(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
17 आषाढ+ 1948 (श0)
(सं0 पटना 751) पटना, बुधवार, 8 जुलाई 2026 सं॰ पर्य॰वि॰(विविधि)-15/2026-1664/प॰वि॰ पर्यटन विभाग
——— संकल्प 18 जून 2026 विषयः- राज्य में विभिन्न पर्यटक स्थलों के मध्य पर्यटकों के त्वरित एवं सुगम भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 की स्वीकृति के संबंध में।
बिहार ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से देश के पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट एवं महत्वूर्ण स्थान रखता है। वर्तमान परिदृश्य में पर्यटकों की आकांक्षाओं के अनुरूप सभी पर्यटकीय आयामों यथा- धार्मिक, इको, एडवेंचर, सांस्कृतिक इत्यादि से संबंधित स्थलों की उपलब्धता राज्य में पर्यटकों को भ्रमण हेतु आकर्षित कर रही है। राज्य सरकार के द्वारा उपलब्ध पर्यटकीय संसाधनों एवं संभावनाओं के आलोक में पर्यटकीय अवसंरचना के विकास हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में व्यापक वृद्धि परिलक्षित हो रही है। राज्य में उपलब्ध पर्यटकीय स्थलों की विविधता एवं भौतिक अवस्थिति के कारण विभिन्न पर्यटन स्थलों तक सुगम एवं त्वरित पहुँच तथा आरामदायक भ्रमण के लिए हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवाओं के संचालन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
इस योजना के संचालन के परिणामस्वरूप पर्यटकों को तीव्र एवं आरामदायक यात्रा की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर्षित किया जा सकेगा। इस योजना का उद्देश्य व्यवसायिक लाभ नहीं, बल्कि पर्यटन प्रोत्साहन एवं क्षेत्रीय संपर्क (Regional Connectivity) है। 2. उपरोक्त तथ्यों के मद्देनजर सिविल विमानन विभाग, बिहार के द्वारा पत्रांक-789 दिनांक-16.06.2026 के माध्यम से बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना का प्रारूप उपलब्ध कराया गया है। इस प्रारूप में उल्लेखित प्रावधानों पर सम्यक विचारोपरांत मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 की रूप-रेखा तैयार की गयी है।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 8 जुलाई 2026 3. इस योजना के प्रथम चरण को 15 जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 तक संचालित किया जायेगा। इस योजना के कुछ मुख्य प्रावधान निम्नवत् हैं :-
(क) इस योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में वाल्मीकिनगर (पश्चिमी चम्पारण), माँ मुण्डेश्वरी मंदिर (कैमूर) तथा राजगीर (नालन्दा) को शामिल किया गया है।
(ख) इस योजना के अंतर्गत वाल्मीकिनगर हेतु राजकीय वायुयान तथा कैमूर एवं राजगीर हेतु किराये पर प्राप्त 62 सीटर श्रेणी के हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। उक्त दोनों साधनों में प्रति फेरी अधिकतम 05 सीटें आरक्षित की जा सकेगी।
(ग) इस योजना के अंतर्गत राज्य के नागरिकों एवं पर्यटकों को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना के द्वारा रियायती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध करायी जाएगी। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिये पर्यटकों के द्वारा पर्यटन पैकेज का चयन किया जाना अनिवार्य होगा।
(घ) इस योजना के अन्तर्गत पटना शहर के स्काईलाइन का हवाई दृश्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को हेलीकॉप्टर जॉय राइड का संचालन भी किया जायेगा, जिसकी दर 2100/- (दो हजार एक सौ) रूपये मात्र प्रति सीट निर्धारित की गयी है।
