िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 6 1948 (श0) सं(cid:201)या 21 पटना, बुधवार,———————— 27 2026(ई0) i`"B भाग-1—नियुक्ति, पदस्थापन,बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 02-11 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची
i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक, उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक।
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भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 12-15 पूरक 16-23 पूरक-क
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(cid:464)बहार गजट, 27 2026 2भाग-1
िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन,बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं। ————
सं॰ 15/एम 1-12/2018-686--प्रो0 (डॉ0) एन0के0 अग्रवाल, निदेशक, उच्च शिक्षा को अपने कार्यों के अतिरिक्त बिहार अंगिका अकादमी, पटना में अध्यक्ष के पद पर तथा श्री दिवेश कुमार चौधरी, उप निदेशक, उच्च शिक्षा को बिहार अंगिका अकादमी, पटना एवं बिहार हिन्दी ग्रन्थ अकादमी, पटना के निदेशक के पद पर नामित किया जाता है। उक्त पद पर नियमित नियुक्ति अथवा अन्य कोई आदेश निर्गत होने के पश्चात् यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जायेगी।
प्रस्ताव पर माननीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। सं0 प्र0-01/ल0ज0सं0/स्था0(राज0)-04/2026-3317--माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा सिविल अपील सं0-54/2026(Arising out of SLP(C) No.-22323/2023) अभय कुमार पटेल एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य तथा अन्य सदृश्य वाद में दिनांक-06.01.2026 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-7ए/स0 अभि0(याँत्रिक)-01-07/2020 (12) लो0से0आ0/गो0, दिनांक-27.02.2026 द्वारा लघु जल संसाधन विभाग, बिहार के अधीन विज्ञापन सं0-04/2019 के अन्तर्गत सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) के पदों पर नियुक्ति हेतु सफल घोषित उम्मीदवारों की संशोधित अनुशंसा उपलब्ध करायी गयी । संशोधित अनुशंसा में नये चयनित 01(एक) उम्मीदवार के प्रमाण-पत्रों का सत्यापन दिनांक-30.04.2026 को किया गया, जिसमें नये चयनित अभ्यर्थी उपस्थित हुए । दिनांक-30.04.2026 को प्रमाण-पत्रों के सत्यापन कार्यक्रम में उपस्थित निम्नलिखित अनुशंसित अभ्यर्थी को बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-02 में सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) के पद पर पुनरीक्षित वेतन स्तर लेवल-9(53,100-1,67,800) में समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत आदेय भत्तों के साथ लघु जल संसाधन विभाग, बिहार के अधीन सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) के रिक्त पद के विरूद्ध प्रभार/कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से औपबंधिक रूप से नियुक्त करते हुए उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-06 में अंकित कार्यालय में अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है ।
| 1 | 09 400995 | अमरेश कुमार/ 03.05.1994/ पटना | श्री सूर्यदेव पंडित, ग्राम-रघुनाथपुर, पोस्ट-सैदाबाद, थाना- रानीतालाब, जिला-पटना, पिन कोड-801104 | EBC | अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, लघु सिंचाई अनुमण्डल, रक्सौल(मोतिहारी) |
(i) नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) को मासिक वेतनादि एवं अन्य वित्तीय लाभ सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) के पद का वास्तविक कार्यभार/प्रभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा । प्रथम नियुक्ति-सह-पदस्थापन होने के कारण प्रभार ग्रहण करने के लिए कोई या़त्रा भत्ता अनुमान्य नहीं होगा ।
(ii) यह नियुक्ति अभ्यर्थी द्वारा समर्पित सत्यापन प्रपत्र में अंकित सूचनाओं को प्रथमदृष्टया सही मानकर एवं पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन अनुकूल प्राप्त होने की प्रत्याशा में की जा रही है । सत्यापन के क्रम में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होने पर उनकी सेवा बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जायेगी । (iii) यह नियुक्ति अभ्यर्थी के शैक्षणिक एवं अन्य संगत प्रमाण-पत्रों को सही मानकर इस शर्त पर की जा रही है कि भविष्य में शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों/अभिलेखों के संबंध में गलत सूचना पाये जाने की स्थिति में इनकी सेवा कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जायेगी एवं विधिसम्मत आवश्यक कार्रवाई भी की जायेगी।
(iv) यह नियुक्ति औपबंधिक रूप से इस शर्त के साथ की जाती है कि यदि भविष्य में नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) के विरूद्ध कोई प्रतिकूल तथ्य/जानकारी अथवा उनसे संबंधित कोई त्रुटि/पार्थक्यता परिलक्षित होती है, तो बिना किसी पूर्व सूचना एवं कारण बताओ नोटिस के किसी भी समय सेवा समाप्त की जा सकती है ।
(v) नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) को नियुक्ति-सह-पदस्थापन अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01(एक) माह के अन्दर पदस्थापित कार्यालय में योगदान करना अनिवार्य होगा । निर्धारित अवधि में योगदान नहीं करने पर उनकी नियुक्ति समाप्त करने की कार्रवाई की जायेगी ।
(vi) वैसे अभ्यर्थी जो वर्तमान में किसी राज्य सरकार/भारत सरकार के सरकारी/अर्द्ध सरकारी संस्थानों/निकायों में कार्यरत है, वैसे अभ्यर्थी का बिहार सरकार में नयी नियुक्ति के क्रम में बॉन्ड लिये जाने का प्रावधान नहीं है और बॉन्ड स्थानान्तरण का भी कोई प्रावधान नहीं है । संबंधी अभ्यर्थी पूर्व नियोक्ता से बॉन्ड का निपटारा कर ही विधिवत विरमित/तकनीकी त्याग-पत्र स्वीकृत/त्याग-पत्र स्वीकृत कराकर पदस्थापन कार्यालय में योगदान समर्पित करेंगे ।
(vii) नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) की सेवा 01(एक) वर्ष तक परीक्ष्यमान अवधि में रहेगी । इस हेतु सामान्य प्रशासन विभाग का बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि नियमावली, 2024 (समय-समय पर यथासंशोधित) प्रभावी होगी ।
(viii) वित्त विभाग के संकल्प संख्या-1964, दिनांक-31.08.2005 एवं 768 पे0को0, दिनांक- 03.07.2007 के अनुसार उक्त नवनियुक्त सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) पर नयी अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी । (ix) प्रमाण-पत्रों की जाँच के क्रम में कोई प्रमाण-पत्र यदि समर्पित नहीं किया गया है, उन्हें तत्संबंधी प्रमाण-पत्र योगदान के पूर्व निश्चित रूप से समर्पित करना होगा ।
(x) यह नियुक्ति औपबंधिक है तथा माननीय न्यायालय के समक्ष इस संदर्भ में किसी भी विचाराधीन वाद में पारित आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा ।
(xi) भविष्य में विभाग द्वारा नामित/प्राधिकृत Agency से बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा उपलब्ध कराये गये Biometric Data को सत्यापन कराये जाने के क्रम में Data Mismatch होने की स्थिति में उनकी नियुक्ति तुरंत समाप्त कर दी जायेगी ।
(xii) यदि इस अधिसूचना में कोई भूल अथवा टंकण आदि की त्रुटि परिलक्षित होती है तो तद्नुसार संशोधित किया जायेगा ।
इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है । सं0 प्र0-01/ल0ज0सं0/स्था0(राज0)-04/2026-3316--माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा सिविल अपील सं0-54/2026(Arising out of SLP(C) No.-22323/2023) अभय कुमार पटेल एवं अन्य बनाम बिहार राज्य एवं अन्य तथा अन्य सदृश्य वाद में दिनांक-06.01.2026 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-7ए/स0 अभि0(असैनिक)-01-06/2020{13} लो0से0आ0/गो0, दिनांक- 27.02.2026 द्वारा लघु जल संसाधन विभाग, बिहार के अधीन विज्ञापन सं0-03/2019 के अन्तर्गत सहायक अभियन्ता(असैनिक) के पदों पर नियुक्ति हेतु सफल घोषित उम्मीदवारों की संशोधित अनुशंसा उपलब्ध करायी(cid:464)बहार गजट, 27 2026 4 गयी । संशोधित अनुशंसा में नये चयनित 05(पाँच) उम्मीदवारों के प्रमाण-पत्रों का सत्यापन दिनांक-30.04. 2026 को किया गया, जिसमें 01(एक) अभ्यर्थी उपस्थित हुए ।
| क्र0 सं0 | मेधा क्रमांक /अनुक्रमांक | अनुशंसित अभ्यर्थी का नाम/ जन्म तिथि/गृह जिला | पिता का नाम/ स्थायी पता | म ल कोटि ू /अनुशंसित कोटि | पदस्थापित कार्यालय का नाम | फोटो |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | 07 300299 | सत्यम कुमार/ 15.01.1997/ नालन्दा | श्री भास्कर प्रसाद, ग्रामपोस्ट-नेरूत, थाना-सारे जिला-नालन्दा पिन कोड-803107 | EBC | अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, लघु सिंचाई अनुमण्डल, धमदाहा(पूर्णियाँ) |
