िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 4 1948 (श0) सं(cid:201)या 12 पटना, बुधवार,———————— 25 2026(ई0) i`"B भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन,बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-25 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 26-26 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची
i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक, उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक।
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भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 27-29 पूरक
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पूरक-क 30-34(cid:464)बहार गजट, 25 2026 2
भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन,बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं। ————
सं0 3(स0)/उ०स्था०(विविध सेवा संपुष्टि)40/17-858--बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के विज्ञापन संख्या-02/2020 द्वारा अनुशंसित एवं नियुक्त बिहार उद्योग सेवा के निम्नांकित नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनके नाम के सम्मुख कॉलम-5 में अंकित तिथि से परियोजना प्रबंधक एवं समकक्ष पद पर सेवा संपुष्ट की जाती है :-
| 1. | श्री धनंजय कुमार | जिला उद्योग केन्द्र, किशनगंज | 21.08.2023 | 21.08.2024 |
| 2. | सुश्री/श्रीमती मधु रानी | पूर्व परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, मुंगेर सम्प्रति सहायक अभियंता(असैनिक),नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना। | 21.08.2023 | 21.08.2024 |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राधाकृष्ण चौहान, उप सचिव। सं0 3(स0)/उ0स्था0(आरोप-निग0विविध)40/08 खंड-895--श्री अमन समीर, भा0प्र0से0, निदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम निदेशालय, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त उद्योग विभाग, बिहार का मुख्य निगरानी पदाधिकारी मनोनीत किया जाता है। 2. मुख्य निगरानी पदाधिकारी की जिम्मेदारियाँ निम्नलिखित है :- (1) ''निरोधात्मक निगरानी'' के लिए आवश्यक कदम उठाना, जिनमें निम्नलिखित सम्मिलित रहेंगे :-
(क) ऐसे कारणों को समाप्त करने या कम करने के उद्देश्य से, जो भ्रष्टाचार अथवा कदाचार के लिए आधार प्रदान करते हों, विद्यमान संगठन एवं प्रक्रियाओं की विस्तृत समीक्षा,
(ख) ऐसे कार्यों जिनमें भ्रष्टाचार या कदाचार की मौजूदगी का आभास मिलता हो, के गुणत्व या गति में विफलताओं का पता लगाने के लिए नियमित एवं अचानक निरीक्षणों का नियोजन तथा कार्यान्वयन,
(ग) संवेदनशील स्थलों का निर्धारण, ऐसे अंगों का नियमित एवं अचानक निरीक्षण सुनिश्चित करना तथा उन व्यक्तियों की समुचित छानबीन करना जो ऐसे संवेदनशील पदों पर पदस्थापित हैं, जहाँ बड़ी संख्या में आम जनता से संबंध रखना पड़ता है,
(घ) संदेहास्पद सत्यनिष्ठा वाले पदाधिकारियों पर उचित निगरानी बनाये रखना, (ङ) सत्यनिष्ठा से संबंधित आचारण नियमावली, जिनमें निम्नांकित मुद्दे शामिल है, का समय पर परिपालन सुनिश्चित करना :-
(i) सम्पत्ति एवं अर्जन विवरणियाँ, (ii) उपहार, (iii) निजी प्रतिष्ठानों में नियोजित अथवा निजी व्यवसाय करने वाले संबंधीगण, (iv) बेनामी।
(2) विभाग में निगरानी विभाग का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हो जाने के बाद उस पर तेजी से आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करना। (3) विभागीय जाँच आयुक्त या विभागीय जाँच करनेवाले अन्य पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर सरकार का अंतिम आदेश प्राप्त करने के लिए अनुसरणात्मक कार्रवाई।3 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 (4) विधान-मण्डल की समितियों के प्रतिवेदन तथा समाचार-पत्रों में प्रकाशित उनके विभाग से संबंधित सूचना और आरोपों की छानबीन तथा अग्रेत्तर कार्रवाई सुनिश्चित करना। (5) निगरानी आयुक्त के मार्ग-दर्शन से संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव द्वारा सामान्य प्रकृति की विभागीय कार्यवाहियों का निष्पादन। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राधा कृष्ण चौहान, उप सचिव। सं0 3(स०)/उ०स्था०(वेतन/वृद्धि)02/2024-1320--उद्योग सेवा संवर्ग के निम्नांकित परियोजना प्रबंधक/सहायक उद्योग निदेशक को कार्यहित में स्थानान्तरित करते हुए उनके नाम के सामने स्तम्भ-3 में अंकित कार्यालय में पदस्थापित किया जाता है :-
| श्री इन्द्रदेव राम, सहायक उद्योग निदेशक, उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, किशनगंज। | |
| 1. | श्री प ्रशांत कुमार, सहायक उद्योग निदेशक, एम0एस0एम0ई0 निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, मधुबनी। |
| 2. | श्री अभिषेक कुमार अंशु, सहायक उद्योग निदेशक, उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, अररिया। |
| 3. | श्रीमती निशा कुमारी, सहायक उद्योग निदेशक, उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, पटना। |
| 4. | सुश्री ज्योति प्रिया, सहायक उद्योग निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, जहानाबाद। |
| 5. | श्रीमती प्रीति कुमारी, सहायक उद्योग निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, भोजपुर। |
| 6. | श्रीमती मोनिका शरण, सहायक उद्योग निदेशक, उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, वैशाली। |
| 7. | श्री अम्बरीष आनन्द, सहायक उद्योग निदेशक, उद्योग निदेशालय, प्रतिनियुक्त एम0एस0एम0ई0 निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, बेगुसराय। |
| 8. | श्री अमित कुमार, सहायक उद्योग निदेशक, उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना। | जिला उद्योग केन्द्र, गयाजी। |
| 9. | श्री राकेश कुमार, परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, भागलपुर। | जिला उद्योग केन्द्र, सीतामढ़ी। |
| 10. | श्री राजीव रंजन, परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, मुंगेर। | जिला उद्योग केन्द्र, मुजफ्फरपुर। |
| 11. | श्री अनिल कुमार, परियोजना प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, बक्सर। | जिला उद्योग केन्द्र, गयाजी। |
(2) यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। (3) प्रस्ताव में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राधा कृष्ण चौहान, उप सचिव। विभागीय अधिसूचना संख्या-1/अ०-1030/ 2025-सा.प्र.-22158 दिनांक 29.11.2025 के माध्यम से श्री सुनील कुमार, भा.प्र.से. (बीएचः 2014), तदेन अपर सचिव, बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग, पटना (सम्प्रति प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम, पटना) को अखिल भारतीय सेवाएं(cid:464)बहार गजट, 25 2026 4 (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-05, 10, 11, 20 के तहत दिनांक 13.12.2025 एवं 14.12.2025 के साप्ताहिक अवकाशों का पूर्व लग्न (प्रीफिक्स) तथा दिनांक 20.12.2025 एवं 21.12.2025 के साप्ताहिक अवकाशों का पश्च् लग्न (सफिक्स) के रूप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 15.12.2025 से 19.12.2025 तक कुल 05 (पांच) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की गई है।
2. बिहार स्टेट फुड एण्ड सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना से प्राप्त पत्र दिनांक 20.12.2025 के आलोक में विभागीय अधिसूचना दिनांक 29.11.2025 के माध्यम से श्री कुमार के पक्ष में स्वीकृत उपर्युक्त उपार्जित छुट्टी को एतद् द्वारा निरस्त किया जाता है। श्रीमती श्रेया श्री, भा.प्र.से. (बी एचः 2022), अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-18 (1) के तहत दिनांक 01.01.2026 से 29.06.2026 तक कुल-180 (एक सौ अस्सी) दिनों की मातृत्व छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. श्रीमती श्रेया श्री, भा.प्र.से. की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में भूमि सुधार उप-समाहर्त्ता, मुजफ्फरपुर (पश्चिमी) रहेंगे। - श्री समीर सौरभ, भा.प्र.से. (2019), उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक प्रबंध निदेशक, कम्फेड, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री दीपक कुमार मिश्रा, भा.प्र.से. (2019), नगर आयुक्त, नालन्दा को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक संयुक्त सचिव, मुख्य मंत्री सचिवालय, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है। 2. श्री मिश्रा अगले आदेश तक अपर निदेशक, मिशन निदेशक का कार्यालय, बिहार विकास मिशन, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। - श्री अभिषेक पलासिया, भा.प्र.से. (2020), उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, खगड़िया को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, गया नगर निगम, गयाजी के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री कुमार निशांत विवेक, भा.प्र.से. (2020), उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, गोपालगंज को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, बिहार शरीफ नगर निगम, नालन्दा के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री श्रीकान्त कुण्डलिक खाण्डेकर, भा.प्र.से. (2020), उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, नालन्दा को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है। श्री शुभम कुमार, भा.प्र.से. (2021), नगर आयुक्त, भागलपुर नगर निगम, भागलपुर को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, नालन्दा के पद पर पदस्थापित किया जाता है। सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, भा.प्र.से. (2021), नगर आयुक्त, मुंगेर नगर निगम, मुंगेर को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, बेतिया नगर निगम, बेतिया, पश्चिम चम्पारण के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री सूर्य प्रताप सिंह, भा.प्र.से. (2021), उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, कैमूर, भभुआ को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त -सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, समस्तीपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री लक्ष्मण तिवारी, भा.प्र.से. (2021), नगर आयुक्त, बेतिया नगर निगम, पश्चिम चम्पारण को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, सारण, छपरा के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
- श्री पार्थ गुप्ता,भा.प्र.से. (2022), अनुमण्डल पदाधिकारी, पूर्णिया को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, मुंंगेर नगर निगम, मुंगेर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।5 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 - श्री आशीष कुमार भा.प्र.से. (2022), अनुमण्डल पदाधिकारी, बाढ़, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, मोतिहारी नगर निगम, मोतिहारी के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री किसलय कुशवाहा,भा.प्र.से. (2022), अनुमण्डल पदाधिकारी, महुआ, वैशाली को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, भागलपुर नगर निगम, भागलपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री गौरव कुमार, भा.प्र.से. (2022), अनुमण्डल पदाधिकारी, बगहा, पश्चिम चम्पारण को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, गोपालगंज के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री काजले वैभव नितिन, भा.प्र.से.(2022), अनुमण्डल पदाधिकारी, बिहार शरीफ, नालन्दा को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - सुश्री दिव्या शक्ति, भा.प्र.से. (2022), अनुमण्डल पदाधिकारी, दानापुर, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, कैमूर, भभुआ के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - सुश्री श्वेता भारती, भा.प्र.से. (2022) (सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में) को अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, खगड़िया के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री गौरव कुमार, भा.प्र.से. (2022), अनुमण्डल पदाधिकारी, पटना सदर को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, सहरसा के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - श्री ऋतुराज प्रताप सिंह, भा.प्र.से. (2022), अनुमण्डल पदाधिकारी, नौगछिया, भागलपुर को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर नगर निगम के पद पर पदस्थापित किया जाता है। - सुश्री गरिमा लोहिया, भा.प्र.से. (2023), अनुमण्डल पदाधिकारी, पालीगंज, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, बाढ़, पटना के पद पर पदस्थापित करते हुए उन्हें संबंधित अनुमण्डल क्षेत्र के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (एक्ट-46, 2023) की धारा-14 के अधीन कार्यपालक दण्डाधिकारी की शक्ति एवं धारा-163 में निहित शक्तियां प्रदान की जाती हैं। - श्री अनिरूद्ध पाण्डेय, भा.प्र.से. (2023), अनुमण्डल पदाधिकारी, मोहनिया, कैमूर को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, दानापुर, पटना के पद पर पदस्थापित करते हुए उन्हें संबंधित अनुमण्डल क्षेत्र के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (एक्ट-46, 2023) की धारा-14 के अधीन कार्यपालक दण्डाधिकारी की शक्ति एवं धारा-163 में निहित शक्तियां प्रदान की जाती हैं। - सुश्री कृतिका मिश्रा, भा.प्र.से. (2023), अनुमण्डल पदाधिकारी, गोगरी, खगड़िया को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, पटना सदर के पद पर पदस्थापित करते हुए उन्हें संबंधित अनुमण्डल क्षेत्र के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (एक्ट-46, 2023) की धारा-14 के अधीन कार्यपालक दण्डाधिकारी की शक्ति एवं धारा-163 में निहित शक्तियां प्रदान की जाती हैं। - सुश्री आकांक्षा आनंद, भा.प्र.से. (2023), अनुमण्डल पदाधिकारी, बारसोई, कटिहार को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर (पश्चिम) के पद पर पदस्थापित करते हुए उन्हें संबंधित अनुमण्डल क्षेत्र के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (एक्ट-46, 2023) की धारा-14 के अधीन कार्यपालक दण्डाधिकारी की शक्ति एवं धारा-163 में निहित शक्तियां प्रदान की जाती हैं। - श्री रोहित कर्दम, भा.प्र.से. (2023), अनुमण्डल पदाधिकारी, शेखपुरा को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, नौगछिया, भागलपुर के पद पर पदस्थापित करते हुए उन्हें संबंधित अनुमण्डल क्षेत्र के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (एक्ट-46, 2023) की धारा-14 के अधीन कार्यपालक दण्डाधिकारी की शक्ति एवं धारा-163 में निहित शक्तियां प्रदान की जाती हैं।
