(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 10 आषाढ+ 1948 (श0)
(सं0 पटना 704) पटना, बुधवार, 1 जुलाई 2026 ———
सरकार के अपर सचिव। वीरचन्द पटेल पथ, पटना।
गव्य विकास निदेषालय अन्तर्गत गैर योजना मद से कुल 09 (नौ) जिलों में नये जिला गव्य विकास कार्यालय की स्थापना एवं विभिन्न कोटि के कुल 72 नये पदों के सृजन की स्वीकृति तथा उक्त के कार्यान्वयन हेतु कुल अनुमानित वार्षिक व्यय भार रुपये 4,47,37,692/- (रुपये चार करोड़ सैंतालीस लाख सैंतीस हजार छः सौ बानवे) मात्र की स्वीकृति के संबंध में।
उपर्युक्त विषय के संबंध में निदेशानुसार कहना है कि राज्य सरकार ने सम्यक विचारोपरान्त गव्य विकास निदेषालय अन्तर्गत गैर योजना मद से कुल 09 (नौ) जिलों में नये जिला गव्य विकास कार्यालय की स्थापना एवं विभिन्न कोटि के कुल 72 नये पदों के सृजन की स्वीकृति तथा उक्त के कार्यान्वयन हेतु कुल अनुमानित वार्षिक व्यय भार रुपये 4,47,37,692/- (रुपये चार करोड़ सैंतालीस लाख सैंतीस हजार छः सौ बानवे) मात्र की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना का विस्तृत व्यय विवरणी संलग्न। 2) राज्य में गव्य विकास निदेशालय अन्तर्गत गव्य प्रक्षेत्र में कई महत्त्वपूर्ण योजनाएँ जैसे समग्र गव्य विकास योजना, देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना, किसान प्रशिक्षण योजना, पशु बीमा योजना आदि क्रियान्वित की जा रही है। ये योजनाऐं राज्य के सभी 38 जिलों में क्रियान्वित की जा रही है। योजना का सफल क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु राज्य के सभी जिलों में जिला गव्य विकास कार्यालय के स्थापना की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
3) राज्य के 09 जिलोें में जिला गव्य विकास कार्यालय स्वीकृत/स्थापित नहीं है। उक्त के क्रम में राज्य के 09 जिले यथा-पू॰ चम्पारण (मोतिहारी), शिवहर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, भागलपुर, वैशाली, रोहतास, बक्सर2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 जुलाई 2026 एवं जहानाबाद में जिला गव्य विकास कार्यालय स्थापित किये जाने की आवश्यकता है। 09 जिलों में जिला गव्य विकास पदाधिकारी का कार्यालय नहीं होने के कारण दुग्ध उत्पादकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी उद्ेश्य की पूर्ति हेतु गव्य विकास निदेषालय अन्तर्गत गैर योजना मद से कुल 09 (नौ) जिलों में नये जिला गव्य विकास कार्यालय की स्थापना एवं विभिन्न कोटि के कुल 72 नये पदों के सृजन की स्वीकृति की आवश्यकता है।
4) इन कार्यालयों की स्थापना एवं पदों के सृजन होने से जिला स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन सूचारू एवं सुगम रूप से हो सकेगा। फलस्वरूप राज्य के सभी जिलों को गव्य विकास हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जा सकेगा। इससे न केवल सभी जिलोें का समग्र विकास होगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के कृषकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति सुदृढ होगी एवं साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।
5) इसी उíेश्य की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु राज्य के शेष 09 जिलों यथा-पू॰ चम्पारण (मोतिहारी), शिवहर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, भागलपुर, वैशाली, रोहतास, बक्सर एवं जहानाबाद में नये जिला गव्य विकास कार्यालय स्थापित किया जायेगा। प्रस्तावित 09 जिलों में निम्नलिखित कुल 72 नये पदों के सृजन किया जाता है :-
| 1. | जिला गव्य विकास पदाधिकारी | 47600-151100 4800 | 08 | 09 |
| 2. | डेयरी फिल्ड ऑफिसर | 35400-112400 4200 | 06 | 27 |
| 3. | उच्च वर्गीय लिपिक | 25500-81100 2400 | 04 | 09 |
| 4. | निम्न वर्गीय लिपिक | 19900-63200 1900 | 02 | 09 |
| 5. | कार्यालय परिचारी | 18000-56900 1800 | 01 | 18 |
| 72 |
6) इन कार्यालयों की स्थापना एवं पदो ंके सृजन होने से जिला स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू एवं सुगम रूप से हो सकेगा। फलस्वरूप राज्य के सभी जिलों को गव्य विकास हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं से अच्छादित किया जा सकेगा। इससे न केवल सभी जिलों का समग्र विकास होगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के कृषकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति सुदृढ़ होगी तथा स्वरोजगार का सृजन होगा। 7) जिला गव्य विकास पदाधिकारी का पद सम्वर्गीय एवं कैडर का पद है, इसलिए वरीयता क्रमानुसार कार्यरत कर्मी द्वारा नियुक्ति नियमावली में निहित प्रावधानों को अपनाते हुए भरा जायेगा।
8) इन पदों के सृजन पर होने वाले व्यय भार का वहन बजट शीर्ष-2404 -डेयरी विकास, 102 -डेयरी विकास परियोजनाएँ, 0010 -क्षेत्रीय स्थापना-मांग संख्या-02, विपत्र कोड 02-2404001020010 के अन्तर्गत उपबंधित राशि से विकलनीय होगा।
9) दिनांक-24.09.2025 को संपन्न प्रशासी पदवर्ग समिति की बैठक में गव्य विकास निदेशालय अन्तर्गत गैर योजना मद से कुल 09 (नौ) जिलों में नये जिला गव्य विकास कार्यालय की स्थापना एवं विभिन्न कोटि के कुल 72 नये पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। संचिका संख्या-6 एस॰एस॰(6)65/2025 के पृष्ठ-07/प॰.
10) दिनांक-03.10.2025 को संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तावित स्कीम को मद संख्या-106 के रूप में स्वीकृति प्रदान की गयी है। संचिका संख्या-6 एस॰एस॰(6)65/2025 के पृष्ठ-18/टि॰.
11) राज्यादेश प्रारूप में आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति प्राप्त है। संचिका संख्या- 6 एस॰एस॰(6)65/2025 के पृष्ठ-19/टि॰ एवं डायरी संख्या-शून्य, दिनांक-03.10.2025.
12) वित्त विभागीय पत्रांक-7355, दिनांक-05.10.2007 में सन्निहित प्रावधान के आलोक में राशि की निकासी हेतु महालेखाकार, बिहार, पटना से प्राधिकार पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 1 जुलाई 2026