मानकर इस शर्त पर की जा रही है कि भविष्य में शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों/अभिलेखों के संबंध में गलत सूचना पाये जाने की स्थिति में इनकी सेवा कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जायेगी एवं विधिसम्मत आवश्यक कार्रवाई भी की जायेगी ।

5. यह नियुक्ति औपबंधिक रूप से की जा रही है। यदि भविष्य में किसी भी नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(असैनिक) के विरूद्ध कोई प्रतिकूल तथ्य/जानकारी अथवा उनसे संबंधित कोई त्रुटि/पार्थक्यता परिलक्षित होती है, तो बिना किसी पूर्व सूचना एवं कारण बताओ नोटिस के किसी भी समय सेवा समाप्त की जा सकती है ।

6. सभी नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(असैनिक) को नियुक्ति आदेश निर्गत होने की तिथि से 15(पन्द्रह) दिनों के अन्दर लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना में योगदान करना अनिवार्य होगा । निर्धारित अवधि में योगदान नहीं करने पर उनकी नियुक्ति समाप्त करने की कार्रवाई की जायेगी ।

7. वैसे अभ्यर्थी जो वर्तमान में किसी राज्य सरकार/भारत सरकार के सरकारी/अर्द्ध सरकारी संस्थानों/निकायों में कार्यरत है, वैसे अभ्यर्थी का बिहार सरकार में नयी नियुक्ति के क्रम में बॉन्ड लिये जाने का प्रावधान नहीं है और बॉन्ड स्थानान्तरण का भी कोई प्रावधान नहीं है। संबंधी अभ्यर्थी पूर्व नियोक्ता से बॉन्ड का निपटारा कर ही विधिवत विरमित/तकनीकी त्याग-पत्र स्वीकृत/त्याग-पत्र स्वीकृत कराकर विभाग में योगदान समर्पित करेंगे ।6 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 8. नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(असैनिक) की सेवा 01(एक) वर्ष तक परीक्ष्यमान अवधि में रहेगी । इस हेतु सामान्य प्रशासन विभाग का बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि नियमावली, 2024(समय-समय पर यथासंशोधित) प्रभावी होगी। 9. वित्त विभाग के संकल्प संख्या-1964, दिनांक-31.08.2005 एवं 768 पे0को0, दिनांक-03.07.2007 के अनुसार उक्त नवनियुक्त सहायक अभियन्ताओं(असैनिक) पर नयी अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी ।

10. प्रमाण-पत्रों की जाँच के क्रम में चरित्र प्रमाण-पत्र/स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र/अनुमण्डल पदाधिकारी /कार्यपालक दंडाधिकारी से निर्गत प्रमाण-पत्र/दहेज नहीं लेने-देने संबंधी शपथ-पत्र एवं अन्य प्रमाण-पत्र यदि समर्पित नहीं किया गया है, उन्हें तत्संबंधी प्रमाण-पत्र योगदान के पूर्व निश्चित रूप से समर्पित करना होगा ।

11. यह नियुक्ति औपबंधिक है तथा माननीय न्यायालय के समक्ष इस संदर्भ में किसी भी विचाराधीन वाद में पारित आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा ।

12. यदि इस अधिसूचना में कोई भूल अथवा टंकण आदि की त्रुटि परिलक्षित होती है तो तद्‌नुसार संशोधित किया जायेगा।

13. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुशांत कुमार, अपर सचिव।

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पथ निर्माण विभाग

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अधिसूचनाएं

15 अक्तूबर 2025

सं0 निग/सारा-उ0बि0ग्रा0-70/2012-8476(s)--श्री प्रदीप कुमार मिश्रा, तदेन सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, श्रीनगर, पूर्णियाँ सम्प्रतिः सेवानिवृत के द्वारा एन0आर0ई0पी0, श्रीनगर, पूर्णियाँ के पदस्थापन काल के दौरान नवम्बर 2007 में पूरे माह अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप के लिए श्री मिश्रा के विरूद्ध ग्रामीण कार्य विभाग के पत्रांक-3402अनु0 दिनांक-13.09.13 द्वारा कार्रवाई की अनुशंसा पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना से की गयी। 2. तद्‌ालोक में विभाग द्वारा अग्रतर कार्रवाई करते हुए आरोप प्रपत्र-'क' गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3470 (एस) अनु0 दिनांक-05.05.14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के तहत अधीक्षण अभियंता, उत्तर बिहार पथ अंचल, पथ निर्माण विभाग, मुजफ्फरपुर के अधीन विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री मिश्रा के दिनांक-30.06.16 को सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप उक्त विभागीय कार्यवाही को विभागीय संकल्प ज्ञापांक-42(एस) दिनांक-09.01.17 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित किया गया। अधीक्षण अभियंता-सह-संचालन पदाधिकारी, उत्तर बिहार पथ अंचल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-136अनु0 दिनांक-27.01.16 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध प्रपत्र-'क' के तहत गठित 1 (एक) आरोप के प्रमाणित होने का मंतव्य दिया गया। 3. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित पाये गये आरोपों के संबंध में श्री मिश्रा से विभागीय पत्रांक-1625(एस)अनु0 दिनांक-01.03.16 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। तद्‌ालोक में स्मारोपरांत श्री मिश्रा के पत्रांक-शून्य दिनांक-09.05.16 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में अंकित किया गया कि दिनांक-21.10.07 से 20.11.07 तक वे बीमारी के कारण प्रखंड कार्यालय से अनुपस्थित रहे एवं उक्त अवधि में सिर्फ क्षेत्र का कार्य कर सका और कार्यालय में समय देने में असमर्थ था। साथ हीं श्री मिश्रा के द्वारा उपरोक्त माह में कतिपय Leave स्वीकृत करने का Casual Way में अनुरोध भी किया गया। 4. श्री मिश्रा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर की समीक्षा के उपरांत पाया गया कि संचालन पदाधिकारी के द्वारा यह स्पष्ट रूप से प्रतिवेदित किया गया है कि पूर्व में भी श्री मिश्रा की अनुपस्थिति विवरणी प्रखंड विकास पदाधिकारी को भेजी जाती रही है। अतः श्री मिश्रा का यह कहना कि प्रखंड विकास पदाधिकारी को अनुपस्थिति विवरणी देने का निदेश नहीं है, निराधार प्रतीत होता है। साथ ही कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल, पूर्णियाँ के पत्रांक-640 दिनांक-18.10.13 में भी आरोपित अवधि में कार्यालय में इनकी उपस्थिति के संबंध में कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इस प्रकार, श्री मिश्रा का यह कथन भी असंगत प्रतीत होता है कि बीमार रहते हुए भी वे नित्य कार्यपालक अभियंता, एन0आर0ई0पी0 के कार्यालय में अवश्य रहते थे। वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री मिश्रा के विरूद्ध लगाये गये आरोप को प्रमाणित पाया गया। 5. तद्‌ालोक में श्री मिश्रा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर के समीक्षोपरांत प्रमाणित पाये गये आरोप का दोषी पाते हुए श्री मिश्रा के पेंशन से स्थायी रूप से 10 प्रतिशत की कटौती के दंड प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। 6. उक्त अनुमोदित दंड प्रस्ताव पर बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43 (ख) के परन्तुक के उपनियम-(क)(iii)(ग) में निहित प्रावधानों के तहत दंड को अधिरोपित किये जाने के पूर्व विभागीय पत्रांक-1712(एस)अनु0 दिनांक-27.02.17 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से अनुमोदित दंड पर सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गयी।7 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 7. बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा आरोपित के पेंशन से 10 प्रतिशत की स्थायी रूप से कटौती करने संबंधी दंड प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार के रूप में मुख्य सचिव, बिहार के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, बिहार के अनुमोदन संबंधी अवतरण की मांग की गयी। तद्‌ालोक में उक्त दंड प्रस्ताव पर मुख्य सचिव के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त कर अनुमोदन संबंधी अवतरण की अभिप्रमाणित प्रति विभागीय पत्रांक-7594 (एस)अनु0 दिनांक-24.08.17 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग को उपलब्ध करायी गयी, जिसके फलस्वरूप बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1940 दिनांक-06.11.17 द्वारा उक्त दंड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त किया गया। 8. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत मामले में संचालन पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के तहत प्रमाणित पाये गये आरोप के लिए सम्यक्‌ विचारोपरांत सरकार के निर्णयानुसार विभागीय अधिसूचना सं0-10677(एस) दिनांक-21.11.2017 के द्वारा श्री प्रदीप कुमार मिश्रा, तदेन सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, श्रीनगर, पूर्णियाँ सम्प्रति : सेवानिवृत के पेंशन से स्थायी रूप से 10 प्रतिशत की कटौती का दंड संसूचित किया गया।

9. इसी क्रम में श्री मिश्रा के द्वारा 14.10.1987 में उनके साथ तदर्थ रूप से नियुक्त अन्य सहायक अभियंताओं के समरूप उनकी भी सेवा को नियमितिकरण करने तथा सभी उतरोतर लाभ सहित सेवान्त लाभ के भुगतान हेतु माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0जे0सी0सं0-9327/2024 प्रदीप कुमार मिश्रा बनाम बिहार राज्य एवं अन्य दायर किया गया। 10. आलोच्य वाद में विभाग की ओर से प्रतिशपथ पत्र दायर करने की कार्रवाई किये जाने के क्रम में यह ज्ञात हुआ है कि वादी श्री मिश्रा तदर्थ (Adhoc) रूप से सहायक अभियंता के पद पर नियुक्त थे। इनके विरूद्ध अनाधि—त रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप के लिए कार्रवाई करने के संबंध में ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा अनुशंसा की गयी थी। परन्तु इस में श्री मिश्रा के तदर्थ (Adhoc) रूप से नियुक्त होने के संबंध में तथ्य अंकित नहीं किये गये थे। इसके अतिरिक्त स्थापना प्रशाखा द्वारा श्री मिश्रा के उपलब्ध कराये गये सेवा इतिहास में भी उनकी तदर्थ (Adhoc) रूप से नियुक्ति होने की जानकारी अंकित नहीं थी। श्री मिश्रा के तदर्थ (Adhoc) रूप से नियुक्त होने की सूचना विभागीय निगरानी प्रशाखा को प्राप्त नहीं हो पाने की स्थिति में श्री मिश्रा के विरूद्ध Bihar CCA Rules 2005 के तहत विभागीय कार्यवाहीं संचालित करते हुए दण्ड अधिरोपण की कार्रवाई की गयी। यदि श्री मिश्रा के तदर्थ (Adhoc) रूप से नियुक्ति संबंधी जानकारी तत्समय विभागीय निगरानी प्रशाखा को प्राप्त होता तो इनके विरूद्ध Bihar CCA Rules 2005 के तहत कार्रवाई नहीं की जाती, क्योंकि उक्त नियमावली के तहत बिहार सरकार के नियमित रूप से नियुक्त सरकारी सेवक के विरूद्ध ही कार्रवाई की जा सकती है।

11. इसके साथ हीं श्री मिश्रा के द्वारा भी विभागीय कार्रवाई के संचालन के दौरान अपनी तदर्थ (Adhoc) रूप से नियुक्ति की सूचना विभाग से जानबूझकर छुपाये गये। चूँकि श्री मिश्रा तदर्थ रूप से नियुक्त थे, इसलिए इनके विरूद्ध अनाधि—त अनुपस्थिति संबंधी आरोप के लिए Bihar CCA Rules 2005 के तहत कार्रवाई कि ये बिना किसी पूर्व सूचना एवं कारण बताओ नोटिस के इनकी सेवा समाप्त की जा सकती थी, जैसा कि विभागीय अधिसूचना संख्या-4789 दिनांक- 14.10.1987, जिसके द्वारा श्री मिश्रा को तदर्थ (Adhoc) रूप से नियुक्त किया गया है, में वर्णित है। यह भी कि श्री मिश्रा के विरूद्ध पेंशन कटौती का दण्ड अधिरोपित किया गया है, जबकि श्री मिश्रा की नियुक्ति तदर्थ (Adhoc) रूप से होने के कारण उन्हें पेंशन देय नहीं है। इस प्रकार दण्ड अधिरोपित किये जाने का कोई औचित्य नहीं है।

12. अतएव उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में विभागीय अधिसूचना सं0-10677(एस) दिनांक-21.11.2017 के द्वारा श्री प्रदीप कुमार मिश्रा, तदेन सहायक अभियंता (तदर्थ रूप से नियुक्त), एन0आर0ई0पी0, श्रीनगर, पूर्णियाँ सम्प्रति ः सेवानिवृत के पेंशन से स्थायी रूप से 10 प्रतिशत की कटौती का संसूचित दंड को निरस्त किया जाता है।

प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, नीरज नारायण पाण्डेय, उप-सचिव।

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16 अक्तूबर 2025

सं0 निग/सारा-04(पथ)-आरोप-14/2020-8537(s)--पथ प्रमंडल, गोपालगंज के पदस्थापन काल में पथ प्रमंडल, गोपालगंज अंतर्गत मीरगंज-भागीपट्‌टी-समौर पथ के कि॰मी॰ 28 से कि॰मी॰ 38 तक में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (एकरारनामा संख्या-25/2008-09) में संवेदक से Risk & Cost की राशि वसूली नहीं करने के मामले में श्री शैलेश मिश्र, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता से विभागीय पत्रांक-5226(एस)अनु॰ दिनांक-25.10.2021 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ निम्न आरोप के लिये कारण पृच्छा की गयीः-

