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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 26 February 2026

Published 26 February 2026

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2026-02-26.241
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत

7 फा(cid:227)गुन 1947 (श0)

(सं0 पटना 241) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 26 फरवर(cid:547) 2026 बिहार विधान सभा सचिवालय ———

26 फरवरी, 2026

सं॰ वि॰स॰वि॰-06/2026-1120/वि॰स॰--''बिहार जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक-26 फरवरी, 2026 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।

आदेष से, ख्याति सिंह, प्रभारी सचिव।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 फरवर(cid:547) 2026

[foúlúfoú&11@2026]

(cid:466)बहार जन (cid:874)व(cid:230)वास ((cid:292)ावधान संशोधन) (cid:874)वधेयक, 2026

क(cid:467)तपय कानून(cid:585) म(cid:581) संशोधन करके अपराध(cid:585) को गैर-आपरा(cid:876)धक बनाने और उ(cid:219)ह(cid:581) तक(cid:91) संगत बनाने और जीवन जीने और (cid:229)यापार करने म(cid:581) आसानी के (cid:871)लए (cid:874)व(cid:230)वास-आधा(cid:464)रत शासन को और बेहतर बनाने के (cid:871)लए एक (cid:874)वधेयक। भारत गणरा(cid:207)य के सतह(cid:215)तरव(cid:581) वष(cid:91) म(cid:581) (cid:466)बहार रा(cid:207)य (cid:874)वधानमंडल (cid:622)वारा (cid:467)न(cid:224)न(cid:871)ल(cid:872)खत (cid:510)प म(cid:581) यह अ(cid:876)ध(cid:467)नयम बनाया जाएः-

संशोधन) अ(cid:876)ध(cid:467)नयम, 2026 है ।

(2) यह उस तार(cid:547)ख को लागू होगा िजसे (cid:466)बहार सरकार ऑ(cid:873)फ(cid:871)शयल गजट म(cid:581) अ(cid:876)धसूचना के ज़(cid:464)रए तय करेगी; और शे(cid:620)यूल म(cid:581) बताए गए अलग-अलग कानून(cid:585) से जुड़े बदलाव(cid:585) के (cid:871)लए अलग-अलग तार(cid:547)ख(cid:581) तय क(cid:551) जा सकती ह(cid:583)। अनुसूची के कॉलम (5) म(cid:581) (cid:467)न(cid:465)द(cid:91)(cid:231)ट सीमा और तर(cid:547)के तक, यथासंभव संशोधन (cid:873)कया जाता है।

(cid:292)ावधान(cid:585) के अंतग(cid:91)त (cid:467)नधा(cid:91)(cid:464)रत जुमा(cid:91)ना और दंड को, इस अ(cid:876)ध(cid:467)नयम के (cid:292)ारंभ क(cid:551) (cid:467)त(cid:876)थ से (cid:292)(cid:215)येक तीन वष(cid:91) क(cid:551) समाि(cid:220)त के प(cid:230)चात ्, संबं(cid:876)धत (cid:219)यूनतम रा(cid:871)श के दस (cid:292)(cid:467)तशत से बढ़ाया जाएगा।

4. व्यावृति।- इस अ(cid:876)ध(cid:467)नयम (cid:622)वारा (cid:873)कसी (cid:874)वधान के संशोधन या (cid:467)नरसन का (cid:292)भाव उस (cid:873)कसी अ(cid:219)य (cid:874)वधान पर नह(cid:547)ं होगा िजसम(cid:581) संशो(cid:876)धत या (cid:467)नर(cid:232)त (cid:873)कए गए (cid:874)वधान को लागू (cid:873)कया गया, समा(cid:465)हत (cid:873)कया गया या संद(cid:871)भ(cid:91)त (cid:873)कया गया है; और यह अ(cid:876)ध(cid:467)नयम (cid:873)कसी भी ऐसे अ(cid:219)य (cid:874)वधान को (cid:292)भा(cid:874)वत नह(cid:547)ं करेगा िजसम(cid:581) संशो(cid:876)धत या (cid:467)नर(cid:232)त (cid:873)कए गए, (cid:874)वधान को लागू (cid:873)कया गया, समा(cid:465)हत (cid:873)कया गया या संद(cid:871)भ(cid:91)त (cid:873)कया गया हो; और यह अ(cid:876)ध(cid:467)नयम पहले से (cid:873)कए गए या भुगताए किए गए (cid:873)कसी भी काय(cid:91) या घटना के वैधता, अवैधता, (cid:292)भाव या प(cid:464)रणाम(cid:585) को, या पहले से (cid:292)ा(cid:220)त, अिज(cid:91)त या उ(cid:215)प(cid:219)न हुए (cid:873)कसी भी अ(cid:876)धकार, शीष(cid:91)क, दा(cid:467)य(cid:215)व या देयता को, या उसके संबंध म(cid:581) (cid:873)कसी भी उपाय या कार(cid:91)वाई को, या (cid:873)कसी ऋण, दंड, दा(cid:467)य(cid:215)व, देयता, दावा या मांग से या उससे (cid:873)कसी भी (cid:464)रहाई या (cid:874)वमोचन को, या पहले से (cid:292)दान क(cid:551) गई (cid:873)कसी भी (cid:162)(cid:467)तपू(cid:467)त(cid:91) को, या (cid:873)कसी भी भूतपूव(cid:91) कृ (cid:215)य या व(cid:232)तु के (cid:292)माण को (cid:292)भा(cid:874)वत नह(cid:547)ं करेगा;

और यह अ(cid:876)ध(cid:467)नयम (cid:873)कसी भी (cid:874)व(cid:876)ध के (cid:871)स(cid:424)ांत या (cid:467)नयम, या (cid:232)था(cid:874)पत अ(cid:876)धकार (cid:162)े(cid:287), वाद-दा(cid:872)खल करने के (cid:232)व(cid:510)प या तर(cid:547)के , (cid:292)था या (cid:292)(cid:873)(cid:272)या, या (cid:874)व(cid:622)यमान (cid:292)चलन, (cid:464)रवाज, (cid:874)वशेषा(cid:876)धकार, (cid:292)(cid:467)तबंध, छू ट, पद या (cid:467)नयुि(cid:200)त को (cid:292)भा(cid:874)वत नह(cid:547)ं करेगा, भले ह(cid:547) उ(cid:219)ह(cid:581) (cid:272)मशः (cid:873)कसी भी (cid:292)कार से (cid:873)कसी ऐसे (cid:874)वधान (cid:622)वारा, िजसके (cid:622)वारा इस अ(cid:876)ध(cid:467)नयम म(cid:581) संशोधन या (cid:467)नरसन (cid:873)कया गया है, या उसम(cid:581) से, या उसम(cid:581) या उससे मा(cid:219)यता (cid:292)ा(cid:220)त या (cid:229)यु(cid:215)प(cid:219)न (cid:873)कया गया हो;न ह(cid:547) इस अ(cid:876)ध(cid:467)नयम (cid:622)वारा (cid:873)कसी (cid:874)वधान के संशोधन या (cid:467)नरसन से कोई ऐसा अ(cid:876)धकार (cid:162)े(cid:287), काया(cid:91)लय, (cid:292)था, देयता, अ(cid:876)धकार, (cid:232)वा(cid:871)म(cid:215)व, (cid:874)वशेषा(cid:876)धकार, (cid:292)(cid:467)तबंध, छू ट, उपयोग, (cid:292)था, (cid:292)(cid:873)(cid:272)या या अ(cid:219)य कोई (cid:874)वषय या व(cid:232)तु जो वत(cid:91)मान म(cid:581) अि(cid:232)त(cid:215)व म(cid:581) या (cid:292)वत(cid:91)न म(cid:581) नह(cid:547)ं है, पुनज(cid:568)(cid:874)वत या पुन(cid:232)था(cid:91)(cid:874)पत होगा।

