िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 13 1947 (श0) सं(cid:201)या 9 पटना, बुधवार,———————— 4 2026(ई0) i`"B भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन,बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-05 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
---
भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 06-07 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची
i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक, उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 08-09 पूरक
---
पूरक-क 10-15(cid:464)बहार गजट, 4 2026 2
भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन,बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं। ————
वित्त विभाग श्री अनिकेत कुमार, बि॰वि॰प्र॰से॰, (वरीयता क्रमांक-125/ 2024 गृह जिला-पटना), वरीय कोषागार पदाधिकारी, कैमूर(भभुआ) को डॉ॰ प्रमोद कुमार, माननीय मंत्री, सहकारिता-सह- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के आप्त सचिव(सरकारी) के पद पर नियुक्ति हेतु इनकी सेवा अगले आदेश तक अथवा माननीय मंत्री द्वारा सेवा वापस किये जाने तक के लिए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
, अवर सचिव। स्वास्थ्य विभाग अधिसूचना 24 फरवरी 2026 (15A) सहायक औषधि नियंत्रक, नांलदा एवं वैशाली तथा औषधि निरीक्षक, जहानाबाद-01 एवं 02, समस्तीपुर-03 एवं 05, वैशाली-02 एवं पटना-12 के पद पर पदस्थापित सहायक औषधि नियंत्रकों/औषधि निरीक्षकों के दिनांक-31.01.2026 को वार्द्धक्य सेवानिवृति के उपरांत रिक्त पदों पर कार्यहित में राज्यान्तर्गत वर्त्तमान पदस्थापित/कार्यरत निम्नांकित सहायक औषधि नियंत्रको एवं औषधि निरीक्षकों को अपने कार्यों के अतिरिक्त अगले आदेश तक निम्नवत् अतिरिक्त प्रभार दिया जाता हैः-
| क्र॰सं॰ | नाम एवं पदनाम | वर्त्तमान पदस्थापन स्थल | अतिरिक्त प्रभार |
| 1 | श्री ललन कुमार सिन्हा, सहायक औषधि नियंत्रक | लखीसराय | वैशाली |
| 2 | श्री नीरज कुमार मानस, सहायक औषधि नियंत्रक | पदस्थापन स्थल-जहानाबाद अतिरिक्त प्रभार-नवादा | नालंदा |
| 3 | श्री सुनील कुमार, औषधि निरीक्षक | गयाजी-01 | जहानाबाद-01 एवं 02 |
| 4 | श्रीमती विनीता, औषधि निरीक्षक | समस्तीपुर-02 | समस्तीपुर-03 एवं 05 |
| 5 | श्री अमित कुमार, औषधि निरीक्षक | वैशाली-04 | वैशाली-02 |
| 6 | श्री अमल कुमार, औषधि निरीक्षक | पटना-11 | पटना-12 |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हिमांशु शर्मा, विशेष सचिव।3 (cid:464)बहार गजट, 4 2026 पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 23 फरवरी 2026 सं0 1/स्था0 (2) 06/2023 (खंड-3)-986 सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक-27.01.2026 को आयोजित बैठक की अनुशंसा के आलोक में पूर्णतः अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था के तहत बिहार मत्स्य सेवा संवर्ग के जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को उप मत्स्य निदेशक में, उसके विहित वेतनमान (वेतन स्तर-11) सहित, अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता हैः-
| क्र॰ | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | वर्तमान कोटि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री शंभु कुमार राय, जिला मत्स्य पदाधिकारी सम्प्रति अपने ही कोटि वेतनमान में प्रभारी उप मत्स्य निदेशक, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ | जिला मत्स्य पदाधिकारी |
जिला मत्स्य पदाधिकारी सम्प्रति अपने ही कोटि वेतनमान में प्रभारी उप मत्स्य निदेशक, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ 2. संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक वर्तमान धारित पदस्थापन पर ही उत्क्रमित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारी के संबंध में भविष्य में अर्हता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाये जाने पर संबंधित कर्मियों को प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/संशोधित कर दिया जायेगा तथा भुगतान की गयी अंतर राशि को भी वसूली कर ली जायेगी।
4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान में उच्चतर पद पर उत्क्रमित करते हुये दिया गया कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील सं0-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा अन्य सम्बद्ध वादों में पारित होने वाले आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।
5. उपर्युक्त अनुशंसा सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक-13.10.2023 से निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गयी है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी।
6. उपर्युक्त पदाधिकारी द्वारा वर्तमान में धारित पद को अगले आदेश तक उप मत्स्य निदेशक (विहित वेतनमान-वेतन स्तर-11) में उत्क्रमित किया जाता है।
7. उपर्युक्त पदाधिकारी का पदभार ग्रहण करने की तिथि से उप मत्स्य निदेशक के पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीतेन्द्र कुमार मिश्रा, अवर सचिव। सं0-7/भा0ना0सु0सं0-20-01/2024 गृ॰आ॰-2909--भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 की उप-धारा (3) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्य सरकार यह निदेश देती है कि बिहार पुलिस के सभी वर्ग एवं प्रवर्ग के सदस्यों, जिन्हें लोक व्यवस्था बनाए रखने का कार्य-भार सौंपा गया है, जहां कहीं भी वे सेवा कर रहे हों, के संदर्भ में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 की उप-धारा (2) के उपबंध लागू होंगे। इस संदर्भ में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की उप-धारा (2) में आने वाले पद के स्थान पर पद माना जाय। बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
संयुक्त सचिव। The 26th February 2026 No. 7/BNSS-20-01/2024 H (P) --In exercise of the powers conferred under sub- section (3) of section 218 of Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita, 2023, the State Government hereby directs that the provision of sub-section (2) of Section 218 of Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita, 2023 shall be applicable in context of members of all the classes and categories of Bihar(cid:464)बहार गजट, 4 2026 4 Police, who are charged with the maintenance of public order, wherever they may be serving. In this context, the expression "Central Government" occurring in sub-section (2) of section 218 of Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita, 2023 shall be construed as "State Government".