(ड.) इस योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु सभी संबंधित विभागों/स्थानीय जिला प्रशासन के दायित्वों का निर्धारण किया गया है।
(च) इस योजना के संचालन एवं बुकिंग संबंधित कार्य बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना के स्तर से किये जायेंगे।
(छ) इस योजना के संचालन एवं निगरानी हेतु विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय संचालन समिति गठित की गयी है, जिसमें पर्यटन विभाग, सिविल विमानन विभाग, भवन निर्माण विभाग, गृह विभाग, बिहार एवं संबंधित जिला प्रशासन के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल किये गये हैं।
(ज) इस योजना के संचालन के क्रम में वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के रूप में पर्यटन विकास निगम को 06 माह के दौरान 100 प्रतिशत सीट आरक्षित/बुकिंग होने की स्थिति में कुल 3.88 करोड़ रूपये तथा 60 प्रतिशत औसतन सीट आरक्षित होने की स्थिति में कुल 4.35 करोड़ रूपये का राजस्व घाटा अनुमानित है। VGF की गणना मानक आधार पर की गयी है जिसके वास्तविक रूप में अंशतः परिवर्तन हो सकता है। इस राशि का भुगतान बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना के द्वारा किया जायेगा। उक्त राशि की अधियाचना प्राप्त होने के उपरांत पर्यटन विभाग, पटना के द्वारा राशि का भुगतान प्रचार-प्रसार मद् में प्राप्त बजटीय उपबंध से किया जायेगा।
4. इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में हेलिकॉप्टर एवं एयर टूरिज्म सेवाओं के अंतर्गत नये पर्यटक स्थलों को शामिल किये जाने, सेवाओं की दर एवं फेरी की संख्या में संशोधन और प्रथम चरण की अवधि (छः माह) समाप्त होने के पश्चात समीक्षोपरांत योजना के आगे की अवधि में संचालन के बिन्दु पर सिविल विमानन विभाग, बिहार तथा वित्त विभाग, बिहार की सहमति से पर्यटन विभाग, बिहार के द्वारा अपेक्षित निर्णय लिया जायेगा।
5. इस योजना के अंतर्गत निर्धारित उड़ान के पूर्व किसी अपरिहार्य कारणवश या 60 प्रतिशत से कम सीट आरक्षित होने की स्थिति में उड़ान संचालन के संबंध में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना के द्वारा निर्णय लिया जायेगा तथा उड़ान रद्द होने पर पर्यटकों को बुकिंग की राशि वापस कर दी जाएगी। 6. मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 की प्रति सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ अनुलग्नक-01 के रूप में संलग्न की जा रही है।
7. राज्य में विभिन्न पर्यटक स्थलों के मध्य पर्यटकों के त्वरित एवं सुगम भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 की स्वीकृति प्रदान किये जाने के प्रस्ताव पर दिनांक- 17.06.2026 को सम्पन्न मंत्रिपरिषद् की बैठक में मद सं०- 28 के रूप में में स्वीकृति प्रदान की गई है। आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित कर इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
अनुलग्नक- योजना की प्रति।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, लोकेश कुमार सिंह, सरकार के सचिव।3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 8 जुलाई 2026 अनुलग्नक-01
मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026
1. प्रस्तावना-बिहार राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की सुगम, त्वरित एवं सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग, बिहार के अधीन कार्यरत बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटनाएवं सिविल विमानन विभाग के सयुंक्त तत्वाधान में " मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026" प्रारंभ किए जाने का प्रस्ताव है।
