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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 177, 26 November 2010

Published 26 November 2010

Gazette no.
177
Gazetteid
177/GAZETTE/2010-26/11/2010
Identifier
in.gazette.himachal.2010-11-26.177_gazette_2010-26_11_2010
Languages
English, Hindi
Published at
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राजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला,शिमला,शिमला,शिमला, शुक्रशुक्रशुक्रशुक्रववववारारारार, , , , 26262626 नवम्नवम्नवम्नवम्बरबरबरबर, 2010, 2010, 2010, 2010////5555 अग्रहायणअग्रहायणअग्रहायणअग्रहायण,,,, 1932 1932 1932 1932

हिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकार

परिवहन विभागपरिवहन विभागपरिवहन विभागपरिवहन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 1 नवम्बर, 2010

संख्संख्संख्संख्याः टीयाः टीयाः टीयाः टी....पीपीपीपी....टीटीटीटी....-एफ (1) 2/2001-एफ (1) 2/2001-एफ (1) 2/2001-एफ (1) 2/2001-II.—यतः हिमाचल प्रदेश राज्य तथा उत्तराखण्ड राज्य के मध्य एक दूसरे राज्यों के क्षेत्र में मंजिली गाड़ियां चलाने तथा अन्य परिवहन सुविधाएं प्रदान करने हेतु मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-88 की उप-धारा 5 के अन्तर्गत 11 अक्तूबर, 2010 को एक पारस्परिक परिवहन समझौता हुआ।

2. अतः मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-88 की उप-धारा (5) में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत राज्यपाल हिमाचल प्रदेश उपरोक्त दोनों राज्यों के बीच हुए इस प्रारूप पारस्परिक समझौते को, जो कि संलग्न है, उन लोगों, जो कि इससे प्रभावित हो सकते हैं की सूचना हेतु प्रकाशित करते हैं।

177-राजपत्र/2010-26-11-2010 (6069)6070 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 3. हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखण्ड राज्य के बीच हुए इस पारस्पारिक समझौते से सम्भवतः प्रभावित होने वाले व्यक्तियों को एतद्‌द्वारा सूचित किया जाता है कि वे इस सम्बन्ध में अपने आक्षेप/सुझाव प्रधान सचिव (परिवहन) हिमाचल प्रदेश सरकार, शिमला-171002 को इस अधिसूचना के हिमाचल प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के 30 दिनाेंं के भीतर भिजवाएं।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (परिवहन)।

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े मध्य पारस्परिक परिवहन करार उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेउत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेउत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेउत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश्श्श्श का का का के मध्य पारस्परिक परिवहन करार े मध्य पारस्परिक परिवहन करार े मध्य पारस्परिक परिवहन करार

प्रप्रप्रप्रस्ताविस्ताविस्ताविस्तावित करार कत करार कत करार कत करार की पी पी पी प्रस्थापना्रस्थापना्रस्थापना्रस्थापना

यह करार आज दिनांक 11 अक्तूबर, 2010 को उत्तराखण्ड के राज्यपाल (जिन्हें आगे ''उत्तराखण्ड सरकार'' कहा गया है और जिसमें पदासीन उनके उत्तराधिकारी भी सम्मिलित हैं) प्रथम पक्ष तथा हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल (जिन्हें आगे ''हिमाचल प्रदेश सरकार'' कहा गया है और जिसमें उनके पदासीन उत्तराधिकारी भी सम्मिलित हैं) द्वितीय पक्ष के बीच किया गया है यह करार मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 88 (5) के अधीन किया जा रहा है।

चूंकि, प्रदेश के त्वरित आर्थिक विकास तथा उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश की समीपस्थता को ध्यान में रखते हुये यह समीचीन समझा गया है कि उक्त दोनों राज्यों के बीच यात्रियों और माल के लम्बी दूरी के अन्तर्राज्यीय परिवहन को प्रोत्साहित किया जाए और उनके प्रचलन को विनियमित, समन्वित और नियंत्रित किया जाए।

यह करार दिनांक 11 अक्तूबर, 2010 से प्रवृत्त होगा। उससे दोनों राज्यों के बीच इस करार के अनुरूप परिवहन सेवाओं का संचालन किया जायेगा। अतः उक्त दोनों पक्षों द्वारा और उनके बीच निम्नलिखित करार किया जाता है।

इस करार के प्रयोजन के लिए--

(क) किसी मोटर यान के सम्बन्ध में ''एकल बिन्दु मोटरयान कर'' या ''एकल बिन्दु कर आधार'' से गृह राज्य में मोटर यान कर के संदाय करने का दायित्व अभिप्रेत है, किन्तु ऐसे दायित्व में पारस्परिक करारकर्ता राज्यों में संदाय किये जाने से छूट भी सम्मिलित है, और अन्य कर (अतिरिक्त कर) दोनों राज्यों में संदाय होंगे;

(ख) किसी मोटर यान के सम्बन्ध में ''द्विबिन्दु कर आधार'' से दोनोंं राज्यों में मोटर यान कर/अतिरिक्त कर/टोल्स को सम्मिलित करते हुये सभी करों के संदाय का दायित्व अभिप्रेत है; और

(ग) ''अधिनियम'' से मोटरयान अधिनियम, 1988 (समय-समय पर यथा संशोधित) अभिप्रेत है। यह करार इस बात का साक्षी है कि--

ान अधिनियम, 1988 की धारा 79 के अधीन मालयान के स्थायी अनुज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रः 1111.... मोट मोट मोट मोटरयरयरयरयान अधिनियम, 1988 की धारा 79 के अधीन मालयान के स्थायी अनु ान अधिनियम, 1988 की धारा 79 के अधीन मालयान के स्थायी अनु ान अधिनियम, 1988 की धारा 79 के अधीन मालयान के स्थायी अनु

(1) उत्तराखण्ड सरकार एवं हिमाचल प्रदेश द्वारा मालयानों की संख्या पर निर्बन्धन के बिना मालयानों के लिए अनुज्ञापत्र सम्बन्धित राज्य के प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी की सिफारिश पर अन्य राज्य के परिवहन प्राधिकारियों द्वारा ''एकल बिन्दु कर आधार'' पर अनुज्ञापत्र की वैधता तक प्रतिहस्ताक्षर किये जायेंगे। दोनों राज्यों के मध्य जनभार वाहनों का संचालन क्षेत्र निम्नवत्‌ होगाः--

(क) उत्तराखण्ड राज्य द्वारा जारी परमिट, हिमाचल राज्य के प्रतिहस्ताक्षर फीस/गुडस टैक्स व अन्य कर जो समय-समय पर राज्य में लागू हों, परमिट धारक द्वारा जमा करने पर हिमाचल प्रदेश राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किये जाने पर सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश के लिये वैध होंगे, राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6071 (ख) हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी परमिट, उत्तराखण्ड राज्य के प्रतिहस्ताक्षर फीस/गुडस टैक्स व अन्य कर जो समय-समय पर राज्य में लागू हों, परमिट धारक द्वारा जमा करने पर उत्तराखण्ड राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किये जाने पर सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य के लिये वैध होंगे,

(ग) पैट्रोल या पैट्रोलियम उत्पादों का परिवहन करने वाले टैंकरों के लिये अनुज्ञापत्र पारस्परिक करारकर्ता राज्य के परिवहन प्राधिकारी द्वारा ''एकल बिन्दु कर आधार'' पर सम्बन्धित राज्यों की प्रतिहस्ताक्षर फीस/गुडस टैक्स व अन्य कर जो समय-समय पर राज्य मेंं लागू हों, परमिट धारक द्वारा जमा करने पर सम्पूर्ण राज्य के लिये बिना किसी निर्बन्धन के स्वतन्त्र रूप से प्रतिहस्ताक्षर किये जायेंगे,

(घ) प्रतिहस्ताक्षर अनुज्ञापत्रों के अधीन प्रचलित होने वाले मालयानों का उपयोग प्रतिहस्ताक्षर करने वाले राज्य के राज्य क्षेत्र के भीतर किन्हीं दो बिन्दुओं पर माल लादने और उतारने के लिए नहीं किया जायेगा अर्थात्‌ ऐसे यान प्रतिहस्ताक्षर करने वाले राज्य के भीतर अनन्य रूप से परिवहन के कारबार करने के लिए प्रतिषिद्ध होंगे। वे ऐसी शर्तों के अधीन होंगे, जैसा अधिनियम की धारा 79 तथा 84 के अधीन सम्बन्धित परिवहन प्राधिकारी अधिरोपित करना उचित समझे।

धनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मालयान अस्थायी अनुज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रः 2222.... मोट मोट मोट मोटरयरयरयरयान अािन अािन अािन अधिनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मालयान अस्थायी अनु धनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मालयान अस्थायी अनु धनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मालयान अस्थायी अनु

(क) अधिनियम की धारा 88 की उपधारा (7) में उपबन्धित है कि धारा 88 की उपधारा (1) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुये भी एक राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकारी धारा 87 के अधीन अस्थाई अनुज्ञा-पत्र जो दूसरे राज्य में भी विधिमान्य होगा, उस राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकारी की सहमति से साधारणतः या विशिष्ट अवसर के लिये जारी किए जा सकेंगे;

(ख) उक्त उपबन्धों के अधीन रहते हुये आवश्यकतानुसार दोनों राज्यों द्वारा 30 दिन से अनधिक अवधि के लिये अधिनियम की धारा 87 की उपधारा (1) या 87 की उपधारा (2) के उपबन्धों के अनुसार फेरों की संख्या पर बिना किसी निर्बन्धन के और पारस्परिक करारकर्ता राज्य के परिवहन प्राधिकारी के प्रतिहस्ताक्षर के बिना द्विबिन्दु कर आधार पर मालयान अस्थाई अनुज्ञापत्र आवश्यकतानुसार जारी किये जा सकेंगे;