5. कठिनाइयोें को दूर करने की शक्ति।-


  1. संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभ।- ({{^{{FOOTNOTE 1}}}}) इस अ(cid:876)ध(cid:467)नयम का सं(cid:879)(cid:162)(cid:220)त नाम (cid:466)बहार जन (cid:874)व(cid:230)वास ((cid:292)ावधान ↩
  2. कतिपय अधिनियमितियों का संशोधन।- अनुसूची के कॉलम (4) म(cid:581) उ(cid:227)ले(cid:872)खत अ(cid:876)ध(cid:467)नयम(cid:585) म(cid:581), ↩
  3. जुर्मानों और शास्तियों का पुनरीक्षण।- अनुसूची म(cid:581) उ(cid:227)ले(cid:872)खत अ(cid:876)ध(cid:467)नयम(cid:585) क(cid:551) (cid:874)व(cid:871)भ(cid:219)न ↩

(1) य(cid:465)द इस अ(cid:876)ध(cid:467)नयम (cid:622)वारा संशो(cid:876)धत अनुसूची म(cid:581) उि(cid:227)ल(cid:872)खत (cid:874)व(cid:871)भ(cid:219)न अ(cid:876)ध(cid:467)नयम(cid:585) के (cid:292)ावधान(cid:585) को लागू करने म(cid:581) कोई क(cid:465)ठनाई उ(cid:215)प(cid:219)न होती है, तो रा(cid:207)य सरकार राजप(cid:287) म(cid:581) (cid:292)का(cid:871)शत आदेश (cid:622)वारा, इस अ(cid:876)ध(cid:467)नयम (cid:622)वारा संशो(cid:876)धत अ(cid:876)ध(cid:467)नयम(cid:585) के (cid:292)ावधान(cid:585) के अनु(cid:510)प ऐसे (cid:292)ावधान कर सकती है, जो क(cid:465)ठनाई को दूर करने के (cid:871)लए आव(cid:230)यक या उपयु(cid:200)त (cid:292)तीत ह(cid:585): बशत(cid:566) (cid:873)क इस अ(cid:876)ध(cid:467)नयम के (cid:292)वत(cid:91)न क(cid:551) (cid:467)त(cid:876)थ से दो वष(cid:91) क(cid:551) अव(cid:876)ध क(cid:551) समाि(cid:220)त के प(cid:230)चात ् ऐसा कोई आदेश नह(cid:547)ं (cid:873)कया जाएगा। (2) उपधारा (1) के अंतग(cid:91)त (cid:873)कया गया (cid:292)(cid:215)येक आदेश, बनाए जाने के बाद यथाशी(cid:275) (cid:874)वधान सभा और (cid:874)वधान प(cid:464)रषद के सम(cid:162) रखा जाएगा।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 फरवर(cid:547) 2026 अनुसूची (धारा 2 देख(cid:581))