2. दिनांक-30.04.2026 को प्रमाण-पत्रों के सत्यापन कार्यक्रम में उपस्थित निम्नलिखित अनुशंसित अभ्यर्थी को बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-02 में सहायक अभियन्ता(असैनिक) के पद पर पुनरीक्षित वेतन स्तर लेवल-9(53,100-1,67,800) में समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत आदेय भत्तों के साथ लघु जल संसाधन विभाग, बिहार के अधीन सहायक अभियन्ता (असैनिक) के रिक्त पद के विरूद्ध प्रभार/कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से औपबंधिक रूप से नियुक्त करते हुए उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-06 में अंकित कार्यालय में अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है। अनुशंसित अभ्यर्थी का नाम/ जन्म तिथि/गृह जिला
(i) नवनियुक्त सहायक अभियन्ता (असैनिक) को मासिक वेतनादि एवं अन्य वित्तीय लाभ सहायक अभियन्ता(याँत्रिक) के पद का वास्तविक कार्यभार/प्रभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा । प्रथम नियुक्ति-सह-पदस्थापन होने के कारण प्रभार ग्रहण करने के लिए कोई या़त्रा भत्ता अनुमान्य नहीं होगा । (ii) यह नियुक्ति अभ्यर्थी द्वारा समर्पित सत्यापन प्रपत्र में अंकित सूचनाओं को प्रथमदृष्टया सही मानकर एवं पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन अनुकूल प्राप्त होने की प्रत्याशा में की जा रही है । सत्यापन के क्रम में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होने पर उनकी सेवा बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जायेगी । (iii) यह नियुक्ति अभ्यर्थी के शैक्षणिक एवं अन्य संगत प्रमाण-पत्रों को सही मानकर इस शर्त पर की जा रही है कि भविष्य में शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों/अभिलेखों के संबंध में गलत सूचना पाये जाने की स्थिति में इनकी सेवा कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जायेगी एवं विधिसम्मत आवश्यक कार्रवाई भी की जायेगी।
(iv) यह नियुक्ति औपबंधिक रूप से इस शर्त के साथ की जाती है कि यदि भविष्य में नवनियुक्त सहायक अभियन्ता (असैनिक के विरूद्ध कोई प्रतिकूल तथ्य/जानकारी अथवा उनसे संबंधित कोई त्रुटि/पार्थक्यता परिलक्षित होती है, तो बिना किसी पूर्व सूचना एवं कारण बताओ नोटिस के किसी भी समय सेवा समाप्त की जा सकती है ।
(v) नवनियुक्त सहायक अभियन्ता (असैनिक) को नियुक्ति-सह-पदस्थापन अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 01(एक) माह के अन्दर पदस्थापित कार्यालय में योगदान करना अनिवार्य होगा । निर्धारित अवधि में योगदान नहीं करने पर उनकी नियुक्ति समाप्त करने की कार्रवाई की जायेगी ।
(vi) वैसे अभ्यर्थी जो वर्तमान में किसी राज्य सरकार/भारत सरकार के सरकारी/अर्द्ध सरकारी संस्थानों/निकायों में कार्यरत है, वैसे अभ्यर्थी का बिहार सरकार में नयी नियुक्ति के क्रम में बॉन्ड लिये जाने का प्रावधान नहीं है और बॉन्ड स्थानान्तरण का भी कोई प्रावधान नहीं है । संबंधी अभ्यर्थी पूर्व नियोक्ता से बॉन्ड का निपटारा कर ही विधिवत विरमित/तकनीकी त्याग-पत्र स्वीकृत/त्याग-पत्र स्वीकृत कराकर पदस्थापन कार्यालय में योगदान समर्पित करेंगे ।
(vii) नवनियुक्त सहायक अभियन्ता (असैनिक) की सेवा 01(एक) वर्ष तक परीक्ष्यमान अवधि में रहेगी । इस हेतु सामान्य प्रशासन विभाग का बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि नियमावली, 2024(समय-समय पर यथासंशोधित) प्रभावी होगी ।
(viii) वित्त विभाग के संकल्प संख्या-1964, दिनांक-31.08.2005 एवं 768 पे0को0, दिनांक- 03.07.2007 के अनुसार उक्त नवनियुक्त सहायक अभियन्ता (असैनिक) पर नयी अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी । (ix) प्रमाण-पत्रों की जाँच के क्रम में कोई प्रमाण-पत्र यदि समर्पित नहीं किया गया है, उन्हें तत्संबंधी प्रमाण-पत्र योगदान के पूर्व निश्चित रूप से समर्पित करना होगा ।5 (cid:464)बहार गजट, 27 2026 (x) यह नियुक्ति औपबंधिक है तथा माननीय न्यायालय के समक्ष इस संदर्भ में किसी भी विचाराधीन वाद में पारित आदेश के फलाफल से प्रभावित होगा ।
(xi) भविष्य में विभाग द्वारा नामित/प्राधिकृत Agency से बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा उपलब्ध कराये गये Biometric Data को सत्यापन कराये जाने के क्रम में Data Mismatch होने की स्थिति में उनकी नियुक्ति तुरंत समाप्त कर दी जायेगी ।
(xii) यदि इस अधिसूचना में कोई भूल अथवा टंकण आदि की त्रुटि परिलक्षित होती है तो तद्नुसार संशोधित किया जायेगा ।
इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है । --श्री दिनेष लाल दास, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, सहरसा को स्वयं के चिकित्सा के निमित्त बिहार सेवा संहिता के नियम-232 एवं 234 में निहित प्रावधानों के अधीन एवं वित्त (वै॰दा॰नि॰को॰) विभाग, बिहार, पटना के ज्ञापांक- PCFC/ELECTION/BELS/2013/0039/ 1590(23) दिनांक 21.11.2024 द्वारा संसूचित आदेयता के आलोक में दिनांक 02.12.2025 से 18.01.2026 तक कुल 48 (अड़तालीस) दिनों के रूपांतरित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है। उक्त अवकाश की स्वीकृति के पश्चात रूपांतरित अवकाष की आदेयता 180-48=132 दिन एवं अर्द्धवैतनिक अवकाष की आदेयता 460-96=364 दिन शेष रहेगी।
2. इस पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। --श्रीमती प्रियदर्शी पाल, अवर निर्वाचन पदाधिकारी (मुख्यालय) (HRMS-Employee Id-30049553) को निजी कार्य से अपने घर ओड़िषा जाने हेतु बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 240 एवं 248 (यथा संशोधित) में निहित प्रावधानों के अधीन एवं वित्त (वै॰दा॰नि॰को॰) विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक- 388(23) दिनांक 30.09.2026 एवं 921(23) दिनांक 30.06.2025 से प्राप्त आदेयता के आलोक में दिनांक 21.11.2025 से 22.12.2025 तक उनके द्वारा उपभोगित कुल 32 (बत्तीस) दिनों के उपार्जित अवकाश की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।
उक्त उपार्जित अवकाश की स्वीकृति के पश्चात दिनांक 04.05.2025 तक 84-32=52 दिन शेष रहेगी। 2. इस पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। सं॰ 02स्था0-104/2025- /वि0स0--श्री सुधांशु राय, प्रशाखा पदाधिकारी (HRMS Employee ID- 30055529), बिहार विधान सभा सचिवालय, पटना को वित्त (वै॰दा॰नि॰को॰) विभाग, बिहार सरकार, पटना के पत्रांक- PCFC/BLA/BLA/2022/0069-416 (23), दिनांक-11.03.2026 तथा बिहार सेवा संहिता के नियम-230 एवं 248 (क)6 (cid:464)बहार गजट, 27 2026 के तहत दिनांक-15.12.2025 से 17.12.2025 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । इसके पश्चात् इनके उपार्जित अवकाश कोष में 68 दिनों का अवकाश शेष है।
आदेश से,
अवर सचिव। सं॰ क्र०वि०स०-02/94-939/वि0स0--बिहार विधान सभा सचिवालय की अधिसूचना सं०-क्र०वि०स०-02/ 94-1485, दिनांक-19.04.2024, एवं अधिसूचना सं०- क्र०वि०स०-02/94-1904, दिनांक-29.07.2024 के अनुसरण में तथा श्रीमती ख्याति सिंह, तत्कालीन प्रभारी सचिव, बिहार विधान सभा के स्थानांतरण होने के फलस्वरूप श्रीमती पूनम सिन्हा, प्रभारी सचिव को क्रय समिति के सभापति के रूप में मनोनयन के पश्चात् क्रय समिति का पुनर्गठन निम्न प्रकार से किया जाता है-
1. श्रीमती पूनम सिन्हा, प्रभारी सचिव -सभापति 2. श्री राजीव कुमार, निदेशक -सदस्य 3. श्री अमलेन्द्र प्रसाद महतो, निदेशक -सदस्य 4. श्री संजय कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक -सदस्य 5. निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी -सदस्य A असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, अरवल के पत्रांक-1336, दिनांक-03.09.2025 तथा पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-1481/अप॰शा॰, दिनांक-12.09.2025 से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर बिहार औषधि नियंत्रण सेवा संवर्ग के अंतर्गत अरवल जिला में पदस्थापित/कार्यरत औषधि निरीक्षक, अरवल-01 एवं 02, श्री शैलेन्द्र नारायण को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम द्वारा दिनांक 03.09.2025 को रिषवत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने के आरोप में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा सषोधित) के नियम-9(2)(क) में निहित प्रावधानों के तहत् विभागीय अधिसूचना सं॰-1012(15ए), दिनांक-23.09.2025 द्वारा श्री नारायण को अभिरक्षा में जाने की तिथि(03.09.2025) से निलंबित किया गया। 2. जमानत पर कारावास से रिहा होने के उपरांत श्री नारायण द्वारा दिनांक-10.12.2025 के पूर्वाह्न में अपना योगदान स्वीकृति व निलंबन मुक्ति संबंधी आवेदन विभाग में समर्पित किया गया। तदालोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथासंषेाधित) के नियम-9(3)(i) में निहित प्रावधानों के तहत् श्री नारायण का योगदान स्वीकार करते हुए विभाग में समर्पित आवेदन की तिथि (10.12.2025 के पूर्वाह्न) से निलंबन मुक्त किया गया एवं श्री नारायण के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता को दृष्टिपथ रखते हुए इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-48(15ए), दिनांक-21.01.2026 द्वारा पुनः निलंबित गया।