2. उद्देश्य-
• बिहार में उच्च स्तरीय धार्मिक एवं विरासत पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। • घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। • वाल्मीकिनगर, कैमूर एवं राजगीर क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार सृजन होगा। • राज्य के पर्यटन राजस्व में वृद्धि होगी। • बिहार को हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म गंतव्य के रूप में राष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी।
3. संचालन अवधि।-इस योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत राज्य मेंएयर टूरिज्म सेवाओं का संचालन प्रारंभ में 06 माह की अवधि के लिए 15 जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 के दौरान किया जाएगा। इससे संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पैकेज बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना के द्वारा विकसित किए जाएंगे तथा सिविल विमानन विभाग, बिहार एवं संबंधित जिला प्रशासन अपने-अपने दायित्वों को पूर्ण करते हुए योजना के सफल संचालन हेतु आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करेंगे।
4. शामिल पर्यटक स्थल।-इस योजना के प्रथम चरण में निम्नलिखित प्रमुख पर्यटन स्थलों को शामिल किया जाना प्रस्तावित है-
• वाल्मीकिनगर (पश्चिम चम्पारण) • माँ मुंडेश्वरी मंदिर, कैमूर • राजगीर (नालंदा)
इस योजना के अंतर्गत वाल्मीकिनगर हेतु राजकीय वायुयान तथा कैमूर एवं राजगीर हेतु किराये पर प्राप्त 62 सीटर श्रेणी के हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। उक्त दोनों साधनों में प्रत्येक फेरी हेतु अधिकतम 05 सीटें आरक्षित की जा सकेगी। प्रति पर्यटक 3-4 किलोग्राम वजन का अधिकतम 01 सॉफ्ट हैंडबैग (22x11x7bap) अपने साथ ले जा सकते हैं।
5. प्रस्तावित उड़ान संचालन।-
(क) पटना- वाल्मीकिनगर-पटना (राजकीय वायुयान)
| फेरी | प्रस्थान/वापसी | निर्धारित समय |
| प्रथम फेरी | पटना से वाल्मीकिनगर प्रस्थान | प्रातः 10ः00 बजे |
| प्रथम फेरी | वाल्मीकिनगर से पटना वापसी | प्रातः 11ः00 बजे |
| ि}तीय फेरी | पटना से वाल्मीकिनगर प्रस्थान | अपराह्न 3ः00 बजे |
| ि}तीय फेरी | वाल्मीकिनगर से पटना वापसी | सायं 4ः30 बजे |
| मार्ग | सीट क्षमता | |
| पटना से वाल्मीकिनगर | 20 सीट | |
| वाल्मीकिनगर से पटना | 20 सीट |
(ख) पटना-राजगीर एवं माँ मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर)-पटना (हेलीकॉप्टर)- प्रत्येक शनिवार एंव रविवार को निम्नानुसार हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की जाएगी-
| प्रस्थान/वापसी | निर्धारित समय |
| पटना से राजगीर प्रस्थान | प्रातः 09ः30 बजे |
| राजगीर से पटना वापसी | प्रातः 10ः30 बजे |
| पटना से कैमूर (करमचट डैम हेलिपैड) प्रस्थान | प्रातः 11ः00 बजे |
| कैमूर (करमचट डैम हेलिपैड) से पटना वापसी | अपराह्न 12ः45 तक |
• सीट क्षमता(प्रति सप्ताह)-
| मार्ग | सीट क्षमता |
| पटना से कैमूर (करमचट डैम) | 10 सीट |
| कैमूर (करमचट डैम) से पटना | 10 सीट |
| पटना से राजगीर | 10 सीट |
| राजगीर से पटना | 10 सीट |
(ग) हेलीकॉप्टर जॉय राइड( पटना परिदर्शन)-पटना शहर के स्काईलाइन का हवाई दृश्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को हेलीकॉप्टर जॉय राइड का संचालन प्रस्तावित है।