By Order of Governor of Bihar, Amlendu Kumar Singh, Joint Secretary.
Office of The Commissioner, Magadh Division, Gaya
Office Order
The 26th February 2026
No. XI-K-रा0-03/2024 In the light of proposal received from District Magistrate, Jehanabad vide letter No.-80, dated- 13.02.2026 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.
| Sl. No. | Officers Name | Designation | Remarks |
| 01 | Miss. Srishti Shashwat | Sub-Divisional Welfare officer, Jehanabad (BC & EBC) | District Level |
Order of Commissioner, Magadh Division, Gaya Ji dt 24.02.2026
By Order, Sd./Illegible, Secretary to Commissioner.
The 26th February 2026
No.XI-K-रा0-02/2024 In the light of proposal received from District Magistrate, Gaya Ji vide letter No.-109, dated- 14.02.2026 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.
| Sl. No. | Officers Name | Designation | Remarks |
| 01 | Sri Shailesh Kumar Das | DDC, Gaya Ji | District Level |
| 02 | Smt Anuradha Laxmi | SDC, Gaya Ji | District Level |
| 03 | Sri Ajit Kumar | BDO, Bodhgaya | Cilcle Level |
| 04 | Miss. Nilima Kumari | BPRO, Nagar | Cilcle Level |
| 05 | Sri Arjun | BAO, Nagar | Cilcle Level |
| 06 | Sri Mrintunjay Kumar | BAO, Manpur | Cilcle Level |
| 07 | Sri Ambuj Kumar Singh | BAO, Sherghati | Cilcle Level |
| 08 | Sri Rajnish Kumar | BSO, Sherghati | Cilcle Level |
| 09 | Sri Ravi Kumar | BCO, Sherghati | Cilcle Level |
| 10 | Smt. Sneha Sinha | CDPO, Sherghati | Cilcle Level |
Order of Commissioner, Magadh Division, Gaya Ji dt 24.02.2026
By Order, Sd./Illegible, Secretary to Commissioner.
The 26th February 2026
No. XI-K-रा0-01/2024 In the light of proposal received from District Magistrate, Aurangabad vide letter no.-51, dated- 06.02.2026 the power of certificate officer has been delegated to following officers for disposal of certificate cases u/s 3(3) of Bihar & Orrisa Public Demand Recovery Act. 1914.
| Sl. No. | Officers Name | Designation | Remarks |
| 01 | Sri Raman Bahadur Singh | ADSO, Aurangabad | District Level |
| 02 | Miss. Priyanka Kumari | BPRO, Goh | Cilcle Level |
| 03 | Sri Manoj Kumar Saw | BPRO, Haspura | Cilcle Level |
| 04 | Sri Manoj Kumar | BPRO, obara | Cilcle Level |
| 05 | Miss. Ragini Kumari | BAO, Obara | Cilcle Level |
| 06 | Sri Mukesh Kumar | BPRO, Nabinagar | Cilcle Level |
| 07 | Sri Ramnath Chaudhary | BAO, Nabinagar | Cilcle Level |
| 08 | Sri Priyanshu Basu | BDO, Kutumba | Cilcle Level |
| 09 | Sri Deepak Kumar | BDO, Dev | Cilcle Level |
| 10 | Sri Awdhesh Kumar | BAO, Dev | Cilcle Level |
Order of Commissioner, Magadh Division, Gaya Ji dt 24.02.2026
By Order, Sd./Illegible, Secretary to Commissioner.
—————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 50—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 4 2026 6भाग-2
बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। —————
विभागीय अधिसूचना संख्या-3656-सह-पठित ज्ञापांक-3657, दिनांक- 14.08.2025 के द्वारा बिहार पशु चिकित्सा सेवा के 135 पदाधिकारियों को प्रथम एम0ए0सी0पी0 प्रदान की गयी। उक्त के आलोक में वित्त (वै0दा0नि0को0) विभाग, बिहार, पटना द्वारा 11 पशु चिकित्सकों को अनुमान्य एम0ए0सी0पी0 की देय तिथि में भिन्नता पाये जाने के कारण वस्तुस्थिति की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत कुल 18 पशु चिकित्सकों को प्रदत्त प्रथम एम0ए0सी0पी0 की देय तिथि भिन्न पाया गया। तदालोक में सम्यक् विचारोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या-3656-सह-पठित ज्ञापांक-3657, दिनांक-14.08.2025 के द्वारा बिहार पशु चिकित्सा सेवा के उक्त 18 पशु चिकित्सकों को प्रदत्त स्तम्भ-4 में अंकित प्रथम एम0ए0सी0पी0 की देय तिथि को स्तम्भ-5 में अंकित देय तिथि के रूप में संशोधित किया जाता हैः-
| क्र0सं0 | अधिसूचना क्र0सं0 | पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम | प्रथम एम0ए0सी0पी0 की देय तिथि | संशोधित प्रथम एम0ए0सी0पी0 की देय तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1. | 16 | डॉ0 जय प्रकाश, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, शादीपुर, गया | 01.01.2025 | 31.12.2024 |
| 2. | 27 | डॉ0 नरेन्द्र तिवारी, कृत्रिम प्रजनन प्रणाली पदाधिकारी, फ्रोजेन सिमेन बैंक, मुजफ्फरपुर | 27.12.2024 | 30.12.2024 |
| 3. | 41 | डॉ0 ज्योति कुमार सिन्हा, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, नयागाँव, सोनपुर, सारण | 31.12.2024 | 01.01.2025 |
| 4. | 45 | डॉ0 सत्यप्रकाश सिंह, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, पुनपुन, पटना | 30.12.2024 | 31.12.2024 |
| 5. | 51 | डॉ0 रमेश कुमार, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, काको, जहानाबाद | 30.12.2024 | 31.12.2024 |
| 6. | 54 | डॉ0 मीनू कुमारी, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, पहलेजाघाट, सारण | 31.12.2024 | 01.01.2025 |
| 7. | 69 | डॉ0 प्रवीण, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, रामपुर चौरम, अरवल | 23.01.2025 | 24.01.2025 |
