िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 28 वैशाख 1948 (श0)
(सं0 पटना 511) पटना, सोमवार, 18 मई 2026 —
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राज्य में उच्चतर शिक्षा के समावेशी विकास हेतु राज्य सरकार कृत संकल्पित है। उक्त के मद्देनजर राज्य निश्चय के तहत डिग्री महाविद्यालय
सरकार के सात निश्चय-3 (2025-30) अंतर्गत रहित प्रत्येक प्रखंड में डिग्री महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है।
2. राज्य सरकार के उक्त निर्णय को क्रियान्वित करने हेतु राज्य के सभी परंपरागत विश्वविद्यालयों एवं संबंधित जिला पदाधिकारी से उनके क्षेत्रान्तर्गत प्रखंडवार संचालित हो रहे अंगीभूत/संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों के संबंध में प्रतिवेदन प्राप्त करते हुए शिक्षा विभाग के संकल्प संख्या-633 दिनांक-30.04.2026 द्वारा 208 प्रखण्डोंं में डिग्री महाविद्यालय की स्थापना, नामकरण, अंगीभूतिकरण एवं संचालन की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
3. राज्य सरकार के उक्त निश्चय के अनुपालन में पश्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत 02 अवशेष प्रखण्डों (पिपरासी एवं भितहा) में डिग्री महाविद्यालय की स्थापना किया जाना है।
इसी क्रम मेें जिला पदाधिकारी, मुंगेर से मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर प्रखण्ड में जनहित एवं प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक अतिरिक्त डिग्री महाविद्यालय स्थापित किये जाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।
4. बी0आर0ए0 बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर एंव जिला पदाधिकारी, बेतिया तथा जिला पदाधिकारी, मुंगेर से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में पश्चिम चम्पारण जिला के डिग्री महाविद्यालय रहित 02 प्रखण्डों पिपरासी एवं भितहा तथा मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर प्रखण्ड में 01 अतिरिक्त डिग्री महाविद्यालय अर्थात कुल 03 डिग्री महाविद्यालयों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की जाती है। ये तीनों महाविद्यालय इस संकल्प के निर्गत होने की तिथि से स्थापित माने जायेंगे।
इन महाविद्यालयोें के संचालन हेतु निम्न कार्य योजना के अनुसार कार्रवाई की जाएगी :-
(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 18 मई 2026 2( ) (i) पश्चिम चम्पारण जिला के पिपरासी एवं भितहा में स्थापित होने वाले महाविद्यालयों का नामकरण उक्त प्रखंड के नाम के पूर्व ''राजकीय डिग्री महाविद्यालय'' जोड़ते हुए किया जायेगा, अर्थात् ये महाविद्यालय संबंधित प्रखंड के राजकीय डिग्री महाविद्यालय के रूप में जाने जायेंगे। मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर प्रखण्ड में स्थापित होने वाले 01 अतिरिक्त डिग्री महाविद्यालय का नामकरण राजकीय डिग्री महाविद्यालय, बरसन्डा, टेटिया बम्बर होगा।
(ii) संकल्प सं०-633, दिनांक-30.04.2026 से आच्छादित 208 एवं इस संकल्प से स्थापित 03 महाविद्यालय अर्थात् कुल 211 डिग्री महाविद्यालयों के स्थायी परिसर निर्माण हेतु स्थानीय स्तर पर किसी व्यक्ति अथवा निगमित निकाय अथवा संस्था आदि द्वारा दान में भूखण्ड उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में संबंधित महाविद्यालय का नामकरण दानदाता अथवा उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति अथवा संस्था के नाम पर किए जाने का निर्णय विभागीय मंत्री की अनुमति से लिया जा सकेगा। इसी प्रकार किसी महाविद्यालय के सम्पूर्ण भवन निर्माण योजना के लिए किसी दानदाता अथवा निगमित निकाय/संस्था से दानस्वरूप निधि उपलब्ध कराए जाने की स्थिति मेे भी उस महाविद्यालय का नामकरण दानदाता अथवा उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति अथवा संस्था के नाम पर किए जाने का निर्णय विभागीय मंत्री की अनुमति से लिया जा सकेगा।
इस प्रकार महाविद्यालयों का नामकरण किए जाने के क्रम में वाक्यांश से पूर्व दानदाता अथवा अनुशंसित व्यक्ति/संस्था का नाम समाहित/अंतस्थापित करते हुए महाविद्यालय का नामकरण किया जाएगा।
