िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 15 माघ 1947 (श0) सं(cid:201)या 5 पटना, बुधवार,———————— 4 फरवरी 2026(ई0) पृष्ठ भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन,बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-03 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक, उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 04-07 पूरक
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पूरक-क 08-09(cid:464)बहार गजट, 4 फरवरी 2026 2 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन,बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं। ————
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ------- अधिसूचनाएं 29 जनवरी 2026
सं0 1/स्था0 (2) 07/2023-497--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-02.12.2025 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार गव्य सेवा संवर्ग के निम्नांकित जिला गव्य विकास पदाधिकारी को उप निदेशक (गव्य) में, उनके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-9) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
| क्र0 | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | वर्तमान कोटि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री विनय कुमार चौधरी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जमुई | जिला गव्य विकास पदाधिकारी |
| 2 | श्री शशि शेखर कुमार, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सीतामढ़ी | जिला गव्य विकास पदाधिकारी |
2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।
4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।
5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।
6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक उप निदेशक (गव्य) (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-9) में उत्क्रमित किया जाता है।
7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से उप निदेशक (गव्य) के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीतेन्द्र कुमार मिश्रा, अवर सचिव।
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30 जनवरी 2026
सं0 1/स्था0 (2) 06/2023(खंड-2)-512--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-02.12.2025 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार गव्य सेवा संवर्ग के निम्नांकित डेयरी फिल्ड ऑफिसर को जिला गव्य विकास पदाधिकारी में, उनके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-8) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता हैः-
| क्र0 | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | वर्तमान कोटि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री सुरेन्द्र कुमार, डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही कोटि वेतनमान में प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, मधुबनी। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 2 | श्री राकेश कुमार निराला, डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही कोटि वेतनमान में प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, नवादा। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
| 3 | श्री सत्य प्रकाश, डेयरी फिल्ड ऑफिसर सम्प्रति अपने ही कोटि वेतनमान में प्रभारी जिला गव्य विकास पदाधिकारी, सिवान। | डेयरी फिल्ड ऑफिसर |