(cid:464)बहार गजट, 25 2026 6-679 श्रीमती कशिश बख्शी, परीक्ष्यमान भा.प्र.से. (बी एच : 2024 ) {सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में} को जिला प्रशिक्षण के उद्देश्य से सहायक समाहर्त्ता-सह-सहायक दण्डाधिकारी, सुपौल के पद पर पदस्थापित किया जाता है। 2. श्रीमती बख्शी को आलोच्य पदस्थापन के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (एक्ट-46, 2023) की धारा-14 के अधीन कार्यपालक दण्डाधिकारी की शक्ति एवं धारा-163 में निहित शक्तियां प्रदान की जाती हैं। श्री संजीव कुमार, भा.प्र.से. (बी एचः 2012), विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 28.12.2025 से 22.01.2026 तक कुल 26 (छब्बीस) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. श्री संजीव कुमार की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के लिए प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभाग (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना) द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी। विभागीय अधिसूचना संख्या 1/अ.-1013 /2024-सा0प्र0- दिनांक के माध्यम से श्री जय प्रकाश सिंह, भा.प्र.से.(बी एचः 2013), निदेशक, भविष्य निधि निदेशालय, वित्त विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर वर्जिनिया (अमेरिका) की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक 22.12.2025 से 06.01.2026 तक कुल 16 (सोलह) दिनों की उपार्जित छुट्टी का एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं उपभोग की अनुमति प्रदान की गई थी। 2. श्री जय प्रकाश सिंह, भा.प्र.से. से प्राप्त अद्यतन आवेदन के आलोक में उनके प़क्ष में स्वीकृत उक्त उपार्जित छुट्टी को दिनांक 22.12.2025 से 31.12.2025 तक कुल 10 (दस) दिनों के लिए पुनरीक्षित किया जाता है। विभागीय अधिसूचना संख्या-1/छु०-4-413 /06-सा.प्र.-24064 दिनांक 26.12.2025 के माध्यम से डॉ0 (श्रीमती) प्रतिमा सतीश कुमार वर्मा, भा.प्र.से. (बीएचः 2002), सचिव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-अपर मिशन निदेशक, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, पटना) को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम- 10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 29.12.2025 से 06. 01.2026 तक कुल 09 (नौ) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की गई थी। 2. विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त पत्र दिनांक 04.01.2026 के आलोक में विभागीय अधिसूचना दिनांक 26.12.2025 के माध्यम से डॉ0 (श्रीमती) प्रतिमा सतीश कुमार वर्मा, भा.प्र.से. के पक्ष में स्वीकृत उपर्युक्त उपार्जित छुट्टी को दिनांक 29.12.2025 से 03.01.2026 तक कुल 06 (छः) दिनों के लिए पुनरीक्षित किया जाता है। 1/सी0-1002/2019-सा0प्र0-1184 भारतीय प्रशासनिक सेवा के बैच वर्ष, 2022 के
| क्र. | पदाधिकारी का नाम | वर्तमान पदस्थापन | प्रोन्नति की तिथि |
| 1 | श्रीमती श्रेया श्री | तदेन अनुमण्डल पदाधिकारी, म ुजफ्फरपुर (पश्चिमी)-सम्प्रति छुट्टी पर । | 01.01.2026 |
| 2 | श्री किसलय कुशवाहा | नगर आयुक्त, भागलपुर नगर निगम | 05.01.2026 |
| 3 | सुश्री दिव्या शक्ति | उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, कैमूर, भभुआ | 01.01.2026 |
| 4 | सुश्री श्वेता भारती | उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, खगड़िया | 01.01.2026 |
| 5 | श्री गौरव कुमार ID-121 D10 | उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, सहरसा | 01.01.2026 |
| 6 | श्री ऋतुराज प्रताप सिंह | नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर नगर निगम | 01.01.2026 |
श्री समीर सौरभ, भा.प्र.से.(बी एचः 2019), तदेन- उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, पटना ( प्रबंध निदेशक, कम्फेड, बिहार, पटना) को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर श्रीलंका की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक 27.01.2026 से 02.02.2026 तक कुल 07 (सात) दिनों की उपार्जित छुट्टी का एक्स-इंडिया लीव के रूप में उपभोग की अनुमति प्रदान की जाती है।
श्री सौरभ की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों हेतु प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभाग (डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग) द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी। सुश्री सारा अशरफ, भा.प्र.से. (बी एचः 2021), उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, सुपौल को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर जापान की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक 01.03.2026 से 17.03.2026 तक कुल 17 (सत्रह) दिनों की उपार्जित छुट्टी का एक्स-इंडिया लीव के रूप में उपभोग की अनुमति प्रदान की जाती है। 2. सुश्री अशरफ की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में वरीय अपर समाहर्त्ता, सुपौल रहेंगे। विभागीय अधिसूचना संख्या 1/अ.-1017 /2025-सा0प्र0- दिनांक के माध्यम से श्रीमती गीता सिंह, भा.प्र.से.(बी एचः 2013), तदेन-अपर सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार, पटना (सम्प्रति-विशेष सचिव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार, पटना) को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर संयुक्त राज्य अमेरिका की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक 22.12.2025 से 06.01.2026 तक कुल 16 (सोलह) दिनों की उपार्जित छुट्टी का एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं उपभोग की अनुमति प्रदान की गई थी। 2. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त पत्र दिनांक 09.01.2026 के आलोक में श्रीमती सिंह के पक्ष में स्वीकृत उक्त उपार्जित छुट्टी को दिनांक 22.12.2025 से 31.12.2025 तक कुल 10 (दस) दिनों के लिए पुनरीक्षित किया जाता है।(cid:464)बहार गजट, 25 2026 8 श्री निशांत सिहारा, भा.प्र.से. (बी एचः 2022), अनुमंडल पदाधिकारी, मोतिहारी सदर, पूर्वी चम्पारण को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 02.02.2026 से 28.02.2026 तक कुल 27 (सत्ताईस) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. श्री सिहारा की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, मोतिहारी रहेंगे। श्री अनिल कुमार, भा.प्र.से.(बी एचः2017), निदेशक, सूचना एवं जन-सम्पर्क, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार - प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य संवाद समिति, पटना) को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर इंडोनेशिया की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक 28.01.2026 से 03.02.2026 तक कुल 07 (सात) दिनों की उपार्जित छुट्टी का एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं उपभोग की अनुमति प्रदान की जाती है। विभागीय अधिसूचना संख्या-1/अ.-1010/2020-सा.प्र.- दिनांक द्वारा श्री अनिल कुमार, भा.प्र.से. के पक्ष में दिनांक 27.12.2025 से 02.01.2026 तक कुल 07 (सात) दिनों के लिए उपार्जित छुट्टी के रूप में स्वीकृत एक्स-इंडिया लीव को एतद् द्वारा निरस्त किया जाता है।
श्री कुमार की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों हेतु प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभाग (सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार, पटना) द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी। विभागीय अधिसूचना संख्या-1/अ०-1012 /2019-सा.प्र.-824 दिनांक 12.01.2026 के माध्यम से श्री संजीव कुमार, भा.प्र.से. (बीएचः 2012), विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 28.12.2025 से 22.01.2026 तक कुल 26 (छब्बीस) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की गई थी। 2. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त अद्यतन पत्र दिनांक 21.01.2026 के आलोक में विभागीय अधिसूचना दिनांक 12.01.2026 के माध्यम से श्री संजीव कुमार, भा.प्र.से. के पक्ष में स्वीकृत उपर्युक्त उपार्जित छुट्टी को दिनांक 28.12.2025 से 07.01.2026 तक कुल 11 (ग्यारह) दिनों के लिए पुनरीक्षित किया जाता है। सुश्री प्रिया रानी, भा.प्र.से.(बी एचः 2024), सहायक समाहर्ता-सह- सहायक दंडाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को विभागीय अधिसूचना संख्या-1/अ०-1027/2025- सा०प्र०-19584 दिनांक 14.10.2025 द्वारा वैयक्तिक व्यय पर मालदीव की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक 12.02.2026 से 19.02.2026 तक कुल 08 (आठ) दिनों की उपार्जित छुट्टी की एक्स-इंडिया लीव के रूप में उपभोग की अनुमति प्रदत्त है। सुश्री प्रिया रानी द्वारा अद्यतन आवेदन दिनांक 13.01.2026 के माध्यम से निजी कार्य हेतु दिनांक 03.02.2026 से 11.02.2026 तथा दिनांक 20.02.2026 से 26.02.2026 तक की अवधि में कुल 16 (सोलह) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति का अनुरोध समर्पित किया गया है। इस प्रकार, सुश्री प्रिया रानी द्वारा आवेदित अद्यतन छुट्टी (जो विदेश यात्रा से संबंधित नहीं है) की निरंतरता उन्हें पूर्व प्रदत्त आलोच्य छुट्टी की सापेक्षता में स्वतः स्थापित है।
अतएव, अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत सुश्री प्रिया रानी, भा.
प्र.से.(बी एचः 2024), सहायक समाहर्ता-सह -सहायक दंडाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को दिनांक 03.02.2026 से 11.02.2026 तथा दिनांक 20.02.2026 से 26.02.2026 तक की अवधि में कुल 16 (सोलह) दिनों की उपार्जित छुट्टी के उपभोग की अनुमति प्रदान की जाती है।
5. सुश्री रानी की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पद/दायित्व हेतु प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित जिला पदाधिकारी द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी।9 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 श्री धर्मेन्द्र कुमार, भा.प्र.से. (बी एचः 2013), निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, बिहार, पटना को प्रथम संतान (पुत्री) के जन्म के उपरान्त उसकी देखभाल हेतु अखिल भारतीय सेवा (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-18 बी के तहत दिनांक 09.02.2026 से 23.02.2026 तक कुल 15 (पन्द्रह) दिनों की पितृत्व छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। श्रीमती रचना पाटिल, भा.प्र.से.(बी एचः 2010), सचिव (व्यय), वित्त विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-18 (डी) के तहत दिनांक 05.02.2026 से 06.03.2026 तक कुल 30 (तीस) दिनों की शिशु पोषण छुट्टी (Child Care Leave) की स्वीकृति प्रदान की जाती है। श्रीमती पाटिल की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि के लिए उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों हेतु प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभाग (वित्त विभाग, बिहार, पटना) द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी। श्री संजय कुमार सिंह, भा.प्र.से. (बी एचः 2017), अपर सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 18-27 फरवरी, 2026 तक कुल 10 (दस) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। श्री सिंह की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में श्री राजेश कुमार सिंह,भा.प्र.से. (बी एच : 2014), अपर सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना रहेेंगे। श्री तुषार कुमार, भा.प्र.से. (बी एचः 2023), अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 16.02.2026 से 07.03.2026 तक कुल 20 (बीस) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। श्री कुमार की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/ दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में भूमि सुधार उप-समाहर्त्ता, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) रहेंगे। श्री एच. आर. श्रीनिवास, भा.प्र.से. (बी एचः 1996), अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-5, 10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 28.02.2026 एवं 01.03.2026 के साप्ताहिक अवकाशों का पूर्ण लग्न (प्रीफिक्स) के रूप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 02.03.2026 से दिनांक 10.03.2029 तक कुल 09 (नौ) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। श्री श्रीनिवास की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के लिए प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभाग द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी। श्री एच. आर. श्रीनिवास, भा.प्र.से. (बी एचः 1996), अपर मुख्य सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-5, 10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 28.02.2026 एवं 01.03.2026 के साप्ताहिक अवकाशों का पूर्व लग्न (प्रीफिक्स) के(cid:464)बहार गजट, 25 2026 10 रूप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 02.03.2026 से दिनांक 10.03.2026 तक कुल 09 (नौ) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। श्री श्रीनिवास की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के लिए प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभाग द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी। इस संबंध में विभागीय अधिसूचना संख्या-1/एल०-40/98-सा०प्र०-3777 दिनांक 23.02.2026 द्वारा अधिसूचित स्वीकृति को आलोच्य छुट्टी की अवधि से संबंधित तिथि की अशुद्धि (दिनांक 02.03.2026 से दिनांक 10.03.2029) के कारण निरस्त किया जाता है। श्रीमती जे. प्रियदर्शिनी, भा.प्र.से (2015), निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय, बिहार, पटना को विभागीय अधिसूचना संख्या-1/अ०-1012/2016-सा०प्र०-22970 दिनांक 10.12.2025 के माध्यम से दिनांक 10.12.2025 एवं 09.03.2026 तक कुल 90 (नब्बे) दिनों की उपार्जित छुट्टी एक्स-इण्डिया लीव के रूप में उपभोग की अनुमति प्रदत्त है। 2. श्रीमती प्रियदर्शिनी, भा.प्र.से. से प्राप्त अद्यतन आवेदन के आलोक में एक्स-इण्डिया लीव के रूप में स्वीकृत आलोच्य उपार्जित छुट्टी को दिनांक 10.03.2026 से 28.04.2026 कुल 50 (पचास) दिनों के लिए विस्तारित किया जाता है। सश्री चन्द्रिमा अत्री, भा.प्र.से.(2020), विशेष कार्य पदाधिकारी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवाएं (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत दिनांक 09.03.2026 से 13.03.2026 तक कुल 05 (पांच) दिनों की उपार्जित छुट्टी की स्वीकृति प्रदान की जाती है। सुश्री अत्री की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/ दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था संबंधित विभाग (राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग) द्वारा आंतरिक रूप से की जाएगी।
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1/पी01-01/2025 3601--भारतीय पुलिस सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते
| क्र0 सं0 | पदाधिकारी का नाम एवं बैच | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | श्री अजय कुमार पाण्डेय, भा0पु0से0 (2012) | पुलिस उप-महानिरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना | पुलिस उप-महानिरीक्षक, मद्य निषेध एवं ए0एन0टी0एफ0, बिहार, पटना |
| 2. | श्रीमती प्रेरणा कुमार, भा0पु0से0 (2018) | पुलिस अधीक्षक, नवगछिया | पुलिस अधीक्षक, लखीसराय |
| 3. | श्री राजेश कुमार, भा0पु0से0 (2016) | पुलिस अधीक्षक, मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, बिहार, पटना | पुलिस अधीक्षक, नवगछिया |
| 4. | श्री अवधेश दीक्षित, भा0पु0से0 (2019) | पुलिस अधीक्षक, लखीसराय | पुलिस अधीक्षक (कार्मिक-1), बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार, अवर सचिव।11 (cid:464)बहार गजट, 25 2026