3. श्री नारायण के विरूद्ध उक्त प्रतिवेदित आरोपों की नियमानुसार प्रारंभिक जाँच हेतु विभागीय पत्रांक-193(15ए), दिनांक-11.03.2026 द्वारा उप औषधि नियंत्रक, मुख्यालय एवं प्रभारी सहायक औषधि नियंत्रक, अरवल को प्राधिकृत करते हुए जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने हेतु निदेशित किया गया, परन्तु वांछित प्रतिवेदन अद्यतन अप्राप्त है। प्रतिवेदन अप्राप्त रहने की स्थिति में श्री नारायण के विरूद्ध नियमानुसार आरोप पत्र गठित नहीं किया जा सका है। इस प्रकार श्री नारायण के निलंबन अवधि को नवीकृत/विस्तारित किया जाना समीचीन है। अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(7) में अंकित प्रावधानों के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-48(15ए), दिनांक-21.01.2026 के क्रम में श्री नारायण के निलंबन अवधि को अगले चार माह तक के लिए नवीकृत/विस्तारित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान श्री नारायण अपने पूर्व निर्धारित मुख्यालय/कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करेंगें। 4. निलंबन अवधि में इन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के आलोक में अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
5. विभागीय कार्यवाही के संचालन के संबंध में संकल्प अलग से निर्गत किया जाएगा।7 (cid:464)बहार गजट, 27 2026 1/पी01-01/2025 6412--भारतीय पुलिस सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते
| क्र0 | पदाधिकारी का नाम एवं बैच | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | सुश्री गरिमा, भा0पु0से0 (2022) | अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरैया, मुजफ्फरपुर | अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-।।, कहलगाँव, भागलपुर |
| 2. | श्री संकेत कुमार, भा0पु0से0 (2022) | अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, तारापुर, मुंगेर | अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-।, सदर (बिहार शरीफ), नालंदा |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार, अवर सचिव। 1/पी01-01/2025 6149--भारतीय पुलिस सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-4 में अंकित पद एवं स्थान पर पदस्थापित किया जाता है/अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है :-
| क्र0 सं0 | पदाधिकारी का नाम एवं बैच | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन/ अतिरिक्त प्रभार |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | डॉ0 परेश सक्सेना, भा0पु0से0 (1994) | अपर पुलिस महानिदेशक-सह-अपर आयुक्त, असैनिक सुरक्षा, बिहार, पटना महानिदेशक-सह-आयुक्त, असैनिक सुरक्षा, बिहार, पटना (नव प्रोन्नत पुलिस महानिदेशक) | महानिदेशक-सह-आयुक्त, असैनिक सुरक्षा, बिहार, पटना (गैर संवर्गीय पद) |
| 2. | श्री निर्मल कुमार आजाद, भा0पु0से0 (1994) | अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवायें एवं संचार, बिहार, पटना (नव प्रोन्नत पुलिस महानिदेशक) | पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण), बिहार, पटना (संवर्गीय पद) |
| 3. | श्री सुधांशु कुमार, भा0पु0से0 (1996) | अपर पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण, बिहार, पटना अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात, बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक, विधि-व्यवस्था, बिहार, पटना (संवर्गीय पद) अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात, बिहार, पटना (गैर संवर्गीय पद) |
| 4. | डॉ0 अमित कुमार जैन, भा0पु0से0 (1996) | अपर पुलिस महानिदेशक मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, बिहार, पटना अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना (गैर संवर्गीय पद) |
| 5. | श्री नैयर हसनैन खान, भा0पु0से0 (1996) | अपर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार, पटना(संवर्गीय पद) |
| 6. | डॉ0 कमल किशोर सिंह, भा0पु0से0 (1996) | अपर पुलिस महानिदेशक (बजट/अपील/कल्याण), बिहार, पटना अपर पुलिस महानिदेशक, रेलवे, बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक, रेलवे, बिहार, पटना (संवर्गीय पद) |
| 7. | श्री अजिताभ कुमार, भा0पु0से0 (1997) | अपर पुलिस महानिदेशक, प्रोविजनिंग, बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो एवं आधुनिकीकरण, बिहार, पटना (संवर्गीय पद) |
| 8. | श्री संजय सिंह, भा0पु0से0 (1997) | अपर पुलिस महानिदेशक(प्रशिक्षण), बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक (बजट, अपील एवं कल्याण), बिहार, पटना अपर पुलिस महानिदेशक, सुरक्षा, बिहार, पटना (उत्क्रमित संवर्गीय पद) |
| 9. | श्री अमित लोढ़ा, भा0पु0से0 (1998) | अपर पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाये एवं संचार, बिहार, पटना ं (संवर्गीय पद) |
| 10. | श्री अमृत राज, भा0पु0से0 (1998) | अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा), बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक, साईबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना (गैर संवर्गीय पद) |
| 11. | श्रीमती कासे सुहिता अनुपम, भा0पु0से0 (1998) | विशेष सचिव, गृह विभाग (विशेष शाखा), बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना (उत्क्रमित संवर्गीय पद) |
| 12. | श्री विकाश वैभव, भा0पु0से0 (2003) | परामर्शी, बिहार राज्य योजना पर्षद, पटना | पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र, गयाजी (संवर्गीय पद) |
| 13. | श्री क्षत्रनील सिंह, भा0पु0से0 (2005) | पुलिस महानिरीक्षक, मगध क्षेत्र, गयाजी | विशेष सचिव, गृह विभाग (विशेष शाखा), बिहार, पटना (गैर संवर्गीय पद) |
| 14. | श्री पी0 कन्नन, भा0पु0से0 (2005), | पुलिस महानिरीक्षक, रेल, बिहार, पटना प ुलिस महानिरीक्षक, आधुनिकीकरण, बिहार, पटना | पुलिस महानिरीक्षक, प्रोविजनिंग, बिहार, पटना प ुलिस महानिरीक्षक, आधुनिकीकरण, बिहार, पटना (संवर्गीय पद) |
| 15. | श्री रंजीत कुमार मिश्रा, भा0पु0से0 (2007) | पुलिस महानिरीक्षक, साईबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना | पुलिस महानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना (संवर्गीय पद) पुलिस महानिरीक्षक, साईबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना |
| 16. | श्री संजय कुमार, भा0पु0से0 (2008) | पुलिस महानिरीक्षक, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार, पटना | पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा, बिहार, पटना (संवर्गीय पद) |
1/पी01-01/2025 6566--भारतीय पुलिस सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-4 में अंकित पद एवं स्थान पर पदस्थापित किया जाता है/अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है :-
| क्र0 सं0 | पदाधिकारी का नाम एवं बैच | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन/ अतिरिक्त प्रभार |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | श्री संजय सिंह, भा0पु0से0 (1997) | अपर पुलिस महानिदेशक (बजट, अपील एवं कल्याण), बिहार, पटना अपर पुलिस महानिदेशक, सुरक्षा, बिहार, पटना | अपर पुलिस महानिदेशक, सुरक्षा, बिहार, पटना अपर पुलिस महानिदेशक (बजट, अपील एवं कल्याण), बिहार, पटना |
| 2. | श्री आदित्य कुमार, भा0पु0से0 (2011) | पुलिस अधीक्षक (ई0), अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना | समादेष्टा, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-14, पटना प ुलिस अधीक्षक (ई0), अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार, पटना |
| 3. | श्री आनंद कुमार, भा0पु0से0 (2012) | पुलिस उप-महानिरीक्षक, विधि-व्यवस्था, बिहार, पटना | पुलिस उप-महानिरीक्षक (सुरक्षा), बिहार, पटना प ुलिस उप-महानिरीक्षक, विधि-व्यवस्था, बिहार, पटना |
| 4. | श्री राजेश कुमार, भा0पु0से0 (2016) | पुलिस अधीक्षक, नवगछिया | पुलिस अधीक्षक, साईबर अनुसंधान एवं अभियान, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना |
| 5. | श्री वैभव शर्मा, भा0पु0से0 (2018) | पुलिस अधीक्षक, साईबर अनुसंधान एवं अभियान, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना | पुलिस अधीक्षक, नवगछिया |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार, अवर सचिव। सेवा में, महालेखाकार (ले0 एवं ह0), बिहार, पटना। द्वाराः- वित्त विभाग, बिहार, पटना। बढ़ती जनसंख्या एवं अपराध के नये-नये आयामों के दृष्टिगत बिहार पुलिस सेवा के पुलिस उपाधीक्षक एवं उससे वरीय स्तर के पर्यवेक्षीय पदाधिकारियों की आवष्यकता पर आधारित बिहार पुलिस सेवा संवर्ग के 181 अतिरिक्त नये पदों के सृजन की स्वीकृति विभागीय स्वीकृत्यादेष सं0-9213 दिनांक-09.09.2022 द्वारा प्रदान की गयी है, जिसमें गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, पष्चिमी चम्पारण, सारण, दरभंगा, सहरसा, पूर्णियाँ, भागलपुर, मुंगेर एवं बेगुसराय जिलों में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण का पद सृजित किया गया है।