Đमांक वष[ Đमांक संͯ¢Üत शीष[क संशोधन
(1) (2) (3) (4) (5)
1. 1860 21 सोसायटȣ पंजीकरण अͬधǓनयम, 1860 धारा 11 मɅ, "उसी अͧभयोजन के अधीन होगा, और, दोषी ͧसƨ होने पर, उसी Ĥकार दंͫडत ͩकया जाएगा, जैसे कोई गैर-सदèय åयिÈत समान अपराध के संबंध म Ʌ दंͫडत ͩकया जाता है", शÞदɉ के èथान पर , Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया - अथा[त ्: च "ͩकसी या तकनीकȧ या ूक, भी कृ ×य, ĤͩĐया×मक अǓनयͧमतता, जो सोसायटȣ के Ĥबंधन या मामलɉ से संबंͬधत हो और जो आपराͬधक या धोखाधड़ीपूण[ Ĥकृ Ǔत कȧ न हो, के मामले मɅ, सोसायटȣ के लागू कानूनɉ, Ǔनयमɉ या उप-Ǔनयमɉ क े तहत Ǔनधा[ǐरत उपयुÈत दȣवानी या ĤशासǓनक कार[वाई के ͧलए हȣ उ×तरदायी होगा, ǒबना लागू दȣवानी कानूनɉ के तहत वसूलȣ के अͬधकार को Ĥभाͪवत ͩकए।: बशतȶ ͩक जहाँ कोई सदèय या पदाͬधकारȣ सोसायटȣ कȧ संपि×त या जानबूझकर पǐरसंपि×तयɉ कȧ चोरȣ करता है, गबन करता है, हड़पता है, नçट करता है, या उनमɅ ¢Ǔत या हाǓन ँचाता है, तो उस åयिÈत को उसी Ĥकार दंͫडत पहु ͩकया जाएगा, जैसे ͩक सोसायटȣ का सदèय न होने वाला कोई åयिÈत समान अपराध के ͧलए कानून के अनुसार दंͫडत ͩकया जाता है।
2. 2007 11 ǒबहार नगरपाͧलका अͬधǓनयम, 2007 1. धारा 314, भवन योजना कȧ èवीकृ Ǔत, के ͧलए शÞदɉ: " कोई भी åयिÈत ͩकसी èथायी Ĥकृ Ǔत कȧ इमारत या संरचना का Ǔनमा[ण या Ǔनमा[ण शुǾ नहȣं करेगा या ͩकसी मौजूदा इमारत के Ǔनमा[ण से संबंͬधत कोई काय[ नहȣं करेगा या ͩकसी मौजूदा इमारत मɅ कोई पǐरवत[न, पǐरवध[न या संशोधन नहȣं करेगा, जब तक ͩक भवन योजना को सरकार ɮवारा तैयार ͩकए जाने वाले Ǔनयमɉ और उप-Ǔनयमɉ के तहत नाͧमत स¢म Ĥाͬधकारȣ ɮवारा अनुमोǑदत नहȣं ͩकया जाता है। बशतȶ कोई भी वाèतुकार तब तक ͩकसी भवन योजना
4 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 फरवर(cid:547) 2026
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ͩक वह राÏय को अनुमोǑदत न करे जब तक सरकार/नगरपाͧलका ɮवारा बनाए गए भवन उप- Ǔनयमɉ के अनुǾप न हो। यह भी Ĥावधान है ͩक यǑद भवन योजना भवन उप- Ǔनयमɉ का उãलंघन या ͪवचलन करती है, तो इस अͬधǓनयम के तहत उठाए जा सकने वाले ͩकसी भी अÛय कार[वाई के अǓतǐरÈत, पंजीकृ त वाèतुकार, ǒबãडर और अनुमोदन Ĥाͬधकारȣ के ͪवǽƨ अͧभयोजन चलाया जाएगा तथा उÛहɅ पचास हजार ǽपये जुमा[ना अथवा एक वष[ तक कȧ कारावास कȧ सजा या दोनɉ का द ंड Ǒदया जाएगा।'' Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: (1) कोई भी åयिÈत ͩकसी भी èथायी Ĥकृ Ǔत कȧ इमारत या संरचना का Ǔनमा[ण या Ǔनमा[ण आरंभ करने, भवन Ǔनमा[ण से संबंͬधत कोई काय[ करने, ͩकसी मौजूदा भवन मɅ कोई पǐरवत[न, अǓतǐरÈत या संशोधन करने का काय[ तब तक नहȣं करेगा जब तक ͩक भवन योजना सरकार ɮवारा बनाए जाने वाले Ǔनयमɉ और उप-Ǔनयमɉ के अंतग[त नाͧमत स¢म Ĥाͬधकारȣ ɮवारा अनुमोǑदत न हो। (2) यǑद भवन योजना भवन उप-Ǔनयम का उãलंघन या ͪवचलन करती है, तो इस अͬधǓनयम के तहत उठाए जा सकने वाले ͩकसी भी अÛय कार[वाई के अǓतǐरÈत, पंजीकृ त वाèतुकार, अͧभयंता, संरचना×मक अͧभयंता, नगर Ǔनयोजक, पय[वे¢क और ǒबãडर दो लाख ǽपये का जुमा[ना भरने के ͧलए उ×तरदायी हɉगे। 2. धारा 325 मɅ, अͬधǓनयम या उसके अंतग[त बनाए गए Ǔनयमɉ के Ĥावधानɉ के उãलंघन मɅ भवन का Ǔनमा[ण, शÞदɉ: " (1) इस अͬधǓनयम या इसके अंतग[त बनाए गए Ǔनयमɉ या त×कालȣन Ĥवृ×त ͩकसी अÛय कानून मɅ ǓनǑहत ͩकसी भी बात के होते हुए भी, कोई भी åयिÈत, जो िजàमेदार है, èवयं या अपनी ओर से ͩकसी अÛय åयिÈत ɮवारा, इस अͬधǓनयम या इसके अंतग[त बनाए गए Ǔनयमɉ के Ĥावधानɉ का उãलंघन करते हुए, ͩकसी नई इमारत या ͩकसी भी इमारत कȧ अǓतǐरÈत मंिजल या मंिजलɉ का ऐसा Ǔनमा[ण करता है, या ऐसा करने का Ĥयास करता है, या सािजश रचता है, और खतरे मɅ
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(1) (2) (3) (4) (5)
डालता है, या खतरे मɅ डालने कȧ संभावना है, मानव जीवन, या नगरपाͧलका कȧ ͩकसी संपि×त को, िजससे जल-आपूǓत[, Ǔनकासी या सीवर या फु टपाथ यातायात बाͬधत हो जाता है या बाͬधत होने कȧ संभावना हो या िजससे आग का खतरा पैदा होने कȧ संभावना हो, खतरे म Ʌ डालता है या डालने कȧ संभावना पैदा करता है, तो उसे दोनɉ मɅ से ͩकसी भी Ĥकार के कारावास कȧ सज़ा, जो पाँच वष[ तक कȧ हो सकती है, और साथ हȣ पचास हज़ार ǽपये तक का जुमा[ना भी होगा। (2) उपधारा (1) के अंतग[त अपराध, दंड ĤͩĐया संǑहता, 1973 कȧ पǐरभाषा के अंतग[त सं£ेय होगा। Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: " (1) इस अͬधǓनयम या इसके अंतग[त बनाए गए ͩकसी अÛय कानून मɅ Ǔनयमɉ या त×समय Ĥवृ×त ǓनǑहत ͩकसी भी बात के होते हुए भी, कोई भी åयिÈत, जो िजàमेदार है, èवयं या अपनी ओर से ͩकसी अÛय åयिÈत ɮवारा, इस अͬधǓनयम या इसके अंतग[त बनाए गए Ǔनयमɉ के Ĥावधानɉ का उãलंघन करते हुए, ͩकसी नई इमारत या ͩकसी भी इमारत कȧ अǓतǐरÈत मंिजल या मंिजलɉ का ऐसा Ǔनमा[ण करता है, या करने का Ĥयास करता है, या सािजश रचता है, और खतरे मɅ डालता है, या डालने कȧ संभावना है, मानव जीवन, या नगरपाͧलका कȧ ͩकसी संपि×त को, िजससे जल आपूǓत[, जल Ǔनकासी या सीवर या फु टपाथ यातायात बाͬधत हो या बाͬधत होने कȧ संभावना हो या िजससे आग का खतरा पैदा होने कȧ संभावना हो, खतरे मɅ डालता है या डालने कȧ संभावना रखता है, तो उसे दो लाख ǽपये का जुमा[ना देना होगा। (2) उप-धारा (2) - को हटाया जाएगा। 3. धारा 347 ''(1) यदि मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी की यह राय हो कि किसी परिसर का उपयोग, इस अधिनियम के अधिन अनुज्ञप्ति के बिना अथवा इसके लिए प्रदत्त अनुज्ञप्ति की शर्तो की अनुरूपता से भिन्न किया जा रहा है तो वह किसी ऐसे प्रयोजनार्थ ऐसे परिसरों के उपयोग को विनिर्दिष्ट अवधि के लिए ऐसे उपाय से रोका जा सकता है, जो वह आव यक समझें।''
