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Chattisgarh Gazette - Extraordinary · Government of Chattisgarh

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग {आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध एवं होम्योपैथी (आयुष)} तृतीय श्रेणी लिपिक वर्गीय तथा अलिपिक वर्गीय सेवा में भर्ती तथा सेवा की शर्तों में नियम संबंधी

Published 28 March 2025

Department
चिकित्सा शिक्षा विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
265
Notification no.
क्रमांक एफ 2-41/2012/55-1
Identifier
in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-03-28.265
Languages
English, Hindi

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 चिकित्सा शिक्षा (आयुष) विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर

नवा रायपुर अटल नगर, दिनांक 26 मार्च 2025

अधिसूचना

क्रमांक एफ 2-41/2012/55-1.— भ्भाााररतत ककेे ससंंवििवध्धााानन ककेे अअननुुच्च्छछेेदद 330099 ककेे पपररन्न्ततुुकक द्वद्वाारराा पप्र्रददत्त्तत श्शाक्क्तिितययाोेंं ककाोे पप्र्रययाोेगग ममेेंं ललााततेे हहुुएए,, छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ककेे ररााज्ज्ययपपाालल,, एएततदद्‌्‌द्वद्वाारराा,, छछत्त्ततीीससगगढढ़़ स्स्ववाास्स्थ्थ्यय एएववंं पपरििरववाारर ककल्ल्ययााण्णा ततथ्थााा चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा वििवभ्भााागग अआाययुुवर्वेेदद,, ययाोेगग एएववंं पप्र्रााककृृतिितकक चििचकििकत्त्ससाा,, ययूूननााननीी,, सििसद्धद्ध एएववंं हहाोेम्म्ययाोेपपैैथ्थाीी ((अआाययुुष्षा))}} ततृृततीीयय श्रश्रेेण्णाीी लििलपििपकक ववगर्गीीयय ततथ्थााा अअलििलपििपकक ववगर्गीीयय ससेेववाा ममेेंं भ्भातर्तीी ततथ्थााा ससेेववाा ककीी श्शातर्ताोेंं ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं नििनम्म्ननलििलख्खििातत नििनययमम बबननााततेे हहंैंै,, अअथ्र्थााातत्‌्‌ःः--

नििनययमम

11.. ससंंक्ष्क्षििाप्प्तत ननाामम ततथ्थााा पप्र्रााररंंभ्भा..-- ((11)) ययेे नििनययमम छछत्त्ततीीससगगढढ़़ स्स्ववाास्स्थ्थ्यय एएववंं पपरििरववाारर ककल्ल्ययााण्णा ततथ्थााा चििचकििकत्त्ससाा श्शििाक्ष्क्षााा वििवभ्भााागग अआाययुुवर्वेेदद,, ययाोेगग एएववंं पप्र्रााककृृतिितकक चििचकििकत्त्ससाा,, ययूूननााननीी,, सििसद्धद्ध एएववंं हहाोेम्म्ययाोेपपैैथ्थाीी ((अआाययुुष्षा))}} ततृृततीीयय श्रश्रेेण्णाीी लििलपििपकक ववगर्गीीयय ततथ्थााा अअलििलपििपकक ववगर्गीीयय ससेेववाा भ्भातर्तीी नििनययमम,, 22002255 ककहहललााययेेंंगगेे।।

((22)) इइननककाा वििवस्स्तताारर ससम्म्पपूूण्र्णा छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय पपरर हहाोेगगाा।।

((33)) ययेे नििनययमम ररााजजपपत्रत्र ममेेंं इइससककेे पप्र्रककााश्शानन ककीी ततााररीीख्खा ससेे पप्र्रववृृत्त्तत हहाोेंंगगेे।।

22.. पपरििरभ्भाााष्षाााएएंं..-- इइनन नििनययममाोेंं ममेेंं,, जजबब ततकक कििक ससंंददभ्र्भा ससेे अअन्न्ययथ्थााा अअपपेेक्ष्क्षििातत नन हहाोे,,--

((कक)) ससेेववाा ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं ''''नििनययुुक्क्तिित पप्र्रााध्धििाककााररीी'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै एऐेससाा पप्र्रााध्धििाककााररीी,, जििजससेे ससेेववाा ययाा पपदद पपरर नििनययुुक्क्तत ककररननेे ककीी श्शाक्क्तिित ररााज्ज्यय श्शाााससनन द्वद्वाारराा पप्र्रत्त्ययााययाोेजििजतत ककीी गगइर्ई हहाोे ययाा इइससककेे पपश्श्चचाातत्‌्‌ पप्र्रत्त्ययााययाोेजििजतत ककीी जजााएए;;

