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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 24 February 2026

Published 24 February 2026

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2026-02-24.222
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत

5 फा(cid:227)गुन 1947 (श0)

(सं0 पटना 222) पटना, मंगलवार, 24 फरवर(cid:547) 2026 बिहार विधान सभा सचिवालय ———

24 फरवरी 2026

सं॰ वि॰स॰वि॰-03/2026-1059/वि॰स॰--''बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक-24 फरवरी, 2026 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।

आदेष से, ख्याति सिंह, प्रभारी सचिव।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 24 फरवर(cid:547) 2026

[foúlúfoú&05@2026]

जबकि भारत के संविधान में 74वें संशोधन द्वारा स्थानीय नगर निकायों को शहरी क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन के रूप में मान्यता दी गई है।

जबकि संविधान में निर्वाचित स्थानीय नगर निकायों को कतिपय कार्य एवं उत्तरदायित्व सौंपा जाने का उपबंध किया गया है।

जबकि 74वें संशोधन के अनुरूप बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 अधिनियमित किया गया है, जिसमें अन्य बातों के होते हुए यह भी उपबंधित है कि संबंधित स्थानीय क्षेत्रों में पंजी—त मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन के आधार पर महापौर/उप-महापौर/अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा।

जबकि निर्वाचित निकायों द्वारा कार्यों के सुचारू रूप से संचालन हेतु स्थानीय नगर निकायों की सशक्त स्थायी समिति का गठन किया जाना आवश्यक है।

जबकि वर्तमान अधिनियम के अधीन सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों को निर्वाचित महापौर/अध्यक्ष द्वारा नामित किया जाता है।

जबकि यह देखा गया है कि वर्तमान अधिनियम के अनुरूप सशक्त स्थायी समिति के गठन के दौरान अनेक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, जैसे कि पक्षपात के आरोप, निर्वाचित पदाधिकारियों में से किसी एक अथवा कुछ व्यक्तियों में अधिकारों का संकेन्द्रण, जिसके परिणामस्वरूप अप्रत्यक्ष रूप से शक्ति एवं उत्तरदायित्व का केन्द्रीकरण होता है, जो कि संविधान द्वारा अभिप्रेत विकेन्द्रीकरण की भावना के प्रतिकूल है।

जबकि यह उपयुक्त एवं आवश्यक प्रतीत होता है कि सशक्त स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनाया जाए तथा इसके लिए उपबंध किया जाए।

जबकि कुछ वर्ग के सदस्यों को बैठकों में सम्मिलित होने में कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं, अतः ऐसे सदस्यों के संबंध में उपयुक्त उपबंध किया जाना आवश्यक है।

जबकि ऐसी आकस्मिक परिस्थितियों के निराकरण हेतु तत्काल उपबंध करना आवश्यक है। अतः अब, 77वें गणतंत्र वर्ष में, बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप से अधिनियमित हो :-

-

(1) यह विधेयक बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2026 कहा जा सकेगा। (2) यह सम्पूर्ण बिहार राज्य में लागू होगा। (3) यह राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगा।

उक्त अधिनियम की धारा 12 की उपधारा (3) में परन्तुक को जोड़ा जाएगा :- ''लोक सभा/राज्य सभा/विधान सभा/विधान परिषद के वैसे सदस्य जो इस नगरपालिका क्षेत्र के स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए हो उन्हें नगरपालिका का सदस्य माना गया है;

परन्तु लोक सभा/राज्य सभा/विधान सभा/विधान परिषद के सदस्यों की सत्रावधि में नगरपालिका की बैठक में भाग लेने से छूट प्राप्त होगी।

साथ ही नगरपालिका की बैठक में भाग लेने हेतु माननीय केन्द्रीय मंत्री एवं केन्द्रीय राज्य मंत्री/राज्य सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री/राज्य मंत्री तथा लोक सभा/राज्य सभा/विधान सभा/विधान परिषद के सदस्यों को अपनी व्यस्तता की स्थिति में अपने प्रतिनिधि के रूप में किसी व्यक्ति (अपने निकट संबंधी को छोड़कर) के मनोनयन की भी छूट होगी; परन्तु ऐसे मनोनीत व्यक्ति, को मतदान में हिस्सा लेने का अधिकार प्राप्त नहीं होगा।''