5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 फरवर(cid:547) 2026 6 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 फरवर(cid:547) 2026
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''यदि मुख्य नगर अधिकारी की राय है कि किसी परिसर का उपयोग इस अधिनियम के तहत अनुज्ञप्ति के बिना या उस संबंध में दिये गये अनुज्ञप्ति की शर्तो के अनुरूप न होकर गैर-आवासीय उद्देष्य के लिए किया जा रहा है, तो ऐसे किसी भी परिसर का उपयोग ऐसे किसी भी उद्देष्य के लिए एक निर्दिष्ट अवधि के लिए ऐसे उपायो से रोक सकता है, जिन्हे ं वह आवष्यक समझे।'' श "(2) यǑद कोई åयिÈत उप-धारा (1) के Ĥावधानɉ का उãलंघन करते हुए ͩकसी पǐरसर का उपयोग करना जारȣ रखता है, तो मुÉय नगर अͬधकारȣ, इस अͬधǓनयम के तहत ऐसे åयिÈत के ͪवǽƨ कȧ जा सकने वालȣ ͩकसी भी अÛय कार[वाई के बावजूद, धारा 367 कȧ उप-धारा (4) के Ĥावधानɉ क े अनुसार ऐसे åयिÈत पर Ǔनरंतर जुमा[ना लगा सकता है।" Ǔनàनͧलͨखत का लोप कर Ǒदया जाएगा: ''धारा 347 कȧ उपधारा (2) । " 4. धारा 426, ͪवǓनयम के उãलंघन का दंड, (1) इस अͬधǓनयम के अंतग[त बनाया गया कोई भी ͪवǓनयम यह Ĥावधान कर सकता है ͩक उसके उãलंघन क े ͧलए दंडनीय होगा- शÞदɉ के ͧलए: (क) दो हजार पाँच सौ ǽपये तक के जुमा[ने से, या (ख) दो हजार पाँच सौ ǽपये तक के जुमा[ने से और, Ǔनरंतर उãलंघन कȧ िèथǓत मɅ, पहले ऐसे उãलंघन के ͧलए दोषͧसͪƨ के बाद Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए दो सौ पचास ǽपये तक के अǓतǐरÈत जुमा[ने से, अथवा (ग) Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए दो सौ पचास ǽपये तक के जुमा[ने से, जब तक यह उãलंघन जारȣ रहता है, उस åयिÈत ɮवारा, जो ͪवǓनयम का उãलंघन कर रहा है, मुÉय नगरपाͧलका अͬधकारȣ या नगरपाͧलका के ͩकसी अÛय अͬधकारȣ, िजसे इस संबंध मɅ ͪवͬधवत अͬधकृ त ͩकया गया हो, से ऐसे उãलंघन को बंद करने क े ͧलए नोǑटस ĤािÜत के बाद। Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: " धारा 426. बार-बार होने वाले और लगातार उãलंघन क े ͧलए दंड-
7 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 26 फरवर(cid:547) 2026
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(1) इस अͬधǓनयम मɅ अंतǓन[Ǒहत ͩकसी भी बात के होते हुए भी, जहाँ ͩकसी åयिÈत पर अनुभाग 314, 325, 432, 433, और 434 के अंतग[त ͩकसी उãलंघन क े ͧलए जुमा[ना लगाया गया है, और वह åयिÈत बाद मɅ वहȣ उãलंघन करता है, तो ऐसे åयिÈत पर बढ़ȣ हुई दर स े जुमा[ना लगाया जाएगा। (2) उप-धारा (1) मɅ संदͧभ[त बढ़ȣ हुई दंड राͧश, धारा 314, 325, 432, 433, 434 के तहत ͪवͧशçट उãलंघन क े ͧलए लगाई जाने वालȣ दंड राͧश और Ĥ×येक बाद के उãलंघन के ͧलए 50,000 ǽपये कȧ अǓतǐरÈत राͧश होगी। परन्तु की यदि कोई व्यक्ति उप धारा-(1) मे निर्दिष्ट ं एक से अधिक धाराओ के तहत एक साथ या एक के ं बाद एक उल्लंघन करता है तो धारा के लिए बढ़ी हुई जुर्माना लागू होगी और प्रत्येक धारा के लिए गणना स्वतंत्र रूप से की जाएगी। 5. धारा 429 (ख) (i, ii) दंडनीय कु छ अपराधɉ के ͧलए, शÞदɉ: "दंडनीय होगा – (i) जुमा[ने से, जो पाँच हजार ǽपये तक हो सकता है, या कारावास से, जो छह महȣने तक हो सकता है, या दोनɉ से। (ii) ͩकसी Ǔनरंतर उãलंघन या ͪवफलता कȧ िèथǓत मɅ, पहले ऐसे उãलंघन या ͪवफलता के ͧलए दोषͧसͪƨ के बाद, जब तक ऐसा उãलंघन या ͪवफलता जारȣ रहती ह ै, तब तक के Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए एक अǓतǐरÈत जुमा[ने से, जो एक सौ ǽपये तक हो सकता है, बशतȶ ͩक यह अͬधकतम पाँच हजार ǽपये तक हȣ हो।" : Ǔनàनͧलͨखत को "धारा 429" – पूरȣ धारा 6. धारा 432, "भवन को उस उपयोग के अलावा ͩकसी अÛय उपयोग के ͧलए लगाने पर जुमा[ना िजसके ͧलए उपधारा (1) के अंतग[त अनु£िÜत Ĥदान ͩकया गया है। – जब ͩकसी पǐरसर का उपयोग ͩकसी åयिÈत ɮवारा धारा 398 कȧ उपधारा (1) के तहत ͩकसी अनुदाǓनत अनु£िÜत के Ĥयोजन के अलावा अÛय Ĥयोजन के ͧलए या अèतबल या पशु-शेड या गौशाला के Ǿप मɅ ͩकया जाता है या करने कȧ अनुमǓत दȣ जाती है, तो ऐसा åयिÈत, उस पर लागू होने वालȣ
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ͩकसी अÛय दंडनीय कार[वाई के अधीन रहते हुए, ऐसे जुमा[ने का उ×तरदायी होगा जो, Ƀट-प×थर कȧ इमारत क े मामले मɅ, दो सौ पचास ǽपये तक और झोपड़ी के मामले मɅ, पÍचीस ǽपये तक, और ऐसे उपयोग कȧ Ǔनरंतरता कȧ िèथǓत मɅ, एक और जुमा[ने के ͧलए, जो Ƀट-प×थर कȧ इमारत के मामले मɅ, पचास ǽपये तक और झोपड़ी के मामले मɅ, पहले Ǒदन के बाद Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए पांच ǽपये तक हो सकता है, जब तक ͩक ऐसा उपयोग जारȣ रहता है।" Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: भवन का उस उपयोग के अलावा ͩकसी अÛय उपयोग क े ͧलए जुमा[ना िजसके ͧलए अनु£िÜत Ǒदया गया है। – जब ͩकसी पǐरसर का उपयोग ͩकसी åयिÈत ɮवारा धारा 398 कȧ उप-धारा (1) के तहत Ǒदए गए अनु£िÜत क े अलावा ͩकसी अÛय उƧेæय के ͧलए या अèतबल या पशु-शेड या गौशाला के Ǿप मɅ ͩकया जाता है, तो ऐसे åयिÈत को, उस पर लागू ͩकसी अÛय दंड के Ĥवत[न के ǒबना, एक लाख ǽपये का और झोपड़ी के मामले मɅ पचास हजार ǽपये का जुमा[ना अदा करने का दाǓय×व होगा। ँचाने के ͧलए दंड, 7. धारा 433 मɅ , ठे के दार को बाधा पहु शÞदɉ के ͧलए: " जो भी कोई ऐसे åयिÈत को बाͬधत करेगा या परेशान करेगा िजसके साथ नगरपाͧलका ने इस अͬधǓनयम के अधीन ͩकसी काय[ के Ǔनçपादन के ͧलए अनुबंध ͩकया है , उसे दोषͧसͪƨ पर दो महȣने तक कȧ कारावास या दो सौ ǽपये तक के जुमा[ने से द ंͫडत ͩकया जाएगा । Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: " जो कोई भी ऐसे åयिÈत को बाͬधत करता है या परेशान करता है, िजसके साथ नगरपाͧलका ने इस अͬधǓनयम के तहत ͩकसी काय[ के Ǔनçपादन के ͩकया है, वह एक लाख ǽपये का ͧलए अनुबंध जुमा[ना देने के ͧलए उ×तरदायी होगा" , नगर पाͧलका कȧ संपि×त को 8. धारा 434 मɅ ंचाने पर जुमा[ना, इन शÞदɉ के ͧलए: नुकसान पहु " कोई भी åयिÈत नगर पाͧलका कȧ ͩकसी भी