(i) महालेखाकार के अंकेक्षण दल द्वारा-09/2013 में पथ प्रमंडल, गोपालगंज का किये गये अंकेक्षण में उक्त योजना के संबंध में कंडिका-3.12/13-14 Creation of additional liability due to non recovery of risk & cost के तहत्‌ रू॰ 2,17,81,767/-(रूपये दो करोड़ सतरह लाख एकासी हजार सात सौ सड़सठ) की वसूली करने की अनुशंसा की गयी। इस राशि की संवेदक से Risk & Cost की8 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 गणना कर उसके वसूली की अपेक्षित कार्रवाई श्री मिश्र के पदस्थापन अवधि दिनांक-29.06.2012 से दिनांक-05.06.2013 तक की अवधि में किया जाना था, जो श्री मिश्र द्वारा नहीं की गयी।

2. उक्त के संबंध में श्री मिश्र द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-16.11.2022 द्वारा अपना कारण पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया है, जिसमें उनके द्वारा अपने स्पष्टीकरण उत्तर में मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि उनका पदस्थापन काल दिनांक-29.06.2012 से 05.06.2013 तक रहा है। उनका स्थानान्तरण हो जाने के पश्चात महालेखाकार के अंकेक्षण दल द्वारा Risk & Cost की राशि की वसूली हेतु अनुशंसा की गयी है, इसलिए उनके द्वारा अपेक्षित कार्रवाई किया जाना संभव नहीं था। यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त राशि की वसूली करने का दायित्व एकरारनामा निरस्त करनेवाले कार्यपालक अभियंता/शेष कार्य को कराने वाले कार्यपालक अभियंता की बनती है। उन्हें प्रभार देने वाले कार्यपालक अभियंता द्वारा memorandum of work नहीं दिया गया था, जिसके कारण वसूली करने की सूचना उन्हें नहीं हो सकी थी। इसके अतिरिक्त श्री मिश्र के द्वारा उनके सेवानिवृत हो जाने एवं घटना 04 वर्ष पूर्व का होने के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक-1893 दिनांक-14.06.2011 के प्रावधान के अनुसार बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(b) के तहत्‌ मामला कालबाधित हो जाने का संदर्भ दिया गया है। 3. श्री मिश्र द्वारा समर्पित कारण पृच्छा उत्तर की विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री मिश्र का उक्त कथन एवं तर्क स्वीकार योग्य नहीं है, क्योंकि मामला महालेखाकार के अंकेक्षण दल के द्वारा अनुशंसा के उपरांत वसूली का नहीं है, बल्कि दिसम्बर-2009 में एकरारनामा विखण्डन के उपरांत Risk & Cost की राशि की वसूली तत्समय नहीं हो पाने के कारण श्री मिश्र द्वारा स्वतः संज्ञान लेते हुए वसूली की कार्रवाई किया जाना अपेक्षित था, जो नहीं किया गया। कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, गोपालगंज के पत्रांक-189(अनु॰) दिनांक-21.03.2013 एवं इसके साथ संलग्न चेक लिस्ट में अंकित तथ्यों के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री मिश्र को विषयांकित मामले की जानकारी हो चुकी थी, क्योंकि उक्त पत्र एवं संलग्न चेक लिस्ट श्री मिश्र के द्वारा ही हस्ताक्षरित है। इसलिए श्री मिश्र का यह कहना कि उनके कार्यकाल में मामले की जानकारी उन्हें नहीं थी, यह तथ्यगत नहीं है। जहाँ तक श्री मिश्र के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(b) के तहत्‌ मामला कालबाधित हो जाने के तर्क दिये जाने का प्रश्न है तो इस संबंध में स्पष्ट करना है कि मामला 43(b) के तहत कालबाधित हो जाने की स्थिति में ही विभाग द्वारा इस नियम के तहत्‌ श्री मिश्र के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की गयी है, बल्कि श्री मिश्र के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ कारण पृच्छा की गयी है। इस प्रकार स्पष्ट होता है कि श्री मिश्र के द्वारा मामले को विषयांतरित करने के उद्‌देश्य से अपने स्पष्टीकरण में भ्रामक तथ्य अंकित किये गये हैं। 4. उल्लेखनीय है कि एकरारनामा विखण्डन एवं अवशेष कार्य कराने की कार्रवाई श्री उमेश कुमार, कार्यपालक अभियंता के समय हुयी थी, इसलिए Risk & Cost की राशि की वसूली करने के लिए मुख्य रूप से श्री उमेश कुमार जिम्मेवार हैं, परन्तु श्री कुमार द्वारा राशि की वसूली नहीं करने की स्थिति में श्री मिश्र से भी यह अपेक्षित था कि वे वसूली की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करते, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। तद्‌नुसार श्री मिश्र का कारण पृच्छा उत्तर स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। 5. अतएव उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री शैलेश मिश्र, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित कारण-पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक-16.11.2022 को अस्वीकृत करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोप के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ निम्न दंड अधिरोपित किया जाता हैः- (i) ''इनके पेंशन से 10% (दस प्रतिशत) की कटौती 10 (दस) वर्षों तक''।

6. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।

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16 अक्तूबर 2025

सं0 निग/सारा-04(पथ)-आरोप-88/2020-8532(s)--श्री नरसिंह कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल संख्या-02, पथ प्रमंडल, छपरा सम्प्रति सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, सुरसंड, पथ प्रमंडल, सीतामढ़ी से पथ प्रमंडल, छपरा के पदस्थापन काल में प्रभाराधीन पथों के निर्माण कार्य में विलम्ब, NH-19/NH-102 के अवशेष पथांशों के सुदृढ़ीकरण कार्य की गति अत्यन्त धीमी पाये जाने एवं संवेदक के साथ मिलकर स्वीकृत प्राक्कलन में अनावश्यक संशोधन कराने की चेष्टा करने के आरोप के लिए विभागीय पत्रांक-5826(एस) दिनांक-05.10.2020 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया, जिसके संबंध में उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर विभागीय समीक्षा में संतोषजनक नहीं पाये जाने के फलस्वरूप इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-566(एस) दिनांक-27.01.2021 द्वारा निलंबित किया गया तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4309(एस) अनु॰ दिनांक-26.08.2021 द्वारा आरोप पत्र गठित करते हुये इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोप पत्र के तहत्‌ कुल 03 (तीन) निम्नवत्‌ आरोप गठित किये गयेः-9 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 (i) पथ प्रमंडल, छपरा अन्तर्गत श्री नरसिंह कुमार, तदेन सहायक अभियंता सम्प्रति निलंबित के प्रभाराधीन पथों के निर्माण कार्य में विलम्ब, एन॰एच॰-19/एन॰एच॰-102 के अवशेष पथांशों के सुदृढ़ीकरण कार्य की गति अत्यन्त धीमी पाये जाने एवं ठेकेदार के साथ मिलकर स्वीकृत प्राक्कलन में अनावश्यक संशोधन कराने की चेष्टा करने के आरोप के लिए विभागीय पत्रांक-5826(एस) दिनांक-05.10.2020 द्वारा श्री नरसिंह कुमार, तदेन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, छपरा सम्प्रति निलंबित से स्पष्टीकरण पूछा गया, जिसके अनुपालन में श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक- 14.10.2020 को विभागीय समीक्षा में संतोषजनक नहीं पाया गया।

(ii) पथ प्रमंडल, छपरा अन्तर्गत कार्यान्वित किये जा रहे विभिन्न योजनाओं का Comparative Physical and Financial Progress Report from July-2020 to November-2020 के आंकड़ों की विभागीय समीक्षा की गयी, जिसमें पाया गया कि श्री कुमार के प्रभाराधीन निम्न योजनाओं की भौतिक प्रगति काफी धीमी एवं वित्तीय प्रगति या तो शून्य रही अथवा काफी कम हैः-

Sl. No. Name of Road/Head Sanctioned Length (km.) Financial Progress within 5 Months in % Physical Progress July to Nov- 2020
(i) Widening & Strengthening form (Single Lane to Double Lane) Manjhi to Barauli (SH-96) from (km- 0+000 to 20+250) for the year 2019-20 (Plan) 20.25 0.15 Very Slow
(ii) Sitalpur-Parsa Road to Bankerwa Road SBD CRF 6.50 - Slow
(iii) W/S work of Chapra-Madhura main road to NH-102 Raipura road Via Hasanpur, Huspur, Devi Asthan Mund, TarwarBasdih Road RIDFNABARD 18.40 6.10 Very Slow
(iv) I.R.Q.P. work of Chainwa-Chainpur road in km 0.00 to 6.44 for the year 2018-19 Under Plan Head (SBD) (PLAN) 6.44 0.00 No Progress
(v) Construction of Approach Road of Lok Nayak Jai Prakash Narayan Smriti Bhawan cum Library Sitab Diyara to Main Road in km 0 to 1.10 for the year 2017-18 (DEPOSIT) 1.10 0.00 LA Process to be Expedited
(vi) Sonepur-Darihara-Rewaghat road (0 to 21.0 km) Under CMBD (PLAN) 21.00 17.06 Very Slow
(vii) Sonepur-Darihara-Rewaghat Road (22.0 to 39.40 km) Under CMBD (PLAN) 18.40 19.09 Very Slow
(viii) W/S work with maintenance work Hariharnath-Pahleja Ghat RCD road to Gangajal Road in km 0 to 6.90 for 2016-17 (PLAN) 6.90 0.00 No Progress
(ix) Improvement work from Chapra- Sonepur Road (Gola Bazar) to ChapraSonepur Road (Dudhaila More) via Chhoa Mill, Screw Pile Bridge, Najarmira, Rahar Diyara, Balli Tola, Sahpur Diyara, Hariharnath-Pahlejaghat and Dudhaila Bazar Road (Total Length- 6.480 km) for the year- 2019-20 (PLAN) 6.48 13.53 Very Slow
(x) Strengthening work of the Sikatia- Paigamberpur Road in km (0.000 to 15.385) for the year 2019-20 PLAN 15.39 18.20 Very Slow
(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 10

(iii) इसके अतिरिक्त पथ प्रमंडल, छपरा के अन्तर्गत पथ निर्माण विभाग के सड़कों की प्रगति एवं रख-रखाब की स्थिति का निरीक्षण विभागीय अपर मुख्य सचिव के द्वारा जिलाधिकारी, सारण के साथ दिनांक-17.12.2020 को किया गया, जिसमें श्री कुमार से संबंधित निम्न त्रुटियाँ/अनियमिततायें पायी गयीः-

(a) पथ प्रमंडल, छपरा अन्तर्गत छपरा शहर अन्तर्गत अवस्थित एन॰एच॰-19 एवं एन॰एच॰-102 के लेफ्ट आउट पथांश (नये बायपास के निर्माण के फलस्वरूप) के सुदृढ़ीकरण का कार्य पथ प्रमंडल, छपरा द्वारा कराया जाना है, जिसके निमित्त लगभग 04 माह से विभाग स्तर से अनुश्रवण किया गया। यह छपरा शहर का प्रमुख पथांश है, जिस पर होकर वीरकुवर सिंह सेतु से वाहन छपरा शहर को पार कर उत्तर प्रदेश एवं उत्तर बिहार में जाते हैं। उक्त सुदृढ़ीकरण कार्य में संतोषजनक प्रगति नहीं पायी गयी। लगभग 13 कि॰मी॰ पथांश में से कुछ मीटर में ही कालीकरण कार्य प्रारम्भ हुआ पाया गया। (b) श्री कुमार के द्वारा स्पष्ट विभागीय निदेश के बावजूद पथ प्रमंडल, छपरा अन्तर्गत बाढ़ से क्षतिग्रस्त अपने प्रभाराधीन पथों में कालीकरण करके स्थायी पुर्नस्थापन नहीं कराया गया, जबकि हर पथ के लिए OPRMC एजेन्सी विनिश्चित है।

(c) श्री कुमार, तदेन सहायक अभियंता को कार्य में सुधार लाने हेतु निदेशित किया जाता रहा है। परन्तु इनके पदस्थापन अवधि में जहाँ एक ओर इनके प्रभाराधीन पथों के निर्माण की प्रगति धीमी हो गयी वहीं दूसरी ओर पथाें का रख-रखाब भी खराब हो गया। इनके द्वारा विभाग से दिये जाने वाले निर्देशों का अनुपालन में समयबद्धता का पालन नहीं किया गया।

2. उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही में मुख्य अभियंता (बजट एवं योजना)-सह-संचालन पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-3295(ई)अनु॰ दिनांक-30.05.2023 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी के द्वारा जाँच प्रतिवेदन के तहत्‌ आरोप संख्या-(i) को अप्रमाणित एवं आरोप संख्या-(ii) को आंशिक रूप से प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया तथा आरोप संख्या-(iii) के संबंध में निष्कर्ष गठित किया गया कि आरोप संख्या-(iii) के अंतर्गत उल्लिखित अधिकांश लांक्षण आरोप संख्या-(i) एवं (ii) का ही पुनरावृति है। इस आरोप में कोई नया लांक्षण आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध लगाया गया प्रतीत नहीं होता है, अतएव आरोप संख्या-(i) एवं (ii) में दिये गये निष्कर्ष आरोप संख्या-(iii) के लिए लागू होता है। संचालन पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए आंशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोप संख्या-(ii) एवं आरोप संख्या-(iii) को भी अांशिक रूप से प्रमाणित मानते हुये उक्त के संबंध में विभागीय पत्रांक-5294(एस)अनु॰ दिनांक- 01.09.2023 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा के रूप में लिखित अभिकथन की मांग की गयी।