2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करनेवाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।
4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।
5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।
6. उपर्युक्त पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक जिला गव्य विकास पदाधिकारी (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-8) में उत्क्रमित किया जाता है।
7. उपर्युक्त पदाधिकारियों का पदभार ग्रहण करने की तिथि से जिला गव्य विकास पदाधिकारी के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीतेन्द्र कुमार मिश्रा, अवर सचिव।
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स्वास्थ्य विभाग
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अधिसूचना
1 फरवरी 2026
सं0 15/औ॰-14-17/2017-79 (15A)/स्वा॰--सहायक औषधि नियंत्रक, सीतामढ़ी एवं नवादा के रिक्त पद पर कार्य हित में राज्यान्तर्गत पदस्थापित/कार्यरत निम्नांकित सहायक औषधि नियंत्रको को अगले आदेश तक अपने कार्याें के अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है :-
| क्र॰सं॰ | सहायक औषधि नियंत्रक का नाम | वर्त्तमान पदस्थापन स्थल | अतिरिक्त प्रभार |
| 1. | श्री प्रदीप कुमार | मधुबनी | सीतामढ़ी |
| 2. | श्री नीरज कुमार मानस | जहानाबाद | नवादा |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हिमांशु शर्मा, विशेष सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 46—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 4 फरवरी 2026 4भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द।
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बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद् विद्यापतिमार्ग, पटना- 800001 ------- आदेष 21 अगस्त 2025
सं0 1106--श्री राम जानकी मंदिर, ग्राम-दीपऊ, पो0-टलवा पोखर, थाना-कोटवा, जिला-पूर्वी चम्पारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-2631 है।
न्यास के सम्पत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण, तथा सुप्रबंधन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-935, दिनांक-24.08.2020 द्वारा न्यास समिति का गठन किया गया। जिसका कार्यकाल समिति गठन किये जाने से लेकर 05 वर्ष तक के लिए अधिसूचना ज्ञापांक 2440, दिनांक 14.10.2022 द्वारा बढ़ाया गया। जिसका कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
न्यास समिति के अध्यक्ष द्वारा अपने आवेदन पत्र द्वारा मंदिर के विकास के लिए अनेको कार्य किये जाने की सूचना दी है। इन्होंने लिखा है कि न्यास समिति की बैठक दिनांक 25.07.2025 में 2 नये सदस्यों को जोड़ते हुए तथा 4 सदस्यों को हटाते हुए न्यास समिति को पुर्ण गठित करने का प्रस्ताव पारित हुआ है।
न्यास समिति द्वारा न्यास में विकास के कार्य करते हुए न्यास की आय में निरन्तर वृद्धि दर्ज की है तथा ससमय पर्षद शुल्क एवं आय-व्यय विवरणी भी जमा किया गया है।
अतः न्यास समिति के विकासात्मक कार्यो को देखते हुए न्यास समिति का कार्यकाल दिनांक 24.07.2025 से पाँच वर्ष तक के लिए निम्नांकित रूप से बढ़ाया (स्थायी किया) जाता है : - 1. श्री मनोज पाण्डेय पिता स्व0 राजेन्द्र पाण्डेय - अध्यक्ष 2. श्री संजय प्रसाद यादव पुत्र स्व0 कोलई राय - सचिव 3. श्री बिंदेष्वरी राम पुत्र स्व0 प्रसाद राम - कोषाध्यक्ष 4. श्री कृष्णा पाण्डेय पुत्र बीरबहादुर पाण्डेय - सदस्य 5. श्री सुरेस महतो पुत्र रामभजु महतो - सदस्य 6. श्री रामचन्द्र राय पुत्र स्व0 बेला सराय - सदस्य 7. श्री महंथ पासवान पुत्र स्व0 भिखारी पासवान - सदस्य सभी का पता :-ग्राम-दिपऊ, पो0-टलवा पोखर, थाना-कोटवा, जिला-पूर्वी चम्पारण