गृह विभाग (विषेष शाखा)
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आदेश
10 मार्च 2026
सं॰ एल/एच॰जी॰-14-23/2025-2553--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-1102, दिनांक-19.02.2026 के आलोक में श्री अविनाष कुमार, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, सिवान अतिरिक्त प्रभार गोपालगंज को पत्नी तथा शिशु (द्वितीय संतान) की समुचित देखभाल एवं चिकित्सीय परामर्श हेतु दिनांक-12.03.2026 से 26.03.2026 तक कुल 15 (पंद्रह) दिनाेंं की पितृत्व अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
. उक्त अवकाश अवधि में श्री अनिरूद्ध प्रसाद, वरीय जिला समादेष्टा, छपरा श्री कुमार द्वारा धारित पदों के दैनिक कार्यों के प्रभार में रहेंगे।
इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।ह0/- आदेष से, उपेन्द्र प्रसाद, संयुक्त सचिव। गृह विभाग (विषेष शाखा) ------ आदेश 17 मार्च 2026 सं॰ एल/एच॰जी॰-14-02/2026-2769--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-404, दिनांक-16.01.2026 एवं विा (वै॰दा॰नि॰को॰) विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-292(23), दिनांक-13.02.2026 के आलोक में श्री मनीष कुमार, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, बेतिया अतिरिक्त प्रभार बगहा को बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 230 एवं 248(क) के तहत दिनांक-02.01.2026 से दिनांक- 26.01.2026 तक कुल 25 (पच्चीस) दिनों का उपार्जित अवकाश की घटनोार स्वीकृति प्रदान की जाती है।
इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।ह0/- आदेष से, शैलेन्द्र कुमार, अवर सचिव। (s) श्री कौन्तेय कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना सिटी पथ प्रमंडल, पटना के विरूद्ध आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी थाना कांड संख्या-38/2021 दर्ज होने के फलस्वरूव विभागीय अधिसूचना संख्या-5049 (एस) दिनांक 06.10.2021 के द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। श्री कुमार के निलंबन के 07 माह के अन्दर आरोप पत्र गठित नहीं होने के कारण Bihar CCA Rule-2005 के नियम-9 (7) के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-987-सहपठित ज्ञापांक-988 (एस) दिनांक 23.02.2023 के द्वारा श्री कुमार के निलंबन अवधि के 07 माह पूर्ण होने की अगली तिथि 06.05.2022 के प्रभाव से निलंबन मुक्त कर दिया गया। साथ ही आरोप की गंभीरता को देखते हुए बिहार CCA Rule 2005 के नियम 9 (1) (क) एवं (ग) के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-1078 (एस), दिनांक 27.02.2023 के द्वारा श्री कुमार को उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने हेतु निर्गत विभागीय संकल्प की तिथि 21.06.2022 के प्रभाव से पुनः निलंबित किया गया। इस प्रकार श्री कुमार दिनांक 21.06.2022 से लगातार निलंबित है। 2. श्री कुमार के अभ्यावेदन पत्रांक-शून्य दिनांक-22.04.2025 के द्वारा निलंबन अवधि के दौरान नियमित तौर पर निर्धारित मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज किये जाने, उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में विलम्ब होने तथा निलंबन अवधि के दौरान किसी अन्य नियोजन/कारोबार/पेशा/व्यवसाय में नहीं लगे होने का उल्लेख करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 (1) (I) में अन्तर्निहित प्रावधान के तहत् देय जीवन निर्वाह भत्ता में 50% वृद्धि करने का अनुरोध किया गया है। 3. मामले के समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री कुमार को निलंबित हुए 12 माह से अधिक अवधि हो गया है तथा उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में जाँच प्रतिवेदन सम्प्रति अप्राप्त है। अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण,(cid:464)बहार गजट, 25 2026 12 नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-10 (1) (I) में अन्तर्निहित प्रावधान के आलोक में उन्हेंं देय जीवन निर्वाह भत्ता में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी किया जाता है।
4. विभागीय अधिसूचना सं॰- 1078 (एस), दिनांक 27.02.2023 की शेष शर्ते यथावत रहेगी।
5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ( ) निग/सारा-(निगम) आरोप-53/2022 (s) बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना के पत्रांक-2342 अनु॰, दिनांक 05.08.2022 से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर श्री भारत भूषण, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, मगध प्रमंडल, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम सम्प्रति अधीक्षण अभियंता के तकनीकी सलाहकार, पथ निर्माण विभाग, पथ अंचल, मुंगेर (अधीक्षण अभियंता, पथ अंचल, मुंगेर के अतिरिक्त प्रभार) के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय पत्रांक-651 (एस) अनु0 दिनांक-08.02.2023 के द्वारा बचाव का लिखित अभिकथन की माँग की गयी। श्री भूषण के विरूद्ध गठित आरोप निम्नवत हैः- (i) सचिव, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना के पत्रांक-2342 अनु॰, दिनांक 05.08.2022 द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि आंतरिक अंकेक्षण द्वारा अर्द्धवार्षिक प्रतिवेदन 30.09.2021 में ovservation & recommendation on the accounts के para (5) में Running Expenses & Fuelमें Log Book has not been mentioned in voucher fileकी आपति दर्ज की गई है। इस संबंध में मगध प्रमंडल कैम्प डेहरी ऑन सोन के लेखापाल द्वारा सूचित किया गया है कि श्री भारत भूषण के कार्यकाल में Fuel एवं Running Expenses के रूप में कुल 5,94,981/- रूपये व्यय किया गया, जिसका लॉग बुक संधारित नही है। श्री भारत भूषण का उक्त कृृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के नियम-3 (1)(i)(ii)(iii) का उल्लंघन है, जिसके लिए वे दोषी प्रतीत होते है। 2. उक्त के आलोक में उनके पत्रांक-शून्य दिनांक-26.03.2023 के द्वारा विभाग को समर्पित बचाव का लिखित अभ्यावेदन के समीक्षोपरांत अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध संकल्प ज्ञापांक-5406 (एस) अनु0 दिनांक-08.09.2023 के द्वारा अनुशासनिक कार्यवाही संचालित की गयी। 3. मुख्य अभियंता, उत्तर-सह-संचालन पदाधिकारी, पथ निर्माण विभाग, पटना के पत्रांक-2550 अनु0 दिनांक-21.
11.2023 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमे निष्कर्ष के तहत यह अंकित किया गया कि - Log Book
संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत निम्नांकित असहमति के बिन्दु गठित की गयी :-
(i) आपके विरूद्ध मुख्य रूप से आरोप है कि Fuel एवं Running Exepenses के रूप में कुल 5,94,981/- रूपये व्यय किया गया, जिसका Log Book संधारित नहीं है। संचालन पदाधिकारी द्वारा आपके विरूद्ध उक्त आरोप को मात्र इस आधार पर अप्रमाणित माना गया कि आपके द्वारा कथित Log Book विभाग में जमा कर दिया गया है, जबकि आपके विरूद्ध गठित आरोप बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम में पदस्थापन काल का है। आपके द्वारा कथित Log Book को निगम को भेजे जाने के लिए विभाग को उपलब्ध कराया गया था। इस तथ्य से आपके विरूद्ध गठित आरोप स्वतः प्रमाणित हो जाता है कि Fuel एवं Running Exepenses तत्समय Log Book संधारित नहीं किया गया था। 4 उक्त उत्पन्न असहमति के बिन्दुओं के परिप्रेक्ष्य में बचाव का लिखित अभ्यावेदन 15 (पन्द्रह) दिनों के अन्दर निश्चित रूप से समर्पित करने हेतु विभागीय पत्रांक-631 (एस) अनु0 दिनांक-28.01.2025 के द्वारा श्री भूषण को निदेशित किया गया। उक्त के आलोक में स्मारोपरांत उनके पत्रांक शून्य दिनांक-19.05.2025 के द्वारा लिखित अभ्यावेदन विभाग को समर्पित किया गया, जिसमे मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि उनके निगम में पदस्थापित रहते हुए Log Book की मांग नहीं की गई, जिस कारण जमा नहीं हो सका। उन्होने यह भी स्पष्ट किया है कि वस्तुतः Log Book का संधारण Driver के पास एवं लेखा समायोजन के पूर्व लेखापाल/लेखा लिपिक के द्वारा किया जाना है। उनके द्वारा संधारित Log Book की मूल प्रति, जिसका समायोजन हो चुका है, की मांग की गई। समायोजित व्यय की गई राशि में कोई वित्तीय अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि व्यय की गई राशि का Log Book जमा लेने हेतु सम्पर्क किया गया, लेकिन निगम द्वारा विभाग से ही भेजवाने की सलाह दिया गया। उक्त के आलोक में निगम में पदस्थापन अवधि में Fuel एवं Running Expenses के भुगतान किए जाने संबंधी Log Book की द्वितीय प्रति विभाग को भेजते हुए इसे बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम को भेजने हेतु अनुरोध किया गया। श्री भूषण ने यह भी अंकित किया है कि विभागीय पत्रांक 203 (एस)अनु0 दिनांक 15.01.2024 द्वारा उक्त Log Book को वापस कर दिए जाने के उपरान्त निदेशानुसार कुल 05 अदद Log Book को कार्यपालक अभियंता, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, डेहरी ऑन सोन को भेज दिया गया।13 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 5. श्री भूषण के बचाव का लिखित अभ्यावेदन के आलोक में अंकेक्षण आपत्ति के निराकरण के संबंध में अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने हेतु बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, पटना से अनुरोध किया गया। तदालोक में निगम के पत्रांक-4593 अनु0 दिनांक-08.12.2025 के द्वारा 05 सदस्यीय जांच समिति का जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। 6. श्री भूषण के द्वारा समर्पित बचाव का लिखित अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री भूषण के विरूद्ध संचालित अनुशासनिक कार्यवाही के दौरान उनके द्वारा तथाकथित 05 अदद Log Book विभाग में उपलब्ध कराया गया था, जिसे श्री भूषण को ही वापस कर दिया गया। निगम द्वारा उपलब्ध कराये गये जांच प्रतिवेदन के निष्कर्ष में कथित Log Book के संबंध में उल्लेख किया गया है कि श्री भूषण द्वारा समर्पित Log Book वाहन चालक द्वारा नहीं भरा गया है। Log Book में यात्रा का प्रयोजन/विवरणी कि०मी० में वाहन के मीटर के साथ अंकित नहीं है। उक्त Log Book में वाहन चालक का हस्ताक्षर नहीं है। दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि श्री भूषण के द्वारा निगम के कार्यकाल के दौरान प्रयुक्त वाहन के Log Book का संधारण नियमानुसार नहीं किया गया है। इस प्रकार श्री भूषण के द्वारा उपलब्ध कराये गये तथाकथित Log Book को अमान्य कर दिया गया है। साथ ही अंकेक्षण आपत्ति की स्थिति यथावत रहने का भी उल्लेख किया गया है। तदनुसार श्री भूषण के द्वारा समर्पित लिखित अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं है। 7. अतएव उपर्युक्त समीक्षा के आलोक में श्री भारत भूषण, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के समर्पित बचाव का लिखित अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए उनके विरूद्ध प्रमाणित आरोप के समानुपातिक बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम- 14 (iii) के तहत उनके वेतन से रू० 5,94,981/- (कुल चौबीस मासिक किस्तों में) की वसूली किये जाने का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। 8. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। (s) श्री नागेन्द्र भगत, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर सम्प्रति सेवानिवृत के उक्त पदस्थापन अवधि में एकरारनामा संख्या-50एफ2/2016-17 से 59एफ2/2016-17 तक केे तहत कराये गये कार्य में संवेदक के द्वारा समर्पित बिटुमीन एवं इमल्शन के चालानों का सत्यापन कराये बिना ही मापी पुस्तिका में फर्जी चालानों के आधार पर अंकित विपत्र के विरूद्ध आंशिक भुगतान तीन लाख रुपये कर दिये जाने के आरोप के लिए आरोप-पत्र गठित करते हुए विभागीय संकल्प संख्या-7208 (एस) दिनांक 30.12. 2020 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इसके अतिरिक्त कालांतर में श्री भगत द्वारा अनुचित एवं अनाधिकृत रूप से प्रमंडल में कार्यरत सहायक अभियंता एवं कनीय अभिंयता के कार्यक्षेत्र का बार-बार बँटवारा किये जाने, स्थानांतरण के पूर्व सहायक अभियंता एवं पत्राचार लिपिक के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा किये जाने, अधीक्षण अभियंता द्वारा प्रमंडलीय कार्यालय के निरीक्षण में कई त्रुटियों/कमियॉं पाये जाने आदि के लिए विभागीय संकल्प संख्या-1929 (एस) दिनांक 24.03. 2021 के द्वारा अनुपूरक आरोप-पत्र के तहत कुल 03 आरोप गठित करते हुए पूर्व से संचालित विभागीय कार्यवाही में सम्मिलित कर दिया गया। इस प्रकार श्री भगत के विरूद्ध मूल आरोप पत्र के तहत एक आरोप एवं अनुपूरक आरोप पत्र के तहत 03 आरोप के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री भगत के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में आरोप के बिन्दु निम्नलिखित है :-
(i) राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर के अन्तर्गत एन॰एच॰-80 के कि॰मी॰ 136 से कि॰मी॰ 158 में एकरारनामा संख्या-50एफ2/2016-17 से 59एफ2/2016-17 के अन्तर्गत आकस्मिक मरम्मति कार्य कराया गया। उक्त कराये गये आकस्मिक मरम्मति कार्य से संबंधित कुल 10 (दस) अदद् एफ2 Agreement के तहत प्रत्येक एकरारनामा के विरूद्ध विपत्रों की कुल राशि रुपये 78,05,154/- की मापी पुस्त में प्रविष्ट किया गया है, जिसमें समेकित रूप से रुपये 3,00,000/- का भुगतान किया गया है।
कार्यपालक अभियंता, रा0उ0प0 भागलपुर के पत्रांक-201 दिनांक 06.02.2018 द्वारा संवेदक श्रीमती नेहा सिंह द्वारा समर्पित 20 अदद बिटुमेन एवं इमल्शन के चालान को सत्यापित करने हेतु IOCL को भेजा गया। IOCL द्वारा संवेदक श्रीमती नेेहा सिंह के द्वारा समर्पित चालान का सत्यापन कर दिनांक 27.03.2018 को कार्यपालक अभियंता को प्रतिवेदन दिया गया, जिसके अनुसार 20 चालान में से 19 चालान को अवैध पाया गया। मात्र एक चालान DOC No-694411743 dt. 22.02.2017 में VG-30 बिटुमेन की मात्रा 13.416MT को वैध बताया गया।
पुनः कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर के पत्रांक 1228 अनु० दिनांक. 25.09.2019 द्वारा बिटुमेन एवं इमल्सन के क्रय से संबंधित श्रीमती नेहा सिंह को निर्गत आपूर्ति आदेश संख्या के विरूद्ध वास्तविक उठाव की सूचना उपलब्ध कराने हेतु IOCL/HPCl को पत्र लिखा गया। इस संदर्भ में IOCl के पत्रांक शून्य, दिनांक 14.10.2019 द्वारा कुल 18.720 MT. (13.416 + 5.304)MT. VG-30 बिटुमेन को सत्यापित किया गया। इस प्रकार IOCl के द्वारा कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर द्वारा निर्गत आपूर्ति आदेश संख्या क्रमशः 158(cid:464)बहार गजट, 25 2026 14 दिनांक 09.02.2017 के विरूद्ध 13.416 MT. VG-30 एवं आपूर्ति आदेश संख्या- 184 दिनांक 09.02.2017 के विरूद्ध 5.304 MT. VG-30 बिटुमेन के उठाव को सत्यापित किया गया है।
IOCl के पत्रांक- शून्य दिनांक 14.10.2019 द्वारा कुल 18.720 MT. (13.416 + 5.304) MT. VG-30 को ही सत्यापित किया गया है, जो एकरारनामा संख्या- 50F2 of 2016-17 एवं 55F of 2016-17 से संबंधित है। IOCl के द्वारा शेष एकरारनामाओं के अन्तर्गत आपूर्ति किये गये बिटुमेन एवं इमल्शन की आपूर्ति को सत्यापित नहीं किया गया है।