| 8. | 71 | डॉ0 चन्द्रमणि प्रसाद सिंह, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, सौरबाजार, सहरसा | 01.01.2025 | 02.01.2025 |
| 9. | 75 | डॉ0 संतोष कुमार तिवारी, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, अकबरनगर, भागलपुर | 30.12.2024 | 01.01.2025 |
| 10. | 81 | डॉ0 जितेन्द्र कुमार भोला, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, खुटौना, मधुबनी | 30.12.2024 | 31.12.2024 |
| 11. | 82 | डॉ0 श्रुतिकेश कुमार, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, गुलजारबाग, पटना | 30.12.2024 | 31.12.2024 |
| 12. | 89 | डॉ0 प्रवीण रंजन, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, फतेहपुर, गया | 30.12.2024 | 31.12.2024 |
| 13. | 94 | डॉ0 गुड्डू कुमार, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, मोहनियाँ, कैमूर | 30.12.2024 | 31.12.2024 |
| 14. | 112 | डॉ0 लवकुश कुमार, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, पुरैना, शेखपुरा | 30.12.2024 | 31.12.2024 |
| 15. | 123 | डॉ0 प्रभु नारायण यादव, सहायक प्रबंधक, क्षेत्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, भागलपुर | 30.12.2024 | 31.12.2024 |
| 16. | 128 | डॉ0 उज्जवल कुमार, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, गडहिया बाजार, पूर्वी चम्पारण | 30.03.2025 | 21.04.2025 |
| 17. | 129 | डॉ0 रजनीश कुमार सिन्हा, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, हसनबाजार, भोजपुर | 15.04.2025 | 18.04.2025 |
| 18. | 135 | डॉ0 निरंजन कुमार प्रसाद, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, शेरघाटी, गया | 30.03.2025 | 20.04.2025 |
आदेश से, जीतेन्द्र कुमार मिश्रा, अवर सचिव।
—————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 50—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 4 2026 8भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द। ————— सूचना --------
No. 228--I RAGINI KUMARI, W/o Ajay Kumar Mishra R/o A-31 Nandanhomes apartment Behind S.B.I. learning center Khajpura, Rukanpura B. V. College Patna, Bihar- 800014 hereby affirm and declare as follows as Affidavit No. 25, Date: 23.12.2025 That ADITI is my daughter's. That in ADITI 10th all educational certificate my name mistakenly mentioned as RAGINI MISHRA. That in my aadhar card my name mentioned as RAGINI KUMARI. That I shall be known as RAGINI KUMARI for all purposes.
RAGINI KUMARI.
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सं0 229--मैं, शोभा कु मारी (Shobha Kumari) पति - बलवंत कु मार, पता-मुहल्ला-अबगिला, थाना-मुफस्सिल,
ँ कि मेरे पुत्र आयुष कु मार के जन्म प्रमाण-पत्र एवं शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों में जिला-गया, शपथपूर्वक घोषणा करती हू मेरा नाम शोभा देवी अंकित हो गया है। जबकि मेरे आधार कार्ड में मेरा नाम शोभा कु मारी है, जो सही एवं सत्य है,
ँ। अब मैं भविष्य में सभी कार्यों हेतू शोभा कु मारी ये दोनों नाम एक ही महिला से संबंधित हैं, जो कि मैं स्वयं हू (Shobha Kumari) के नाम से ही जानी एवं पहचानी जाउं गी। शपथ-पत्र संख्या-55334 दिनांक-28/11/2025.
शोभा कु मारी (Shobha Kumari).
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No. 230--I, RIYA, D/o.- Sanjay Kumar Shahi, R/o - Tara Kutir, Near Tara Hospital, Bank Road, Patna G.P.O, P.O - Patna G.P.O. Distt. - Patna, Bihar - 800001. Do hereby solemnly affirm and declare that in my Aadhar and PAN as well as in my educational documents my name is mentioned as RIYA. I want to add the title 'SHAHI' to my name. Hence, in this way my new name became RIYA SHAHI. Here, both the names belong to the names of the same person i.e. me. And, from now in my future I will be known as RIYA SHAHI for all my legal purposes. Affidavit no. – 90 Date: - 07/01/2026.
RIYA.
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No. 231--I, RAKSHA, D/o-Sanjay Kumar Shahi, R/o-Tara Kutir, Near Tara Hospital, Bank Road, Patna G.P.O, P.O - Patna G.P.O. Distt.-Patna, Bihar-800001. Do hereby solemnly affirm and declare that in my Aadhar and PAN as well as in my educational documents my name is mentioned as RAKSHA. I want to add the title 'SHAHI' to my name. Hence, in this way my new name became RAKSHA SHAHI. Here, both the names belong to the names of the same person i.e. me. And, from now in my future I will be known as RAKSHA SHAHI for all my legal purposes. Affidavit no. – 89 Date: - 07/01/2026.
RAKSHA.
9 (cid:464)बहार गजट, 4 2026No. 232--I, TANYA, D/o.-Madan Lal, R/o-Flat no.–402 B, Sheela Place, Shyama Shah Lane, Patliputra colony, Patna, Bihar - 800013. Do hereby solemnly affirm and declare that in my Aadhar Card as well as in my educational documents my name is mentioned as TANYA. I want to add the title 'LAL' to my name. Hence, in this way my new name became TANYA LAL. Here, both the names belong to the names of the same person i.e. me. And, from now in my future I will be known as TANYA LAL for all my legal purposes. Affidavit no.–75 Date:- 02/01/2026.
TANYA.