न्यास समिति अधिसूचना ज्ञापांक 935, दिनांक 24.08.2020 में वर्णित प्रावधानों का पालन करेगी।
आदेश से, प्रो0 रणवीर नन्दन, अध्यक्ष।
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7 अगस्त 2025
सं0 923--श्री चिंतामन बिगहा मठ, ग्राम-चिन्तामन विगहा पोस्ट-नरेन्द्रखाप, थाना-कुटुम्बा, प्रमण्डल एवं जिला-औरंगाबाद, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-34 के अन्तर्गत निबंधित सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं॰-2684 है।
उक्त मठ की व्यवस्था पुर्व में महंत पूर्णानंद भारती करते थे। उनका स्वर्गवास वर्ष 1998 में हो गया। उनके पश्चात ग्रामीणों के प्रस्ताव तथा अंचलाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर 07 सदस्यीय न्यास समिति का गठन किया गया। इसके अध्यक्ष, प्रखंड विकास पदाधिकारी थे। उक्त समिति के सभी सदस्यों द्वारा वर्ष 2001 में त्याग-पत्र दे दिया गया, जिसको स्वीकार करते हुये वर्ष 2005 में जिलाधिकारी, औरंगाबाद को अधिनियम की धारा-33 के तहत न्यासधारी नियुक्त किया गया, परंतु जिलाधिकारी, औरंगाबाद ने भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता को प्रभार ग्रहण करने का निर्देष दिया। इसी बीच ग्रामीणों द्वारा सर्वसम्मति से श्री राजेषानंद भारती को मंदिर की व्यवस्था हेतु न्यासधारी नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया। उक्त प्रस्ताव के आलोक में पर्षद द्वारा श्री राजेषानंद भारती को अस्थायी न्यासधारी की मान्यता प्रदान करते हुये ग्रामीणों को निर्देष दिया गया कि बैठक कर न्यास समिति गठन हेतु नामों का प्रस्ताव पर्षद के कार्यार्थ उपलब्ध करावें। परंतु पर्षद को कोई प्रस्ताव नहीं प्राप्त हुआ। इसी बीच पर्षद को सूचना प्राप्त हुयी कि वर्ष 2005 से 2011 तक उक्त मठ की व्यवस्था करने के उपरांत5 (cid:464)बहार गजट, 4 फरवरी 2026 श्री राजेषानंद भारती नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण उक्त मठ को छोड़कर अन्यत्र चले गये। पुनः वर्ष 2023 में श्री राजेषानंद भारती का मठ में आगमन हुआ। तदोपरांत पर्षद में उपस्थित होकर मठ का आय-व्यय विवरण एवं पर्षद शुल्क आदि का भुगतान किया गया। इसी बीच ग्रामीणों के दो समुहों द्वारा न्यास समिति गठन हेतु पर्षद में अपना दावा प्रस्तुत किया गया, परंतु उनके बीच आपसी सहमति नहीं होने के कारण न्यास समिति का गठन नहीं किया जा सका। इसी बीच श्री पंच दषनाम जुना अखाड़ा द्वारा महंत रमेष भारती गुरू श्री महंत उमाषंकर भारती को श्री षिव मंदिर चिन्तामन बिगहा मठ का महंत नियुक्त करते हुये तथा उनके सहायक के रूप में महंत राजेषानंद भारती एवं महेन्द्र भारती तथा श्री ओम भारती को नियुक्त करते हुये एक महंती नामा पर्षद को उपलब्ध कराया गया।
उपरोक्त तथ्यों के आलोक में महंत रमेष भारती गुरू श्री महंत उमाषंकर भारती को श्री षिव मंदिर चिन्तामन बिगहा मठ, ग्राम-चिन्तामन विगहा पोस्ट-नरेन्द्र खाप, थाना-कुटुम्बा, प्रमण्डल एवं जिला-औरंगाबाद का महंत, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित नियमों/शर्त्तों, जिसका अनुपालन करना आवष्यक है, के साथ नियुक्त किया जाता है तथा उनके सहायक के रूप में महंत राजेषानंद भारती एवं महेन्द्र भारती तथा श्री ओम भारती को नियुक्त किया जाता है। यदि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अपना दावा प्रस्तुत किया जाता है, तो दोनों पक्षों को सुनकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा।