. अतएव, अपराध एवं साम्प्रदायिक रुप से अत्यंत संवेदनषील राज्य के 05 जिलों यथा पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैषाली एवं सिवान जिला में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के कुल 05 (पाँच) पदाें के सृजन की स्वीकृति प्रदान की जाती है :-
(cid:464)बहार गजट, 27 2026 10| क्र0सं0 | पदनाम | वेतन स्तर (Level) | पदाें की संख्या | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण (बिहार पुलिस सेवा के स्टाफ ऑफिसर कोटि हेतु) | L-13 | 01×05=05 | पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैषाली एवं सिवान जिले के लिए 01-01 पद। |
उक्त 05 (पाँच) पदों के सृजन पर अनुमानित वार्षिक व्यय-1,20,04,800/- (एक करोड़ बीस लाख चार हजार आठ सौ) रूपये मात्र है। उक्त व्यय का मुख्य शीर्ष 2055-पुलिस, उप मुख्य शीर्ष 00, लघु शीर्ष 109-जिला पुलिस, उप शीर्ष 0001-जिला कार्यकारी दल, विपत्र कोड-22-205500 1090001 में विकलनीय होगा तथा इसके निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी संबंधित जिला के पुलिस अधीक्षक होंगे। व्यय विवरणी संलग्न है। ( उक्त पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति प्राप्त है। उक्त पर संयुक्त आयुक्त-सह-वरीय आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति प्राप्त है। बिहार-राज्यपाल के आदेष से, परिशिष्ट-'क' अपराध एवं साम्प्रदायिक रुप से अत्यंत संवेदनशील राज्य के 05 जिलों यथाः- पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली एवं सिवान जिला में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के कुल 05 (पाँच) पदाें पर होने वाले अनुमानित वार्षिक व्यय की विवरणी।
| क्र0 सं0 | पदनाम | कुल पद पे0 लेबल | मूल वेतन | महँगाई भत्ता 58% | मकान किराया भत्ता 10% | शहरी परिवहन भत्ता | वाहन भत्ता | |
| A | B | C | D | E | F | G | H | I |
| 1 | पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण (बिहार पुलिस सेवा के स्टाफ ऑफिसर कोटि) | 5 | 13 | 118500 | 68730 | 11850 | 0 | 0 |
| राशन भत्ता | चिकित्सा भत्ता | चालक भत्ता | 01 माह का वेतन | 12 माह (एक वर्ष) का वेतन | 13वें माह का वेतन | वर्दी भत्ता (वार्षिक) | कुल वार्षिक वेतन (NOP) | कुल व्यय (CxQ) |
| J | K | L | M | N | O | P | Q | R |
| 0 | 0 | 0 | 199080 | 2388960 | 0 | 12000 | 2400960 | 12004800 |
| 5 | 12004800 |
सं॰ वि॰प्रा॰ (1) मु॰स्था॰-20/2026-2867--अधोहस्क्षारी मैं, हिमांषु शर्मा, भा॰प्र॰से॰ (2011), सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं॰-8647, दिनांक-15.05.2026 एवं संख्या-81716, दिनांक-16.05.2026 के आलोक में11 (cid:464)बहार गजट, 27 2026 आज दिनांक 18.05.2026 के पूर्वाह्न में विषेष सचिव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी षिक्षा विभाग, बिहार, पटना का प्रभार स्वतः ग्रहण करता हूं।
(सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं॰ 1/पी-1001/2006-सा॰प्र॰-8647, दिनांक-15.05.2026 एवं संख्या-1-पी-10001/2026 द्रष्टव्य सा॰प्र॰-8716, दिनांक-16.05.2026) सं॰ वि॰प्रा॰ (1) मु॰स्था॰-43/2020-2866--अधोहस्क्षारी मैं, लोकेष कुमार सिंह, भा॰प्र॰से॰ (2003), सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं॰-8647, दिनांक-15.05.2026 के आलोक में आज दिनांक 18.05.2026 के पूर्वाह्न में सचिव, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी षिक्षा विभाग, बिहार, पटना का अतिरिक्त प्रभार स्वतः त्याग करता हूं। (सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं॰ 1/पी-1001/2006-सा॰प्र॰-8647, दिनांक-15.05.2026 द्रष्टव्य) —————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 10—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 27 2026 12भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द।
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सूचना --------
No. 506--I, NIDHI SINHA, D/o.- Satyendra Kumar Singh, R/o - Nem Kuwar Bhawan, Main Road, Bhupatipur Kankarbagh, Sampatchak, P.O.- Dhelwan, Dist. - Patna, Bihar - 800020. Do hereby solemnly affirm and declare that in my Aadhar and PAN my name is mentioned as NIDHI SINHA. But in my educational documents my name is mentioned as NIDHI. Here, both the names belong to the names of the same person. And, from now in my future I will be known as NIDHI SINHA for all my legal purposes. Affidavit No. 1380, Date:- 19/01/2026
NIDHI SINHA. No. 507--I, Balram Upadhyay S/o Late Ramanand Upadhyay R/o Vill-Srirampur, P.O+P.S.-Bihta, Distt-Patna, Bihar-801 103 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 943, dt. 12.02.2026 that my name is written in my P.P.O as Bala Ram Upadhyay. In Aadhar and Pan Card written as Balram Upadhyay. Both names are same and one person. From now I will be known as Balram Upadhyay for all purposes.
Balram Upadhyay. No. 508--I, SHIVENDRA RASHU, S/o.- Satyendra Kumar Singh, R/o - Nem Kuwar Bhawan, Main Road, Bhupatipur Kankarbagh, Sampatchak, P.O.- Dhelwan, Dist. - Patna, Bihar - 800020. Do hereby solemnly affirm and declare that in my Aadhar and PAN my name is mentioned as SHIVENDRA RASHU. But, in my educational documents my name is mentioned as SHIVENDRA. Here, both the names belong to the names of the same person. And, from now in my future I will be known as SHIVENDRA RASHU for all my legal purposes. Affidavit No. 1381, Date:- 19/01/2026
SHIVENDRA RASHU. सं॰ 509--म(cid:167), (cid:174)ेया पु(cid:253)ी के शव कु मार गारोिडया, सािकन गारोिडया भवन, झाऊगंज लेन, िपतल महादेव पोo- . ं िक मेरे पटना िसटी, थाना - चौक, िजला-पटना िबहार - 800008 शपथ प(cid:253) सं. 446 िद. 06.04.26 (cid:300)ारा सूिचत करती ह(cid:243) आधारकाड(cid:170), पैन काड(cid:170) एवं शै(cid:177)िणक (cid:255)माण प(cid:253)(cid:332) म(cid:164) मेरा नाम (cid:174)ेया (Shreya) है। अब म(cid:167) सभी काय(cid:334) हेतु उपनाम अ(cid:250)वाल जोड़कर (cid:174)ेया अ(cid:250)वाल (Shreya Agrawal) के नाम से जानी व पहचानी जाऊं गी ।
(cid:174)ेया । No. 510--I, MATIZAN KHATOON, W/o- Md. Alam Ansari, R/o – Bankat Narkatiya, Post: - Pahadiya, East Champaran, Harsiddhi, Bihar- 845422. Do hereby solemnly affirm and declare that in my Aadhar and in my PAN card my name is mentioned as MATIAN KHATOON (in English). But, in the same Aadhar and in my Pan card my name is mentioned as मतीजन खातून (in hindi). And, in my voter ID card my name is mentioned as MATIJAN KHATOON. Here, both the names belong to the names of the same person. And, from now in my future I will be known as MATIJAN KHATOON for all my legal purposes. Affidavit No. 1865, Date:- 06/04/2026
MATIZAN KHATOON.
13 (cid:464)बहार गजट, 27 2026No. 511—I, Arti Kumari Rao, W/o Dipak Singh R/o Vill.- Jalhan Miya Tola, P.S.- Sangrampur, P.O.-Puchhariya, Dist.- East Champaran Bihar,-845434, Do hereby solemnly affirm and declare as per aff.No. 834 dt. 23.0825 that my name is written in my Aadhar card as Arti Kumari Rao in residence certificate written, as Arti Kumari Rao. Both names are same and one person: From now I shall be known as Arti Kumari Rao for all purposes.
Arti Kumari Rao. No. 512--I, Kumari Manju Sinha W/o- Yogendra Kumar Vill- Lakhachak P.o- Paypur- Koyal Bigha, P.s- Tharthari Dist- Nalanda. Bihar – 803120 do hereby solemnly affirm and declare of per aff. No. 852 dt. 25.08.2025 That my name is written in Aadhar Card and Pan Card as Kumari Manju Sinha In Voter Card ID written as Manju Devi Both names are same and one person. From now I shall be known as Kumari Manju Sinha for all purposes.
Kumari Manju Sinha. No. 513--I, Shanti Kumari W/o Janardan Prasad R/o Village-Uttra, P.Ο.-Bheria, P.S.- Chandi, Distt.-Nalanda, Bihar-803113 do hereby solmenly affirm and declare as per aff. No.- 482, dt. 22.01.2026 that my name is written as Shanti Devi in my son Shubham Raj's class 10th and 12th Educational documents. As per Aadhar Card my name is Shanti Kumari. Both names are same and one person. From now I shall be known as Shanti Kumari for all purposes.