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No. 233--I, Anubha Priyadarshini, W/o-Dinesh Kishore Verma, R/o-Mohalla- Prakashpuri, Shital Tola near Indu Mahila College, P.S-Ara Town, District-Bhojpur, Ara, Bihar - 802301. Do hereby solemnly affirm and declare that NAVRATRI PRIYADARSHINI is my daughter. And, in my daughter's educational documents of class 12th (CBSE), my name is mentioned as ANUBHA PRIYADARSHNI. But, in my Aadhar card my name is mentioned as ANUBHA PRIYADARSHINI. Here, both the names belong to the names of the same person i.e. me. And, from now in my future I will be known as ANUBHA PRIYADARSHINI for all legal purposes. Affidavit no.–74 Date:-02/01/2026.
Anubha Priyadarshini.
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No. 234--I, Navratri Priyadarshini, D/o - Dinesh Kishore Verma, R/o - Mohalla- Prakashpuri, Shital Tola near Indu Mahila College, P.S - Ara Town, District - Bhojpur, Ara, Bihar - 802301. Do hereby solemnly affirm and declare that in my Aadhar card my name is mentioned as NAVRATRI PRIYADARSHINI. But, in my educational documents of class 12th (CBSE) my name is mentioned as NAVRATRI PRIYADARSHNI. Here, both the names belong to the names of the same person i.e. me. And, from now in my future I will be known as NAVRATRI PRIYADARSHINI for all legal purposes. Affidavit no. – 77 Date: - 02/01/2026.
Navratri Priyadarshini.
—————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 50—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 4 2026 10बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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श्री प्रिंस राज, तत्कालीन अंचल अधिकारी, सुपौल सदर, सुपौल के विरूद्ध अपर पुलिस महानिदेशक, विशेष निगरानी ईकाई, बिहार, पटना के पत्रांक-676 दिनांक-30.05.2025 द्वारा दर्ज विशेष निगरानी ईकाई, थाना कांड सं०-04/2025 दिनांक-15.04.2025 धारा-13(2) r/w 13(1) (b) r/w 12 P.C. Act 1988 यथा संशोधित, 2018 एवं 61(2)(a) BNS, 2023 के अनुसंधान के क्रम में पाये गये आरोप के आधार पर विभागीय कार्यवाही हेतु आरोप पत्र विभाग को उपलब्ध कराया गया जिसमें दो अलग-अलग नाम एवं जन्मतिथि से मैट्रिक परीक्षा पास कर जालसाजी एवं कूटरचित प्रमाण-पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने जैसे आरोप प्रतिवेदित है।
2. यह कि उक्त आरोप पत्र को विभाग स्तर से पुनर्गठित करते हुए गठित आरोपों के संबंध में विभागीय पत्रांक-1218(15)/रा0, दिनांक-14.07.2025 द्वारा श्री राज से स्पष्टीकरण की मांग की गयी, जिसके आलोक में श्री राज द्वारा अपना स्पष्टीकरण विभाग को समर्पित किया गया।
3. यह कि सक्षम प्राधिकार द्वारा आरोपों की गंभीरता के मद्देनजर श्री प्रिंस राज को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए विभागीय संकल्प सं0-1810(15)/रा0, दिनांक-06.10.2025 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि के लिए मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, कोशी प्रमंडल, सहरसा निर्धारित किया गया।
4. यह कि बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा दिनांक-20.12.2017 को 60-62वीं सम्मिलित संयुक्त मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा हेतु प्रकाशित विज्ञापन की कंडिका-3(ii) में यह अंकित है कि मूल प्रमाण पत्रों में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी।
5. यह कि श्री प्रिंस राज द्वारा विभाग को समर्पित स्पष्टीकरण में अंकित किया गया कि श्री धर्मेन्द्र कुमार उनके सगे भाई थे जिनका निधन हो चुका है और वे दोनों अलग-अलग पृथक कानूनी पहचान वाले व्यक्ति है, के आलोक में विभागीय पत्रांक-1937(15)/रा0 दिनांक-17.11.2025 द्वारा श्री धर्मेन्द्र कुमार की मृत्यु कब, कहाँ और कैसे हुई से संबंधित मृत्यु प्रमाण पत्र (मुखिया द्वारा निर्गत नहीं) उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, जो अप्राप्त रहा।
6. यह कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, बिहार, पटना के ज्ञापांक- 375/25 के0-1256 दिनांक-01.08.2025 द्वारा उक्त मामले में श्री राज की पहली माध्यमिक परीक्षा वर्ष-2004 को मान्यता देते हुए दूसरी माध्यमिक परीक्षा वर्ष-2006 (श्री प्रिंस राज, पिता-रघुनन्दन साह, रौल कोड-6206, क्रमांक-402 जन्म तिथि-15.02.1992) जो STSY High School, Manmohan से दी गयी थी, से संबंधित निर्गत अंक पत्र एवं प्रमाण-पत्र रद्द किये जाने की सूचना विभाग को प्राप्त हुई। 7. यह कि उक्त के आलोक में विभागीय पत्रांक-91(15)/रा0 दिनांक- 21.01.2026 जो अध्यक्ष बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना को संबोधित है द्वारा श्री प्रिंस राज का बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा वार्षिक माध्यमिक परीक्षा वर्ष-2006 का अंक पत्र एवं प्रमाण-पत्र रद्द होने की स्थिति में चयनमुक्त करने के बिन्दु पर मंतव्य की मांग की गयी। 8. यह कि उक्त के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना के पत्रांक-4381/लो0से0आ0 दिनांक-02.
