(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 11 आषाढ+ 1948 (श0)
(सं0 पटना 716) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 2 जुलाई 2026 सं॰ TDRT/80010/02-2024.1277/प॰ वि॰,
पर्यटन विभाग
——— संकल्प पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर पर्यटकीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कई योजनाएँ लागू की गई है तथा कई नये योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उक्त किये जा रहे प्रयासों के फलस्वरूप राज्य में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में निरंतर उत्साहित रूप से वृद्धि देखा गया है तथा भविष्य में भी वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। राज्य में आने वाले पर्यटकों द्वारा बिहार भ्रमण के दौरान आवासन के विकल्प के रूप में लग्जरी होटल, बजट होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला आदि का उपयोग किया जाता है। यह सुविधाएँ मूलतः शहरी परिधि में सुगमता पूर्वक उपलब्ध होते हैं, परन्तु शहरी परिधि के बाहर इसकी उपलब्धता कम हो जाती है। पर्यटकों को ग्रामीण क्षेत्राें में पर्यटन स्थल के समीप आवासन की सुविधा एवं सुखद अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से होमस्टे/बेड एण्ड ब्रेकफस्ट प्रोत्साहन योजना 2024 पर मंत्रिपरिषद् की दिनांक 06.08.2024 को मद संख्या 16 के रूप में स्वीकृति प्रदान की गयी है।
उक्त योजना की समीक्षा, उद्योग विभाग, बिहार सरकार एवं पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त सुझाव के आलोक में की गयी है एवं नये योजना का प्रारूप को सुगम किया गया है।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026 2. योजना का नामकरण एवं विस्तार :-
के नाम से जाना (I) इस योजना को
जायेगा।
(II) यह योजना राज्य में चिन्हित जिलों के पर्यटन स्थलों पर लागू होगा तथा पर्यटन विभाग समय-समय पर इस सूची में परिवर्तन/विस्तार करने हेतु अधिकृत होगा। (अनुलग्नक- 1 की कंडिका 2.1 (ङ) में वर्णित)
(III) यह योजना अन्य प्रकार की आवासीय सुविधाओं यथा रिसॉर्ट, होटल, मोटल, गेस्ट हाउस, बोर्डिंग-लॉजिंग गृहों पर लागू नहीं होगी।
(IV) यह योजना संकल्प निर्गत तिथि से लागू होगी।
3. पर्यटन विभाग को मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 की नियमावली एवं शर्तों में संशोधन, समीक्षा करने तथा समय-समय पर आकलन कर दिशा-निर्देश निर्गत करने का अधिकार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 से सम्बन्धित दिशा-निर्देश अनुलग्नक- 1 के रूप में संलग्न है। व्यय का आकलन ।- स्वीकृति के अनुसार अगले 5 क्रमिक वित्तीय वर्षाें में 1000 कमरों को होमस्टे में परिवर्तित किया जाना है, जिसमें लगभग 25,00,00,000/- (पच्चीस करोड़ रूपये मात्र) का व्यय अनुमानित है। व्यय होने वाले राशि का वहन पर्यटन विभाग द्वारा विपत्र कोड 46-3452801040103 के प्राथमिक इकाई 3301-सब्सिडी मद से वहन की जायेगी।
5.
:- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित कर इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026 (1) मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 का उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर होमस्टे की स्थापना और संचालन को बढ़ावा देना और प्रोत्साहित करना है, ताकि पर्यटकों को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत में निहित प्रमाणिक, समुदाय-आधारित पर्यटन अनुभव प्रदान किए जा सकें। (क) होमस्टे को बिहार में एक व्यवहारिक, लाभकारी और मांग आधारित सूक्ष्म पर्यटन व्यवसाय बनाना है।
(ख) होमस्टे को बढ़ावा देकर राज्य भर में गुणवत्तापूर्ण पर्यटक आवास की उपलब्धता में अभिवृद्धि करना।
(ग) पर्यटकों की संख्या बढ़ाना और कम भ्रमण किए गए स्थलों तक आगंतुकों की पहुंच में वृद्धि करना।
(घ) घरेलू माहौल में स्थानीय विशिष्टताओं के साथ आतिथ्य सत्कार और पारंपरिक बिहारी व्यंजन परोसना।
(ङ) स्वदेशी हस्तकलाओं, हस्तशिल्पों और स्थानीय कौशलों से परिचय कराना। (च) जनजातीय और स्वदेशी जीवनशैली में गहन सांस्कृतिक यात्राओं को सुगम बनाना। (छ) पर्यावरण-पर्यटन और प्रकृति-आधारित अनुभवों में भागीदारी को बढ़ावा देना। (ज) पर्यटकों को स्थानीय त्योहारों और रोजमर्रा के ग्रामीण जीवन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करना।