Shanti Kumari. No. 514--I, Suman Devi W/o Munna Kumar Singh R/o Challabhar, P.O.-Challabhar, P.S.- Majhauliya, West Champaran, Bihar-845454 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-2074 dt. 28.01.2026 that my name is written as Suman Singh in my daughter's class 10th Passed C.B.S.E. Educational Certificate. As per Aadhar Card my name is Suman Devi. Both names are same and one person. From now I shall be known as Suman Devi for all future purposes.
Suman Devi. No. 515--I, Dhananjay Kumar Upadhyay, S/o Mathura Nath Upadhyay, R/o Professor colony K.G. Road, Ara Bhojpur Bihar-802301 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-105 dt. 01.11.25 that Shubh is my minor son. His name is written in Aadhar and Educational documents as Shubh. Now he will be known as Shubh Upadhyay for all puposes.
Dhananjay Kumar Upadhyay. No. 516--I, Ramakant Kumar S/o Lakhan Lal Kewat R/o Ramhari Pind, Rajgir, Naianda, Bihar-803116 do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No.-802, dt. 07.02.2026 that my name is written in my son Saurav Kumar's C.B.S.E. Class 10th all educational documetns as Ramakant Kevat. In Aadhar Card written as Ramakant Kumar. Both names are same and one person. From now I will be known as Ramankant Kumar for all future purposes.
Ramakant Kumar. No. 517--I, DILCHAND KUMAR YADAV S/O Basdeo Prasad Yadav R/O- Village Kudasin, P.O.- Sherghati, P.S.- Amas, Dist-Gaya(Bihar). I declare that my son's name is wrongly printed as "Purshottam Ranjan" in his Intermediate Marksheet and Admit Card. The correct name is "Purushottam Ranjan", which is recorded in his Matriculation Certificate and Aadhaar Card. Henceforth, Purushottam Ranjan shall be known for all educational records and other purposes. Affidavit No. 30169 Date 03.10.25
DILCHAND KUMAR YADAV.
(cid:464)बहार गजट, 27 2026 14No. 518--I, Shashi Prakash Mohanka son of Satya Narain Mohanka, Address-Flat No. 302, Astara Residency Bank Road, PS. Gandhi Maidan, District- Patna, State- Bihar, Pin Code- 800001, Ishant Mohanka is my son. That my name Shashi Mohanka as per son's 10th class certificate on CBSE Board. That my correct name is Shashi Prakash Mohanka is mentioned in my adhar card. Shashi Mohanka and Shashi Prakash Mohanka both are same and one person. Now I knowing as Shashi Prakash Mohanka for all pur-poses. Affidavit No.- 4369 dated 09.04.2026.
Shashi Prakash Mohanka. No. 519--I, Anshuman, S/o Dhirendra Kumar R/o B-49, Biscomaun colony, Dhanuki Gulzarbagh, Patna, Bihar-800007, do hereby solemnly affirm and declare as per aff. No. 977 dt. 13.02.26 that my name is written in Aadhar, pan card and Educational documents as Anshuman. From now I will be known as Anshuman Sharma for all future purposes.
Anshuman. No. 520--I, Kishori Prasad Saw, S/O Kishun saw presently Residing at Village + P. O.+ P.S.-Giriyak, Dist-Nalanda, Pin Code-803109 (Bihar). Shreya kumari is my daughter. her educational Documents of class 10th (CBSE) My name is mentioned as Kishori prasad. my Aadhar and in my pan card my name is mentioned as Kishori prasad saw. That both the names Kishori prasad and Kishori prasad saw belongs to the names of same person. That from now in my future. I will be knows as kishori prasad saw for all my legal purposes. Affidavit no. 2743 dated 21.02.2026.
Kishori Prasad Saw. No. 521--I, Neha Kumar, W/o Ranjan Kumar, R/o Ward No.- 37, Gali No.- 02, Varun Colony, East of Sonu Market, Gola Road, P.Ο.- Danapur, P.S.- Rupaspur, Patna (Bihar), Pin- 801503 hereby solemny affirm and declare vide affidavit No.- 2012 dated 29.12.25 that in my Aadhar card No.-264884918154 and in my Pan card & Passport my name is written as Neha Kumar, But in my educational documents my name written as Neha. That Neha Kumar and Neha both are same person. Now I shall be knwon as Neha Kumar.
Neha Kumar. No. 522--I, Om Prakash Tiwari, S/o. – Gautam Tiwari, R/o – A/4, Sail Processing Unit, Kumarbagh, Kurwa Mathia, West Champaran, Bihar - 845450. Do hereby solemnly affirm and declare that in my daughter's (YASHVI) Aadhar as well as in her birth certificate her name is mentioned as YASHVI. I want to add the title 'TIWARI' to her name. Hence, in this way her name became YASHVI TIWARI. Here, both the names belong to the names of my same daughter. And, from now in her future she will be known as YASHVI TIWARI for all her legal purposes.
Om Prakash Tiwari. No. 523--I Dr. Rajeev Kumar, Son of Late Shree Satyadev Prasad, Resident of Flat no 204, SS Enclave, Shantiniketan Colony, Vishwashraiya Nagar, Danapur, Patna -801503. Solemnly affirm and declare vide Aft. No. 119 dated 25.02.2026. That Manya is My daughter, I have change her name from Manya to Manya Shree. From Now on, she will be known as Manya Shree.
Dr. Rajeev Kumar. No. 524--I Prakash Kumar S/o Pramod Kumar R/o Mohalla Lal Bazar Bettiah P.S- Bettiah P.S- Bettiah District West Champaran. Do hereby Solemnly affirm and declare vide aff. No. 5458 dated 03.02.2026. is that Dravya Agrawal is my daughter her CBSE class 10th & 12th Educational Certificate my name is written as Prakash Kr Agrawal, that in my Aadhar Card my name is written as Prakash Kumar. That Prakash Kr Agrawal and Prakash Kumar both are same and one person. That from now I will be known as Prakash Kumar for all purposes.
Prakash Kumar.
15 (cid:464)बहार गजट, 27 2026No. 525--I Shweta Devi w/o Prakash Kumar R/o Mohalla Lal bazar Bettiah P.S-Bettiah District West Champaran. Do hereby Solemnly affirm and declare vide aff. No. 5456 dtd. 3.02.2026. is that Dravya Agrawal is my daughter her CBSE class 10th & 12th Educational Certificate my name is written as Shweta Agrawal, that in my Aadhar Card my name is written as Shweta Devi. That Shweta Agrawal and Shweta Devi both are same and one person. That from now I will be known as Shweta Devi for all purposes.
Shweta Devi. No. 526--I Sahdev Pandit, S/o Bijnath Pandit. P.O.-Bishanupur Titra, Viashali, Bihar- 844502. Do hereby solemnly affirm and declare that in my daughter's (Vidha Bharti Kumari) educational documents as well as in her name is mentioned as well as in her name is mentioned as Vidha Bharti Kumari. But, in her Aadhar card her name is mentioned as Vidya Bharti Kumari. And, from now in her future she will be known as Vidha Bharti Kumarti for all her legal purpose. Affidavit no. 12802 date 02.4.2026.