| विवरण | व्यवस्था |
| प्रत्येक जॉय राइड की अवधि | 10 मिनट |
| संचालन का प्रारंभ समय | अपरा]न 3ः00 बजे |
| उड़ानों का अंतराल | प्रत्येक 30 मिनट |
| जॉय राइड प्रति दिवस (शनि/रवि) | 4 राइड |
| प्रति राइड सीट क्षमता | 5 सीट |
• शुल्क- उपरोक्त जॉय राइड से संबंधित आरक्षण/बुकिंग (Booking)बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना के द्वारा से किया जाएगा।
6. किराया/शुल्क संरचना-इस योजना के अंतर्गत राज्य के नागरिकों एवं पर्यटकों को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना द्वारा रियायती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध करायी जाएगी। इस संबंध में शुल्क की विवरणी निम्नवत है- (क) मार्गवार प्रति यात्री किराया-
| मार्ग | प्रति यात्री किराया |
| पटना- वाल्मीकिनगर | 5,000/- |
| बाल्मीकिनगर-पटना | 5,000/- |
| पटना- कैमूर | 6,000/- |
| कैमूर - पटना | 6,000/- |
| पटना- राजगीर | 4,000/- |
| राजगीर-पटना | 4,000/- |
| सेवा | अवधि |
| हेलीकॉप्टर जॉय राइड (पटना परिदर्शन) | 10 मिनट |
• उपरोक्त निर्धारित दरों पर पर्यटन विकास निगम द्वारा प्रत्येक उड़ान हेतु सीटों की बुकिंग एवं राजस्व संग्रहण किया जाएगा।
7. राजस्व एवं वित्तीय व्यवस्था-
(क) बुकिंग एवं भुगतान की व्यवस्था।-
• सभी टिकटों की बुकिंग बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
• समस्त भुगतान डिजिटल माध्यम (नेट बैंकिंग, यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड आदि) से प्राप्त किए जाएंगे।
• मौसम, तकनीकी खराबी अथवा अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों में उड़ान रद्द होने पर पूर्ण टिकट राशि पर्यटकों को वापस की जाएगी।
(ख) हेलीकॉप्टर वेट लीज एवं डी-हायरिंग व्यवस्था।-सिविल विमानन विभाग द्वारा राज्य सरकार के प्रशासनिक कार्यों, विधि-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं विशिष्ट अति विशिष्ट व्यक्तियों की यात्राओं हेतु 6़$2 सीट क्षमता वाले एक हेलीकॉप्टर की सेवा बाह्य स्रोत से वेट लीज (Wet Lease) आधार पर प्राप्त की जा रही है। इस प्रयोजनार्थ मेसर्सSyandan Aviation Private Limitedको मासिक किराया 87,00,000/-(सतासी लाख) रूपये मात्र जी.एस.टी. (@18%)5 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 8 जुलाई 2026 तथा उड़ान की स्थिति में प्रति घंटे 99,000/-(निन्यानवे हजार) रूपये मात्ऱ जी.एस.टी. (@18%) की दर से भुगतान किया जाता है।
• नोट-उल्लेखनीय है कि हेलीकॉप्टर का वास्तविक परिचालन अपेक्षा—त कम हो पाता है, तथापि अनुबंध की शर्तों के अनुसार मासिक किराये का भुगतान अनिवार्य रूप से देय है। पर्यटन विभाग को हेलीकॉप्टर उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति में भी मासिक किराया देय होगा। अतः हेलीकॉप्टर की डी-हायरिंग (De-hiring) वित्तीय रूप से समुचित है। (ग) पर्यटन विकास निगम द्वारा सिविल विमानन विभाग को देय भुगतान की राशि-
• डी-हायरिंग शुल्क-6+2सीट क्षमता वाले हेलीकॉप्टर हेतु 3,42,200/- (तीन लाख बयालीस हजार दौ सौ) रूपये मात्र प्रति दिवस की दर से प्रति माह 8 दिवस के संचालन हेतु 27,37,600/- (सताईस लाख सैतीस लाख छः सौ) रूपये मात्र। यह राशि सिविल विमानन विभाग द्वारा राजस्व प्राप्ति के रूप में सरकारी कोष में जमा की जाएगी।