(झ) सतत पर्यटन सुविधा के माध्यम से स्थानीय समुदाय के लिए आजीविका के अवसर उत्पन्न करना। (क) होमस्टे एक ऐसा आवास इकाई है जिसमें अधिकतम 08 कमरा होमस्टे के लिये उपलब्ध हो तथा होमस्टे परिसर में मकान मालिक के रहने की बाध्यता नहीं है। 08 से अधिक कमरें होने पर आवास इकाई को होमस्टे नहीं माना जायेगा।
(ख) इस योजना का लाभ अलग-अलग पते पर स्थित सभी होमस्टे इकाईयों को मिलेगा, चाहें मकान मालिक एक ही क्यों न हो।
(ग) होमस्टे परिसर/होमस्टे विकास के लिए चिन्हित भूमि किसी भी चल रहे कानूनी विवाद में शामिल नहीं होनी चाहिए।
(घ) यह योजना होमस्टे के रूप में उपयोग के लिए वर्तमान में चल रहे अथवा नवनिर्मित दोनों प्रकार की इकाईयों पर लागू होगी।
(ङ) यह योजना निम्न 16 जिलों के 34 पर्यटन स्थलों के लिये लागू होगा। पर्यटन
| 1 | गया | 1. महाबोधि मंदिर, बोधगया 2. विष्णुपद मंदिर 3. डुंगेश्वरी मंदिर 4. प्रेतशिला 5. गुरूपा हिल |
| 2 | औरंगाबाद | 1. देव सूर्य मंदिर |
| 3 | रोहतास | 1. शेरशाह सूरी का मकबरा 2. मांझर कुण्ड 3. धुआं कुण्ड |
| 4 | कैमूर | 1. मुंडेश्वरी मंदिर परिसर 2. करमचट डैम |
| 5 | नालंदा | 1. जल मंदिर, पावापुरी 2. नालंदा महाविहार के पुरातात्विक स्थल (नालंदा भग्नावशेष) 3. रोपवे, राजगीर 4. जू-सफारी एवं नेचर सफारी, राजगीर 5. राजगीर कुण्ड |
| 6 | सीतामढ़ी | 1. पुनौराधाम 2. पंथ पाकड़ |
| 7 | भागलपुर | 1. विक्रमशिला विश्वविद्यालय के भग्नावशेष |
| 8 | वैशाली | 1. विश्वशांति स्तूप |
| 9 | प॰ चम्पारण | 1. गाँधी आश्रम, भितिहरवा 2. वाल्मिकी टाईगर रिजर्व 3. अमवामन |
| 10 | बांका | 1. मंदार पर्वत 2. ओढ़नी डैम |
| 11 | जमुई | 1. जैन मंदिर, लछुआर 2. नागी नकटी डैम, जमुई |
| 12 | मुंगेर | 1. भीमबांध वन्य अभ्यारण्य |
| 13 | जहानाबाद | 1. बराबर की गुफाएँ |
| 14 | नवादा | 1. ककोलत जलप्रपात |
| 15 | पूर्वी चम्पारण | 1. केसरिया स्तूप 2. सीताकुण्ड |
| 16 | मुजफ्फरपुर | 1. मनिकामन झील 2. गरीबनाथ धाम |
(च) होमस्टे इकाई पर्यटन स्थल से 5 कि.मी. की परिधि में हो। (क) बिहार राज्य में नये प्रस्तावित होमस्टे/पूर्व से संचालित होमस्टे का उन्नयन/पूर्व से अवस्थित मकानों में नये होमस्टे इकाई को स्थापित/उन्नयन/निर्माण करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन के पात्र होंगे।
(ख) इस योजना के अतंर्गत वित्तीय प्रोत्साहन के लिए अधिकतम चार (4) कमरे पात्र होंगे। हालांकि, होमस्टे इकाईयाँ अपनी आवश्यकता और उपलब्ध स्थान के अनुसार प्रोत्साहन सीमा से अधिक अतिरिक्त 4 कमरे अपने खर्च पर बनवा सकती है। इस इकाईं में अधिकतम 8 कमरे होने चाहिए।
(ग) आवेदक के पास वैध पैन कार्ड, आधार कार्ड और आधार से जुड़ा बैंक खाता का होना अनिवार्य होगा।
(घ) राज्य या केंद्र सरकार में सेवारत कर्मचारी/नियोजित/संविदाकर्मी इस योजना के अंतर्गत लाभ के पात्र नहीं होंगे।
(ङ) आवेदक के पास भूमि का स्पष्ट स्वामित्व होना चाहिए या प्रस्तावित होमस्टे संपत्ति के लिए कम से कम दस (10) वर्षों की अवधि के लिए एक वैध पट्टा समझौता होना चाहिए, जो सभी कानूनी विवादों, भारों या अन्य बाधाओं से मुक्त होगा। भविष्य में किसी प्रकार का विवाद होने पर पर्यटन विभाग की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी, इस आशय का स्वघोषणा पत्र आवेदक को देना होगा। विवाद की स्थिति में पर्यटन विभाग होमस्टे का निबंधन रद्द कर काली सूची में डाल सकेगा।
(च) संयुक्त भूमि स्वामित्व के मामले में, सभी सह-मालिकों से लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। (क) यह योजना अधिसूचना की तिथि से लेकर 2031 तक, अर्थात वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक वैध होगा, जबतक कि इसे पहले ही बंद न कर दिया जाए या किसी नई योजना द्वारा प्रतिस्थापित न कर दिया जाए।