3. श्री कुमार के द्वारा अपने पत्रांक-शून्य दिनांक-26.09.2023 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया है, जिसकी विभागीय समीक्षा की गयी। विभागीय समीक्षोपरान्त आरोप संख्या-(iii) के संबंध में श्री कुमार का उत्तर स्वीकार योग्य पाया गया, जबकि आरोप संख्या-(ii) आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया। आंशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोप संख्या-(ii) के संदर्भ में श्री कुमार के द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-594(एस)-सह-पठित ज्ञापांक-595(एस) दिनांक-27.01.2025 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(v) के तहत्‌ ''एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दंड संसूचित किया गया एवं निलंबित अवधि को ''निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह्‌ भत्ता के अतिरिक्त अन्य कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु उक्त अवधि अन्य प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य अवधि के रूप में मानी जायेगी'' के रूप में विनियमित किया गया। 4. उक्त संसूचित दंड के विरूद्ध श्री कुमार के पत्रांक-शून्य दिनांक-28.01.2025 द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसकी विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि संचालन पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन में कतिपय योजनाओं के धीमी प्रगति के संबंध में श्री कुमार पर लगाये गये आरोपों को आंशिक रूप से11 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 प्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा इस निष्कर्ष पर इस आधार पर पहुँचा गया है कि सुनवाई के दौरान आरोपित पदाधिकारी द्वारा प्रगति लाने के संबंध में संवेदक को निदेशित करने या उसके विरूद्ध कार्रवाई करने हेतु वरीय पदाधिकारी को लिखित सूचना देने जैसे कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। श्री कुमार द्वारा दाखिल पुनर्विचार अभ्यावेदन में दिनांक-05.10.2020 की समीक्षात्मक बैठक में प्राप्त निदेश के आलोक में कार्यपालक अभियंता के दिनांक-29.09.2020 के पत्र द्वारा संवेदक को LD लगाये जाने एवं डिबार किये जाने का उल्लेख किया गया है, जो स्वतः विरोधाभाषी है। इसके अतिरिक्त श्री कुमार के द्वारा अपने स्तर से संवेदक को लिख गये दो पत्रों को भी पुनर्विचार अभ्यावेदन के साथ संलग्न किया गया है, जिनमें से एक पत्र श्री कुमार को निर्गत हुए स्पष्टीकरण एक माह से अधिक समय बाद लिखा गया है। इससे स्पष्ट होता है कि श्री कुमार द्वारा धीमी योजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कराने हेतु कतिपय प्रयास किये गये थे, परन्तु ये प्रयास समुचित नहीं थे। इसी कारण श्री कुमार के विरूद्ध संचालन पदाधिकारी द्वारा पूर्णतः नहीं बल्कि आंशिक रूप से आरोपों को प्रमाणित पाया गया।

5. इसके अतिरिक्त श्री कुमार द्वारा अपने अभ्यावेदन में यह पक्ष भी रखा गया है कि विषयाधीन योजनाओं की पूर्ण होने की तिथि उनके प्रभार ग्रहण करने की तिथि से पहले की थी। श्री कुमार द्वारा दिया गया उक्त तर्क स्वीकार किये जाने योग्य नहीं हैं, क्योंकि पदभार ग्रहण करने के उपरान्त समस्त लंबित योजनाओं को यथा शीघ्र पूर्ण कराया जाना श्री कुमार का ही दायित्व था। वर्णित तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमत होने का कोई ठोस आधार नहीं है। तद्‌नुसार श्री कुमार का पुनर्विचार अभ्यावेदन विचार योग्य नहीं है।

अतएव श्री नरसिंह कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल संख्या-02, पथ प्रमंडल, छपरा सम्प्रति सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, सुरसंड, पथ प्रमंडल, सीतामढ़ी के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन पत्रांक-शून्य दिनांक-28.01.2025 विचारणीय नहीं पाते हुए अस्वीकृत किया जाता है। 6. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।

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16 अक्तूबर 2025

सं0 निग/सारा-04(पथ)-आरोप-14/2020-8526(s)--पथ प्रमंडल, गोपालगंज के पदस्थापन काल में पथ प्रमंडल, गोपालगंज अंतर्गत मीरगंज-भागीपट्‌टी-समौर पथ के कि॰मी॰ 28 से कि॰मी॰ 38 तक में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (एकरारनामा संख्या-25/2008-09) में संवेदक से Risk & Cost की राशि वसूली नहीं करने के मामले में श्री सुधीर कुमार दास, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, सारण पथ अंचल, हाजीपुर सम्प्रति सेवानिवृत मुख्य अभियंता से विभागीय पत्रांक-5230(एस)अनु॰ दिनांक-25.10.2021 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ निम्न आरोप के लिये कारण पृच्छा की गयीः-

(i) महालेखाकार के अंकेक्षणदल द्वारा-09/2013 में पथ प्रमंडल, गोपालगंज का किये गये अंकेक्षण में उक्त योजना के संबंध में कंडिका-3.12/13-14 Creation of additional liability due to non recovery of risk & cost के तहत्‌ रू॰ 2,17,81,767/-(रूपये दो करोड़ सतरह लाख एकासी हजार सात सौ सड़सठ) की वसूली करने की अनुशंसा की गयी। इस राशि की संवेदक से Risk & Cost की गणना कर उसके वसूली की अपेक्षित कार्रवाई श्री दास के पदस्थापन अवधि दिनांक-29.06. 2011 से सितम्बर 2013 तक की अवधि में किया जाना था, जो श्री दास द्वारा नहीं की गयी। 2. उक्त के संबंध में श्री सुधीर कुमार दास, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-05.11.2021 द्वारा अपना कारण पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया है, जिसमें उनके द्वारा अपने कारण पृच्छा उत्तर में मुख्य रूप से जुलाई-2011 से जुलाई-2014 तक अधीक्षण अभियंता, सारण पथ अंचल, हाजीपुर के पद पर पदस्थापित रहने, जनवरी-2019 में सेवानिवृत हो जाने एवं उनकी सेवा पथ निर्माण विभाग में अच्छा होने का संदर्भ देते हुए यह उल्लेख किया गया है कि उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ कार्रवाई नहीं की जा सकती है। साथ ही वर्ष 2009 में एकरारनामा विखंडित होने एवं अवशेष कार्य को वर्ष-2010 में पुल निर्माण निगम से कराये जाने का संदर्भ देते हुए यह तर्क दिया गया है कि मामला उनके कार्यकाल के पूर्व का है। इसके अतिरिक्त कथित राशि की वसूली करने का दायित्व उनका नहीं बल्कि कार्यपालक अभियंता का होने का उल्लेख किया गया है। 3. श्री दास द्वारा समर्पित कारण पृच्छा उत्तर की विभागीय समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री दास का संबंधित अंचल में पदस्थापन अवधि जुलाई-2011 से जुलाई-2014 तक रही है। उपलब्ध चलता लेखा बिल के अनुसार आलोच्य अवशेष कार्य के वस्तुतः पूर्ण होने की तिथि-05.09.2011 है। स्पष्ट है कि श्री दास के पदस्थापन अवधि में आलोच्य कार्यपूर्ण नहीं हुआ था, जिसके फलस्वरूप कथित Risk & Cost की राशि की वसूली संवेदक से किया जाना है, के तथ्य से श्री दास के अवगत होना स्वभाविक है। यह सही है कि उक्त राशि की वसूली करने का दायित्व प्रत्यक्ष रूप से कार्यपालक अभियंता का होता है, किन्तु अधीक्षण अभियंता के रूप में श्री दास के द्वारा भी वसूली की कार्रवाई हेतु अपेक्षित प्रयास किया जाना चाहिए था, जो नहीं किया गया। मामला वित्तीय क्षति से संबंधित होने के आलोक में मामले की जानकारी हो जाने के12 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 उपरांत श्री दास की जबावदेही और भी अधिक बढ़ जाती है और इस प्रकार बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ श्री दास के विरूद्ध की गयी कार्रवाई युक्ति संगत है। तद्‌नुसार श्री दास का कारण पृच्छा उत्तर स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। 4. अतएव उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री सुधीर कुमार दास, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, सारण पथ अंचल, हाजीपुर सम्प्रति सेवानिवृत मुख्य अभियंता द्वारा समर्पित कारण-पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक-05.11.2021 को अस्वीकृत करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोप के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ निम्नदंड अधिरोपित किया जाता हैः- (i) ''इनके पेंशन से 10% (दस प्रतिशत) की कटौती 10 (दस) वर्षों तक''।

5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।

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16 अक्तूबर 2025

सं0 निग/सारा-04(पथ)-आरोप-14/2020-8528(s)--पथ प्रमंडल, गोपालगंज के पदस्थापन काल में पथ प्रमंडल, गोपालगंज अंतर्गत मीरगंज-भागीपट्‌टी-समौर पथ के कि॰मी॰ 28 से कि॰मी॰ 38 तक में चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (एकरारनामा संख्या-25/2008-09) में संवेदक से Risk & Cost की राशि वसूली नहीं करने के मामले में श्री उमेश कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत मुख्य अभियंता से विभागीय पत्रांक-5231(एस)अनु॰ दिनांक-25.10.2021 के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ निम्न आरोप के लिये कारण पृच्छा की गयीः-

(i) महालेखाकार के अंकेक्षण दल द्वारा-09/2013 में पथ प्रमंडल, गोपालगंज का किये गये अंकेक्षण में उक्त योजना के संबंध में कंडिका-3.12/13-14 Creation of additional liability due to non recovery of risk & cost के तहत्‌ रू॰ 2,17,81,767/-(रूपये दो करोड़ सतरह लाख एकासी हजार सात सौ सड़सठ) की वसूली करने की अनुशंसा की गयी। इस राशि की संवेदक से Risk & Cost की गणना कर उसके वसूली की अपेक्षित कार्रवाई श्री कुमार के पदस्थापन अवधि दिनांक- 21.05.2009 से 26.09.2012 तक की अवधि में किया जाना था, जो श्री कुमार द्वारा नहीं की गयी। 2. उक्त के संबंध में श्री उमेश कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-02.11.2021 द्वारा अपना कारण पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया है, जिसकी विभागीय समीक्षा की गयी। श्री कुमार के द्वारा अपने बचाव में मुख्य रूप से यह कहा गया है कि एकरारनामा विखण्डन के समय संवेदक द्वारा जमानत की राशि का बैंक गारंटी लैप्स हो चुका था। संबंधित प्रमंडल में संवेदक को कोई दूसरा कार्य नहीं चल रहा था, जिसके कारण पथ प्रमंडल, सिवान से संवेदक के कार्य में काटी गयी जमानत की राशि को पथ प्रमंडल, गोपालगंज में मंगाकर उक्त राशि को जब्त कर सरकारी खजाने में जमा कर दिया गया। श्री कुमार के उक्त कथन से उनके लापरवाही की ही पुष्टि होती है, क्योंकि संवेदक का बैंक गारंटी लैप्स हो जाने पर उनसे ससमय Renewal (नवीनीकरण) कराने का दायित्व भी श्रीकुमार का था। हालांकि इस आशय का आरोप गठित नहीं किया गया है। उपलब्ध अभिलेख के अनुसार बैंक गारंटी के समतुल्य राशि के रूप में मात्र रू॰ 17,00,000/-(सत्रह लाख रूपये) की वसूली की गयी है, जबकि विषयांकित मामले में Risk & Cost की पूरी राशि की गणना कर तत्समय वसूली की कार्रवाई किया जाना अपेक्षित था, जो श्री कुमार द्वारा नहीं किया गया। 3. श्री कुमार द्वारा यह भी तर्क दिया गया है कि अंकेक्षण सितम्बर-2013 में की गयी थी, इस जाँच के संदर्भ में नवम्बर-2014 में अभियंता प्रमुख द्वारा बताया गया कि जोखिम एवं लागत की राशि की वसूली की जा रही है, जबकि जून-2012 में ही उनका स्थानांतरण हो चुका था, इसलिए वर्ष-2014 में संवेदक से राशि की वसूली किये जाने का प्रश्न नहीं उठता है। श्री कुमार का यह कथन तथ्यगत नहीं है, वस्तुतः मामला सितम्बर-2013 में अंकेक्षण के उपरान्त ही Risk & Cost की राशि की वसूली का नहीं है, बल्कि दिसम्बर-2009 में एकरारनामा विखण्डन के उपरांत ही Risk & Cost की राशि की गणना कर वसूली किया जाना था, जो नहीं किया गया। श्री कुमार जून-2012 तक संबंधित प्रमंडल में पदस्थापित रहे हैं और इनके कार्यकाल में ही एकरारनामा का विखण्डन किया गया, इसके उपरांत इनके कार्यकाल में ही balance work की प्रशासनिक स्वीकृति हुयी, जिसमें अवशेष कार्य का कार्यान्वयन BRPNNLसे कराने का निर्णय लिया गया, इस कार्य में निगम को निधि उपलब्ध कराने हेतु कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, गोपालगंज के रूप में इन्हें ही राशि की निकासी हेतु निकासी पदाधिकारी बनाया गया और इस प्रकार इनके कार्यकाल में ही राशि की निकासी की गयी, इसके बावजूद भी श्री कुमार द्वारा उक्त राशि की वसूली हेतु कोई कार्रवाई नहीं की गयी। तद्‌नुसार श्री कुमार का कारण पृच्छा उत्तर स्वीकार्य योग्य नहीं पाया गया। 4. अतएव उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में श्री उमेश कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, गोपालगंज सम्प्रति सेवानिवृत मुख्य अभियंता द्वारा समर्पित कारण-पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक-02.11.2021 को अस्वीकृत करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोप के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(सी) के तहत्‌ निम्न दंड अधिरोपित किया जाता हैः-13 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 (ii) ''इनके पेंशन से 10% (दस प्रतिशत) की कटौती 10 (दस) वर्षों तक''।