परंतु महाविद्यालय स्थापना हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्धारित भूखण्ड के पैमाने के अन्तर्गत किसी दानदाता द्वारा आंशिक भूखण्ड दान स्वरूप उपलब्ध कराए जाने अथवा महाविद्यालय के भवन निर्माण योजना के अधीन वर्ग कक्षों/प्रयोगशालाआंें/पुस्तकालय के निर्माण हेतु आंशिक रूप से दान स्वरूप निधि उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में समानुपातिक रूप से वर्ग कक्षों/पुस्कालय/प्रयोगशाला आदि खंडों का नामकरण दानदाता अथवा उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति अथवा संस्था के नाम पर किए जाने का निर्णय विभागीय मंत्री की अनुमति से किया जाएगा। (ख) स्थापित होने वाले तीनों महाविद्यालय बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 की धारा-3 के अनुसार विनिश्चित किये गए विश्वविद्यालयों के क्षेत्राधिकार के अनुसार संबंधित विश्वविद्यालयों की अंगीभूत इकाई होंगे।
(ग) (i) इन महाविद्यालयों का अस्थायी कक्षा संचालन शैक्षणिक सत्र 2026-30 (01 जुलाई, 2026 से प्रारंभ) से जिला पदाधिकारी द्वारा चयनित एवं प्रस्तावित निम्नांकित संस्थानों के अतिरेक भूमि एवं भवन का उपयोग करते हुए किया जाएगा :-
| 01 | पश्चिम चम्पारण | पिपरासी | राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, सुजनाही, घोरहवा |
| 02 | पश्चिम चम्पारण | भितहा | राजकीय मध्य विद्यालय, लक्ष्मीपुर |
| 03 | मुंगेर | टेटिया बम्बर | जगन्नाथ उच्च विद्यालय, टेटिया बम्बर |
(ii) इन महाविद्यालयों में अस्थायी कक्षा संचालन हेतु चयनित संस्थानों में आवश्यकतानुसार आधारभूत/मूलभूत सुविधाओं का विकास/जीर्णोंद्धार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित जिलों के जिला पदाधिकारी के माध्यम से कराया जायेगा। इसके लिए प्रति महाविद्यालय 50 लाख रूपये की राशि विभागीय स्तर से विहित प्रक्रिया अपनाते हुए स्वीकृत की जाएगी। स्वीकृति की जाने वाली 50 लाख रूपये की राशि में से प्रति महाविद्यालय 20 लाख रूपये की राशि संबंधित जिला के जिला पदाधिकारी को आधारभूत संरचना निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्य के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। प्रति महाविद्यालय 30 लाख रूपये संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य को विश्वविद्यालय के माध्यम से महाविद्यालय संचालन हेतु विविध व्ययों एवं शिक्षण अधिगम सामग्री आदि के क्रय हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। राशि व्यय करने के क्रम में प्रधानाचार्य एवं संबंधित जिला पदाधिकारी द्वारा विभागीय स्वीकृत्यादेश सं०-13, दिनांक-30. 04.2026 में निहित निदेशों एवं शर्त्तों का अनुपालन किया जायेगा।
(iii) पूर्व के वर्षों में विषयवार विद्यार्थियों के नामांकन घनत्व को दृष्टिपथ में रखते हुए 2026-30 से प्रारंभ होनेवाले शैक्षणिक सत्र में इन महाविद्यालयों में 06 विषयों क्रमशः हिन्दी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, तिहास, राजनीति विज्ञान एवं समाजिक विज्ञान विषय का अध्ययन-अध्यापन शुरू किया जायेगा तथा कालान्तर में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य एवं अन्य संकायों/उससे संबंधित विषयों में भी पठन-पाठन किया जा सकेगा।(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 18 मई 2026 3 उपर्युक्त छः विषय Choice Based Credit System के अंतर्गत प्रमुख पाठ्यक्रम, गौण पाठ्यक्रम एवं बहुविषयक पाठ्यक्रम के विषय होंगे। योग्यता संवर्द्धन, कौशल संवर्द्धन तथा मूल्य संवर्द्धन पाठ्यक्रमों के विषय विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय के स्तर पर निर्धारित किये जायेंगे।
5.
इन तीनों महाविद्यालयों के लिए संबंधित प्रखंड में शहरी क्षेत्र की स्थिति में 2.5 एकड़ एवं ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति में 05 एकड़ भूमि कर्णांंकित एवं हस्तांतरित करते हुए स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
इन महाविद्यालयों के स्थायी भवन/परिसर निर्माण हेतु बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम अथवा बिहार राज्य भवन निर्माण निगम के माध्यम से एक मॉडल प्राक्कलन (फर्नीचर सहित) तैयार कराया जायेगा एवं उस प्राक्कलन के आधार पर तकनीकी अनुमोदन प्राप्त करते हुए विहित प्रक्रिया के अनुसार योजना की स्वीकृति पृथक रूप से प्राप्त की जायेगी।
दान में भवन निर्माण हेतु निधि प्राप्त होने की स्थिति में भी दान दाता को विभागीय स्तर से अनुमोदित भवन निर्माण योजना के अनुरूप ही योजना क्रियान्वित कराए जाने की बाध्यता होगी।
महाविद्यालय हेतु स्थायी संरचना निर्माण होने के उपरांत संबंधित महाविद्यालय अपने स्थायी भवन/परिसर में स्थानांतरित हो जायेगा। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव रौशन, सचिव। ————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,