(ख) पर्यटन विभाग द्वारा समय-समय पर इस योजना के प्रावधानों को संशोधित, परिवर्तित या प्रतिस्थापित किया जा सकेगा, ताकि इसका प्रभावी कार्यान्वयन हो सके और पर्यटन क्षेत्र की बदलती प्राथमिकताओं के अनुरूप हो सके। (क) प्रत्येक निबंधित होमस्टे इकाई को सरकारी आदेशों, निर्देशों और निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप कार्य करना होगा ताकि कानूनी अनुपालन, सुरक्षा और जिम्मेदार संचालन सुनिश्चित हो सके। अनुपालन न करने की स्थिति में दंड, निबंधन रद्द करना और निर्धारित प्रोत्साहन राशि की वसूली की जाएगी।5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026 (ख) प्रत्येक पंजीकृत होमस्टे को सरकार के सभी मौजूदा और भविष्य में समय-समय पर दिए जाने वाले निर्देशों, आदेशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SoP) का पालन करना होगा, जिसमें सक्षम प्राधिकार द्वारा संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जारी किए गए या जारी किए जाने वाले निर्देश शामिल हैं।
(ग) ऐसे आदेशों या मानक परिचालन प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जा सकती है, तथा 10,000 रूपये तक का जुर्माना भी अधिरोपित किया जा सकता है।
(घ) यदि इकाई द्वारा दंड के बावजूद भी सरकारी आदेश/निर्देश का अनुपालन न करने की स्थिति बनी रहती है, तो उसका निबंधन रद्द किया जा सकता है, तथा ब्याज राशि के साथ प्रोत्साहन राशि की वसूली की जाएगी।
(ङ) निदेशक, पर्यटन जुर्माना लगाने या निबंधन रद्द करने से पहले, मालिक/संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे, जिसमें उनसे यह बताने को कहा जाएगा कि नोटिस जारी होने के तीस (30) दिनों के भीतर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए? अंतिम निर्णय लेने से पहले होमस्टे इकाई मालिक को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाएगा।
(च) इस योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन का लाभ उठाने वाले लाभार्थी होमस्टे वाणिज्यिक संचालन तिथि (CoD) से लगातार पांच (5) वर्षाें की न्यूनतम अवधि के लिए अपनी इकाईयों को संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
(छ) इस योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को प्रत्येक वर्ष के 30 अप्रैल को या उससे पहले होमस्टे पोर्टल के माध्यम से एक स्व-घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा, जिसमें उनकी इकाई का निर्धारित मानकों के अनुरूप निरंतर संचालन की पुष्टि की जाएगी। (ज) पर्यटन विभाग, प्रस्तुत की गई जानकारियों को सत्यापित करने का अधिकार सुरक्षित रखता है और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार स्थल निरीक्षण कर सकता है।
(झ) वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करने वाले किसी भी लाभार्थी द्वारा गलत या भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करने की स्थिति में पर्यटन विभाग वितरित प्रोत्साहन या सब्सिडी राशि की वसूली के साथ-साथ निबंधन रद्द करने की कार्यवाही शुरू करेगा। इस योजना के अंतर्गत निबंधित प्रत्येक इकाई को पर्यटकों/अतिथियों को निम्नलिखित सेवाएं/सुविधाएं अनिवार्य रूप से प्रदान करनी होंगीः- (क) प्रत्येक पात्र होमस्टे इकाई को सभी आगंतुकों का विवरण रखने वाला एक रजिस्टर रखना होगा, जिसमें उनकी बुनियादी पहचान और संपर्क जानकारी दर्ज हो। आगंतुक के वैध सरकारी फोटो पहचान पत्र जैसे-आधार कार्ड, पासपोर्ट (विदेशी नागरिकों के लिए अनिवार्य), मतदाता पहचान पत्र, या सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित किसी अन्य फोटोयुक्त दस्तावेज की एक प्रति प्राप्त करके सुरक्षित रूप से फाइल में रखी जाएगी। (i) वैध सरकारी पहचान पत्र और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां
होमस्टे में रखी जानी चाहिए।
(ii) आगंतुकों की जानकारी को रजिस्टर में अद्यतन रखना आवश्यक है और
यह अधिकृत कर्मियों के लिए सुलभ दृष्टिगत हो।
(iii) होमस्टे द्वारा विदेशी पर्यटकों के लिये कमरा/बेड आरक्षित करने की स्थिति में इसकी सूचना स्थानीय थाना को विहित प्रपत्र फार्म 'C' में देना आवश्यक होगा। इसके अतिरिक्त देशी-विदेशी पर्यटकों से संबंधित सरकार द्वारा निर्धारित सभी निर्देशों का अनुपालन करना सुनिश्ति किया जायेगा। साथ ही सभी पर्यटकों द्वारा कमरा/बेड आरक्षित करने पर उनकी सभी विवरणी निम्न प्रपत्र में संधारण करना होगा :-
6 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026(ख)
होमस्टे इकाई में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति की व्यवस्था होना चाहिए।
(ग) होमस्टे इकाई के परिसर के भीतर एक साफ-सुथरा रसोईघर तथा स्वच्छ पीने के पानी की व्यवस्था 24 घंटे होनी चाहिए। (घ) होमस्टे इकाई को आवश्यक सुरक्षा के सभी मापदण्ड के अनुसार उपाय लागू करने होंगे और उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों और चेतावनियों वाले स्पष्ट संकेत लगाने होंगे, ताकि पर्यटकों/अतिथियों को संभावित खतरों से बचाया जा सके, जो निम्नलिखित कारणों से हो सकते है :-