(ग) उपर्युक्त अनुज्ञापत्र निम्नलिखित शर्तों के अधीन जारी किये जायेंगेः-

(एक) पारस्परिक करारकर्ता राज्य की अधिकारिता के भीतर पूर्णतः स्थित किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच कोई माल को चढ़ाने और उतारने को छोड़कर अनन्यतः परिवहन के किसी भी कारबार को कराना प्रतिषिद्ध होगा,

(दो) प्रचालक किन्हीं अन्य शर्ताें का जिन्हें परिवहन प्राधिकारी अधिनियम की धारा 79 की उपधारा (2) के अधीन अधिरोपित करना ठीक समझें, पालन करेगा।

ान अधिनियम, 1988 की धारा 74 के अधीन मोटर कैब के स्थायी अनुज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रः 3333.... मोट मोट मोट मोटरयरयरयरयान अधिनियम, 1988 की धारा 74 के अधीन मोटर कैब के स्थायी अनु ान अधिनियम, 1988 की धारा 74 के अधीन मोटर कैब के स्थायी अनु ान अधिनियम, 1988 की धारा 74 के अधीन मोटर कैब के स्थायी अनु

पर्यटक और वाणिज्यिक व्यापार के विकास के हित में उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश राज्यों द्वारा मोटर कैब की संख्या पर निर्बन्धन के बिना अनुज्ञापत्र सम्बन्धित राज्य के प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी की सिफारिश पर करारकर्ता राज्य के किसी भी क्षेत्र के लिये ''एकल बिन्दु कर आधार'' पर अनुुज्ञापत्र की वैधता तक प्रतिहस्ताक्षर किये जा सकेंगे। ऐसे वाहनों का संचालन क्षेत्र निम्नवत्‌ होगाः--

(क) उत्तराखण्ड राज्य द्वारा जारी अनुज्ञापत्र, हिमाचल राज्य के प्रतिहस्ताक्षर फीस और अतिरिक्त कर/यात्रीकर, अन्य कर जो समय-समय पर राज्य में लागू हों, अनुज्ञापत्र धारक द्वारा जमा करने पर हिमाचल प्रदेश राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किये जाने पर सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश राज्य के लिये वैध होंगे,

(ख) हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी अनुज्ञापत्र, उत्तराखण्ड राज्य के प्रतिहस्ताक्षर फीस और अतिरिक्त कर/यात्रीकर, अन्य कर जो समय-समय पर राज्य में लागू हों, अनुज्ञापत्र धारक द्वारा जमा6072 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 करने पर उत्तराखण्ड राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किये जाने पर सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य के लिये वैध होंगे,

(ग) प्रतिहस्ताक्षर अनुज्ञापत्रोंं के अधीन प्रचलित होने वाले यात्री वाहनों का उपयोग अनन्यतः पारस्परिक करारकर्ता राज्य क्षेत्र के भीतर पड़ने वाले किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच यात्रियोंं को चढ़ाने और उतारने के लिये नहीं किया जाएगा,

(घ) ऐसी वाहनों में एकल पार्टी के नाम में बुकिंग के आधार पर ही संचालन किया जाएगा, (ङ) ऐसे वाहनों के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र में विनिर्दिष्ट बैठने के स्थान से अधिक यात्रियों को नहीं ले जाया जायेगा और न ही खडे़ रहने वाले यात्रियों को अनुज्ञात किया जाएगा। ान अधिनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मोटर कैब अस्थायी अनुज्ञापत्रःापत्रःापत्रःापत्रः 4444.... मोटमोटमोटमोटरयरयरयरयान अधिनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मोटर कैब अस्थायी अनुज्ञ ान अधिनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मोटर कैब अस्थायी अनुज्ञ ान अधिनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मोटर कैब अस्थायी अनुज्ञ

एक राज्य के परिवहन प्राधिकारी द्वारा आवश्यकतानुसार अस्थायी अनुज्ञापत्र व्यतिकारी सरकार के परिवहन प्राधिकारी की पूर्व सहमति के बिना, किसी विनिर्दिष्ट मार्ग के लिये जारी किया जा सकता है, ऐसे अस्थायी अनुज्ञा-पत्रों की विधिमान्यता की अवधि 15 दिन से अधिक नहीं होगी तथा ऐसे अनुज्ञापत्रोंं से आच्छादित यात्री वाहनों का उपयोग अनन्यतः पारस्परिक करारकर्ता राज्य क्षेत्र के भीतर पड़ने वाले किन्हीं दो बिन्दुओंं के बीच यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिये नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ऐसी वाहनों पर ''द्विबिन्दु कर आधार पर'' कर देय होगा और ऐसी वाहनों में एकल पार्टी के नाम में बुकिंग के आधार पर ही संचालन किया जाएगा।

ान अधिनियम, 1988 की धारा 74 के अधीन मैक्सी कैब स्थायी अनुज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रः 5555.... मोट मोट मोट मोटरयरयरयरयान अधिनियम, 1988 की धारा 74 के अधीन मैक्सी कैब स्थायी अनु ान अधिनियम, 1988 की धारा 74 के अधीन मैक्सी कैब स्थायी अनु ान अधिनियम, 1988 की धारा 74 के अधीन मैक्सी कैब स्थायी अनु

पर्यटक और वाणिज्यिक व्यापार के विकास के हित में उत्तराखण्ड सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकारों के प्रत्येक राज्य से सम्बन्धित कुल 50 (पचास) ठेका गाड़ी मैक्सी कैब के लिये सम्बन्धित राज्य के प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी की सिफारिश पर अन्य राज्य के परिवहन प्राधिकारियों द्वारा करारकर्ता राज्य के किसी भी क्षेत्र के लिये एकल बिन्दु के आधार पर अनुज्ञापत्र अनुज्ञापत्र की वैध्ैधता तक प्रतिहस्ताक्षर किया जा सकेगा। ऐसी वाहनों का संचालन क्षेत्र निम्नवत्‌ होगाः--

(क) उत्तराखण्ड राज्य द्वारा जारी अनुज्ञापत्र, हिमाचल राज्य के प्रतिहस्ताक्षर फीस और अतिरिक्त कर/यात्रीकर, अन्य कर जो समय-समय पर राज्य में लागू हांें, अनुज्ञापत्र धारक द्वारा जमा करने पर हिमाचल प्रदेश राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किये जाने पर सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश राज्य के लिये वैध होंगे,

(ख) हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी अनुज्ञापत्र, उत्तराखण्ड राज्य के प्रतिहस्ताक्षर फीस और अतिरिक्त कर/यात्रीकर, अन्य कर जो समय-समय पर राज्य में लागू हों, अनुज्ञापत्र धारक द्वारा जमा करने पर उत्तराखण्ड राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किये जाने पर सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य के लिये वैध होंगे,

(ग) प्रतिहस्ताक्षर अनुज्ञापत्रों के अधीन प्रचलित होने वाले यात्री वाहनों का उपयोग अनन्यतः पारस्परिक करारकर्ता राज्य क्षेत्र के भीतर पड़ने वाले किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिए नहीं किया जाएगा,

(घ) ऐसी वाहनों में एकल पार्टी के नाम में बुकिंग के आधार पर ही संचालन किया जाएगा, (ङ) प्रत्यके ठेका गाड़ी के रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में विनिर्दिष्ट बैठने के स्थान से अधिक यात्रियों को नहीं ले जाया जायेगा और न ही खडे़ रहने वाले यात्रियों को अनुज्ञात किया जाएगा।

ा 87 के अधीन मैक्सी कैब व ओमनी बस के अस्थायी अनुज्ञापत्रःापत्रःापत्रःापत्रः 6666.... मोट मोट मोट मोटरयान अधिनियम, 1988 की धाररयान अधिनियम, 1988 की धाररयान अधिनियम, 1988 की धाररयान अधिनियम, 1988 की धारा 87 के अधीन मैक्सी कैब व ओमनी बस के अस्थायी अनुज्ञ ा 87 के अधीन मैक्सी कैब व ओमनी बस के अस्थायी अनुज्ञ ा 87 के अधीन मैक्सी कैब व ओमनी बस के अस्थायी अनुज्ञ (1) एक राज्य के परिवहन प्राधिकारी द्वारा पारस्परिक करारकर्ता राज्य के परिवहन प्राधिकारी की पूर्व सहमति के बिना, अधिनियम कीे धारा-87 के अधीन अस्थाई अनुज्ञापत्र आवश्यकतानुसार जारी किये जा सकते हैं, ऐसे निम्नलिखित प्रयोजन के लिये जारी किये जा सकेंगे :--

(क) विवाह और अन्य आरक्षित पार्टियों को ले जाने के लिये,

(ख) मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षा टुअर ले जाने के लिये।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6073 (2) ऐसे अस्थाई अनुज्ञापत्र निम्नलिखित शर्तों के अधीन जारी किये जायेंगे :--

(क) प्रत्येक ठेका गाड़ी के रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र में विनिर्दिष्ट बैठने के स्थान से अधिक यात्रियों को नहीं ले जाया जायेगा और न ही खडे़ रहने वाले यात्रियों को अनुज्ञात किया जाएगा, (ख) गाड़ी को एकल पार्टी द्वारा ही किराये पर लिया जायेगा और उसका उपयोग केवल एक वापसी यात्रा के लिये किया जायेगा,