02.2026 द्वारा ''श्री राज के विरूद्ध निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण करते हुए चयनमुक्त करने के बिन्दु पर विभाग स्वतंत्र है'' का मंतव्य विभाग को प्राप्त हुआ।11 (cid:464)बहार गजट, 4 2026 9. यह कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 60वीं से 62वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में श्री प्रिंस राज द्वारा माध्यमिक परीक्षा वर्ष-2006 का अंक पत्र (क्रम सं0-0255316) एवं प्रमाण-पत्र (क्रम सं0-06AC 0130696) दिया गया एवं सेवा में प्रवेश हेतु उम्र संबंधी अर्हता हेतु इसका उपयोग किया गया।
10. यह कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार की अधिसूचना सं0-312(3)/रा0, दिनांक-29.08.2019 द्वारा श्री प्रिंस राज को परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष ग्रेड के पद पर औपबंधिक रूप से पे-मैट्रिक्स लेवल-7 (₹44,900-1,42,400) में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अनुमान्य भत्तों के साथ नियुक्त किया गया। साथ ही, राजस्व अधिकारी, चनपटिया, पश्चिम चम्पारण के पद पर पदस्थापित किया गया, जिसकी कंडिका-2(ii) में उल्लेखित है कि-''अभ्यर्थियों द्वारा समर्पित शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्रों के संबंध अलग सूचना पाये जाने एवं पूर्व वृत्त सत्यापन प्रतिवेदन में प्रतिकूल तथ्य प्रतिवेदित होने की स्थिति में संबंधित नव नियुक्त पदाधिकारियों की सेवा बिना किसी पूर्व सूचना के तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी एवं संबंधित के विरूद्ध आवश्यक विधि सम्मत कार्रवाई भी की जायेगी।'' (i) विभागीय पत्रांक-428(3)/रा0 दिनांक-11.12.2019 के अनुसार श्री प्रिंस राज के द्वारा प्रवेशकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिनांक-20.09.2019 से 01.10.2019 तक प्रशिक्षण में भाग लिया गया।
(ii) विभागीय अधिसूचना सं0-202(3)/रा0, दिनांक-24.07.2020 द्वारा श्री प्रिंस राज, राजस्व अधिकारी, चनपटिया, पश्चिम चम्पारण के पद से स्थानान्तरित करते हुए प्रभारी अंचल अधिकारी, सुपौल सदर के पद पर पदस्थापित किया गया। (iii) राजस्व पर्षद, बिहार केन्द्रीय परीक्षा समिति के विभागीय परीक्षा प्रमाण पत्र क्रम सं0-65202725580507948 दिनांक-13.03.2023 द्वारा श्री प्रिंस राज विभागीय परीक्षा के सभी विषयों में दिनांक-28.02.2023 से उत्तीर्ण है।
(iv) विभागीय आदेश ज्ञापांक-578(3)/रा0, दिनांक-19.10.2023 द्वारा श्री प्रिंस राज प्रभारी अंचल अधिकारी, सुपौल सदर को दिनांक-28.02.2023 की तिथि से सेवा सम्पुष्ट किया गया।
(v) विभागीय अधिसूचना सं0-603(3)/रा0, दिनांक-31.10.2023 द्वारा श्री प्रिंस राज, प्रभारी अंचल अधिकारी, सुपौल सदर को वेतनमान (वेतन स्तर-9) में उत्क्रमित किया गया। 11. यह कि विभागीय अधिसूचना सं0-312(3)/रा0, दिनांक-29.08.2019 की कंडिका-2(ii), बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना के ज्ञापांक-375/25 के0 1256 दिनांक-01.08.2025 एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त परामर्श के आधार पर विभाग का मत हुआ कि श्री प्रिंस राज, तत्कालीन अंचल अधिकारी, सुपौल सदर, सुपौल निलंबन मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, कोशी प्रमंडल, सहरसा सेवा में बने रहने का अपना अधिकार खो चुके है। 12. यह कि श्री प्रिंस राज, तत्कालीन अंचल अघिकारी, सुपौल सदर, सुपौल निलंबन मुख्यालय- आयुक्त कार्यालय, कोशी प्रमण्डल, सहरसा के विरूद्ध प्रस्तावित दण्ड संबधी संलेख विभागीय ज्ञापांक-134(15)/रा॰ दिनांक-11.02.2026 द्वारा मंत्रीपरिषद् की स्वीकृत हेतु भेजा गया। मंत्रीपरिषद् की दिनांक-20.02.2026 को सम्पन्न बैठक के मद सं॰-09 के रूप में सम्मिलित करते हुए उक्त संलेख में निहित प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी है।
13. यह कि उक्त स्वीकृति के आलोक में श्री प्रिंस राज, तत्कालीन अंचल अधिकारी, सुपौल सदर, सुपौल को उनके द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग के 60-62वीं सम्मिलित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में दिये गये जाली एवं कूटरचित शैक्षणिक प्रमाण-पत्र को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ज्ञापांक-375/25 के0-1256 दिनांक-01.08.2025 के द्वारा रद्द होने के किया जाता है। कारण विज्ञापन में निहित शर्तो के अधीन 1. नाम ः- श्री प्रिंस राज
2. पदनाम ः- तत्कालीन अंचल अधिकारी, सुपौल सदर, सुपौल सम्प्रति निलंबित,
मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, कोशी प्रमंडल, सहरसा
3. जन्म तिथि :- 15.02.1992
4. सेवानिवृति की तिथि ः- 29.02.2052
5. स्थाई पता ः- ग्राम-झिक्की, पोस्ट-हिसार, जिला-मधुबनी, पिन-847230,
राज्य-बिहार।
(cid:464)बहार गजट, 4 2026 12सं0 कारा/नि0को0(प्रोबेषन)-12-06/2023--1345 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------- संकल्प 23 फरवरी 2026
श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेशन पदाधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय, कटिहार के विरूद्ध कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना में बंदी कल्याण पदाधिकारी के पद पर पदस्थापन के दौरान अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के बचत खाता संख्या-32636163692 का अवैध तरीके से संचालन करने, नियमों की अनदेखी कर स्वयं के स्तर से हस्ताक्षरित पत्र निर्गत कराकर बैंक से गलत तरीके से अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के कुल राशि रु0 16,09,75,564/- (सोलह करोड़ नौ लाख पचहत्तर हजार पाँच सौ चौसठ) रूपये को MOD Accounts से बचत खाता में स्थानान्तरित करने, करीब 11 माह के पश्चात् एकमुश्त राशि रु0 22,22,20,000/- (बाईस करोड़, बाईस लाख, बीस हजार) रूपये को बचत खाता से पुनः MOD Accounts में स्थानांतरित करने, वरीय पदाधिकारी से बिना अनुमोदन प्राप्त किये स्वेच्छा एवं अवैध तरीके से नियम विरूद्ध किये गये कार्य के कारण अपराध पीड़ित कल्याण न्यास से संबंधित खाता के संचालन में गंभीर वित्तीय अनियमितता, लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप के लिए श्री कुमार के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र गठित किया गया, जिस पर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17(4) के तहत विभागीय ज्ञापांक-10687 दिनांक-11.12.2023 द्वारा श्री राजीव कुमार को प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए उनसे पन्द्रह (15) दिनों के अन्दर लिखित बचाव अभिकथन की मांग की गई। 