(i) चोरी या अन्य अमानवीय कृत्य। (ii) विद्युत जनित, दुर्घटना, अग्नि अथवा अन्य संरचनात्मक प्रकृति की
दुर्घटनाएँ एवं अन्यान्य कारण।
(iii) पालतू जानवर और अन्य जीवित प्राणी/पशु के कारण। होमस्टे मालिक की यह प्राथमिक जिम्मेदारी होगी कि वह आने वाले सभी पर्यटकों/अतिथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। प्रत्येक होमस्टे इकाई में परिसर के भीतर स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थानों (जैसे प्रवेश क्षेत्र, अतिथि कक्ष और सार्वजनिक क्षेत्र) पर एम्बुलेंस, अस्पताल, अग्निशमन सेवा, पुलिस और जिला आपातकालीन अनुभाग जैसी स्थानीय आपातकालीन संपर्क से संबंधित जानकारियाँ प्रमुखता से प्रदर्शित की जानी चाहिए।
(ङ) होमस्टे के परिसर में पर्याप्त और नियमित कीट नियंत्रण का कार्य कराना होगा तथा इसकी जानकारी संधारित करनी होगी।
(च) होमस्टे को प्राथमिक चिकित्सा किट (किट्स) की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखनी चाहिए और स्थानीय क्षेत्र के अस्पताल/डॉक्टरों की चिकित्सा सुविधाओं/अस्पताल की आपालकालीन नंबर/निर्देशिका भी प्रदर्शित रहनी चाहिए।
(छ)
होमस्टे के कमरे का न्यूनतम क्षेत्रफल 120 वर्ग फुट होना चाहिए। (ज) होमस्टे का भवन, भवन मानकों के अनुरूप होना चाहिए। (झ) होमस्टे के कमरे में स्वच्छ संलग्न (Attached) शौचालय-स्नानघर होना चाहिए, जिसमें WESTERN COMMODE (WC) शौचालय, 24 घंटे पानी की आपूर्ति, चालू हालत में वाटर हीटर और पर्याप्त मात्रा में मूलभूत जनसुविधायें सामग्री (Toiletries) उपलब्ध हो। बाथरूम का न्यूनतम आकार 30 वर्ग फुट होना चाहिये।
(ञ) कमरे में सीलिंग फैन और एयर कंडीशनिंग (हीटिंग और कूलिंग सहित
एसी) की सुविधा होनी चाहिए।
(ट) प्रत्येक कमरे में/बेड के समीप प्रर्याप्त मात्रा में स्विच/सॉकेट उचित वायरिंग के साथ होनी चाहिये। स्विच/सॉकेट एवं तार उच्च गुणवत्ता वाले होने चाहिये ताकि विद्युत जनित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
(ठ) पर्याप्त संख्या में हैंगर के साथ अलमारी होना चाहिये। (ड) पानी गर्म करने के लिए एक जार, दो (2) गिलास/कप और चाय/कॉफी
के पाउच पर्यटकों/अतिथियों के उपयोग के लिये उपलब्ध होने चाहिये।
सभी इकाईयां सुविधा, सुरक्षा और अनुभव की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से निम्नलिखित उपायों को अतिरिक्त रूप से सुनिश्चित कर सकती हैं- (क) आगंतुको के लिए स्थानीय/क्षेत्रीय पर्यटन विकल्पों पर संदर्भ में सामग्री, जैसे
कि कॉफी टेबल पुस्तकें, यात्रा गाईड, ब्रोशर, मानचित्र आदि।
(ख) उचित दरों पर कपड़े धोने की सुविधा। (ग) निःशुल्क/सशुल्क सहित वाई-फाई/इंटरनेट कनेक्टिविटी। (घ) दिव्यांगजनों के लिये अनुकूल सुविधाएं। (ङ) कमरे में एक्सटेंशन की सुविधा वाला टेलीफोन। (च) पार्किंग सुविधा :- होमस्टे यह सुनिश्चित करेगा कि उसके पास एक समय में जितने भी आगंतुक समूह ठहर सकते हैं, उनके लिए सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था हो, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इससे आसपास के किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को असुविधा न हो।7 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026 (छ) पर्यटकों/अतिथियों को इनडोर और आउटडोर खेलों, शालीनता और नैतिकता के साथ मनोरंजन, पुस्तकालय आदि की सुविधा प्रदान करना होगा। (ज) स्थानीय परिवहन सेवा प्रदाताओं और टूर गाइडों के साथ समन्वय स्थापित करना ताकि पर्यटकों/अतिथियों के आवश्यकतानुसार विश्वसनीय स्थानीय पर्यटक स्थल के भ्रमण की सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
(झ) होमस्टे पर्यटकों/अतिथियों के लिए टूर पैकेज सीधे तौर पर या टूर ऑपरेटर/टै्रवल एजेंट के माध्यम से संचालित कर सकते हैं। इनमें प्राकृतिक और संस्कृति दर्शन भ्रमण, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, धार्मिक यात्राएं, खानपान अनुभव, स्वदेशी कला और सांस्कृतिक गतिविधियां, सांस्कृतिक प्रदर्शन आदि की व्यवस्था की सुविधाएं सम्मिलित की जा सकती हैं। अन्य स्थानीय स्तर के़े अनुभवों की भी इसमें शामिल किया जा सकता है। होमस्टे को की भावना से प्रेरित होकर और विकसित बिहार के ब्रांड एंबेसडर बनाने के उद्देश्य से निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिएः- (क) आगंतुकों के स्वाद के अनुरूप स्वच्छ और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजनों को