धारा-21 की उपधारा (3) के वर्त्तमान प्रावधान को नयी उपधारा (3) द्वारा निम्न रुप से प्रतिस्थापित किया जाएगा :-

''नगर निकाय के सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों का चयन संबंधित पार्षदों के गुप्त मतदान के द्वारा बहुमत के आधार पर जिला पदाधिकारी के पर्यवेक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण में किया जाएगा;

परन्तु इस अधिनियम के प्रवृत्त होने के उपरान्त, अधिकतम छः माह की अवधि के भीतर सशक्त स्थायी समिति के गठन हेतु निर्वाचन कराया जाएगा।''

धारा-23 की उपधारा (3) निम्न रूप से प्रतिस्थापित किया जाएगा :-

3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 24 फरवर(cid:547) 2026

''यदि सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों के पद में कोई आकस्मिक रिक्ति होती है तो ऐसी रिक्ति धारा 21(3) में वर्णित विहित प्रक्रिया के अनुसार चयन किया जाएगा एवं ऐसा पार्षद अपने पूर्वाधिकारी के बचे हुए कार्यकाल तक पद धारण करेगा।'' धारा-27 की उप-धारा (2) के पश्चात्‌ एक नई उप-धारा (3) निम्नलिखित रूप में जोड़ी जाएगी :-

"(3) धारा 21 अथवा धारा 27 में निहित किसी भी प्रावधान के होते हुए भी, सभी नगर निकायों की सशक्त स्थायी समिति का विघटन इस आशय से किया जाएगा कि पार्षदों के गुप्त मतदान द्वारा बहुमत के आधार पर निर्वाचन कर उसकी पुनर्संरचना की जा सके, जो कि जिला पदाधिकारी के पर्यवेक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण में संपन्न होगी; परन्तु यह कि राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा सभी नगर निकायों अथवा किसी नगर निकाय की सशक्त स्थायी समिति के विघटन की तिथि अधिसूचित कर सकती है, जो अधिसूचित तिथि से प्रभावी होगी ताकि चुनाव कराए जा सकें।"(स

(i) बिहार नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2025 (अध्यादेश सं0-03, 2025) इसके द्वारा निरसित किया जाता है।

(ii) ऐसे निरसन के होते हुए भी उक्त अध्यादेश के द्वारा या के अधीन प्रदत्त किसी शक्ति के प्रयोग में किया गया कोई कार्य या की गयी कोई कार्रवाई इस अधिनियम द्वारा या के अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किया गया या की गयी समझी जायेगी, मानो यह अधिनियम उस दिन प्रवृत्त था, जिस दिन ऐसा कार्य किया गया था या ऐसी कार्रवाई की गयी थी। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (यथा संशोधित) में सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों को निर्वाचित महापौर/अध्यक्ष द्वारा नामित किया जाता है। यह देखा गया है कि वर्तमान अधिनियम के अनुरूप सशक्त स्थायी समिति के गठन के दौरान अनेक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, जैसे कि पक्षपात के आरोप, निर्वाचित पदाधिकारियों में से किसी एक अथवा कुछ व्यक्तियों में अधिकारों का संकेन्द्रण, जिसके परिणामस्वरूप अप्रत्यक्ष रूप से शक्ति एवं उत्तरदायित्व का केन्द्रीकरण होता है, जो कि संविधान द्वारा अभिप्रेत विकेन्द्रीकरण की भावना के प्रतिकूल है। उक्त परिप्रेक्ष्य में यह उपयुक्त एवं आवश्यक है कि सशक्त स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं न्यायसंगत बनाया जाए तथा इसके लिए उपबंध किया जाए।

नगरपालिका की बैठकों में कुछ वर्ग के सदस्यों को सम्मिलित होने में कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं, अतः ऐसे सदस्यों के संबंध में उपयुक्त उपबंध किया जाना आवश्यक है। साथ ही इन सदस्यों की अनुपस्थिति में इनके प्रतिनिधि द्वारा भाग लिये जाने का भी उपबंध किया जाना आवश्यक है। भार-साधक सदस्य।

प्रभारी सचिव

पटना, दिनांक-24.02.2026 बिहार विधान सभा

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त ।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 222-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: https://egazette.bihar.gov.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 24 February 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2026-02-24.222/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2026-02-24.222.