असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 23 आषाढ+ 1948 (श0)
(सं0 पटना 769) पटना, मंगलवार, 14 जुलाई 2026 सं॰ 11/वि01-विविध 02/05 को0-5615 कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग ——— संकल्प 18 नवम्बर 2009 विषय : राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन।
सरकार राज्य में अनुसूचित जनजातियों के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक आदि क्षेत्रों में सम्यक विकास हेतु कृत संकल्प है। एक कल्याणकारी सरकार के रूप में राज्य सरकार का दायित्व है कि वह समतामूलक समाज की स्थापना हेतु समाज के सभी अत्यंत कमजोर वर्गों के उत्थान हेतु कल्याणकारी कार्य करे तथा समाज में सदियों से उपेक्षित और शोषित वर्ग को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करें इस परिपेक्ष्य में अनुसूचित जनजातियों के संरक्षण, कल्याण, विकास एवं अभिविृद्धि तथा उनके रक्षोपायों से संबंधित सभी मामलों का अन्वेषण और अनुश्रवण करने के लिए राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के गठन का निर्णय लिया गया है। 2. उक्त उद्देष्य हेतु आयेाग का गठन निम्न प्रकार किया जायेगा ।-
(क) अध्यक्ष (ख) उपाध्यक्ष (ग) तीन सदस्य।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों का मनोनयन राज्य सरकार के द्वारा किया जाएगा। 3. आयोग के कार्य एवं दायित्व ।-
(क) अनुसूचित जनजातियों के लिए उपबंधित रक्षोपायाें से संबंधित सभी मामलों का अन्वेषण और अनुश्रवण करना और ऐसे रक्षोपायों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकण करना। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 13 जुलाई 2026 (घ) अनुसूचित जनजातियों के संरक्षण कल्याण, विकास और अभिवृद्धि के संबंध में ऐसे अन्य कृत्यों का जो राज्य सरकार द्वारा उसको निर्दिष्ट किए जाएं, निर्वहन करना। (ड) अन्य कोई विषय जो सरकार आयोग को सौंपे। नोट-
(i) आयोग सरकार के अनुमोदन से आर्थिक एवं सामाजिक अध्ययन के लिए सरकारी विभागों या अन्य किसी संस्था की सहायता ले सकेगा।
(ii) आयोग अपने कार्यो के सम्पादन हेतु राज्य सरकार के किसी विभाग या अधिकारी से आवष्यक सूचना मांगने तथा अधिकारियों की बैठक बुलाने हेतु सक्षम होगा।
(iii) आयोग कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा जो राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के उद्देष्यों के प्रतिकूल हो।
4. (क) अध्यक्ष/उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल पदभार ग्रहण की तिथि से तीन वर्षों की अवधि तक रहेगा।
(ख) कोई भी सदस्य अथवा अध्यक्ष राज्य सरकार को सम्बोधित स्वलिखित पत्र प्रेषित कर किसी भी समय अपने पद से इस्तीफा दे सकते है।
(ग) राज्य सरकार किसी अध्यक्ष/उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को उपर्युक्त कारण से (जो बाद में विहित किय जा सकेगा) उनके पद से विमुक्त कर सकती है।
5. आयोग के पदाधिकारी तथा अन्य कर्मचारी की सेवा, जो आयोग के हित में हो राज्य सरकार (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग) द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। अध्यक्ष/उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को अनुमान्य सुविधा तथा आयोग में पदस्थापित सचिव, अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की सेवा शर्तें सरकार द्वारा बाद में विहित की जाऐगी।
राज्य सरकार अखिल भारतीय सेवा, केन्द्रीय सेवा अथवा राज्यान्तर्गत सेवा के किसी सेवारत या सेवानिवृत पदाधिकारी को आयोग के सचिव के पद पर नियुक्त/मनोनीत करेगी।
6. विा लेखा एवं अंकेक्षण।-
(क) राज्य सरकार (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग) अनुदान के रूप में आयोग का कार्य चलाने हेतु एवं उसके कार्यों के प्रयोजनार्थ निधि उपलब्ध कराएगी। (ख) आयोग द्वारा प्रतिवेदन राज्य सरकार को उपलब्ध कराया जाएगा, जिस पर राज्य सरकार के द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
7. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का प्रषासी विभाग अनुसूचित जाति एवं अनूसूचित जनजाति कल्याण विभाग होगा।
आदेश - अतः यह आदेष है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट के असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाए और इसकी प्रति महालेखाकार, बिहार, पटना/बिहार लोक सेवा आयोग/सभी विभाग/सभी विभागाध्यक्ष/सभी प्रमण्डलीय आयुक्त/सभी जिला पदाधिकारी/ मुख्यमंत्री सचिवालय/बिहार विधान सभा/बिहार विधान परिषद को सूचना एवं आवष्यक कार्रवाई के लिए भेजी जाए।
बिहार के राज्यपाल के आदेष से, सरयुग प्रसाद, सरकार के उप सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,