असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
20 (cid:207)ये(cid:231)ठ 1948 (श0)
(सं0 पटना 575) पटना, बुधवार, 10 जून 2026
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किसी नियमित सरकारी सेवक के विरुद्ध प्रतिवेदित कदाचार के संदर्भ में कार्रवाई की प्रक्रिया एवं प्रमाणित पाये जाने पर अधिरोपित किये जाने वाले दण्डों का प्रावधान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 में विहित है।
2. सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-1003 दिनांक-22.01.2021 द्वारा संविदा के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया एवं मार्गदर्शन सिद्धान्त संसूचित किया गया है। उक्त संकल्प की कंडिका-4(2)(II)(vii) में अपील से संबंधित प्रावधान निम्नवत् है-
"(vii) प्रत्येक संबंधित विभाग द्वारा सक्षम प्राधिकार का आदेश प्राप्त कर इस आशय का आदेश निर्गत किया जायेगा कि संविदा के आधार पर ऐसा नियोजन पूरी तरह अस्थायी होगा तथा उस पद को नियमित नियुक्ति द्वारा भरे जाने तक के लिए होगा। अस्वस्थता या अनुशासनिक आधार पर या असंतोषजनक सेवा के कारण या सेवानिवृत्ति की सामान्य आयु होने पर नियमित नियुक्ति होने के पूर्व भी नियोजन समाप्त हो जाएगा/किया जा सकता है। संविदा नियोजन की अन्य शर्त्तें नियोजन के समय निर्गत नियोजन पत्र, एकररारनामा एवं क्षतिपूर्ति बंधक पत्र (जहाँ लागू हो) के अनुसार रहेंगे।" 3. इसी प्रकार वाह्य सेवा प्रदाता से सेवा प्राप्त कर्मियों के किसी कदाचार के संदर्भ में अनुशासनिक कार्रवाई का प्रावधान सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा नहीं किया गया है।
4. उक्त वर्णित तथ्यों से स्पष्ट है कि जहाँ बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों से नियमित सरकारी सेवक की सेवा आच्छादित है वहीं संविदा नियोजित अथवा वाह्य सेवा प्रदाता से सेवा प्राप्त कर्मी उक्त नियमावली से आच्छादित नहीं है। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 10 जून 2026 2 में किये गये किसी कदाचार के लिए नियमित नियुक्ति के फलस्वरूप यथानिर्धारित अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा क्या उनके विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई किया जाना विधिसम्मत् होगा? 6. उक्त संदर्भ में विधि विभाग के माध्यम से विद्वान महाधिवक्ता का परामर्श प्राप्त किया गया। विद्वान महाधिवक्ता के परामर्श का कार्यकारी अंश निम्नवत् है-
"In view of the above consideration, it is opined that even though the present Disciplinary Authority may not have the administrative Contral at the relevant time when the alleged irregularities were committed, the present disciplinary authority is still entitled to commence disciplinary proceedings against a regular government employee for his past misconduct as a contractual employee or as an outsourced employee working through and external agency under Bihar Governement Servants (Classification, Control and Appeal) Rules, 2005. With the above opinion, the file is being returned."
7. अतः सम्यक् विचारोपरान्त निर्णय लिया जाता है कि-
"किसी संविदा नियोजित/वाह्य सेवा प्रदाता के माध्यम से नियोजित सेवक के निर्धारित चयन प्रक्रिया में चयनित होने के फलस्वरूप बिहार सरकार में नियमित रूप से नियुक्त होने के उपरान्त, उसके द्वारा संविदा/वाह्य सेवा प्रदाता के माध्यम से नियोजन अवधि में किये गये किसी कदाचार के लिए, उसके विरुद्ध कार्रवाई, नियमित नियुक्ति के फलस्वरूप यथानिर्धारित अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत की जा सकेगी।"
8. उपरोक्त पर विद्वान महाधिवक्ता की सहमति एवं सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। 9. यह तुरत प्रवृत होगा। आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डॉ0 बी0 राजेन्दर, सरकार के अपर मुख्य सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त ।
(cid:464)बहार गजट (असाधारण) 575-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0 Website: https://egazette.bihar.gov.in