5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।

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17 अक्तूबर 2025

सं0 निग/सारा-01(पथ)आरोप-36/2021-8570(s)--श्री अनिल कुमार यादव, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति कार्यपालक अभियंता (निलंबित) के उक्त पदस्थापन काल में नाबार्ड योजनान्तर्गत लक्ष्मीपुर-जिनहारा-धमना-झाझा पथ के निर्माण कार्य में पायी गयी अनियमितता संबंधी एक मात्र आरोप के लिए विभागीय पत्राक-452(एस) दिनांक 15.01.2018 के द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उन्होंने पत्र दिनांक 21.07.2018 के द्वारा अपना स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किया, जिसके विभागीय समीक्षोपरांत इसे संतोषजनक नहीं पाते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5071(एस) दिनांक 07.10.2021 के द्वारा श्री यादव के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आरोप का एकमात्र बिन्दु निम्नवत्‌ है :- ''पथ के 10वें एवं 21वें कि॰मी॰ में कराये गये BM Gr.-II कार्य में प्रयुक्त अलकतरा के औसत मान क्रमशः 2.57% एवं 2.54% पायी गयी है। पूरे पथ के लिए अलकतरा की औसतमान BM Gr.-II 2.56% पायी गयी है, जो प्राक्कलन में प्रावधानित अलकतरा की मात्रा 3.3% के लिए विभागीय Tolerance Limit (2.94) से कम है।'' 2. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-1406, दिनांक 29.06.2022 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें श्री यादव के विरूद्ध गठित आरोप को अप्रमाणित होने संबंधी मंतव्य गठित किया गया। संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमति का बिन्दु सृजित करते हुए विभागीय पत्रांक-6242(एस) दिनांक 17.10.2023 के द्वारा उनसे लिखित अभिकथन के रूप में द्वितीय कारण-पृच्छा की मांग की गयी। श्री यादव ने पत्रांक-06, दिनांक 13.12.2023 के द्वारा अपना द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर समर्पित किया। 3. श्री यादव ने अपने द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में पथ की गुणवत्ता जाँच में TRI द्वारा गलत विधि का प्रयोग किये जाने को मुख्य आधार बनाया है, साथ ही उन्होंने अंकित किया है कि अगर TRI द्वारा गुणवत्ता की जाँच सही विधि से की गयी होती तो जाँच प्रतिफल Tolerance Limit से अधिक आता। श्री यादव के उत्तर पर विभागीय तकनीकी समिति के मंतव्य की मांग की गयी, जिसमें उनके Testing के Method संबंधी तर्क को समिति के द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि उड़नदस्ता जाँच में स्पष्ट रूप से अलकतरा का औसतमान निर्धारित Tolerance Limit से कम पायी गयी है, जिसके संबंध में श्री यादव ने कोई ठोस साक्ष्यगत बचाव का तर्क प्रस्तुत नहीं किया, फलतः सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या-6062(एस) दिनांक 29.11.2024 के द्वारा उनके द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए निम्नलिखित दण्ड अधिरोपित किया गया :- ''संचयी प्रभाव के बिना 02 (दो) वेतन वृद्धियों पर रोक।'' 5. उपर्युक्त अधिरोपित दण्ड के विरूद्ध श्री यादव ने पत्रांक-01, दिनांक 19.02.2025 के द्वारा अपना अपील/पुनर्विचार अभ्यावेदन समर्पित किया, जिसमें उन्होंने पुनः TRI के जाँच विधि को गलत प्रमाणित करने का प्रयास किया है। वस्तुतः श्री यादव ने अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में उन्हीं तथ्यों को अंकित किया है, जो उनके द्वारा अपने द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में अंकित किया गया था, जिसके विभागीय समीक्षोपरांत उनके द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध दण्ड अधिरोपित किया गया है। श्री अनिल कुमार यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति निलंबित ने अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य/तर्क प्रस्तुत नहीं किया है, जिस पर विचार किया जा सके। फलतः सम्यक समीक्षोपरांत उनके पुनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है।

5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ह॰/ अवर सचिव निगरानी)।

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17 अक्तूबर 2025

सं0 निग/सारा-(एन॰एच॰)-आरोप-30/2022-8568(s)--श्री लोकेश नाथ मिश्र, तत्कालीन प्रभारी कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, जयनगर सम्प्रति सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, नवादा के विरूद्ध राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, जयनगर के पदस्थापन काल में उमगाँव-बासोपट्‌टी-कलुआही पथ (एन॰एच॰-227 L) के कि॰मी॰ 0 से 20.50 के IRQP कार्य की स्वी—ति वर्ष 2020-21 में हो जाने तथा मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग के पत्रांक-2245अनु॰ दिनांक-24.09.2020 द्वारा निविदा स्वी—ति से संबंधित पत्र के अनुसार कार्य को कार्यादेश निर्गत की तिथि से 10 माह के अन्दर पूर्ण करने तथा अगले 05 वर्षों के लिए इसके रख-रखाव का आदेश के बावजूद दिनांक- 24.06.2022 में कार्य सिर्फ अधूरा ही नहीं बल्कि इस सड़क की स्थिति दयनीय थी। इस संबंध में तस्वीर राष्ट्रीय स्तर पर भी14 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 वायरल हुआ है। इससे स्पष्ट है कि तत्कालीन प्रभारी कार्यपालक अभियंता के रूप में श्री मिश्र के द्वारा कार्य में घोर अकर्मण्यता एवं लापरवाही बरती जाने के लिये इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-3195(एस) दिनांक-24.06.2022 के द्वारा निलंबित किया गया तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील), नियमावली, 2005 के नियम-17 के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3601(एस) दिनांक-11.07.2022 द्वारा इनकें विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोप पत्र के तहत्‌ गठित कुल-03 (तीन) आरोप निम्नवत्‌ हैः-

(i) राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, जयनगर अन्तर्गत उमगाँव-बासोपट्‌टी-कलुआही पथ NH-227 L के कि॰मी॰ 0.00 से 20.50 के IRQP कार्य की स्वी—ति वर्ष 2020-21 में हुयी थी। मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग के पत्रांक-2245अनु॰ दिनांक-24.09.2020 द्वारा निर्गत निविदा की स्वी—ति अनुसार संवेदक श्री रविन्द्र कुमार को आलोच्य कार्य को कार्यादेश निर्गत की तिथि से 10 माह के अन्तर्गत पूरा करना था तथा अगले 05 वर्षों के लिए इसका रख-रखाव भी संवेदक को करना था, जो नहीं किया गया। आलोच्य पथ की स्थिति अत्यंतही खराब रहने के बावजूद श्री लोकेश नाथ मिश्र के द्वारा संवेदक के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं किया जाना संवेदक के साथ अन्यथा मंशा से मिली-भगत को दर्शाता है। (ii) आलोच्य कार्य आज की तिथि में सिर्फ अधूरा ही नहीं है बल्कि इस सड़क की बदहाल एवं अत्यन्त दयनीय तस्वीर राष्ट्रीय स्तर पर वायरल है। यह स्पष्ट रूप से श्री मिश्र की अकर्मण्यता तथा घोर लापरवाही का परिचायक है। मुख्य अभियंता, उत्तर राष्ट्रीय उच्च पथ उपभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1002 दिनांक-06.05.2022 द्वारा इस संबंध में दिये गये निदेश के बावजूद भी श्री मिश्र के स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी, जबकि इसी पत्र में अंकित किया गया कि इस पथ के दयनीय स्थिति के संबंध में माननीय सदस्य बिहार विधान सभा श्री अरूण शंकर प्रसाद के द्वारा भी बिहार विधान सभा के सत्र में प्रश्न किया गया था।

(iii) पथ को मोटेरेवुल बनाये रखने की जिम्मेवारी कार्य अभियंताओं की होती है, जिसमें कार्यपालक अभियंता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। आलोच्य योजना कार्य का अनुश्रवण नहीं करने के फलस्वरूप योजना को पूर्ण कराने का कार्य बाधित तो हुआ ही, आलोच्य पथ की बदतर स्थिति के कारण सरकार की छवि भी धूमिल हुई है। स्पष्टतः श्री मिश्र द्वारा कर्त्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गयी है।

2. मुख्य अभियंता-सह-संचालन पदाधिकारी, पथ संधारण, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-215अनु॰ दिनांक-09.12.2022 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी के द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के तहत्‌ गठित तीनों आरोपों की समेकित रूप से समीक्षा करते हुए आरोप को प्रमाणित पाये जाने का निष्कर्ष दिया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रतिवेदित किये गये आरोपों के लिए विभागीय समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से सहमत होते हुए श्री मिश्र से विभागीय पत्रांक-3774(एस)अनु॰, दिनांक- 06.08.2024 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के रूप में लिखित अभिकथन की मांग की गयी।

3. श्री लोकेश नाथ मिश्र, तत्कालीन प्रभारी कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, जयनगर के द्वारा अपने पत्रांक-शून्य दिनांक-23.09.2024 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर समर्पित की गयी है, जिसमें अंकित तथ्यों/तर्कों की समीक्षा निम्नवत्‌ है :-

(i) राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, जयनगर अन्तर्गत उमगाँव-बासोपट्टी-कलुआही पथ एन॰एच॰-227L के कि॰मी॰ 0.00 से 20.50 के IRQP कार्य की स्वी—ति वर्ष 2020-21 में हुई थी। जिसमे कार्य आरंभ की तिथि-23.11.2020 एवं कार्य समाप्ति की तिथि-22.09.2021 थी।

(ii) इनके द्वारा दिनांक-05.07.2021 को प्रभारी कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, जयनगर के रूप में पदभार ग्रहण किया गया। श्री मिश्र को यह ज्ञात था की उनके पदभार ग्रहण के पूर्व आलोच्य पथ की स्थिति काफी दयनीय होने एवं संवेदक के द्वारा पथ कार्य कराए जाने में अभिरूचि नहीं लिए जाने को लेकर दिनांक-09.03.2021 को संवेदक को Debar किए जाने एवं दिनांक-15.04.2021 को 0.05% प्रतिदिन के हिसाब से एकरारनामा के अनुसार LD की कटौती किए जाने के संबंध में निर्णय लिया जा चुका है। इसके बाबजूद श्री मिश्र द्वारा अपने पद स्थापन काल में दिनांक-30.03.2022 तक (लगभग 09 महीने) पथ कार्य करवाने एवं सड़क को मोटेरेबुल बनाने हेतु संवेदक को मात्र पत्राचार/स्मारित किया जाता रहा, दूरभाष पर मात्र संवेदक से लेबर-सामग्री मशीनरी आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती रही, जबकि पथ की बदहाल स्थिति एवं इसके Motorable बनाये रखे जाने मे यथोचित प्रगति नहीं लाने की स्थिति में संवेदक के विरूद्ध ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए थी, यथा एकरारनामा को विखंडित किए जाने की कार्रवाई की जानी चाहिए थी। जबकि इस बीच संवेदक द्वारा पथ कार्य को कुछ महीने के लिए बंद भी कर दिया गया था।

(iii) दिनांक-05.04.2022 को अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल की परियोजनाओं की हुई समीक्षात्मक बैठक में आलोच्य पथ कार्य के संबंध में अपर मुख्य सचिव द्वारा यह निदेश दिया गया कि ''यदि 15 दिनों के अन्दर संवेदक Work Programme के अनुसार कार्य नहीं करता है तो कार्यपालक अभियंता संवेदक पर नियमानुसार कार्रवाई करे।'' उक्त बैठक में श्री मिश्र भी उपस्थित थे, जैसा कि उन्होंने अपने उत्तर में भी स्पष्ट किया है, और यह भी उल्लेख किया है कि बैठक में दिए गए निर्देशो और सहमति देने के वाबजूद संवेदक द्वारा न तो पथ को Motorable बनाने का कार्य किया और न ही ंअन्य कार्य में कोई प्रगति की, ऐसी स्थिति में जबकि कार्यपालक अभियंता को निदेश भी था, संवेदक के विरूद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई किया जाना चाहिए था जो नहीं किया गया। काफी समय बाद अधीक्षण15 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, दरभंगा के कार्यालय आदेश संख्या-36सह-पठित ज्ञापांक-255 दिनांक-20.06.2022 द्वारा एकरारनामा को विखंडित किया गया एवं सुरक्षित जमा राशि सहित सभी पावनाओं को जब्त किया गया। उसके बाद कार्यपालक अभियंता के पत्रांक-317 दिनांक-21.06.2022 द्वारा संवेदक के बैंक गारंटी को जब्त किया गया। अगर संवेदक के विरूद्ध आरोपी श्री मिश्र के द्वारा कार्यपालक अभियंता के रूप में इस तरह की कार्रवाई पूर्व में ही कर ली जाती तो ससमय आलोच्य पथ को मोटरेबुल कराया जा सकता है। और इस तरह विभाग की छवि धूमिल नहीं होती।

4. उपर्युक्त के आलोक में समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री मिश्र के द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में कोई नया तथ्य/तर्क अंकित नहीं किया गया, बल्कि विभागीय कार्यवाही के संचालन के दौरान अपने बचाव-बयान के रूप में रखे तथ्यों को ही द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में लगभग दुहराया गया है। इनके द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को सम्यक्‌ विचारोपरांत अस्वी—त करते हुए प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(v) के तहत विभागीय अधिसूचना सं०-6259(एस) सहपठित ज्ञापांक-6260(एस) दिनांक- 11.12.2024 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गया :-