इससे स्पष्ट होता है कि एन०एच०. 80 में एकरारनामा संख्या. 50F2 of 2016-17 से 59F2 of 2016-17 के अन्तर्गत संवेदक के द्वारा समर्पित बिटुमेन एवं इमल्शन के चालानों का सत्यापन किये बिना ही मापी पुस्तिका में फर्जी चालानों के आधार पर अंकित विपत्र के विरूद्ध आंशिक भुगतान कर दिया गया। (ii) अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, भागलपुर का ज्ञापांक- 620 दिनांक-10.06.2017 द्वारा विभाग को प्रेषित प्रतिवेदन के अंतर्गत अंकित किया गया है कि श्री भगत द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर के मात्र ग्यारह (11) माह के कार्यकाल के दौरान सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंताओं के कार्यक्षेत्र का अनुचित एवं अनाधि—त रूप से चौथीबार बँटबारा किया गया।
भागलपुर बाईपास की महत्वपूर्ण परियोजना में पदस्थापित सहायक अभियंता श्री अजय कुमार पाण्डेय एवं कनीय अभियंता श्री अविनाश कुमार शर्मा, जिनके द्वारा कार्य काफी अच्छे ढंग से कराया जा रहा था, को बिना उचित कारण के अनाधि—त रूप से कार्य से हटा दिया गया। श्री भगत के द्वारा निजी स्वार्थवश दूसरे सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता से विपत्र बनवाकर संवेदक को भुगतान करा दिया गया।
(iii) श्री भगत के द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर से स्थानांतरण के मात्र 03 (तीन) दिन पूर्व श्री अजय कुमार पाण्डेय, सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, भागलपुर, श्री राजवंश सिंह, सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, कहलगाँव एवं संजय मोहन झा, पत्राचार लिपिक के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा अधीक्षण अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, भागलपुर से की गयी, जबकि उक्त अभियंताओं/कर्मी के विरूद्ध अपने पदस्थापन के दौरान किसी प्रकार की शिकायत अथवा उनके द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई का उल्लेख नहीं किया गया। अधीक्षण अभियंता द्वारा किये गये जाँच में श्री भगत द्वारा लगाये गये आरोप को निराधार पाते हुये श्री पाण्डेय को आरोप से दोष मुक्त कर दिया गया। उक्त —त्य श्री भगत के गलत मानसिकता का परिचायक है।
(iv) अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, भागलपुर द्वारा प्रमंडलीय कार्यालय का दिनांक 03.02.2017 एवं दिनांक 04.02.2017 को निरीक्षण किया गया। उक्त निरीक्षण में श्री भगत द्वारा बिटुमिन रजिस्टर, संवेदक के द्वारा समर्पित बिटुमिन के चालान की जाँच नहीं करना, कोर्ट केस के निष्पादन में रूची नहीं लेना एवं उच्चाधिकारियों के पत्रों का जवाब नहीं देना इत्यादि पाया गया।
मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ उपभाग, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के द्वारा भी उक्त प्रकरण में अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, भागलपुर के द्वारा समर्पित प्रतिवेदन पर सहमति व्यक्त की गयी है।
उक्त मामले में ही पूर्व में श्री भगत के पत्रांक-शून्य दिनांक-11.07.2019 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर की विभागीय समीक्षा की गयी एवं इनके द्वारा रखे गये तर्कों को स्वीकार्य नहीं पाया गया।
2. श्री भगत के विरूद्ध संचालित उक्त विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-801 अनु॰, दिनांक 01.08.2023 से प्राप्त हुआ, जिसमें संचालन पदाधिकारी द्वारा उक्त मूल आरोप एवं अनुपूरक आरोपों के तहत गठित सभी आरोपों को अप्रमाणित पाये जाने का निष्कर्ष दिया गया। विभागीय समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमति का बिन्दु सृजित करते हुए मूल आरोप पत्र के तहत गठित एक मात्र आरोप, जो फर्जी बिटुमीन चालानों के आधार पर आंशिक रूप से भुगतान किये जाने से संबंधित है, को विभागीय पत्रांक-4896 (एस) दिनांक 03.10.2024 के द्वारा श्री भगत से लिखित अभिकथन के रूप में द्वितीय कारण-पृच्छा की मांग की गयी। असहमति का सृजित बिन्दु निम्नवत है :-
''आलोच्य कार्य के प्रारंभ करने की तिथि दिनांक 09.02.2017 एवं कार्य समाप्ति की तिथि दिनांक 23.02.2017 थी। श्री भगत संबंधित प्रमंडल में दिनांक 06.04.2017 तक पदस्थापित थे। श्री भगत के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में कार्यपालक अभियंता, रा0उ0 प्रमंडल, भागलपुर के द्वारा संचालन पदाधिकारी के रूप में मुख्य अभियंता, उत्तर को उपलब्ध कराये गये आलोच्य कार्य एवं भुगतान से संबंधित मापीपुस्त के अवलोकन से प्रतीत होता है कि श्री भगत के द्वारा दिनांक 18.03.2017 को ही विपत्र को C/P किया गया है। यदि श्री भगत की मंशा भुगतान के पूर्व संवेदक के बिटुमीन/इमल्शन के चालानों की सत्यापन कराये जाने की होती तो श्री भगत के द्वारा विपत्र को C/P नहीं किया जाता, बल्कि चालान सत्यापन हेतु कार्रवाई किया जाता, जो नहीं किया गया। इसलिए संचालन पदाधिकारी द्वारा यह तर्क दिया जाना कि आरोपी द्वारा समयाभाव के कारण बिटुमीन चालान का सत्यापन नहीं कराया गया-यह तर्क संगत प्रतीत नहीं होता है। आरोपी द्वारा अपने पदस्थापन काल में चालान सत्यापन हेतु एक बार भी IOCL से पत्राचार किये जाने की कार्रवाई नहीं की गयी, इसलिए संचालन पदाधिकारी का निष्कर्ष सहमति योग्य प्रतीत नहीं होता है।''15 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 3. श्री भगत के पत्र दिनांक 18.10.2024 के द्वारा अपना द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया। श्री भगत से प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर के विभागीय समीक्षोपरांत पाया गया कि विभागीय पत्रांक-8320, दिनांक 21.07.2011 की कंडिका-(ii) में उल्लेखित नियम कार्यपालक अभियंता दस्तावेजी प्रमाण-पत्र की शुद्धता की जाँच अपने स्तर से करायेंगे एवं तद्नुसार ही अग्रेतर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, परन्तु ऐसा नहीं किया गया एवं बिटुमीन/इमल्शन चालानों का सत्यापन कराये बिना ही विपत्र की C/P कर दी गयी, जो आरोपित कार्यपालक अभियंता के स्तर से प्रक्रियात्मक चूक को पुष्ट करता है।
4. उपर्युक्त समीक्षा के आधार पर के द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर को इस प्रकार स्वीकार योग्य नहीं पाया गया है। अतएव इनके द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री भगत को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी) के तहत % '' किये जाने संबंधी निर्णित दण्ड पर विभागीय पत्रांक-8428 (एस) दिनांक 10.10.2025 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति/परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-4420/लो॰से॰आ॰, दिनांक 05.02.2026 के द्वारा उक्त निर्णित दण्ड पर सहमति व्यक्त की गयी है।
5. उपर्युक्त के आलोक में सम्यक विभागीय समीक्षोपरांत श्री नागेन्द्र भगत, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार पेंशन नियमावली 1950 के विहित प्रावधान अन्तर्गत निम्नलिखित दण्ड संसूचित किया जाता है :-
% 6. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ( ) निग/सारा-6 (मं0नि0)-04/2007 (s) श्री आशीष कुमार सिन्हा तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लखीसराय सम्प्रति सेवानिवृत के उक्त पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता के मामले में दर्ज निगरानी थाना काण्ड संख्या-89/2006 में दिनांक-09.12.2006 को न्यायिक हिरासत में लिये जाने के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-2293(एस) दिनांक-23.02.2007 द्वारा उक्त तिथि से निलंबित किया गया। श्री सिन्हा हिरासत से मुक्त होने के पश्चात उनके द्वारा दिनांक-25.06.2007 को समर्पित योगदान को अधिसूचना सं0-9560 (एस) दिनांक-14.08. 2007 के द्वारा दिनांक-25.06.2007 के प्रभाव से स्वीकृत किया गया। तदोपरांत उक्त मामले में अधिसूचना सं0-9569 (एस) दिनांक-14.08.2007 के द्वारा अगले आदेश तक निलंबित किया गया। इसके साथ हीं उक्त मामले में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-13746(एस) अनु0 दिनांक-29.11.2007 के द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संचालित की गयी। श्री सिन्हा के विरूद्ध गठित आरोप निम्नवत है :-
(i) लखीसराय जिलान्तर्गत वर्ष 2005-06 में सूर्यगढ़ा प्रखंड के पीरी बाजार क्षेत्र में काम के बदले अनाज योजना अन्तर्गत योजना संख्या-4/2005-06 द्वारा भगतपुर-मुखहरी से लठिया कोरासी तक सम्पर्क पथ के निर्माण योजना हेतु प्राक्कलित राशि रुपये 20,97,600/- की स्वीकृति प्रदान की गयी थी, जिसमें प्राक्कलन अनुसार 3 फीट ऊॅंचाई में मिट्टी भरने का कार्य, 4 इंच में मेटल गे्रड-1 का आकार-90 एम॰एम॰ से 63 एम॰एम॰ से 63 एम॰एम॰ तथा मेटल ग्रेड-II का आकार 65 एम॰एम॰ से 45 एम॰एम॰ एवं मेटल-65 कि॰मी॰ से लाने का प्रावधान निर्धारित था। परन्तु निगरानी अन्वेषण ब्याूरों द्वारा गठित जाँच दल द्वारा स्थल एवं अभिलेखीय जाँच में पाया गया कि योजना संख्या-4/2005-06 में मिट्टी भराई का कार्य नहीं किया गया है, जबकि कनीय अभियंता द्वारा मापी पुस्त में पथ भराई में मिट्टी की ढुलाई/कटाई, रोलिंग एवं कम्पैक्सन का झूठा विपत्र अंकित किया जिसकी जाँच आपके द्वारा की गयी एवं तदुपरांत राशि का भुगतान किया गया इस प्रकार कनीय अभियंता (श्री केदार प्रसाद) द्वारा बिना कार्य कराये रुपये 3,81,370/- का भुगतान प्राप्त करने में आपके द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। अतएव आप रुपये 3,81,370/- सरकारी राशि के गबन में संयुक्त रूप से दोषी है।'' (ii) लखीसराय जिलान्तर्गत वर्ष 2005-06 में सूर्यगढ़ा प्रखंड के पीरी बाजार क्षेत्र में काम के बदल अनाज योजना अन्तर्गत योजना संख्या-13/2005-2006, गरीब यादव के घर से वरियारपुर-सोनारी टोला तक सम्र्प पथ के निर्माण में 20,51,200/- की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी थी जिसमें प्राक्कलन अनुसार 2 फीट ऊॅंचाई में मिट्टी भराई का कार्य, 4 इंच मुटाई में स्टोन मेटल ग्रेड-1 का कार्य, 3 इंच मुटाई में स्टोन मेटल ग्रेड-2 का कार्य करने का प्रावधान था। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा गठित जाँच दल द्वारा स्थल जाँच में यह पाया गया कि योजना 13/2005-2006 में गरीब यादव के घर के पास से कार्य नहीं कराकर 300 गज हटकर कार्य आरम्भ किया गया। पथ में मिट्टी भराई तथा 2 फीट की जगह एक फीट कराया गया, स्टोन मेटल का आकार निर्धारित आकार से काफी बड़ा पाया गया तथा पत्थर मशीन द्वारा कटींग नहीं किया हुआ पाया गया तथा चोरा पहाड़ से पत्थर का मिलान करने पर एक जैसा पत्थर पाया गया, पथ में मोरम कार्य भी नहीं पाया गया। जबकि मापी पुस्तिका में मिट्टी ढुलाई, भराई रौलिंग एवं कैम्पैक्सन कार्य सहित(cid:464)बहार गजट, 25 2026 16 स्टोन मेटल ग्र्रेड-1 एवं ग्रेड-II की ढुलाई शेखपुरा एवं मोरम का कार्य एवं उसकी ढुलाई शेखपुरा से अंकित पाया। मापी पुस्तिका में अंकित मापी की जाँच आपके द्वारा की गयी, जिसके उपरान्त राशि का भुगतान किया गया, इस प्रकार श्री केदार प्रसाद, कनीय अभियंता द्वारा इस मद में रुपये 9,59,572/- का भुगतान बिना कार्य कराये प्राप्त किया गया जसमें आपका सक्रिय सहयोग किया गया। अतएव रुपये 9,59,572/- के सरकारी राशि के गबन हेतु आप संयुक्त रूप से दोषी है।'' 2. संचालित अनुशासनिक कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-2849 अनु0 दिनांक-28.07.2008 द्वारा उक्त गठित आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया एवं प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में श्री सिन्हा से विभागीय पत्रांक-13931 दिनांक-27.10.2008 के द्वारा बचाव का लिखित अभ्यावेदन की माँग की गयी। श्री सिन्हा के द्वारा समर्पित लिखित अभ्यावेदन के समीक्षोपरांत स्वीकार योग्य नही पाते हुए प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-10910(एस) दिनांक-26.07.2010 द्वारा श्री सिन्हा को तत्कालिक प्रभाव से सेवामुक्त किया गया।
3. उक्त संसूचित दंडादेश के विरूद्ध श्री सिन्हा के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में C.W.J.C No.- 11703/2012 दायर किया गया, जिसमें दिनांक-01.02.2019 को पारित आदेश के आलोक में अधिसूचना सं0-5046(एस) दिनांक-27.05.2019 द्वारा दंडादेश अधिसूचना सं0-10910 (एस) दिनांक- 26.07.2010 एवं पुनर्विचार अभ्यावेदन अस्वी—त किये जाने संबंधी अधिसूचना संख्या-7320 दिनांक-27.06.2011 को निरस्त करने, श्री सिन्हा को विभाग में योगदान समर्पित करने, नये सिरे से आनुशासनिक कार्यवाही संचालित करने तथा अनुवर्ती लाभ Fresh inquiry के उपरांत फलाफल के अनुरूप नियमानुसार ली जा सकेगी का निर्णय लिया गया। तदोपरान्त पूर्व से गठित आरोप पत्र एवं साक्ष्यो के आधार पर संकल्प ज्ञापांक-6800(एस) दिनांक-25.07.2019 के द्वारा नए सिरे से अनुशासनिक कार्यवाही संचालित की गयी। 4. श्री सिन्हा के विरूद्ध नए सिरे से संचालित अनुशासनिक कार्यवाही में मुख्य अभियंता-सह-संचालन पदाधिकारी, सेतु प्रबंधन उपभाग, पथ निर्माण विभाग, पटना के पत्रांक-564 अनु॰ दिनांक-03.11.2023 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया। संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्व गठित दोनों आरोपों को प्रमाणित होने का निष्कर्ष दिया गया। प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक-4479 (एस) अनु0 दिनांक-12.09.2024 के द्वारा उक्त जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति अनु0 सहित संलग्न करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों के संबंध में लिखित अभ्यावेदन 15 (पंद्रह) दिनों के अन्दर समर्पित करने हेतु श्री सिन्हा को निदेशित किया गया। परंतु निर्धारित अवधि से अधीक समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी श्री सिन्हा के द्वारा लिखित अभ्यावेदन विभाग को समर्पित नही किया गया।
5. उल्लेखनीय है कि विभागीय पत्रांक-4479 (एस) अनु0 दिनांक-12.09.2024 श्री सिन्हा के पता पर निबंधित डाक/स्पीड पोस्ट से भेजा गया था, जो अबतक विभाग को वापस प्राप्त नही हुआ है। उक्त विभागीय पत्र स्पीड पोस्ट संख्या-EF530198107IN के माध्यम से श्री सिन्हा को प्रेषित किया गया था, जिसे indiapost.gov.in पर ट्रैक करने पर उक्त पत्र श्री सिन्हा को दिनांक-17.09.2024 को प्राप्त होने की पुष्टि होता है। इस प्रकार उक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि उक्त विभागीय पत्र श्री सिन्हा को तामिला हो चुका है, परंतु इनके द्वारा कोई प्रत्युतर नही दिया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि मामले को विलम्बित किये जाने की मंशा से इनके द्वारा जानबूझकर लिखित अभ्यावेदन नहीं दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को प्रमाणित पाये जाने संबंधी दिया गया निष्कर्ष श्री सिन्हा को स्वीकार है। 6. अतएव उपर्युक्त समीक्षा के आलोक में श्री आशीष कुमार सिन्हा तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लखीसराय सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43 (बी) के तहत निम्नांकित निर्णय लिया जाता है :-
(i) उनके पेंशन से स्थायी रूप से 10 (दस) प्रतिशत पेंशन की कटौती। (ii) उनके निलंबन अवधि एवं सेवामुक्त अवधि का विनियमन की कार्रवाई अलग से की जायेगी। (s) श्री अजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ याँत्रिक प्रमंडल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति मुख्य अभियंता (यांत्रिक) के मुजफ्फरपुर पदस्थापन अवधि में उनके विरूद्ध श्री सुभाष कुमार दास, समयपाल, राष्ट्रीय उच्च पथ याँत्रिक प्रमंडल, मुजफ्फरपुर की पत्नी श्रीमती जय श्री सोम द्वारा दिनांक-31. 08.2009 को समर्पित परिवाद पत्र में निम्नांकित दो आरोप लगाये गये थेः- (i) सितम्बर-2009 के प्रथम सप्ताह में प्रसव की संभावना के आलोक में श्री दास द्वारा मांगे गये पितृत्व अवकाश को अस्वीकृत करना।