बढ़ावा दिया जायेगा।
(ख) होमस्टे के कमरेे में लिनेन और फर्नीचर साफ-सुथरे होने चाहिए। (ग) पूरा होमस्टे परिसर धूल और प्रदूषण से मुक्त रखा जायेगा ताकि
पर्यटक/अतिथि सुखद वातावरण का आनंद ले सके।
(घ) पर्यटक/अतिथि का स्वागत विनम्रतापूर्वक तथा सौजन्यता के साथ किया
जाना चाहिये।
(ङ) होमस्टे के कमरे की सजावट बिहार की सांस्कृतिक विरासत का पर्याप्त रूप
से प्रतिनिधित्व करने वाली सौंदर्यपूर्ण होने चाहिये। पर्यटन विभाग द्वारा होमस्टे आवेदन के लिये ऑनलाइन पोर्टल को विकसित एवं उसका प्रबंधन किया जायेगा। यह पोर्टल पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से एकीकृत होगा। (क) ऑनलाइन पोर्टल आवेदन जमा करने, निबंधन तथा प्रोत्साहन प्रावधानों की
ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध करायेगी।
(ख) आवेदकों को स्वामित्व प्रमाण और सुविधा चेकलिस्ट सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन शुल्क रूपये 2000/- का ऑनलाइन भुगतान करने की अनुमति होगी।
(ग) पोर्टल के माध्यम से अंतिम निबंधन प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा। (घ) शिकायत निवारण और अपीलों को ऑनलाइन प्रस्तुत करने और ट्रैक करने
की सुविधा प्रदान की जायेगी।
(ड.) पोर्टल के उपयोग और आवेदनों के लिए स्थानीय पर्यटन कार्यालयों के
माध्यम से सहायता प्रदान किया जायेगा।
(च) आवेदन एवं आवेदन शुल्क जमा ऑनलाइन किया जायेगा। ऑनलाइन पोर्टल विकसित होने तक ऑफ लाईन प्रक्रिया से भी आवेदन प्राप्त किया जायेगा। साथ ही आवेदन के साथ रू0 2000/- का आवेदन शुल्क निदेशक, पर्यटन के नाम से डी॰डी॰ के रूप में जमा किया जायेगा। सभी होमस्टे को वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करने लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने हेतु निम्नलिखित प्रक्रियाओं का पालन करना होगाः- (क) वित्तीय प्रोत्साहन की मांग करने वाले होमस्टे के आवेदक द्वारा बिहार सरकार के पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (https://tourism.bihar.gov.in/) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा किए जायेंगे।
(ख) यदि सहायता की आवश्यकता हो, तो आवेदक संबंधित जिला पर्यटन अधिकारी
या पर्यटन विभाग, बिहार सरकार, पटना से संपर्क कर सकता है।
आवेदकों को निम्नलिखित वांछित कागजात और फॉर्म ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा करने होंगे :-
(क) आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन पत्र को पूर्ण रूप से भरकर पोर्टल में निर्दिष्ट
आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपलोड करना होगा।
(ख) सम्पत्ति के स्वामित्व प्रमाण की प्रति (जमीन की निबंधन पत्र/लीज पत्र)। (ग) प्रमुख सड़कों से होमस्टे तक पहुंच दर्शाने वाला मानचित्र।8 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026 (घ) होमस्टे का अग्रभाग, लॉबी के अंदरूनी भाग, सभी कमरों, भोजन कक्ष और अन्य
सुविधाओं की तस्वीर/प्रस्तावित डिजाईन की सॉफ्ट कॉपी।
(ङ) आवेदक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, आधार लिंक बैंक खाता संख्या हेतु
रद्द चेक।
(च) समय-समय पर पर्यटन विभाग द्वारा निर्दिष्ट किए गए कोई भी अतिरिक्त
दस्तावेज। रूपये 2,000/- का अप्रत्यार्पणीय (Non refundable) आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन/ऑफलाईन के माध्यम सेे किया जाएगा।
आवेदन की विस्तृत जांच, सत्यापन और चयन के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई जाएगी :-
(क) आवेदन प्राप्त होने के उपरांत पर्यटन विभाग का होमस्टे सेल उन्हें संबंधित जिलों के क्षेत्रीय होमस्टे समिति (RHC) को विस्तृत जांच के लिए अग्रसारित करेगा।
(ख) जो आवेदन अपूर्ण होंगे उन्हें स्पष्टीकरण के लिए उचित अवसर दिए जाने के बाद भी पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं तो उन्हें अस्वीकार कर दिया जाएगा। अस्वीकृति के कारणों को दर्ज किया जाएगा और होमस्टे पोर्टल के माध्यम से सूचित किया जाएगा।