((ख्खा)) ''''पपररीीक्ष्क्षााा'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै इइनन नििनययममाोेंं ककेे नििनययमम 1111 ककेे अअध्धाीीनन ससेेववाा ममेेंं भ्भातर्तीी ककेे लििलएए अआाययाोेजििजतत पप्र्रतिितययाोेगगीी पपररीीक्ष्क्षााा;;

((गग)) ''''श्शाााससनन'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै छछत्त्ततीीससगगढढ़़ श्शाााससनन;;

((घ्घा)) ''''ररााज्ज्ययपपाालल'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ककेे ररााज्ज्ययपपाालल;;

((डड..)) ''''अअन्न्यय पििपछछडड़़ेे ववगर्ग'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै ररााज्ज्यय श्शाााससनन द्वद्वाारराा ससममयय--ससममयय पपरर ययथ्थााा ससंंश्शााोेध्धििातत,, अअध्धििाससूूचचननाा क्रक्रममाांंकक एएफफ--88--55--पपच्च्चचीीसस--44--8844,, दििदननाांंकक 2266 दििदससम्म्बबरर,, 11998844 द्वद्वाारराा ययथ्थााा वििवनििनदििर्दष्ष्टट ननाागगरििरककाोेंं ककेे अअन्न्यय पििपछछडड़़ेे ववगर्ग;;

((चच)) ''''अअननुुससूूचचीी'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेे्र्रतत हहैै इइनन नििनययममाोेंं ससेे ससंंललग्ग्नन अअननुुससूूचचीी;;

((छछ)) ''''अअननुुससूूचििचतत जजाातिित'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै भ्भाााररतत ककेे ससंंवििवध्धााानन ककेे अअननुुच्च्छछेेदद 334411 ककेे अअध्धाीीनन इइसस़़ ररााज्ज्यय ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं ययथ्थााा वििवनििनदििर्दष्ष्टट अअननुुससूूचििचतत जजाातिित;;

((जज)) ''''अअननुुससूूचििचतत जजननजजाातिित'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै भ्भाााररतत ककेे ससंंवििवध्धााानन ककेे अअननुुच्च्छछेेदद 334422 ककेे अअध्धाीीनन इइसस़़ ररााज्ज्यय ककेे ससंंबबंंध्धा ममेेंं ययथ्थााा वििवनििनदििर्दष्ष्टट अअननुुससूूचििचतत जजननजजाातिित;;

((झझ)) ''''ससेेववाा'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै छछत्त्ततीीससगगढढ स्स्ववाास्स्थ्थ्यय एएववंं पपरििरववाारर ककल्ल्ययााण्णा ततथ्थााा चििचकििकत्त्ससाा ष्षििाक्ष्क्षााा वििवभ्भााागग अआाययुुवर्वेेदद,, ययाोेगग एएववंं पप्र्रााककृृतिितकक चििचकििकत्त्ससाा,, ययूूननााननीी,, सििसद्धद्ध एएववंं हहाोेम्म्ययाोेपपैैथ्थाीी ((अआाययुुष्षा)) }} ततृृततीीयय श्रश्रेेण्णाीी लििलपििपकक ववगर्गीीयय ततथ्थााा अअलििलपििपकक ववगर्गीीयय ससेेववाा;; (()) ''''ररााज्ज्यय'''' ससेे अअभ्भििापप्र्रेेतत हहैै छछत्त्ततीीससगगढढ़़ ररााज्ज्यय।।

33.. वििवस्स्तताारर ततथ्थााा ललाागगूू हहाोेननाा..-- छछााीीससगगढढ़़ सििसवििवलल ससेेववाा ((ससेेववाा ककीी ससााममाान्न्यय श्शातर्तेेंं)) नििनययमम,, 11996611 ममेेंं अअंंततवििर्वष्ष्टट उउपपबबंंध्धााोेंं ककीी व्व्ययाापपककतताा पपरर प्रप्रतिितककूूलल प्रप्रभ्भााावव डडााललेे बििबननाा,, ययेे नििनययमम ससेेववाा ककेे प्रप्रत्त्ययेेकक ससददस्स्यय पपरर ललाागगूू हहाोेंंगगेे।।