(ग) अनुज्ञापत्र की विधिमान्यता पन्द्रह दिन से अधिक नहीं होगी,

(घ) ऐसे अस्थायी अनुज्ञापत्र मेंं बाहरी यात्रा और वापसी यात्रा का दिनांक स्पष्ट रूप से विनिर्दिष्ट किया जायेगा। यदि कोई पार्टी जिसने अस्थाई अनुज्ञापत्र पर कोई ठेका गाड़ी ली हो, अनुज्ञापत्र दिये जाने के पश्चात्‌ वापसी यात्रा के दिनांक में परिवर्तन करना चाहता है तो वह इस आशय की लिखित अनुज्ञा पर परिवहन प्राधिकारी से, जिसके अधिकारिता में तत्समय ठेका गाड़ी हो, अन्य राज्य की सामान्य फीस और कर का संदाय करके लेगी,

(ङ) ऐसी वाहनों पर द्विबिन्दु कर आधार पर कर संदेय होगा।

अधिनियम की धारा-88 (8) के अधीन विशेष अस्थाई अनुज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रःज्ञापत्रः 7777.... अधिनियम की धारा-88 (8) के अधीन विशेष अस्थाई अनु अधिनियम की धारा-88 (8) के अधीन विशेष अस्थाई अनु अधिनियम की धारा-88 (8) के अधीन विशेष अस्थाई अनु

(1) केवल टूरिस्ट पार्टियों के सम्बन्ध में दोनों में से किसी राज्य के परिवहन प्राधिकरण द्वारा अधिनियम की धारा 88 की उपधारा (8) के अधीन जारी किये जाने वाले विशेष अनुज्ञा पत्रों की संख्या पर कोई निर्बन्धन नहीं होगा। ऐसे अनुज्ञापत्र 30 (तीस) दिन की अधिकतम अवधि के लिये विधिमान्य होंगे। विशेष मामले में इनकी अवधि करारकर्ता राज्य द्वारा 60 (साठ) दिन तक बढ़ाई जा सकती है।

(2) ऐसे अनुज्ञापत्रों में यथासम्भव, पार्टी की सूची, यात्रा का सविस्तार कार्यक्रम भी होगा जिसमें क्रम से वे स्थान दिखाये जायेंगे, जहां भ्रमण किया जाना है। ऐसे अनुज्ञापत्रोंं के अन्तर्गत आने वाली गाड़ियां अन्य राज्य के राष्ट्रीयकृत मार्ग पर, यदि कोई हो, न तो यात्रियों को चढ़ायेगी और न उतारेगी।

(3) यदि कोई पार्टी जिसने विशेष अनुज्ञापत्र पर कोई ठेका गाड़ी ली हो, मूल यात्रा क्रम में परिवर्तन करना चाहता है, तो वह उस परिवहन प्राधिकारी से जिसके राज्य क्षेत्र में तत्समय गाड़ी हो, अनुज्ञापत्र को संशोधित करायेगी।

(4) गाड़ी को एकल पार्टी द्वारा ही किराये पर लिया जायेगा और उसका उपयोग केवल एक वापसी यात्रा के लिये किया जायेगा।

(5) ऐसी वाहनों पर द्विबिन्दु कर आधार पर कर संदेय होगा।

स्कूल बसेंं एवं राजकीय उपक्रम एवं विश्वविद्यालय आदि की वाहनें) विश्वविद्यालय आदि की वाहनें) विश्वविद्यालय आदि की वाहनें) विश्वविद्यालय आदि की वाहनें) : : : : 8888.... प्राइवेट सेप्राइवेट सेप्राइवेट सेप्राइवेट सेवायान (वायान (वायान (वायान (स्कूल बसेंं एवं राजकीय उपक्रम एवं स्कूल बसेंं एवं राजकीय उपक्रम एवं स्कूल बसेंं एवं राजकीय उपक्रम एवं

प्राइवेट सेवायान/स्कूल बसें एवं राजकीय उपक्रमों एवं विश्वविद्यालय आदि की वाहनों के अनुज्ञापत्रों का प्रतिहस्ताक्षर करारकर्ता राज्य संख्या की प्रतिबन्धित सीमा के बिना अनुज्ञापत्र की वैधता तक संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारी/विद्यार्थियों के परिचय पत्र प्रस्तुत करने पर प्रतिहस्ताक्षर कर सकेंगे बशर्ते कि यह वाहन व्यवसायिक प्रयोग में नहीं लायी जा रही हो। ऐसी वाहनाें के सम्बन्ध में राज्य का देय मार्गकर संदेय होगा। ान अधिनियम, 1988 की धारा 72 के अधीन मंजिली गाड़ी के अने अने अने अनुज्ञुज्ञुज्ञुज्ञापत्रःापत्रःापत्रःापत्रः 9999.... ममममोटोटोटोटरयरयरयरयान अधिनियम, 1988 की धारा 72 के अधीन मंजिली गाड़ी क ान अधिनियम, 1988 की धारा 72 के अधीन मंजिली गाड़ी क ान अधिनियम, 1988 की धारा 72 के अधीन मंजिली गाड़ी क

उत्तराखण्ड राज्य एवं हिमाचल प्रदेश राज्य के मध्य अन्र्तराज्यीय मार्गों पर परिवहन निगम की मंजिली गाड़ी के संचालन के सम्बन्ध में दोनों राज्यों में प्रस्तावित मार्गों की सूची, ट्रिप्स की संख्या, परमिटों की संख्या एवं संचालन कि0 मी0 का विवरण निम्नवत्‌ हैः--6074 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6075 6076 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932

(3) प्रत्येक अन्र्तराज्यीय मार्ग पर करारकर्ता राज्यों के लिए आबंटित फेरों की संख्या यथा सम्भव प्रत्येक राज्य में पड़ने वाले माईलेज/कि0मी0 के अनुसार निर्धारित की जायेगी। इस प्रकार के प्रयोजन के लिए किसी फेरे से एक एकल फेरा अभिप्रेत है। वर्णित मार्गों से होते हुए दोनों राज्यों मेंं पड़ने वाले दो सीमान्तों को जोड़ने वाला सबसे कम दूरी का सीधा मार्ग और उक्त प्रस्ताव में प्रदर्शित माईलेज/कि0मी0 में बाद में पाई गई किसी विसंगति को दोनों राज्यों के परिवहन प्राधिकारियों के बीच तत्परता से पत्र व्यवहार के माध्यम से ठीक किया जायेगा और उसे करार के उपान्तर के रूप मेंं नहीं समझा जायेगा।

(4) प्रारम्भिक समय-सारिणी का निर्धारण अनुज्ञा-पत्र मंजूर करने वाले प्राधिकारी द्वारा बिल्कुल अनन्तिम आधार पर किया जायेगा, जो अधिकतम चार मास की कालावधि के लिए विधिमान्य होगा और सेवा को तत्काल प्रचालन करने के लिए प्रतिहस्ताक्षर किया जायेगा। इस कालावधि के दौरान प्रतिहस्ताक्षर करने वाला प्राधिकारी अनुज्ञा-पत्र मंजूरी करने वाले प्राधिकारी के परामर्श से समय-सारिणी को अन्तिम रूप देगा। समय-सारिणी निर्धारित करते समय गृह राज्य की मंजिली गाड़ी को पारस्परिक करारकर्ता राज्य की मंजली गाड़ी के आगे चलने के लिये प्राथमिकता देगा तथा मार्ग पर लम्बी दूरी की अन्तर्राज्यिक सेवा की समय-सारिणी मेंं पर्याप्त अन्तराल होगा।

(5) यह कि प्रस्ताव में चूंकि उल्लिखित मंजिली गाड़ी मार्ग पूर्णतः अथवा आंशिक रूप से राष्ट्रीयकृत होने की दशा में पारस्परिक करारकर्ता राज्य की समझौते के अन्तर्गत संचालित की जाने वाली परिवहन निगम की वाहनें ही अनुमन्य होंगी।

(6) पारस्परिक करारकर्ता राज्य के अन्र्तराज्यीय मार्गों पर संचालित मंजिली गाड़ी सेवाओं का प्रत्येक 6 माह के अन्दर पुर्नावलोकन किया जाये।

(7) प्रत्येक राज्य के राज्य क्षेत्र के भीतर पड़ने वाले मार्ग पर संचालन के लिए लिया जाने वाला अधिकतम किराया और भाड़ा सम्बन्धित राज्य सरकारों द्वारा विहित किये गये के अनुसार होगा। एक राज्य में जारी किये गये टिकटों का प्रारूप अन्य राज्य में वैध समझा जायेगा।

(8) स्थाई अनुज्ञा पत्र का नवीनीकरण का मामला विचाराधीन होने के फलस्वरूप अधिनियम की धारा-88 की उपधारा (2) मेंं दिये गये प्राविधानानुसार पारस्परिक करारकर्ता राज्यों द्वारा अधिनियम की धारा- राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6077 87 की उपधारा (1) के खण्ड (घ) के अधीन जारी अस्थाई अनुज्ञा पत्र पर आने वाली मंजिली गाड़ी एकल बिन्दु कर आधार पर कर देने पर प्रतिहस्ताक्षर की जायेगी।

(9) एक राज्य सरकार दूसरे राज्य सरकार से इस करार के अन्तर्गत संचालित की जाने वाली परिवहन निगम की बसों से अपने राज्य के कराधान अधिनियम के प्राविधानानुसार एकल बिन्दु कर प्रणाली के आधार पर संदेय कर की वसूली करेंगे।