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ंचाएगा । नगर संपि×त को कोई नुकसान नहȣं पहु पाͧलका कȧ ͩकसी भी संपि×त को कोई भी नुकसान ंचाने वाले åयिÈत को, दोषी पाए जाने पर, एक पहु हज़ार ǽपये तक के जुमा[ने से दंͫडत ͩकया जाएगा । Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: " कोई भी åयिÈत जो नगर पाͧलका कȧ ͩकसी भी ंचाता है, उसे एक लाख संपि×त को कोई नुकसान पहु ǽपये का जुमा[ना देना होगा। " 9. धारा 436 मɅ , जुमा[ना न देने पर कारावास कȧ सजा , Ǔनàनͧलͨखत शÞदɉ के ͧलए: " ऐसे Ĥ×येक मामले मɅ, जहां इस अͬधǓनयम के अधीन कोई अपराध जुमा[ने या कारावास या जुमा[ने या दोनɉ से दÖडनीय है और ͩकसी åयिÈत को जुमा[ना भरने के अͬधकार ¢ेğ वाले Ûयायालय ɮवारा दिÖडत ͩकया जाता है, वहां ऐसा Ûयायालय यह Ǔनदȶश देने के ͧलए स¢म होगा ͩक जुमा[ना न भरने पर, वह åयिÈत ऐसे काय[काल के ͧलए कारावास या, जैसा भी मामला हो, छह मास से अͬधक नहȣं के ऐसे अǓतǐरÈत काय[काल को भुगतेगा,जैसा Ûयायालय Ǔनयत करे । Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: " (1) संबंͬधत åयिÈत (åयिÈतयɉ) को अवसर Ĥदान ͩकए ǒबना धारा 314, 325, 432, 433 और 434 के अंतग[त कोई जुमा[ना नहȣं लगाया जाएगा। (2) उप-धारा (1) के अधीन ͩकसी आदेश ɮवारा लगाया गया कोई जुमा[ना संबंͬधत åयिÈत ɮवारा उÈत आदेश पाǐरत होने कȧ Ǔतͬथ से तीस Ǒदन कȧ अवͬध के भीतर च ुकाया जाएगा। (3) धारा 314, 325, 432, 433 तथा 434 के अÛतग[त लगाया गया जुमा[ना इस अͬधǓनयम कȧ धारा 155 के उपबÛधɉ के अÛतग[त उपयोगकता[ Ĥभार के समान वसूल ͩकया जाएगा। (4) कोई भी åयिÈत, जो इस धारा के अÛतग[त मुÉय नगरपाͧलका अͬधकारȣ ɮवारा लगाए गए जुमा[ने से åयͬथत है, आदेश पाǐरत होने कȧ Ǔतͬथ से 30 Ǒदन के अÛदर धारा 329 के अÛतग[त गǑठत नगरपाͧलका भवन Ûयायाͬधकरण मɅ अपील कर सकता है । 10. धारा 437 मɅ , सामाÛय दंड , शÞदɉ के ͧलए:
" जो कोई भी, ͩकसी ऐसे मामले मɅ िजसमɅ इस अͬधǓनयम मɅ सज़ा का साफ़ तौर पर Ĥावधान नहȣं है, इसके ͩकसी भी Ĥावधान के तहत जारȣ ͩकसी नोǑटस या आदेश या माँग का पालन करने मɅ असफल रहता ह ै, या इस एÈट के ͩकसी भी Ĥावधान का उãलंघन करता है, तो उसे एक हज़ार ǽपये तक के जुमा[ने से सज़ा दȣ जाएगी, और, लगातार उãलंघन के मामले मɅ, पहले Ǒदन के बाद हर Ǒदन के ͧलए सौ ǽपये तक के अǓतǐरÈत जुमा[ने से, िजसके दौरान वह ऐसी अवरोध या उãलंघन म Ʌ लगा रहता है, सज़ा दȣ जाएगी।" Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: "दंड का आवͬधक संशोधन: — (1) उप-Ǔनयमɉ के ͪवͧभÛन उपबंधɉ के अंतग[त उपबंͬधत शािèतयɉ मɅ Ĥ×येक तीन वष[ कȧ अवͬध कȧ समािÜत के पæचात, यथािèथǓत , ͪवǑहत शािèत कȧ राͧश के दस ĤǓतशत कȧ वृͪƨ कȧ जाएगी । (2) इस अͬधǓनयम के ͪवͧभÛन उपबंधɉ, इसके सहायक Ǔनयमɉ तथा इसके अधीन बनाए गए उपǓनयमɉ के अंतग[त उãलेͨखत अɮयतन दÖडɉ का ͪववरण मुÉय नगरपाͧलका अͬधकारȣ ɮवारा इस अͬधǓनयम के अंतग[त उãलंघन के संबंध मɅ नगरपाͧलका से सूचना ĤाÜत होने पर, यथाउपबंͬधत समयावͬध के भीतर संधाǐरत ͩकया जाएगा। 11. धारा 440 , अपराधɉ का शमन, मɅ शÞदɉ के èथान पर: "(1) नगरपाͧलका अͬधकारȣ या यǑद मुÉय नगरपाͧलका ɮवारा इस Ǔनͧम×त ͩकसी सामाÛय या ͩकया गया हो तो ͪवशेष आदेश ɮवारा अͬधकृ त नगरपाͧलका èवाèØय अͬधकारȣ, नगरपाͧलका अͧभयंता या नगरपाͧलका का कोई अÛय अͬधकारȣ कार[वाई शुǾ होने के पूव[ या बाद मɅ और ͪवǓनयमɉ ɮवारा ͪवǓनǑद[çट शुãक के भुगतान पर ͩकसी अपराध का शमन कर सकता है िजसे राÏय सरकार ɮवारा Ǔनयमɉ ɮवारा शमनीय के Ǿप मɅ वगȸकृ त ͩकया गया हो ।" (2) उपधारा (1) मɅ ͩकसी बात के होते हुए भी, इस अͬधǓनयम अथवा इसके अधीन बनाए गए ͩकसी
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Ǔनयम या ͪवǓनयमन ɮवारा दंडनीय कोई अपराध समझौता योÊय नहȣं होगा यǑद ऐसा अपराध धारा 20 म Ʌ ǓनǑद[çट ͩकसी नगरपाͧलका Ĥाͬधकरण ɮवारा या उसकȧ ओर से जारȣ ͩकसी नोǑटस, आदेश या अͬधयाचना का अनुपालन करने मɅ ͪवफलता के कारण ͩकया जाता है, जब तक ͩक यथािèथǓत ऐसे नोǑटस, आदेश या अͬधयाचना का, जहां तक ऐसा अनुपालन संभव हो, अनुपालन नहȣं कर ͧलया जाता है। (3) जहां ͩकसी अपराध का शमन कर Ǒदया गया है, अपराधी को, यǑद वह Ǒहरासत मɅ है, मुÈत कर Ǒदया जाएगा और इस Ĥकार शमन ͩकए गए अपराध के संबंध मɅ उसके ͪवǽƨ आगे कोई कार[वाई नहȣं कȧ जाएगी। Ǔनàनͧलͨखत को छोड़ Ǒदया जाएगा: धारा 440 – पूरȣ धारा हटा दȣ जाएगी।
3 . 2012 20 ǒबहार शहरȣ ͪवकास अͬधǓनयम, 2012 1. धारा 41, अनͬधकृ त ͪवकास या ͪवकास योजना के अनुपालन के ǒबना उपयोग के ͧलए दंड। – , शÞदɉ के ͧलए: " दोषी को साधारण कारावास से, िजसकȧ अवͬध छह मास तक हो सके गी, अथवा एक लाख ǽपये तक के जुमा[ने से, अथवा दोनɉ से दÖडनीय होगा, और Ǔनरंतर अपराध कȧ िèथǓत मɅ, Ĥथम अपराध के ͧलए दोषͧसͪƨ के पæचात ् अपराध जारȣ रहने वाले Ĥ×येक Ǒदन क े ͧलए एक हजार ǽपये तक का अǓतǐरÈत जुमा[ना भी दÖडèवǾप लगाया जाएगा। (2) कोई भी åयिÈत जो धारा 33, धारा-34 और धारा- 35 के तहत अनुमǓत ĤाÜत ͩकए ǒबना, या िजस अवͬध क े ͧलए उपयोग कȧ अनुमǓत दȣ गई है उसके बाद, या िजन शतɟ के तहत ऐसे उपयोग कȧ Ǔनरंतरता कȧ अनुमǓत दȣ गई है उनका अनुपालन ͩकए ǒबना, ͩकसी ͪवकास योजना के Ĥावधानɉ का उãलंघन करते हुए ͩकसी भूͧम या भवन का उपयोग जारȣ रखता है या उपयोग करने कȧ अनुमǓत देता है, तो उसे छह महȣने तक कȧ साधारण कै द कȧ सजा दȣ जाएगी, या पचास हजार ǽपये तक का जुमा[ना, या दोनɉ से दंͫडत ͩकया जाएगा और Ǔनरंतर अपराध के मामले मɅ, पहले