44.. ससेेववाा ककाा गगठठनन..-- ससेेववाा ममेेंं नििनम्म्ननलििलख्खििातत व्व्ययक्क्तिित ससम्म्मििमलििलतत हहाोेंंगगेे,, अअथ्र्थााातत्‌्‌ःः--

((11)) ववेे व्व्ययक्क्तिित,, जजाोे इइनन नििनययममाोेंं ककेे पप्र्रााररंंभ्भा हहाोेननेे ककेे ससममयय,, अअननूूससूूचचीी--एएकक ममेेंं वििवनििनदििर्दष्ष्टट कििकएए गगययेे पपददाोेंं ककाोे ममूूललततःः ययाा स्स्थ्थाााननाापपन्न्नन रूरूपप ससेे ध्धाााररण्णा ककरर ररहहेे हहाोेंं;;

((22)) ववेे व्व्ययक्क्तिित,, जजाोे इइनन नििनययममाोेंं ककेे पप्र्रााररंंभ्भा हहाोेननेे ककेे पपूूवर्व ससेेववाा ममेेंं भ्भातर्तीी कििकएए गगययेे हहाोेंं;; अआौैरर

((33)) ववेे व्व्ययक्क्तिित,, जजाोे इइनन नििनययममाोेंं ककेे उउपपबबंंध्धााोेंं ककेे अअननुुससाारर ससेेववाा ममेेंं भ्भातर्तीी कििकएए गगययेे हहाोेंं।।

55.. ववगर्गीीककररण्णा,, ववेेततननममाानन इइत्त्ययाादििद..-- ससेेववाा ककाा ववगर्गीीककररण्णा,, ससेेववाा ममेेंं ससम्म्मििमलििलतत पपददाोेंं ककीी ससंंख्ख्ययाा अआौैरर उउससससेे ससंंललग्ग्नन ववेेततननममाानन,, अअननुुससूूचचीी--एएकक ममेेंं अअंंततवििर्वष्ष्टट पप्र्रााववध्धाााननाोेंं ककेे अअननुुससाारर हहाांेंेगगेेःः

पपररन्न्ततुु श्शाााससनन,, ससेेववाा ममेेंं ससम्म्मििमलििलतत पपददाोेंं ककीी ससंंख्ख्ययाा ततथ्थााा ववेेततननममाानन ममेेंं,, ससममयय--ससममयय पपरर,, ययाा तताोे स्स्थ्थाााययीी ययाा अअस्स्थ्थाााययीी अआाध्धााारर पपरर,, ववृृद्धििद्ध ययाा ककममीी ककरर ससककेेगगाा।।

66.. भ्भातर्तीी ककाा ततररीीककाा..-- ((11)) इइनन नििनययममाोेंं ककेे पप्र्रााररंंभ्भा हहाोेननेे ककेे पपश्श्चचाातत्‌्‌,, ससेेववाा ममेेंं भ्भातर्तीी नििनम्म्ननलििलख्खििातत ततररीीककाोेंं ससेे ककीी जजााएएगगीी,, अअथ्र्थााातत्‌्‌ःः--

((कक)) पप्र्रतिितययाोेगििगतताा पपररीीक्ष्क्षााा ययाा ममेेरििरटट ककेे अआाध्धााारर पपरर चचययनन ककेे ममााध्ध्ययमम ससेे ससीीध्धाीी भ्भातर्तीी द्वद्वाारराा।।

((ख्खा)) ससेेववाा ककेे ससददस्स्ययाोेंं ककीी पपददाोेन्न्ननतिित द्वद्वाारराा;; ततथ्थााा

((गग)) एऐेससेे व्व्ययक्क्तिितययाोेंं ककेे स्स्थ्थाााननाांंततररण्णाध्ध्पप्र्रतिितनििनययुुक्क्तिित द्वद्वाारराा,, जजाोे एऐेससीी ससेेववाा ममेेंं एऐेससेे पपदद,, जजैैससाा कििक इइसस नििनमििमत्त्तत वििवनििनदििर्दष्ष्टट कििकययाा जजााययेे,, ममूूलल ययाा स्स्थ्थाााननाापपन्न्नन रूरूप्पा ससेे ध्धाााररण्णा ककररततेे हहाोेंं।।