(i) ''दो (02) वार्षिक वेतन वृद्धि पर अंसचयात्मक प्रभाव से रोक।'' (ii) निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में नियमानुसार अलग से कारण पृच्छा कर निर्णय लिया जायेगा। 5. उक्त दण्डादेश के विरूद्व श्री मिश्र के द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन-शून्य दिनांक 23.01.2025 समर्पित किया गया, जिसके तहत इन्हाेंने उन्हीं तथ्यों/तर्को को पुनः प्रस्तुत किया गया है, जो उनके द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में प्रस्तुत किया गया था। उनके द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को सम्यक्‌ समीक्षोपरांत ही अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध दंड अधिरोपित किया गया है। साथ ही श्री मिश्र द्वारा अंकित किया गया यह तथ्य कि संवेदक के विरूद्ध एकरारनामा विखंडन की कार्रवाई अधीक्षण अभियंता के स्तर से अपेक्षित था तथा इसके लिए वह जिम्मेवार नहीं हैं, मान्य योग्य नहीं है क्योंकि आलोच्य पथ कार्य की निविदा की स्वीकृति दिनांक-24.09.2020 को दी गयी। अधीक्षण अभियंता द्वारा दिनांक-24.09.2020 को LOA प्रदान किया गया, जबकि प्रमंडल के स्तर पर दिनांक-23.11.2020 को एकरारनामा किया गया। दिनांक-23.11. 2020 को एकरारनामा के उपरांत संवेदक के द्वारा कार्य में अपेक्षित प्रगति प्रदान नहीं की गयी। एकरारनामा के अनुसार कार्य समाप्ति की तिथि-22.09.2021 निर्धारित थी तथा दिनांक-07.06.2022 तक योजना का समय विस्तार दिया गया था। राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, जयनगर में पदस्थापन के पश्चात्‌ पर्याप्त समय मिलने के बावजूद भी श्री मिश्र कार्य में अपेक्षित प्रगति लाने हेतु किए जानेवाले प्रयास ससमय करने में विफल रहे। इस कारण पथ की स्थिति दयनीय बनी रही एवं अन्ततः एकरारनामा विखंडित किया गया।

अतएव उक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरांत श्री लोकेश नाथ मिश्र, तत्कालीन प्रभारी कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, जयनगर सम्प्रति सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, नवादा के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन के संबंध में शून्य दिनांक-23.01.2025 को अस्वीकृत किया जाता है।

6. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार सिन्हा, अवर सचिव।

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17 अक्तूबर 2025

सं0 निग/सारा-01(पथ)आरोप-36/2021-8566(s)--श्री सुनील कुमार, तत्कालीन सहायक शोध पदाधिकारी, गुण नियंत्रण ईकाई, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति सहायक निदेशक, गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, पथ प्रमंडल, सुपौल के पथ प्रमंडल, जमुई पदस्थापन काल में नाबार्ड योजनान्तर्गत लक्ष्मीपुर-जिनहारा-धमना-झाझा पथ के निर्माण कार्य में पायी गयी अनियमितता संबंधी एक मात्र आरोप के लिए विभागीय पत्राक-6868(एस) दिनांक 06.09.2018 के द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उन्होंने पत्रांक-136, दिनांक 29.12.2018 के द्वारा अपना स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किया, जिसके विभागीय समीक्षोपरांत इसे संतोषजनक नहीं पाते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5056(एस) दिनांक 06.10.2021 के द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आरोप का एकमात्र बिन्दु निम्नवत्‌ है :-

''पथ के 10वें एवं 21वें कि॰मी॰ में कराये गये BM Gr.-II कार्य में प्रयुक्त अलकतरा के औसतमान क्रमशः 2.57% एवं 2.54% पायी गयी है। पूरे पथ के लिए अलकतरा की औसतमान BM Gr.-II 2.56% पायी गयी है, जो प्राक्कलन में प्रावधानित अलकतरा की मात्रा 3.3% के लिए विभागीय Tolerance Limit (2.94) से कम है।'' 2. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-1412अनु॰, दिनांक 29.06.2022 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप को अप्रमाणित होने संबंधी मंतव्य गठित किया गया। संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमति का बिन्दु सृजित करते हुए विभागीय पत्रांक-6240(एस) दिनांक 17.10.2023 के द्वारा उनसे लिखित अभिकथन के रूप में द्वितीय कारण-पृच्छा की मांग की गयी। श्री कुमार ने पत्रांक-शून्य, दिनांक 09.12.2023 के द्वारा अपना द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर समर्पित किया।(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 16 3. श्री कुमार ने अपने द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में पथ की गुणवत्ता जाँच में TRI द्वारा गलत विधि का प्रयोग किये जाने को मुख्य आधार बनाया है, साथ ही उन्होंने अंकित किया है कि अगर TRI द्वारा गुणवत्ता की जाँच सही विधि से की गयी होती तो जाँच प्रतिफल Tolerance Limit से अधिक आता। श्री कुमार के उत्तर पर विभागीय तकनीकी समिति के मंतव्य की मांग की गयी, जिसमें उनके Testing के Method संबंधी तर्क को समिति के द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि उड़नदस्ता जाँच में स्पष्ट रूप से अलकतरा का औसतमान निर्धारित Tolerance Limit से कम पायी गयी है, जिसके संबंध में श्री कुमार ने कोई ठोस साक्ष्यगत बचाव का तर्क प्रस्तुत नहीं किया, फलतः सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या-6059(एस) दिनांक 29.11.2024 के द्वारा उनके द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए निम्नलिखित दण्ड अधिरोपित किया गया :- (i) संचयी प्रभाव के बिना 01 (एक) वेतनवृद्धि पर रोक। (ii) आरोप वर्ष 2015 के लिए ''निन्दन''। 5. उपर्युक्त अधिरोपित दण्ड के विरूद्ध श्री कुमार ने पत्रांक-19, दिनांक 15.02.2025 के द्वारा अपना अपील/पुनर्विचार अभ्यावेदन समर्पित किया, जिसमें उन्होंने पुनः TRI के जाँच विधि को गलत प्रमाणित करने का प्रयास किया है। वस्तुतः श्री कुमार ने अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में उन्हीं तथ्यों को अंकित किया है, जो उनके द्वारा अपने द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में अंकित किया गया था, जिसके विभागीय समीक्षोपरांत उनके द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध दण्ड अधिरोपित किया गयाहै।

श्री सुनील कुमार, तत्कालीन सहायक शोध पदाधिकारी, गुण नियंत्रण ईकाई, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति सहायक निदेशक, गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, पथ प्रमंडल, सुपौल ने अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य/तर्क प्रस्तुत नहीं किया है, जिसपर विचार किया जा सके। फलतः सम्यक समीक्षोपरांत उनके पुनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है।

5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, अवर सचिव (निगरानी)।

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13 नवम्बर 2025

17 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025

(i) गुण नियंत्रण ईकाई पथ प्रमंडल, सहरसा के सहायक अभियंता एवं उनके सहयोगी द्वारा MORTH में उल्लेखित नियमों के अनुकुल Sample Collect कर विभिन्न जाँच संपादित कर जाँचफल सही (संतोषप्रद) प्राप्त हुआ। सभी जाँचफल संतोषजनक पाये जाने के पश्चात्‌ ही उक्त पथांश में कराये गए कार्य का मापी इनके अधीनस्थ कनीय अभियंता के द्वारा मापी पुश्ती में दर्ज किया गया। (ii) विषयांकित पथ के बह्‌मस्थान से रहुआमणि (69thKm) के पथांश में कराये गये PQC कार्य के संदर्भ में कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल, संख्या-4 के द्वारा जांचोपरान्त स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पथ परत सामान्य है। अतः गुणवता में त्रुटि होने की सम्भावना बहुत ही कम है। (iii) उनड़दस्ता प्रमंडल संख्या-4 द्वारा कि०मी० 69 के Chainage 68.673, 68.773 एवं 68.973 में कुल तीन (3) Core Cutting के द्वारा Samples लिया गया तथा उस Samples का Compressive Strength TRI, पटना द्वारा जाँचकर MORTH के कंडिका 903.5.2.2 में उल्लेखित नियमों के अनुसार Correction Factor लगाकर Cores के Compressive Strength को Cubical Compressive Strength में Convert कर IS:456, 2000 के नियमों के अनुसार Characteristic/निर्धारित Strength से तुलना की गयी है. जिसके अनुसार Characteristic Strength से 82.93Kg/Cm2 से कम Average Equivalent Cube Strength पाया गया है। (iv) MORTH के उपरोक्त कंडिका में उल्लेखित नियमों का पूर्णतः पालन नहीं किया गया है। MORTH के उक्त कंडिका 903.5.2.2 में स्पष्ट उल्लेख है कि Core Cutter के द्वारा Per 150.00 M3Concrete पर 2 Cores (Sample) लेना है। वर्णित पथांश में 453.75m3 Concrete (PQC) का कार्य किया गया है। उपरोक्त नियमों के अनुसार कुल 8 Cores (Sample) लिया जाना चाहिए था। MoRTH की कंडिका 903.5.2.2 में उल्लेखित/निदेशित नियमों का अनुपालन नहीं करते हुए 8 Cores (Sample) के जगह पर सिर्फ 3 Cores (Sample) ही लिया गया है। 8 Cores (Sample) की तुलना में मात्र 3 Cores (Sample) के जाँच फल के आधार पर किसी निर्णायक निर्णय पर पहुँचा नहीं जा सकता है। (v) IS: 456, 2000 के पृष्ठ संख्या 30 के कंडिका 17.4.3 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि Concrete के किसी Suspected Location से Core Cut के द्वारा Core (Sample) लेकर Concrete का Compressive Strength की जाँच की जा सकती है। परन्तु कडिका 17.5 में यह भी उल्लेख है कि Core Test Result संतोषजनक (Sंtisfactory) नहीं पाए जाने पर Load Test किया जा सकता है। अर्थात Load Test के पश्चात्‌ ही PQC कार्य के Concrete की गुणवत्ता का पूर्णतः पता किया जा सकता है। चूंकि उक्त पथांश का Load Test नहीं किया जा सका है, अतः जाँच पूर्ण नहीं माना जा सकता है।

(vi) MORTH के Specification, IRC अथवा IS Code में यह कहीं भी उल्लेखित नहीं है कि Core Cut का strength विशिष्टियों से कम आने पर इस कार्य में लापरवाही या किसी भी तरह की अनियमितता समझा जाय, बल्कि MORTH की कंडिका 903.5.2.2 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि Core Test Concrete के Strength को Satisfy नहीं करने पर Concrete के उस भाग को Replace करना है। इस नियम के तहत्‌ उक्त जाँच फल के आधार पर संवेदक को उस पथांश को हटाकर पुनः कार्य करने का निदेश दिया जा सकता है।

(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 18

5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप सचिव।

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14 नवम्बर 2025

सं0 निग/सारा-4(पथ)आरोप-48/2014-8872(s)--मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत रून्नी सैदपुर-कटरा-केवटसा पथ के कि0मी0 26.15 में निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त हो जाने के संबंध में अध्यक्ष, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के पत्रांक-2658 दिनांक-10.09.14 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं अनुशंसा के आलोक में संलग्न श्री जितेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्फरपुर को विभागीय अधिसूचना संख्या-9111(एस) दिनांक-19.09.14 द्वारा निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के अन्तर्गत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11248(एस)अनु0 दिनांक-25.11.14 द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध अपर विभागीय जाँच आयुक्त के अधीन विभागीय कार्यवाही संचलित की गयी। श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित आरोप निम्नवत है :-

(i) बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अन्तर्गत कार्य प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्फरपुर के पदस्थापन काल में मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत रून्नी सैदपुर-कटरा-केवटसा पथ के कि0मी0 26.15 में निर्माणाधीन पुल जो क्षतिग्रस्त हो गया से संबंधित अध्यक्ष, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के पत्रांक-2658अनु0 दिनांक-10.09.14 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में उक्त पुल का ध्वस्त होना आपके कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं घोर अनियमितता का द्योतक है, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के नियम-3(i)(ii)(iii) के प्रतिकूल है, जिसके लिए आप दोषी प्रतीत होते हैं। 2. उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी-सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त के पत्रांक-972अनु0 दिनांक-29.08.16 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रपत्र-"क" में गठित एक मात्र आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

3. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में अंकित निष्कर्ष की विभागीय समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत यह पाया गया कि श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रपत्र-'क' के तहत गठित आरोप एवं गठित विभागीय मंतव्य के संदर्भ में सन्निहित तकनीकी बिन्दुओं पर संचालन पदाधिकारी के द्वारा विश्लेषण नहीं किया गया और न ही अपना कोई सुस्पष्ट अभिमत ही गठित किया गया बल्कि श्री प्रसाद के बचाव-बयान मात्र को ही आरोप अप्रमाणित होने का आधार बनाया गया, जिसके फलस्वरूप् संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से उत्पन्न असहमति के बिन्दुओं को रेखांकित करते हुए विभागीय पत्रांक-789(एस)अनु0 दिनांक-02.02.17 द्वारा श्री प्रसाद को द्वितीय कारण पृच्छा निर्गत किया गया, जिसके आलोक में श्री प्रसाद से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक-22.02.17 की बिन्दुवार समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत श्री प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य, दिनांक-22.02.17 की विभाग के स्तर पर उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों एवं तर्कों के आधार पर विस्तृत एवं व्यापक संदर्भ में की गयी समीक्षा के उपरांत विषयांकित निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त हो जाने के सन्निहित आरोपों की तीव्रता एवं गंभीरता को दृष्टिपथ में रखते हुए प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत क्रते हुए श्री प्रसाद के विरूद्ध सहायक अभियंता के कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर पदावनत करने संबंधी अनुमोदित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-7934(एस)अनु0 दिनांक-05.09.17 एवं पत्रांक-10093(एस)अनु0 दिनांक-03.11.17 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श/सहमति की अपेक्षा की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग का पत्रांक-2008 दिनांक-14.11.17 द्वारा उपलब्ध कराये गये परामर्श में विभागीय दंड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त की गयी।

4. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में प्रश्नगत मामले में श्री प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य, दिनांक-22.02.2017 की विभाग के स्तर पर उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों एवं तर्कों के आधार पर विस्तृत एवं व्यापक संदर्भ में की गयी समीक्षा के उपरांत उक्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए सम्यक्‌ विचारोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या-11059 (एस दिनांक-04.12.2017 द्वारा श्री जितेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्फरपुर को निलंबन से मुक्त करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोपों का दोषी पाते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14(viii) के तहत सहायक अभियंता के कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर पदावनत का दंड संसूचित किया गया।

17.04.2018 विभाग को समर्पित किया गया। श्री प्रसाद द्वारा समर्पित पुनिर्विलोकन अभ्यावेदन की विभागीय स्तर पर समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री जितेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, कार्य प्रमंडल मुजफ्फरपुर के अतिरिक्त उक्त कार्य से जुड़े अन्य 04 अभियंताओं (श्री हनुमान प्रसाद चौधरी, तत्कालीन वरीय परियोजना अभियंता, श्री बालकृष्ण सिंह, तत्कालीन वरीय परियोजना अभियंता, श्री सुनील कुमार, तत्कालीन परियोजना अभियंता एवं श्री संजय कुमार गुप्ता, तत्कालीन कनीय अभियंता) को दोषी पाते हुए दंड संसूचित किया गया। कालान्तर में उनलोगों के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन/दंड प्रभावी नहीं होने/मानननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में समीक्षोपरान्त उनके विरूद्ध संसूचित दण्डादेश को पुनरीक्षित किया गया, जिसका विवरण इस प्रकार हैः-19 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025

क्रम संख्या अभियंता का नाम/पदनाम संसूचितदण्डादेश अभियुक्ति
1 श्री हनुमान प्रसाद चौधरी, तत्कालीन वरीय परियोजना अभियंता दो वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। संसूचित दण्डादेश के विरूद्ध श्री चौधरी के द्वारा दायर सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-3798/2016 में पारित न्यायादेश के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0-726(एस) दिनांक-23.01.20218 के द्वारा उक्त दण्डादेश को निरस्त करते हुए आरोप मुक्त किया जा चुका है
2 श्री बाल—ष्ण सिंह, तत्कालीन वरीय परियोजना अभियंता तीन वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। श्री सिंह को दिनांक-31.05.2020 को सेवानिवृत हो जाने के कारण संसूचित दंड लागू नही होने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना सं0-4027(एस) दिनांक-12.08.2021 के द्वारा संसूचित दंड को ''दो वर्षो से अनधिक अवधि के लिए संचयी प्रभाव के बिना कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' के रूप मे ं पुनरीक्षित किया किया गया।
3 श्री सुनील कुमार, तत्कालीन परियोजना अभियंता सहायक अभियंता के कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम में पदावनत संसूचित दंड के विरूद्ध श्री कुमार के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन पर विचारोपरांत विभागीय अधिसूचना सं0-3841(एस)दिनांक- 24.05.2018 के द्वारा संसूचित दंड को पुनरीक्षित करते हुए ''तीन वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दंड संसुचित किया गया है ।
4 श्री संजय कुमार गुप्ता, तत्कालीन कनीय अभियंता तीन वार्षिक वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक यथावत।

6. उल्लेखनीय है कि प्रश्नगत मामले में परियोजना अभियंता के रूप में दो सहायक अभियंता संलग्न थे, और श्री सुनील कुमार परियोजना अभियंता के विरूद्ध अधिरोपित दण्ड को दृष्टिपथ में रखते हुए श्री जितेन्द्र प्रसाद के विरूद्ध भी ''सहायक अभियंता के कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर पदावनत'' किये जाने का दण्ड अधिरोपित किया गया। बाद में श्री सुनील कुमार के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावदेन पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त उनके विरूद्ध अधिरोपित दण्ड ''सहायक अभियंता के कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर पदावनत'' को ''तीन वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' के रूप में दण्ड को पुनरीक्षित किया गया है।

7. अतएव उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में सम्यक विचारोपरांत विषयगत मामले में अन्य अभियंताओं के विरूद्ध दण्ड के बिन्दु पर अंतिम रूप से लिए गए निर्णय खासकर श्री प्रसाद के समरूप पदधारी श्री सुनील कुमार, तदेन परियोजना अभियंता के विरूद्ध दण्ड के बिन्दु पर अंतिम रूप से लिये गये निर्णय एवं नैसर्गिक न्याय को –ष्टिगत रखते हुए श्री जितेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन परियोजना अभियंता, बिहार पुल निर्माण निगम, कार्य प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना संख्या-11059(एस) दिनांक-04.12.2017 द्वारा संसूचित दण्ड ''सहायक अभियंता के कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर पदावनत'' को पुनरीक्षित करते हुए ''तीन वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड अधिरोपित किया जाता है।

प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार सिन्हा, अवर सचिव।

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9 सितम्बर 2025

सं0 प्र॰2/स्था॰-नियुक्ति-01-01/2025-7849(s)--माननीय उच्च न्यायालय, पटना अन्तर्गत दायर एम॰जे॰सी॰ संख्या-1401/2025 (स्नेही कुमार बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) तथा अन्य सदृश वादों एवं एम॰जे॰सी॰ संख्या-1763/2025 (सुधांशु कुमार बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) तथा अन्य सदृश वादों में दिनांक 29.08.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन हेतु बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-06 दिनांक 04.09.2025 के द्वारा विज्ञापन संख्या-02/2017 के अन्तर्गत पथ निर्माण विभाग के अधीन सहायक अभियंता (असैनिक) के संलग्न सूची के अनुरूप कुल 05 (पॉच) उम्मीदवारों को बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 में सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर वेतनमान 53,100-1,67,800/- वेतन स्तर-9 में20 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत जीवनयापन भत्ता एवं अन्य देय भत्तों के साथ कार्यभार/प्रभार ग्रहण करने की तिथि से निम्न अंकित शर्त्तों के साथ औपबंधिक रूप से नियुक्त किया जाता हैः-

(i) नवनियुक्त सहायक अभियंता (असैनिक) को मासिक वेतनादि एवं अन्य वित्तीय लाभ वास्तविक कार्यभार/प्रभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा।

(ii) यह नियुक्ति बिना किसी पूर्व सूचना एवं कारण बताये समाप्त की जा सकती है, जिसके लिये उनका कोई दावा अनुमान्य नहीं होगा।

(iii) पूर्व वृत सत्यापन (पुलिस भेरिफिकेशन) प्रतिकूल पाये जाने पर अस्थायी नियुक्ति तुरन्त समाप्त कर दी जायेगी।

(iv) मूल प्रमाण-पत्र जाँच के क्रम में अवैध पाये जाने की स्थिति में नियुक्ति रद्द कर दी जायेगी। (v) पथ निर्माण विभाग (मुख्यालय) कार्यालय या पदस्थापन से संबंधित कार्यालय में योगदान/पदग्रहण करने के लिए उन्हें यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

(vi) नवनियुक्ति सहायक अभियंताओं को अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 07 (सात) दिनों के अन्दर पथ निर्माण विभाग में योगदान देना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में योगदान नहीं करने पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। (vii) जिन सहायक अभियंताओं के द्वारा दहेज नहीं लेने-देने संबंधी प्रमाण पत्र या अन्य कोई प्रमाण-पत्र नहीं समर्पित किया गया है, उन्हें योगदान के समय वांछित प्रमाण-पत्र समर्पित करना होगा।

(viii) नव नियुक्त ऐसे सहायक अभियंता (असैनिक) जो वर्त्तमान में यदि किसी राज्य सरकार/भारत सरकार/सरकारी उपक्रम में कार्यरत है, उन्हें योगदान पत्र के साथ संबंधित विभाग का विरमन आदेश/अनापत्ति प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।

(ix) आरक्षण अथवा अन्य किसी बिन्दु पर विसंगति पाये जाने की स्थिति में संबंधित उम्मीदवार की नियुक्ति रद्द कर दी जायेगी।

(x) यह नियुक्ति पूर्णतः औपबंधिक है, तथा माननीय न्यायालय के समक्ष किसी भी विचाराधीन वाद में पारित आदेश के फलाफल से प्रभावित होगी। अनु॰-यथोक्त।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपेश कुमार, उप सचिव (प्र॰को॰)। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या-02/2017 के अन्तर्गत बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-2 में पथ निर्माण विभाग में नियुक्त 05 सहायक अभियंता (असैनिक) की सूची :- फोटो

क्र॰ स॰ मेघा क्रमांक अनुक्रमांक अभ्यर्थी का नाम जन्म तिथि पिता का नाम पत्राचार का पता स्थायी पता अभ्यर्थी का मूल कोटि आवंटित आरक्षण कोटि फोटो
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
1 2112 216920 अ जली ं 16-03-1994 श्री अनुज कुमार सिंह गली- 18, 40-A, राणाजी एन्कलेव, नजफगढ़, दिल्ली, पिनकोड- 110043 संठी थाना नधुनाथपुर, सिवान, पिनकोड-841502 सामान्य सामान्य
2 2115 204337 दीपा कुमारी 12-10-1994 श्री उमेश प साद गुप्ता ्र प्लॉट नं॰-08, मीणा कॉलोनी, आकाशवाणी के पीछे, सवाई माधोपुर, राजस्थान, पिनकोड- 322001 मकान क्रं॰-180B, बिजली ऑफिस के पीछे, वार्ड नं॰-14, (पो॰थानाजिला) -कोडरमा, NH-31, राज्य-झारखंड, पिनकोड-825410 सामान्य सामान्य
21 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025
3 2121 221993 भावना मिश्रा 15-06-1996 श्री प्रदीप कुमार मिश्रा बक्शीपुरा, नियर काली मंदिर, दरगाह रोड, जिला- बहराइच, उत्तर प्रदेश, पिनकोड- 271801 ग्राम-ढकौली, थाना-कोतवाली, पोस्ट-सोमैया नगर, जिला-बाराबंकी, राज्य-उत्तरप्रदेश, पिनकोड-225123 सामान्य सामान्य
4 2123 209832 स्नेही कुमारी 16-02-1994 श्री धीरेन्द्र कुमार सिन्हा C/o- तृप्ति सिन्हा, हॉस्पीटल रोड, वार्ड नं॰-01, बीरपुर, जिला-सुपौल, पिनकोड- 854340 C/o- तृप्ति सिन्हा, हॉस्पीटल रोड, वार्ड नं॰-01, बीरपुर, जिला-सुपौल, पिनकोड-854340 सामान्य सामान्य
5 2128 214040 प ज्ञा ्र अनोखे 27-06-1993 श्री राम प साद ्र अनोखे C/o- मस्तिक कुमार, एच॰नं॰-214, ग्राम-पूठरी, पोस्ट- कलन्जरी, जिला-मेरठ, उत्तर प्रदेश, पिनकोड- 250501 हॉउस नं॰-230, वार्ड नं॰-8, समता कॉलोनी, ग्रामपोस्ट-पनेका, जिला-राजनांदगांव, छत्तीसगढ़, पिनकोड-491441 सामान्य सामान्य

————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 37—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: https://egazette.bihar.gov.in

(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 22

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द।

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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद्‌ विद्यापतिमार्ग, पटना-800001 ------- अधिसूचनाएं 22 मई 2025

सं0 218--पाताल गंगा ट्रस्ट, ग्रामपो0-देव, जिला-औरंगाबाद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद से निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है जिसकी निबंधन संख्या-975 है।

इस न्यास की व्यवस्था हेतु पर्षदीय पत्रांक-1768 दिनांक-03.9.2015 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद की अध्यक्षता में 08 सदस्यीय न्यास समिति का गठन 05 वर्ष के लिए किया गया। पर्षदीय आदेष ज्ञापांक-1825 दिनांक- 08.9.2015 द्वारा न्यास समिति को विस्तारित करते सचिव, उपाध्यक्ष एवं 01 सदस्य की नियुक्त किया गया। पर्षदीय आदेष ज्ञापांक-3875 दिनांक-18.11.2021 द्वारा श्री राजेन्द्र यादव को कोषाध्यक्ष के रूप में कार्य करने का आदेष नवीन न्यास समिति के गठन तक दिया गया।

नवीन न्यास समिति गठन हेतु पर्षदीय पत्रांक-3990 दिनांक-26.11.2019 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद से स्वच्छ छवि के 11 व्यक्तियों के नामों की मांग की गयी। प्रतिवेदन अप्राप्त रहने पर पर्षदीय पत्रांक-2166 दिनांक-21.9.2022 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद को स्मारित किया गया।

इस बीच मा0 उच्च न्यायालय पटना द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 17322/2022 संतोष झा बनाम बिहार सरकार में राज्य में स्थित सारे न्यासाें की व्यवस्था हेतु न्यास समिति के गठन सम्बंधित दिषा-निर्देष दिनांक-23.07.2024 को पारित आदेष में दिया गया। उक्त आदेष के आलोक में विषयांकित न्यास के प्रबंधन हेतु पर्षदीय पत्रांक-2990 दिनांक-11.03.2025 जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद को प्रेषित करते हुए मा0 न्यायालय द्वारा पारित आदेष दिनांक-23.7.2024 का अनुपालन करते हुए नामों की मांग की गयी। उक्त पत्र के आलोक में जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद ने अपने पत्रांक-1095/सा0 दिनांक- 28.4.2025 द्वारा कुल 17 नामों की सूची पर्षद को उपलब्ध करायी गयी।

समाहर्त्ता, औरंगाबाद द्वारा न्यास समिति गठन हेतु भेजे गये नामों के आलोक में न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति गठन का निर्णय लिया गया।