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अपराध के ͧलए दोषͧसͪƨ के बाद Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए पांच सौ ǽपये तक का अǓतǐरÈत जुमा[ना लगाया जाएगा। Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: "पÍचीस लाख ǽपये का जुमा[ना अदा करने के ͧलए उ×तरदायी होगा। (2) कोई भी åयिÈत जो धारा-33, धारा-34 तथा धारा- 35 के अÛतग[त अनुमǓत ĤाÜत ͩकए ǒबना ͪवकास योजना के उपबÛधɉ के उãलंघन मɅ ͩकसी भूͧम या भवन का उपयोग करना जारȣ रखता है या करने देता है या िजस अवͬध के ͧलए उपयोग कȧ अनुमǓत दȣ गई है, उसके पæचात ऐसे उपयोग को जारȣ रखता है या िजन Ǔनयमɉ और शतɟ के अÛतग[त ऐसे उपयोग को जारȣ रखने कȧ अनुमǓत दȣ गई है, उनका अनुपालन ͩकए ǒबना ऐसा करता है, तो वह दस लाख ǽपए का जुमा[ना अदा करने के ͧलए उ×तरदायी होगा। : 41 दंड लगाना। — (1) अगर योजना Ĥाͬधकरण क े मुÉय काय[पालक पदाͬधकारȣ (CEO) को लगता है ͩक ͩकसी åयिÈत ने इस एÈट के ͩकसी Ĥोͪवजन, या इसके तहत बनाए गए ͩकसी Ǔनयम,ͪवǓनयमन, या का उपͪवͬध उãलंघन ͩकया है, तो उस åयिÈत को सुनवाई Ǒदया जाएगा, िजस पर का पूरा मौका उãलंघन करने का आरोप है। (2) मुÉय काय[पालक पदाͬधकारȣ ɮवारा लगाई गई कोई भी शािèत , संबंͬधत åयिÈत ɮवारा उÈत आदेश पाǐरत करने कȧ तारȣख से तीस Ǒदनɉ के भीतर चुकाई जाएगी। (3) इस धारा के तहत मुÉय काय[पालक पदाͬधकारȣ ɮवारा लगाई गई शािèत से परेशान कोई भी åयिÈत, 30 Ǒदनɉ के अंदर, धारा 79 के तहत बने अͬधकरण मɅ अपील कर सकता है। (4)
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3. अĤाͬधकृ त ͪवकास हटाए जाने कȧ अपे¢ा कȧ शिÈत - , शÞदɉ के èथान पर: (6) यǑद नोǑटस मɅ ǓनǑद[çट अवͬध के भीतर या उप- धारा (3) के तहत अनुमǓत के ͧलए आवेदन या अपील क े Ǔनपटारे या वापस लेने के बाद ऐसी अवͬध के भीतर, नोǑटस या उसका उतना Ǒहèसा जो Ĥभावी रहता है, या अपील मɅ ͩकए गए पǐरवत[न के साथ नोǑटस का अनुपालन नहȣं ͩकया जाता है, तो योजना Ĥाͬधकरण- (क) नोǑटस का पालन न करने पर माͧलक पर मुकदमा चलाना और अगर नोǑटस मɅ ज़मीन का इèतेमाल बंद करने कȧ ज़Ǿरत हो, तो ͩकसी दूसरे åयिÈत पर भी मुकदमा चलाना जो नोǑटस के ͨखलाफ़ ज़मीन का इèतेमाल करता है या ज़मीन का इèतेमाल करने देता है या करने देता है; और (ख) ( i ) ͩकसी इमारत या ͩकसी इमारत पर ͩकए जाने वाले काय[ को ͬगराने या उसमɅ पǐरवत[न करने कȧ आवæयकता वाले नोǑटस के मामले मɅ, उसे ͪवकास होने से पहले कȧ िèथǓत मɅ बहाल करने और अनुमǓत कȧ शतɟ या संशोͬधत अनुमǓत क ͧलए, े साथ अनुपालन सुǓनिæचत करने के योजना Ĥाͬधकरण ɮवारा आवæयक समझे जाने वाले ऐसे कदम उठाए जाने चाǑहए, िजसमɅ ͩकसी भी इमारत या काय[ को ͬगराना या उसमɅ पǐरवत[न करना या ͩकसी भी इमारत या अÛय कायɟ को अंजाम देना शाͧमल है; (ii) योजना Ĥाͬधकरण, उप-खÖड ( i ) के अÛतग[त अपने कत[åयɉ के पालन मɅ उसके ɮवारा उपगत ͩकसी åयय कȧ लागत को भूͧम राजèव के बकाया क े Ǿप मɅ èवामी से वसूल कर सके गा। (7) उप-धारा (6) के खंड (क) के अंतग[त अͧभयोिजत कोई åयिÈत साधारण कारावास से, िजसकȧ अवͬध छह माह तक कȧ हो सके गी या जुमा[ने से, जो पचास हजार ǽपए तक का हो सके गा, अथवा दोनɉ से तथा अपराध जारȣ रहने कȧ िèथǓत मɅ अǓतǐरÈत जुमा[ने से, दिÖडत ͩकया जाएगा। जो अपराध के Ĥथम बार ͩकए जाने के ͧलए दोषͧसͪƨ के पæचात ऐसे अपराध के जारȣ रहने वाले Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए पांच सौ Ǿपये तक हो सके गी।
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Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: (6) यǑद नोǑटस मɅ ǓनǑद[çट अवͬध के भीतर या उप- धारा (3) के तहत अनुमǓत के ͧलए आवेदन या अपील क े Ǔनपटारे या वापस लेने के बाद ऐसी अवͬध के भीतर, नोǑटस या उसका उतना Ǒहèसा जो Ĥभावी रहता है, या अपील मɅ ͩकए गए पǐरवत[न के साथ नोǑटस का अनुपालन नहȣं ͩकया जाता है, तो योजना Ĥाͬधकरण- (क) नोǑटस का पालन न करने पर माͧलक पर और जुमा[ना लगाएगा और अगर नोǑटस मɅ ज़मीन का इèतेमाल बंद करने कȧ ज़Ǿरत हो, तो ͩकसी दूसरे åयिÈत पर भी जो नोǑटस के उãलंघन मɅ ज़मीन का इèतेमाल करता है या ज़मीन का इèतेमाल करने देता ह ै या करने देता है; और (ख) ( i ) ͩकसी इमारत या ͩकसी इमारत पर ͩकए जाने वाले काय[ को ͬगराने या उसमɅ पǐरवत[न करने कȧ आवæयकता वाले नोǑटस के मामले मɅ, उसे ͪवकास होने स े पहले कȧ िèथǓत मɅ बहाल करने और अनुमǓत कȧ शतɟ या संशोͬधत अनुमǓत के साथ अनुपालन सुǓनिæचत करने के ͧलए, योजना Ĥाͬधकरण ɮवारा आवæयक समझे जाने वाले ऐसे कदम उठाए जाने चाǑहए, िजसमɅ ͩकसी भी इमारत या काय[ को ͬगराना या उसमɅ पǐरवत[न करना या ͩकसी भी इमारत या अÛय कायɟ को अंजाम देना शाͧमल है; (ii) योजना Ĥाͬधकरण, उप-खÖड ( i ) के अधीन अपने कत[åयɉ के पालन मɅ उसके ɮवारा उपगत ͩकसी åयय कȧ लागत को भूͧम राजèव के बकाया के Ǿप मɅ èवामी स े वसूल कर सके गा। (7) उपधारा (6) के खÖड (क) के अधीन जुमा[ना लगाया जाता है, वह दो लाख ǽपये का जुमा[ना देने के ͧलए उ×तरदायी होगा। 4. धारा 43. अनͬधकृ त ͪवकास को रोकने और पुͧलस कȧ आवæयकता कȧ शिÈत।- , शÞदɉ के èथान पर: (3) कोई भी åयिÈत, जो ऐसी नोǑटस तामील होने के बाद भी, चाहे अपने ͧलए या माͧलक या ͩकसी अÛय åयिÈत कȧ ओर से भूͧम और भवन का ͪवकास करना जारȣ रखता है, उसे छह महȣने तक कȧ अवͬध के ͧलए साधारण कारावास या पचास हजार ǽपए तक का जुमा[ना या दोनɉ से दंͫडत ͩकया जा सकता है और जब