(10) प्रबन्ध निदेशक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम एवं प्रबन्ध निदेशक, हिमाचल पथ परिवहन निगम उपरोक्त संचालन के अतिरिक्त आपसी सहमति व करार के पश्चात्‌ भविष्य में किसी समय 1000 किमी0 तक के संचालन की वूद्धि कर सकते हैं, परन्तु इस हेतु सम्बन्धित निगम को करारकर्ता राज्य से परमिट प्राप्त करना होगा तथा संचालन प्रारम्भ करने से पूर्व इसकी सूचना यथा-मार्ग का नाम, दूरी आदि के विवरण सहित, परिवहन आयुक्त को दी जायेगी। उक्त वूद्धि मूल करार का ही भाग समझी जायेगी।

(11) कुल्हाल और पौंटा साहिब के बीच दोनोंं निगमों के प्रबन्ध निदेशक आपसी सहमति से आवश्यकतानुसार शटल सेवायें संचालित करेंगे और इसकी सूचना करारकर्ता राज्य के परिवहन आयुक्त को देंगे। उक्त व्यवस्था भी मूल करार का ही भाग समझी जायेगी।

(12) दोनों निगमों की नाहन-पौंटा-देहरादून मार्ग पर संचालित होने वाली समस्त सेवाओं द्वारा वाया हरबर्टपुर-प्रेम नगर संचालन किया जायेगा।

ेट सेवायान को छोड़कर)कर)कर)कर) : : : : 10101010.... कराध् कराध् कराध् कराधान (प्राईाान (प्राईाान (प्राईाान (प्राईववववेट सेवायान को छोड़ ेट सेवायान को छोड़ ेट सेवायान को छोड़

(क) सभी वर्ग की ऐसी परिवहन गाड़ियों के सम्बन्ध में, जो स्थायी अनुज्ञापत्रों के अन्तर्गत आती होंं और इस करार के अन्तर्गत किसी राज्य द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित हों, ''एकल बिन्दु कर आधार'' पर कर जमा करेंगे।

(ख) अधिनियम की धारा-87 एवं 88 की उपधारा (8) के अधीन जारी अस्थाई अनुज्ञापत्रों एवं अन्य अस्थाई अनुज्ञापत्रों पर द्विबिन्दु कर आधार पर कर जमा करेंगे।

(ग) स्थायी अनुज्ञापत्रों का नवीनीकरण विचाराधीन होने के दौरान जारी किये गये अस्थाई अनुज्ञापत्रों के अन्तर्गत आने वाली परिवहन गाडियां ''एकल बिन्दु कर आधार'' पर कर देने पर प्रतिहस्ताक्षरित की जायेगी।

(घ) ऐसे किसी वर्ग की मोटर गाड़ी के सम्बन्ध में, जो दोनो राज्यों में से किसी राज्य में, चाहे स्थाई अनुज्ञापत्र पर प्रतिहस्ताक्षर करवा कर अथवा अस्थाई अनुज्ञापत्र पर प्रवेश करे, अतिरिक्त कर के संदाय से कोई छूट नहीं होगी।

11111111.... करोंेंं के संदाय का ढंगकरोंेंं के संदाय का ढंगकरोंेंं के संदाय का ढंगकरोंेंं के संदाय का ढंग : : : :

(क) अनुज्ञापत्र जारी करने वाला प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि किसी अस्थाई अनुज्ञापत्र या विशेष अनुज्ञापत्र को जारी करने से पूर्व पारस्परिक करारकर्ता राज्य के समस्त कर अग्रिम रूप से राष्ट्रीयकृत बकैं के नाम पर लिखे गये डिमाण्ड ड्राफ्ट द्वारा संदत्त कर दिये गये हैं यद्यपि दोनों में कोई भी राज्य चैक पोस्टों पर अपने करोंं की वसूली की अपेक्षा कर सकेगा। (ख) प्रत्येक डिमाण्ड ड्राफ्ट का क्रमांक और रकम जिसके माध्यम से प्रचालक द्वारा अन्य राज्यों के करों को प्रेषित किया जा चुका है, अस्थायी अनुज्ञापत्र/विशेष अनुज्ञापत्र के मुख्य पृष्ठ पर स्पष्ट रूप से पृष्ठांकित की जाएगी।

(ग) समस्त अस्थायी अनुज्ञापत्रों तथा विशेष अनुज्ञापत्रों की प्रतियां राष्ट्रीयकृत बैंक के नाम लिये गये डिमाण्ड ड्राफ्टों अन्य सुसंगत जानकारी के साथ निम्नलिखित प्रोफार्मा में सचिव, राज्य6078 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 परिवहन प्राधिकारी, हिमाचल प्रदेश राज्य, शिमला और उत्तराखण्ड राज्य की दशा में ऐसे अस्थायी अनुज्ञापत्रों/विशेष अनुज्ञापत्रों की प्रतियां मासिक अन्तराल पर डिमाण्ड ड्राफ्टों के साथ परिवहन आयुक्त (सेन्ट्रल पूल), उत्तराखण्ड, देहरादून को भेजी जायेगी।

क्र.सं. यान के स्वामी का नाम व पता अनुज्ञापत्र क्रमाकं यान का पंजीयन चिन्ह यान का सकल यान भार तथा यान में बैठने की क्षमता अनुज्ञापत्र की वैधता से----- तक बैंक ड्राफ्ट संख्या, दिनांक बैंक ड्राफ्ट की धनराशि
1 2 3 4 5 6 7 8

12121212.... नियम : नियम : नियम : नियम :

एक राज्य के मूल अनुज्ञप्ति धारक के दूसरे राज्य में मतैक्यता के अनुसार संचालित यान (फीस और करों के संदाय सम्बन्धित संदायों को छोड़कर) अपने पैतृक राज्य के नियमों से शासित होंगे तथा एक दूसरे राज्य में करारकर्ता राज्य के चैकिंग स्टाफ द्वारा चैक किये जा सकेंगे।

11113333.... सामान्य : सामान्य : सामान्य : सामान्य :

(1) दोनों राज्य इस करार के निबन्धनों के अनुशरण में चल रहे यानों के सम्बन्ध में एक दूसरे राज्य के टोकनों, रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्रों, चालक एवं परिचालकों की अनुज्ञप्तियों, परिवहन यान को चलाने का प्राधिकार पत्र, स्वस्थता आदि के प्रमाणन को मान्यता देंगे।

(2) यह करार तब तक विधिमान्य रहेगा जब तक कि दोनों राज्यों के बीच नया करार या उसका पुर्नविलोकन न हो जाये या दोनों में से किसी एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष को 06 माह की सूचना देकर विद्यमान करार को विखण्डित न कर दिया जाए।

इस साक्ष्य मे इसके पक्षकारों ने प्रथम ऊपर उल्लिखित दिनांक 11 अक्तूबर और वर्ष 2010 को इस करार पर हस्ताक्षर कर दिये हैं।

(टी0जी0 नेगी, आई0ए0एस0) प्रमुख सचिव, हिमाचल सरकार, परिवहन विभाग हिमाचल के राज्यपाल के लिए और उनकी ओर से

(एस0 रामास्वामी, आई0ए0एस0) सचिव, उत्तराखण्ड सरकार, परिवहन विभाग उत्तराखण्ड के राज्यपाल के लिए और उनकी ओर से

साक्षी-

साक्षी-

1.

1.

2.

2.

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6079 लोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 24 नवम्बर, 2010

सं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 186/2009सं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 186/2009सं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 186/2009सं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 186/2009....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु गांव डबारू, तहसील सुन्नी, जिला शिमला में बांजन घाटी चनावग सम्पर्क सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विवरणी में वर्णित भूमि उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित हैै।

2. यह घोषणा, भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धोेंं के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों को सूचना हेतु की जाती है तथा उक्त अधिनियम की धारा-7 के अधीन भू-अर्जन समाहर्ता लोक निर्माण विभाग, विन्टर फिल्ड शिमला को उक्त भूमि के अर्जन करने के आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निदेश दिया जाता है।

3. भूमि रेखांक का निरीक्षण भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, विन्टर फिल्ड शिमला के कार्यालय में किया जा सकता है।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (हैक्टेयर) शिमला सुन्नी डबारू 21/1 0-00-70 32/1 0-02-29 33/1 0-01-10 706/1 0-00-54 713/1 0-01-89 720/1 0-06-36 739/1 0-00-10 739/2 0-00-35 741/1 0-00-88 743/1 0-00-40 744/1 0-01-11 746/1 0-04-79 747/1 0-03-32 753/1 0-03-67 कुल जोड़ किता-14 0-27-50

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।

------

लोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 24 नवम्बर, 2010

ससससं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 187 ं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 187/2009/2009/2009/2009....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता ं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 187 ं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 187 है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु गांव मचरयाणा, तहसील सुन्नी, जिला शिमला में बांजन घाटी चनावग सम्पर्क सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विवरणी में वर्णित भूमि उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित हैै। 6080 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 2. यह घोषणा, भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धोेंं के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों को सूचना हेतु की जाती है तथा उक्त अधिनियम की धारा-7 के अधीन भू-अर्जन समाहर्ता लोक निर्माण विभाग, विन्टर फिल्ड शिमला को उक्त भूमि के अर्जन करने के आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निदेश दिया जाता है।

3. भूमि रेखांक का निरीक्षण भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, विन्टर फिल्ड शिमला के कार्यालय में किया जा सकता है।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (हैक्टेयर) शिमला सुन्नी मचरयाणा 451/3/1 0-08-57 522/1 0-00-86 524/1 0-00-29 कुल जोड़ किता-3 कुल जोड़ किता-3 कुल जोड़ किता-3 कुल जोड़ किता-3 0-09-720-09-720-09-720-09-72