नियम एवं शर्त्त
1. श्री चिंतामन बिगहा मठ, ग्राम-चिन्तामन विगहा पोस्ट-नरेन्द्रखाप, थाना-कुटुम्बा, प्रमण्डल एवं जिला-औरंगाबाद, के नाम से राष्ट्रीयकृत बैंक में 15 दिनों के अन्दर खाता खोलें तथा पासबुक की प्रति पर्षद में समर्पित करें। प्रत्येक चार माह में बैंक खाता की अद्यतन स्थिति पर्षद के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी।
2. मंदिर में जो पीली और सफेद धातु चढ़ाई जाती है, उसको एक अलग रजिस्टर में प्रत्येक दिन के अनुसार अंकित करेंगे। साथ ही मंदिर के नाम से दो प्रति में रसीद रखी जाय, ताकि नकद दान देने वालों को रसीद की प्रति उपलब्ध करायी जा सके और आर्थिक पारदर्षिता बनी रहे।
3. ये न्यास की सम्पत्ति का संरक्षण करेंगे। 4. यदि कोई चल या अचल सम्पत्ति किसी के द्वारा अधिगृहित या अतिक्रमित है, तो उसे, वापस लाने के लिए कानूनी कार्रवाई करेंगे।
5. ये न्यास की चल या अचल सम्पत्ति का हस्तांतरण (विक्रय), बदलैन या लीज अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के विपरित किसी के पक्ष में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अनुमति के बिना नहीं करेंगे। अगर किसी प्रकार का हस्तांतरण, बदलैन या लीज किया जाता है तो वह अवैध एवं अमान्य होगा तथा आपराधिक विचारण प्रक्रिया प्रारम्भ की जायेगी। 6. सम्पत्तियों का दुरूपयोग या स्वार्थवष उपयोग नहीं करेंगे। 7. किसी भी अपराधिक कृत्य में संलिप्त नहीं रहेंगे। 8. 10,000/- (दस हजार) रू0 से अधिक राषि का खर्च चेक के माध्यम से करेंगे। 9. अधिनियम की धारा-59, 60 और 70 के तहत प्रत्येक वर्ष बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, पर्षद को देय शुल्क एवं विकासात्मक कार्यों का प्रतिवेदन आदि अनिवार्य रूप से पर्षद में प्रस्तुत करेंगे तथा अपनी शाखाओं में यदि किसी अन्य प्रबंधक आदि की नियुक्ति की जाती है, तो उसके भी हस्ताक्षार के साथ सूचना व जानकारी अवष्य पर्षद में समर्पित करेंगे।
10. अंचल के भू-राजस्व में भूमि अभिलेख में रैयत के कॉलम में यदि भगवान का नाम पुर्व से अंकित है, तो उसे यथावत रखेंगे, उसमें कोई संषोधन नहीं होगा और यदि रैयत में किसी व्यक्ति विषेष का नाम अंकित है, तो उसके नाम को विलोपित करते हुये ''श्री चिंतामन बिगहा मठ, ग्राम-चिन्तामन विगहा पोस्ट-नरेन्द्रखाप, थाना-कुटुम्बा, प्रमण्डल एवं जिला-औरंगाबाद'' का नाम का अंकित किया जायेगा।
11. मंदिर की दान-पत्र के ताला को सीलबंद किया जायेगा और कैमरा के समक्ष ही खोला जायेगा और रेकॉर्डिंग को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाये।
12. मंदिर परिसर एवं आस-पास को स्वच्छ तथा हरा-भरा वातावरण रखना सुनिष्चित करेंगे। 13. मंदिर/मठ में एक षिकायत/सुझाव-पुस्तिका रखी जायेगी, जिसमें आगंतुकों द्वारा अपना सुझाव या षिकायत अंकित की जायेगी।
14. मंदिर में एक सुचना पट्ट भी लगायी जाय, जिसपर दिनचर्या या अन्य महत्वपुणर् सूचनाओं आदि का विवरण प्रतिदिन अंकित किया जायेगा।
आदेश से, प्रो0 रणवीर नन्दन, अध्यक्ष।(cid:464)बहार गजट, 4 फरवरी 2026 6
31 जुलाई 2025
सं0 857--बाबा अभयनाथ धाम (बुढ़वा महादेव मंदिर), थानाअंचलपोस्टअनुमंडल-हिलसा, जिला-नालंदा, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-34 के अन्तर्गत निबंधित सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं॰- 4818/24 है।