Sahdev Pandit.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 10—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: https://egazette.bihar.gov.in
(cid:464)बहार गजट, 27 2026 16बिहार गजट
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सं॰ कारा/नि0को0(अधी0)-01-17/2022-4618 ------ करा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ संकल्प 19 मई 2026
श्री सुरेष चौधरी, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के मंडल कारा, सहरसा में पदस्थापन काल से संबंधित उप-महालेखाकार ए0एम0जी0-III के पत्र संख्या-AMG-III (HQ)/MISC-23- 24/64, दिनांक-06.06.2023 द्वारा समर्पित मंडल कारा, सहरसा (दिसम्बर, 2017 से मार्च, 2023) के लेखाओं का अंकेक्षण से संबंधित प्रतिवेदन के आलोक में श्री सुरेष चौधरी के द्वारा वित्तीय नियमों एवं विभागीय निर्देषों का उल्लंघन करते हुए सरकारी अभिकरण से गेहूँ एवं चावल का क्रय नहीं किये जाने, गेहूँ के स्थान पर आटा का क्रय किये जाने एवं GeM Portal से सामग्रियों का क्रय नहीं कर खुली बाजार से खरीददारी करने तथा अन्य वित्तीय अनियमितता बरतने एवं जिलाधिकारी, सहरसा के पत्रांक-525/गो0, दिनांक-27.09.2022 से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में श्री चौधरी के मंडल कारा, सहरसा में पदस्थापन अवधि में बंदियों द्वारा मोबाईल का प्रयोग करने एवं नषीली पदार्थ का सेवन करने तथा दबंग बंदियों को कारा गोदाम से गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने के प्रतिवेदित आरोपों में श्री चौधरी द्वारा बरती गई वित्तीय अनियमितता एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गई गंभीर लापरवाही के लिए श्री चौधरी के विरूद्ध गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10185 दिनांक-22.11.2023 द्वारा श्री सुरेष चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमवाली, 1950 नियम-43 (बी) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई, जिसके संचालन हेतु आयुक्त्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. विभागीय कार्यवाही के जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, कोषी प्रमण्डल, सहरसा के पत्रांक-4410/स्थापना, दिनांक-02.07.2025 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री चौधरी के विरूद्ध आरोप पत्र में गठित आरोप सं0-01, 02, 04, 05, 06, 07, 08 एवं 09 को प्रमाणित तथा आरोप सं0-03 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।17 (cid:464)बहार गजट, 27 2026 3. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 (3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक-5700 दिनांक-05.08.2025 द्वारा आरोपित पदाधिकारी श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृा) को उक्त जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए उनसे पन्द्रह (15) दिनों के अन्दर द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गयी।
4. तद्आलोक में श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृा) द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन दिनांक-25.08.2025 समर्पित किया गया है, जिसमें उनका कहना है कि विभागीय कार्यवाही का निर्माण अंकेक्षण के जाँच के आधार पर है। महालेखाकार (लेखा परीक्षा), बिहार, पटना का निरीक्षण प्रतिवेदन सं0-05/2023-24 के अनुसार मंडल कारा, सहरसा का दिसम्बर, 2017 से मार्च, 2023 तक का लेखा परीक्षा किया गया है, जिसमें कहीं भी उनके नाम का उल्लेख नहीं है। उनके द्वारा जनवरी, 2020 में अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा के पद पर अपना योगदान दिया गया था तथा दिनांक-24.05.2022 तक अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा के पद पर कार्यरत रहे हैं। अंकेक्षण जाँच प्रतिवेदन दिसम्बर, 2017 से मार्च, 2023 तक का है, जिसमें सिर्फ उन्हें लक्षित कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। जो भी खाद्यान्नों की खरीद की गई है, वह क्रय समिति के अनुमोदन के पश्चात् किया गया है, चूँकि SFC/FCI द्वारा खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं की जा रही थी तो ऐसी परिस्थिति में कैदियों को भूखा नहीं रखा जा सकता था। उनकेे द्वारा अपने कार्यकाल में जिला पदाधिकारी, सहरसा की अध्यक्षता में गठित जिला कारा क्रय समिति के निर्णयानुसार अधि—त आपूर्तिकर्ताओं/एजेन्सियों से ही क्रय किया गया था, जिसमें जिला कारा क्रय समिति द्वारा दरें तय और स्वी—त किया गया है। जब वे मंडल कारा, सहरसा में पदस्थापित थे तो प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, सहरसा से मंडल कारा, सहरसा में चावल/गेहूँ की आपूर्ति करने हेतु मंडल कारा सहरसा के पत्रांक-287 दिनांक-05.02.2020, पत्रांक-369 दिनांक-02.02.2021 एवं 732 दिनांक-09.03.2021 द्वारा पत्राचार किया गया था, परन्तु प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, सहरसा द्वारा कोई उत्तर नहीं दिया गया, फलस्वरूप जब उन्हाेंने दूरभाष पर वार्ता किया तो प्रबंधक द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया कि कारा में सप्लाई करने के लिए प्रबंधक के पास कोई चावल/गेहूँ नहीं है और न ही कहीं से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त हुआ है।
श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि मंडल कारा, सहरसा के पदस्थापन अवधि में उनके द्वारा GeM Portal पर पंजीकरण हेतु लगातार प्रयास करवाया गया, परन्तु GeM Portal की तकनीकी जटिलताओं के कारण पंजीकरण नहीं हो सका। ऐसी परिस्थिति में सामग्रियों की आवश्यकता के मद्देनजर लेखन सामग्री का क्रय कारा क्रय समिति के चयनित एजेंसी एवं स्वी—त दर पर ही किया गया तथा चपाती मशीन एवं चपाती भट्ठी का क्रय सरकार/विभाग के निर्देश के आलोक में सरकार/विभाग द्वारा नामित एजेंसी के माध्यम से किया गया। उनके पदस्थापन अवधि दिनांक-24.05.2022 तक मात्र 5,12,493/- का क्रय किया गया, जिसमें बिहार वित्तीय नियमावली का पालन करते हुए पूर्ण मितव्ययी रूप से मितव्ययी दर पर क्रय किया गया। श्री चौधरी का कहना है कि उनके पदस्थापन काल में GeM Portal से सामग्रियों की क्रय संबंधित प्रक्रिया का कोई भी तकनीकी प्रशिक्षण संबंधित कर्मियों को नहीं दिया गया था।
श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक-525/गो0, दिनांक-27.09.2022 के द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि उनके पदस्थापन काल में बंदियों द्वारा मोबाईल का प्रयोग करने, नशीली पदार्थ का सेवन करने, दबंग बंदियों को कारा गोदाम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है। अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, सहरसा एवं श्री दिलीप राम, वरीय उपसमार्हाा की जाँच उनके विरूद्ध(cid:464)बहार गजट, 27 2026 18 श्री मृत्युंजय कुमार, सहायक अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा द्वारा लगाए गए आरोपों के सन्दर्भ में किया गया, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप को तथ्यहीन पाया गया था।
श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि जहाँ तक प्राप्त राशि का विभागीय खर्च चलाने के लिए विनियोग करने का प्रश्न है तो कैश में रक्षित राशि को स्थायी अग्रिम मद में राशि नहीं रहने पर आकास्मिक मद यथा-बंदियों के चिकित्सा इत्यादि में खर्च किया गया तथा आवंटन प्राप्त होने पर इस राशि को (-) P.A. Recoup कर कैश में जमा कर लिया गया। यह वित्तीय कार्य मामले की गंभीरता के मद्देनजर किये गये हैं। उनका कहना है कि विभागीय पत्रांक-4279 दिनांक-27.05.2021 द्वारा राज्य के काराओं में पदाधिकारियों एवं कर्मियों के आवासीय भवन में विद्युत मीटर अधिष्ठापन कराये जाने का निदेश प्राप्त होने के उपरान्त कारा पत्रांक-1361 दिनांक-29.05.2021 एवं पत्रांक-1563 दिनांक-17.06.2021 द्वारा विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत कार्य प्रमंडल, सहरसा से पत्राचार किया गया था, परन्तु उनके (श्री चौधरी के) अंतिम पदस्थापन की तिथि-24.05.2022 तक विद्युत कार्यपालक अभियंता के द्वारा सिर्फ आश्वासन एवं पत्राचार तक ही मामले को अटकाये रखा गया और विद्युत मीटर का अधिष्ठापन संबंधी कार्य उनके द्वारा नहीं किया गया। श्री चौधरी का कहना है कि इस कार्य के लिए विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत कार्य प्रमंडल, सहरसा और उनका कार्यालय सीधे तौर पर जिम्मेवार है।
श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना का स्पष्ट आदेश है कि आटा की खरीद करनी है, जिसके आलोक में वे अपने पदस्थापन काल में निविदा के माध्यम से आटा की खरीद जिला पदाधिकारी, सहरसा के स्वी—त्यादेश के आलोक में किये थे। उक्त के आलोक में आरोप का यह बिंदु कि गेहूँ के स्थान पर आटा का क्रय किया गया था, स्वतः निरस्त हो जाता है। वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2024-25 तक मंडल कारा, सहरसा में बिहार राज्य खाद्य निगम/भारतीय खाद्य निगम (सरकारी अभिकरण) के द्वारा चावल एवं गेहूँ की आपूर्ति नहीं की गई है। इससे स्पष्ट है कि उनके पदस्थापन काल, 2020-21 से 2021-22 के पूर्व से ही और पदस्थापन काल के बाद अर्थात् 2022-23, 2023-24, 2024-25 में भी SFC/FCI (सरकारी अभिकरण) द्वारा चावल एवं गेहूँ की आपूर्ति नहीं की गई है।