• हेलीकॉप्टर उड़ान शुल्क- प्रति उड़ान घंटा 99,000/- (निन्यानवे हजार ) रूपये मात्र +18%जीएसटी सहित 1,16,820/-(एक लाख सोलह हजार आठ सौ बीस) रूपये मात्र जिसके आधार पर निर्धारित कार्यक्रम हेतु प्रति माह 46,72,800/- (छयालीस लाख बहतर हजार आठ सौ) रूपये मात्र देय होगा। यह राशि निविदा की शर्तों के अनुरूप एजेंसी को भुगतान की जाएगी।
• राजकीय वायुयान संचालन व्यय-ईंधन, ग्राउंड हैंडलिंग एवं अन्य परिचालन व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु 60,000/- (साठ हजार) रूपये मात्र प्रति उड़ान घंटा की दर से, जो लगभग 10,00,000/- (दस लाख) रूपये मात्र प्रति माह का व्यय अनुमानित है।
| मद | दर | मासिक राशि |
| डी-हायरिंग शुल्क | 8 दिवसx 3,42,200 | 27,37,600/- |
| हेलीकॉप्टर उड़ान शुल्क | 1,16,820/घंटा(40घंटा) | 46,72,800/- |
| राजकीय वायुयान संचालन व्यय | 60,000/घंटा(अनुमानित) | 10,00,000/- |
| कुल मासिक व्यय- | 84,10,400/- |
इस प्रकार पर्यटन विकास निगम द्वारा सिविल विमानन विभाग को प्रति माह लगभग 84,10,000/- (चौरासी लाख दस हजार) रूपये मात्र की राशि का भुगतान किया जाएगा। (घ) पर्यटन विकास निगम की अधिकतम मासिक आय (100% सीट आरक्षित होने पर)- 100% सीट आरक्षित/बुकिंग की स्थिति में मार्गवार एवं जॉय राइड से अनुमानित मासिक राजस्व निम्नानुसार हैः-
| मार्ग/सेवा | मासिक सीट | प्रति सीट किराया | मासिक राजस्व |
| पटना-वाल्मीकिनगर-पटना | 160 | 5,000/- | 8,00,000/- |
| पटना-कैमूर-पटना | 80 | 6,000/- | 4,80,000/- |
| पटना-राजगीर -पटना | 80 | 4,000/- | 3,20,000/- |
| जॉय राइड (पटना परिदर्शन) | 160 | 2,100/- | 3,36,000/- |
| कुल मासिक राजस्व | 480 | - | 19,36,000/- |
नोट-जॉय राइउ सीट गणना - 4 राइडx 5सीट x 8संचालन दिवस = 160 प्रति घंटा
| विवरण | राशि (लाख रूपये/माह) |
| कुल मासिक व्यय | 84.10 |
| कुल मासिक राजस्व(100%आरक्षित/बुकिंग होने पर) | 19.36 |
| मासिक घाटा/VGF आवश्यकता | 64.74 |
अर्थात मासिक VGF= Rs. 64.74लाख। नोट- स्पष्ट है कि वर्तमान किराये पर योजना का उद्देश्य व्यवसायिक लाभ नहीं, बल्कि पर्यटन प्रोत्साहन एवं क्षेत्रीय संपर्क (Regional Connectivity)है। इस योजना के अन्तर्गत प्रथम6 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 8 जुलाई 2026 चरण की छः माह के परिचालन अवधि के दौरान सरकार को निम्नानुसार राशि की व्यवस्था
| परिदृश्य | मासिक राजस्व (लाख) | मसिक VGF (लाख) | सीजन (6 माह) VGF (राशि करोड़ में ) |
| 100%सीट आरक्षित/बुकिंग होने पर | 19.36 | 64.74 | 3.88 |
| 60%औसत सीट आरक्षित/बुकिंग होने पर | 11.61 | 72.49 | 4.35 |
• योजना की समीक्षा प्रत्येक छः माह पर की जाएगी एवं आवश्यक निर्णय लिया जायेगा। • VGF की गणना मानक आधार पर की गयी है जिसके वास्तविक रूप में अंशतः परिवर्तन हो सकता है।
8. सिविल विमानन विभाग, बिहार का दायित्व -
• पटना स्थित राज्य हैंगर से सभी उड़ानों का संचालन सुनिश्चित करना। • राजकीय वायुयान के संचालन हेतु पायलट अभियंता एवं अन्य तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
• राजकीय वायुयान हेतु ईंधन, रखरखाव एवं परिचालन व्यवस्था सुनिश्चित करना। • किराये पर लिए गए हेलीकॉप्टर के लिए निविदा की शर्तों के अनुसार भुगतान करना। • डीजीसीए एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप उड़ान संचालन सुनिश्चित करना। • उड़ान कार्यक्रम, सुरक्षा मानकों एवं परिचालन प्रोटोकॉल का निर्धारण करना। • मौसम अथवा तकनीकी कारणों से उड़ान स्थगन/रद्दीकरण संबंधी निर्णय लेना।कैमूर स्थित माँ मुंडेश्वरी मंदिर परिसर के निकट आवश्यक मानकों के अनुरूप हेलिपैड का निर्माण।