(ii) श्री दास जो तृतीय वर्ग के कर्मी है, को दिनांक-03.12.2008 से रात्रि प्रहरी (चतुर्थ वर्ग) के पद पर प्रतिनियुक्त करना, दिनांक-07.07.2009 से वैरिया हॉट मिक्स प्लान्ट, एम॰आई॰टी॰, मुजफ्फरपुर पर रात्रि प्रहरी के रूप में प्रतिनियुक्त करना तथा दिनांक-29.08.2009 से दानापुर-खगौल पथ स्थित हॉट मिक्स प्लान्ट पर रात्रि प्रहरी के पद पर प्रतिनियुक्त करना।17 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 2. विषय वस्तु की गंभीरता को देखते हुए श्री सिंह, कार्यपालक अभियंता से विभागीय पत्रांक-11410(एस) दिनांक-13.10.2009 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण पत्रांक-390 दिनांक-19.10.2009 के समीक्षोपरांत एवं पूरे प्रकरण पर विचारोपरांत पाया गया कि श्री दास की प्रतिनियुक्ति मूल पदस्थापन मुजफ्फरपुर प्रमंडल के अंतर्गत ही किसी कार्यालय/स्थल पर की जा सकती थी न कि दूसरे प्रमंडल अंतर्गत। पितृत्व अवकाश की अस्वीकृति के मामले में भी पाया गया कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर के आदेश ज्ञापांक-2441 दिनांक-18.08.2009 की अंतिम पंक्ति में यह स्पष्ट रूप से अंकित है कि अत्यन्त आवश्यकता की स्थिति में कोई पदाधिकारी/कर्मचारी जिला पदाधिकारी से पूर्वानुमति प्राप्त कर अवकाश में जा सकता है। श्री सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा सहायक अभियंता को संबोधित उनके पत्रांक-348 दिनांक-01.09.2009 द्वारा चुनाव आचार संहिता समाप्त होने तक उक्त अवकाश नहीं दिये जाने की सूचना दी गयी। अतएव आरोपों को पूर्णतः प्रमाणित पाते हुए विभाग द्वारा श्री सिंह, कार्यपालक अभियंता को ''निन्दन'' जो अगले तीन वर्षाें तक लागू रहेगा तथा इनकी दो वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का निर्णय लिया गया। 3. उपर्युक्त मामले में विभाग द्वारा लिये गये निर्णय, जिस पर सक्षम प्राधिकार का आदेश प्राप्त किया जाना अपेक्षित था और वह आदेश अभी निर्गत नहीं हुआ था, के विरूद्ध श्री सिंह ने सीधे माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए उन शास्तियों को निरस्त करने के लिए आवेदन दिनांक-06.04.2010 दे दिया। इस मामले में बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के नियम-3 एवं 22 के उल्लंघन का दोषी पाते हुए श्री सिंह से विभागीय पत्रांक-8251(एस) दिनांक-02.06.2010 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सिंह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पत्रांक-246 दिनांक-23.06.2010 के समीक्षोपरांत इन्हें दोषी पाते हुए विभाग द्वारा इनकी दो वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया गया। 4. उपर्युक्त दोनों प्रकरण में सक्षम प्राधिकार के निर्णयानुसार इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-6316(एस)-सह-पठित ज्ञापांक-6317(एस) दिनांक-31.05.2011 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गयाः-
(i) ''निन्दन'' की सजा जो अगले तीन वर्षों तक लागू रहेगा। (ii) चार वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
5. उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में CWJC No.-10846/2011 दायर किया गया। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय, द्वारा दिनांक-03.11.2025 को पारित न्यायादेश के द्वारा विभागीय दंडादेश को quashed and set aside किया कर दिया गया, जिसका कार्यशील अंश निम्नवत् हैंः-
"It was further contended by learned counsel for the petitioner that in the inquiry conducted by the Superintending Engineer, in the enquiry report dated 17.11.2009 allegations against the petitioner were found to be incorrect and false. However, the Deputy Secretary, Road Construction Department proceeded to issue a show cause notice dated 13.10.2009 asking the petitioner to file his reply within a period of 7 days and on the petitioner filing his reply proceeded to pass the order of punishment. Referring to the show cause notice it was submitted that the same does not fulfill the requirements of Rule 19(1)(a) of the Rules. This Court has perused the contents of the show cause notice dated 13.10.2009 which shows that the same does not intimate the petitioner in writing the proposed action to be taken against him as also the grounds of misconduct on which the action is proposed to be taken. In terms of Rule 19(1)(a), even in case of imposition of minor penalty, the petitioner was required to be told of the action that the disciplinary authority proposed to take against him under the Rules and the same not having been done as shown from the contents of the show cause notice dated 13.10.2009, in view of the judgment of this Court dated 22.8.2017 passed in CWJC no.5327 of 2016 (Indrajeet Kumar Arya versus State of Bihar & Ors.) the order of punishment is not sustainable and fit to be set aside.
In view of the facts and circumstances stated above, the order of punishment dated 31.05.2011 issued under the signature of the Special Secretary, Road Construction Department, Government of Bihar, Patna, is hereby quashed and set aside. The petitioner is held entitled to all consequential benefits denied to him as a result of the impugned order.
The writ application is allowed."
6. उपर्युक्त न्यायादेश के आलोक में मामले की समीक्षा की गयी तथा पाया गया कि श्री सिंह के विरूद्ध आलोच्य मामले में संचालित अनुशासनिक कार्रवाई में कतिपय प्रक्रियात्मक त्रुटि रह गयी, जिसे वर्त्तमान में सुधारे जाने का कोई(cid:464)बहार गजट, 25 2026 18 औचित्य प्रतीत नहीं होता है। अतः सम्यक् समीक्षोपरांत श्री अजय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ याँत्रिक प्रमंडल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति मुख्य अभियंता (यांत्रिक) के विरूद्ध विभागीय अधिसूचना संख्या-6316(एस)-सह-पठित ज्ञापांक-6137(एस) दिनांक-31.05.2011 द्वारा अधिरोपित दंड को निरस्त किया जाता है। उक्त के फलस्वरूप श्री सिंह को सभी अनुमान्य अनुवर्ती लाभ प्राप्त होंगे। 7. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ( ) (s) विभागीय चयन समिति की अनुशंसा के आलोक में निम्न सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने अंकित पद एवं आवंटित प्रमंडल हेतु 02 (दो) वर्ष या इनकी उम्र 65 वर्ष पूरी होने में जो पहले हो तक के लिए संविदा के आधार पर नियोजित किया जाता है :-
| 1. | श्री कृष्ण मोहन सिंह, सेवानिवृत्त अपर समाहर्त्ता-सह-अपर जिला दण्डाधिकारी। | मुख्य भू-अर्जन विशेषज्ञ | पटना |
| 2. | श्री आलोक कुमार, स वानिवृत्त े अपर सचिव। | भू-अर्जन विशेषज्ञ, (भा॰प्र॰से॰) | तिरहुत (मुजफ्फरपुर) एवं सारण (छपरा) |
2. मुख्य भू-अर्जन विशेषज्ञ/भू-अर्जन विशेषज्ञ को सेवा निवृत्ति के समय अपुनरीक्षित वेतनमान् में प्राप्त मूल वेतन एवं ग्रेड-पे तथा पुनरीक्षित वेतनमान् में प्राप्त मूल वेतन तथा उस पर तत्समय देय महंगाई भत्ता का योगफल में से मूल पेंशन (Commutation सहित) एवं उस पर सेवा निवृत्ति की तिथि को देय मंहगाई राहत का योगफल घटाने पर जो राशि आयेगा, वही राशि मानदेय/संविदा वेतन के रूप में अनुमान्य होगा, परंतु पेंशन पर महंगाई राहत मिलता रहेगा। 3. उक्त पदाधिकारियों को निगरानी स्वच्छता अनुकूल रहने की प्रत्याशा में नियोजित किया जा रहा है। निगरानी स्वच्छता प्रतिकूल रहने पर अनुबंध समाप्त कर दिया जाएगा।
4. अनुबंध समाप्ति के पूर्व यदि पुनर्नियोजन नहीं होता है, तो वैसी स्थिति में निर्धारित तिथि को इनका अनुबंध स्वतः समाप्त माना जायेगा और इसके लिए आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित नहीं होगा।
5. उपर्युक्त नियोजित पदाधिकारी संबंधित जिले/प्रमंडल में सप्ताह में न्यूनतम 04 (चार) दिन एवं राज्य मुख्यालय में न्यूनतम 01 (एक) दिन प्रति सप्ताह रहकर कार्य करेंगे।
6. कार्यालय आदेश-215-सह-पठित ज्ञापांक-8509 (एस) दिनांक 16.10.2025 को इस हद तक संशोधित समझा जाय। निग/सारा-(एन॰एच॰)उड़नदस्ता-07/2019 (s) श्री अरविन्द कुमार वर्मा, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, लखीसराय एट मुंगेर सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभिंयता के विरूद्ध राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल लखीसराय एट मुंगेर के पदस्थापन काल में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-80 मोकामा-लखीसराय पथ के कि॰मी॰ 0.00 से 11.00 तक में कराये गये कार्यो की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल से करायी गयी। उड़नदस्ता प्रमंडल से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की विभागीय समीक्षोंपरांत आलोच्य पथ के कार्य में निम्नवत त्रुटियाँ/अनियमितताएँ पायी गयीः- (i) पथ के कि॰मी॰ 1 से 11 के अलग-अलग स्ट्रेच में BM कार्य कुल 4600m लंबाई में किया जाना था, परन्तु कुछ कि॰मी॰ के प्रावधानित स्ट्रेच में BM कार्य न कराकर अन्य स्ट्रेच में BM कार्य कराया गया। (ii) पथ के कि॰मी॰ 1 में कराये गये BM कार्य की मुटाई क्रमशः 55mm तथा 23mm पायी गयी, औसतन मुटाई 39mm पायी गयी, जबकि प्रावधान 50mm का है।
2. वर्णित अनियमितताओं/त्रुटियों के लिए श्री अरविन्द कुमार वर्मा के विरूद्ध विभागीय पत्रांक-8004 (S) अनु॰ दिनांक-29.09.2016 से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। परन्तु श्री वर्मा द्वारा स्पष्टीकरण का प्रत्युत्तर समर्पित नहीं किया गया। 3. उपर्युक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में मामले की सम्यक् रूप से समीक्षा के उपरांत श्री अरविन्द कुमार वर्मा, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, लखीसराय एट मुंगेर सम्प्रतिः सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता को प्रमाणित पाये गये त्रुटियों का दोषी पाते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-1514 (एस) दिनांक 11.02.2019 द्वारा इनके विहित समानुपातिक दायित्वों के अनुरूप सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (v) के तहत निम्न दंड संसूचित किया गया :- (i)19 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 4. श्री वर्मा दिनांक 31.07.2020 को ही वार्घक्य रूप से सेवानिवृत हो गये, जिसके फलस्वरूप श्री वर्मा के विरूद्ध उक्त निर्गत दण्डादेश के कारण रूके हुए दोनों वेतनवृद्धियों का समायोजन नहीं हो सका और उनके विरूद्ध संसूचित लघु दण्ड, बृहद दण्ड के रूप में प्रभावी हो गया।। उक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में विभागीय समीक्षोपरांत श्री वर्मा के विरूद्ध अधिसूचना संख्या-1514 (एस) दिनांक के दण्ड को पुनरीक्षित करते हुए 11.02.2019 के द्वारा प्रतिस्थानी दण्ड के रूप में का दण्ड अधिरोपित किया जाता है और प्रतिस्थानी दण्डादेश उसी तिथि से प्रभावी होगा जिस तिथि को मूल दण्डादेश निर्गत किया गया था। 5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। ( ) (s) 1. श्री अनिल कुमार सिंह, मुख्य अभियंता, उत्तर, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अपने ही वेतनमान् में अभियंता प्रमुख (मुख्यालय), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है। (s) 2. श्री सुनील कुमार सुमन, अपने ही वेतनमान् में मुख्य अभियंता, पर्यटन विभाग, बिहार, पटना की सेवा वापस लेते हुए अपने ही वेतनमान् में मुख्य अभियंता, उत्तर, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।
(s) 3. मो॰ कमर हासमी, अधीक्षण अभियंता (नाबार्ड, बाह्य सम्पोषित, NH, ROB), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानान्तरित करते हुए मुख्य अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु सेवा अगले आदेश तक पर्यटन विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है। (s) 4. श्री विजय कुमार, मुख्य अभियंता (संविदा प्रबंधन, नीतिगत मामले एवं लेखा परीक्षा), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए मुख्य अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु सेवा अगले आदेश तक बिहार चिकित्सा सेवाएँ एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है। (s) 5. श्री राजेश कुमार गुप्ता, मुख्य अभियंता, उत्तर के सचिव (प्रावैधिक), पथ निर्माण विभाग को स्थानांतरित करते हुए मुख्य अभियंता (संविदा प्रबंधन, नीतिगत मामले एवं लेखा परीक्षा), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
(ii) श्री गुप्ता अपने कार्याें के अतिरिक्त मुख्य अभियंता (पथ संधारण), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। (s) 6. श्री प्रिय रंजन केशव, अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (योजना निरूपण, NHAI, भू-अर्जन एवं गुण नियंत्रण) उत्तर अंचल, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए मुख्य अभियंता, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है। (ii) श्री केशव अपने कार्याें के अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना उपभाग, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। (s) 7. श्री शैलेन्द्र भारती, अपने ही वेतनमान् में मुख्य अभियंता, दक्षिण के सचिव (प्रावैधिक), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अपने ही वेतनमान् में अधीक्षण अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु सेवा अगले आदेश तक बिहार चिकित्सा सेवाएँ एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है। (s) 8. श्री राणा प्रभाष चन्द्र, उप मुख्य सेतु विशेषज्ञ, सेतु प्रबंधन उपभाग, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अपने ही वेतनमान् में अधीक्षण अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु सेवा अगले आदेश तक तकनीकी परीक्षक कोषांग, निगरानी विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है। (s) 9. श्री बैरिस्टर राम, कार्यपालक अभियंता (संविदा-2), मुख्य अभियंता (संविदा प्रबंधन, नीतिगत मामले एवं लेखा परीक्षा) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु सेवा अगले आदेश तक बिहार चिकित्सा सेवाएँ एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है। (s) 10. श्रीमती सुलेखा कुमारी, सहायक अभियंता (अनुश्रवण), सारण पथ अंचल, हाजीपुर को स्थानांतरित करते हुए सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, हाजीपुर, वैशाली पथ प्रमंडल, हाजीपुर के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।(cid:464)बहार गजट, 25 2026 20 (s) 11. श्री संजय कुमार, सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, सहरसा को स्थानांतरित करते हुए सहायक अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु सेवा अगले आदेश तक तकनीकी परीक्षक कोषांग, निगरानी विभाग, बिहार, पटना को सौंपी जाती है। पूर्व में निर्गत सभी आदेश को इस हद तक संशोधित समझा जाय। 01/स्था॰-22/2024 (s) सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 द्वारा निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के क्रम में पथ निर्माण विभाग के अधीन गठित विभागीय स्क्रीनिंग समिति की दिनांक 11.02.2026 को आयोजित बैठक में की गई अनुशंसा के आलोक में निम्नलिखित पदाधिकारियों को अधीक्षण अभियंता (असैनिक) के पद पर पूर्णतः अस्थायी व्यवस्था के अन्तर्गत विहित वेतनमान (वेतन स्तर-13) सहित उच्चतर पद का स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार प्रदान किया जाता है :-