श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि उनके पदस्थापन काल में बिहार स्टेट फूड एवं सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा कोई खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं की गई थी। फलस्वरूप उन्होंने महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-2380 दिनांक-20.03.2020 के आलोक में ऑनलाइन निविदा के आधार पर खाद्यान्न की आपूर्ति जिला पदाधिकारी, सहरसा की अध्यक्षता में गठित कारा क्रय समिति द्वारा चयनित संवेदक एवं स्वी—त दर पर चावल एवं आटा का क्रय किया गया है।
5. श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृा) द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन, अंतरिम बचाव स्पष्टीकरण तथा दूसरा पूरक अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि महालेखाकार (लेखा परीक्षा), बिहार, पटना का निरीक्षण प्रतिवेदन सं0-05/2023-24 के अनुसार मंडल कारा, सहरसा का दिसम्बर, 2017 से मार्च, 2023 तक का लेखा परीक्षा किया गया है। अंकेक्षण जाँच प्रतिवेदन दिसम्बर, 2017 से मार्च, 2023 तक का है, जिसमें सिर्फ उन्हें लक्षित कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। अंकेक्षण जाँच प्रतिवेदन में यदि कोई त्रुटि पाई गई है, तो उसके लिए काराधीक्षक के नीचे कारा उपाधीक्षक, सहायक अधीक्षक की पदस्थापना रहती है। सभी का अलग-अलग कार्यों का दायित्व दिया गया होता है। उन सबों से कोई कारण पृच्छा नहीं किया गया है। उनके द्वारा कोई अनियमितता नहीं बरती गई है। जो भी19 (cid:464)बहार गजट, 27 2026 खाद्यान्नों की खरीद की गई है, वह क्रय समिति के अनुमोदन के पश्चात् किया गया है। श्री चौधरी का कहना है कि उनकेे द्वारा अपने कार्यकाल में जिला पदाधिकारी, सहरसा की अध्यक्षता में गठित जिला कारा क्रय समिति के निर्णयानुसार अधि—त आपूर्तिकर्ताओं/एजेन्सियों से ही किया गया था, जिसमें जिला कारा क्रय समिति द्वारा दरें तय और स्वी—त किया गया है। महालेखाकार (लेखा परीक्षा) कार्यालय, बिहार, पटना द्वारा अंकेक्षण प्रतिवेदन की कंडिका संख्या-01 में प्रतिवेदित किया गया है कि महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-5008 दिनांक-15.09.2014 की कंडिका-04 में उल्लेखित है कि बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-176 के अनुसार राज्य की काराओं में गेहूँ एवं चावल की प्राप्ति सरकार के अभिकरणों से ही किया जाना है। अतः इसकी प्राप्ति राज्य सरकार के अभिकरणों से ही की जाय। मंडल कारा, सहरसा के खाद्यान्न से संबंधित क्रय संचिका एवं स्टॉक पंजी के जनवरी, 2021 से दिसम्बर, 2022 तक के नमूना लेखा परीक्षा में पाया गया कि चावल की प्राप्ति सरकार के अभिकरणों से न कर निविदा के माध्यम से की गई थी तथा गेहूँ के स्थान पर आटा का क्रय किया गया था।
ंश्री चौधरी द्वारा समर्पित अंतरिम बचाव बयान तथा दूसरा पूरक अभ्यावेदन के अवलोकन से स्पष्ट है कि विभागीय पत्रांक-2380, दिनांक-30.03.2020 द्वारा खाद्य सामग्रियों यथा-मध्यम उसना चावल, गेहूँ, चना, अरहर दाल, मसूर दाल, चना दाल, पिली चक्की गुड़, चीनी, आटा एवं चायपत्ती इत्यादि का खरीद करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया, जिसके आलोक में श्री चौधरी ने मंडल कारा, सहरसा में पदस्थापन काल में निविदा के माध्यम से आटा की खरीद जिला पदाधिकारी, सहरसा के स्वी—त्यादेश के आलोक में किया गया।
सहायक लोक सूचना पदाधिकारी, जन वितरण शाखा, निगम मुख्यालय, पटना के पत्रांक-5170 दिनांक-05.11.2025 द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 से आच्छादित योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त खाद्यान्न आवंटन के विरुद्ध विभागीय निदेश के आलोक में बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम द्वारा केन्द्रीय पुल से उठाव कार्य किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में मंडल कारा, सहरसा से संबंधित योजना के लिए खाद्यान्न उठाव/आपूर्ति बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम द्वारा नहीं की गई है। उपाधीक्षक-सह-लोक सूचना पदाधिकारी, मंडल कारा, सहरसा के पत्रांक-5448 दिनांक-05.11.2025 के माध्यम से मांगी गई सूचना के संबंध में उल्लेख किया गया है कि वित्तीय वर्ष, 2018-19 से 2024-25 तक मंडल कारा, सहरसा में बिहार राज्य खाद्य निगम/भारतीय खाद्य निगम (सरकारी अभिकरण) के द्वारा चावल एवं गेहूँ की आपूर्ति नहीं की गई है।
इससे स्पष्ट है कि श्री चौधरी के पदस्थापन काल 2020-21 से 2021-22 के पूर्व से ही और पदस्थापन काल के बाद अर्थात् 2022-23, 2023-24, 2024-25 में भी SFC/FCI (सरकारी अभिकरण) द्वारा चावल एवं गेहूँ की आपूर्ति नहीं की गई है। बिहार स्टेट फूड एवं सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा कोई खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं की गई थी। विाीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में राज्य की अन्य काराओं की तरह मंडल कारा, सहरसा में भी बिहार राज्य खाद्य निगम SFC/FCI (सरकारी अभिकरण) के द्वारा आपूर्ति नहीं की गई है। फलस्वरूप विभागीय पत्रांक-2380 दिनांक-20.03.2020 के आलोक में ऑनलाइन निविदा के आधार पर चयनित संवेदक एवं स्वी—त दर पर चावल एवं आटा का क्रय किया गया है। अतः सरकारी अभिकरण बिहार राज्य खाद्य निगम से गेहूँ एवं चावल का क्रय नहीं कर तथा गेहूँ के स्थान पर आटा का क्रय कर वित्तीय अनियमितता बरतने संबंधी आरोप के संबंध में श्री चौधरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन एवं पूरक अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य है।
GeM Portal से सामग्रियों का क्रय नहीं किये जाने के आरोप के संबंध में आरोपित श्री सुरेष चौधरी द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में उल्लेख किया गया है कि मंडल कारा, सहरसा के पदस्थापन अवधि में(cid:464)बहार गजट, 27 2026 20 उनके द्वारा GeM Portal पर पंजीकरण हेतु लगातार प्रयास किया गया, परन्तु GeM Portal की तकनीकी जटिलताओं के कारण पंजीकरण नहीं हो सका, जबकि अंकेक्षण दल के लेखा परीक्षा के दौरान मंडल कारा, सहरसा द्वारा उपलब्ध कराए गये क्रय रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों के नमूना जाँच में पाया गया कि कारा कार्यालय द्वारा सामग्रियों का क्रय GeM Portal से नहीं किया गया था, मंडल कारा, सहरसा GeM Portal पर पंजी—त है। नमूनों के तौर पर वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2022-23 के दौरान सामान्य प्र—ति के उपकरण/सामग्री से संबंधित क्रय की सूची तैयार की गई है। साथ ही साथ बिहार वित्तीय नियमावली का अनुपालन नहीं किया गया। यदि मंडल कारा, सहरसा द्वारा GeM Portal से क्रय की जाती तो कारा को व्यापक प्रतिस्पर्धात्मक दर का लाभ मिलता जिससे सरकारी राशि की बचत की जा सकती थी। इस प्रकार श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृत्त) द्वारा वित्तीय नियमों एवं वित्त विभाग के अधिसूचना संख्या-7630 दिनांक-18.09.2019 में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए सामग्रियों का क्रय GeM Portal से नहीं कर खुले बाजार से की गयी है, जो वित्तीय अनियमितता का द्योतक है।
आरोपित पदाधिकारी श्री चौधरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में उल्लेख किया गया है कि बंदोबस्ती से प्राप्त राशि एवं दिनांक-24.07.2017 के पूर्व से चली आ रही राशि को ससमय कोषागार में जमा नहीं कराने के लिए सीधे तौर पर कैश के प्रभारी श्री सुदर्शन प्रसाद सिंह, उपाधीक्षक तथा उनसे प्रभार लेने वाले प्रभारी उपाधीक्षक, श्री मृत्युजंय कुमार उत्तरदायी हैं, जबकि उक्त अंकेक्षण प्रतिवेदन की कंडिका-04 में प्रतिवेदित किया गया है कि बिहार वित्त नियमावली के नियम-37 के प्रावधानों के अनुसार सरकार को राजस्व के रूप में प्राप्त राशि अविलंब कोषागार में जमा कर देना चाहिए। लेखा परीक्षा में पाया गया कि आम के बगीचा के लिए 52,000/- लीची के बगीचा के लिए 3,01,000/- —षि योग्य खाली जमीन के लिए 1,81,000/- कुल 5,34,000/- दिनांक-07.06.2021 को प्राप्त हुआ। साथ ही 4,380/- दिनांक-24.07.2017 के पूर्व से ही चला आ रहा है। इन सभी राशि को प्राप्ति के तुरंत पश्चात् कोषागार में जमा करा दिया जाना चाहिए था, परंतु दिनांक-04.05.2022 तक राशि कोषागार में जमा नहीं किया गया था। साथ ही लेखा परीक्षा में पाया गया कि इस राशि को समय-समय पर खर्च भी किया गया था, जो काराधीक्षक के रूप में श्री चौधरी द्वारा बरती गई वित्तीय अनियमितता का परिचायक है।