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।

------

लोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 24 नवम्बर, 2010

ससससं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 188 ं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 188/2009/2009/2009/2009....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता ं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 188 ं0 पी0बी0डब्ल्यू0 (बी0) एफ-(5) 188 है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु गांव चनावग, तहसील सुन्नी, जिला शिमला में बांजन घाटी चनावग सम्पर्क सड़क के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विवरणी में वर्णित भूमि उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित हैै।

2. यह घोषणा, भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धोेंं के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों को सूचना हेतु की जाती है तथा उक्त अधिनियम की धारा-7 के अधीन भू-अर्जन समाहर्ता लोक निर्माण विभाग, विन्टर फिल्ड शिमला को उक्त भूमि के अर्जन करने के आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निदेश दिया जाता है।

3. भूमि रेखांक का निरीक्षण भू-अर्जन समाहर्ता, लोक निर्माण विभाग, विन्टर फिल्ड शिमला के कार्यालय में किया जा सकता है।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर क्षेत्र (हैक्टेयर) शिमला सुन्नी चनावग 122/1 0-02-29 कुल जोड़ किता-1 कुल जोड़ किता-1 कुल जोड़ किता-1 कुल जोड़ किता-1 0-02-290-02-290-02-290-02-29

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (लोक निर्माण)।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6081

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शहरी विकास विभाग शहरी विकास विभाग शहरी विकास विभाग शहरी विकास विभाग

अधिसूचना

शिमला, 25 नवम्बर, 2010

संख्याः यू0संख्याः यू0संख्याः यू0संख्याः यू0डी0-ए डी0-ए डी0-ए डी0-ए ((((1111)-)-)-)-2/20102/20102/20102/2010....--------प्रारूप नियम नमतः हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (निर्वाचन) संशोधन नियम, 2010, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 की धारा 279 के उपबन्धों के अनुसरण मेंं इस विभाग की समसंख्यांक अधिसूचना तारीख 11 नवम्बर, 2010 द्वारा सम्भाव्य प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 की धारा 279 की उप-धारा(5) के अधीन यथा अपेक्षित आक्षेप(पों) या सुझाव(वाेंं) आमन्त्रित करने के लिए राजपत्र, हिमाचल प्रदेश (असाधारण) में 12 नवम्बर, 2010 को प्रकाशित किए गए थे; विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर कोई भी आक्षेप और सुझाव प्राप्त नहीं हुए है;

अतः हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1994 (1994 का 13) की धारा 279 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य निर्वाचन आयोग के परामर्श से एतद्‌द्वारा निम्नलिखित नियम बनाती हैं, अर्थात्‌ः--

1111.... संक्षिप्त नामसंक्षिप्त नामसंक्षिप्त नामसंक्षिप्त नाम....--------इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (निर्वाचन) संशोधन नियम, 2010 है।6082 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 2222.... नियम 5 कानियम 5 कानियम 5 कानियम 5 का ससससंंंंश्श्श्शोधनाोधनाोधनाोधन....--------हिमाचल प्रदेश नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 1994 (जिन्हें इसमें इसके पश्चात्‌ 'उक्त नियम' कहा गया है) के नियम 5 के उप नियम (1) के खण्ड (ङ) के पश्चात्‌ निम्नलिखित खण्ड (च) अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः--

''(च) यथास्थिति, किसी अन्य नगरपालिका या ग्राम सभा में पहले से ही रजिस्ट्रीकृत है।''। 3333.... नियम 14 कानियम 14 कानियम 14 कानियम 14 का ससससंंंंश्श्श्शोधनाोधनाोधनाोधन....--------उक्त नियमों के नियम 14 के द्वितीय परन्तुक में ''पांच'' शब्द के स्थान पर ''आठ'' शब्द रखा जाएगा।

4444.... नियम 15 कानियम 15 कानियम 15 कानियम 15 का ससससंंंंश्श्श्शोधनाोधनाोधनाोधन....--------उक्त नियमों के नियम 15 के उप-नियम (1) के परन्तुक में ''पांच'' शब्द के स्थान पर ''आठ'' शब्द रखा जाएगा।

5555.... नियम 25 कानियम 25 कानियम 25 कानियम 25 का ससससंंंंश्श्श्शोधनाोधनाोधनाोधन....--------उक्त नियमों के नियम 25 मेंं ''वार्ड'' शब्द के स्थान पर ''वार्ड/नगरपालिका'' शब्द और चिन्ह रखे जाएंगे।

6666.... नियम 33 नियम 33 नियम 33 नियम 33-क का-क का-क का-क का ससससंंंंश्श्श्शोधनाोधनाोधनाोधन....--------उक्त नियमों के नियम 33-क के उप नियम (1) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्‌ः--

(1) निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थी या उसके प्राधिकृत अभिकर्ता द्वारा उपगत किए जाने वाले निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा निम्न प्रकार से होगीः--

(i) नगरपालिका परिषद्‌ के 60,000/- रुपये अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के लिए

( ii) नगर पंचायत परिषद्‌ के 40,000/- रुपये अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के लिए

( iii) नगरपालिका परिषद्‌/ 10,000/- रुपये।''। नगर पंचायत के सदस्य के लिए

7777.... नियम 49 क और 49नियम 49 क और 49नियम 49 क और 49नियम 49 क और 49 ख काख काख काख का अन्तःस्थापन अन्तःस्थापन अन्तःस्थापन अन्तःस्थापन....--------उक्त नियमों के नियम 49 के पश्चात्‌ निम्नलिखित नियम अन्तःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्‌ः--

''49-क. मतदान डियूटी (कार्य) पर निर्वाचकों का मत देने के लिए हकदार होना--इसमें इसके पश्चात्‌ विनिर्दिष्ट अपेक्षाओं को उनके परिपूर्ण करने के अध्यधीन, निर्वाचक, जो उसी नगरपालिका के भीतर मतदान डियूटी (कार्य) पर हैं, नियम 49-ख में विनिर्दिष्ट रीति में मत देने के लिए हकदार होंगे।

49-ख. मतदाताओं द्वारा मतदान डियूटी (कार्य) पर होने की सूचना--उसी नगरपालिका में मतदान डियूटी (कार्य) पर किसी भी निर्वाचक जो निर्वाचन में मत देना चाहता है, को सम्बद्ध नगरपालिका के रिटर्निंग ऑफिसर/अधिकारी को प्ररूप 43 मेंं आवेदन देना होगा ताकि उसके पास, कम से कम सात दिन या ऐसी अल्पावधि, जैसी राज्य निर्वाचन आयुक्त मतदान की तारीख से पूर्व अनुज्ञात कर सकेगा, पहुंच जाएः और यदि रिटर्निंग ऑफिसर का समाधान हो जाता है कि मतदान डियूटी (कार्य) पर निर्वाचक है, तो वह उसे उस नगरपालिका के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य के निर्वाचन के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला एक मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्र जारी करेगा।

(2) निर्वाचक, सर्वथा उपाबन्ध ''क'' में अन्तर्विष्ट अनुदेशों के अनुसार प्ररूप 43-क मेंं घोषणा के लिए, प्ररूप 43-ख में मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्र के लिए लिफाफा और प्ररूप 43-ग में मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्र के लिए बडे़ लिफाफे का प्रयोग करेगा।''।

8888.... नियम 62-क कानियम 62-क कानियम 62-क कानियम 62-क का अन्तस्थापन अन्तस्थापन अन्तस्थापन अन्तस्थापन....--------उक्त नियमों के नियम 62 के पश्चात्‌ निम्नलिखित नियम 62-क अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः--राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6083 ''62-क मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्रों की गणना-

(1) समय पर प्राप्त हुए मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्रों की गणना, पहले की जाएगी। (2) मतों की गणना के प्रारम्भ के लिए नियत किए गए समय के पश्चात्‌ प्राप्त हुए मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्र को खोला नहीं जाएगा।

(3) तत्पश्चात्‌ इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों में रिकार्ड किए गए मतों की गणना उस रीति में की जाएगी जैसी राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए।''

9999.... प्ररूपप्ररूपप्ररूपप्ररूप 43,43,43,43, 43-क,43-क,43-क,43-क, 43-ख और 43-ग43-ख और 43-ग43-ख और 43-ग43-ख और 43-ग का अन्तका अन्तका अन्तका अन्तःःःःस्थापन औरस्थापन औरस्थापन औरस्थापन और उपाबन्ध उपाबन्ध उपाबन्ध उपाबन्ध ''''कककक'''' काकाकाका जोड़ा जाना जोड़ा जाना जोड़ा जाना जोड़ा जाना....--------प्ररूप 42 के पश्चात्‌ निम्नलिखित नए प्ररूप और उपाबन्ध 'क' जोड़ा जाएगा, अर्थात्‌ः--

प्ररूप 43 (नियम 49 ख देखें) रिटर्निंग ऑफिसर को सूचना का पत्र

सेवा में,

रिटनिर्गं ऑफिसर, ----------नगरपालिका, जिला---------------।

श्रीमान जी,

मैं--------नगरपालिका में निर्वाचन डियूटी (कार्य) पर एक मतदाता हूं और मेरा नाम नगरपालिका की वार्ड संख्या----- के लिए निर्वाचक नामावली में क्रम संख्या --- पर दर्ज है। मैं उक्त नगरपालिका के होने वाले निर्वाचन में वार्ड संख्या---- में अपना मतदान करना चाहता हूं। इसलिए आपसे अनुरोध है कि कृपया मुझे मतदान पत्र जारी किया जाए।

भवदीय, स्थान :

तारीख :

