असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
17 वैशाख 1948 (श0)
(सं0 पटना 450) पटना, वृह(cid:232)पितवार 7 मई 2026
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7 ebZ 2026
खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा-15 के आलोक में प्रख्यापित बिहार लघु खनिज समानुदान नियमावली, 1972 के नियम-52 के तहत राज्यान्तर्गत पत्थर भूखण्डों की बंदोबस्ती करायी जाती थी। इसी प्रकार वर्तमान में बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 के नियम-22 के तहत राज्यान्तर्गत पत्थर भूखण्डों की ई-नीलामी द्वारा बंदोबस्ती कराये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में मात्र 04 पत्थर भूखण्ड संचालित है एवं अन्य बंदोबस्त पत्थर भूखण्डों की बंदोबस्ती अवधि समाप्त हो चुकी है। पत्थर भूखण्डों की नयी नीलामी नहीं कराये जाने हेतु लिए गये उच्चस्तरीय निर्णय के आलोक मेें राज्यान्तर्गत पत्थर भूखण्डों की पुनर्बंदोबस्ती स्थगित रही है।
2. बिहार राज्य में अवसंरचनात्मक विकास के लिए स्टोन चिप्स, बोल्डर इत्यादि सामग्रियों की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्त्तमान में राज्य, निर्माण कार्यों के लिए पत्थर की आपूर्ति हेतु मुख्यतः अन्य राज्यों पर निर्भर है। इससे सरकारी परियोजनाओं के प्राक्कलन में वृद्धि के साथ बिहार राज्य को अपेक्षित राजस्व भी प्राप्त नहीं हो रहा है। राज्य में पत्थर भूखण्डों की नीलामी प्रारंभ किये जाने से राजस्व में वृद्धि के साथ रोजगार भी सृजित होंगे एवं सरकारी निर्माण कार्यों के लागत में कमी आएगी। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 7 मई 2026 जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन प्रारूप तैयार कर ली गयी है अथवा प्रक्रियाधीन है, की बंदोबस्ती कराने का निर्णय लिया गया। 4. खान मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना संख्या-222(अ), दिनांक-30.03.2026 द्वारा अधिसूचित खनिज (परमाणु और हाइड्रोकार्बन उर्जा खनिजों से भिन्त्र) रियायत (दूसरा संशोधन) नियम, 2026 के नियम-25 'घ' के अनुसार सरकार द्वारा 2 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र वाले पत्थर खनन पट्टा देने के पूर्व खान (खनिज अंतर्वस्तु का साक्ष्य) नियम, 2015 के अनुसूची-II में विनिर्दिष्ट खनिजों के संबंध में पुष्टि के लिए कम-से-कम प्रारंभिक गवेषण (जी3) के बराबर गवेषण कार्य एवं उक्त नियम के अनुसूची-I के भाग-IV 'क' के अनुरूप भू-वैज्ञानिक अध्ययन प्रतिवेदन तैयार कराया जाएगा।
5. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी अद्यतन अधिसूचना तथा माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के आलोक में ई-नीलामी से पूर्व लघु खनिज का जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन तैयार कर सक्षम प्राधिकार (सिया, बिहार) से अनुमोदन आवश्यक है। नीलामित पत्थर भूखण्डों से खनन कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम प्राधिकार से वैधानिक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना होगा।
6. केन्द्र/राज्य के अधीन वृहद खनिजों की ई-नीलामी एवं विभिन्न राज्यों, यथा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, असम, आंध्र प्रदेश, ओड़िशा एवं मध्य प्रदेश में लघु खनिजों की ई-नीलामी एम0एस0टी0सी0 पोर्टल के माध्यम से करायी जा रही है। बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली, 2024 के नियम-131ज्ञ(छ) के तहत नामांकन के आधार पर ई-नीलामी प्लेटफॉर्म हेतु एम0एस0टी0सी की सेवा ली जाएगी। विभाग द्वारा एम0एस0टी0सी0 के साथ निष्पादित होने वाले समझौता ज्ञापन के लिए शर्त्त एवं बंधेजों को निर्धारित किया जाएगा। राज्य में पत्थर भूखण्डों की बंदोबस्ती एम0एस0टी0सी0 के पोर्टल पर ई-नीलामी के माध्यम से करायी जाएगी।
7. स्वामिस्व दर एवं बंदोबस्ती राशि की भुगतान की प्रक्रिया तथा अन्य अपेक्षित कार्रवाई बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 समय-समय पर यथा संशोधित के अधीन होगी।
8. बिहार राज्यान्तर्गत अंतिम जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में चिह्नित पत्थर खनन पट्टों की बंदोबस्ती हेतु सहमति, बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली, 2024 के नियम-131ज्ञ(छ) के तहत नामांकन के आधार पर ई-नीलामी प्लेटफॉर्म हेतु मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन (एम0एस0टी0सी0) का चयन एवं बंदोबस्ती ई-नीलामी के माध्यम से कराये जाने की स्वीकृति दी गई है। 9. प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दिनांक-29.04.2026 की बैठक के मद संख्या-23 में प्राप्त है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,