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गैर-अनुपालन जारȣ रहता है, तो अǓतǐरÈत जुमा[ने के साथ जो नोǑटस कȧ तामील कȧ तारȣख के बाद Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए पांच सौ ǽपए तक बढ़ाया जा सकता है, िजसके दौरान गैर -अनुपालन जारȣ रहा है। Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: (3) कोई भी åयिÈत, जो ऐसी नोǑटस Ǒदए जाने के बाद भी, चाहे èवयं के ͧलए या माͧलक या ͩकसी अÛय åयिÈत कȧ ओर से भूͧम और भवन का ͪवकास करना जारȣ रखता है, वह दो लाख ǽपये का जुमा[ना देने के ͧलए उ×तरदायी होगा और जब उãलंघन जारȣ रहता है, तो नोǑटस कȧ सेवा कȧ तारȣख के बाद Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए पांच सौ ǽपये का अǓतǐरÈत जुमा[ना देना होगा, िजसके दौरान गैर-अनुपालन जारȣ रहा है। 5. धारा 90. Ĥवेश कȧ शिÈत.- शÞदɉ के ͧलए: (3) कोई भी åयिÈत जो इस धारा के अधीन ͩकसी भूͧम या भवन मɅ Ĥवेश करने के ͧलए सशÈत या अͬधकृ त åयिÈत के Ĥवेश मɅ बाधा डालता है , तो उसे छह माह तक के कारावास या दस हजार Ǿपये तक के जुमा[ने अथवा दोनɉ से दिÖडत ͩकया जा सकता है। Ǔनàनͧलͨखत को जाएगा: उपधारा (3) – 6. हटाने के ͧलए जुमा[ना।- शÞदɉ के èथान पर: यǑद कोई åयिÈत – (1) बोड[ या ͩकसी योजना Ĥाͬधकरण ɮवारा Ǔनयोिजत या काम पर रखे गए ͩकसी åयिÈत को या ͩकसी ऐसे åयिÈत को िजसके साथ बोड[ या योजना Ĥाͬधकरण ने कोई अनुबंध ͩकया हो, ऐसे åयिÈत ɮवारा अपने कत[åय या ͩकसी ऐसी बात के पालन या Ǔनçपादन मɅ बाधा डालता है िजसे करने क े ͧलए वह इस अͬधǓनयम के अधीन सशÈत है या अपेͯ¢त है, अथवा (2) इस एÈट के तहत Ĥाͬधकृ त काम करने के ͧलए ज़Ǿरȣ ͩकसी लेवल या Ǒदशा को Ǒदखाने के मकसद से लगाए गए ͩकसी Ǔनशान को हटाता है। ऐसे लोगɉ को 5 हज़ार ǽपये तक का जुमा[ना या दो महȣने तक कȧ जेल हो सकती है।
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Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: यǑद कोई åयिÈत – (1) बोड[ या ͩकसी योजना Ĥाͬधकरण ɮवारा Ǔनयोिजत या काम पर रखे गए ͩकसी åयिÈत को या ऐसे ͩकसी åयिÈत को िजसके साथ बोड[ या योजना Ĥाͬधकरण ने कोई अनुबंध ͩकया है , ऐसे åयिÈत ɮवारा अपने कत[åय या ͩकसी ऐसी चीज के पालन या Ǔनçपादन मɅ बाधा डालता है िजसे करने के ͧलए वह इस अͬधǓनयम के तहत सशÈत है या अपेͯ¢त है, या इस अͬधǓनयम के अÛतग[त अͬधकृ त कायɟ क े Ǔनçपादन के ͧलए आवæयक ͩकसी èतर या Ǒदशा को दशा[ने के Ĥयोजन के ͧलए èथाͪपत ͩकसी ͬचéन को हटाता है, तो वह एक लाख ͧलए Ǿपये का जुमा[ना अदा करने के उ×तरदायी होगा। 7. धारा 104, शÞदɉ के èथान पर: जुमा[ना जब वसूल हो ͩकया जाए तो योजना Ĥाͬधकरण को भुगतान जाना है।- क े स चलाने के संबंध मɅ वसूले गए सभी जुमा[ने संबंͬधत योजना Ĥाͬधकरण को Ǒदए जाएंगे। Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा: जुमा[ना वसूल होने पर उसका भुगतान योजना Ĥाͬधकरण को ͩकया जाएगा। इस अͬधǓनयम के अंतग[त उãलंघन के संबंध मɅ वसूला गया समèत जुमा[ना संबंͬधत योजना Ĥाͬधकरण को भुगतान ͩकया जाएगा। 8. 104 - दंड का आवͬधक संशोधन: — उप-Ǔनयमɉ के ͪवͧभÛन उपबंधɉ के अंतग[त उपबंͬधत द ंडɉ मɅ , Ĥ×येक तीन वष[ कȧ अवͬध कȧ समािÜत के पæचात, यथािèथǓत, Ǔनधा[ǐरत दंड कȧ राͧश मɅ दस ĤǓतशत कȧ वृͪƨ कȧ जाएगी।
4 . 1984 12 ǒबहार वन उपज (åयापार ͪवǓनयमन) अͬधǓनयम, 1983 धारा 20 कȧ उपधारा (1) मɅ , " एक वष[ तक के कारावास या दो हजार Ǿपये तक के ज म ा न [ े अथवा दोनɉ से दिÖडत ͩकया जाएगा " शÞदɉ के ु
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èथान पर , Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा, अथा[त ्: " दो हज़ार ǽपये तक का जुमा[ना हो सकता है। " धारा 29 कȧ उपधारा (5) मɅ, शÞदɉ के èथान पर, " छह महȣने तक कȧ अवͬध के कारावास या पांच सौ ǽपये तक के जुमा[ने या दोनɉ से दÖडनीय होगा। " Ǔनàनͧलͨखत को ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा, अथा[त ्: " दो हजार Ǿपये तक का जुमा[ना लगाया जा सकता " ह ै ।
5 . 2025 4 ǒबहार काçठ आधाǐरत (èथापना एवं ͪवǓनयमन) अͬधǓनयम, 2025 20 धारा को : धारा 20 (1) काçठ आधाǐरत उɮयोग का संचालन एक सं£ेय अपराध होगा। धारा 20 (2) यǑद कोई åयिÈत इस अͬधǓनयम के ͩकसी भी Ĥावधान का उãलंघन करता है या करने का Ĥयास करता है या उãलंघन मɅ सहायता करता है, तो वह एक लाख ǽपये तक के जुमा[ने के ͧलए उ×तरदायी होगा और Ǔनरंतर उãलंघन कȧ िèथǓत मɅ, उãलंघन जारȣ रहने वाले Ĥ×येक Ǒदन के ͧलए एक हजार ǽपये तक के अǓतǐरÈत जुमा[ने के ͧलए उ×तरदायी होगा। आधाǐरत परंतु यǑद ͩकसी åयिÈत के पास काçठ उɮयोग के ͧलए वैध अनु£िÜत नहȣं है और वह इस अͬधǓनयम या इसके अंतग[त बनाए गए Ǔनयमɉ के ͩकसी भी Ĥावधान का उãलंघन करता है या करने का Ĥयास करता है या ऐसा करने मɅ सहायता करता है, तो उसे तीन महȣने से एक वष[ तक कȧ कै द और/या 10000/- (दस हजार) ǽपये से 100000/- (एक लाख) ǽपये तक का जुमा[ना दंड के Ǿप मɅ Ǒदया जाएगा। (एक लाख) या दोनɉ से।
6. 2010 11 ǒबहार कृ ͪष भूͧम (गैर-कृ ͪष ) के ͧलए अͬधǓनयम, 2010 1. ǒबहार कृ ͪष भूͧम (गैर-कृ ͪष Ĥयोजनɉ के ͧलए ) अͬधǓनयम, 2010 (ǒबहार अͬधǓनयम 11, 2010) कȧ धारा-2 मɅ संशोधन।-धारा-2 कȧ उपधारा (ग) को ǒबहार कृ ͪष भूͧम (गैर-कृ ͪष Ĥयोजनɉ क े ͧलए Ǿपांतरण) उƧेæयɉ) अͬधǓनयम, 2010 (ǒबहार अͬधǓनयम 11, 2010) कȧ धारा 2 कȧ उपधारा ( ) को यथासंभव रƧ
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ͩकया जाता है और उसे Ǔनàनानुसार ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाता है:- "( ) "स¢म Ĥाͬधकार" का मतलब है अनुमंडल पदाͬधकारȣ या भूͧम सुधार उप समाहता[ के èतर स े नीचे का कोई पदाͬधकारȣ , जैसा ͩक सरकार ɮवारा अͬधसूͬचत ͩकया गया हो, िजसके अͬधकार ¢ेğ मɅ संबंͬधत खेती कȧ ज़मीन या उसका कोई Ǒहèसा आता हो, और इसमɅ सरकार ɮवारा डेवलप और अͬधसूͬचत ͩकया गया कोई भी इलेÈĚॉǓनक ͧसèटम या पोट[ल भी शाͧमल होगा, जो राजèव एवं भूͧम सुधार ͪवभाग कȧ ओर से और उसके अͬधकार ¢ेğ मɅ, ऑटोमैǑटक èवमूãयांकन , शुãक संĒहण और पǐरवत[न के ͧलए ͧसèटम के माÚयम से जारȣ ͩकए गए अनुमǓत या Ĥमाण-पğ जारȣ करने के मकसद से काम करेगा।" 2. ͧलए ǒबहार कृ ͪष भूͧम (गैर-कृ ͪष Ĥयोजनɉ के ) अͬधǓनयम, 2010 (ǒबहार अͬधǓनयम 11, 2010) कȧ धारा-3 मɅ संशोधन।- ǒबहार कृ ͪष भूͧम (गैर कृ ͪष Ĥयोजनɉ के ͧलए संपǐरवत[न) अͬधǓनयम, 2010 (ǒबहार अͬधǓनयम 11, 2010) कȧ धारा-3(6) और 3(7) को ͪवलोͪपत ͩकया जाता है तथा धारा-3(3), 3(4) और 3(5) को Đमशः Ǔनàनानुसार ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाता है:- - "3(3) ऑटोमेटेड लɇड कÛवज[न ͧसèटम के ज़ǐरए, एक राÏय सरकार, एक अͬधसूचना ऑटोमेटेड लɇड कÛवज[न ͧसèटम लागू करेगी, िजसके तहत ज़मीन का माͧलक इलेÈĚॉǓनक ͧसèटम या पोट[ल के ज़ǐरए डू -इट-योरसेãफ (DIY) मोड मɅ खेती कȧ ज़मीन को गैर-खेती के कामɉ के ͧलए बदल सकता है। "3(4) इस Ĥणालȣ के अंतग[त Ǿपांतरण कȧ ĤͩĐया Ǔनàनानुसार होगी :- ( ) भूͧम अͧभलेखɉ से भूͧम खंडɉ का èव-चयन; (ख) आवेदक ɮवारा èव-घोषणा; (ग) Ǔनधा[ǐरत Ǿपांतरण शुãक का भुगतान, और (घ) ͧसèटम ɮवारा ऑटोमैǑटक Ĥमाण-पğ जारȣ करना।'' "3(5) इस Ĥणालȣ के अंतग[त इस अͬधǓनयम
