असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
20 (cid:207)ये(cid:231)ठ 1948 (श0)
(सं0 पटना 577) पटना, बुधवार, 10 जून 2026 vYila[;d dY;k.k foHkkx ———— vf/klwpuk 3 twu 2026
297—श्री चंदन कुमार, तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, नालंदा (कोटि क्रमांक-945/2013) के विरूद्ध उनके उपर कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतने आदि से संबंधित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लेते हुए आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालित विभागीय कार्यवाही में आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, मगध प्रमंडल, गया का जाँच प्रतिवेदन आयुक्त के सचिव, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक-3653 दिनांक-22.11.2021 के द्वारा प्राप्त हुई, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं इनके द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन एवं उपस्थापन पदाधिकारी का साक्ष्य प्रस्तुतीकरण/प्रत्युत्तर के आधार पर संचालन पदाधिकारी की समीक्षा के क्रम में निम्नलिखित आरोप प्रमाणित पाया गयाः-
(i) श्री कुमार असाधारण अवकाश का आवेदन देकर मुख्यालय से दिनांक-21.03.2021 से लगातार अनुपस्थित है। बिना अवकाश स्वी—ति के मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण आरोपी पदाधिकारी का बचाव अभिकथन एवं उपस्थापन पदाधिकारी का साक्ष्य प्रस्तुतीकरण/प्रत्युत्तर के आधार पर संचालन पदाधिकारी का निष्कर्ष हैं कि अनुपस्थिति के संबंध में आरोपी पदाधिकारी का अभिकथन स्वीकार्य योग्य नहीं हैं। उक्त आरोप प्रमाणित होता हैं। (ii) श्री कुमार तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, नालन्दा बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2020 के अवसर पर कोविड-19 कोषांग के नोडल पदाधिकारी के रूप में अपने दायित्वोें का निर्वहन ठीक तरह से नहीं करने के कारण आरोपी पदाधिकारी का बचाव अभिकथन एवं उपस्थापन पदाधिकारी का साक्ष्य प्रस्तुतीकरण/प्रत्युत्तर के आधार पर संचालन पदाधिकारी का निष्कर्ष हैं कि इनके द्वारा बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2020 के अवसर पर नोडल पदाधिकारी के दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं किया गया। उक्त आरोप प्रमाणित होता हैं। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 10 जून 2026 (iv) श्री कुमार तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी नालन्दा द्वारा NCC कार्यालय भवन की मरम्मति में अभिरूचि नहीं लेने के कारण आरोपी पदाधिकारी का बचाव अभिकथन एवं उपस्थापन पदाधिकारी का साक्ष्य प्रस्तुतीकरण/प्रत्युत्तर के आधार पर संचालन पदाधिकारी का निष्कर्ष हैं कि आरोपी पदाधिकारी के द्वारा वित्तीय प्रभार दिलाने हेतु किसी प्रकार का किया गया प्रयास की जानकारी नहीं दी गयी हैं, जो स्पष्ट करता हैं कि भवन की मरम्मति में इनके द्वारा अभिरूची नहीं लिया गया। उक्त आरोप प्रमाणित होता हैं।
उक्त के आलोक में श्री चंदन कुमार, तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, नालंदा पर लगाये गये आरोप प्रमाणित पाया गया।
अतः उक्त प्रमाणित आरोप गंभीर प्रकृति के है तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के तहत आरोपी पदाधिकारी को सम्यक् विचारोपरान्त निम्न दण्ड अधिरोपित किया जाता हैंः-
(क) भविष्य के लिए चेतावनी, जो सेवापुस्त में दर्ज की जायेगी। (ख) असंचयात्मक प्रभाव से 02 वेतन वृद्धि की कटौती।
2. उक्त पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से, डॉ॰ अमीर आफाक अहमद फैजी, विशेष सचिव-सह-निदेशक।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,