होमस्टे के निर्माण कार्य पूरा करने और विस्तार प्राप्त करने की समय सीमा और प्रक्रिया इस प्रकार है :- (क) चयनित होमस्टे आवेदकों को पर्यटन विभाग द्वारा एक औपबंधिक निबंधन
प्रमाण पत्र (PRC) जारी किया जाएगा।
(ख) होमस्टे के मालिक को औपबंधिक निबंधन प्रमाण पत्र (PRC) प्राप्त होने की तिथि से होमस्टे का निर्माण पूरा करने के लिए अधिकतम कुल बारह (12) महीने का समय मिलेगा।
(ग) क्षेत्रीय होमस्टे समिति (PRC) आवेदनों का आकलन करेगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर स्थल सत्यापन करना भी शामिल होगा, और अधिकतम छह (6) महीनों की अवधि के लिए विस्तार प्रदान करने पर विचार करने का निर्णय लेगा। इस अवधि विस्तार पर अंतिम निर्णय निदेशक, पर्यटन का होगा।
(घ) असाधारण मामलों में भी यदि आवेदक को आगे अवधि विस्तार की आवश्यकता होती है और वह उचित कारण बताता है, तो क्षेत्रीय स्तर की होमस्टे समिति विचारपूर्वक निर्णय के लिए मामले को पर्यटन निदेशक के पास भेज सकती है।
(ड़) यदि पर्यटन निदेशक द्वारा विस्तार का अनुरोध अस्वीकार कर दिया जाता है, तो आवेदक इस योजना के तहत किसी भी प्रोत्साहन राशि के लिए पात्र नहीं होगा।
(च) किसी भी लाभार्थी को आवेदन पश्चात् औपबंधिक निबंधन प्रमाण पत्र (PRC) जारी होने की तिथि से चौबीस (24) महीने के अन्दर नये प्रस्तावित योजना के डिजाईन के अनुरूप होमस्टे निर्माण कर संचालन प्रारंभ करना होगा। पुराने होमस्टे का उन्नयन एवं पूर्व निर्मित संरचना का होमस्टे के रूप में संचालन प्रस्तावित होने की स्थिति में 12 महीने के अन्दर उन्नयन कर संचालन प्रारंभ करना होगा। उक्त दोनों अवधि पूर्ण होने के पश्चात् संचालन प्रारंभ नहीं होने की स्थिति में आवेदक किसी भी प्रोत्साहन के लिए पात्र नहीं होंगे।
अनुमोदित होमस्टे के निबंधन और नवीनीकरण की प्रक्रिया निम्नानुसार होगी :-
(क) पर्यटन विभाग (DoT) के साथ होमस्टे का निबंधन वाणिज्यिक संचालन की
तिथि (COD) से पांच (5) वर्षों की अवधि के लिए वैध रहेगा।
(ख) 5 साल की वैधता अवधि पूरी होने से पहले, निबंधित होमस्टे को होमस्टे पोर्टल पर निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से नवीनीकरण के लिए पुनः आवेदन करना होगा और रूपये 1000/- का नवीनीकरण शुल्क जमा करना होगा।9 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026 (ग) प्रोत्साहन के लिए चयनित सभी होमस्टे को पर्यटन विभाग द्वारा निर्धारित गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा और आगंतुक सेवा मानकों का पालन करने का स्वघोषणा पत्र देना होगा।
(घ) होमस्टे के मालिक को इस व्यवसाय के लिए पूर्णतः जिम्मेदार होंगे। पर्यटन विभाग या बिहार सरकार, होमस्टे के मालिक/कर्मचारियों द्वारा किए गए किसी भी कार्य या आगंतुकों/अतिथियों द्वारा किए गए किसी भी कार्य के लिए जिम्मेवार और उत्तरदायी नहीं होंगे।
(ड़) नियमों और शर्तों का उल्लंघन करने या गलत/भ्रामक जानकारी देने पर निबंधन रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही ब्लैकलिस्ट कर वित्तीय प्रोत्साहन राशि की वसूली की जाएगी। (COD) निबंधित होमस्टे की वाणिज्यिक संचालन की तिथि निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा :-
(क) किसी होमस्टे इकाई के संबंध में वाणिज्यिक संचालन तिथि (COD) का अर्थ वह तिथि है जिस पर संबंधित सरकारी नियमों के तहत उचित परीक्षण कर संचालन और चालू करने के बाद होमस्टे इकाई वाणिज्यिक आधार पर पर्यटकों के लिए खुलती है।
(ख) जिला पर्यटन अधिकारी इस योजना के अंतर्गत निबंधित प्रत्येक इकाई के संचालन की निगरानी और मूल्यांकन प्रत्येक छह महीने में एक बार करेंगे और जियोटैग की गई तस्वीरों को रिपोर्ट के साथ होमस्टे पोर्टल पर अपलोड करेंगे या हार्ड कॉपी पर्यटन निदेशालय को प्रेषित करेंगे।
इस योजना के अंतर्गत शिकायतों के निवारण के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया लागू होगी :-
(क) इस योजना या इसके परिचालन दिशा निर्देशों के किसी भी प्रावधान की व्याख्या में किसी भी संदेह, विवाद या अस्पष्टता की स्थिति में मामला बिहार सरकार के पर्यटन विभाग को भेजा जाएगा।
(ख) यदि कोई आवेदक पर्यटन निदेशक के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह होमस्टे
पोर्टल के माध्यम से पर्यटन विभाग के सचिव के समक्ष अपील कर सकता है।