2. तद्आलोक में श्री राजीव कुमार द्वारा अपना लिखित बचाव अभिकथन दिनांक-16.01.2024 समर्पित किया गया है, जिसे अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1551 दिनांक-20. 02.2024 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई, जिसके संचालन हेतु आयुक्त पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 3. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-13655/सा0प्र0, दिनांक-15.12.2011 की कंडिका-2 (1) (ग) में निहित प्रावधान के तहत आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना के आदेश ज्ञापांक-163/स्था0, दिनांक-29.02.2024 द्वारा उक्त विभागीय कार्यवाही में जाँच का कार्य संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को हस्तांतरित किया गया। 4. विभागीय कार्यवाही के जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक-388/स्था0, दिनांक-09.05.2025 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया है, जिसमें श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेशन पदाधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय, कटिहार के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित सभी तीन आरोपों को अंषतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। 5. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 (3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक-5054 दिनांक-10.07.2025 द्वारा आरोपित पदाधिकारी श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेषन पदाधिकारी, जिला प्रोबेषन कार्यालय, कटिहार को जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए उनसे पन्द्रह (15) दिनों के अन्दर द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गयी थी।
6. तद्आलोक में श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेशन पदाधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय, कटिहार द्वारा पत्रांक-387 दिनांक-28.07.2025 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया है, जिसमें श्री कुमार का कहना है कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 (3) के अनुसार प्रत्येक आरोप को "निश्चित एवं विशिष्ट आरोप- पत्र" के रूप में तैयार किया जाना आवश्यक है। हालाँकि, उन्हें तामिला किए गए आरोप-पत्र में विभिन्न शीर्षकों के अंतर्गत लगाए गए आरोपों का दोहराव है, जिससे यह अस्पष्ट और संदिग्ध हो जाता है। आरोप तीन शीर्षकों के अंतर्गत तैयार किया गया है, लेकिन स्पष्टतः आरोप संख्या 3, आरोप संख्या 01 और 02 का ही दोहराव मात्र है। यह इस तथ्य से भी स्पष्ट है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा उक्त दोहराया गया आरोप संख्या-03 के अंतर्गत कोई निष्कर्ष दर्ज करना भी आवश्यक नहीं समझा गया।
श्री कुमार का कहना है कि प्रथम आरोप के संबंध में संचालन पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से माना गया है कि उनके पूर्ववर्ती द्वारा खोला गया Auto Sweep MOD खाता, वित्त विभाग के नियमों और निर्देशों के विरुद्ध था। इसे बचत खाते में परिवर्तित करने हेतु उनके द्वारा की गई कार्रवाई विभागीय निर्देशों के अनुरूप पाई गई है। वित्तीय हानि के दूसरे आरोप के संबंध में, संचालन पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से नोट किया गया है कि बैंकिंग लोकपाल कार्यवाही13 (cid:464)बहार गजट, 4 2026 संख्या-N202425023529662 के अंतर्गत बैंक द्वारा `57,53,365/- की राशि पहले ही ट्रस्ट खाते में वापस जमा कर दी गई है। अतः कोई वित्तीय हानि शेष नहीं है।
श्री कुमार का कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा बिहार अपराध पीड़ित कल्याण नियमावली, 2013 के नियम-04 की गलत व्याख्या के आधार पर और खाते के प्रारंभ से जारी प्रशासनिक प्रथा पर उचित विचार किए बिना गलत निष्कर्ष दर्ज किया गया है। उनका कहना है कि इस निष्कर्ष की सत्यता तथा जाँच रिपोर्ट में निकाले गए निष्कर्ष उनके विरुद्ध कोई बुरी मंशा, दुर्भावना और कोई अन्य गंभीर आरोप स्थापित नहीं करता है।
श्री कुमार का कहना है कि अपराध पीड़ित कल्याण न्यास खाते को Auto Sweep MOD खाते से बचत खाते में परिवर्तित करने और बाद में बचत खाते से Auto Sweep MOD खाते में पुनः स्थापित करने से संबंधित पत्रों पर प्रशासनिक अध्यक्ष (अर्थात, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव) द्वारा औपचारिक रूप से दोहरे हस्ताक्षर नहीं किए गए थे, फिर भी उनके द्वारा हर चरण पर घटनाक्रम से अवगत कराया जाता रहा। उनके द्वारा की गई कार्रवाई एकतरफा या मनमानी नहीं थी, बल्कि प्रचलित नियमों और परिपत्रों के अनुसार तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन में उनकी मौखिक स्वी—ति प्राप्त करने के बाद ही की गई थी। उक्त तथ्य के समर्थन में, उनके द्वारा विशेष रूप से ऐसे अनुमोदनों को प्रमाणित करने वाले प्रासंगिक दस्तावेजों को प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा केवल एक दस्तावेज प्रदान किया गया (अपराध पीड़ित कल्याण न्यास समिति की दिनांक-17.06.2020, 07.10.2022 और 22.05.2023 की बैठक का कार्यवृत्त)। अपराध पीड़ित कल्याण न्यास समिति की दिनांक-17.06.2020 की बैठक के कार्यवृत्त, जिसमें यह स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है कि अपर मुख्य सचिव एवं अन्य सभी समिति सदस्यों को बचत बैंक खाते के रूप में बनाए जा रहे खाते, निधियों की स्थिति और उसमें शेष राशि से विधिवत् अवगत कराया गया था।