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क े अÛतग[त स¢म Ĥाͬधकार ɮवारा तुरÛत Ĥदान ͩकया गया माना जाएगा । बशतȶ ͩक ऐसी अनुमǓत या Ĥमाण पğ 60 (साठ) Ǒदनɉ के भीतर स¢म Ĥाͬधकार ɮवारा स×यापन के अधीन होगा और ǒबना ͩकसी मुआवजे के रƧ करने के ͧलए उ×तरदायी होगा यǑद यह पाया जाता है ͩक अनुमǓत या Ĥमाण पğ गलत तØय Ĥèतुत करके , गलत बयानी करके , तØयɉ को दबाकर, पाğता कȧ शतɟ या धारा-5(2), 5(3) और पया[वरण, हवाई अɬडɉ, राçĚȣय सुर¢ा आǑद से संबंͬधत Ǔनयामक Ĥाͬधकरणɉ कȧ ͩकसी भी अÛय ͬचǒğत शतɟ का उãलंघन करके ĤाÜत ͩकया गया है। इसके अलावा, इस कृ ×य के ͧलए स¢म Ĥाͬधकारȣ ɮवारा जुमा[ना भी लगाया जा सकता ह ै।'' 3. ͧलए ǒबहार कृ ͪष भूͧम (गैर कृ ͪष Ĥयोजनɉ के सàपǐरवत[न) अͬधǓनयम, 2010 (ǒबहार अͬधǓनयम 11, 2010) कȧ धारा-6 मɅ संशोधन।- ǒबहार कृ ͪष भूͧम (गैर कृ ͪष Ĥयोजनɉ के ͧलए संपǐरवत[न) अͬधǓनयम, 2010 (ǒबहार अͬधǓनयम 11, 2010) कȧ धारा 6 कȧ उपधारा 5(ii) के पæचात ् एक नई उपधारा 5(iii) जोड़ी जाएगी :- "5(iii) èवचाͧलत भूͧम Ǿपांतरण Ĥणालȣ के अंतग[त कोई भी Ǿपांतरण जो गलत तØय Ĥèतुत करके , गलत बयानी करके , तØयɉ को दबाकर, पाğता कȧ शतɟ या धारा-5(2), 5(3) और पया[वरण, हवाई Ǔनयामक अɬडɉ, राçĚȣय सुर¢ा आǑद से संबंͬधत Ĥाͬधकरणɉ कȧ ͩकसी भी अÛय ͬचǒğत शतɟ का उãलंघन करके ĤाÜत ͩकया जाता है, उसे इस धारा के Ĥयोजनɉ के ͧलए अनͬधकृ त Ǿपांतरण माना जाएगा ।"
7. 1962 12 ǒबहार भूͧम सुधार (अͬधकतम सीमा Ǔनधा[रण ) अͬधǓनयम, 1961 1. अͬधǓनयम कȧ धारा-2 के अंतग[त Ǔनàनͧलͨखत उपधारा (घघ) तथा (ण) जोड़ी जाएंगी।- (घघ ) " बागान भूͧम " से ता×पय[ ͩकसी ऐसी भूͧम से ह ै िजसका उपयोग मुÉयतः बारहमासी आधार पर चाय, कॉफȧ, रबड़, कोको, बांस, इमारती काçठ , फलोɮयान, अÛय फलदार वृ¢, औषधीय-जड़ी-बूटȣ वाले पौधे, सुगंͬधत पौधे या कोई अÛय ऐसे पौधे, िजÛहɅ राÏय सरकार ɮवारा ͩकया जाए, के वगȸकृ त और अͬधसूͬचत
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उ×पादन के ͧलए ͩकया जाता है। (ण ) पǐरयोजना भूͧम" से " कृ ͪष-औɮयोͬगक ता×पय[ िजसका उपयोग ͩकसी भूͧम से है, एकȧकृ त कृ ͪष या उससे सàबƨ ͩĐयाकलापɉ, िजनमɅ वाͨणिÏयक पैमाने पर उ×पादन, Ĥसंèकरण या मूãय संवध[न शाͧमल हो, जैसे मखाना उ×पादन, म×èय पालन और अÛय ऐसी ͩĐयाकलाप, िजÛहɅ राÏय सरकार ɮवारा वगȸकृ त और अͬधसूͬचत ͩकया जाए, के ͧलए ͩकया जाता हो । 2. अͬधǓनयम कȧ धारा-4 के पæचात Ǔनàनͧलͨखत धारा-4 जोड़ी जाएगी।- 4 . राÏय सरकार ɮवारा "Üलांटेशन लɇड" के Ǿप म Ʌ वगȸकृ त और अͬधसूͬचत कȧ गई ज़मीन को -4 के तहत Ǒदए गए सीͧलंग एǐरया से छू ट दȣ जाएगी, जो 20.234 हेÈटेयर के बराबर पचास एकड़ तक होगा। 4 . राÏय सरकार ɮवारा वगȸकृ त और अͬधसूͬचत कȧ गई एĒो-इंडिèĚयल ĤोजेÈट के तहत आने वालȣ ज़मीन को -4 के तहत Ǒदए गए सीͧलंग एǐरया से छू ट दȣ जाएगी, जो 40.469 हेÈटेयर के बराबर सौ एकड़ तक होगा।
8 . 2007 4 ǒबहार जल ( ͪवकास एवं Ĥबंधन का ͪवǓनयमन एवं Ǔनयंğण) अͬधǓनयम, 2006 1. धारा 20 मɅ, — ( क ) उपधारा (1) मɅ "पांच हजार ǽपए तक का ज म ा न [ ा" शÞदɉ के èथान पर "दस हजार ǽपए तक ु का जुमा[ना" शÞद ĤǓतèथाͪपत ͩकए जाएंगे; (ख) उपधारा (2) मɅ "छह माह तक कȧ अवͬध के कारावास या दस हजार ǽपए तक का जुमा[ना या द ो न ɉ" शÞदɉ के èथान पर "बीस हजार ǽपए तक का जुमा[ना" शÞद ĤǓतèथाͪपत ͩकए जाएंगे; 2. धारा 22 मɅ,— (क) उपधारा (1) मɅ, "अपने ͪवǽƨ कार[वाई कȧ जा सकेगी और तदनुसार दंͫडत ͩकया जा सकेगा" शÞदɉ के èथान पर, "केवल दंड का उ×तरदायी होगा, जैसा ͩक ͪ व Ǒ हत ͩकया जा सकेगा" शÞद रखे जाएंगे । ĤǓतèथाͪपत ͩकया जाएगा; (ख) उप धारा (2) मɅ, "उस अपराध का दोषी भी समझा ज ा एगा और तदनुसार कार[वाई कȧ जा सकेगी और
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द ं ͫ डत ͩकया जा सकेगा" शÞदɉ के èथान पर, "उस अपराध का दोषी भी समझा जाएगा और केवल दंड का भ ा ग ी होगा, जैसा ͩक ͪवǑहत ͩकया जा सकेगा" शÞद ĤǓतèथाͪपत ͩकए जाएंगे।

राज्य की आर्थिक प्रगति, निवेश संवर्धन एवं रोजगार सृजन के उद्देश्य से राज्य सरकार सतत्‌ रूप से व्यवसायिक वातावरण को सरल, पारदर्शी एवं विश्वास-आधारित बनाने के लिए संकल्पित है। राज्य में व्यवसाय को बढ़ावा देने, कालविरूद्ध दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त करने, लघु एवं तकनीकी प्रकृति के अपराधों के अपराधीकरण को समाप्त करने तथा विश्वास-आधारित अनुपालन व्यवस्था को सु–ढ़ करने के उद्देश्य से के प्रावधानों को लागू किया जाना आवश्यक है। यही इस विधेयक का उद्देश्य है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इसका अभीष्ट है।

(डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल) भार-साधक सदस्य पटना, दिनांक-26.02.2026

प्रभारी सचिव बिहार विधान सभा।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त ।

(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 241-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: https://egazette.bihar.gov.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 26 February 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2026-02-26.241/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2026-02-26.241.