| 1 | श्री इन्द्रजीत कुमार आर्य | 689 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 2 | श्री शैलेन्द्र भारती | 695 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 3 | श्री प्रमोद कुमार | 716 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 4 | श्री राणा प्रभाष चन्द्र | 722 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 5 | श्री जितेन्द्र प्रसाद | 851 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 6 | श्री तालकेश्वर कुमार | 972 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 7 | श्री वीरेन्द्र कुमार सिंह | 1110 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 8 | श्री अंजनी कुमार | 1120 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 9 | श्री अजय कुमार | 1121 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 10 | श्री अनिल कुमार सिंह | 1126 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 11 | श्री प्रभात कुमार | 1130 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 12 | श्री राकेश कुमार | 1139 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 13 | श्री सुशील कुमार झा | 1143 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 14 | श्री रवि वर्मा | 1144 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 15 | श्री शशि भूषण सिंह | 1146 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 16 | श्री अरविन्द प्रसाद गुप्ता | 1148 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 17 | श्री खुर्शीद करीम | 1149 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 18 | श्री मिथिलेश कुमार चौधरी | 1153 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 19 | श्रीमती नीतू मणि | 1154 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 20 | श्रीमती रेजी सिंह | 1155 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 21 | श्रीमती सीमा रानी | 1156 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 22 | श्रीमती संजू कुमारी | 1157 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 23 | श्रीमती रूबी रानी | 1159 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 24 | श्री आलोक कुमार ठाकुर | 1191 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 25 | श्री अभय कुमार | 1199 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 26 | श्री दीपेश कुमार | 1200 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
| 27 | श्री अरविन्द कुमार | 1205 | मूल पद कार्यपालक अभियंता (असैनिक) |
2. उपर्युक्त पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ निम्नरूपेण देय होगा :-
(क) संबंधित पदाधिकारी पदस्थापन होने तक पूर्व धारित पद पर ही उच्चतर पद का प्रभार ग्रहण करेंगे तथा पूर्व से धारित पद के कार्याें का भी निष्पादन करेंगे।
(ख) वैसे पदाधिकारी जो पूर्व से कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में उच्चतर पद के प्रभार में है उन्हें अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 के अधीन संबंधित उच्चतर पद का प्रभार देने हेतु निर्गत विभागीय अधिसूचना के विरूद्ध प्रभार ग्रहण की तिथि से आर्थिक लाभ देय होगा।
3. अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में उच्चतर पद का प्रभार प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों के संबंध में भविष्य में अर्हत्ता को प्रभावित करने वाले किसी प्रकार की त्रुटि/विसंगति पाए जाने पर उन्हें प्रदत्त प्रभार आदेश को रद्द/ संशोधित कर दिया जाएगा तथा भुगतान की गई राशि की वसूली कर ली जाएगी। 4. कार्यकारी व्यवस्था के तहत विहित वेतनमान् के साथ उच्चतर पद का कार्यकारी प्रभार माननीय उच्चतम् न्यायालय में विचाराधीन सिविल अपील संख्या-4880/2017 बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य तथा एतद् संबंधी अन्य वादों में पारित होने वाले अंतिम आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा।(cid:464)बहार गजट, 25 2026 22 5. यह अधिसूचना सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार की अधिसूचना संख्या-19300, दिनांक 13.10.2023 द्वारा निर्गत अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली, 2023 के प्रावधानों के आलोक में की गई है, जो इस नियमावली में किसी भी परिवर्तन के फलाफल से प्रभावित होगी। 2 स्था॰/12 विविध-31/2011 (s) पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II में
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| 1 | श्री गणेश दास, सहायक अभियंता, पथ अवर प ्रमंडल, बरौनी, पथ प्रमंडल, बेगूसराय। | 2014/806 | 15-01-2014 | 19-01-2024 |
2. इस अधिसूचना से वरीयता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। वरीयता यथावत रहेगा। 3. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
सुमित वत्स, अवर सचिव (प्र॰को॰)। प्र॰2/स्था॰-नियुक्ति-01-01/2018 (s) बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II के अन्तर्गत सहायक अभियंता (असैनिक/यांत्रिक/विद्युत) के पदों पर नियमित चयन/नियुक्ति/अनुशंसा हेतु बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II भर्त्ती (संशोधन) नियमावली, 2022 के प्रावधानों के तहत संविदा अनुभव के अंकों की अधिमानता के संबंध में विभागीय अधिसूचना संख्या-5565 (एस) दिनांक 09.11.2022 द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश पर कई अभ्यर्थियों द्वारा आपत्ति करते हुए संशोधन करने के अनुरोध पर सामान्य प्रशासन विभाग के परामर्श एवं विद्वान महाधिवक्ता की विधिक सहमति के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा निम्नलिखित निर्णय लिया गया हैः- "(i) बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II भर्त्ती नियमावली 2022 (समय-समय पर यथासंशोधित) में विहित संविदा नियोजित सहायक अभियंता को नियमित नियुक्ति के क्रम में 25 प्रतिशत अंकों की अधिमानता दिये जाने संबंधी विद्यमान प्रावधान राज्य सरकार का एक सुविचारित एवं तर्कसंगत निर्णय है जिसमें कोई संशोधन अपेक्षित नहीं है। (ii) किसी संविदा नियोजित सहायक अभियंता के, संविदा नियोजन के फलस्वरूप अंकों की अधिमानता का लाभ देते हुए, किसी एक कार्य विभाग के अभियंत्रण संवर्ग के सहायक अभियंता के पद पर नियुक्ति हेतु आयोग द्वारा चयनित/अनुशंसित होने पर भविष्य में उन्हें सहायक अभियंता संवर्ग में नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया में संविदा नियोजन के आधार पर अंकों की अधिमानता का लाभ नहीं दिया जाय। ऐसे अभ्यर्थियों के अभ्यर्थित्व पर आयोग द्वारा अधिमानता अंक का लाभ दिये बिना विचार किया जाय। (iii) उप कंडिका-(ii) का निर्णय पूर्व में प्रकाशित ऐसे विज्ञापनों पर भी प्रभावी होगा, जिसकी चयन प्रक्रिया सम्प्रति प्रक्रियाधीन है।"
2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार पाल, सचिव। (s) बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना के आर्टिकल ऑफ एशोसिएशन में निहित प्रावधान के अनुसार बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना की वार्षिक साधारण बैठक/विशेष साधारण बैठक में भाग लेने के लिए श्री नवनीत प्रकाश, उप सचिव, पथ निमार्ण विभाग, बिहार, पटना को महामहिम राज्यपाल, बिहार के प्रतिनिधि के रूप में नामित किया जाता है। 2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।23 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 सं0 7/शक्ति प्र0-13-02/2025 सा0प्र0- --भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिकों को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ में अंकित विवरणी के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं। उक्त कार्मिकों को दरभंगा जिला में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (46, 2023) की संगत धारा के अंतर्गत विशेष कार्यपालक दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने की घटनोत्तर स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-
| 1 | जिला निर्वाचन पदाधिकारी (स0स0)-सह-जिला पदाधिकारी, दरभंगा के पत्रांक-837/सी0 दिनांक 03.02.2026 के संलग्न सूची में अंकित कार्मिक। | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-15 | पैक्स निर्वाचन, 2026 मतदान कार्य हेतु दिनांक 06.02.2026 के लिए | विधि व्यवस्था | विशेष कार्यपालक दंडाधकारी | दरभंगा |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुनील कुमार तिवारी, अवर सचिव। सं0 7/शक्ति प्र0-13-02/2025 सा0प्र0- --भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिकों को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ में अंकित विवरणी के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं। उक्त कार्मिकों को सभी जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (46, 2023) की संगत धारा के अंतर्गत विशेष कार्यपालक दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने की स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-
| 1 | अपर सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1038 दिनांक 09.02. 2026 के संलग्न सूची में अंकित कार्मिक। | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-15 | दिनांक 01.02.2026 से दिनांक 31.03.2026 तक | विधि व्यवस्था एवं अन्य उद्देश्य | विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी | सभी जिले |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुनील कुमार तिवारी, अवर सचिव।(cid:464)बहार गजट, 25 2026 24 सं0 7/शक्ति प्र0-13-02/2025 सा0प्र0- --भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिकों को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ में अंकित विवरणी के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं। उक्त कार्मिकों को समस्तीपुर एवं भागलपुर जिलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (46, 2023) की संगत धारा के अंतर्गत विशेष कार्यपालक दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने की घटनोत्तर एवं आगामी अवधि हेतु स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-
| 1 | जिलाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक-1283 दिनांक 12.03.2026 के संलग्न सूची मं अंकित कार्मिक। े | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-15 | दिनांक 01.01.2026 से 31.12.2026 तक के लिए | विधि व्यवस्था | विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी | समस्तीपुर |
| 2 | जिला निर्वाचन पदाधिकारी (स0स0)-सह- जिलाधिकारी, भागलपुर के पत्रांक-55(प्र0) दिनांक 13.03.2026 के संलग्न सूची मं अंकित कार्मिक। े | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-15 | पैक्स निर्वाचन, 2026 मतदान कार्य हेतु दिनांक 18.03.2026 के लिए | निर्वाचन कर्तव्य हेतु | विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी | भागलपुर |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुनील कुमार तिवारी, अवर सचिव। सं0 7/शक्ति प्र0-13-03/2024 सा0प्र0- --भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिकों को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ में अंकित विवरणी के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं। उक्त कार्मिकों को समस्तीपुर जिला में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (46, 2023) की संगत धारा के अंतर्गत विशेष कार्यपालक दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने की घटनोत्तर स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-
| 1 | जिलाधिकारी, समस्तीपुर के पत्रांक-1284 दिनांक 12.03.2026 के संलग्न सूची में अंकित कार्मिक। | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-15 | परीक्षा समाप्ति तक | विधि व्यवस्था | कार्यपालक दंडाधिकारी | समस्तीपुर |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुनील कुमार तिवारी, अवर सचिव।25 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 सं0 7/शक्ति प्र0-13-02/2025 सा0प्र0- --भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियाें का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल निम्नांकित अनुसूची के स्तम्भ-2 में उल्लेखित कार्मिकों को उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ में अंकित विवरणी के अनुसार दण्डाधिकारी नियुक्त करते हैं। उक्त कार्मिकों को दरभंगा जिला में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (46, 2023) की संगत धारा के अंतर्गत विशेष कार्यपालक दण्डाधिकारी की प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने की स्वी—ति प्रदान की जाती हैः-
| 1 | जिला निर्वाचन पदाधिकारी (स0स0)-सह-जिला पदाधिकारी, दरभंगा के पत्रांक-1909/सी0 दिनांक 15.03.2026 के संलग्न सूची में अंकित कार्मिक। | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-15 | पैक्स निर्वाचन, 2026 मतदान कार्य हेतु दिनांक 18.03.2026 के लिए | विधि व्यवस्था | विशेष कार्यपालक दंडाधिकारी | दरभंगा |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुनील कुमार तिवारी, अवर सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 1—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 25 2026 26भाग-2
बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। —————
s विभागीय अधिसूचना संख्या-290 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-291 (एस) दिनांक 14.01.2026 के क्रम संख्या-17 पर अंकित श्री शशि रंजन कुमार के नाम के सामने कॉलम-6 में अंकित प्रथम एम॰ए॰सी॰पी॰ की देय तिथि के स्थान पर तथा क्रम संख्या-18 पर अंकित श्री सुबोध कुमार के नाम के सामने कॉलम-6 में अंकित प्रथम एम॰ए॰सी॰पी॰ की देय तिथि के स्थान पर पढ़ा जाय। 2. शेष प्रावधान यथावत रहेगा।
आदेश से, ————— अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 1—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
27 (cid:464)बहार गजट, 25 2026भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द।
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सूचना
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No. 300--I, Puja Kumari W/o Vijay Kumar R/o Village-Kurwapar, P.O.+P.S.-Nagarnausa, Distt.-Nawada Bihar-801305 do hereby solemnly affirm and declare as per affidavit No.-3000 dt. 17.12.25 my name is written in my Aadhar card as Kumari Puja where as in all educational documents written as Puja Kumari. Both names are same and one person. From now I shall be known as Puja Kumari for all purposes.