श्री कुमार का कहना है कि उनके द्वारा विस्तृत पूरक बचाव कथन प्रस्तुत करने के लिए शेष प्रासंगिक दस्तावेजों की प्राप्ति की प्रतीक्षा की जा रही थी तथा संचालन पदाधिकारी द्वारा ऐसी प्राप्ति और अवसर से पहले ही जाँच पूरी कर ली गई थी, इसलिए यह महत्वपूर्ण तथ्य उनके समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका। यह गलत धारणा है कि दोनों ही अवसरों पर अपर मुख्य सचिव की मंजूरी नहीं ली गई थी। श्री कुमार का कहना है कि यह उत्तर केवल प्रारंभिक प्र—ति का है, और मांगे गये दस्तावेज़ उपलब्ध न होने के कारण विरोध स्वरूप प्रस्तुत किया गया है। तद्आलोक में श्री कुमार द्वारा उन्हें सभी आरोपों से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।
7. आरोपित पदाधिकारी श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेशन पदाधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय, कटिहार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। श्री राजीव कुमार का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही में उनके द्वारा प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी से दस्तावेज़ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था, जो उनके बचाव के लिए आवश्यक थे, परन्तु प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत करने से इन्कार किया गया तथा संचालन पदाधिकारी द्वारा दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी को कोई निर्देश भी जारी नहीं किया गया। आरोपित पदाधिकारी श्री कुमार का यह कथन स्वीकार योग्य नहीं है। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 (4) के प्रावधान के तहत आरोप के मदों का लिखित अभिकथन (आरोप पत्र) एवं आरोप के मदों को प्रमाणित/सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सभी साक्ष्य/अभिलेख आरोपित पदाधिकारी को पूर्व में ही विभागीय पत्रांक-10687 दिनांक-11.12.2023 द्वारा उपलब्ध कराते हुए उनसे लिखित अभिकथन की मांग की गई थी। आरोपित पदाधिकारी द्वारा अप्रासंगिक कागजातों की मांग की गई थी, जिसे संचालन पदाधिकारी द्वारा अस्वीकृत किया गया है।
आरोपित पदाधिकारी श्री कुमार का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से माना गया है कि उनके (आरोपित पदाधिकारी के) पूर्ववर्ती द्वारा खोला गया Auto Sweep MOD खाता, वित्त विभाग के नियमों और निर्देशों के विरुद्ध था। उनका कहना है कि इसे बचत खाते में परिवर्तित करने हेतु उनके द्वारा की गई कार्रवाई विभागीय निर्देशों के अनुरूप है, जबकि आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप यह है कि उन्होंने बिना सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के Sweep MOD से सृजित सभी FD खाता बंद कर राशि को बचत खाता में स्थानान्तरित कराया गया, जो नियम विरूद्ध है। यही नहीं आरोपित पदाधिकारी द्वारा नियमों की अनदेखी कर स्वयं के स्तर से हस्ताक्षरित पत्र निर्गत कराकर बैंक को उपलब्ध कराया गया तथा गलत तरीके से अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के कुल राशि रु0 16,09,75,564 (सोलह करोड़, नौ लाख, पचहत्तर हजार, पाँच सौ चौसठ) रूपये को MOD Accounts से बचत खाता में स्थानान्तरित कराया गया, जबकि बिहार अपराध पीड़ित कल्याण न्यास नियमावली, 2013 के अनुसार न्यास के खाता का किसी प्रकार के संचालन हेतु व्यवस्थापक अध्यक्ष (प्रधान सचिव/सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना) एवं न्यासी कोषपाल (बंदी कल्याण पदाधिकारी) का संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा जिस पत्र के माध्यम से 53 MOD को समाप्त कराया गया, उस पत्र पर व्यवस्थापक अध्यक्ष (प्रधान सचिव/सचिव, गृह विभाग, बिहार, पटना) का हस्ताक्षर प्राप्त नहीं किया गया तथा उनके द्वारा स्वयं के स्तर से पत्र हस्ताक्षरित कर बैंक को प्रेषित किया गया, जो आरोपित पदाधिकारी की कर्त्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता तथा वित्तीय अनियमितता का द्योतक है।
आरोपित पदाधिकारी श्री कुमार का वित्तीय हानि के दूसरे आरोप के संबंध में अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से नोट किया गया है कि बैंकिंग लोकपाल(cid:464)बहार गजट, 4 2026 14 कार्यवाही संख्या-N202425023529662 के अंतर्गत बैंक द्वारा रु0 57,53,365/- की राशि पहले ही ट्रस्ट खाते में वापस जमा कर दी गई है। अतः कोई वित्तीय हानि शेष नहीं है।
जबकि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में वर्णित है कि विभागीय कार्यवाही के सुनवाई के क्रम में उपस्थापन पदाधिकारी-सह-वर्तमान बंदी कल्याण पदाधिकारी द्वारा उल्लेख किया गया है कि विभागीय पत्रांक-9215 दिनांक-18.11.2024 द्वारा बैंकिंग लोकपाल, रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया, गाँधी मैदान, पटना से अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के खाता संचालन संबंधी शासनादेश का उल्लंघन करने के कारण हुई हानि की वसूली करने एवं राशि वापस करने का अनुरोध किया गया। इस संदर्भ में बैंकिंग लोकपाल संख्या-N202425023529662 दर्ज की गई। उक्त शिकायत पर बैंक के आंतरिक कार्रवाई के फलस्वरूप सहायक महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, सिंचाई भवन, पुराना सचिवालय, पटना के पत्रांक-AGM/BR/15/ 1101 दिनांक-10.01.2025 द्वारा सूचित किया गया कि सक्षम पदाधिकारी द्वारा वांछित सूद की राशि के आलोक में रु0 57,53,365/- अनुमोदित कर दिया गया है, जिसके अनुरूप राशि रु0 57,53,365/- रूपये विभाग की मूल न्यासी खाता संख्या-32636163692 में क्रेडिट कर दिया गया, इससे स्पष्ट है कि सर्वप्रथम श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी द्वारा शासनादेश की अनदेखी करते हुए स्वयं के हस्ताक्षर से MOD Account समाप्त किया गया एवं ग्यारह (11) माह के बाद बचत खाता से पुनः MOD Account में स्थानांतरित किया गया, जिसके कारण अपराध पीड़ित कल्याण न्यास को रु0 53,00,707/- रूपये की हानि हुई। विभागीय सतर्कता/प्रयास से श्री कुमार एवं बैंक के कारण हुई हानि ब्याज सहित रु0 57,53,365/- रूपये की वसूली बैंक से की गई। इससे स्पष्ट है कि श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी के उक्त —त्य के लिए उनके ऊपर लगे आरोप की पुष्टि होती है।