उक्त मठ के विषय में इसके निबंधन हेतु श्री पवन भारती द्वारा दिये गये आवेदन, जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि वे लाचार थे, पुत्र श्री विकास कुमार उर्फ पुटुस भारती द्वारा ही मंदिर संबंधित सभी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एक शपथ-पत्र भी पर्षद में समर्पित किया कि उक्त मंदिर का निर्माण इनके पुर्वज के द्वारा किया गया है। उनको इस मंदिर का निबंधन पर्षद में कराने पर कोई आपत्ति नहीं है। साथ ही वंषावली, खतियान की प्रति भी प्रस्तुत किया, जिससे प्रतीत होता है कि वे उक्त मंदिर को स्थापित करने एवं दान देेने वाले परिवार से आते हैं। इनके द्वारा एक अन्य शपथ-पत्र दिया गया है, जिसमें उन्होंने अपने पुत्र श्री विकास कुमार उर्फ पुटुस भारती को इस मंदिर का सेवायत नियुक्त किया है। साथ ही पर्षद से उन्हें मान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया है।
उक्त के आलोक में पर्षद द्वारा न्यास की जांच करायी गयी। जांच पदाधिकारी द्वारा जांचोपरांत अपना प्रतिवेदन समर्पित करते हुये उल्लेख किया है कि उपरोक्त मंदिर की व्यवस्था काफी अच्छी है। मंदिर में साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। लोगों द्वारा बताया गया कि उपरोक्त मंदिर की स्थापना स्व॰ बुधु भारती एवं अंजनी कुंवर द्वारा किया गया था, जिसका जीर्णोद्धार समय-समय पर किया जाता रहा है। इनके पिताजी श्री पवन भारती द्वारा एक शपथ-पत्र भी समर्पित किया गया है कि दुर्घटना के उपरांत वो असमर्थ हो गये हैं। इस कारण मंदिर का संपुर्ण प्रबंधन इनके पुत्र श्री विकास कुमार उर्फ पुटुस भारती द्वारा किया जाता है। स्थानीय जनता द्वारा भी इन्हें सेवायत नियुक्त करने हेतु जांच अधिकारी के समक्ष आवेदन दिया गया।
उपरोक्त परिस्थितियों तथा उक्त निबंधित विलेख के आलोक में श्री विकास कुमार उर्फ पुटुस भारती को बाबा अभयनाथ धाम (बुढ़वा महादेव मंदिर), थानाअंचलपोस्टअनुमंडल-हिलसा, जिला-नालंदा, का अस्थायी न्यासधारी, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित नियमों/शर्त्तों, जिसका अनुपालन करना आवष्यक है, के साथ नियुक्त किया जाता है। यदि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अपना दावा प्रस्तुत किया जाता है, तो दोनों पक्षों को सुनकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा।
नियम एवं शर्त्त
1. बाबा अभयनाथ धाम (बुढ़वा महादेव मंदिर), थानाअंचलपोस्टअनुमंडल-हिलसा, जिला-नालंदा, के नाम से राष्ट्रीयकृत बैंक में 15 दिनों के अन्दर खाता खोलें तथा पासबुक की प्रति पर्षद में समर्पित करें। प्रत्येक चार माह में बैंक खाता की अद्यतन स्थिति पर्षद के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी।
2. मंदिर में जो पीली और सफेद धातु चढ़ाई जाती है, उसको एक अलग रजिस्टर में प्रत्येक दिन के अनुसार अंकित करेंगे। साथ ही मंदिर के नाम से दो प्रति में रसीद रखी जाय, ताकि नकद दान देने वालों को रसीद की प्रति उपलब्ध करायी जा सके और आर्थिक पारदर्षिता बनी रहे।
3. ये न्यास की सम्पत्ति का संरक्षण करेंगे। 4. यदि कोई चल या अचल सम्पत्ति किसी के द्वारा अधिगृहित या अतिक्रमित है, तो उसे, वापस लाने के लिए कानूनी कार्रवाई करेंगे।
