असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
10 आषाढ़ 1948 (श0)
(सं0 पटना 706) पटना, बुधवार, 1 जुलाई 2026 14/UCF-11-05/2026 —
————
ladYi
30 twu 2026
केन्द्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में अर्बन चैलेंज फंड का प्रावधान किया है। तदनुसार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक-15.04.2026 को अर्बन चैलेंज फंड (यू.सी.एफ.) मिशन की मार्गदर्शिका निर्गत की गयी। भारत सरकार द्वारा अर्बन चैलेंज फंड मिशन के लिए एक लाख करोड़ रूपये की केन्द्रीय सहायता की मंजूरी दी गयी है। इस मिशन के अन्तर्गत शहरों को ''ग्रोथ हब'' के रूप में विकसित करना, शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास तथा जल एवं स्वच्छता जैसी परियोजनाओं के लिए निजी निवेश और सुधारों को बढ़ावा देना है। 2. इस मिशन का उद्देश्य शहरों को जीवंत, समावेशी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह शहरों को नवाचार, प्रतिस्पर्द्धा और सुधारों के लिए प्रोत्साहित करेगा, ताकि शहर सुदृढ एवं व्यवस्थित हो। साथ ही शहरी अवसंरचना और बेहतर सेवाओं के माध्यम से भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित हो सके। यह पहल नगर निकायों की क्षमता निर्माण, गुणवत्तापूर्ण डी.पी.आर. तैयार करने, विभिन्न शहरों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान तथा परियोजना आधारित दृष्टिकोण से समेकित शहरी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी। साथ ही इसका उद्देश्य नगर निकायों को नगर निगम बॉंण्ड, बैंक ऋण तथा सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से संसाधन जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना है। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 1 जुलाई 2026 2 4. अर्बन चैलेंज फंड मिशन के तहत बुनियादी परियोजनाओं के विकास करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जाना है। इस मिशन के अन्तर्गत आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नीतिगत मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग एवं क्षमतावर्द्धन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा राज्य के अन्तर्गत आनेवाले नगर निकायों के परियोजनाओं की स्वीकृति, निजी एवं वित्तीय संस्थानों के साथ सहयोग एवं निकायों को परियोजना तैयार करने में सहायता प्रदान की जाएगी। नगर निकायों के द्वारा परियोजनाओं का चुनाव, समयावधि के अन्तर्गत उसका विकास, भूमि की उपलब्धता, रिंगफेन्स्ड इस्क्रो खाता, क्षमतावर्द्धन, विवादों का निराकरण, परियोजनाओं की आवश्यकता के अनुरूप प्राप्त राशि का उपयोग आदि किया जाएगा। यह एक गैर-बाध्यकारी समझौता है, जिसकी वैधता 05 वर्ष अथवा विस्तारित अवधि तक के लिए होगी।
5. इस मिशन के अन्तर्गत कतिपय परियोजनाओं यथा-डिजिटल प्रशासन, शहरी अवसंरचना का विकास, ठोस तरल अपशिष्टों का पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग, भीड़-भाड़ कम करने की परियोजना, शहर के अन्तिम छोर तक पहुँच हेतु अवसंरचना का विकास, पुरानी शहरी क्षेत्रों का पुनर्विकास, पुराने बाजारों का पुनर्विकास, गैर मोटरचालित परिवहन अवसंरचना का विकास जैसे-पैदल यात्री मार्ग, साईकिल पथ इत्यादि, ट्रांजिट हब का उन्नयन, टी.ओ.डी. अवसंरचना का विकास, शहरी बाढ़ के रोकथाम हेतु परियोजना, एकीकृत अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना, ग्रीनफिल्ड शहरों का विकास, सड़क एवं फ्लाई ओवर अवसंरचना का विकास, शहरी रिवरफ्रंट का विकास, ऐसे परियोजना जो किसी अन्य परियोजना में शामिल न हो, भूमि बैंक सूची प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए परियोजना, सम्मेलन केन्द्रों का विकास, मनोरंजन स्थलों का विकास, आधुनिक सार्वजनिक पुस्तकालयों का निर्माण एवं खेल अवसंरचना आदि को शामिल किया जा सकेगा।
6. अर्बन चैलेंज फंड मिशन के अनुश्रवण हेतु राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय शीर्ष समिति, राष्ट्रीय परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू), स्वतंत्र समीक्षा एवं निगरानी एजेन्सी स्थापित की जाएगी। राज्य स्तर पर राज्यस्तरीय उच्चशक्ति प्राप्त संचालन समिति (एसएचपीएससी), राज्यस्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी), परियोजना विकास प्रबंधन सलाहकार (पीडीएमसी) स्थापित की जाएगी। साथ ही नगर निकाय क्रियान्वयन एजेन्सी के रूप में कार्य करेगी। 7. अर्बन चैलेंज फंड मिशन के अन्तर्गत राज्य सरकार नगर निकायों से सेल्फ ऑफ स्कीम के तहत ऐसी योजनाओं की मांग करेगी, जिससे नगर निकायों को राजस्व का दीर्घकालीन स्त्रोत प्राप्त हो सके तथा नागरिक सुविधाओं एवं रोजगार सृजन में वृद्धि हो। इसकी समीक्षा राज्यस्तरीय उच्चशक्ति प्राप्त संचालन समिति (एसएचपीएससी) द्वारा की जाएगी तथा परियोजनाओं की स्वीकृति राज्य सरकार के यथोचित प्राधिकार द्वारा दी जाएगी।
8. अतः अर्बन चैलेंज फंड (यू.सी.एफ.) मिशन में भागीदारी हेतु आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं नगर निकायों के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर करने की स्वीकृति प्रदान करने पर सरकार की सहमति संसूचित की जाती है।
9. उपरोक्त प्रस्ताव पर दिनांक-24.06.2026 को सम्पन्न राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक के मद संख्या-16 के रूप में स्वीकृति प्राप्त है।
10. आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रति सरकार के सभी अपर मुख्य सचिव/सभी प्रधान सचिव/सभी सचिव/सभी प्रमण्डलीय आयुक्तों/जिला पदाधिकारियों/महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मनोज कुमार, सरकार के अपर सचिव।
————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,