बैंक में रखी राशि को रोकड़ बही में नहीं दर्शाये जाने तथा बैंक समाशोधन विवरणी नहीं बनाए जाने के आरोप के संबंध में श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि जहाँ तक प्राप्त राशि का विभागीय खर्च चलाने के लिए विनियोग करने का प्रश्न है तो इस सन्दर्भ में उल्लेखनीय है कि कैश में रक्षित राशि को स्थायी अग्रिम मद में राशि नहीं रहने पर आकस्मिक मद यथा-बंदियों के चिकित्सा इत्यादि में खर्च किया गया तथा आवंटन प्राप्त होने पर उक्त राशि को (-) P.A. Recoup कर कैश में जमा कर लिया गया, जबकि महालेखाकार कार्यालय के अंकेक्षण प्रतिवेदन की कंडिका-05 में प्रतिवेदित किया गया है कि मंडल कारा, सहरसा के लेखा अवधि दिसम्बर, 2017 से मार्च, 2023 तक की लेखा परीक्षा के दौरान रोकड़ बही एवं विभिन्न मदों के बैंक खातों के नमूना जाँच के क्रम में पाया गया कि माह के अंत में संवरण शेष के विवरणी में बैंक में जमा राशियों का अंतशेष का संधारण नहीं किया जा रहा है। छः (06) बैंक की राशि को रोकड़ बही के अंतशेष में नहीं दर्शाया गया है। अंकेक्षण के दौरान पाया गया कि रोकड़ बही तथा बैंक विवरणी का प्रत्येक माह के अंत में मिलान नहीं किया जा रहा है और न मासिक आधार पर बैंक समाशोधन विवरणी ही बनाया जा रहा है। इस प्रकार रोकड़ बही में बैंक में रखी राशि तथा बैंक समाशोधन विवरणी नहीं बनाया जाना श्री चौधरी द्वारा बरती गयी वित्तीय अनियमितता का परिचायक है।21 (cid:464)बहार गजट, 27 2026 मंडल कारा, सहरसा में कारा परिसर स्थित सरकारी आवास में विद्युत मीटर का अधिष्ठापन नहीं किये जाने के आरोप के संबंध में श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि राज्य के काराओं में पदाधिकारियों एवं कर्मियों के आवासीय भवनों में विद्युत मीटर अधिष्ठापन कराये जाने का निदेश प्राप्त होने के उपरान्त विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत कार्य प्रमंडल, सहरसा से पत्राचार किया गया था, परन्तु विद्युत मीटर का अधिष्ठापन संबंधी कार्य नहीं किया गया। इस कार्य के लिए विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत कार्य प्रमंडल, सहरसा और उनका कार्यालय सीधे तौर पर जिम्मेवार है। आरोपित पदाधिकारी श्री चौधरी का यह कथन स्वीकार योग्य नहीं है। इस संबंध में उन्हें विद्युत कार्यपालक अभियंता, विद्युत कार्य प्रमंडल, सहरसा से व्यक्तिगत रूप से मिलकर और अधिक प्रयास करना चाहिए था।
महालेखाकार, कार्यालय द्वारा मंडल कारा, सहरसा के लेखाओं के नमूना जाँच में पाया गया कि कारा अधिकारियों एवं कर्मियों को आवंटित 19 आवासों में विद्युत का मीटर नहीं लगा है एवं कारा में लगे मीटर से ही विद्युत का कनेक्शन दिया गया है। साथ ही विद्युत खपत की राशि का भुगतान कारा कार्यालय को आवंटित विद्युत प्रभार मद से की जा रही थी, जबकि कारा कर्मियों को आवंटित आवास के लिए अलग-अलग बिजली मीटर का अधिष्ठापन किया जाना चाहिए था। विद्युत खपत की राशि का भुगतान संबंधित आवास के अधिकारियों एवं कर्मियों के द्वारा किया जाना था, लेकिन कारा परिसर में स्थित सरकारी आवास में अलग-अलग बिजली मीटर का अधिष्ठापन नहीं किया गया था। साथ ही आवासीय भवनों में मीटर का अधिष्ठापन नहीं होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी/कर्मचारी के वेतन में विद्युत प्रभार मद में व्यय होने वाली राशि का औसत के आधार पर आकलन करते हुए राशि की कटौती करने संबंधी कोई प्रमाण कारा कार्यालय में नहीं पाया गया। इस प्रकार श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृत्त) द्वारा विभागीय ज्ञापांक-5009 दिनांक- 15.09.2014 एवं 4279 दिनांक-27.05.2021 में निहित विभागीय निर्देशों का उल्लंघन कर वित्तीय अनियमितता बरती गयी है।
लेखा परीक्षा जाँच दल द्वारा लेखा परीक्षा में मंडल कारा, सहरसा के रोकड़ पंजी, स्टॉक पंजी तथा बिक्री बही में कतिपय त्रुटियाँ पाये जाने के आरोप के संबंध में श्री चौधरी द्वारा समर्पित अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में उल्लेखित किया गया है कि रोकड़ पंजी, स्टॉक पंजी एवं बिक्री बही में पाई गई त्रुटियों के लिए सीधे तौर पर तत्कालीन प्रभारी उपाधीक्षक, श्री मृत्युंजय कुमार जिम्मेवार हैं, क्योंकि उन्हें ही सारे कार्य आवंटित थे। सभी भुगतान स्टॉक पंजी एवं बिक्री पंजी के मिलान के आधार पर किया गया है, जो सही है। आरोपी पदाधिकारी श्री चौधरी का कहना है कि उपरोक्त आरोप उनसे संबंधित नहीं होकर प्रभारी उपाधीक्षक से संबंधित है, श्री चौधरी का यह कथन भी स्वीकार योग्य नहीं है, क्योंकि लेखा परीक्षा जाँच दल द्वारा लेखा परीक्षा में मंडल कारा, सहरसा के रोकड़ पंजी, स्टॉक पंजी और बिक्री बही में कतिपय त्रुटियाँ पायी गयी। जुलाई, 2021 से दिसम्बर, 2021 तक स्टॉक पंजी में सहायक अधीक्षक या उपाधीक्षक का हस्ताक्षर नहीं पाया गया। दिनांक-05.12.2021 से दिनांक-04.05.2022 तक रोकड़ पंजी पर उपाधीक्षक का हस्ताक्षर नहीं पाया गया। दिनांक-01.11.2021 से दिनांक-30.03.2022 तक बिक्री बही (गेट इंट्री रजिस्टर) में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का हस्ताक्षर नहीं पाया गया। बिक्री बही (गेट इंट्री रजिस्टर) पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का हस्ताक्षर नहीं होने से यह प्रमाणित नहीं हो पा रहा है कि वास्तव में सामान प्राप्त किया गया अथवा बिना सामान प्राप्त किये ही संवेदक को भुगतान किया गया। इस प्रकार स्पष्ट है कारा के नियंत्री पदाधिकारी होने के नाते काराधीक्षक को बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-797 (viii) के प्रावधान के तहत कारा के आगम एवं निर्गमन पर उनका पूर्ण नियंत्रण होगा एवं सभी अभिलेख(cid:464)बहार गजट, 27 2026 22 अद्यतन कराया जाना सुनिश्चित करना चाहिए था। इस प्रकार श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा द्वारा उक्त प्रावधान का उल्लंघन किया गया है।
मंडल कारा, सहरसा में श्री चौधरी के पदस्थापन अवधि में बंदियों द्वारा मोबाईल फोन का उपयोग करने एवं नशीली पदार्थों का सेवन करने तथा दबंग बंदियों को कारा गोदाम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराये जाने के आरोप के संबंध में श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन में कहना है कि जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक-525/गो0, दिनांक-27.09.2022 के द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि उनके पदस्थापन काल में बंदियों द्वारा मोबाईल का प्रयोग करने, नशीली पदार्थ का सेवन करने, दबंग बंदियों को कारा गोदाम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है, जबकि जिलाधिकारी, सहरसा द्वारा उपलब्ध कराये गये उक्त प्रतिवेदन के मंतव्य में बंदियों द्वारा मोबाईल फोन का उपयोग करने एवं नशीली पदार्थ का सेवन करने तथा दबंग बंदियों को कारा गोदाम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के मामले में श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा को उत्तरदायी ठहराया गया है। सरकारी अभिकरण बिहार राज्य खाद्य निगम से गेहूँ एवं चावल की आपूर्ति कारा में नहीं किये जाने के आलोक में राज्य खाद्य निगम से गेहूँ/चावल की आपूर्ति नहीं लेने तथा गेहूँ के स्थान पर आटा का क्रय किये जाने संंबंधी आरोप के संदर्भ में आरोपित पदाधिकारी का लिखित अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य है, किन्तु शेष अन्य आरोपों यथा-GeM Portal से सामग्रियों का क्रय नहीं कर खुली बाजार से क्रय किये जाने, राजस्व के रूप में प्राप्त राषि को कोषागार में जमा नहीं करने, बैंक में रखी राषि को रोकड़ बही में नहीं दर्षाये जाने तथा बैंक समाषोधन विवरणी नहीं बनाये जाने, कारा परिसर में विद्युत मीटर का अधिष्ठापन नहीं किये जाने, मंडल कारा, सहरसा के रोकड़ बही, स्टॉक पंजी और बिक्री बही (गेट इन्ट्री रजिस्टर) पर किसी अधिकारी या कर्मचारी का हस्ताक्षर नहीं होने, बंदियों द्वारा मोबाईल फोन का उपयोग करने एवं नषीली पदार्थ का सेवन करने तथा दबंग बंदियों को कारा गोदाम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने संबंधी प्रतिवेदित आरोप प्रमाणित पाये गये हैं। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृत्त) द्वारा उपर्युक्त मामले में वित्तीय अनियमितता एवं लापरवाही बरती गई है।
श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृत्त) द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन तथा पूरक अभ्यावेदन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि उनके विरूद्ध आरोप पत्र में गठित अधिकांषतः आरोपों के बचाव के समर्थन में जवाब न देकर उनके द्वारा अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों/कर्मियों तथा विभागीय कार्यवाही के संचालन से संबंधित पदाधिकारियों के विरूद्ध तथ्यहीन आरोप लगाकर अपने ऊपर लगे आरोपों से बचने का प्रयास किया गया है। अतः आरोपित श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृा) के विरूद्ध गठित आरोप सं0-02, 04, 05, 06, 07, 08, एवं 09 से संबंधित उनका द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन स्वीकार करने योग्य नहीं है।
6. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृा) के विरूद्ध प्रमाणित पाये गये आरोपों के आलोक में उनके द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब/लिखित अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-43 (बी) के प्रावधान के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय किया गया :-
'' पेंषन से पाँच प्रतिषत (5%) राषि की कटौती का दण्ड पाँच (05) वर्षों तक ''। 7. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-1218 दिनांक-17.02.2026 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गयी। तद्आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-419 दिनांक-12.05.2026 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है।
8. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री सुरेश चौधरी, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा (सम्प्रति सेवानिवृा) के विरूद्ध बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-43 (बी) के प्रावधान के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :-
23 (cid:464)बहार गजट, 27 2026'' पेंषन से पाँच प्रतिषत (5%) राषि की कटौती का दण्ड पाँच (05) वर्षों तक ''।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजीव जमुआर, अपर सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।