5. ये न्यास की चल या अचल सम्पत्ति का हस्तांतरण (विक्रय), बदलैन या लीज अधिनियम में वर्णित प्रावधानों के विपरित किसी के पक्ष में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अनुमति के बिना नहीं करेंगे। अगर किसी प्रकार का हस्तांतरण बदलैन या लीज किया जाता है तो वह अवैध एवं अमान्य होगा तथा आपराधिक विचारण प्रक्रिया प्रारम्भ की जायेगी। 6. सम्पत्तियों का दुरूपयोग या स्वार्थवष उपयोग नहीं करेंगे। 7. किसी भी अपराधिक कृत्य में संलिप्त नहीं रहेंगे। 8. 10,000/- (दस हजार) रू0 से अधिक राषि का खर्च चेक के माध्यम से करेंगे। 9. अधिनियम की धारा- 59, 60 और 70 के तहत प्रत्येक वर्ष बजट, आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन, पर्षद को देय शुल्क एवं विकासात्मक कार्यों का प्रतिवेदन आदि अनिवार्य रूप से पर्षद में प्रस्तुत करेंगे तथा अपनी शाखाओं में यदि किसी अन्य प्रबंधक आदि की नियुक्ति की जाती है, तो उसके भी हस्ताक्षार के साथ सूचना व जानकारी अवष्य पर्षद में समर्पित करेंगे।
10. अंचल के भू-राजस्व में भूमि अभिलेख में रैयत के कॉलम में यदि भगवान का नाम पुर्व से अंकित है, तो उसे यथावत रखेंगे, उसमें कोई संषोधन नहीं होगा और यदि रैयत में किसी व्यक्ति विषेष का नाम अंकित है, तो उसके नाम को विलोपित करते हुये ''बाबा अभयनाथ धाम (बुढ़वा महादेव मंदिर), थानाअंचलपोस्टअनुमंडल-हिलसा, जिला-नालंदा'' का नाम का अंकित किया जायेगा।
11. मंदिर की दान-पत्र के ताला को सीलबंद किया जायेगा और कैमरा के समक्ष ही खोला जायेगा और रेकॉर्डिंग को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाये।7 (cid:464)बहार गजट, 4 फरवरी 2026 12. मंदिर परिसर एवं आस-पास को स्वच्छ तथा हरा-भरा वातावरण रखना सुनिष्चित करेंगे।
13. मंदिर/मठ में एक षिकायत/सुझाव-पुस्तिका रखी जायेगी, जिसमें आगंतुकों द्वारा अपना सुझाव या षिकायत अंकित की जायेगी।
14. मंदिर में एक सुचना पट्ट भी लगायी जाय, जिसपर दिनचर्या या अन्य महत्वपुर्ण सूचनाओं आदि का विवरण प्रतिदिन अंकित किया जायेगा।
आदेश से, प्रो0 रणवीर नन्दन, अध्यक्ष।
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आदेश
11 अगस्त 2025
सं0 950--श्री पंच षिव मंदिर, लोहियानगर, कंकड़बाग कॉलोनी, पटना-800020, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-34 के अन्तर्गत निबंधित है, जिसकी निबंधन सं0-3236 है।
उक्त मंदिर के सुप्रबंधन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1104, दिनांक-05/09/2020 द्वारा ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति का गठन 05 वर्षों के लिए किया गया था। उक्त न्यास समिति के 05 वर्षों का कार्यकाल अगले माह में समाप्त हो रहा है।
न्यास समिति के अध्यक्ष-श्री उपेन्द्र नारायण विद्यार्थीजी का पत्रांक-204, दिनांक-11/08/2025 पर्षद को प्राप्त है। आवेदन में न्यास समिति द्वारा विगत वर्षों में मंदिर हित में किये गये विकासात्मक कार्यों, विभिन्न पर्व-त्योहारोें के सफल आयोजन, मंदिर की भविष्य की योजनाओं आदि का विस्तृत उल्लेख किया गया है। मंदिर प्रबंधन द्वारा प्रतिवर्ष पर्षद को आय-व्यय विवरणी, अंकेक्षित प्रतिवेदन एवं पर्षद शुल्क आदि ससमय जमा किया जाता है।
अतः उपरोक्त तथ्यों के आलोक में पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1104, दिनांक-05/09/2020 द्वारा गठित न्यास समिति के कार्यकाल की समाप्ति की अवधि से अगले 05 (पांच) वर्ष के लिए कार्यकाल-विस्तारित किया जाता है।
आदेश से, प्रो0 रणवीर नन्दन, अध्यक्ष।
------- सूचना -------
No. 100--I AKSHIT, S/o Ashok Kumar, 302(A) Aaradhya Aptt., Road no-4, Mahesh Nagar, PS-Patliputra, Patna declare by affi. no. 110 dt. 16.1.26 that now I will be known as Akshit Kumar.
AKSHIT.
