असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 2 आषाढ़ 1948 (श0)
(सं0 पटना 654) पटना, मंगलवार, 23 जून 2026 —
विभाग ———— संकल्प 19 जून 2026
श्री राजीव कुमार (बिहार वित्तीय प्रशासन सेवा), सहायक आयुक्त, भविष्य निधि निदेशालय, वित्त विभाग, बिहार, पटना पूर्व में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड में कनीय लेखा सहायक, विद्युत आपूर्ति, अवर प्रमंडल, गोगरी, खगड़िया के पद पर नियोजित थे। उक्त नियोजन के दौरान उनके द्वारा किये गए राजस्व गबन एवं वित्तीय अनियमितता के संबंध में महेशखुँट थाना कांड संख्या-298/2022 दिनांक-09.12.2022 दर्ज है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, पटना के पत्रांक-337, दिनांक-18.07.2023 द्वारा उक्त वित्तीय अनियमितता, राजस्व गबन एवं थाना कांड दर्ज होने के तथ्य वित्त विभाग को प्रतिवेदित किए गए। प्रथम दृष्टया श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप सही पाए गए।
(2) उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (समय-समय पर यथा संशोेधित) के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित किए गए, जिसमेें लगाए गए चार गंभीर आरोप निम्नवत्् हैंः-
"(क) आरोप संख्या-1 :- नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, विद्युत भवन, बेली रोड, पटना के ज्ञापांक-337, दिनांक-18.07.2023 द्वारा सूचित किया गया है कि आप पूर्व से कनीय लेखा सहायक, विद्युत आपूर्ति अवर प्रमण्डल, गोगरी, खगड़िया के पद पर नियोजित हैं तथा जून, 2017 से दिसम्बर, 2020 तक की अवधि में राजस्व गबन एवं वित्तीय अनियमितता के लिए आपके विरूद्ध प्राथमिकी (महेशखुँट थाना कांड संख्या-298/2022 दिनांक-09.12.2022) दर्ज है। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 23 जून 2026 2 संबंधित विवरण) में कोई सूचना/तथ्य अंकित नहीं किया गया हैै। जबकि नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, पटना के संदर्भित पत्र के अनुसार आप उक्त निकाय में पदस्थापित थे। स्पष्ट है कि आपके द्वारा वित्त विभाग के अधीन नियुक्ति के समय समर्पित सत्यापन प्रपत्र में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, पटना अन्तर्गत कनीय लेखा सहायक के पद पर पदस्थापित होने संबंधी तथ्य छुपाया गया।
(घ) आरोप संख्या-4 ः-बिहार वित्तीय प्रशासन सेवा में लेखा पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति के समय भी आप नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, पटना के अधीन कनीय लेखा सहायक का पद धारण कर रहे थे। वर्त्तमान में आपके द्वारा एक समय में दो पद धारण किया जा रहा है, जो बिहार सेवा संहिता के संगत नियमों के प्रतिकूल है।"
(3) विभागीय पत्रांक-10255 दिनांक-17.11.2023 द्वारा उक्त गठित आरोप-पत्र की एक प्रति उपलब्ध कराते हुए आरोपित पदाधिकारी से 7(सात) दिनों के भीतर लिखित अभिकथन की माँग की गई, जिसके प्रतिउत्तर में दिनांक-27.11.2023 को लिखित अभिकथन समर्पित किया गया। विभाग द्वारा उक्त अभिकथन को असंतोषजनक पाकर अस्वीकृृत कर दिया गया।
(4) बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 नियम-17 (2) के अधीन आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध आरोपों की विहित रीति से जाँच हेतु विभागीय कार्यालय आदेश संख्या-2867, दिनांक-15.03.2024 द्वारा संयुक्त सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा सहायक निदेशक, भविष्य निधि निदेशालय, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया।
(5) संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी पर लगाए गए आरोप संख्या-1 एवं 3 को प्रमाणित, आरोप संख्या-2 को आंशिक प्रमाणित तथा आरोप संख्या-4 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
(6) जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्षों के आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18 (3) के आलोक में जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए विभागीय पत्रांक-8913 दिनांक-16.08.2024 द्वारा श्री कुमार को 15 दिनों के अन्दर अपना अभ्यावेदन/निवेदन समर्पित करने का निदेष दिया गया, जिसके आलोक में श्री कुमार ने दिनांक- 05.09.2024 को अपना लिखित अभ्यावेदन समर्पित किया।
(7) अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी के अभ्यावेदन की विस्तृृत समीक्षा की गई। साक्ष्यों एवं विधिक प्रावधानों के आधार पर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोप संख्या-1, 2, 3 एवं 4 (सभी चार आरोपों) को प्रमाणित पाया गया। अतः विभागीय पत्रांक-10688, दिनांक-09.10.2025 द्वारा श्री कुमार से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18 (3) के आलोक में आरोपित पदाधिकारी से पुनः लिखित अभ्यावेदन की माँग की गई, जो उन्होंने दिनांक-31.10.2025 को समर्पित किया। आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त लिखित अभ्यावेदन की समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा इसे तार्किक न पा कर अस्वीकृृत कर दिया गया।
(8) आरोपित पदाधिकारी का पूर्व नियोक्ता द्वारा समर्पित त्याग-पत्र अस्वीकृृत कर दिया गया था, इसलिए वे विधिक रूप से पूर्व पद पर ही कार्यरत माने जाएँगे। उनका एक ही समय में दो विभिन्न संस्थानों में नियोजित रहना और दोनों जगह पद धारित रखना अवैध पाया गया।
(9) विभागीय पत्रांक-12592 दिनांक-11.12.2025 एवं स्मार पत्रांक-566 दिनांक-09.03.2026 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से विहित परामर्श की माँग की गई। आयोग द्वारा पत्रांक-4909, दिनांक-09.03.2026 एवं पत्रांक-202, दिनांक-17.04.2026 के माध्यम से प्रस्तावित दंड (सेवाच्युति) पर अपनी सहमति व्यक्त की गई। (10) अतएव बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री राजीव कुमार (बिहार वित्तीय प्रशासन सेवा), सहायक आयुक्त, भविष्य निधि निदेशालय, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (X) के तहत्् "सेवाच्युति, जो सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता नहीं होगी" का दण्ड संसूचित किया जाता है।
(11) सेवाच्युति का दण्ड संकल्प निर्गत की तिथि से प्रभावी होगा।
आदेशः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री राजीव कुमार (बिहार वित्तीय प्रशासन सेवा), सहायक आयुक्त, भविष्य निधि निदेशालय, बिहार, पटना एवं सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सरकार के संयुक्त सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,