(ग) इस संबंध में सचिव/प्रधान सचिव/अपर मुख्य सचिव पर्यटन का निर्णय
अंतिम और निर्णायक होगा।
मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 के कार्यान्वयन हेतु समिति का गठन निम्न प्रकार से की जाएगी :-
| (क) | वरीय उप समाहर्ता पर्यटन (संबंधित जिला) /जिला पदाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी | - | अध्यक्ष |
| (ख) | संबंधित जिला के पर्यटन सूचना केंद्र के प्रभारी अधिकारी/पर्यटन निदेशालय द्वारा नामित पदाधिकारी | - | सदस्य |
| (ग) | कनीय अभियंता/सहायक अभियंता/बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा नामित अभियंता | - | सदस्य |
| (घ) | टूर ऑपरेटर/ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन द्वारा नामित प्रतिनिधि | - | सदस्य |
| (ड़) | बिहार होटल एसोसिएशन द्वारा नामित प्रतिनिधि | - | सदस्य |
| (च) | मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका द्वारा नामित बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के जिला प्रबंधक (DPM) (सभी जिलों के लिए अलग-अलग) | - | विशेष आंमत्रित सदस्य |
| (1) | संयुक्त निदेशक, पर्यटन निदेशालय/निदेशक, पर्यटन द्वारा नामित पदाधिकारी | - | अध्यक्ष |
| (2) | पर्यटन विभाग के आंतरिक वित्तीय सलाहकार/पर्यटन निदेशालय के व्यय एवं निकासी अधिकारी | - | सदस्य |
| (3) | संबंधित विषय के सहायक निदेशक, पर्यटन निदेशालय | - | सदस्य |
| (4) | मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका द्वारा नामित पदाधिकारी | - | विशेष आंमत्रित सदस्य |
क्षेत्रीय होमस्टे समिति से तीन सदस्यों की उपस्थिति से कोरम पूरा हो सकता है। पर्यटन विभाग/निदेशालय द्वारा किसी भी समय होमस्टे इकाईयों का बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण किया जा सकता है। होमस्टे की क्षेत्रीय स्तरीय समिति को आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के अंदर निरीक्षण प्रतिवेदन पर्यटन निदेशालय को भेजनी होगी। निरीक्षण प्रतिवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के अंदर पर्यटन विभाग की समिति निदेशक, पर्यटन को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर पर्यटन विभाग के निदेशक निर्णय लेंगे।
इस योजना के अनुसार, आवेदन प्राप्त होने की तिथि से होमस्टे निबंधन करने की प्रक्रिया 60 दिनों में पूर्ण कर ली जायेगी।
इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता केवल कंडिका 2.1 (ड़) में वर्णित जिलों के पर्यटन स्थल के अंतर्गत निबंधित होमस्टे को ही दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत पात्र होमस्टे इकाइयों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन ढ़ांचा निम्नानुसार संरचित किया जाएगा :-
(क) होमस्टे के योग्य प्रति कमरे की दर से अधिकतम 2.5 लाख रूपये या प्रस्तुत स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप वास्तविक व्यय भुगतान राशि, दोनों में से जो कम हो का प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
होगी। (ख) यह प्रोत्साहन राशि अधिकतम चार (4) कमरों के लिए लागू होगा। (ग) प्रत्येक होमस्टे के लिए अधिकतम (घ) महिला, स्वयं सहायता समूह (SHG), आवेदन के समय 18 से 25 वर्ष के आयु के युवा/युवती उद्यमी द्वारा संचालित होमस्टे को प्रोत्साहन के रूप में 25 हजार रूपये प्रति कमरे की दर से अतिरिक्त राशि दी जायेगी दी जायेगी। प्रोत्साहन राशि का वितरण निम्नलिखित मापदंडो के अनुसार
| % | |||
| 1 | प्रथम | वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ करने की तिथि से | 50% |
| 2 | द्वितीय | वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ करने की तिथि से 1 वर्ष पूर्ण होने पर | 25% |
| 3 | तृतीय | वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ करने की तिथि से 2 वर्ष पूर्ण होने पर | 25% |
इस योजना के अंतर्गत सभी पात्र होमस्टे मालिकों को
निम्नलिखित गैर-वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त होंगे :-
(क) पर्यटन विभाग निबंधित होमस्टे को बिहार पर्यटन के वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल सहित अपने सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निःशुल्क बढ़ावा दिया जायेगा, ताकि वे अपनी सुविधाओं, सेवाओं और पेशकशों का विपणन कर सकें। इसके क्रियेटिव होमस्टे द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा।