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No. 101--I ANKITA, D/o Ashok Kumar, 302(A) Aaradhya Aptt., Road no-4, Mahesh Nagar, PS-Patliputra, Patna declare by affi. no. 138 dt. 19.1.26 that now I will be known as Ankita Singh.
ANKITA.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 46—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 4 फरवरी 2026 8बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 टि-3/टाटा टेक/03/2022--175
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग
निदेशालय, नियोजन एवं प्रशिक्षण (प्रशिक्षण पक्ष), बिहार, पटना ------ संकल्प 28 जनवरी 2026 विषयः- बिहार राज्य के सभी सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन हेतु Tata Technologies Limited के साथ दिनांक 31.01.2022 को हस्तांक्षरित MoA के अनुश्रवण एवं सफल संचालन हेतु उच्च स्तरीय समिति के पुर्नगठन के संबंध में। राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वी—त MoA पर दिनांक 31.01.2022 को निदेशालय, नियोजन एवं प्रशिक्षण, बिहार, पटना तथा Tata Technologies Limited के साथ हुये समझौता के कंडिका-4-h (viii) के अनुसार इस योजना के सफल संचालन एवं अनुश्रवण हेतु एक उच्च स्तरीय समिति का गठन विभागीय संकल्प संख्या-2269 दिनांक-17.05.2023 द्वारा किया गया है।
मंत्रिमंडल सचिवालय बिहार सरकार के अधिसूचना संख्या-1569 दिनांक-10.12.2025 द्वारा बिहार कार्यपालिका नियमावली, 1979 (समय-समय पर यथा संशोधित) की प्रथम अनुसूची के क्रमांक-45 के बाद एतद् द्वारा नया क्रमांक-46 में ''युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग'' बिहार को जोड़ते हुए अधिसूचित किया गया है।
उक्त के आलोक Tata Technologies Limited के साथ हुये समझौता के कंडिका-4-h (viii) के अनुसार इस योजना के सफल संचालन एवं अनुश्रवण हेतु पूर्व में गठित उच्च स्तरीय समिति का पुनर्गठन निम्न प्रकार से किया जाता है:-
| 1- | अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार | - | अध्यक्ष |
| 2- | अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, उद्योग विभाग अथवा उनके प्रतिनिधि | - | सदस्य |
| 3- | अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव/सचिव, शिक्षा विभाग अथवा उनके प्रतिनिधि | - | सदस्य |
| 4- | अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, भवन निर्माण विभाग अथवा उनके प्रतिनिधि | - | सदस्य |
| 5- | अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग अथवा उनके प्रतिनिधि | - | सदस्य |
| 6- | निदेशक, नियोजन एवं प्रशिक्षण, बिहार, पटना | - | संयोजक |
| 7- | मुख्य महाप्रबंधक, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम, बिहार | - | सदस्य |
| 8- | मिशन निदेशक, बिहार कौशल विकास मिशन, | - | सदस्य |
| 9- | संयुक्त निदेशक/सहायक निदेशक (विषय प्रभारी) | - | सदस्य |
| 10- | प्राचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (अध्यक्ष द्वारा मनोनित एक) | - | सदस्य |
| 11- | महासचिव, बिहार राज्य इंडस्ट्री एशोसियेशन | - | सदस्य |
| 12- | अध्यक्ष, सी०आई०आई०, बिहार शाखा | - | सदस्य |
| 13- | आंतरिक वित्तीय सलाहकार, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार, पटना | - | सदस्य |
| 14- | - Tata Tech के द्वारा नामित तीन सदस्य | सदस्य |
2. उक्त उच्च स्तरीय समिति के कार्य एवं दायित्व निम्न प्रकार से होंगे :-
(i) उच्च स्तरीय समिति प्रत्येक 3 महीनें में परियोजना की प्रगति की राज्य स्तर पर समीक्षा करेगी और कार्यकारिणी समिति एवं जिला स्तरीय समिति को आवश्यक दिशा निदेश प्रदान करेंगी।