---------

प्ररूप 43-क

निर्वाचक द्वारा घोषणा

-----के लिए निर्वाचन (यह केवल तभी प्रयुक्त किया जाएगा जब निर्वाचक स्वयं घोषणा हस्ताक्षरित करे)।

मैं एतद्‌द्वारा घोषणा करता हूं कि मैं ही वह निर्वाचक हूं जिसे उपरोक्त निर्वाचन के लिए क्रम संख्या---- वाला मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्र जारी किया गया है।

निर्वाचक के हस्ताक्षर तारीख : पताः--------------

हस्ताक्षर का सत्यापन।6084 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 उपरोक्त घोषणा ----(निर्वाचक), जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, और जिसकी पहचान मेरे समाधानप्रद रूप में ----(पहचान कर्ता) द्वारा जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं मेरी उपस्थिति में हत्ताक्षरित की गई है।

सत्यापन करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर। पहचान कर्ता के हस्ताक्षर, यदि कोई है

पदनाम------------------ पताः तारीखः

-------

प्ररूप 43-ख मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्र के लिए लिफाफा (केवल एक ही मतपत्र डालें)

क

गणना से पूर्व नहीं खोला जाएगा -----निर्वाचन क्षेत्र से ---- (नगरपालिका के कार्यालय का नाम, जिसके

लिए निर्वाचन किए जा रहे हैं) के लिए निर्वाचन।

निर्वाचन डियूटी (कार्य) मतपत्र मतपत्र की क्रम संख्या------

--------

प्ररूप 43-ग

निर्वाचन डियूटी कार्य मतपत्र के लिए बड़ा लिफाफा

ख. निर्वाचन-गणना से पूर्व तुरन्त मतदान डियूटी (कार्य) मतपत्र लिफाफे को नहीं खोला जाएगा।

सेवा में,

रिटनिर्गं अॅाफिसर, निर्वाचन क्षेत्र से-- (नगरपालिका के कार्यालय का नाम जिसके लिए निर्वाचन किए जा रहे है) के लिए निर्वाचन ।

प्रेषक के हस्ताक्षर..................................

रिटर्निंग अॅाफिसर, यहां नगरपालिका के सही निर्वाचन क्षेत्र का नाम भरें।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6085 उपाबन्ध-उपाबन्ध-उपाबन्ध-उपाबन्ध-''''कककक'''' निर्वाचकों के मार्गदर्शन हेतु अनुदेश (नगरपालिकाओं के निर्वाचन में प्रयुक्त किया जाने वाला)

..............................................से...........................................................के लिए निर्वाचन।

इसके साथ भेजे जा रहे जिन व्यक्तियों के नाम मतपत्र पर मुद्रित हैं, उपरोक्त निर्वाचन के अभ्यार्थी हैं। अपना मत अभ्यर्थी जिसे आप अपना मत देना चाहते हैं के नाम के सामने स्पष्टतया निशान (चिन्ह) लगाकर रिकार्ड करें।

निशान चिन्ह इस प्रकार लगाया जाना चाहिए जिससे स्पटतयः और संदेह से परे उपदर्शित हो जाए कि किस अभ्यर्थी को आप अपना मत दे रहे हैं। यदि इस प्रकार लगाया गया निशान (चिन्ह) जिससे यह सन्देहप्रद प्रतीत होता है कि किस अभ्यर्थी को आपने अपना मत दिया है, आपका मत अविधिमान्य होगा। निर्वाचित किए जाने वाले सदस्यों की संख्या एक है। कृपया स्मरण रखें कि आपका केवल एक ही मत है। इसलिए आपको एक से अधिक अभ्यर्थी के लिए मत नहीं देना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपका मतपत्र रद्‌द कर दिया जाएगा।

अपने मत को रिकार्ड करने के अपेक्षित निशाान (चिन्ह) से अन्यथा, मतपत्र पर चाहे जो भी हो अपने हस्ताक्षर न करें या कोई शब्द या निशान या चिन्ह या कुछ न लिखें।

मतपत्र पर अपना मत रिकार्ड करने के पश्चात्‌ मतपत्र को इसके साथ भेजे गए चिन्हित छोटे लिफाफे ''क'' मेंं रखें। लिफाफे को सील द्वारा या अन्य किसी प्रकार से इसे बन्द करना सुनिश्चित करेंं।

इसके बाद आप प्ररूप 43-क में घोषणा को हस्ताक्षरित कर सकते हैं।

प्ररूप 43-क में अपनी घोषणा हस्ताक्षरित हो जाने और अपने हस्ताक्षर के सत्यापित किए जाने के पश्चात्‌, घोषणा को और चिन्हित छोटे लिफाफे क को बड़े लिफाफे चिन्हित, ख में रखें। बडे़ लिफाफे को बन्द करने के पश्चात्‌ रिटर्निंग ऑफिसर या राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से परिदत्त करें।

आपको चिन्हित लिफाफे ''ख'' मेंं उपबन्ध स्थान पर पूरे हस्ताक्षर करने होंगे।

निर्वाचन की समुचित विशिष्टियां यहां अन्तःस्थापित करें।

आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि लिफाफे को रिटर्निंग ऑफिसर या राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा इस निमित प्राधिकृत अधिकारी को----------से पूर्व---------को परिदत्त कर दिया है। कृपया नाटे करें कि--

(i) यदि आप उपरोक्त उपदर्शित रीति में अपनी घोषणा सत्यापित करने या प्रमाणित करने में असफल रहते हैं, तो आपका मतपत्र रदद्‌ कर दिया जाएगा; और

(ii) यदि लिफाफा रिटर्निंग ऑफिसर या राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा इस निमित प्राधिकृत अधिकारी को --------------------के पश्चात्‌------------को प्राप्त होता है, तो आपके मत की गणना नहीं की जाएगी।

(यहां पर मतों की गणना के प्रारम्भ के लिए नियत समय और तारीख विनिर्दिष्ट की जाए।)।''।

आदेश द्वारा हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव (शहरी विकास)।6086 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932

[Authoritative English Text of this Department notification No.UD-A (1)-2/2010, dated:

25th November, 2010, as required under article 348 (3) of the Constitution of India].

URBAN DEVELOPMENT DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-2, 25th November, 2010

No. UD-A (1)-2/2010.—Whereas the draft rules titled as Himachal Pradesh Municipal (Election) Amendment Rules, 2010 were published in the Rajpatra, Himachal Pradesh (extra- ordinary) dated 12-11-2010 vide this Department notification of even number dated 11-11-2010 in pursuance of the provisions of sections 279 of the Himachal Pradesh Municipal Act, 1994 for inviting objection(s) or suggestion(s) from the person(s) likely to be affected thereby as required under sub-section(5) of section 279 of the Himachal Pradesh Municipal Act, 1994.

And whereas, no objection(s) or suggestion(s) have been received within the stipulated period;

Now therefore, in exercise of the powers conferred by section 279 of the Himachal Pradesh Municipal Act, 1994 (Act No. 13 of 1994), the Governor, Himachal Pradesh in consultation with the State Election Commission hereby makes the following rules, namely:—

1. Short title.—These rules may be called the Himachal Pradesh Municipal (Election) Amendment Rules, 2010.

2. Amendment of rule 5.—After clause (e) of sub rule (1) of rule 5 of the Himachal Pradesh Municipal Election Rules, 1994 (hereinafter referred to as the said rules; the following clause (f) shall be Inserted, namely :—

"(f) is already registered in any other municipality or Gram Sabha, as the case may be." 3. Amendment of rule 14.—In second proviso to rule 14, of the said rules, for the word "five", the word , "eight" shall be substituted.

4. Amendment of rule 15.—In proviso to sub rule (1) of rule 15 of the said rules, for the word "five", the word, "eight" shall be substituted.

5. Amendment of rule 25.—(i) In rule 25 of the said rules, for the word "ward", the words and sign " ward/municipality" shall be substituted.

6. Amendment of rule 33-A.—For sub-rule (1) of rule 33 A of the said rules the following shall be substituted namely:—

"(1) The maximum limit of election expenditure to be incurred by a contesting candidate or his authorized agent shall be as under:—

(i) For President/Vice President Rs. 60,000/- (Municipal Council) (ii) For President/Vice President Rs. 40,000/- (Nagar Panchayat) (iii) Member Municipal Council/ Rs. 10,000/-.". (Nagar Panchayat)राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6087 7. Insertion of rules 49A & 49 B.—After rule 49 of the said rules, the following rules hall be inserted, namely :—

"49A. Electors on poll duty entitled to vote.—Subject to their fulfilling the requirements hereinafter specified, the electors who are on poll duty within the same municipality shall be entitled to vote in the manner specified in rule 49-B.

49B. Intimation by voters on poll Duty.—(1) An elector on poll duty within the same municipality who wishes to vote at an election shall apply in form-43 to the Returning Officer of the concerned municipality so as to reach him at least seven days or such shorter period as the State Election Commission may allow before the date of poll; and if the Returning Officer is satisfied that the applicant is an elector on poll duty, he shall issue to him a Poll Duty Ballot, each to be used for the election of President, Vice President and member of that municipality".

(2) The elector shall use form 43-A for declaration, cover for Poll Duty paper in form 43- B and large cover for Poll Duly Ballot Papers in form 43-C strictly in accordance with the instructions contained in Annexure "A"

8. Insertion of rule 62-A.—After Rule 62 of the said rules, the following rule 62-A shall be inserted, namely :—

"62-A. Counting of Poll Duty Ballot Papers.—(1) The poll duty ballot papers received in time will be counted first.

(2) The poll duty ballot papers received after the hours fixed for the commencement of the counting of votes shall not be opened

(3) Thereafter counting of votes recorded in the Electronic Voting Machines will be undertaken in the manners to be specified by the State Election Commission."