(ख) पर्यटन विभाग द्वारा होमस्टे को भी पर्यटन से संबंधित ब्रोशर/प्रचार सामग्री उपलब्ध कराया जायेगा।11 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026 (ग) पर्यटन विभाग द्वारा निबंधित होमस्टे को टूर पैकेज में भी शामिल किया जायेगा तथा सूचीबद्ध टूर ऑपरेटरों/ट्रैवल एजेंटों को अपने टूर पैकेज में आरक्षित करने हेतु प्रेरित किया जायेगा।
(घ) निदेशक, पर्यटन प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर, किसी भी समय इस अनुभाग के अंतर्गत उल्लिखित गैर-वित्तीय प्रोत्साहनों में से किसी को भी जोड़, संशोधित या वापस ले सकते हैं।
(ड़) इस संबंध में निदेशक, पर्यटन का निर्णय अंतिम होगा और सभी आवेदकों और निबंधित होमस्टे मालिकों हेतु मान्य होगा।
(च) इस योजना के अंतर्गत किसी भी गैर-वित्तीय प्रोत्साहन में संशोधन, वापसी या समाप्ति से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हानि, चाहे वह वित्तीय हो या अन्य, के लिए पर्यटन विभाग उत्तरदायी नहीं होगा। पर्यटन विभाग होमस्टे मालिकों को सिर्फ सलाहकारी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
(छ) होमस्टे मालिक/संलग्न कर्मचारियों को समय समय पर पर्यटन विभाग द्वारा कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण दिया जायेगा। होमस्टे संचालन के समय से पहले बंद होने की स्थिति में वित्तीय प्रोत्साहनों की वसूली और निबंधन रद्द करने के लिए निम्नलिखित प्रावधान लागू होंगे :- (क) यदि वित्तीय प्रोत्साहन के लिए चयनित होमस्टे, वाणिज्यिक संचालन की तिथि (COD) से पांच वर्ष पूरे होने से पहले ही अपना संचालन बंद कर देता है, तो पर्यटन विभाग निबंधन रद्द कर देगा और नीचे दी गई तालिका के अनुसार वितरित प्रोत्साहन राशि की वसूली बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम-1914 के तहत करेगा। इस आशय का आवेदक से एकरारनामा के समय शपथ पत्र प्राप्त किया जायेगा।
| 1 | 0-12 माह | वसूली की तिथि तक वितरित की गई सब्सिडी का 100% | 9% प्रति वर्ष। |
| 2 | 13-24 माह | वसूली की तिथि तक वितरित की गई सब्सिडी का 80% | 9% प्रति वर्ष। |
| 3 | 25-36 माह | वसूली की तिथि तक वितरित की गई सब्सिडी का 50% | 9% प्रति वर्ष। |
| 4 | 37-48 माह | वसूली की तिथि तक वितरित की गई सब्सिडी का 25% | 9% प्रति वर्ष। |
| 5 | 49-60 माह | वसूली की तिथि तक वितरित की गई सब्सिडी का 10% | 9% प्रति वर्ष। |
(क) प्रत्येक इकाई की परिचालन स्थिति वार्षिक अनुपालन के आधार पर और आवश्यकता पड़ने पर बाद में किए गए सत्यापन के आधार पर तय की जाएगी।
(ख) यदि किसी होमस्टे मालिक के खिलाफ नियमों का पालन न करने या समय से पहले बंद करने के लिए वसूली की कार्यवाही शूरू की जाती है, तो मालिक भविष्य में किसी भी प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाने के लिए अयोग्य हो जाएगा।
(ग) यदि उचित कार्यवाही के बावजूद स्वीकृत प्रोत्साहन राशि की वसूली नहीं हो पाती है, तो विभाग द्वारा लागू कानूनों और दिशा-निर्देशों के अनुसार होमस्टे मालिक के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की जायेगी। ह0/-12 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 2 जुलाई 2026
शपथ पत्र
(1000/- रूपये के स्टाम्प पेपर पर)
मैं ...................................................., पता-........................................................., यह घोषणा करता हूँ कि मेरे द्वारा मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 के अंतर्गत प्राप्त की गयी प्रोत्साहन राषि का उपयोग होमस्टे के निर्माण/उन्नयन हेतु किया जायेगा।
इसके इतर अगर यह राषि किसी छल कपट/गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर प्राप्त किया जाता है या मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 के दिषा-निर्देष के अनुपालन न करने की स्थिति में, बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम-1914 के अनुसार पर्यटन विभाग, बिहार सरकार प्रोत्साहन के रूप में प्रदान की गयी राषि ब्याज सहित वसूल करने का अधिकार रखती है।
हस्ताक्षर - नाम - पता - ———
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 716-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: https://egazette.bihar.gov.in