• हेलिपैड से संबंधित एप्रन, एप्रोच पथ, बाउंड्री एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण। इस निर्माण हेतु भुगतान सिविल विमानन विभाग द्वारा किया जाएगा।
• आवश्यकतानुसार वीआईपी लाउंज, प्रतीक्षालय एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास।
(ख) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार का दायित्व-
• पर्यटकों की सुविधा हेतु वाल्मीकिनगर भ्रमण के संबंध में पैकेज तैयार कर बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना को योजना के संचालन की तिथि से पूर्व उपलब्ध कराया जाना।
(ग) संबंधित जिला प्रशासन के दायित्व-
• हेलिपैड की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना। • अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था उपलब्ध कराना। • रनवे एवं एप्रोच पथ को अवरोधमुक्त बनाए रखना। • उड़ान संचालन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना। • आवश्यक एनओसी एवं स्थानीय समन्वय उपलब्ध कराना। • स्थानीय प्रशासनिक समन्वय। • लैंडिंग अनुमति एवं आवश्यक स्थानीय अनुमोदन उपलब्ध कराना।
(घ) बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम,पटना के दायित्व-
• ऑनलाइन टिकट बुकिंग पोर्टल विकसित एवं संचालित करना। • पर्यटकों के लिए डिजिटल भुगतान सुविधा उपलब्ध कराना। • टिकट निर्गमन, रद्दीकरण एवं रिफंड की व्यवस्था करना। • योजना का प्रचार-प्रसार एवं विपणन करना। • पर्यटकों हेतु हेल्पलाइन एवं ग्राहक सहायता केंद्र संचालित करना। • पर्यटन पैकेज विकसित करना। • पर्यटकों के आगमन एवं प्रस्थान का समन्वय करना।7 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 8 जुलाई 2026 9. संचालन एवं निगरानी व्यवस्था।- विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी, जिसमें पर्यटन विभाग, सिविल विमानन विभाग, भवन निर्माण विभाग, गृह विभाग एवं संबंधित जिला प्रशासन के प्रतिनिधि सदस्य होंगे। समिति द्वारा निम्नलिखित कार्य संबंधी निर्णय लिए जाएंगे-
• संचालन की निगरानी • विाीय समीक्षा • सुरक्षा अनुपालन • यात्री संतुष्टि मूल्यांकन
10. विशेष प्रावधान-
(क) इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में हेलिकॉप्टर एवं एयर टूरिज्म सेवाओं के अंतर्गत नये पर्यटक स्थलों को शामिल किये जाने, सेवाओं की दर एवं फेरी की संख्या में संशोधन और प्रथम चरण की अवधि (छः माह) समाप्त होने के पश्चात समीक्षोपरांत योजना के आगे की अवधि में संचालन के बिन्दु पर सिविल विमानन विभाग, बिहार तथा वित्त विभाग, बिहार की सहमति से पर्यटन विभाग, बिहार के द्वारा अपेक्षित निर्णय लिया जा सकेगा।
(ख) इस योजना के अंतर्गत निर्धारित उड़ान के पूर्व किसी अपरिहार्य कारणवश या 60 प्रतिशत से कम सीट आरक्षित होने की स्थिति में उड़ान संचालन के संबंध में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, पटना के द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा तथा उड़ान रद्द होने पर पर्यटकों को बुकिंग की राशि वापस कर दी जाएगी।
(ग) इस योजना के अंतर्गत सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पर्यटकों के द्वारा पर्यटन पैकेज का चयन किया जाना अनिवार्य होगा। पर्यटन पैकेज का चयन किये बिना पर्यटक इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा सकेगें।
लोकेश कुमार सिंह, सरकार के सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 751-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: https://egazette.bihar.gov.in