9. Insertion of forms 43, 43-A, 43-B and 43-C addition of Annexure 'A'.—After form 42, the following new forms and Annexure 'A' shall be added, namely:—

"Form 43

[See rule 49-B]

LETTER OF INTIMATION TO THE RETURNING OFFICER

To The Returning Officer, Municipal……………. District……………….

Sir, I am a voter on election duty within the municipality and my name is entered at Sl No……………..of the electoral roll for ward No…… of municipality.

I intend to cast my vote at the ensuing elections to the said municipalities from ward No----- ------, It is, therefore, requested that ballot paper may kindly be issued to me.

Yours faithfully, Place……….. Date……….

6088 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932

Form 43-A

DECLARATION BY ELECTOR

Election to the……………

(This is to be used only when the elector signs the declaration himself) I hereby declare that I am the elector to whom the poll duty ballot paper bearing serial number ………….has been issued at the above election.

Signature of elector.

Date…………….. Address………….

Attestation of signature

The above declaration has been signed in my presence by………….(elector) who is personally known to me and has been identified to my satisfaction by ……….(identifier) who is personally known to me.

Signature of Attesting Officer.

Signature of identifier, if any………… Designation……….. Address………….. Date…………….

__________

Form 43-B COVER FOR POLL DUTY BALLOT PAPER (Put only one Ballot Paper)

A. NOT TO BE OPENED BEFORE COUNTING *Election of …………….(Name of office of Municipal for which elections are to be held)

from…………….Constituency.

POLL DUTY BALLOT PAPER

Serial number of ballot paper……

Form 43-C

LARGE COVER FOR POLL DUTY BALLOT PAPERS

B. ELECTION-IMMEDIATE POLL DUTY BALLOT PAPER COVER NOT TO BE OPENED BEFORE COUNTING To

The Returning Officer For election……….(Name of office of Municipal for which elections are to be held) from…………..*Constituency.

Signature…….. Of sender………..

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6089

* Returning Officer to insert here the name of the appropriate Constituency of the Municipality.

Annexure-'A'

INSTRUCTIONS FOR GUIDANCE OF ELECTORS (To be used at an election to the Municipalties)

Election to the*……..from the……………………………………………………..The persons whose names are printed on the ballot paper sent herewith are candidates at the above election. Record your vote by placing clearly a mark opposite the name of the candidate to whom you wish to cast your vote.

The mark should be so placed as to indicate clearly and beyond doubt to which candidate you are casting your vote. If the mark is so placed as to make it doubtful to which candidate you have cast your vote, your vote will be invalid.

The number of members to be elected is one. Please remember that you have only one vote. Accordingly you should not vote for more than one candidate. If you do so, your ballot paper will be rejected.

Do not put your signature or write any word or mark any, sign whatsoever on the ballot paper other than the mark required to record your vote.

After you have recorded your vote on the ballot paper, place the ballot paper in the smaller cover marked 'A' sent herewith. Close the cover and secure it by seal or otherwise.

You may then sign the declaration in form 43-A.

After your declaration has been signed and your signature has been attested, place the declaration in form 43-A as also the smaller cover marked 'A' containing the ballot paper in the larger cover marked 'B'. After closing the larger cover, deliver it to the Returning Officer or the officer authorized in this behalf by the State Election Commission personally.

You have to give full signature in the space provided on the cover marked 'B'.

*Appropriate particulars of the election, to be inserted here.

You must ensure that the cover is delivered to the Returning Officer or the Officer authorized in this behalf by the State Election Commission before**………………**on…………………Please note that—

(i) if you fail to get your declaration attested or certified in the manner indicated above, your ballot paper will be rejected; and

(ii) if the cover reaches the Returning Officer or the Officer authorized in this behalf by the State Election Commission after**………….on the**…………………your vote will not be counted.

*(here specify the hour and date fixed for the commencement of counting of votes).".

By order, Sd/- Principal Secretary (UD).

6090 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932

[Authoritative English Text of Government Notification No. Per (AP) C-A (3)3/2010 dated

15-11-2010 as required under clause (3) of Article 348 of the Constitution of India].

Personnel (AP-III) Department

NOTIFICATION

Shimla-171002, 15th November, 2010

No. Per (AP) C-A(3)3/2010.—In exercise of the powers conferred by proviso to Article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh is pleased to make the Common Direct Recruitment Rules for the post of Peon, Class-IV (Non-Gazetted) Ministerial Services, in various Departments of the Government of Himachal Pradesh as per Annexure Attached to this notification, namely:—

1. Short title, Commencement and application.—(1) These rules may be called the Himachal Pradesh, Department of Personnel, Peon Class-IV (Non-Gazetted) Common Direct Recruitment Rules, 2010.

(2) These rules shall come into force from the date of publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh:

Provided that the method of direct recruitment provided in Recruitment and promotion Rules for the posts of Peon under various Departments of the Himachal Pradesh Government issued from time to time, shall cease to operate.

(3) These rules shall be applicable to all the Government Departments of State of Himachal Pradesh.

2. Repeal and savings.—(1) The Himachal Pradesh Class-IV Ministerial Services (Peon) notified vide this Department Notification No. No. Per (AP) C-B (19)-2/98 dated: 04-01-1999 are hereby repealed.

Provided further that these Rules shall not apply to the posts of the Vidhan Sabha Secretariat/High Court of H.P.

(2) Notwithstanding such repeal, any appointment made or anything done or any action taken under the rules so repealed under sub-rule (I) supra, shall be deemed to have been validly made or done or taken under these rules.

By order, Sd/- Principal Secretary (Personnel).

_________

ANNEXURE-I

Common Direct Recruitment Rules for the post of Peon, Class-IV (Non-Gazetted) in the

various Departments under Government of Himachal Pradesh

1. Name of Post.—Peon

2. Number of Posts.—As sanctioned and may be sanctioned by the Govt. from time to time in the Department concerned.

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6091

3. Classification.—Class-IV (Non-Gazetted) (Ministerial Services).

4. Scale of Pay.— (I) Pay band for regular incumbents: Rs. 4900-10680+1300 Grade Pay. (II) Emoluments for Contract Employees: Rs. 6200/- as per details given in Col. 15-A.

5. Whether "Selection" Post or "Non-Selection" Post.— N.A

6. Age for Direct Recruitment.—Between 18 and 45 years.

Provided that the upper age limit for direct recruits will not be applicable to the candidates already in service of the Government including those who have been appointed on ad-hoc or on contract basis :

Provided further that if a candidate appointed on ad-hoc basis had become overage on the date when he was appointed as such he shall not be eligible for any relaxation in the prescribed age limit by virtue of his such ad-hoc or contract appointment :

Provided further that upper age limit is relaxable for Scheduled Castes/Scheduled Tribes/Other categories of persons to the extent permissible under the general or special order (s) of the Himachal Pradesh Government :

Provided further that the employees of all the Public Sector Corporations and Autonomous Bodies who happened to be Government Servant before absorption in Public Sector Corporations/Autonomous Bodies at the time of initial constitution of such Corporations/ Autonomous Bodies shall be allowed age concession in direct recruitment as admissible to Government servants. This concession will not, however, be admissible to such staff of the Public Sector Corporations/Autonomous Bodies who were/are subsequently appointed by such Corporation/Autonomous Bodies and who are/were finally absorbed in the service of such Corporations/Autonomous Bodies after initial constitution of the Public Sector Corporations/ Autonomous Bodies.

(1) Age limit for direct recruitment will be reckoned on the first day of the year in which the Post(s) is/are advertised for inviting applications or notified to the Employment Exchanges or as the case may be.

(2) Age and experience in the case of direct recruitment are relaxable at the discretion of the Recruiting Authority in case the candidate is otherwise well qualified.

7. Minimum Educational and other qualifications required for direct recruitment.—(a) ESSENTIAL QUALIFICATION : Should have passed Matriculation Examination or its equivalent from recognized Board of School Education/Institution.

(b) DESIRABLE QUALIFICATION (S): Knowledge of customs, manner and dialects of Himachal Pradesh and suitability for appointment in the peculiar conditions prevailing in the Pradesh.

8. Whether age and educational qualifications prescribed for direct recruits will apply in the case of the promotees.—Age : Not Applicable. Educational Qualification : Not Applicable.

9. Period of Probation, if any.—Two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.

6092 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932

10. Method of recruitment, whether by direct recruitment or by promotion, deputation, transfer and the percentage of posts to be filled in by various methods.—By direct recruitment on a regular basis or by recruitment on Contract basis, as the case may be, failing which by transfer/secondment basis. The contract employees will get emoluments as given in Col. 15-A & will be governed by service conditions as specified in the said column.

11. In case of recruitment by promotion deputation, transfer, grades from which promotion/deputation/ transfer is to be made.—By transfer/secondment basis from amongst the incumbents of this post working in the identical pay scales from other H.P. Government Departments.

12. If a Departmental Promotion Committee exists, what is its composition.—N.A.

13. Circumstances under which the H.P.P.S.C. is to be consulted in making recruitment.—As required under the Law.

14. Essential requirement for a direct recruitment.—A candidate for appointment to any service or post must be a Citizen of India.

15. Selection for appointment to the post by direct recruitment.—Selection for appointment to the post in the case of direct recruitment shall be made on the basis of vivavoce test if the recruiting authority, so consider necessary or expedient by a written test or practical test, the standard syllabus etc. of which, will be determined by the recruiting authority.