(ii) उच्च स्तरीय समिति परियोजना के क्रियान्वयन हेतु नीतिगत एवं उच्च स्तरीय निर्णय/निदेश प्रदान करेंगी। 3. इस समिति का कार्यकाल परियोजना समाप्ति तक होगी। 4. इस समिति की बैठक में कम से कम छः सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी जिसमें अध्यक्ष एवं संयोजक की उपस्थिति आवश्यक होगी।
आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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सं0प्र0-II-रा0(आ0)-32/2025--741/एम0 खान एवं भूतत्व विभाग ------- संकल्प 29 जनवरी 2026 कटिहार जिलान्तर्गत पश्चिम बंगाल सीमा सटे प्रखंड-अमदाबाद, प्राणपुर, आजमनगर एवं बलरामपुर में अवैध मिट्टी खनन की प्राप्त जानकारी के आलोक में विभागीय जाँच दल द्वारा दिनांक-28.05.2025 को उक्त स्थलों की जाँच की गयी। जाँच दल द्वारा जाँच के क्रम में पाया गया कि महानंदा नदी के किनारे वृहद पैमाने पर मिट्टी का खनन किया गया है। भरतकोल स्थित खनन स्थल में खनन की गड्ढ़े की लंबाई 55 फीट, चौड़ाई 16 फीट चौड़ा तथा गहराई 05 फीट पायी गयी। गड्ढ़ो की स्थिति से यह स्पष्ट है कि अवैध खनन लंबे समय से हो रहा था एवं अवैध खननर्कााओं द्वारा वाणिज्यिक प्रयोग किया जा रहा था। श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी, खनिज विकास पदाधिकारी द्वारा अपने पदस्थापन काल में अवैध खनन पर सतत् निगरानी एवं प्रभावशाली कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण लंबे समय से मिट्टी अवैध खनन होता रहा। श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी, खनिज विकास पदाधिकारी का यह कृत्य अपने पदीय दायित्व का सही ढ़ंग से निर्वहन नहीं करने का परिचायक है एवं उनके इस कृत्य से अवैध खनन को बढ़ावा हुई है।
2. श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी, तत्कालीन खनिज विकास पदाधिकारी, जिला खनन कार्यालय, कटिहार सम्प्रति जिला खनन कार्यालय, बेगूसराय के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय पत्रांक 6098 दिनांक 11.11.2025 से आरोप पत्र में अंकित अवचार के बिन्दु पर लिखित अभिकथन की मांग की गयी।
3. श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी, तत्कालीन खनिज विकास पदाधिकारी, जिला खनन कार्यालय, कटिहार सम्प्रति जिला खनन कार्यालय, बेगूसराय द्वारा पत्रांक 1296 दिनांक 19.12.2025 को लिखित अभिकथन समर्पित किया गया। श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी द्वारा कटिहार जिला में पदस्थापन के दौरान पश्चिम बंगाल से सटे क्षेत्रों में अवैध खनन की सतत् निगरानी नहीं की गई, जिसके कारण जांच में वृहत पैमाने पर मिट्टी का खनन किया हुआ पाया गया। इस प्रकार समीक्षोपरांत सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी प्रथम दृष्टतया दोषी प्रतीत पाये गये हैं। श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को देखते हुए इसकी जाँच की आवश्यकता प्रतीत होती है।
4. अतएव श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17(2) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी अपर समाहर्त्ता, विभागीय जाँच, कटिहार तथा प्रस्तुतीकरण/उपस्थापन पदाधिकारी, खनिज विकास पदाधिकारी, जिला खनन कार्यालय, कटिहार को नियुक्त किया जाता है।
5. श्रीमती आकांक्षा प्रियदर्शी से अपेक्षा की जाती है कि वे अपना बचाव/पक्ष संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखेंगे एवं जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दे, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भारत भूषण प्रसाद, अपर सचिव।