((22)) उउपप--नििनययमम ((11)) ककेे ख्खाण्ण्डड ((कक)) ययाा ((ख्खा)) ककेे अअध्धाीीनन भ्भातर्तीी कििकएए गगएए व्व्ययक्क्तिितययाोेंं ककीी ससंंख्ख्ययाा,, अअननुुससूूचचीी --एएकक ममंेंे ययथ्थााा वििवनििनदििर्दष्ष्टट ककतर्तव्व्यय पपददाोेंं ककीी ससंंख्ख्ययाा ककेे अअननुुससूूचचीी--ददाोे ममेेंं ददश्र्शाााएए गगएए पप्र्रतिितश्शातत्‌्‌ ससेे कििकससीी भ्भाीी ससममयय अअध्धििाकक ननहहीींं हहाोेगगीी।।

((33)) इइनन नििनययममाोेंं ककेे उउपपबबन्न्ध्धााोेंं ककेे अअध्ध्ययध्धाीीनन ररहहततेे हहुुययेे,, ससेेववाा ममेेंं कििकससीी एऐेससीी वििवश्शििाष्ष्टट रििरक्तक्त ययाा रििरक्तििक्तययाोेंं ककाोे,, जििजननककाोे कििक भ्भातर्तीी ककीी कििकससीी वििवश्शििाष्ष्टट ककााललााववध्धििा ककेे ददाौैरराानन भ्भारराा जजााननाा अअपपेेक्ष्क्षििातत हहाोेंं,, भ्भाररननेे ककेे पप्र्रययाोेजजनन ककेे लििलययेे अअंंगगीीककृृतत कििकययाा जजााननेे ववााललाा भ्भातर्तीी ककाा ततररीीककाा ययाा ततररीीककेे ततथ्थााा पप्र्रत्त्ययेेकक ततररीीककेे ससेे भ्भातर्तीी कििकययेे जजााननेे ववााललेे व्व्ययक्क्तिितययाोेंं ककीी ससंंख्ख्ययाा,, पप्र्रत्त्ययेेकक अअववससरर पपरर श्शाााससनन ककेे पपररााममश्र्शा ससेे अअववध्धााारििरतत ककीी जजााययेेगगीी।। ((44)) उउपप--नििनययमम ((11)) ममेेंं अअन्न्ततवििर्वष्ष्टट कििकससीी बबाातत ककेे हहाोेततेे हहुुययेे भ्भाीी,, ययदििद श्शाााससनन ककीी रराायय ममेेंं ससेेववाा ककीी अअत्त्ययााववश्श्ययककततााअआोेंं ककाोे ददेेख्खाततेे हहुुएए एऐेससाा ककररननाा अअपपेेक्ष्क्षििातत हहाोे,, तताोे ववहह श्शाााससनन ककेे ससााममाान्न्यय पप्र्रश्शाााससनन वििवभ्भााागग ककीी पपूूवर्व ससहहममतिित ससेे उउक्क्तत उउपप--नििनययमम ममेेंं वििवनििनदििर्दष्ष्टट ससेेववाा ममेेंं भ्भातर्तीी ककेे लििलएए उउनन ततररीीककाोेंं ससेे भ्भििान्न्नन एऐेससेे ततररीीककेे अअपपननाा ससककेेगगीी,, जििजससेे ववहह इइसस नििनमििमत्त्तत जजााररीी कििकएए गगययेे अआाददेेश्शा द्वद्वाारराा वििवहििहतत कििकययाा जजााएए।।୫୩୦ (୧)

୫୩୦ (୨) ୫୩୦ (୩) ୫୩୦ (୪) ୫୩୦ (୫) ୫୩୦ (୬) ୫୩୦ (୭) ୫୩୦ (୮) ୫୩୦ (୯) ୫୩୦ (୧୦) ୫୩୦ (୧୧) ୫୩୦ (୧୨) ୫୩୦ (୧୩) ୫୩୦ (୧୪) ୫୩୦ (୧୫) ୫୩୦ (୧୬) ୫୩୦ (୧୭) ୫୩୦ (୧୮) ୫୩୦ (୧୯)

୫୩୦ (୨୦)

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୫୩୦ (୪୭)

୫୩୦ (୪୮)

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୫୩୦ (୫୧)

୫୩୦ (୫୨)

୫୩୦ (୫୩)
Cite this issue. Chattisgarh Gazette - Extraordinary, Government of Chattisgarh, 28 March 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-03-28.265/. Archive identifier in.gazette.chhattisgarh.eo.2025-03-28.265.