असाधारण अंक
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राज्य में कुल 04 (चार) जिला यथा-पटना, बेगूसराय, पूर्णियाँ एवं कटिहार को राज्य सरकार के साथ-साथ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नागरिक सुरक्षा जिला के रूप में अधिसूचित किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा पुनः 24 नये बहुआपदा प्रवण जिला यथा- अररिया, किशनगंज, भागलपुर, मधुबनी, समस्तीपुर, दरभंगा, गोपालगंज, सिवान, सारण, खगड़िया, लखीसराय, शेखपुरा, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, वैशाली, नालंदा, बक्सर एवं भोजपुर को नागरिक सुरक्षा जिला इकाई के रूप में घोषित किया गया है।
2. नागरिक सुरक्षा संगठन के लिए र्वामान क्रियाशील 04 (चार) जिलों एवं नवसृजित 24 अन्य जिलों के अतिरिक्त बिहार में गया जी एवं मुंगेर को भी नागरिक सुरक्षा जिला के रूप में कर्णांकित करने हेतु निम्नांकित पर्याप्त कारण उपलब्ध हैंः- (क) यह जिला प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं के साथ सामरिक एवं आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 17 (cid:464)दस(cid:224)बर 2025 2 गया जी शहर में थल सेना का प्रशिक्षण संस्थान भी स्थापित है, जहाँ सैनिकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार चलता रहता है। अतः इसको सामरिक दृष्टिकोण से निशाना बनाया जा सकता है।
(ख) मुंगेर जिला के कुल 09 प्रखण्डों में से 06 प्रखण्ड बाढ़ से प्रभावित रहता है। इसके अतिरिक्त यह जिला पूर्व में नक्सल से भी प्रभावित रहा है। मुंगेर जिला में कई प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थान यथा-जमालपुर रेल इंजन कारखाना, ब्रिटिश गन फैक्ट्री, आईटीसी मिल्क डेयरी एवं कई अन्य आईटीसी फैक्ट्री स्थापित है। युद्ध की स्थिति में इन औद्योगिक संस्थानों को लक्षित कर देश का नुकसान पहुँचाया जा सकता है, अर्थात् सामरिक दृष्टिकोण से भी यह संवेदनशील जिला है।
| क्रमांक | जिला/नगर का नाम | नागरिक सुरक्षा जिला के रूप में घोषित करने हेतु कारण | कैटेगरी |
| 1. | गया जी | भूकम्प, चक्रवात | II |
| 2. | मुंगेर | भूकम्प, बाढ़, चक्रवात | III |
आवश्यक है।
4. गया जी एवं मुंगेर जिला को नागरिक सुरक्षा जिला घोषित करते हुए उनमें नागरिक सुरक्षा जिला इकाईयों
| क्र0 | पद | प्रति जिला आवश्यक पद | दोनो जिला में सृजित ं कुल पदों की संख्या | दोनों जिला में अनुमानित कुल वार्षिक व्यय |
| 1. | उप नियंत्रक | 1 | 2 | 22,38,360/- |
| 2. | नागरिक सुरक्षा अनुदेशक | 4 | 8 | 57,93,120/- |
| 3 | निम्नवर्गीय लिपिक | 2 | 4 | 16,68,720/- |
| 97,00,200/- |
5. उक्त पदों के सृजन के उपरान्त आर्वाक वार्षिक व्यय- 97,00,200/ (सनतानवें लाख दो सौ रूपये) अनुमानित है। उक्त व्यय मुख्य शीर्ष 2070-अन्य प्रशासनिक सेवायें, उप मुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष 106-सिविल रक्षा, मांग संख्या-39 के अन्तर्गत विकलनीय होगा। प्रस्तावित पदों पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा, कालान्तर में भारत सरकार द्वारा उक्त जिलों को नागरिक सुरक्षा जिला अधिसूचित किये जाने पर 25 प्रतिशत केन्द्रांश की प्रतिर्पूाि भारत सरकार से प्राप्त की जायेगी। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण पत्र में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित पदाधिकारियों तथा संबंधित विभागों को दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डॉ0 चन्द्रशेखर सिंह, सचिव। ————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,