Puja Kumari.
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No. 301--I, Rajesh Kumar Singh, s/o. Mundrika Singh, vill- Dayal Chak, K.p. Rampur district-Saran Bihar 841211 do solemnly affirm and declare as Affidavit No. 39, Date: 22.12.2025 That my name is mentioned in my Aadhar card and pan card as Rajesh Kumar Singh Correct. But my daughter's Akansha Singh 10th matriculation C.B.S.E Certificate my name has been wrongly mentioned as Rajesh Singh. That from now I will be know as RAJESH KUMAR Singh for All future purpose.
Rajesh Kumar Singh.
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No. 302--I, Sanjeev Kumar S/o Sardanand Prasad R/o Vill-Bahapar, P.S.-District- Nalanda Karaiparsurai, Bihar-801304 do hereby solemnly affirm and declare that Ajeet Kumar is my son, class 10th marksheet cum certificate (CBSE) amd Aadhar Card my name is mentioned as Sanjeev Prasad. Here both the name belong to me and from now in my future I will be known as Sanjeev Kumar for all legal purposes. Affidavit No.-1231, /Date 29.01.2026.
Sanjeev Kumar.
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No. 303--I Mukesh Kumar S/O Late Rajendra Prasad Sharma, Resident of 47, Murali Hill Bairagi, Berhind RSS Office, Gayaji, Bihar-843327 hereby affirm and declare as follows vide Affidavit no. 509 dated 11.08.2025. That SAKSHI KUMARI is my daughter. That in my daughter Aadhar card name is mentioned as SAKSHI KUMARI. That in Birth Certificate name mentioned as SAKSHI. That SAKSHI KUMARI and SAKSHI are the names of same and one person. That she shall be known as SAKSHI SHANDILYA for all purposes.
Mukesh Kumar.
(cid:464)बहार गजट, 25 2026 28No. 304--I Mukesh Kumar S/O Late Rajendra Prasad Sharma, Resident of 47, Murali Hill Bairagi, Berhind RSS Office, Gayaji, Bihar-843327 hereby affirm and declare as follows vide Affidavit no. 4051 dated 11.08.2025. That SAKSHAM KUMAR is my minor SON's. That I want to add my SON surname to " SHANDILYA ". That in my Son Aadhar card and Birth Certificate name is mentioned as SAKSHAM KUMAR. That he shall be known as SAKSHAM SHANDILYA for all purposes.
Mukesh Kumar.
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No. 311--I, Pratibha Kumari Upadhyay W/o Sri Shailendra Nath R/o Mohalla- Baikunthpuri Bairiya, P.O-M.I.T., P.S.-Ahiyapur Block Kanti, Distt.-Muzaffarpur, Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 1070 dt. 16.03.2026 that my name is written as Pratibha Kumari Upadhyay in my Aadhar Card. From now I will be known as Pratibha Trivedi for all purposes.
Pratibha Kumari Upadhyay.
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सं0 312--मैं अजय कुमार अभय, पिता-श्री रामजी पासवान, स्थायी निवासी ग्रामपो0-साईन, थाना-बेलसर, जिला-वैशाली, बिहार, 84111 शपथ पत्र सं0-2914 दिनांक 01.07.2025 के द्वारा यह सूचित करता हूँ यह कि मेरे पुत्र के आधार कार्ड में अभिमन्यु राज नाम दर्ज है यह है कि मेरे पुत्र का सही नाम अभिमन्यु अभय है, भविष्य में मेरा पुत्र अभिमन्यु राज के जगह पर अभिमन्यु अभय के नाम से सभी कार्यों हेतु जाना व पहचाना जायेगा।
अजय कुमार अभय।
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No. 313--I, Anurag S/o Bijoy Kumar, resident of Flat No.-305, Raj Enclave Apartment, Kusumpuram colony, Danapur, Distt. - Patna, Bihar -801503 hereby declare vide affidavit No. - 594 date 11.10.2025 that my name is Anurag. I want to add surname "Gupta". Now, I would be known as "Anurag Gupta" for all purposes.
Anurag.
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No. 314--I, Shikha Rani, W/O- James Michael, Resident of - Christian Quarters, Bettiah West Champaran. I declare through Affidavit no.23972 dated 21.06.25 that my name is wrongly printed as Shikha James in my daughter Jenis James' Matriculation certificate but my correct name is Shikha Rani.
Shikha Rani.
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No. 315--I, Khushboo Kumari, D/o - Devendra Prasad Singh, R/o - vill- Khalakbeg, ward no.-07, P.O-Gadai Sarai, P.S - Hajipur Sadar, Distt. - Vaishali, Bihar - 844102. Do hereby solemnly affirm and declare that in my Aadhar card as well as in my PAN card my name is mentioned as KHUSHBOO KUMARI. But, in my educational documents of matriculation my name is mentioned as KHUSBOO KUMARI. Here, both the names belong to the names of same person i.e. me. And, from now in my future I will be known as KHUSHBOO KUMARI for all legal purposes. Affidavit no. – 3234 Date: - 26/12/2025.
Khushboo Kumari.
29 (cid:464)बहार गजट, 25 2026No. 316--I, Sajda Khatun W/O Mohammad Zouhar Ali R/o Near Masjid New Millat colony-03 sector-03 Phulwarisharif P.O.+P.S.-Phulwarisharif Distt. Patna Bihar-801505 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 987 dt. 22.01.26 that my name is written in as Sajda Khatoon in my minor daughter Sidra Ali's Matriculation certificate. In Aadhar card my name is written as Sajda Khatun. Both names are same and one person. From now I Shall be known as Sajda Khatun for all purposes.
Sajda Khatun.
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No. 317--I, Mohammad Zouhar Ali S/o Mohammad Zubair R/o Near Masjid New Millat colony - 03 sector - 03 Phulwarisharif P.O.+P.S.-Phulwarisharif Distt. Patna Bihar-801505 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 988 dt. 22.01.26 that my name is written in as Md. Zouhar Ali in my minor daughter Sidra Ali's Matriculation certificate. In Aadhar card written as Mohammad Zouhar Ali. Both names are same and one person. From now I will be known as Mohammad Zouhar Ali for all purposes.
Mohammad Zouhar Ali.
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No. 318--I, Pramod Kumar, S/o-Kali Prasad Modi, R/o -Shivpuri Colony, Ram Bhawan Campus, Ishak Chak, Bhagalpur, Bihar -801005, do hereby solemnly affirm and declare that Shashwat Modi is my son. And, in his educational documents his name is mentioned as Shashwat Modi. But, in his Aadhar card his name is mentioned as Kumar Shaswat. Here, both the names belong to the names of my samé son. And, from now in his future he will be known as SHASHWAT MODI for all legal purposes. Affidavit no.27, Date -20.01.2026.
Pramod Kumar.
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No. 319--I, Anita Kumari, D/o Shri Niwas Singh, R/o House No.-859, Ward No.-19 Near Yasoda Ultasound, Kali ji sthan, Bypass Road, Buxar, P.O.-Buxar, P.S.-Nagar Thana Buxar, Distt.- Buxar, Bihar-802101 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-2471 dt. 12.02.26 that my name is written in Aadhar card, Pan card and all educational documents as Anita Kumari. In voter card written as Anita Kumari Singh. Both names are same and one person. From now I shall be known as Anita kumari for all purposes.
Anita Kumari.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 1—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 25 2026 30बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 3(स0)/उ0स्था0(आरोप)-17/2023--889
श्री पंकज कुमार, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, बेगुसराय के विरूद्ध मुख्यमंत्री उद्यमी योजना अन्तर्गत जिला के लाभुकों के परियोजना स्थल एवं जिला उद्योग केन्द्र, बेगुसराय का औचक निरीक्षण दिनांक 22.06.2023 तथा 23.06.2023 को किये जाने के क्रम में 31 निरीक्षण स्थलों में 12 स्थल निरीक्षण में अनियमितता पाये जाने के कारण अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक-5361 दिनांक 12.09.2023 द्वारा श्री कुमार को निलंबित करते हुए मुख्यालय-उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना निर्धारित किया गया।
श्री कुमार के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित करते हुए विभागीय पत्रांक-5369 दिनांक 12.09.2023 द्वारा बचाव के लिखित अभिकथन की मांग की गयी। उक्त पत्र के आलोक में श्री कुमार द्वारा दिनांक 05.10.2023 को बचाव का लिखित अभिकथन समर्पित किया गया।
श्री कुमार से प्राप्त बचाव के लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। उनसे प्राप्त बचाव के लिखित अभिकथन असंतोषजनक पाये जाने के कारण विभागीय संकल्प ज्ञापांक-390 दिनांक 19.01.2024 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी।
श्री पंकज कुमार, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, बेगुसराय सम्प्रति निलम्बित, मुख्यालय-उद्योग निदेशालय, बिहार, पटना के सेवानिवृति की तिथि 30.04.2024 होने के कारण विभागीय संकल्प सं0-2344 दिनांक 30.04.2024 द्वारा उन्हें दिनांक 30.04.2024 के अपराह्न से निलंबन मुक्त करते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी0) के तहत संचालित विभागीय कार्यवाही को सम्परिवर्तित किया गया।
निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय सह संचालन पदाधिकारी, उद्योग विभाग के पत्रांक-37/DHS दिनांक 03.05.2024 द्वारा श्री पंकज कुमार, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, बेगुसराय सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित जाँच प्रतिवेदन में श्री कुमार पर लगे आरोप संख्या-01,02,03,04,05,07,08,09,11 तथा 12 प्रमाणित एवं आरोप संख्या-06 तथा 10 अप्रमाणित पाया गया है। निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय सह संचालन पदाधिकारी, उद्योग विभाग के पत्रांक-37/DHS दिनांक 03.05.2024 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक-3530 दिनांक 10.07.2024 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी, तदआलोक में श्री कुमार द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा उपलब्ध कराया गया।
श्री पंकज कुमार, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक-सह-प्रभारी महाप्रबंधक सम्प्रति सेवानिवृत, जिला उद्योग केन्द्र, बेगूसराय के विरूद्ध '' संसूचित करने का निर्णय सक्षम प्राधिकार द्वारा लिये जाने के उपरांत विभागीय पत्रांक-3181 दिनांक 15.07.2025 द्वारा परामर्श हेतु सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग, पटना को पत्र प्रेषित की गयी।
बेगुसराय सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध
उक्त के आलोक में श्री पंकज कुमार, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, संबंधी31 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 विभागीय दंड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की पूर्ण पीठ की वर्ष-2025 की 39वीं बैठक में सहमति प्रदान की गयी।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से प्राप्त सहमति के आलोक में श्री पंकज कुमार, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक सह प्रभारी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, बेगुसराय सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध संसूचित किया जाता है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राधा कृष्ण चौहान, उप सचिव।
------ सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-02/2024--2006 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------- संकल्प 18 मार्च 2026 दिनांक-16.01.2024 को मंडल कारा, बिहारशरीफ में संसीमित विचाराधीन बंदी रणविजय कुमार, पे0-लालु मिस्त्री के पलायन कर जाने की घटना के संबंध में जिला पदाधिकारी, नालन्दा के पत्रांक-557/गो0, दिनांक-16.01.2024 से प्राप्त संयुक्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ के विरूद्ध बंदी पलायन के उक्त घटना में बरती गई लापरवाही एवं कर्त्तव्यहीनता तथा प्रशासनिक विफलता के प्रतिवेदित आरोपों के लिए आरोप पत्र गठित किया गया, जिस पर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय ज्ञापांक-2155 दिनांक-11.03.2024 द्वारा श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ को आरोप पत्र (साक्ष्य सहित) की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोप पत्र में गठित आरोपों के आलोक में लिखित बचाव अभिकथन की मांग की गई। 2. तद्आलोक में श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ द्वारा पत्रांक-1624 दिनांक-17.04.2024 के माध्यम से लिखित बचाव अभिकथन समर्पित किया गया है, जिसे अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3860 दिनांक- 15.05.2024 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई, जिसके संचालन हेतु आयुक्त, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 3. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-13655/सा0प्र0, दिनांक-15.12.2011 की कंडिका-2 (1) (ग) में निहित प्रावधान के तहत आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना के आदेश ज्ञापांक-377/स्था0, दिनांक-30.05.2024 द्वारा उक्त विभागीय कार्यवाही में जाँच का कार्य संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को हस्तांतरित किया गया। 4. विभागीय कार्यवाही के जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक-1035/स्था0, दिनांक-17.12.2025 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया है, जिसमें श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ के विरूद्ध आरोप पत्र में गठित कुल छः (06) आरोपों में से आरोप संख्या-01, 02, 04 एवं 06 को प्रमाणित, आरोप संख्या-03 को अंशतः प्रमाणित तथा आरोप संख्या-05 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।
5. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम- 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक-300 दिनांक-12.01.2026 द्वारा श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ को जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए उनसे पन्द्रह (15) दिनाें के अन्दर द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गयी थी। 6. तद्आलोक में श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ द्वारा पत्रांक-227 दिनांक-28.01.2026 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया गया है। बंदी रणविजय कुमार, पे0-लालू मिस्त्री द्वारा U आकृति का बड़ा सा लोहे का कील, लकड़ी एवं बेडसीट का टुकड़ा तथा गमछे को एक-दूसरे से जोड़कर लंबा रस्सी तैयार कर उसके सहारे कारा के पीछे की चहारदीवारी फाँदकर पलायन करने की घटना में बरती गई गंभीर प्रशासनिक विफलता एवं कर्त्तव्यहीनता के आरोप के संबंध में श्री कुमार का कहना है कि कारा सुरक्षा को सु–ढ़ रखने के लिए उनके द्वारा निरंतर प्रयास किए गए थे। बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-488 (i) के तहत पलायन को 'आपात स्थिति' माना जाता है, जिसे रोकने हेतु वॉकी-टॉकी, सायरन, शस्त्रागार के रख-रखाव और संवेदनशील स्थानों पर ड्यूटी की व्यवस्था की गई थी।(cid:464)बहार गजट, 25 2026 32 श्री कुमार का कहना है कि श्री पवन कुमार साह, तत्कालीन सहायक अधीक्षक-सह-प्रभारी उपाधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ घटना के समय मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थे। उनकी भूमिका सबसे अधिक संदिग्ध और लापरवाह पाई गई। उन्होंने अधीनस्थों पर कोई नियंत्रण नहीं रखा और न ही सुरक्षा कर्मियों को सतर्क किया। उनके सूचना तंत्र (Intelligence) के विफल होने के कारण बंदी अपने साथ लोहे की कील, चादर और गमछा ले जाने में सफल रहा। श्री कुमार का कहना है कि उनके द्वारा श्री ब्रज किशोर राय, प्रभारी मुख्य उच्च कक्षपाल-सह-प्रभारी जमादार, मंडल कारा, बिहारशरीफ को प्रथम दृष्ट्या दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। श्री राय संवेदनशील स्थानों और वॉच टावरों पर तैनात कर्मियों को सतर्क करने में विफल रहे। उन्होंने बंदी वार्ड के प्रभारी से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र नहीं की, जिससे बंदी को पलायन के लिए U आकार की बड़ी लोहे की कील आसानी से प्राप्त हो गई। श्री कुमार का कहना है कि श्री मदन कुमार दत्त, कक्षपाल, मंडल कारा, बिहारशरीफ को बंदी कक्ष संख्या-24 (जहाँ से बंदी फरार हुआ) की जिम्मेवारी थी। सुबह नंबर खुली से दोपहर की गिनती तक उनकी ड्यूटी थी। उन्होंने बंदी की निगरानी में घोर शिथिलता बरती, जिससे बंदी वार्ड से निकलकर काफी दूर स्थित पूर्वी चहारदीवारी तक पहुँचने में सफल रहा। उनका कहना है कि वॉच टावर संख्या-02 और 03 पर तैनात तीन गृह रक्षकों-श्री शिवेन्द्र कुमार, श्री नरेश पासवान और श्री डोमन प्रसाद की बंदी के साथ सीधी मिलीभगत थी। बंदी ने U आकार की कील और चादर की रस्सी का उपयोग कर दीवार फाँदने का प्रयास किया, जिसमें समय लगा होगा। इसके बावजूद टावर पर तैनात सशस्त्र कर्मियों ने न तो हवाई फायरिंग की और न ही शोर मचाया। टावरों के बीच की दूरी मात्र 500 फीट थी और –श्यता (Visibility) स्पष्ट थी, फिर भी उन्होंने कोई गतिविधि नहीं देखी। घटना के बाद भी उन्होंने वरीय अधिकारियों को सूचित नहीं किया। श्री कुमार का कहना है कि पलायन की घटना के पूर्व नियमित रूप से CCTV की मरम्मत और नए कैमरों का अधिष्ठापन कराया गया था, जिसकी साप्ताहिक रिपोर्ट विभाग को भेजी जाती थी। वॉच टावर संख्या-03 के जर्जर होने के बावजूद सुरक्षा के मद्देनजर वहाँ नियमित ड्यूटी लगाई जा रही थी। मिनट बुक और मौखिक निर्देशों के माध्यम से लगातार तलाशी अभियान और प्रतिबंधित सामग्रियों की जब्ती के निर्देश दिए जा रहे थे। घटना के समय (प्रातः 07ः10 बजे) वे कार्यालय में नहीं थे, क्योंकि वह कार्यालय अवधि नहीं थी। उनका कहना है कि उक्त पलायन की घटना केवल सुरक्षा व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि निचले स्तर से लेकर मध्य स्तर के पदाधिकारियों की सामूहिक लापरवाही और मिलीभगत का परिणाम थी। विशेष रूप से प्रभारी उपाधीक्षक, श्री पवन कुमार साह और वॉच टावर पर तैनात कर्मियों की भूमिका ने कारा की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसी आधार पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध निलंबन और विभागीय कार्यवाही चलाकर दंड अधिरोपित किये गये हैं।
कारा में अधिष्ठापित सी.सी.टी.वी. उपकरण का बैट्री खराब रहने से संबंधित मामले में श्री कुमार का कहना है कि उन्हें दिनांक-10.01.2024 को बैट्री खराब होने की सूचना मिली थी। उनके द्वारा उसी दिन त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभारी उपाधीक्षक, श्री पवन कुमार साह को बैट्री बदलने हेतु कारा के ज्ञापांक-160 दिनांक-10.01.2024 के माध्यम से निदेशित किया गया था। इस संबंध में उनके द्वारा स्थानीय वेंडर से भी संपर्क किया गया, जिसके द्वारा पारिवारिक स्वास्थ्य कारणों और मकर संक्रांति का हवाला देकर देरी की गई। उनका कहना है कि श्री साह (प्रभारी उपाधीक्षक) ने न तो बैट्री खरीद से संबंधित संचिका उनके समक्ष प्रस्तुत की और न ही व्यक्तिगत रुचि ली। श्री साह द्वारा अपनी विफलता छुपाने के लिए उल्टा उनपर ही आरोप लगाया गया है। कारा चहारदीवारी के आस-पास जंगल-झाड़ होने की वजह से न्यूनतम विजिवलिटी के कारण बंदी पलायन करने के आरोप के संबंध में श्री कुमार का कहना है कि कारा चहारदीवारी स्थित गश्ती पथ पर जंगल-झाड़ नहीं था। वॉच टावर से गश्ती पथ की विजिवलिटी पूरी तरह से स्पष्ट है। वॉच टावर पर तैनात कक्षपाल/गृहरक्षक की लापरवाही के कारण उक्त बंदी पलायन करने में सफल रहा। श्री कुमार कहना है कि उनके द्वारा नियमित रूप से कारा के अंदर एवं बाहर का पर्यवेक्षण/भ्रमण किया जाता था तथा समय-समय पर अधीक्षक मिनट बुक के माध्यम से एवं मौखिक रूप से संबंधित को निदेश दिया जाता था। श्री कुमार का कहना है कि उनके द्वारा बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-140 (iv) एवं 797 (iii) का अनुपालन किया गया है। उनका कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा उनके बचाव अभिकथन का गहनता से विश्लेषण नहीं किया गया तथा उनके दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के बावजूद प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा तथ्य से परे प्रतिपरीक्षण प्रतिवेदन में अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत किया गया है, जिसके आधार पर आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित कर दिया गया, जबकि प्रथम –ष्टया आरोपित कर्मियों को उनके उत्तरदायित्व में लापरवाही एवं शिथिलता बरतने के लिए उनके (श्री कुमार) द्वारा उचित कार्रवाई की गयी। श्री कुमार का कहना है कि संबंधित आरोप के लिए वे दोषी नहीं हैं। बंदी पलायन की घटना की सूचना वरीय पदाधिकारी को विलंब से देने के आरोप के संबंध में श्री कुमार का कहना है कि उक्त बंदी की कारा के आंतरिक एवं बाहरी परिसर में खोज-बीन, बंदियों की पुनः गिनती तथा संबंधित बंदी के संबंध में सूचना प्राप्त करने में प्रक्रियात्मक विलंब हुई। उक्त के क्रम में पलायित बंदी की संख्या एवं उसका नाम, पता तथा अन्य जानकारी स्पष्ट हो जाने एवं बंदी पलायन की पुष्टि हो जाने के उपरांत उनके द्वारा जिला प्रशासन को सूचना दी गयी। उनके द्वारा जानबूझकर विलंब से सूचना नहीं दी गयी है न ही घटनाक्रम को छिपाने की कोई मंशा थी। उनका कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने निष्कर्ष में यह अंकित किया गया है कि 04 घंटे विलंब से सूचना दिया जाना प्रक्रियात्मक विलंब को दर्शाता है। इसी प्रकार प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा भी समर्पित प्रतिपरीक्षण प्रतिवेदन में प्रक्रियात्मक विलंब ही बताया गया है। इस प्रकार उक्त आरोप के लिए वे दोषी नहीं हैं।33 (cid:464)बहार गजट, 25 2026 श्री कुमार का कहना है कि मंडल कारा, बिहारषरीफ में उनके पदस्थापन के दौरान कारा की सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के समुचित संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही एवं शिथिलता नहीं बरती गयी है। कार्यालय प्रधान होने के नाते उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता के साथ किया है तथा बैट्री बदलने हेतु उनके द्वारा हर स्तर से त्वरित कार्रवाई की गयी है। 7. श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। बंदी पलायन की उक्त घटना के संबंध में जिला पदाधिकारी, नालन्दा एवं पुलिस अधीक्षक, नालन्दा द्वारा किये गये संयुक्त जाँच में पाया गया कि बंदी रणविजय कुमार U आ—ति का बड़ा सा लोहे का कील, लकड़ी एवं बेडशीट का टुकड़ा तथा गमछे को एक-दूसरे से जोड़कर लम्बा रस्सी तैयार कर उसके सहारे दिनांक-16.01.2024 को नम्बरखुली के समय पूर्वाह्न लगभग 07ः00 बजे कारा के पीछे की चहारदीवारी फाँदकर पलायन करने में सफल हो गया, जिससे स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी श्री कुमार तथा अधीनस्थ पदाधिकारियों/कर्मियों के द्वारा कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेश पर रोक लगाने में विफल रहें तथा कारा में नियमित रूप से तलाशी करने के नाम पर महज खानापूर्ति की गई। फलस्वरूप दिनांक-16.01.2024 को बंदी रणविजय कुमार द्वारा U आ—ति का बड़ा सा लोहे का कील एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों के सहारे कारा से पलायन कर गया। बंदी पलायन की उक्त घटना में कारा के अंदर आसूचना संग्रह नहीं करने, बंदियों को अनुशासित नहीं रखे जाने तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोपों के लिए श्री कुमार द्वारा अधीनस्थ पदाधिकारियों/कर्मियों के विरूद्ध कार्रवाई कर अपने ऊपर लगे आरोपों से बचने का प्रयास किया गया है। कारा के मुख्य प्रशासनिक एवं नियंत्री पदाधिकारी के रूप में आरोपित पदाधिकारी श्री कुमार द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मियों के कार्यों का सम्यक् अनुश्रवण/पर्यवेक्षण नहीं किया गया है। बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम- 488(i) एवं 489 में निहित प्रावधान के अनुसार आपात स्थितियों को रोकने तथा नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने का दायित्व अधीक्षक का है, किन्तु श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, षिविर मंडल कारा, फुलवारीषरीफ अपने पदीय दायित्वों/कर्त्तव्यों के निर्वहन में विफल रहे हैं। श्री कुमार का अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों/कर्मियों के कार्यों पर सतत् नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण तथा अनुषासन बनाये रखने में विफल रहे हैं। परिणामस्वरूप कारा से बंदी पलायन की गंभीर घटना घटित हुई है। जिला पदाधिकारी, नालन्दा एवं पुलिस अधीक्षक, नालन्दा द्वारा किये गये संयुक्त जाँच में यह पाया गया कि बंदी पलायन की उक्त घटना से एक सप्ताह पूर्व से सी०सी०टी०वी० उपकरण का बैट्री खराब था। जिला पदाधिकारी, नालन्दा एवं पुलिस अधीक्षक, नालन्दा को आरोपित पदाधिकारी द्वारा सी०सी०टी०वी० बैट्री ठीक कराने हेतु एजेंसी को दिये गये निदेश का कोई लिखित साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया था। संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया गया है कि संवेदनशील मामला होने के बावजूद आरोपित पदाधिकारी श्री कुमार द्वारा कारा में अधिष्ठापित सी०सी०टी०वी० की मरम्मति हेतु मात्र विभाग से पत्राचार किया जाना खानापूर्ति को दर्शाता है, जबकि आरोपित पदाधिकारी द्वारा सी०सी०टी०वी० कैमरा को कार्यशील कराने में प्राथमिकता के आधार पर व्यक्तिगत अभिरूचि लेते हुए सार्थक एवं ठोस कदम उठाना चाहिए था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। कारा में अधिष्ठापित सी०सी०टी०वी० कैमरा का खराब रहना, कारा सुरक्षा के प्रति गंभीर चूक को दर्शाता है। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी द्वारा इस मामले में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन में अंकित है कि कारा चहारदीवारी के बाहर 10-12 फीट चौड़ाई वाला गश्ती पथ बना हुआ है। गश्ती पथ पर जंगल-झाड़ नहीं था। वॉच टावर से गश्ती पथ की विजिवलिटी पूरी तरह से स्पष्ट है। वॉच टावर पर तैनात कक्षपाल/गृहरक्षक की लापरवाही के कारण उक्त बंदी पलायन करने में सफल रहा। यह बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-140 (iv), 797 (iii) के विहित प्रावधानों के अनुपालन में चूक को दर्शाता है। यद्यपि इस हेतु काराधीक्षक को ही सिर्फ दोषी नहीं माना जा सकता है तथापि यह आरोपित पदाधिकारी की पर्यवेक्षकीय विफलता को दर्शाता है। संचालन पदाधिकारी द्वारा इस आरोप को अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन में अंकित है कि पलायित बंदी को आंतरिक एवं बाहरी परिसर में खोज-बीन, बंदियों की गिनती एवं पलायित बंदी के संबंध में जानकारी इकट्ठा करने में प्रक्रियात्मक विलंब हुआ तथा आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिनांक-16.01.2024 को ही दीपनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी। चूँकि बंदी पलायन की पुष्टि बंदियों की गिनती के उपरांत ही संभव हो पाता। आरोपित पदाधिकारी द्वारा 04 घंटा के विलंब से दूरभाष पर सूचना दिया जाना प्रक्रियात्मक विलंब को दर्शाता है, परन्तु इस प्रकार की घटना की सूचना तुरंत वरीय पदाधिकारियों को न देकर श्री कुमार के द्वारा आंतरिक स्तर पर मामले का समाधान ढूढ़ने का प्रयास किया जाना, बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-507 में दिये गये निर्देश के प्रतिकूल है। संचालन पदाधिकारी द्वारा इस आरोप को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। अतः आरोपित पदाधिकारी श्री प्रभात कुमार का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है। 8. अतः उपरोक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में श्री प्रभात कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, बिहारशरीफ सम्प्रति अधीक्षक, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ के विरूद्ध प्रमाणित तथा आंषिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोपों के आलोक में उनके द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14 (i) एवं (v) के प्रावधान के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दण्ड अधिरोपित किया जाता है :-
(cid:464)बहार गजट, 25 2026 34(i) "निन्दन"। (ii) "दो (02) वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड"।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजीव जमुआर, अपर सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।