श्री कुमार का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि अपराध पीड़ित कल्याण न्यास खाते को Auto Sweep MOD खाते से बचत खाते में परिवर्तित करने और बाद में बचत खाते से Auto Sweep MOD खाते में पुनः स्थापित करने से संबंधित पत्रों पर प्रशासनिक अध्यक्ष (अर्थात, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव) द्वारा औपचारिक रूप से दोहरे हस्ताक्षर नहीं किए गए थे, फिर भी उनके द्वारा हर चरण पर घटनाक्रम से अवगत कराया जाता रहा। श्री कुमार का कहना है कि अपर मुख्य सचिव एवं अन्य सभी समिति सदस्यों को बचत बैंक खाते में निधियों की स्थिति और उसमें शेष राशि से विधिवत् अवगत कराया गया था। जबकि बिहार अपराध पीड़ित कल्याण न्यास नियमावली, 2013 की कंडिका-04 में स्पष्ट प्रावधान है कि ''राज्य के विभिन्न काराओं में संसीमित सजावार बंदियों के पारिश्रमिक में से अपराध से पीड़िताें के लाभार्थ की गयी कटौती की राशि न्यास की सम्पत्ति होगी। ऐसी राशि राष्ट्रीय—त बैंक के बचत खाता, जो प्रधान सचिव/सचिव-सह-व्यवस्थापक न्यास एवं बंदी कल्याण पदाधिकारी-सह-न्यास कोषाध्यक्ष के संयुक्त पदनाम से होगी, में जमा की जायेगी। जमा राशि की निकासी, व्यवस्थापक अध्यक्ष एवं न्यास कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से की जाएगी।'' बिहार अपराध पीड़ित कल्याण न्यास नियमावली, 2013 के प्रावधान के अनुसार खाता से किसी प्रकार के लेन-देन में प्रधान सचिव/सचिव-सह-व्यवस्थापक, न्यास एवं बंदी कल्याण पदाधिकारी-सह-न्यास कोषाध्यक्ष का संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य है। न्यास की राशि के लेन-देन के संबंध में निदेशक, प्रोबेशनचर्या की कोई भूमिका नहीं है। न्यास के वित्तीय लेन-देन से संबंधित प्रस्ताव पर प्रधान सचिव/सचिव-सह-व्यवस्थापक न्यास का अनुमोदन एवं पत्र पर हस्ताक्षर अनिवार्य है, किन्तु आरोपित पदाधिकारी श्री राजीव कुमार द्वारा स्वयं के स्तर से हस्ताक्षर कर पत्र बैंक को प्रेषित किया गया है। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी श्री राजीव कुमार का यह कृत्य उनकी गंभीर लापरवाही एवं अनुषासनहीनता तथा वित्तीय अनियमितता का द्योतक है।
इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना द्वारा अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के बचत खाता संख्या-32636163692 का अवैध तरीके से संचालन करने, नियमों की अनदेखी कर स्वयं के स्तर से हस्ताक्षरित पत्र निर्गत कराकर बैंक से गलत तरीके से अपराध पीड़ित कल्याण न्यास के कुल राशि रु0 16,09,75,564/- (सोलह करोड़, नौ लाख, पचहत्तर हजार, पाँच सौ चौसठ) रूपये को MOD Accounts से बचत खाता में स्थानान्तरित करने, करीब 11 माह के पष्चात् एकमुष्त राषि रु0 22,22,20,000/- (बाईस करोड़, बाईस लाख, बीस हजार) रूपये को बचत खाता से पुनः MOD Accounts में स्थानांतरित करने, वरीय पदाधिकारी से बिना अनुमोदन प्राप्त किये स्वेच्छा एवं अवैध तरीके से नियम विरूद्ध किये गये कार्य के कारण अपराध पीड़ित कल्याण न्यास से संबंधित खाता के संचालन में वित्तीय अनियमितता, लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरती गई है। आरोपित पदाधिकारी का यह कृत्य उनके कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता तथा वित्तीय अनियमितता का द्योतक है। अतः आरोपित पदाधिकारी श्री राजीव कुमार का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है। 8. अतः वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेषन पदाधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय, कटिहार के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14 (vi) के प्रावधान के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दण्ड अधिरोपित करने का विनिश्चय किया गयाः-
"दो (02) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड"।15 (cid:464)बहार गजट, 4 2026 9. उपर्युक्त विनिश्चित दण्ड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-6649 दिनांक-08.09.2025 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श की मांग की गयी। तद्आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-4419 दिनांक-05.02.2026 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है।
10. प्रस्तावित दण्ड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री राजीव कुमार, तत्कालीन बंदी कल्याण पदाधिकारी, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना सम्प्रति प्रोबेषन पदाधिकारी, जिला प्रोबेशन कार्यालय, कटिहार के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14 (vi) के प्रावधान के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दण्ड अधिरोपित किया जाता है :-
"दो (02) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड"।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजीव जमुआर, अपर सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।