अतः मैं अंजनी कुमार सिंह, प्रषासक बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा 32 में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार, जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 81 (1) (ख) एवं 8क के तहत प्रषासक को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए पाताल गंगा ट्रस्ट, ग्रामपो0-देव, जिला-औरंगाबाद तथा इसकी सम्पत्तियों के समुचित प्रबंधन, प्रषासन एवं संचालन तथा निधियों के नियोजन एवं व्ययन के लिए योजना का निरूपण किया जाता है।

योजना

1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''पाताल गंगा ट्रस्ट, ग्रामपो0-देव, जिला-औरंगाबाद, न्यास योजना होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''पाताल गंगा ट्रस्ट, ग्रामपो0-देव, जिला-औरंगाबाद, न्यास समिति'' होगा। जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा अध्यक्ष या सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

3. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 4. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी प्रावधानों का सम्यक अनुपालन सुनिष्चित करेंगे तथा वार्षिक आय-व्यय का विवरण, बजट एवं अंकेक्षण प्रतिवेदन बैठक का कार्यवृत एवं देय शुल्क राषि पर्षद को ससमय भेजेंगे तथा न्यास परम्परा का पालन करेंगे।

5. न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

6. न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की कोई भी सम्पत्ति का हस्तान्तरण, बदलैन, बिक्रय, रेहन तथा पट्‌टा पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा अगर वे एैसा करते है तो शुन्य23 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 वो अवैध होगा। अगर कोई सदस्य/पदाधिकारी इस तरह की कार्रवाई करेंगे तो उनपर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही न्यास समिति के पदाधिकारियों का यह प्रथम कर्त्तव्य होगा कि न्यास की सभी भू-सम्पत्तियों का जमाबंदी न्यास के नाम से कराकर पर्षद को सूचित करेगें। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगें।

7. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

8. अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष न्यास समिति के बैठक की अध्यक्षता करेंगे। 9. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

10. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।

11. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा।

12. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास सम्पत्ति से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य करते पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान ही उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।

12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। इस योजना को मूर्त्त रूप देने के लिए समाहर्त्ता, औरंगाबाद से प्राप्त नामों में से निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति का गठन किया जाता है।

13. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशुक्रुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा-11, एवं भारतीय दंड संहिता की धारा-325 के तहत दंडनीय अपराध है। अतः न्यास/मंदिर/मंठ आदि में रहने वाले गोवंष एवं अन्य पशुओं (गोवंष/गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना/भोजन नहीं देना/ऐसा कोई कार्य करना जिससे किसी पशु के प्रति क्रुरता एवं परिणाम वध/मृत्यु होता हो या ऐसे कार्यो को बढ़ावा मिलता हो ऐसा कोई कार्य कोई भी न्यासधारी/सेवायत/महंत या न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा।

14. न्यास समिति के अध्यक्ष को छोड़कर कोषाध्यक्ष एवं सदस्योें को अधिसूचना निर्गत की तिथि से एक माह के अन्दर नोटरीकृत स्व-घोषणा हलफनामा पर्षद में दाखिल करना अनिवार्य है कि वे उसी क्षेत्र के निवासी है, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और यदि विषय-वस्तु गलत है, तो वह कानून के अनुसार 'बोर्ड' द्वारा दंडनीय होगें। ऐसा नहीं करने पर उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।

उक्त योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति का गठन किया जाता है। इन लोगों का चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन पर्षद को प्राप्त है। 01. अनुमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद - पदेन अध्यक्ष 02. महंत आदित्य ब्रह्‌मचारी, पिता-श्री षिव बिहारी मिश्र - उपाध्यक्ष। ग्राम-जलालपुर, पो0-उत्तराखेरा सरई, सीतापुर, उत्तर प्रदेष 03. श्री राजेन्द्र यादव, पिता-स्व0 फौदार यादव - सचिव पता-ग्राम-बम्हौरी, पो0थाना-देव, जिला-औरंगाबाद। 04. श्री रविन्द्र शर्मा, पिता-श्री वकील मिस्त्री - कोषाध्यक्ष। देव अम्बा मार्ग, थाना-देव, जिला-औरंगाबाद। 05. श्री उदय कुमार यादव, पिता-स्व0 बुधन यादव - सदस्य। ग्राम-बम्हौरी, पो0-बेडनी, थाना-देव, जिला-औरंगाबाद। 06. श्री विगन भुईया, पिता-स्व0 सुखाड़ी भुर्ईया - सदस्य। ग्राम-पाताल गंगा, पो0थाना-देव, जिला-औरंगाबाद। 07.श्री रविन्द्र सिंह, पिता-श्री उदय नारायण सिंह, मो0 नं0-9572862688 - सदस्य। ग्राम-पड़रिया पो0-केताकी, थाना-देव, जिला-औरंगाबाद। 08. श्री संजय कुमार पाठक, पिता-श्री विभूति भूषण पाठक - सदस्य। ग्राम-देवजंगी मुहल्ला, पो0थाना-देव, जिला-औरंगाबाद। 09. श्री जुगेष यादव, पिता-श्री लखन यादव - सदस्य। ग्राम-बम्हौरी, पो0थाना-देव, जिला-औरंगाबाद। 10. श्री सुरेन्द्र यादव, पिता-श्री रामचंद्र यादव - सदस्य। ग्राम-सिलारखुर्द, पो0-सिलार कला, थाना-देव, जिला-औरंगाबाद। 11. श्री विरेन्द्र यादव, पिता-श्री बजरंगी यादव, मो0 नं0-8969897727 - सदस्य। ग्राम-सिलारखुर्द, पो0-सिलार कला, थाना-देव, जिला-औरंगाबाद।(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 24 न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना हस्ताक्षर की तिथि से 05 वर्ष होगी।

आदेश से, अंजनी कुमार ंिसंह, प्रषासक।

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25 जून 2025

सं0 372--श्री बाबा कुषेष्वरनाथ मंदिर, ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, पत्रालयथाना-कुषेष्वर स्थान, अंचल- कुषेष्वर स्थान (पूर्वी), जिला-दरभंगा, बिहार राज्य धार्मिक न्यास,पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0-1664है।

उक्त न्यास की परिसम्पत्तियों की सुरक्षा, उचित प्रबंधन तथा सम्य्‌क विकास हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1402, दिनांक-05/11/2019 द्वारा 11 सदस्यीय न्यास समिति की गठन 05 वर्षों के लिए किया गया था।

मा॰ उच्च न्यायालय पटना द्वारा CWJC No.- 17322/2022में दिनांक- 23/07/2024 को पारित आदेष के आलोक में पर्षदीय पत्रांक- 2174, दिनांक- 20/10/2024 तथा स्मार-पत्र पत्रांक- 2617, दिनांक- 20/12/2024 एवं पत्रांक- 2830, दिनांक- 28/01/2025 द्वारा जिलाधिकारी, दरभंगा से न्यास समिति गठन हेतु नामों का प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था। इस बीच पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक- 1402, दिनांक- 05/11/20219 द्वारा गठित न्यास समिति के 05 वर्षों का कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात पर्षदीय आदेष ज्ञापांक- 2702, दिनांक- 28/12/2024 द्वारा नवीन न्यास समिति के गठन होने तक न्यास की सुव्यवस्था हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, विरौल को बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 33 के तहत न्यासधारी की मान्यता प्रदान की गयी थी।

पर्षदीय पत्रांक- 2617, दिनांक- 20/12/2024 के आलोक में जिलाधिकारी, दरभंगा के प्रतिवेदन पत्रांक- 209, दिनांक- 15/05/2025 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि मंदिर में नवीन न्यास समिति के गठन हेतु कुल 30 आवेदन प्राप्त हुये। प्राप्त आवेदनों की समीक्षा हेतु अपर समाहर्त्ता-सह-जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, दरभंगा की अध्यक्षता में जिला स्तर पर त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया गया। उक्त के आलोक में समाहर्त्ता-सह-जिला लोक षिकायत निवारण पदाधिकारी, दरभंगा के पत्रांक- 225, दिनांक- 13/05/2025 द्वारा कुल 30 आवेदनों का अपराधिक इतिहास एवं चरित्र तथा न्यास की भूमि का अतिक्रमण आदि के जांचोपरांत आवेदनों की समीक्षा कर नवीन न्यास समिति के गठन हेतु नामों का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।

उपरोक्त परिस्थितियों में न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। अतः पर्षदीय बैठक दिनांक- 25/06/2025 में लिये गये निर्णय के आलोक में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 एवं 83 में एवं धार्मिक न्यास पर्षद की उपविधि सं0- 43 (द) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए श्री बाबा कुषेष्वरनाथ मंदिर, ग्राम- रामपुर राउत उर्फ रौता, पत्रालयथाना- कुषेष्वर स्थान, अंचल-कुषेष्वर स्थान (पूर्वी), जिला-दरभंगा के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।

योजना

1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ मंदिर न्यास योजना,ग्राम- रामपुर राउत उर्फ रौता, पत्रालयथाना-कुषेष्वर स्थान, अंचल-कुषेष्वर स्थान (पूर्वी), जिला-दरभंगा'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ मंदिर न्यास समिति, ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, पत्रालयथाना-कुषेष्वर स्थान, अंचल-कुषेष्वर स्थान (पूर्वी), जिला- दरभंगा'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।

2. न्यास समिति न्यास के सुचारू प्रबंधन के साथ-साथ पूजा-अर्चना, राग-भोग, अतिथि-सेवा आदि समस्त धार्मिक आचारों का सम्यक संचालन सुनिष्चित करेगी।

3. न्यास की समग्र आय के लेखा का सम्यक्‌ संधारण किया जायेगा और राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा तथा आवष्यकतानुसार राषि निकासी कर व्यय किया जायेगा।

4. न्यास के खाता का संचालन न्यास समिति के दो सदस्यों (अध्यक्ष / सचिव एवं कोषाध्यक्ष) के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।

5. मठ परिसर में जगह-जगह भेंट-पात्र रखे जायेंगे, जिसमें दान एवं चढ़ावे की राषि डाली जायेगी, जो निर्धारित तिथि को न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो सदस्यों के समक्ष खोली जायेगी और सही गणना कर प्राप्त राषि को बैंक में जमा किया जायेगा।

6. दाताओं से प्राप्त होने वाले राषि के लिए उन्हें रसीद दी जायेगी और सत्यापित पंजी में दर्ज कर उन्हें बैंक में जमा की जायेगी।

7. मंदिर परिसर में स्वच्छता एवं पवित्रता का विषेष ध्यान रखा जायेगा और मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखा जायेगा। महिला दर्षनार्थियों की सुविधा का विषेष ध्यान रखा जायेगा।

8. न्यास समिति द्वारा मठ / मन्दिर के पुजारी की अर्हता का निर्धारण एवं नियुक्ति की जायेगी एवं उनके वेतन का भुगतान न्यास कोष से होगा।25 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 9. न्यास समिति यह सुनिष्चित करेगी कि मठ / मन्दिर परिसर में भक्तों का शोषण नहीं हो और पूजा के नाम पर उनसे जबरन बसूली नहीं हो।

10. न्यास समिति, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उप विधि में वर्णित नियमों, धारा- 59, 60 एवं 70 का अनुपालन करते हुए बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि का पर्षद को सम्यक प्रेषण करेगी।़ 11. न्यास समिति के कोई सदस्य यदि न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे या न्यास की परिसम्पत्तियों से प्रत्यक्ष या परोक्ष लाभ उठाते हुए पाये जायेंगे अथवा आपराधिक पृष्टभूमि के होंगे, तो उनके सदस्य बने रहने की अह्‌र्ता समाप्त हो जायेगी।

12. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 13. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव प्रत्येक तिमाही में बैठक बुलायेंगे। बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष करेंगे और निर्णय बहुमत के आधार पर होगा। अध्यक्ष की अनुपलब्धता की स्थिति में बैठक की अध्यक्षता, उपाध्यक्ष करेंगे।

14. सचिव, समिति द्वारा पारित प्रस्तावों / निर्णयों को मूर्त्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे और कोषाध्यक्ष आय-व्यय के लेखा संधारण एवं पर्यवेक्षण के उत्तरदायी होंगे।

15. जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं हो और मंदिर के हित में आवष्यक हो, तो उन बिन्दुओं पर न्यास समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के पास अनुमोदन हेतु भेजेगी।

16. गोवंष एवं अन्य पशुओं और उनके प्रति होने वाली क्रुरता, पशु क्रुरता निवारण अधिनियम, 1960 (पी॰सी॰ए॰) की धारा- 11, भारतीय दण्ड विधान (I.P.C.) की धारा- 428, 429 के तहत दंडनीय अपराध बनाया गया है। न्यास / मठ / मंदिर परिसर में रहने वाले पशुओं (गोवंष / गोधन) को बेसहारा खुला छोड़ना / भोजन नहीं देना / ऐसा कोई कृत्य, प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः करना, जिसका उद्देष्य ''पशु की क्रुरता या वध'' होता हो या उक्त कार्यों को बढ़ावा मिलता हो, ऐसा कोई कृत्य न्यासधारी / सेवायत / महंत / न्यास समिति के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा। 17. न्यास समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सचिव को छोड़कर शेष सभी सदस्यों को अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से एक माह के भीतर नोटरीकृत स्वघोषणा शपथ-पत्र पर्षद मेें समर्पित करना अनिवार्य है कि वे उसी क्षेत्र के स्थानीय निवासी हैं और उनका कोई अपराधिक इतिहास नहीं है और यदि विषय-वस्तु गलत है, तो वह कानून के अनुसार पर्षद द्वारा दंडनीय होंगे। ऐसा नहीं करने पर उनके सदस्य बने रहने की अर्हता समाप्त हो जायेगी।

18. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए समाहर्त्ता, दरभंगा से प्राप्त नामों में से निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति का गठन 05 (पांच) वर्ष के लिए किया जाता है- 1. अनुमंडल पदाधिकारी, विरौल, जिला- दरभंगा - अध्यक्ष 2. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विरौल, जिला- दरभंगा - उपाध्यक्ष 3. श्री गोपाल नारायण चौधरी पिता- श्री नवोनाथ चौधरी - सचिव पता-ग्राम- हिरणी, पो॰था॰- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा। 4. श्री रविन्द्र कुमार चौधरी पिता- श्री जितेन्द्र नारायण चौधरी -सदस्य पता-ग्राम- औराही, अंचलथाना- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा। 5. श्री मणिकांत झा पिता- स्व॰ देवकांत झा - सदस्य ग्रा॰- हिरणी, पो॰था॰- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा। 6. श्रीमति कविता कुमारी पति-श्री ज्योतिष राज - सदस्य पता- ग्रा॰-खलासीन, पो॰था॰-कुषेष्वर स्थान, अं॰-कुषेष्वर स्थान पूर्वी, जिला- दरभंगा। 7. श्री शंकर चौपाल पिता- श्री गोपाल चौपाल - सदस्य पता-ग्राम-रामपुर राउत, पो॰था॰-कुषेष्वर स्थान, अं॰-कुषेष्वर स्थान पूर्वी, जिला- दरभंगा। 8. श्री विमल चंद्र खाँ पिता-श्री रामस्वरूप खाँ - सदस्य पता- ग्रा॰- आषो,अंचलथाना- कुषेष्वर स्थान, जिला- दरभंगा।

न्यास समिति को निर्देष दिया जाता है कि अपनी प्रथम बैठक आहुत कर कोषाध्यक्ष का चयन करते हुये एक प्रस्ताव पर्षद को अनुमोदन हेतु प्रेषित करेगी।

उक्त आदेष के आलोक मेें राजस्व अभिलेख में ''श्री बाबा कुषेष्वरनाथ मंदिर, ग्राम-रामपुर राउत उर्फ रौता, पत्रालयथाना-कुषेष्वर स्थान, अंचल- कुषेष्वर स्थान (पूर्वी), जिला-दरभंगा'' के नाम मेें किसी प्रकार को कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा।

नोटः-न्यास समिति/पदाधिकारी/सदस्य को न्यास की किसी भी सम्पत्ति/भूमि का हस्तान्तरण/बदलैन/विक्रय/ पट्‌टा/लीज आदि पर देने या किसी प्रकार से न्यास सम्पत्ति का दुरूपयोग करने का अधिकार नहीं होगा। अगर वे ऐसा करते हैं तो शुन्य वो अवैध होगा तथा न्यास समिति के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश से, प्रो॰ रणवीर नंदन, अध्यक्ष। ज्ञापांक- दिनांक-(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 26 सूचना -------

No. 1167--I. Niraj Kumar, S/o Arun Kumar Ojha, R/o Prem Nagar Horilganj, Dist.- Jehanabad, (Bihar) 804417, do hereby solemnly affirm and declare as follows. That Ayushi Kumari is my minor daughter. That Ayushi Kumari's CBSE class 10th all Educational document in my name is written as Niraj Kumar Ojha. That Aadhar card in my name is written as Niraj Kumar. That Niraj Kumar Ojha and Niraj Kumar both are same & one person. That from now I will be known as Niraj Kumar for all purposes. Affidavit No. 106/29-08-2025.

Niraj Kumar.

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No. 1168--I, Arvind Kumar s/o Rajendra Prasad Yadav, am a permanent resident of the village:- Bahadurpur, P.O.- Jhunathi, P.S – Khirimor, Distt. - Patna, Bihar – 804426. Do hereby solemnly affirm and declare that. In my daughter's educational certificates her name is mentioned as RAGINI RAJ, which is true and correct. But, in her Aadhar card her name is written as Ragni Raj (रागनी राज) instead of RAGINI RAJ. Here, both the names belong to the same person. And, from now in her future she will be known as RAGINI RAJ for all legal purposes. Affidavit no. : - 956 Date 28/08/2025.

Arvind Kumar.

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No. 1169--I, Shravan Kumar S/o Late Ram Ratan Prasad R/o Vill.-Kaji Bazar Hilsa, P.O.+P.S.-Hilsa Nalanda Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-3895 dated 03.05.25 that my name is written in my Son Abhishek Kumar's class 10th all educational certificate as Sharvan Prasad which is wrong. As per Aadhar card my correct name is Shravan Kumar Both names are same and one person. From now I will be known as Shravan Kumar for all purposes.

Shravan Kumar.

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No. 1170--I, Lalbabu Prasad S/o Harishankar Prasad R/o vill.+Post+P.S.-Ramgarhwa Bazar, Distt.-East Champaran Bihar-845433, do hereby solemnly affirm and declare as per affidavit No. 1929 dt. 14.10.25 that my name is written in my son Tejas Kumar's CBSE Class 10th marksheet as Lal Babu Gupta. As per Aadhar card my name is written as Lalbabu Prasad. Both names are same and one person. From now I will be known as Lalbabu Prasad for all purposes.

Lalbabu Prasad.

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No. 1176--I, Sushant S/o Gopal Prasad Sinha, R/o Mohalla-Nayagaon, Sikandarpur, P.S.- East Colony, Distt.-Munger, Bihar-811214 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 415 dt. 05.08.2025 that my name is written in Aadhar Card, Pan Card, Driving Licence and all educational documents as Sushant. From now I will be known as Sushant Sinha for all purposes.

Sushant.

27 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025

No. 1178--I, Saloni Kumari Baranawal, wife of Kumar Rishabh, currently residing at A502, Aakriti's The Mango Groves Apartment, Panchwati Colony, Digha-Rajeev Nagar road no. 23, Patna-11, here by solemnly affirm & declare that in my Aadhar & Pan Card as well as in my all educational documents my name is mentioned as Saloni Kumari Baranawal. After marriage I want to change my surname from Kumari Baranawal to Prakash. So from now in my future I will be known as Saloni Prakash for all legal purposes. Affidavit No. 2353, Date 22.07.2025.

Saloni Kumari Baranawal.

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No. 1179--I, Riya Kundu, w/o Kumar Dipak Mehta currently reside near ice-cream factory, nichli bazar, Rajgir, Nalanda, Bihar- 803116. Hereby solemnly affirms and declares that in my Aadhar and PAN card as well as in all my educational documents my name is mentioned as RIYA KUNDU. After my marriage I want to adopt/inherit my husband's surname (MEHTA) in place of my surname (KUNDU). So, my new name has become RIYA MEHTA instead of RIYA KUNDU. Both the names belong to the same person. And from now in my future I will be known as RIYA MEHTA for all legal purposes. AFFIDAVIT NO. – 387 DATE: - 02/08/2025.

Riya Kundu.

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सं0 1180--मैं राकेश कुमार, पिता-कृष्णा प्रसाद, मुहल्ला-कृष्णा भवन शिव नगर नूर मोहिउद्वीनपुर, थाना-परसा, पो०-पुनपुन जिला-पटना-804453 बिहार का निवासी हूँ तथा शपथ पत्र सं० 1409 दिनांक 16.09.2025 के द्वारा यह सूचित करता हूँ कि मेरे पुत्र आदित्य गुप्ता (ADITY GUPTA) के नाम से आधार कार्ड में अंकित है। यह है कि मेरे पुत्र के जन्म प्रमाण पत्र में अंग्रेजी में (ADITYA GUPTA) अंकित है, यह है कि दोनो नाम मेरे ही पुत्र है यह है कि मेरा पुत्र आदित्य गुप्ता (ADITY GUPTA) के जगह पर आदित्य गुप्ता (ADITYA GUPTA) के नाम से सभी कार्याें के लिए जान व पहचाना जायेगा।

राकेश कुमार।

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No. 1181--I, SANJEEV KUMAR MISHRA, S/o Late Mahendra Mishra, R/o Near Alpana Market, New Patliputra, Flat No.-11B. Brijata Apartment, P.O.-Patliputra, P.S. S. K. Puri, Dist.-Patna-800013, Bihar do hereby solemnly affirm and declare as my name SANJEEV KUMAR MISHRA is mention in my Aadhar Card. That in my daughter (Ananya Mishra) educational document in my name is written as Sanjeev Mishra. SANJEEV MISHRA and SANJEEV KUMAR MISHRA both name are same and one person. That from Now I will be known as SANJEEV KUMAR MISHRA for all Purpose Affidavit No-12461 Date 20.09.25.

SANJEEV KUMAR MISHRA.

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No. 1182--I, Rahul Kumar, S/o Haricharan Choudhary R/o Anwari, ward No.-16, P.O.+P.S.-Mohania Distt.-Kaimur (Bhabhua) Bihar-821109 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.- 1452 dt. 13.08.25 that my name is written in my minor Son Anurag Kumar Choudhary's CBSE class 10th School ID and Birth certificate as Rahul Kümar Choudhary. As per Aadhar card my correct name is Rahul Kumar. Both names are same and one person. From now I will be known as Rahul Kumar for all purposes.

Rahul Kumar.

(cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025 28

सं0 1190--म(cid:583) नीलम(cid:468)ण कु मार(cid:547) पित धीरज कु मार िनवासी-बारा जग(cid:219)नाथ, श(cid:466)(cid:416) धम(cid:91)कांटा, थाना-अ(cid:465)हयापुर,

ं (cid:465)क मेर(cid:547) पु(cid:287)ी का नाम (cid:468)जला-मुज(cid:221)फरपुर, (cid:466)बहर शपथ प(cid:287) सं.-31562, (cid:465)दनांक 24.07. 2025 (cid:430)ारा यह सूिचत करती हू

शै(cid:162)(cid:468)णक एवं अ(cid:219)य द(cid:232)तावेज(cid:585) म(cid:581) िनशु दज(cid:91) है। सभी काय(cid:607) हेतु अब वह िनशु वृ ंदानी के नाम से जानी जाएगी।

नीलम(cid:468)ण कु मार(cid:547). No. 1190--I, Nilmani Kumari W/o Dheeraj Kumar R/o Bada Jagganath, Shakti Dharam Kanta, P.S.-Ahiapur, Muzaffarpur, Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.- 31562.4 24.07.2025 that my daughter's educational and other documents as Nishu. From now she shall be known as Nishu Vrindani for all purposes.

Nilmani Kumari.

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No. 1191--I, Sangavi Shree and Sanjavi D/o Kumar Vijayendra Lal mother sushma Lal, R/o New Kunj colony East Bahadurpur, Rajendra Nagar, C/o Bhagirath Mandal, P.s-Bahadurpur Rajendra Nagar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-677, dt. 10-10-2025 that my name is written in Aadhar Card as Sanjavi whereas in School Certificate written as Sangavi Shree (सांगवी श्री) Both names are same and one person. From Now I shall be known as Sangavi Shree (सांगवी श्री) for all purposes.

Sangavi Shree and Sanjavi.

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No. 1192--I, Subbi Kumari, W/o Late Kamlesh Prasad Roy, R/o Gautam Nagar Gangiala Roy Niwas, Near Fari No.-02 Ward No.-13 Saharsa, Distt.-Saharsa Bihar-852201 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-1543 dt. 22.09.25 that the name of minor daugther Priyadarshani's is written in her Aadhar card as Perydrshni. Both names are same and one person. From now she will be known as Priyadarshani for all future purposes.

Subbi Kumari.

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No. 1193--I, Suraj Kumar S/o Shri Baleshwar Singh, R/o Kamla House, New Atwarpur, Lallu Path, Inside Ram Lagan Path Colony, Kurthaul, P.O.-Kurthaul, Patna, Bihar-804453 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 1110 dated 03.09.2025 that Sankalp Singh is my minor son. His name is written in his Aadhar Card as Sanklap Singh. Where as in Birth Certificate written as Sankalp Singh. Both names are same and one person. From now he will be known as Sankalp Singh for all purposes.

Suraj Kumar.

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No. 1194--I, Ajay Kumar Daga, S/o Sohan Lal Daga, R/o Ward No.-5, Bhagat Mohalla, Purani Bazar Market, Supaul, Bihar-854340 do hereby solenmy solemnly affirm and declare as per aff. No.-4546 dt. 10.09.2025 that my name is written in my minor daughter Chitra Daga's Class 10th all educational documents as Ajay Daga. As per Aadhar Card my name is Ajay Kumar Daga. Both names are same and one person. From now I will be known as Ajay Kumar Daga for all legal and future purposes.

Ajay Kumar Daga.

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No. 1195--I, SHREYA D/o Jit Narayan Prasad R/o Near Rajdhani Appartment, Mahesh Nagar, Road no. 1, PO- Keshri Nagar, Ps- Patliputra, Patna-24, Bihar declare That vide affidavit no. 5227 dated 26.05.25 I will be known as Shreya Jeet for all purposes.

SHREYA.

29 (cid:464)बहार गजट, 3 दिसम्बर 2025

No. 1196--I, Niranjan Kumar s/o Late Ramudit Rai R/o vill- Chatra, Mansi, Khagaria PIN-851214 Bihar do hereby solemnly affirm and state that my son's name in his birth cirtificate is Kumar Yagya whereas in his adhar no. 9767 6347 3517, his name is written as Yagya Kumar. Yagya Kumar and Kumar Yagya is same per-son. However his correct name is Kumar Yagya and henceforth my son will be known and recognised as Kumar Yagya for all future purposes. Affidavit no. 131 dated 06.09.2025.

Niranjan Kumar.

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 37—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: https://egazette.bihar.gov.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 03 December 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2025-12-03.49/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2025-12-03.49.