15-A. Selection for appointment to the post by contract appointment.— Notwithstanding anything contained in these rules, contract appointments to the post will be made subject to the terms and conditions given below:

(I) CONCEPT.—(a) Under this policy the Peon in ____________(Name of the Department) will be engaged on contract basis initially for one year, which may be extendable on year to year basis:

Provided that for extension/renewal of contract period on year to year basis the concerned HOD shall issue a certificate that the service and conduct of the contract appointee is satisfactory during the year and only then his period of contract is to be renewed /extended.

(b) POST FALLS OUT OF THE PURVIEW OF HPPSC/HPSSSB.—The HOD of the concerned Department (Designation of the appointing authority) after obtaining the approval of the Government to fill up the posts on contract basis will advertise the details of the vacant posts in at least two leading news papers and invite applications from candidates having the prescribed qualification and fulfilling the other eligibility conditions as prescribed in these Rules.

(c) The selection will be made in accordance with the eligibility conditions prescribed in these Rules.

(II) CONTRACTUAL EMOLUMENTS.—The Peon appointed on contract basis will be paid consolidated fixed contractual amount @ 6200/- P.M (which shall be equal to minimum of the pay band + Grade pay). An amount of Rs. 190/- (3% of the minimum of pay band + grade pay of the post) as annual increase in contractual emoluments for the subsequent year(s) will be allowed if contract is extended beyond one year.

(III) APPOINTING/ DISCIPLINARY AUTHORITY.—The HOD of the concerned Department (Designation of the appointing authority) will be the appointing & disciplinary authority.

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6093

(IV) SELECTION PROCESS.—Selection for appointment to the post in the case of Contract Appointment will be made on the basis of viva-voce test or if considered necessary or expedient by a written test or practical test the standard/syllabus etc. of which will be determined by the concerned recruiting authority i.e. HOD of the concerned Department (Name of the recruiting authority).

(V) COMMITTEE FOR SELECTION OF CONTRACTUAL APPOINTMENTS.— As may be constituted by the concerned recruiting authority i.e. HOD of the concerned Department (Name of the recruiting authority) from time to time.

(VI) AGREEMENT.—After selection of a candidate he/she shall sign an agreement as per Annexure-"B" appended to these Rules.

(VII) TERMS AND CONDITIONS.—(a) The contractual appointee will be paid fixed contractual amount @ Rs. 6200/- P.M. (which shall be equal to minimum of the pay band + grade pay). The contract appointee will be entitled for increase in contractual amount @ Rs. 190/- (3% of minimum of the pay band + grade pay of the post) for further extended years and no other allied benefits such as senior/selection scales etc. will be given.

(b) The service of the Contract Appointee will be purely on temporary basis. The appointment is liable to be terminated in case the performance/conduct of the contract appointee is not found satisfactory.

(c) Contract Appointee will be entitled for one day casual leave after putting one month service. This leave can be accumulated up to one year. No leave of any other kind is admissible to the contract appointee. He/She shall not be entitled for Medical Reimbursement and LTC etc. only maternity leave will be given as per rules.

(d) Unauthorized absence from the duty without the approval of the controlling Officer shall automatically lead to the termination of the contract. Contract Appointee shall not be entitled for contractual amount for the period of absence from duty.

(e) An official appointed on contract basis who have completed five years tenure at one place of posting will be eligible for transfer on need based basis wherever required on administrative grounds.

(f) Selected candidate will have to submit a certificate of his/her fitness from a Government/Registered Medical Practitioner. Women candidate pregnant beyond 12 weeks will stand temporarily unfit till the confinement is over. The women candidate will be re-examined for the fitness from an authorized Medical Officer/Practitioner.

(g) Contract appointee will be entitled to TA/DA if required to go on tour in connection with his/her official duties at the same rate as applicable to regular counter part official at the minimum of pay scale.

(h) Provisions of service rules like FR SR, Leave Rules, GPF Rules, Pension Rules & Conduct rules etc. as are applicable in case of regular employees will not be applicable in case of contract appointees. They will be entitled for emoluments etc. as detailed in this Column.

16. Reservation.—The appointment to the service shall be subject to orders regarding reservation in the service for Scheduled Castes/Scheduled Tribes/Other Backward Classes/other categories of persons issued by the Himachal Pradesh Government from time to time.

6094 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932

17. Departmental Examination.—Not Applicable.

18. Power to Relax.—Where the State Govt. is of the opinion that it is necessary or expedient to do so, it may, by order for reasons to be recorded in writing, relax any of the provision (s) of these Rules with respect to any class or category of persons or post (s).

ANNEXURE-"B" Form of contract/agreement to be executed between the Peon and the Government of Himachal Pradesh through HOD of the concerned Department (Designation of the Appointing Authority)

This agreement is made on this __________________day of _____________in the year______________ Between Sh./Smt._________________S/o/D/o Shri_______________ R/o _________________________________________Contract appointee (hereinafter called the FIRST PARTY), AND the Governor of Himachal Pradesh through HOD of the concerned Department (Designation of the Appointing Authority) Himachal Pradesh (here-in-after called the SECOND PARY).

Whereas, the SECOND PARTY has engaged the aforesaid FIRST PARTY and the FIRST PARTY has agreed to serve as a Peon on contract basis on the following terms & conditions:—

1. That the FIRST PARTY shall remain in the service of the SECOND PARTY as a Peon for a period of 1 year commencing on day of ______________and ending on the day of _____________ It is specifically mentioned and agreed upon by both the parties that the contract of the FIRST PARTY with SECOND PARTY shall ipso-facto stand terminated on the last working day i.e. on ________________and information notice shall not be necessary :

Provided that for-further extension/renewal of contract period the HOD shall issue a certificate that the service and conduct of the contract appointee was satisfactory during the year and only then the period of contract is to be renewed/extended.

2. The contractual amount of the FIRST PARTY will be Rs.6200/- per month.

3. The service of FIRST PARTY will be purely on temporary basis. The appointment is liable to be terminated in case the performance/conduct of the contract appointee is not found good or if a regular incumbent is appointed/posted against the vacancy for which the first party was engaged on contract.

4. Contractual Peon will be entitled for one day casual leave after putting in one month service. This leave can be accumulated upto one year. No leave of any kind is admissible to the contractual Peon. He will not be entitled for Medical Reimbursement and LTC etc. Only maternity leave will be given as per Rules.

5. Unauthorized absence from the duty without the approval of the controlling Officer shall automatically lead to the termination of the contract. A contractual Peon will not be entitled for contractual amount for the period of absence from duty.

6. An official appointed on contract basis who have completed five years tenure at one place of posting will be eligible for transfer on need based basis wherever required on administrative grounds.

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932 6095

7. Selected candidate will have to submit a certificate of his/her fitness from a Government/Registered Medical Practitioner. In case of women candidates pregnant beyond twelve weeks will render her temporarily unfit till the confinement is over. The woman candidate should be reexamined for fitness from an authorized Medical Officer/Practitioner.

8. Contract appointee shall be entitled to TA/DA if required to go on tour in connection with his/her official duties at the same rate as applicable to regular counter-part official at the minimum of pay scale.

9. The Employees Group Insurance Scheme as well as EPF/GPF will not be applicable to contractual appointee(s).

IN WITNESS the FIRST PARTY AND SECOND PARTY have herein to set their hands the day, month and year first, above written.

IN THE PRESENCE OF WITNESS: 1. __________________________ __________________________ __________________________ (Name and Full Address)

(Signature of the FIRST PARTY) 2. __________________________ ____________________________ ____________________________ (Name and Full Address)

IN THE PRESENCE OF WITNESS: 1 __________________________ ___________________________ ___________________________ (Name and Full Address)

(Signature of the SECOND PARTY) 2. __________________________ ____________________________ ____________________________ (Name and Full Address)

--------

In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Ghumarwin, District

Bilaspur (H.P.)

In the matter of :—

1. Shri Ajay Sharma aged 24 s/o Shri Ramesh Kumar, r/o Village Bharari, P.O. Lehri Sareil, Tehsil Ghumarwin, Distt. Bilaspur (H.P.) India.

2. Smt. Nisha Devi aged 23 years d/o Shri Kashmir Singh, r/o Village Takrera, P.O. . . Applicants.

Barota, Tehsil Ghumarwin, Distt. Bilaspur (H.P.) India

Versus

6096 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 26 नवम्बर, 2010/5 अग्रहायण, 1932

General Public

Subject.—Application for Registration of Marriage under Section 16 of Special Marriage Act,

1954 (Central Act) as amended by Marriage Laws (Amendment Act, 01 (49 of 2001).

Shri Ajay Sharma aged 24 s/o Shri Ramesh Kumar, r/o Village Bharari, P.O. Lehri Sareil, Tehsil Ghumarwin, Distt. Bilaspur (H.P.) India and Smt. Nisha Devi aged 23 years, d/o Shri Kashmir Singh, r/o Village Takrera, P.O. Barota, Tehsil Ghumarwin, Distt. Bilaspur (H.P.) India, have filed an application alongwith affidavit in the Court of under signed under section 16 of Special Marriage Act, 1954 (Central Act) as amended by Marriage Laws (Amendment Act, 01 (49 of 2001) that they have solemnized their marriage on 16-09-2009 at Nahar Singh Mandir Ghumarwin, Distt. Bilaspur (H.P.), India, and they are living together as husband and wife since then. Hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on before 8-12-2010 after that no objection will be entertained and marriage will be registered.

Issued today on 29th October, 2010 under my hand and seal of the court.

Seal.

Sd/-

Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate,

Ghumarwin, District Bilaspur (H.P.).

__________

नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 26 November 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2010-11-26.177_gazette_2010-26_11_2010/. Archive identifier in.gazette.himachal.2010-11-26.177_gazette_2010-26_11_2010.