असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
3 आषाढ़ 1948 (श0)
(सं0 पटना 656) पटना, बुधवार, 24 जून 2026
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बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण निवारण) नियमावली, 2019 यथा संशोधित के नियम-22 के अनुसार किसी खनन पट्टे के रूप में कोई खनिज समानुदान (बालू छोड़कर) केवल लोक नीलामी-सह- निविदा द्वारा ई-बीडिंग मोड के माध्यम से और इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा निर्गत अंतिम अधिसूचना में उपवर्णित अथवा राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में, समय-समय पर, यथा विनिश्चित प्रक्रिया के अनुसार, बंदोबस्त किये जाने का प्रावधान है।
2. बिहार राज्यान्तर्गत अंतिम जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन में चिह्नित पत्थर खनन पट्टों की बंदोबस्ती हेतु सहमति, बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली, 2024 के नियम-131ज्ञ(छ) के तहत नामांकन के आधार पर ई-नीलामी हेतु मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन (एम0एस0टी0सी0) का चयन एवं बंदोबस्ती ई-नीलामी के माध्यम से कराये जाने की स्वीकृति राज्य मंत्रिपरिषद् द्वारा दिनांक 29.04.2026 को दी गयी है, जिसके संबंध में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2976 दिनांक 07. 05.2026 निर्गत है।
3. पत्थर भूखण्डों की बंदोबस्ती के पश्चात् संचालन हेतु पत्थर भूखण्डों का खनन योजना तैयार कराना एवं पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त किया जाना आवश्यक है। वर्त्तमान में खनन योजना अनुमोदन कराने सहित पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने में लगभग 250 दिनों का समय लगता है, जिससे राज्य सरकार को अपेक्षाकृत राजस्व प्राप्ति में विलम्ब के साथ-साथ पत्थर की आपूर्ति भी प्रभावित होती है। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 24 जून 2026 2 5. बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड जिन पत्थर भूखण्डों का नीलामी के पूर्व खनन योजना तैयार कराना एवं पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करना चाहेगा, उन पत्थर भूखण्डों का निदेशक मंडल के माध्यम से स्वीकृति प्राप्त कर नीलामी के पूर्व खनन योजना तैयार करा सकेगा एवं पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त कर सकेगा। उक्त पत्थर भूखण्ड की नीलामी के पश्चात् उच्चतम डाकवक्ता के पक्ष में खनन योजना एवं पर्यावरणीय स्वीकृति को स्थानान्तरित किया जाएगा एवं इस पर हुए व्यय की वसूली खनिज समानुदान धारक/बंदोबस्तधारी से की जाएगी।
6. इस व्यवस्था के फलस्वरूप पत्थर भूखण्डों का नीलामी के पश्चात् शीघ्र संचालन सुनिश्चित हो सकेगा तथा विभिन्न विकासात्मक एवं आधारभूत संरचना संबंधी परियोजनाओं हेतु पत्थर की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही राज्य सरकार कोे ससमय राजस्व की प्राप्ति होगी।
7. प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दिनांक 17.06.2026 की बैठक में मद संख्या 05 में प्राप्त है।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,